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बुधवार, 16 सितंबर 2009

ग्रामीण लोक अदालत 19 को मिठड़ी में

डबवाली, (डॉ सुखपाल सावंत खेडा )
उपमंडल के गाव मिठड़ी के सरकारी विद्यालय के प्रागण में 19 सितम्बर को ग्रामीण लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी अध्यक्षता एसडीजेएम महावीर सिंह अध्यक्ष उपमण्डलीय विधिक सेवा समिति तथा जेएमआईसी अमरजीत सिंह सचिव उपमण्डलीय विधिक सेवा समिति डबवाली करेगे। यह जानकारी देते हुए एडवोकेट एसके गर्ग सदस्य मुफ्त कानूनी सेवा समिति डबवाली ने बताया कि इस लोक अदालत में चल व अचल सम्पत्ति, धारा 138, छोटे-मोटे लड़ाई झगड़ों, रिकवरी केसों व अन्य सभी प्रकार के मुकद्दमों का निपटारा मध्यस्तता व सुलह-सफाई से किया जाऐगा। ताकि ग्रामीणों को उनके घर द्वार पर सस्ता व सुलभ न्याय उपलब्ध करवाया जा सके। इसके अलावा कानूनी जागरूकता की एक वर्कशॉप का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें नरेगा, कन्या भ्रूण हत्या, मनुष्यों की तस्करी, स्त्री को अत्याचारों से बचाने वाले कानूनों, माता-पिता, बुजुर्गो व वृद्धों को उनके परिजनों द्वारा पालन-पोषण किये जाने व गुजारा भत्ता दिलाये जाने तथा ग्रामीणों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

ग्रामीण लोक अदालत 19 को मिठड़ी में

डबवाली, संवाद सहयोगी उपमंडल के गाव मिठड़ी के सरकारी विद्यालय के प्रागण में 19 सितम्बर को ग्रामीण लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी अध्यक्षता एसडीजेएम महावीर सिंह अध्यक्ष उपमण्डलीय विधिक सेवा समिति तथा जेएमआईसी अमरजीत सिंह सचिव उपमण्डलीय विधिक सेवा समिति डबवाली करेगे। यह जानकारी देते हुए एडवोकेट एसके गर्ग सदस्य मुफ्त कानूनी सेवा समिति डबवाली ने बताया कि इस लोक अदालत में चल व अचल सम्पत्ति, धारा 138, छोटे-मोटे लड़ाई झगड़ों, रिकवरी केसों व अन्य सभी प्रकार के मुकद्दमों का निपटारा मध्यस्तता व सुलह-सफाई से किया जाऐगा। ताकि ग्रामीणों को उनके घर द्वार पर सस्ता व सुलभ न्याय उपलब्ध करवाया जा सके। इसके अलावा कानूनी जागरूकता की एक वर्कशॉप का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें नरेगा, कन्या भ्रूण हत्या, मनुष्यों की तस्करी, स्त्री को अत्याचारों से बचाने वाले कानूनों, माता-पिता, बुजुर्गो व वृद्धों को उनके परिजनों द्वारा पालन-पोषण किये जाने व गुजारा भत्ता दिलाये जाने तथा ग्रामीणों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाएगी।

बीईओ के रिक्त पद से शिक्षकों को वेतन के लाले




डबवाली, (डॉ सुखपाल सावंत खेडा )
डबवाली के खंड शिक्षा अधिकारी का पद रिक्त होने के कारण डबवाली खंड के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के करीब 400 शिक्षकों को वेतन के लाले पड़ गए। गौरतलब है कि डबवाली में पिछले कई वषरें से कार्यरत खंड शिक्षा अधिकारी मधु मित्तल की उपजिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदोन्नति होने के कारण उनका यहा से तबादला हो गया था। उनके स्थान पर विभाग ने रेवाड़ी के खंड शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति की थी लेकिन उक्त अधिकारी की डबवाली में कार्य करने में रुचि न होने के कारण उन्होंने यहा का पद ग्रहण नहीं किया। जिससे पिछले एक माह से विभाग का कार्य तो प्रभावित हो ही रहा है अब प्राथमिक और मिडिल विद्यालयों में कार्यरत करीब 400 शिक्षकों को वेतन के लाले पड़ गये है। अध्यापकों की माग पर जिला शिक्षा अधिकारी से अनुमोदित एक पत्र खंड शिक्षा अधिकारी के अनुपस्थित रहने की स्थिति में किसी अन्य योग्य व्यक्ति को देने के लिए विभाग के आलस अधिकारियों के पास गया था लेकिन विभाग ने उसे यह कहते हुए वापिस कर दिया कि पहले रेवाड़ी के खंड शिक्षा अधिकारी से यहा पर पद ग्रहण न करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मागा जाऐगा और उसके जवाब आने के उपरात इस पर कार्यवाही की जाएगी। विभाग के इस रवैये को लेकर शिक्षकों में गहरा रोष व्याप्त है। हरियाणा प्राथमिक शिक्षक संघ की डबवाली इकाई के प्रधान शेषपाल सिंह ने कहा कि वेतन न मिलने शिक्षकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस सप्ताह उन्हे वेतन का भुगतान न किया गया तो खंड शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षा के अधिकारी के कार्यालय के समक्ष रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर संजीव शर्मा सलाहकार, रमेश सेठी संरक्षक व सचिव सर्व कर्मचारी संघ, इद्रजीत सिंह कोषाध्यक्ष, बनवारी लाल, लुणा राम, रविंद्र कुमार, सुखवीर कौर, उपप्रधान अंग्रेज सिंह, प्रमिंद्र कौर, गुरदयाल सिंह, दलजीत सिंह, गुरदीप सिंह, राजेंद्र सिंह, नरेश कुमार, नवीन कुमार, सीमा शर्मा, सरोज रानी, शर्मिला, बिर्मला, मधू बाला, बलजिंद्र सिंह, प्रेम कुमार आदि अध्यापक शामिल थे।

केबल ऑपरेटरों का विवाद फिर शुरू

डबवाली,(डॉ सुखपाल सावंत खेडा )शहर में केबल का प्रसारण कर रहे सिटी केबल व राधे-राधे केबल के ऑपरेटरों का आपसी झगड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा तथा एक-दूसरे पर तारे काटने व एम्पलीफायर चोरी करने के आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे है। जानकारी अनुसार सिटी केबल के पार्टनर सुरेश कनवाड़िया अपने साथी टोनी के साथ बीती देर रात 10 बजे मोटरसाइकल द्वारा अपने घर जा रहे थे कि बाल्मीकि चौक के समीप एक मार्शल गाड़ी नम्बर 1012 में राधे-राधे केबल के संचालक भीम सहारण, गुरसेवक, मंगत सहारण आदि ने 8-10 लोगों ने हमारे मोटरसाइकल के आगे लगा कर मोटरसाइकल रुकवा लिया तथा मुझे जबरदस्ती गाड़ी में चढ़ाने लगे। ये सभी हथियारों से लैस थे। उसने बड़ी मुश्किल से अपने-आप को इन लोगों से छुड़वाया तथा पास स्थित वैद्य राम दयाल शर्मा के पुत्र नरेन्द्र शर्मा के घर पर छुप कर अपनी जान बचाई। यह सभी हथियारों से लैस मेरे पीछे उनके घर में घुस गए, तभी शोर सुन कर आप-पास व रेगर मौहल्ले के लोग जमा हो गए तथा लोगों का हजूम देख कर यह लोग वहा से भाग खडे़ हुए। सुरेश कनवाड़िया ने एक प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि वह पिछले 15 वर्षो से केबल का कार्य कर रहे है तथा कुछ समय से भीम सहारण इस धन्धे में आया है तभी से हमारा विवाद चल रहा है। उसने इन लोगों के खिलाफ चोरी का मुकद्दमा थाना शहर में दर्ज करवाया हुआ है। परन्तु पुलिस प्रशासन इनके विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। उधर राधेराधे केबल के कारिन्दे नवीन कुमार ने बताया कि सिटी केबल संचालकों ने हमारी केबल वायर काट दी है। जिससे हमें काफी आर्थिक हानि हुई है। केबल उपभोक्ताओं ने पुलिस प्रशासन से माग की है कि दोनों केबल संचालकों को तलब कर समस्या का समाधान करवाएं ताकि हम रोज-रोज की परेशानी से बच सकें।

अब शहीदे-आजम भगत सिंह का अपमान


(डॉ सुखपाल सावंत खेडा )
शहीद ए आजम भगत सिंह की जन्म तिथि को लेकर अभी भी इतिहासकारों में उलझनें बनी हुई हैं। कुछ लोग उनके जन्मदिन को 27 सितंबर 1907 मानते रहे हैं तो कुछ 28 सितंबर 1907। लेकिन इस संबंध में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड मोहाली ने एक नई ही तिथि पेश कर दी है। बोर्ड द्वारा मिडिल श्रेणियों के लिए पंजाबी व्याकरण अते लेख रचना शीर्षक के तहत छापी किताब के पेज नंबर 121 पर शहीद भगत सिंह का जन्म 11 नवंबर सन 1907 को जिला लायलपुर के गांव बंगा में हुआ बताया गया है। इसके अलावा पेज नंबर 122 में सन 2007 में जन्म शताब्दी देशभर में मनाई गई लिखा हुआ है। इसे शहीदे आजम का अपमान ही कहा जाएगा। विभिन्न संस्थाओं ने इस किताब को तुरंत वापिस लेने या फिर इसे संशोधित करने की मांग की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार खटकड़ कलां स्थित शहीद भगत सिंह के स्मारक में रखी गई उनकी जन्मपत्री के अनुसार शहीद भगत सिंह की जन्मतिथि 27 सितंबर 1907 है। शिक्षा बोर्ड द्वारा की गई इस गलती लेकर लोगों में रोष पाया जा रहा है। यह पुस्तक सचिव स्टेट प्रोजेक्ट निदेशक, सर्व शिक्षा अभियान अथारिटी पंजाब चंडीगढ़ द्वारा प्रकाशित व आनंद ब्रदर्स, सी-146, नारायणा फेस-1 नई दिल्ली द्वारा छापी गई है। अफसोस की बात है कि इस किताब को प्रकाशित करने वाले शिक्षाविदें ने इस गलती को अभी तक नजर अंदाज किया हुआ है। यह पुस्तक पंजाब सरकार द्वारा निशुल्क दी गई है और यह बिक्री के लिए नहीं है। पंजाब के समूह स्कूलों में यह पुस्तक बच्चे पढ़ रहें है। सरकारी सूत्रों के अनुसार स्कूली बच्चों को वही पढ़ाया जा रहा है, जो पुस्तक में छप कर आया हुआ है। सरकारी स्कूल के एक टीचर ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस पुस्तक में ऐतिहासिक तथ्यों से किया गया खिलवाड़ दुखद है। शहीद-ए-आजम भगत सिंह यूथ क्लब कपूरथला के अध्यक्ष रिंकू कालिया, संदीप शर्मा, नीतू खुल्लर, महासचिव प्रभजीत सिंह जॉली, कानूनी सलाहकार चंद्रशेखर ने कहा कि इस पुस्तक के प्रकाशक व बोर्ड को सबसे पहले माफी मांगनी चाहिए और फिर इसमें संशोधन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इसपर कोई कार्रवाई न हुई तो कड़ा कदम उठाया जाएगा। यह सरासर शहीदे-आजम की शहादत का मजाक है जिसे संस्था किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। उधर, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डा. दलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि वह इस मामले की पूर्ण पड़ताल करेंगे। यह गलती अंजाने में हुई है और जल्द ही शहीदे-आजम की गलत जन्म तिथि में संशोधन किया जाएगा।

राहुल गांधी की ट्रेन पर पथराव

डबवाली, (डॉ सुखपाल सावंत खेडा )


हरियाणा में पानीपत के निकट अमृतसर-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस पर मंगलवार रात पथराव किया गया। जिसमें कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भी सवार थे। राहुल उन तीन डिब्बों में यात्रा नहीं कर रहे थे जिन पर पथराव किया गया।

इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की तत्काल सूचना नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार घटना में राहुल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। घटना रात साढ़े नौ बजे हुई पानीपत के निकट बाबरपुर स्टेशन की है।

जानकारी के अनुसार राहुल गांधी पंजाब के लुधियाना में पार्टी प्रचार के बाद दिल्ली के लिए लौट रहे थे। रास्ते में पानीपत के निकट बाबरपुर स्टेशन में कुछ लोगों ने गाड़ी में पथराव कर दिया। पथराव की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

पथराव से तीन डिब्बों सी वन,सी टू और सी फोर की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के समय ट्रेन बीस किलोमीटर प्रतिघंटे की चाल से चल रही थी। राहुल ट्रेन के सी थ्री डिब्बे में सफर कर रहे थे। घटना के दौरान ट्रेन को नहीं रोका गया।

जीआरपी की एसपी चारूबाली का कहना है कि शुरुआती जांच से पता चला है कि स्टेशन किनारे झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले बच्चों ने गाड़ी में पथराव किया है। जानकारी के अनुसार पथराव करने वाले युवकों की उम्र 18 से 25 साल के बीच है। इसी बीच रेलवे प्रवक्ता ने कहा है कि कुछ पत्थर ट्रेन के अंदर भी गिरे। उन्होंने कहा कि उनकी ट्रेन अधीक्षक से इस संबंध में उनकी बातचीत हुई है। ट्रेन अधीक्षक ने उन्हें बताया कि घटना से राहुल विचलित नहीं थे।

याद रहे कि राहुल ने अपनी मां सोनिया गांधी और कुछ केंद्रीय मंत्रियों की राह पर चलते हुए खर्च बचाने के लिए ही शताब्दी एक्सप्रेस के कुर्सीयान में यात्रा कर नई दिल्ली से लुधियाना पहुंचे थे। वापसी पर वह अमृतसर-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस में सवार थे।

एक परिवार के सात जन की नृशंस हत्या


रोहतक( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात में अज्ञात लोगों ने एक परिवार के सात लोगों की नृशंस हत्या कर दी। सभी के गले पर निशान और शवों का रंग नीला पाया गया। दिल दहला देने वाला यह कांड जिले के गांव कबूलपुर में सोमवार रात को अंजाम दिया गया। इस सामूहिक हत्याकांड के बारे में लोगों को मंगलवार सुबह सात बजे उस समय पता लगा, जब परिवार का मुखिया तकदीर (75) अपने बेटे सुरेंद्र के घर गया। घर में सुरेंद्र (42), उसकी पत्नी प्रोमिला (38) व सुरेंद्र का लड़का अरविंद (15), सुरेंद्र के छोटे भाई भूपेंद्र की बेटी सोनिका (11) व मोनिका (आठ) और बेटा विशाल (सात) मृत हालत में मिले। इसके बाद तकदीर सामने वाले मकान में पहंुचा, जहां उसकी पत्नी भूरी देवी सो रही थी। हत्यारों ने भूरी देवी को भी मार डाला था। सुरेंद्र और उसकी पत्नी के शव एक चारपाई पर थे। चारों बच्चों के शव भीतर कमरे में थे। सुरेंद्र की बड़ी लड़की सोनम (18) गायब मिली। तलाशने पर सोनम बाथरूम में बेसुध हालत में मिली। मकान के चौबारे में दो इलेक्टि्रशियन भी सोए हुए थे। दोनों युवक बिजली फिटिंग करने के लिए सुरेंद्र के मकान आए हुए थे। रात को वहीं रुक गए। दोनों युवकों को सुबह ग्रामीणों ने जगाया, तब उन्हें इस वारदात का पता चल पाया। रात को खाना खाने के बाद उन्हें कुछ पता नहीं कि क्या हुआ। माना जा रहा है कि हत्यारों ने सबको पहले नशीला पदार्थ खिलाया या सुंघाया, फिर सबको गला घोंटकर मार डाला। सुरेंद्र की पत्नी प्रोमिला, साल्हावास से पूर्व विधायक जिले सिंह की बेटी थी। चाय नहीं पहुंची तो आना पड़ा : सुरेंद्र के पिता तकदीर सिंह गांव के बाहरी इलाके में बने मकान में रहते हैं। तकदीर सिंह ने बताया कि सुबह की चाय नहीं पहुंची तो उसे सुरेंद्र के घर जाना पड़ा। इस बुजुर्ग ने बताया कि सुरेंद्र की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। लूट का भी किया ड्रामा : हत्यारों ने पूरे घर की अलमारी व अन्य जगहों को भी खंगालने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस मानती है कि यह सब ध्यान बंटाने के लिए किया गया है, असल में ऐसा कुछ नहीं है। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने इस बात को नोट किया कि सूटकेस और पर्स को खोलने का प्रयास तक नहीं किया गया। प्रापर्टी विवाद में खत्म किया गया पूरे परिवार को! : पूरे परिवार को खत्म करने की वजह को लेकर परिजन, ग्रामीण और पुलिस खामोश हैं। सुरेंद्र के पिता भी कह चुके हैं कि किसी से उसके बेटे की रंजिश नहीं थी। लेकिन, सुरेंद्र के ससुर पूर्व विधायक जिले सिंह सीधे कहते हैं कि उसके दामाद के परिवार को प्रापर्टी विवाद के चलते मारा गया।

आम आदमी बने राहुल


लुधियाना( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : पार्टी के फैसले और मां सोनिया गांधी के नक्शे-कदम पर चलते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी आम आदमी का सिपाही तैयार करने के लिए आम आदमी बनकर मंगलवार को शताब्दी एक्सप्रेस की चेयर कार में लुधियाना पहुंचे। उल्लेखनीय है कि कल महाराष्ट्र के दौरे पर गई पार्टी प्रधान सोनिया गांधी ने इकोनामी क्लास में हवाई यात्रा थी। राहुल यहां यूथ कांग्रेस के राज्यस्तरीय शिविर युवा दृष्टि-2009 संबोधित करने पहुंचे थे। राहुल शताब्दी एक्सप्रेस की बोगी सी थ्री में बैठे थे। चेयर कार संख्या 66 से 69 तक चार सीटें बुक थीं। उनके साथ राजस्थान के सांसद जितेंद्र सिंह व सचिव कनिष्क थे। चौथी सीट सचिन राव के नाम बुक थी लेकिन वह नहीं आ पाए। ट्रेन निर्धारित समय करीब 11.15 बजे यहां पहुंची। रेलवे स्टेशन से आयोजन स्थन तक वह टाटा सफारी से गए। स्टेशन पर राहुल के स्वागत को पंजाब के कांग्रेसी उमड़े हुए थे। वरिष्ठ कांग्रेसी लाल गुलाब व पुष्पगुच्छ लेकर लाइन में खड़े थे पर राहुल ने खास तवज्जो नहीं दी। ट्रेन से उतरते ही सीधे स्टेशन से बाहर निकलकर गाड़ी में बैठे और शिविर के मसौदे की फाइल पर नजरें टिका दीं। राहुल ने लंच में शाकाहारी भोजन लिया। यूथ कांग्रेस की बैठक में भी वह कार्यकर्ताओं में ही बैठे। शाम को वह स्वर्ण शताब्दी से ही लौट गए। बोगी सी-3 में 11 से 13 नंबर की सीटें बुक थीं।

मंगलवार, 15 सितंबर 2009

दस हजार दो, बस भर लो,


( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- चुनावों का मौसम आते ही रैलियों का दौर आ गया है। इसके साथ ही रैलियों के लिए भीड़ जुटानेवालों की बन आई है। ये लोग सभाओं के लिए बेरोजगारों व ऐसे मौके के लिए सहज उपलब्ध लोगों को वाहनों में भर कर पहुंचाते हैं। जो नेता जितना पैसा खर्च करता है वह अधिक भीड़ जुटा लेता है और बड़े नेताओं तक अपनी बेहतर पकड़ का सुबूत दे पाता है। इस बार रैलियों में भीड़ बढ़ाने वाले अपनी कीमत खुद लगा रहे हैं और उन्होंने रेट भी बढ़ा दिए हैं। पहले जहां पांच हजार रुपये खर्च कर नेता एक बस भर लेते थे, वहीं इस बार दोगुनी राशि खर्च करनी पड़ रही है। जिले में यह धंधा काफी फल-फूल रहा है और बेरोजगारों को बिना काम किए पैसे के साथ ही अच्छा खाना भी मिल रहा है। जनता पर पकड़ मजबूत दिखाने के लिए नेताओं को भीड़ जुटाने में पसीने आते हैं। लेकिन चुनावी सभाओं व रैलियों में जाने के लिए भीड़ का इंतजाम करना अब अधिक मुश्किल नहीं रहा। जब जेब भरी हो तो इस समस्या का भी समाधान आसानी से हो सकता है। यही कारण है कि गांवों व कस्बों में होने वाली चुनावी सभाओं में भी काफी भीड़ उमड़ रही है। यह अलग बात है कि हर सभा में कई चेहरे समान होते हैं। टिकट वितरण से पहले पार्टी हाईकमान को अपनी ताकत का अहसास करवाने के लिए टिकट के दावेदारों को काफी पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। ऐसे नेताजी दिल्ली-चंडीगढ़ के बीच चिकरघन्नी तो बने ही हुए हैं, किसी कार्यक्रम या सभा में आला नेताओं के आने पर शक्तिपरीक्षण से भी नहीं चूकते। अपनी ताकत का अहसास करवाने के लिए भीड़ ही सबसे बढि़या तरीका है। आसपास के शहर में कार्यक्रम होने पर वहां बैनर लगी गाडि़यों का काफिला लेकर जाने का तो फैशन सा बन गया है। इसके लिए बाकायदा गाडि़यों के काफिले के साथ फोटो बनवाकर मीडिया में छपवाई जाती हैं ताकि अगले दिन उसे शीर्ष नेताओं को दिखाकर अपने जनाधार का ढिंढोरा पीटा जा सके। चुनावी मौसम में अचानक बढ़ी मांग के चलते रैली में भाग लेने वाले लोगों ने अपनी कीमत में भारी इजाफा कर दिया है। पहले जहां एक बस (करीब 55-60 व्यक्ति) भरने के लिए पांच से छह हजार रुपये खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब इसके लिए दस हजार रुपये तक व्यय करने पड़ रहे हैं। समय के अनुसार रेट में थोड़ा बदलाव आता रहता है। यदि एक ही दिन में दो रैलियां हों तो रेट और बढ़ जाते हैं, लेकिन इंतजाम दोनों के लिए हो जाता है। रैली में ले जाने वाले की हैसियत के अनुसार भी रेट में बदलाव होता रहता है। एक-दो राजनीतिक पार्टियों को छोड़ अन्य पार्टियों ने अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही ही भीड़ बढ़ाने वालों की मांग में जोरदार तेजी आएगी। 25 सितंबर के बाद बड़े-बड़े नेताओं के दौरे शुरू होंगे, जिनकी मौजूदगी में जनता पर अपनी पकड़ दिखाई जाएगी व तब भीड़ जुटानेवालों का धंधा और चमक जाएगा। मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग ऐसा होता है जो अंत समय में जीतने की स्थिति में दिखने वाले प्रत्याशी के पक्ष में झुक जाता है। यही मतदाता जीत-हार में निर्णायक भूमिका भी निभाते हैं। इस भीड़ के माध्यम से ऐसे मतदाताओं को अपने पक्ष में मोड़ने का प्रयास भी होता है।

जाटलैंड बना खाकी की परेशानी


डबवाली, (डॉ सुखपाल सावंत खेडा )

हरियाणा की राजनीति में जाटलैंड का खासा महत्व रहा है। राजनीति मुहिमों के बिगुल अक्सर इसी क्षेत्र से फूंके जाते रहे हैं। लेकिन बीती कुछ घटनाओं की वजह से विधानसभा चुनाव के दौरान यही इलाका पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। प्रदेश के गृह विभाग ने भी पुलिस को चेताया है कि चुनाव के दौरान इस इलाके पर पैनी नजर रखी जाए और प्रदेश के इस हिस्से को बाकी से अलग रखकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सूत्र कहते हैं कि चिंता नाजायज नहीं है। जाटलैंड राजनीति और सामाजिक दृष्टिकोण से हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। हरियाणा के ज्यादातर कद्दावर इसी क्षेत्र की देन हैं। चौधरी छोटूराम, ताऊ देवीलाल, चौधरी बंसीलाल, ओमप्रकाश चौटाला, मौजूदा मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा और वित्तमंत्री बीरेंद्र सिंह इसी इलाके के हैं। प्रदेश की राजनीति हमेशा से जाट को ध्यान में रखकर ही की जाती रही है। यह सभी कारक यहां के लोगों को अहसास कराने के लिए काफी हैं कि वह बाकियों से कहीं ज्यादा बेहतर हैं। और, शायद यहीं से शुरू होती है पुलिस की समस्या? पीछे की कुछ घटनाएं इस तरफ इशारा भी करती हैं। छोटी सी बात को मान सम्मान का प्रश्न बनाकर आर-पार की लड़ाई लड़ना यहां का फैशन बन चुका है। राजनीति हो या समाज हर जगह अपनी चलाना जैसे यहां शगल हो गया है। इसके लिए कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने में यह पीछे नहीं हटते। प्रेम विवाह के कारण हुई पांच हत्याएं इस बात की निशानी है। कई ऐसे उदाहरण है जब वे पुलिस से भी भिड़ गए। ऐसा ही कुछ अरसे पहले भिवानी में लोगों ने पुलिस पर ही हमला बोल दिया था। महम व गोहाना कांड हो या फिर बाबा रामपाल के आश्रम पर पुलिस की घेराबंदी, सभी मसलों में इन लोगों ने पुलिस को खुली चुनौती दी। एक अधिकारी कहते हैं कि इस इलाके में ही अपराधी गिरोहों के साथ-साथ अंडरव‌र्ल्ड की गतिविधियां भी देखने को मिलती रही हैं। वह कहते हैं कि ऐसा नहीं कि बाकी जगह कभी कुछ हुआ ही नहीं। लेकिन वहां की घटनाएं एक प्रतिक्रिया कही जा सकती हैं। अलबत्ता जाटलैंड का इतिहास अलग है। वह कहते हैं कि पुलिस को हिदायत दी गई है कि हर वह चीज अमल में लाई जाए जिससे कानून-व्यवस्था दुरूस्त रहे। पब्लिक के मान सम्मान को ठेस पहुंचाए बगैर सारा काम किया जाए। उधर, डीजीपी (कानून व व्यवस्था) वीएन राय कहते हैं कि चुनाव में पुलिस पूरी तरह से तैयार है। उनका कहना है कि लोकसभा की तरह से यह चुनाव भी शांतिपूर्ण तरीके से निबट जाएगा?

वकीलों व ट्रांसपोर्टरों में हिंसक झड़प, सात घायल


बठिंडा(डॉ सुखपाल सावंत खेडा )
: कोर्ट फीस में बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार को वकीलों की राज्यव्यापी हड़ताल रही। इस दौरान बठिंडा में बस स्टैंड पर ट्रैफिक जाम करने को लेकर वकीलों व ट्रांसपोर्टरों के बीच जमकर हिंसक झड़प हुई, जिसमें छह वकील व एक प्राइवेट बस चालक घायल हो गए। मारपीट से भड़के वकीलों ने दो बसों में जमकर तोड़फोड़ भी की। इसके बाद लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस द्वारा बसों की आवाजाही शुरू करवाई गई। इस बारे में पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गौर हो कि कोर्ट फीस में बढ़ोतरी के खिलाफ जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर सुबह पौने 11 बजे लगभग 250 वकीलों ने बस स्टैंड पर जाम लगा दिया। इस पर प्राइवेट ट्रांसपोर्टर और उनके ड्राइवर व कंडक्टर भड़क उठे। इस दौरान हुई कहासुनी में दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान दो निजी बसों की वकीलों द्वारा जमकर जमकर तोड़फोड़ की गई। इस पर गुस्साए ड्राइवरों व कंडक्टरों ने डंडों और राडों से वकीलों की पिटाई शुरू करते हुए ईट-पत्थर बरसाए। इस झड़प में छह वकील व एक बस ड्राइवर घायल हो गए। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंची व दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। उधर, बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व ट्रांसपोर्टरों ने एक दूसरे पर बसों में तोड़फोड़ व मारपीट का आरोप लगाते हुए प्रशासन से पर्याप्त सुरक्षा की मांग की है। इस बारे में एसपी (डी) अजय मलूजा का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। वकीलों ने जाम किया ट्रैफिक जालंधर, अमृतसर : कोर्ट फीस में बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार को वकीलों ने चंडीगढ़ सहित प्रदेश भर की अदालतों में रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने अदालतों में कामकाज ठप रखा। इस सिलसिले में जालंधर में रोष मार्च निकाला गया और बीएमसी चौक पर एक घंटे तक ट्रैफिक जाम कर धरना दिया गया। धरनास्थल पर सांसद व पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष मोहिंदर सिंह केपी तथा जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान अरुण वालिया ने भी वकीलों का समर्थन करते हुए धरना दिया। अमृतसर में वकीलों ने कचहरी चौक जाम कर दिया और पंजाब सरकार का पुतला फूंका। वकीलों ने दो दिवसीय राज्यस्तरीय हड़ताल के पहले दिन पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

पर्यावरण सुरक्षा होगी और महँगी




डबवाली, (डॉ सुखपाल सावंत खेडा )

बदलते मौसम के प्रभावों से विकासशील देशों को बचाने पर आने वाला खर्च आशा के विपरीत कहीं ज़्यादा आने के आसार हैं.

दिसंबर में कोपेनहेगन में होने वाले जलवायु सम्मेलन में एक नया समझौता होना है, जिसके तहत विकासशील देश अपने यहाँ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए अमीर देशों से भारी वित्तीय मदद की उम्मीद कर रहे हैं.

वर्ष 2007 में संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के एक अनुमान के मुताबिक़ ये खर्च 49 से 171 अरब डॉलर प्रतिवर्ष बताया गया था.

इस रिपोर्ट के प्रमुख लेखक मार्टिन पैरी ने लंदन के इंपीरियल कॉलेज में कहा,“कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन में बदलते मौसम के असर से निपटने पर आने वाले वित्तीय ख़र्च का जो अनुमान पेश किया जाएगा, उसी पर ये निर्भर करेगा कि जलवायु परिवर्तन पर समझौता हो पाएगा या नहीं.”

कोपेनहेगन शिखर सम्मेलन में बदलते मौसम के असर से निपटने पर आने वाले वित्तीय ख़र्च का जो अनुमान पेश किया जाएगा, उसी पर ये निर्भर करेगा कि जलवायु परिवर्तन पर समझौता हो पाएगा या नहीं
प्रोफैसर मार्टिन पैरी, प्रमुख रिपोर्ट लेखक

प्रोफ़ेसर पैरी बदलते मौसम पर बने अंतरसरकारी आयोग यानी आईपीसीसी के सन 2007 के उस कार्यदल के सहअध्यक्ष भी रहे हैं, जिसने इस ख़र्च का अनुमान पेश किया था.

अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण और विकास अनुसंधान संस्थान और ग्रैंथम संरस्थान की और से जारी की गई इस नई रिपोर्ट में कहा गया है कि 2007 के आंकड़ों में बहुत से तथ्यों को अनदेखा किया गया था इसीलिए वास्तविक ख़र्च पहले के मुकाबले दो या तीन गुना ज्यादा आने के आसार हैं.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है, कि संयुक्त राष्ट्र के पिछले अनुमान के कुछ आधार शत-प्रतिशत ग़लत रहे.

अकेले हैं मगर कोई गम नहीं, दम है,


डबवाली,( डॉ सुखपाल सावंत खेडा) पिछली बार की तरह एक बार फिर इनेलो हरियाणा के विधानसभा चुनाव में अकेले दम मैदान में उतर रही है। भाजपा ने पिछली बार सत्ता में साथ बने रहने के बाद चुनाव के ऐन मौके पर इनेलो से हाथ छुड़ा लिया था जबकि इस बार भी गठबंधन कर साथ चलने की हामी भरने के बाद चुनाव का ऐलान होने से पहले ही उसका साथ छोड़ दिया। मगर इस सबके बाद भी इनेलो ने इस सदमे से उबरकर अपने प्रचार को पूरी तरह जीवित रखा। इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला अपने प्रमुख नेताओं के साथ राज्यभर के निरंतर दौरे कर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह भर रहे हैं। उनका कहना भी है कि कांग्रेस अपने हक में हवा के जो दावे कर रही है, वह जमीनी सच्चाई से कोसों दूर हैं। चंडीगढ़ में बैठकर पूरे हरियाणा की तस्वीर दिखाकर कांग्रेस लोगों को गुमराह कर रही है। गांवों-शहरों में जाकर देखें तो पता चलता है कि लोग बिजली-पानी, सड़क, स्वास्थ्य व शिक्षा की सभी मूलभूत सुविधाओं से कितने वंचित हैं। उन्होंने कहा कि इस बार इनेलो, भाजपा, हजकां, बसपा के अकेले-अकेले चुनाव लड़ने का सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस को होगा क्योंकि सभी उसमें सेंध लगाएंगे जबकि इनेलो को अपने जनाधार पर पूरा भरोसा है जो पूरी तरह से एकजुट है। कांग्रेस को हकीकत का अहसास 18 के बाद हो जाएगा जब उसके उम्मीदवारों का ऐलान होगा। तब टिकट न मिलने से खफा कई बड़े कांग्रेसी नेता अन्य दलों की ओर रुख करेंगे या फिर पार्टी में रहकर अपने प्रत्याशी का खेल खराब करने में जुटेंगे। इनेलो ने सबसे पहले अपने करीब आधे प्रत्याशियों का ऐलान कर और पार्टी घोषणापत्र जारी करके अन्य दलों के मुकाबले बाजी मार ली है और चुनाव प्रचार में भी वह अन्य दलों से आगे चल रही है। जब तक कांग्रेस अपनी टिकटें बांटेगी, तब तक इनेलो प्रमुख चौटाला राज्य के हर हलके का एक दौरा मुकम्मल कर चुके होंगे जो रोजाना ही चार-पांच हलकों को छू रहे हैं। इनेलो के पास अजय-अभय की जोड़ी और पार्टी के अन्य सीनियर नेताओं की मजबूत टीम है और उसे कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान व मतभेदों का भी भरपूर लाभ मिलने की उम्मीद है। बकौल चौटाला जितने बड़े, सक्रिय व कर्मठ लीडर इनेलो में हैं उतने किसी अन्य दल में नहीं हैं। कांग्रेस के तो कई मौजूदा नेताओं ने अपनी राजनीति की शुरुआत उनके पिता चौ देवीलाल की रहनुमाई में की थी और उसके जो चार-पांच नेता खुद को वरिष्ठ मानते भी हैं, उनकी आपस में ही नहीं पटती। बसपा व भाजपा के प्रदेश में आधार से तो सभी वाकिफ हैं और उनके पास एक भी ऐसा नेता नहीं है जिसे प्रदेश स्तर का नेता कहा जा सके। हजकां में चौ भजनलाल और कुलदीप बिश्नोई के सिवाय और ऐसा नेता ढूंढे नहीं मिलेगा जिसकी पहचान पूरे प्रदेश में हो लेकिन हजकां का मकसद कुछ सीटें जीतकर दोबारा कांग्रेस में वापसी करने का है। ऐसे में केवल इनेलो ही है जिसके पास ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है जो न केवल जनता में सक्रिय हैं बल्कि जिनकी पहचान पूरे प्रदेश में है।

बड़ा भाई भी हत्या में शामिल, गिरफ्तार



डबवाली,( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)

गाव चोरमार में एक औरत द्वारा प्रेमी संग मिलकर अपने ही नौजवान बेटे की योजनाबद्ध तरीके से हत्या करने के मामले में ओढा पुलिस ने मृतक के बड़े भाई को भी हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उधर गत दिनों पकड़े गए आरोपी मा व उसके प्रेमी को अदालत ने एक दिन के पुलिस रिमाड पर भेज दिया है। गौरतलब है कि गाव चोरमार में एक कलियुगी मा मलकीत कौर ने अपने प्रेमी नारग निवासी चरणजीत सिंह के साथ चल रहे अवैध संबंधों में बाधा पैदा करने वाले अपने 20 वर्षीय बेटे सुखा सिंह की साजिश अनुसार शराब में कीटनाशक मिलाने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी थी। हत्या के दोनों आरोपियों को पुलिस ने कल चोरमार से काबू कर लिया था। उन्होंने पुलिस ने सामने अपना जुर्म भी स्वीकार किया था। वहीं आज इसी मामले में पुलिस ने मृतक के बड़े भाई जगमीत सिंह को हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। जगमीत ने पुलिस के सामने स्वीकार करते हुए हत्या का कारण बताया कि मृतक सुखा खुद कोई काम नहीं करता था और रोजाना शराब के लिए पैसे मागकर उसे बेवजह परेशान करता था। पैसे न देने पर घर से उठाकर कोई न कोई समान बेच देता था। इन्हीं कारणों से परेशान होकर उसने हत्या में योजनानुसार शराब में मिलाने के लिए कीटनाशक दवा लाकर दी थी। पुलिस ने जगमीत के खिलाफ भी हत्या मामला कर लिया है। उधर हत्या के मामले में पकड़ी गई कातिल मलकीत कौर व चरणजीत सिंह उर्फ सोहन को डबवाली न्यायालय में पेश किया गया। जहा से दण्डाधिकारी महावीर सिंह के आदेश पर एक दिन के पुलिस रिमाड पर भेज दिया है।

एचएसजीपीसी सदस्यों पर मामला दर्ज


कुरुक्षेत्र(डॉ सुखपाल सावंत खेडा ): शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गुरुद्वारा छठी पातशाही का प्रबंध अपने हाथों में लेकर परिसर में टास्क फोर्स तैनात कर दी है। एसजीपीसी ने सोमवार को एचएसजीपीसी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा समेत पांच लोगों को नामजद कर सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ गुरुद्वारे पर हमला बोलने, गुरु घर की मर्यादा तोड़ने व लूटपाट करने के आरोप में केस दर्ज करवाया है। पुलिस को की गई शिकायत में हथियारों से लैस होकर गुरुद्वारे पर हमला करने, गुरु घर की मर्यादा तोड़ने, कैश काउंटर पर कब्जा कर लूटपाट करने, स्टाफ के साथ मारपीट करने, ताले तोड़ने और संगत के रास्ते में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि बाद में ही पता चल पाएगा कि दफ्तर का कितना रिकार्ड या कैश गायब है। मक्कड़ ने कहा कि कांग्रेस साजिश की कामयाबी के करीब पहुंच चुकी थी, परंतु झींडा कायरता दिखा कर भाग गए। यदि साजिश कामयाब हो जाती तो सिखों का बड़ा नुकसान हो सकता था। उन्होंने सोमवार को गुरुद्वारा छठी पातशाही में ओहदेदारों के साथ बैठक की। गुरुद्वारे के सामने भारी पुलिस बल डटा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सिखों को आपस में भिड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि अलग कमेटी के नाम पर कांग्रेस कई सालों से राजनीति कर रही है। उसकी हर चाल को नाकाम किया जाएगा।

Illegal alcohol kills 30 in India


Dabwali(Dr Sukhpal) Most of the victims are poor people
Authorities in the northern Indian state of Uttar Pradesh have suspended 13 officials after 30 people died from drinking toxic illegal alcohol.

Officials from excise department and policemen have been suspended for negligence, a press release said.

The deaths took place last week in several villages of the western district of Saharanpur.

Chief Minister Mayawati has ordered an inquiry and 34 people engaged in toxic alcohol trade have been arrested.

most of the victims are poor people and daily wage-earners who cannot afford expensive liquor sold at official outlets.

Illegally brewed alcohol is readily found across India and is popular because it is cheap and said to be stronger than legal brews.

But it is often laced with chemicals and pesticides in an attempt to boost its strength and has often caused people to die.

In July, at least 107 people died in the western Gujarat state after drinking toxic illegal alcohol.

Last year, about 150 people died from drinking tainted alcohol in the southern states of Karnataka and Tamil Nadu.

विवाहिता को गर्म चाकू से दाग घर से निकाला

डबवाली, (डॉ सुखपाल सावंत खेडा )विदेश जाने के लिए दहेज में दो लाख रुपये न मिलने पर ससुराल वालों ने विवाहिता को गर्म चाकू से दागा और मारपीट कर घर से निकाल दिया। इस पर उक्त विवाहिता ने एसएसपी से शिकायत कर इंसाफ की गुहार लगाई। उधर, एसएसपी आशीष चौधरी ने महिला थाना इंचार्ज को मामले की जांच का आदेश कर तीन दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है।

गुरमीत कौर पुत्री हरनेक सिंह निवासी नरूआना रोड शहीद भगत सिंह नगर ने बताया है कि दो साल पहले मनिंदर सिंह उर्फ गोल्डी पुत्र चांद सिंह निवासी मिट्ठू बस्ती जालंधर के साथ यहां छाबड़ा पैलेस में उसका विवाह हुआ था। लगभग छह लाख रुपया खर्च होने व मोटरसाइकिल देने के बावजूद उसके ससुराल वाले चंद माह बाद ही उसे दहेज के लिए परेशान करने लगे। ससुराल वाले मनिंदर के विदेश जाने के लिए दो लाख रुपया दहेज मांगने लगे। गुरमीत कौर ने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर और रुपया देने में असमर्थता जताई, लेकिन ससुरालियों ने उसकी एक न सुनी और मारपीट शुरू कर दी। कई बार वह पंचायत के माध्यम से वापस ससुराल गई, लेकिन उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।

उसने बताया कि चार-पांच दिन पहले उसके पति मनिंदर सिंह, सास रूप कौर, ननद कुलविंदर कौर व ससुर चांद सिंह ने उसके साथ मारपीट की। पति ने बालों से पकड़ लिया, सास ने उसकी बाजू पर चाकू गर्म कर दागा तथा ससुर ने उसके पेट में लातें मारी। इस दौरान उसने शोर मचाकर अपनी जान बचाई। इसके अगले दिन उसने बड़ी मुश्किल से अपने मायके वालों को टेलीफोन से यह सूचना दी।

इसके बाद जब उसके माता-पिता व चाचा ससुराल पहुंचे, तो उसके ससुरालियों ने कम दहेज मिलने की बात कहकर उनसे गाली-गलौच की। उन्होंने बिना दो लाख रुपये दिए उसे घर में रखने से इनकार कर दिया। उसने आरोप लगाया है कि उसकी ननद जिसका राजपुरा में विवाह हुआ है, वह जब भी मायके आती है तो अपने भाई को भड़काती है और झगड़ा करती है।

उधर, मनिंदर सिंह गोल्डी ने दो लाख रुपये मांगने व मारपीट के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वह खुद पत्नी व बेटी को लेकर विदेश जाना चाहता है। इसके लिए वह गुरमीत कौर को आईलेट्स का कोर्स भी करवा रहा है। गोल्डी ने कहा कि उसे नहीं पता कि उसकी पत्नी क्यों उसके व उसके माता-पिता के खिलाफ शिकायत कर रही है। वैसे भी, पिछले पांच माह से वह अपने माता-पिता से अलग रह रहा है। उसका कहना है कि वह अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसके ऊपर लगे आरोप बिल्कुल गलत हैं।

सोमवार, 14 सितंबर 2009

नया चंडीगढ़ बसाने की शुरुआत


डबवाली, (डॉ सुखपाल सावंत खेडा )पंजाब की धरती पर नया चंडीगढ़ बसाने का लगभग 23 वर्ष पहले देखा गया सपना अब साकार होता नजर आ रहा है। खरड़ के साथ लगते कस्बे मुल्लांपुर गरीबदास के लगभग 33 गांवों की जमीन अधिग्रहीत करके नया शहर बनाने की योजना को गमाडा ने मंजूरी दे दी है। 61-237 हेक्टेयर जमीन पर होगा विकास इस मास्टर प्लान के अनुसार 33 गांवों की लगभग 61-237 हेक्टेयर जमीन को नई योजना के अनुसार विकसित किया जाएगा। गमाडा जल्द ही एक नोटिफिकेशन जारी करके संबंधित गांवों के लोगों से ऐतराज मांगेगी। क्या-क्या होगा नए शहर में टेक्नालाजी पार्क, इंडोर स्टेडियम, स्वास्थ्य सेवाएं, कम्युनिटी सेंटर, मनोरंजन पार्क, बफर जोन, गोल्फ क्लब समेत शानदार पार्क बनाने की योजना है। इन गांवों की ली जाएगी जमीन मुल्लांपुर गरीबदास, पड़छ, होशियारपुर, भड़ौजियां, देवीनगर, सलामतपुर, डोडेमाजरा, रसूलपुर, सैणीमाजरा, कंसाला, राणीमाजरा, घड़ौली, भगतमाजरा, पलहेड़ी, रतवाड़ा, रैहमापुर, पैंतपुर, तोगां, मिल्ख, बांसेपुर, संगाला, चाहड़माजरा, पड़ौल, सुल्तानपुर, माजरा, राजगढ़, तकीपुर, करतापुर, बूथगढ़, फिरोजपुर बंगर, मस्तगढ़ आदि गांव की जमीन अधिग्रहीत करने की योजना है। एक माह पहले दी मंजूरी : गमाडा ग्रेटर मोहाली डिवलपमेंट अथारिटी के एडिशनल मुख्य प्रशासक बलविंदर सिंह ने बताया कि एक माह पहले गमाडा ने नए शहर के नक्शे को मंजूरी देकर राज्य सरकार को भेज दिया है। गमाडा मोहाली, जीरकपुर, मुल्लांपुर में अर्बन एस्टेट भी विकसित करेगा।

चीन की दुखती रग दबाने की तैयारी


डबवाली,( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)दलाईलामा की प्रस्तावित तवांग (अरुणाचल) यात्रा पर भारत पड़ोसी मुल्क चीन को कुछ सख्त जवाब दे सकता है। दलाईलामा व तिब्बत चीन की कमजोर नस है और भारत को इसे कूटनीतिक ढंग से दबाने का मौका मिल गया है। चीन ने हाल में जिस तरह के दुस्साहस किये है उसके मद्देनजर विदेश मंत्रालय के रणनीतिकार इस मौके पर चीन का पेंच कुछ कसना चाहते हैं। दलाईलामा की नवंबर में प्रस्तावित अरुणाचल यात्रा पर जिस तरह की प्रतिक्रिया बीजिंग से आई है, उसे देखकर विदेश मंत्रालय ने चीन को कूटनीतिक जवाब देने की तैयारी शुरू हो गई है। बात आगे बढ़ी तो भारतीय कूटनीतिकार बीजिंग को कड़ा संदेश देने से नहीं चूकेंगे। संकेत हैं कि तल्ख अंदाज में एक पत्र तैयार भी किया जा रहा है, जिसके जरिए चीन के कम्युनिस्ट नेतृत्व के जेहन में यह बात उतारी जाएगी कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अखंड हिस्सा है और भारत वहां ऐसे किसी व्यक्ति को भेज सकता है जिसे वह अपना मित्र समझता है। भारत को भरोसा है कि बौद्ध धर्मगुरु को लेकर विवाद बढ़ा तो विश्व समुदाय के बीच चीन खुद को असहज पाएगा। तिब्बत में चीनी सेना के उत्पात के मद्देनजर अमेरिकी चेतावनियां बीजिंग भूला नहीं होगा। वैसे तो चीन के साथ भारत फिलहाल कोई तनाव नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन अंदरखाने कोशिश यह भी है कि दुनिया के मंच पर बीजिंग को कुछ कूटनीतिक झटके दिए जाएं। दलाईलामा की यात्रा पर पहले से लाल पीला होकर चीन यह मौका भी दे रहा है। चीन जब कभी भारत की सीमा पर हरकतें बढ़ाता है तो तिब्बत और ताइवान ही उसकी दुखती रग बनते हैं। चीनी घुसपैठ की हरकतों के चंद रोज बाद ही तिब्बत के धर्मगुरु दलाईलामा के प्रस्तावित अरुणाचल यात्रा का मुद्दा बीजिंग को छकाने के लिए तैयार है। यात्रा नवंबर में है पर चीन अभी से ही भड़क रहा है।

हरियाणा कमेटी ने गुरुद्वारा कब्जाया


डबवाली,( डॉ सुखपाल सावंत खेडा) कुरुक्षेत्र हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का विवाद अब गुरुद्वारों में कब्जे तक पहुंच गया है। रविवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) ने सैकड़ों हथियार बंद सिखों के साथ धावा बोल गुरुद्वारा छठी पातशाही का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया। भीड़ ने परिसर में स्थित तमाम कार्यालयों के ताले तोड़ दिए तथा मोर्चाबंदी कर गुरुद्वारे के दोनों प्रवेश द्वार बंद कर दिए। तनाव के मद्देनजर गुरुद्वारे व आसपास भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई है। आईजी केके सिंधु, उपायुक्त पंकज अग्रवाल और एसपी केवी रमणी ने मौके पर पहुंच एचएसजीपीसी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा से बात की। गुरुद्वारे पर कब्जे को कलंक बताते हुए एसजीपीसी (सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) और अकाली दल ने इस घटना के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। डेरा कारसेवा में रविवार सुबह एचएसजीपीसी की प्रदेश स्तरीय बैठक शुरू होते ही पूर्व निर्धारित योजना के तहत सैकड़ों सिख हाथों में तलवारें, भाले और लाठियां लेकर गुरुद्वारा छठी पातशाही की ओर निकल पड़े। अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा की अगुआई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने गुरुद्वारे के दोनों प्रवेश द्वारों पर मोर्चेबंदी कर दी। इसके बाद इसके बाद झींडा भीड़ के साथ दरबार साहिब पहुंचे और श्रीगुरु ग्रंथ साहिब में माथा टेका और जयकारे लगाए। उनके निर्देश पर दरबार साहिब भवन के दोनों द्वार बंद कर दिए गए। इसके बाद झींडा ने अपने साथियों के साथ मशविरा किया। एसजीपीसीसदस्य व एचएसजीपीसी के महासचिव दीदार सिंह नलवी, सदस्य बलदेव सिंह खालसा और खुशपाल सिंह इस मुहिम में शामिल नहीं हुए। सूचना पाकर पुलिस गुरुद्वारे पहुंची, लेकिन सिख कार्यकर्ताओं ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। एसपी केवी रमणी के आने पर ही द्वार खोले गए। रमणी ने झींडा को मनाने की कोशिश की, परंतु वह अपने रुख पर कायम रहे। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेजेंद्र पाल सिंह ढिल्लों और हरभजन सिंह मसाना ने मौके पर पहुंच एचएसजीपीसी की कार्रवाई पर विरोध जताया। झींडा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, एसजीपीसी 40 साल से जबरन गुरुद्वारों का प्रबंधन संभाल रही है। हरियाणा की संगत ने अपने गुरुद्वारे का प्रबंधन खुद संभाल लिया है। पंजाब से आए कर्मचारी यदि उनके अधीन कार्य करना चाहते हैं तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं वरना वे वापस जा सकते हैं। एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क ने कहा कि एचएसजीपीसी ने लुटेरों की तरह गुरुद्वारे पर कब्जा किया।

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