डबवाली- भारत विकास परिषद की एक बैठक रसोई रेस्टोरेंट में सम्मपन्न हुई। बैठक में परिषद द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान की सफलता पर अध्यक्ष सतपाल जग्गा ने सभी सदस्यों को बधाई दी। इस अभियान कें तहत करीब 134 व्यक्तियों को नशा छुडवाया गया। बैठक में परिषद के चुनाव करवाए गए जिसमें सर्वसम्मति से सतपाल जग्गा को फिर से परिषद की की जिम्मेदारी सौंपी गई। अन्य पदाधिकारियों में सर्वसम्मति से कृष्ण जग्गा को सचिव, ओम धमीजा को कोषाध्यक्ष, व भजन मैहता को पीआरओ चुना गया। श्री जग्गा ने बताया कि आगामी 13 मार्च को भारत विकास परिषद के प्रांतीय अधिवेशन हिसार में आयोजित कार्यक्रम में डबवाली शाखा द्वारा किए गए उत्कृष्ठ कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा तथा तुलसी पौधा वितरण व डबवाली शाखा द्वारा मई माह में कृत्रिमअंग प्रत्यारोपण शिविर लगाने पर विचार विमर्श किया गया।
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शुक्रवार, 11 मार्च 2011
आढ़तिया एसोसिएशन के चुनावों को लेकर हलचल आरंभ
डबवाली-11 मार्च-आढ़तिया एसोसिएशन के चुनावों को लेकर हलचल आरंभ हो गई है। प्रधान पद के लिए टेक चंद छाबड़ा, नरेश मितल सहित निवर्तमान प्रधान प्रकाश चंद बांसल दावेदार के नाम समाने आये है। वहीं उपप्रधन के लिए गुरदीप कामरा, सचिव पद के लिए रवि निरंकारी के नाम की चर्चा है। 12 मार्च नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। कल तक दावेदारों की तस्वीर साफ हो जायेगी। सर्वसम्मति के लिए बैठक की तारीख 14 मार्च को होगी। नामांकन पत्र वापिस लेने के लिए 15 मार्च तिथि निर्धारित की गई है। इन चुनावों को लेकर आढ़तियों की एक बैठक अग्रवाल धर्मशाला में संपन्न हुई जिसमें महेंद्र जैन, प्रविंद्र अरोड़ा तथा रमेश झालरिया को चुनाव समिति का सदस्य नियुक्त किया गया। आढ़तिया एसोसिएशन के चुनावों को लेकर इनेलो और कांग्रेस आमने सामने है। कांग्रेस का पिछले 6 सालों आढ़तिया एसोसिएशन पर कब्जा है। प्रकाश चंद बांसल लगातार दो बार प्रधान चुने जा चुके है और इस बार भी वे प्रधान पद की दौड़ में शामिल बताये जा रह है। जो कि इनेलो के लिए कड़ी चुनौती है। आढ़तियां एसोसिएशन के 133 सदस्य है।
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मंगलवार, 8 मार्च 2011
नारी को अपनी शक्ति तथा अपने अंदर छुपी प्रतिभा को पहचाना होगा--डॉ. शमीम शर्मा
डबवाली-महिला दिवस के उपलक्ष्य में भगवान श्री कृष्ण कालेज ऑफ ऐजूकेशन में सेमीनार आयोजित किया गया। इस मौके पर जननायक चौधरी देवी लाल विद्यापीठ की कार्यकारी निर्देशिका तथा माता हरकी देवी डॉ. शमीम शर्मा मुख्यातिथि के तौर पर शामिल हुई जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता बी.एड. कालेज की प्राचार्या डा. पूनम गुप्ता ने की। इस मौके पर संबोधित करते हुए डा. शमीम शर्मा ने कहा कि नारी अब अबला नहीं है। नारी को अपनी शक्ति तथा अपने अंदर छुपी प्रतिभा को पहचाना होगा। उन्होंने कहा कि आज भ्रूण हत्या और दहेज प्रथा सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि इन कुरीतियों को समाप्त करने के लिए महिलाओं को ही आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान की तरक्की के साथ कन्या भ्रूण हत्या जैस घिनौने अपराध के ग्राफ में चिंताजनक स्तर तक वृद्धि हो रही है। प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आज के समाज में 6 माह से बच्ची से लेकर 70 साल की वृद्धा तक सुरक्षित नहीं है। महिलाओं को अपनी इज्जत और मर्यादा बनाये रखने के लिए स्वयं से सबल बनाना पड़ेगा और इसके लिए आवश्यक है महिला का शिक्षित और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना। उन्होंने देश इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के गौरवशाली इतिहास महाभारत में भी द्रोपदी को भरी सभा में अपमानित होना पड़ा। तत्कालीन भीष्म पितामह और धर्मराज भी नारी लुटती अस्मत पर मुंह छुपाये बैठे रहे। उन्होंने कहा कि 'रोशन करेगा बेटा तो बस एक ही कुल को, दो-दो कुलों की लाज होती है बेटियां, कोई नहीं है साथियों इक दूजे से कम, हीरा अगर है बेटे तो मोती है बेटियां।
इस मौके पर बी.एड की छात्रा भावना और पूजा ने भी अपने विचार रखे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी आज इस उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बार रूम ऐसोसिएशन के प्रधान एस के गर्ग और पूर्व प्रधान कुलवंत सिद्धू ने निशुल्क कानूनी सलाह के बारे में जानकारी दी और छात्राओं को उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर प्राचार्य बलजिंद्र सिंह भंगू, एनसीसी अधिकारी जितेंद्र शर्मा, कार्यकारी प्राचार्य कुलवंत सिंह और विद्यालय के अध्यापक व अध्यापिकाऐं उपस्थित थी।
इस मौके पर बी.एड की छात्रा भावना और पूजा ने भी अपने विचार रखे। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भी आज इस उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बार रूम ऐसोसिएशन के प्रधान एस के गर्ग और पूर्व प्रधान कुलवंत सिद्धू ने निशुल्क कानूनी सलाह के बारे में जानकारी दी और छात्राओं को उनके अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर प्राचार्य बलजिंद्र सिंह भंगू, एनसीसी अधिकारी जितेंद्र शर्मा, कार्यकारी प्राचार्य कुलवंत सिंह और विद्यालय के अध्यापक व अध्यापिकाऐं उपस्थित थी।
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सीवरेज न होने के कारण नरकीय जीवन जीने को मजबूर
डबवाली- शहर के साथ लगते पंजाब क्षेत्र में स्थित नरसिंह कॉलोनी के निवासी सीवरेज न होने के कारण नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। कॉलोनी वासियों ने सीवरेज लाईन डलवाने की मांग को लेकर पंजाब की बादल सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया।प्रदर्शन कर रहे कॉलोनी वासियों में पूर्व सरपंच जगजीत सिंह 'कालाÓ, करतार सिंह जस्सी, नछतर सिंह, गुरदीप सिंह, लखवीर सिंह, भगवानी देवी, सुखवंत कौैर, कर्मजीत कौर व अन्य ने बताया कि इस कॉलोनी में 600 के करीब घर बने हुए हैं और 1600 के करीब मतदाता रहते है लेकिन पंजाब की पिछली सरकार व वर्तमान सरकार ने कॉलोनी में सीवरेज लाईन डलवाने की जहमत नहीं की।
उन्होंने बताया कि पूरी कॉलोनी में गंदे पानी की निकासी न होने के कारण यहां गंदा पानी जगह-जगह गढ्ढों में खड़ा है तथा बदबू मार रहा है। जिस कारण कॉलोनी वासियों को गंदगी भरे माहौल में जीना पड़ रहा है। यहां तक की कॉलोनी तक जाने वाली मुख्य सड़क पर भी दल-दल बनी हुई है व गंदा पानी गली में खड़ा होने के कारण मच्छर भिन्न-भिना रहे है। जिससे कॉलोनी में भंयकर बिमारियां फैलने का डर बना हुआ है।
उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि कॉलोनी में शीघ्र ही सीरेज लार्ईन डलवाकर उन्हें इस नरकीय जीवन से छुटकारा दिलवाया जाए। कॉलोनी वासियों ने पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 10 दिनों में उनकी इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सभी कॉलोनी वासी बठिंडा रोड पर सड़क के बीचो-बीच धरने पर बैठ जाएंगे। इस बारे में जब नरसिंह कॉलोनी के सदस्य जगपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कॉलोनी में सीवरेज लाईन डलवाने के लिए करीब 4 करोड़ 35 लाख रूपए का एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेज दिया गया था। जिसे सरकार द्वारा मंजूर कर लिया गया और कॉलोनी में सीवरेज लाईन डलवाने का कार्य शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा।
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सोमवार, 7 मार्च 2011
ट्रांसपोर्ट मालिकों पर मामला दर्ज
रामा मंडी में दर्ज हुआ हत्या प्रयास का मामला
कालांवाली, 7 मार्च(बिल्लू यादव)यहां के देसू रोड स्थित आरके आरटीसी ट्रांसपोर्ट पर गत दिवस हुई मारपीट व फायरिंग के मामले में पुलिस ने आईआरबी के जवानों की शिकायत पर ट्रांसपोर्ट मालिकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसी प्रकार का मामला पंजाब भी दर्ज किया गया है। पुलिस ने आईआरबी के सब इंस्पेक्टर बलवंत सिंह की शिकायत पर कालांवाली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट मालिक संजीव निवासी कालांवाली, बिट्टा सिंह निवासी डूमवाली व 4-5 अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने, पिस्तौल छीनने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अपनी शिकायत में बलवंत सिंह ने बताया कि वे पंजाब सीमा में नाका लगाकर टैक्स चोरी की जांच के लिए वाहनों की तलाशी ले रहे थे कि अचानक एक कैंटर आया। सिपाही मनदीप ने कैंटर को रोकना चाहा मगर कैंटर चालक वहां से भाग निकला और वे पीछा करते हुए कालांवाली में उक्त ट्रांसपोर्ट तक पहुंच गए। उन्होंने बताया कि यहां पर ट्रांसपोर्ट मालिक के साथ ही एक बोलेरो गाड़ी में कुछ अन्य लोग भी आ पहुंचे जिन्होंने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका आरोप है कि ट्रांसपोर्ट मालिकों ने उनके पिस्तौल भी छीन लिया है। सूत्रों के अनुसार ट्रांसपोर्ट मालिकों के खिलाफ रामा मंडी में हत्या प्रयास का मामला दर्ज किया है। कालांवाली थाना प्रभारी विक्रम नेहरा ने मामला दर्ज करने की बात से इनकार किया है और कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि गत दिवस उक्त ट्रांसपोर्ट पर आईआरबी व ट्रांसपोर्ट संचालकों के बीच झगड़ा हो गया था। झगड़े में आईआरबी के जवानों की गोली बारी में तीन लोग जख्मी भी हुए हैं जबकि जवान भी घायल हैं।
कालांवाली, 7 मार्च(बिल्लू यादव)यहां के देसू रोड स्थित आरके आरटीसी ट्रांसपोर्ट पर गत दिवस हुई मारपीट व फायरिंग के मामले में पुलिस ने आईआरबी के जवानों की शिकायत पर ट्रांसपोर्ट मालिकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसी प्रकार का मामला पंजाब भी दर्ज किया गया है। पुलिस ने आईआरबी के सब इंस्पेक्टर बलवंत सिंह की शिकायत पर कालांवाली पुलिस ने ट्रांसपोर्ट मालिक संजीव निवासी कालांवाली, बिट्टा सिंह निवासी डूमवाली व 4-5 अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने, पिस्तौल छीनने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अपनी शिकायत में बलवंत सिंह ने बताया कि वे पंजाब सीमा में नाका लगाकर टैक्स चोरी की जांच के लिए वाहनों की तलाशी ले रहे थे कि अचानक एक कैंटर आया। सिपाही मनदीप ने कैंटर को रोकना चाहा मगर कैंटर चालक वहां से भाग निकला और वे पीछा करते हुए कालांवाली में उक्त ट्रांसपोर्ट तक पहुंच गए। उन्होंने बताया कि यहां पर ट्रांसपोर्ट मालिक के साथ ही एक बोलेरो गाड़ी में कुछ अन्य लोग भी आ पहुंचे जिन्होंने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका आरोप है कि ट्रांसपोर्ट मालिकों ने उनके पिस्तौल भी छीन लिया है। सूत्रों के अनुसार ट्रांसपोर्ट मालिकों के खिलाफ रामा मंडी में हत्या प्रयास का मामला दर्ज किया है। कालांवाली थाना प्रभारी विक्रम नेहरा ने मामला दर्ज करने की बात से इनकार किया है और कहा कि मामले की जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि गत दिवस उक्त ट्रांसपोर्ट पर आईआरबी व ट्रांसपोर्ट संचालकों के बीच झगड़ा हो गया था। झगड़े में आईआरबी के जवानों की गोली बारी में तीन लोग जख्मी भी हुए हैं जबकि जवान भी घायल हैं।
अरूणा को नहीं मिली इच्छा मृत्यु की इजाजत
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अरूणा शानबाग को दया मृत्यु देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मुम्बई की नर्स अरूणा शानबाग की इच्छामृत्यु के लिए पिंकी विरानी की अपील खारिज कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने तमाम पार्टियों को सुनने के बाद माना है कि भारत का कानून इस बात की इजाजत नहीं देता है कि किसी को भी इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए। सर्वोच्च अदातल ने करीब 110 पन्नों में इस अपील पर अपना फैसला दिया। न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू और न्यायधीश ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ ने गत दो मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने कहा कि आदमी खुद अपनी इच्छा मृत्यु की अपील नहीं कर सकता है। बल्कि उसका परिवार इसके लिए अपील कर सकता है। परिवार की अपील पर हाईकोर्ट की मंजूरी से इस पर फैसला दे सकता है। अरूणा यौन उत्पीड़न का शिकार होने के बाद पिछले 37 साल से अस्पताल में निष्क्रिय जीवन व्यतीत कर रही है। अरूणा के लिए इच्छामृत्यु के लिए याचिका लेखिका पिंकी विरानी ने दायर की थी। गौरतलब है कि अरूणा किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत थी। 27 नवम्बर 1973 को अस्पताल के सफाई कर्मचारी ने उसका यौन उत्पीड़न किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने तमाम पार्टियों को सुनने के बाद माना है कि भारत का कानून इस बात की इजाजत नहीं देता है कि किसी को भी इच्छा मृत्यु की इजाजत दी जाए। सर्वोच्च अदातल ने करीब 110 पन्नों में इस अपील पर अपना फैसला दिया। न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू और न्यायधीश ज्ञान सुधा मिश्रा की पीठ ने गत दो मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने कहा कि आदमी खुद अपनी इच्छा मृत्यु की अपील नहीं कर सकता है। बल्कि उसका परिवार इसके लिए अपील कर सकता है। परिवार की अपील पर हाईकोर्ट की मंजूरी से इस पर फैसला दे सकता है। अरूणा यौन उत्पीड़न का शिकार होने के बाद पिछले 37 साल से अस्पताल में निष्क्रिय जीवन व्यतीत कर रही है। अरूणा के लिए इच्छामृत्यु के लिए याचिका लेखिका पिंकी विरानी ने दायर की थी। गौरतलब है कि अरूणा किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल में नर्स के रूप में कार्यरत थी। 27 नवम्बर 1973 को अस्पताल के सफाई कर्मचारी ने उसका यौन उत्पीड़न किया था।
नर्सों ने जताई खुशी
अरूणा की इच्छा मृत्यु की याचिका खारिज होने पर नर्सो ने खुशी जताई है केईएम अस्पताल की नर्स प्रमिला कुशे ने कहा कि जब तक उनकी देखभाल करने के लिए हम लोग हैं कोर्ट को उन्हें इच्छा मृत्यु नहीं देना चाहिए। हम खुश है कोर्ट ने हमारी आवाज सुनी।
लंबित पड़ी मांगों को लागू करवाने के लिए बिजली बोर्ड कर्मचारियों ने किया पर्दर्शन
डबवाली- 7 मार्च- आज स्थानीय बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने हरियाणा बिजली कर्मचारी ज्वाइट एक्शन कमेटी के अह्वान पर अपनी लंबित पड़ी मांगों को लागू करवाने के लिए बिजली बोर्ड कार्यालय के समक्ष हरियाणा सरकार व निगम मैनेजमेंट के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर हरियाणा बिजली कर्मचारी ज्वइट एक्शन कमेटी के सर्कल सचिव औम प्रकाश शर्मा ने बोलते हुए कहा कि कमेटी के नेताओं की और से हरियाणा सरकार व बिजली बोर्ड मैनेजमेंट को समय-समय पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर मांग पत्र भेजे गए है लेकिन हरियाणा सरकार व निगम मैनेजमेंट के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार भी ज्वाइट एक्शन कमेटी के नेताओं से बातचित कर उनकी लंबित पड़ी मांगों को लागू करे, कच्चे कर्मचारियों को पकका करे, निजी प्रथा को बंद करे तथा ठेकेदार के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को पक्का करे तथा तब तक उन्हें 12 हजार रूपए प्रतिमाह वेतन के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी प्रदान करे। उन्होंने बताया कि अगर हरियाण सरकार उनकी मांगों को लागू नहीं करती तो बिजली कर्मचारी आगामी 20 मार्च को 2 घंटे के लिए यूनिट स्तर पर संकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद कर्मचारियों द्वारा मशाल लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रोष प्रदर्शन किया जाएगा व 15 मई को राज्य स्तरीय रैली की जाएगी। इस अवसर पर यूनिट प्रधान केवल कृष्ण, हवा सिंह, जगदीश मैहता, जेई तरसेम चंद, मनोज कुमार, राम कृष्ण व अन्य बिजली कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर हरियाणा बिजली कर्मचारी ज्वइट एक्शन कमेटी के सर्कल सचिव औम प्रकाश शर्मा ने बोलते हुए कहा कि कमेटी के नेताओं की और से हरियाणा सरकार व बिजली बोर्ड मैनेजमेंट को समय-समय पर कर्मचारियों की मांगों को लेकर मांग पत्र भेजे गए है लेकिन हरियाणा सरकार व निगम मैनेजमेंट के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार भी ज्वाइट एक्शन कमेटी के नेताओं से बातचित कर उनकी लंबित पड़ी मांगों को लागू करे, कच्चे कर्मचारियों को पकका करे, निजी प्रथा को बंद करे तथा ठेकेदार के तहत कार्य कर रहे कर्मचारियों को पक्का करे तथा तब तक उन्हें 12 हजार रूपए प्रतिमाह वेतन के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी प्रदान करे। उन्होंने बताया कि अगर हरियाण सरकार उनकी मांगों को लागू नहीं करती तो बिजली कर्मचारी आगामी 20 मार्च को 2 घंटे के लिए यूनिट स्तर पर संकेतिक विरोध प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद कर्मचारियों द्वारा मशाल लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रोष प्रदर्शन किया जाएगा व 15 मई को राज्य स्तरीय रैली की जाएगी। इस अवसर पर यूनिट प्रधान केवल कृष्ण, हवा सिंह, जगदीश मैहता, जेई तरसेम चंद, मनोज कुमार, राम कृष्ण व अन्य बिजली कर्मचारी उपस्थित थे।
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सीवरेज चॉक होने के कारण वहां के मौहल्लाविसयों में रोष
डबवाली- 7 मार्च-वार्ड नं. 15 में सीवरेज चॉक होने के कारण वहां के मौहल्लाविसयों में रोष पाया जा रहा है। वार्ड निवासी विक्की कुमार, सतीश कुमार, शांति देवी, आशा रानी, गुलजारी लाल, खजानचंद आदि ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें नरकीय जीवन जीना पड़ा रहा है। सीवरेज चॉक होने से पूरे मौहल्ले में गंदा पानी फैल गया है। जिस कारण कई प्रकार की बिमारियां फैल सकती है। उन्होंने बताया कि जन स्वास्थय विभाग के कर्मचारी कई बार शिकायत करने पर आते है और आननफानन में सीवरेज खोल कर चले जाते है लेकिन उनके जाने के बाद स्थिति फिर वहीं 'ढाक के तीन पातÓ बनी रहती है। वार्ड वासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अगर जल्द ही इस समस्या से उन्हें निजात न दिलाई गई तो वार्डवासियों को जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के बाहर धरना देने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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सड़क हादसे में दो महिलाओं के घायल होने का समाचार
डबवाली-7 मार्च- रविवार को हुए एक सड़क हादसे में दो महिलाओं के घायल होने का समाचार है। प्राप्त जानकारी अनुसार गांव बगवाली निवासी बिकर सिंह उसकी पत्नी दलजीत कौर व पुत्री बलजिंद्र कौर तथा एक अन्य महिला परमजीत कौर पत्नी मेजर सिंह ट्रेक्टर पर सवार होकर डबवाली के एक निजी अस्पताल में दवाई लेने के लिए जा रहे थे।
बिकर सिंह ने बताया कि डबवाली से बठिंडा की और जा रही एक जेन कार ने उसने ट्रेक्टर को टक्कर मार दी।
जिस कारण ट्रेक्टर पर सवार दलजीत कौर व परमजीत कौर को चोटें आई। सूचना मिलते ही डबवाली की जन सहारा सेवा संस्था के सदस्यों ने घायलों को डबवाली के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया। मामले की सूचना संगत पुलिस को दे दी गई है।
बिकर सिंह ने बताया कि डबवाली से बठिंडा की और जा रही एक जेन कार ने उसने ट्रेक्टर को टक्कर मार दी।
जिस कारण ट्रेक्टर पर सवार दलजीत कौर व परमजीत कौर को चोटें आई। सूचना मिलते ही डबवाली की जन सहारा सेवा संस्था के सदस्यों ने घायलों को डबवाली के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया। मामले की सूचना संगत पुलिस को दे दी गई है।
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132 केवी सब सटेशन गांव आसाखेड़ा के कार्यालय में बिजली समस्या को लेकर एक बैठक
डबवाली-7 मार्च बुधवार को 132 केवी सब सटेशन गांव आसाखेड़ा के कार्यालय में बिजली समस्या को लेकर एक बैठक का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए स्थानीय बिजली क्षेत्र के एक्सीयन डीके रंजन ने बताया कि इस बैठक में बिजली विभाग के सीनियर अधिकारी विशेषतौर पर पहुंच रहे है। जो ग्रामीणों की बिजली संबंधी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करेंगे।
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चोरीशुदा मोटरसाइकिलों सहित दो लोगों को काबू ,किया
डबवाली-7 मार्च -सीआईए डबवाली पुलिस ने दो चोरीशुदा मोटरसाइकिलों सहित दो लोगों को काबू किया। पकड़े गए आरोपी डबवाली क्षेत्र में उक्त मोटरसाइकिलों को बेचने की फिराक में थे। आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया जाएगा।
जानकारी देते हुए सीआईए डबवाली प्रभारी उपनिरीक्षक अमरनाथ ने बताया कि पुलिस को मुखबिर के द्वारा सूचना मिली कि पंजाब के दो लड़के चोरीशुदा मोटरसाइकिल लेकर डबवाली की ओर बेचने के लिए आ रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकेबंदी कर दोनो आरोपियों को काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कनकवाल निवासी हरप्रीत पुत्र मलकीत ङ्क्षसह तथा रामामंडी निवासी गुरविंद्र पुत्र कौर सिंह के रूप में हुई है। आरोपियों से बजाज केलीवर तथा हीरो होंडा मोटरसाइकिलें बरामद की है। आरोपियों ने पुछताछ के दौरान बताया कि केलीबर मोटरसाइकिल उन्होने राजपुरा घुक्को तथा हीरो होंडा रामांमंडी के पास स्थित रिफाईनरी से चुराई थी। दोनो आरोपी नशे के आदि बताए जाते है।
जानकारी देते हुए सीआईए डबवाली प्रभारी उपनिरीक्षक अमरनाथ ने बताया कि पुलिस को मुखबिर के द्वारा सूचना मिली कि पंजाब के दो लड़के चोरीशुदा मोटरसाइकिल लेकर डबवाली की ओर बेचने के लिए आ रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकेबंदी कर दोनो आरोपियों को काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कनकवाल निवासी हरप्रीत पुत्र मलकीत ङ्क्षसह तथा रामामंडी निवासी गुरविंद्र पुत्र कौर सिंह के रूप में हुई है। आरोपियों से बजाज केलीवर तथा हीरो होंडा मोटरसाइकिलें बरामद की है। आरोपियों ने पुछताछ के दौरान बताया कि केलीबर मोटरसाइकिल उन्होने राजपुरा घुक्को तथा हीरो होंडा रामांमंडी के पास स्थित रिफाईनरी से चुराई थी। दोनो आरोपी नशे के आदि बताए जाते है।
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सदर पुलिस थाना के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन,लोहगढ़ में विवाहिता कर्मजीत कौर द्वारा आत्महत्या करने का मामला,पति गिरफ्तार
डबवाली-उपमंडल के गांव लोहगढ़ में विवाहिता कर्मजीत कौर द्वारा आत्महत्या करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को विवाहिता के पीहर वालों ने इस मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार न करने पर डबवाली गांव में स्थित सदर पुलिस थाना के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में शामिल मृतका के चाचा मेजर सिंह निवासी घुक्कांवाली ने आरोप लगाया पुलिस इस मामले में कर्मजीत की सास और उसके देवर को कथित तौर निकालना चाहती है और इस कारण उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि डबवाली के उपपुलिस अधीक्षक बाबू राम उन्हें जांच के नाम बार-बार डबवाली तलब कर रहा है। जबकि उनके घर पर मातम का माहौल है और घर पर शोक व्यक्त करने के लिए रिश्तेदारों जानकार लोगों का आना जाना लगा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में इमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्य का निर्वाह नहीं कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस मामले में पुलिस ने अगर किसी भी आरोपी के खिलाफ साफ्ट कार्नर दिखाया तो वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मजीत कौर की सास हरबंस कौर, पति जगपाल सिंह और देवर बगा सिंह के लालच और उनकी द्वारा की गई प्रताडऩा के कारण ही कर्मजीत कौर अत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि सात माह पूर्व उनके पिता के देहांत के बाद कर्मजीत के ससुरालियों का लालच बढ़ गया था और वे इस बात को सहन नहीं कर पाये कि उसने अपने हिस्से की जमीन अपने भाई जगसीर सिंह के नाम पर कर दी । जिस कारण कर्मजीत पर यातनाओं का पहाड़ टूट पड़ा।
जबकि इस मामले में मुख्य आरोपी जगपाल सिंह के मामा जगदेव सिंह तथा गांव के पूर्व सरपंच नछतर सिंह ने कर्मजीत के परिजनों के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि मलोट में बठिंड़ा रोड़ पर स्थित जगपाल सिंह व बगा सिंह की लाखों की कीमत वाली दो कनाल जमीन उन्होंने कर्मजीत के नाम करवा रखी है। अगर उन्हें किसी प्रकार का लालच होता तो वे ऐसा नहीं करते।
इस मामले की जांच कर रहे डीएसपी बाबू राम ने बताया कि बगा सिंह और हरबंस कौर ने जिला पुलिस कप्तान को एक प्रार्थना पत्र दे कर इस मामले में स्वयं को निर्दोष बताया है और इसकी निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इस कारण रविवार और सोमवार को दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया था।
प्रदर्शन में शामिल मृतका के चाचा मेजर सिंह निवासी घुक्कांवाली ने आरोप लगाया पुलिस इस मामले में कर्मजीत की सास और उसके देवर को कथित तौर निकालना चाहती है और इस कारण उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि डबवाली के उपपुलिस अधीक्षक बाबू राम उन्हें जांच के नाम बार-बार डबवाली तलब कर रहा है। जबकि उनके घर पर मातम का माहौल है और घर पर शोक व्यक्त करने के लिए रिश्तेदारों जानकार लोगों का आना जाना लगा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में इमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्य का निर्वाह नहीं कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस मामले में पुलिस ने अगर किसी भी आरोपी के खिलाफ साफ्ट कार्नर दिखाया तो वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मजीत कौर की सास हरबंस कौर, पति जगपाल सिंह और देवर बगा सिंह के लालच और उनकी द्वारा की गई प्रताडऩा के कारण ही कर्मजीत कौर अत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि सात माह पूर्व उनके पिता के देहांत के बाद कर्मजीत के ससुरालियों का लालच बढ़ गया था और वे इस बात को सहन नहीं कर पाये कि उसने अपने हिस्से की जमीन अपने भाई जगसीर सिंह के नाम पर कर दी । जिस कारण कर्मजीत पर यातनाओं का पहाड़ टूट पड़ा।
जबकि इस मामले में मुख्य आरोपी जगपाल सिंह के मामा जगदेव सिंह तथा गांव के पूर्व सरपंच नछतर सिंह ने कर्मजीत के परिजनों के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि मलोट में बठिंड़ा रोड़ पर स्थित जगपाल सिंह व बगा सिंह की लाखों की कीमत वाली दो कनाल जमीन उन्होंने कर्मजीत के नाम करवा रखी है। अगर उन्हें किसी प्रकार का लालच होता तो वे ऐसा नहीं करते।
इस मामले की जांच कर रहे डीएसपी बाबू राम ने बताया कि बगा सिंह और हरबंस कौर ने जिला पुलिस कप्तान को एक प्रार्थना पत्र दे कर इस मामले में स्वयं को निर्दोष बताया है और इसकी निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इस कारण रविवार और सोमवार को दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया था।
पति गिरफ्तार:-लोहगढ़ गांव में विवाहिता द्वारा आत्महत्या किये जाने के मामले में सदर पुलिस ने मृतका के पति जगपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। चौटाला चौकी के प्रभारी जीत राम ने बताया कि उन्हें आज डबवाली की अदालत में पेश किया गया। जहां पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में सिरसा जेल भेज दिया है।
भय मुक्त हरियाणा,भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा कितना कारगार ?
चार साल पहले नंबर वन हरियाणा,
मीडिया को विज्ञापन भरपूर दे कर दिखाया, असल में जमीनी हकीकत पर फेल

अनिल लाम्बा
भूमि-अधिग्रहण नीति में अनेक खामियों के चलते हरियाणा में हुड्डा सरकार के हुए छ: साल पूरे
करनाल (अनिल लाम्बा) : मुख्यमंत्री हुड्डा अपने ही मुंह मियाँ-मिट्ठू बन कर प्रदेश की जनता को बरगलाते हुए छ: साल पूरे करने में कामयाब तो हुए हैं लेकिन असल में जमीनी हकीकत पर फेल हो कर रह गए हैं | आपको बता दें क़ि दो हज़ार पांच के चुनावों में जब कांग्रेस को अपार सफलता मिली थी तब प्रदेश में हुड्डा के नेतृतव में चुनाव नहीं लड़ा गया था | हुड्डा को प्रदेश क़ी बागडौर कांग्रेस क़ी चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने सौंपी थी ना क़ि हरियाणा क़ि जनता ने, हुड्डा के प्रदेश क़ी बागडौर संभालते ही सबसे पहले गुडगाँव में श्रमिक प्रकरण हुआ उसके बाद गोहाना जैसी घटनाओं ने हुड्डा सरकार के जहां पसीने छुडा दिए वहीं हरियाणा में मजबूत विपक्ष के ना होते हुड्डा सरकार ने चैन क़ी सांस तो ली किन्तु अपनी ही सरकार में अपने ही विरोधियों से हुड्डा खासे परेशान भी रहे | इसी बीच हुड्डा सरकार ने एक बारगी नहीं बल्कि बार-बार नंबर वन हरियाणा, भय मुक्त हरियाणा,भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा का राग अलापा किन्तु हरियाणा के धरातल पर ये फेल हो कर रह गया, इस पर भी हुड्डा ने संज्ञान नहीं लिया अपितु के मार्फ़त विज्ञापन दे एक झूठ को सच में बदलने का भरपूर प्रयास भी किया और साथ ही सरकारी खजाने को चपत भी लगती रही | इतने पर भी हुड्डा ने सच को जानने तक का प्रयास ना कर उस कहावत को भी चरितार्थ कर दिया क़ि अँधेरी रात में सूरज का दिखाना | मुख्यमंत्री हुड्डा द्वारा जो अंधरी रात में हरियाणा क़ि जनता को सूरज दिखाया गया था वो सूरज स्वयं मुख्यमंत्री को दो हज़ार नौ के चुनावों में नज़र आ गया | हरियाणा क़ी जनता ने हुड्डा सरकार को मात्र चालीस सीटों पर ही निपटा दिया और हरियाणा क़ी जनता ने विपक्ष के हाथ मजबूत कर हुड्डा सरकार क़ी परेशानियों को और भी बढ़ा दिया | इसके बाद हुड्डा सरकार ने बैसाखियों का सहारा ले कर अपनी सरकार खड़ी तो कर ली किन्तु मिर्चपुर काण्ड व हिसार काण्ड ने हुड्डा सरकार को अन्दर तक से हिला कर रख दिया | बैसाखियों के सहारे खड़ी क़ी गई हुड्डा सरकार को जहाँ विपक्ष ने आड़े हाथों लिया वहीं इनके अपनों ने भी इनकी टांग खिंचाई शुरू कर दी | अभी ये मामले ठन्डे भी ना हुए थे क़ि एक निजी चैनल ने हुड्डा सरकार पर भूमि-अधिग्रहण में भ्रष्टाचार का मामला उजागर कर दिया और देखते ही देखते समूचे विपक्ष सहित इनके अपनों ने भी इस प्रकरण पर हुड्डा सरकार क़ी जमकर खिंचाई क़ी | इस पर हुड्डा इतना बौखला गए क़ि उन्होंने सीधा- सीधा अपनों को चेतावनी दे डाली क़ि मेरी कुर्सी क़ी तरफ न देखो ये मुझे सोनिया गांधी के आशीर्वाद से मिली है और जब तक सोनिया गांधी का आशीर्वाद है तब तक मैं ही मुख्यमंत्री रहूंगा | लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है क़ि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अब यह बोल रहे हैं क़ि उन्हें तो जनता ने मुख्यमंत्री बनाया है | यह बात हुड्डा भी जानते हैं क़ि विधानसभा चुनावों में सतासठ सीटें लेने वाली कांग्रेस इस बार चालीस के आंकड़े पर फिसल गई | सरकार बनाने के लिए सात निर्दलीय विधायकों को साथ लेना पड़ा और उन्हें मंत्री बना कर उनके मुताबिक़ के मंत्रालय भी देने पड़े | कहीं सात विधायक कांग्रेस के लिए मुसीबत बीच में ही खड़ी न कर दें इसलिए पिछले दरवाजे से हजकां में सेंध लगाकर हजकां के पांच विधायकों को रातों-रात विधानसभा अध्यक्ष क़ी मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल करवा दिया गया | क्योंकि हुड्डा जानते थे क़ि निर्दलीय विधायक कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे | इसलिए इनके ऊपर पांच हजकां के विधायक लाद कर क्यों न इनका राजनीतिक वजन कम कर दिया जाए | भले ही विपक्ष के प्रहार से घबराकर हुड्डा यह बात क्यों न कह रहे हों क़ि उन्हें तो जनता ने मुख्यमंत्री बनाया है | यह बात राजनीतिक गलियारों में बेशक कही हुई अच्छी लगती हो मगर विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत ना दिया जाना यह साबित कर रहा है क़ी प्रदेश क़ि जनता कांग्रेस को नकार रही है | क्योंकि चालीस में से दस सीटें तो ऐसी थी जहां जीत का अंतर ही काफी कम था | यानी जनता का मूड कांग्रेस क़ी सरकार को लाना नहीं था | मगर हुड्डा शातिरयाना हिसाब से सरकार बना गए | यह बात हुड्डा भले ही ना कहें लेकिन प्रदेश क़ी जनता तो यही कह रही है | अब तो बिरेंदर सिंह डूमरखां राष्ट्रीय कांग्रेस में जबरदस्त वजूद दिखाते हुए राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव बन गए हैं | यही नहीं सोनिया गाँधी ने उन्हें त्वजों देते हुए तीन राज्यों का प्रभारी तक बना दिया है | मतलब साफ़ है क़ि हुड्डा जल्दी से भाव ना खा जाएं इसलिए हाईकमान ने उन्हें संकेत देते हुए उनके राजनीतिक धुरविरौधी बिरेन्द्र सिंह को राष्ट्रीय कांग्रेस में अहम् पद दे कर हुड्डा को चेतावनी भी दी गयी है | बहरहाल तौ केंद्र क़ी यू. पी. ऐ. सरकार को द्रमुक द्वारा अलग हो जाने के बाद उन पर ही खतरे के बादल मंडराते दिखाई दे रहे हैं | यदि केंद्र में कांग्रेस हिली तो हरियाणा में कांग्रेस को उड़ते हुए भी देर नहीं लगेगी |
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अनिल लाम्बा
मीडिया
कालांवाली में चली गोली, आधा दर्जन घायल

कालांवाली, 6 मार्च।(बिल्लू यादव ) गांव देसू मलकाना रोड स्थित एक ट्रांसपोर्ट पर आज सुबह करीब 6 बजे कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरोंं द्वारा की गई गोलीबारी में ट्रांसपोर्ट संचालक के भाई बालकृष्ण व उसका भतीजा योगेश तथा चालक घायल हो गए। उधर हमलावर भी चोट लगने से घायल हुए हैं जो पंजाब के आईआरबी (इंडियन रिजर्व बटालियन) के बताए जा रहे हैं। घायलों को पहले कालांवाली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया व बाद में सिरसा के लिए रैफर कर दिया। हमलावरों में से दो लोगों को मौके पर काबू कर लिया। पुलिस को मौके पर चले हुए 6 कारतूस के खोल मिले है जो पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। आरकेआरटी ट्रांसपोर्ट के संचालक संजीव कुमार निवासी पुरानी मंडी ने बताया कि उक्त हमलावर पंजाब पुलिस के कर्मचारी है। संजीव ने बताया कि उक्त हमलावर लोग उनके गोदाम से गाड़ी लूटने के प्रयास से आए थे। जब उनका विरोध किया तो हमलावरों ने गोलियां चलाई जिससे उसका भाई बालकृष्ण उर्फ वाली, भतीजा योगेश पुत्र पवन कुमार व चालक पाल सिंह घायल हो गए। बालकृष्ण के कंधे व टांग पर गोली के छर्रे लगे हैं। योगेश क ी छाती पर व चालक के सिर में छर्रे लगे हैं। जबकि ट्रांसपोर्ट संचालकों द्वारा काबू किए गए आरोपी बलजीत सिंह व अमनदीप सिंह भी पिटाई से घायल हुए हैं जिनका सिरसा के सामान्य अस्पताल में उपचार चल रहा है। उधर इंडियन रिजर्व बटालियन के एएसआई बलजीत सिंह,कांस्टेवल अमनदीप सिंह,जगवंत सिंह व गुरमीत सिंह ने कहा कि वे बठिण्डा जिला की मोबाइल विंग आईआरबी में रात को टैक्स चोरी करने वाली गाडिय़ों को पकडऩे के लिए हरियाणा सीमा पर गांव कनकवाल के पास पंजाब नाके पर खड़े थे। अमनदीप ने बताया कि जैसे ही एक टाटा 407 गाड़ी जो कि माल से लोड थी, को रोकने का इशारा किया तो चालक ने गाड़ी भगा दी। वे उस गाड़ी का पीछा करते हुए कालंावाली गोदाम तक आए। यहां पर उन पर हमला कर दिया। बचाव में उनके साथियों ने फायर किए। इन लोगोंं ने हमें बहुत पीटा है। आरोप है कि उनकी पिस्टल भी छीन ली गई है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से इंडियन रिजर्व बटालियन पुलिस को टैक्स विभाग के साथ टैक्स चोरी रोकने के लिए तैनात किया हुआ है और उक्त पुलिस टैक्स चोरी करने वाले लोगों की गाडिय़ों व माल को पकड़कर जुर्माना सहित फीस भरवाने का काम करती है।
अस्पताल में की नारेबाजीसिरसा के सामान्य अस्पताल में घायल बालकृष्ण व अन्य के साथ आए कालांवाली के लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि हमलावरों में कई लोग शामिल है जिन्हें पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। लोगों ने कहा कि पुलिस कुछ आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।
शनिवार, 5 मार्च 2011
ਫੁਹਾਰਿਆਂ ਲਈ ਲੱਖ ਤੇ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਕੱਖ
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| ਚਰਨਜੀਤ ਭੁੱਲਰ |
ਬਠਿੰਡਾ, 4 ਮਾਰਚਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਬਠਿੰਡਾ ਵਿੱਚ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਖਜ਼ਾਨਾ ਖਾਲੀ ਹੈ ਅਤੇ ਗਰੀਬ ਮਰੀਜ਼ ਮਾਲੀ ਮੱਦਦ ਉਡੀਕ ਰਹੇ ਹਨ ਪਰ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕਰੋੜਾਂ ਰੁਪਏ ਫੁਹਾਰਿਆਂ ’ਤੇ ਖਰਚੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਸਰਕਾਰੀ ਮੱਦਦ ਦੀ ਉਡੀਕ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕਰੀਬ ਡੇਢ ਸੌ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ ਤਾਂ ਇਸ ਦੁਨੀਆਂ ਨੂੰ ਅਲਵਿਦਾ ਆਖ ਗਏ। ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੀ ਪੁਕਾਰ ਨੂੰ ਕਦੇ ਸੁਣਿਆ ਹੀ ਨਹੀਂ ਗਿਆ। ਸੂਚਨਾ ਦੇ ਅਧਿਕਾਰ ਕਾਨੂੰਨ ਤਹਿਤ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਬਠਿੰਡਾ ਵੱਲੋਂ ਮਿਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਪਹਿਲੀ ਅਪਰੈਲ 2008 ਤੋਂ 28 ਜਨਵਰੀ 2011 ਤੱਕ 501 ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੇ ਮਾਲੀ ਮੱਦਦ ਵਾਸਤੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਤੱਕ ਪਹੁੰਚ ਕੀਤੀ ਸੀ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ 2,11,83,891 ਰੁਪਏ ਦੀ ਲੋੜ ਸੀ। ਇਸ ਸਮੇਂ ਦੌਰਾਨ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਵੱਲੋਂ ਕੈਂਸਰ ਪੀੜਤ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ 23.67 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਰਾਸ਼ੀ ਹੀ ਜਾਰੀ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਇਸ ਸਮੇਂ ਦੌਰਾਨ ਪਹਿਲਾ ਮਾਰਚ 2008 ’ਚ 25 ਲੱਖ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਭੇਜੇ ਸਨ। ਉਸ ਮਗਰੋਂ ਕਰੀਬ 29 ਮਹੀਨੇ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕੋਈ ਪੈਸਾ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਨਹੀਂ ਭੇਜਿਆ। ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਦਫਤਰ ’ਚ ਗੇੜੇ ਵੱਧਣ ਤੋਂ ਮਗਰੋਂ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਅਗਸਤ 2010 ਵਿੱਚ ਛੇ ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਹੋਰ ਭੇਜ ਦਿੱਤੇ ਸਨ। ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਫਿਰ ਛੇ ਮਹੀਨੇ ਚੁੱਪ ਵੱਟ ਲਈ। ਹੁਣ ਫਰਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ 30 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਹੋਰ ਭੇਜੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਦੋ ਹਫਤਿਆਂ ਤੋਂ ਹਾਲੇ ਤੱਕ ਵੰਡੇ ਨਹੀਂ ਗਏ ਹਨ।
ਵੇਰਵਿਆਂ ਅਨੁਸਾਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਰ੍ਹਿਆਂ ਦੌਰਾਨ ਡੇਢ ਸੌ ਦੇ ਕਰੀਬ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰੀ ਰਾਸ਼ੀ ਨਸੀਬ ਹੀ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕੀ। ਹੁਣ ਤਾਂ ਕੈਂਸਰ ਪੀੜਤਾਂ ਲਈ ਆਈ ਰਾਸ਼ੀ ਦਾ ਵੀ ਸਿਆਸੀ ਮੁੱਲ ਵੱਟਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਜ਼ੁਬਾਨੀ ਹੁਕਮ ਹਨ ਕਿ ਕੈਂਸਰ ਪੀੜਤਾਂ ਨੂੰ ਚੈਕ ਕੇਵਲ ਸੰਸਦ ਮੈਂਬਰ ਬੀਬੀ ਹਰਸਿਮਰਤ ਕੌਰ ਬਾਦਲ ਦੇ ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਵੰਡੇ ਜਾਣੇ ਹਨ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਪਿਛਲੇ ਇੱਕ ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਇੱਕ ਦਰਜ਼ਨ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਚੈੱਕ ਵੰਡੇ ਗਏ, ਉਨ੍ਹਾਂ ’ਚੋਂ ਦੋ ਵਿਅਕਤੀ ਤਾਂ ਰੱਬ ਨੂੰ ਵੀ ਪਿਆਰੇ ਹੋ ਗਏ ਹਨ। ਬੀਬੀ ਬਾਦਲ ਹੁਣ ਬਜਟ ਸੈਸ਼ਨ ’ਚ ਰੁਝੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ ਹੁਣ ਸੰਸਦ ਮੈਂਬਰ ਦਾ ਅਗਲਾ ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨ ਉਡੀਕ ਰਹੇ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਾਲੀ ਮੱਦਦ ਦਾ ਚੈਕ ਮਿਲ ਸਕੇ।
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੇ ਤਾਂ ਹੁਣ ਜ਼ੁਬਾਨੀ ਹੁਕਮ ਕਰਕੇ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੀਆਂ ਸੂਚੀਆਂ ਵੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕਿਆਂ ਅਨੁਸਾਰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਆਖ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਅਜਿਹਾ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਸੀ। ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਬਠਿੰਡਾ ’ਚ ਇਸ ਵੇਲੇ ਕਰੀਬ ਦੋ ਹਜ਼ਾਰ ਕੈਂਸਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ’ਚੋਂ ਬਹੁਤੇ ਤਾਂ ਬੀਕਾਨੇਰ ਤੋਂ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਉਣ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕਿਉਂਕਿ ਉਥੇ ਇਲਾਜ ਸਸਤਾ ਹੈ। ਸਿਵਲ ਸਰਜਨ ਬਠਿੰਡਾ ਡਾ.ਆਈ.ਡੀ.ਗੋਇਲ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਕੋਲ ਜੋ ਮਾਲੀ ਮੱਦਦ ਲਈ ਪਹੁੰਚ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਕੈਂਸਰ ਤੋਂ ਪੀੜਤ ਹੋਣ ਦੀ ਤਸਦੀਕ ਸਿਹਤ ਮਹਿਕਮਾ ਕਰਦਾ ਹੈ।
ਸਰਕਾਰ ਕੋਲ ਇਕ ਪਾਸੇ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਤਾਂ ਫੰਡ ਨਹੀਂ ਪਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਬਠਿੰਡਾ ਦੀਆਂ ਥਰਮਲ ਝੀਲਾਂ ’ਤੇ 75 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਸੰਗੀਤਮਈ ਫੁਹਾਰਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। 30 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਕਿਸ਼ਤੀਆਂ ਖਰੀਦਣ ’ਤੇ ਖਰਚ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਮਾਡਲ ਟਾਊਨ ਫੇਜ਼ ਇੱਕ ਦੇ ਵੱਡੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਇਕੱਲਾ ਕਮਿਊਨਿਟੀ ਸੈਂਟਰ ਹੀ ਨਹੀਂ ਬਣਾਇਆ ਬਲਕਿ 50 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਇੱਕ ਤੈਰਾਕੀ ਪੂਲ ਵੀ ਬਣਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਭੁੱਚੋ ਮੰਡੀ ’ਚ ਵੀ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਇੱਕ ਤੈਰਾਕੀ ਪੂਲ ਬਣਾਇਆ ਜਾਣਾ ਹੈ। ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਮਾਡਲ ਟਾਊਨ ਦੇ ਫੇਜ਼ ਤਿੰਨ ’ਚ ਇੱਕ ਛੋਟਾ ਰੰਗੀਨ ਫੁਹਾਰਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾਣਾ ਹੈ ਜਿਸ ’ਤੇ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਆਉਣੇ ਹਨ। ਬਠਿੰਡਾ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਅੱਧੀ ਦਰਜ਼ਨ ਚੌਕਾਂ ’ਚ ਰੰਗੀਨ ਫੁਹਾਰੇ ਲਗਾਏ ਜਾਣੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਵੀਂ ਬਣ ਰਹੀ ਰਿੰਗ ਰੋਡ ਫੇਜ਼ ਦੋ ਦੇ ਹਰ ਚੌਕ ’ਚ ਵੀ ਰੰਗੀਨ ਫੁਹਾਰੇ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਯੋਜਨਾ ਹੈ। ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸੁਨਹਿਰੀ ਬੋਰਡਾਂ ’ਤੇ ਵੀ ਕਰੀਬ 94 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਕਰ ਦਿਤਾ ਹੈ। ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਅਣਗੌਲਿਆ ਕਰਨ ਸਬੰਧੀ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਅਤੇ ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ.ਬਠਿੰਡਾ ਨਾਲ ਕਈ ਵਾਰ ਸੰਪਰਕ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਫੋਨ ਨਾ ਅਟੈਂਡ ਕੀਤਾ।
ਵੇਰਵਿਆਂ ਅਨੁਸਾਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਰ੍ਹਿਆਂ ਦੌਰਾਨ ਡੇਢ ਸੌ ਦੇ ਕਰੀਬ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੀ ਮੌਤ ਹੋ ਗਈ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰੀ ਰਾਸ਼ੀ ਨਸੀਬ ਹੀ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕੀ। ਹੁਣ ਤਾਂ ਕੈਂਸਰ ਪੀੜਤਾਂ ਲਈ ਆਈ ਰਾਸ਼ੀ ਦਾ ਵੀ ਸਿਆਸੀ ਮੁੱਲ ਵੱਟਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ। ਜ਼ੁਬਾਨੀ ਹੁਕਮ ਹਨ ਕਿ ਕੈਂਸਰ ਪੀੜਤਾਂ ਨੂੰ ਚੈਕ ਕੇਵਲ ਸੰਸਦ ਮੈਂਬਰ ਬੀਬੀ ਹਰਸਿਮਰਤ ਕੌਰ ਬਾਦਲ ਦੇ ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਵੰਡੇ ਜਾਣੇ ਹਨ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਪਿਛਲੇ ਇੱਕ ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨ ਵਿੱਚ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਇੱਕ ਦਰਜ਼ਨ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਚੈੱਕ ਵੰਡੇ ਗਏ, ਉਨ੍ਹਾਂ ’ਚੋਂ ਦੋ ਵਿਅਕਤੀ ਤਾਂ ਰੱਬ ਨੂੰ ਵੀ ਪਿਆਰੇ ਹੋ ਗਏ ਹਨ। ਬੀਬੀ ਬਾਦਲ ਹੁਣ ਬਜਟ ਸੈਸ਼ਨ ’ਚ ਰੁਝੇ ਹੋਏ ਹਨ। ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ ਹੁਣ ਸੰਸਦ ਮੈਂਬਰ ਦਾ ਅਗਲਾ ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨ ਉਡੀਕ ਰਹੇ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਾਲੀ ਮੱਦਦ ਦਾ ਚੈਕ ਮਿਲ ਸਕੇ।
ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਸ਼ਾਸਨ ਨੇ ਤਾਂ ਹੁਣ ਜ਼ੁਬਾਨੀ ਹੁਕਮ ਕਰਕੇ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੀਆਂ ਸੂਚੀਆਂ ਵੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕਿਆਂ ਅਨੁਸਾਰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਆਖ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਜਦੋਂ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਅਜਿਹਾ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਸੀ। ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਬਠਿੰਡਾ ’ਚ ਇਸ ਵੇਲੇ ਕਰੀਬ ਦੋ ਹਜ਼ਾਰ ਕੈਂਸਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ’ਚੋਂ ਬਹੁਤੇ ਤਾਂ ਬੀਕਾਨੇਰ ਤੋਂ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਉਣ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕਿਉਂਕਿ ਉਥੇ ਇਲਾਜ ਸਸਤਾ ਹੈ। ਸਿਵਲ ਸਰਜਨ ਬਠਿੰਡਾ ਡਾ.ਆਈ.ਡੀ.ਗੋਇਲ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਕਿ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਕੋਲ ਜੋ ਮਾਲੀ ਮੱਦਦ ਲਈ ਪਹੁੰਚ ਕਰਦੇ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਦੇ ਕੈਂਸਰ ਤੋਂ ਪੀੜਤ ਹੋਣ ਦੀ ਤਸਦੀਕ ਸਿਹਤ ਮਹਿਕਮਾ ਕਰਦਾ ਹੈ।
ਸਰਕਾਰ ਕੋਲ ਇਕ ਪਾਸੇ ਕੈਂਸਰ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਤਾਂ ਫੰਡ ਨਹੀਂ ਪਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਬਠਿੰਡਾ ਦੀਆਂ ਥਰਮਲ ਝੀਲਾਂ ’ਤੇ 75 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਸੰਗੀਤਮਈ ਫੁਹਾਰਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। 30 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਕਿਸ਼ਤੀਆਂ ਖਰੀਦਣ ’ਤੇ ਖਰਚ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਮਾਡਲ ਟਾਊਨ ਫੇਜ਼ ਇੱਕ ਦੇ ਵੱਡੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਹੂਲਤ ਲਈ ਇਕੱਲਾ ਕਮਿਊਨਿਟੀ ਸੈਂਟਰ ਹੀ ਨਹੀਂ ਬਣਾਇਆ ਬਲਕਿ 50 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਇੱਕ ਤੈਰਾਕੀ ਪੂਲ ਵੀ ਬਣਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਭੁੱਚੋ ਮੰਡੀ ’ਚ ਵੀ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਇੱਕ ਤੈਰਾਕੀ ਪੂਲ ਬਣਾਇਆ ਜਾਣਾ ਹੈ। ਬਠਿੰਡਾ ਦੇ ਮਾਡਲ ਟਾਊਨ ਦੇ ਫੇਜ਼ ਤਿੰਨ ’ਚ ਇੱਕ ਛੋਟਾ ਰੰਗੀਨ ਫੁਹਾਰਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾਣਾ ਹੈ ਜਿਸ ’ਤੇ 10 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਆਉਣੇ ਹਨ। ਬਠਿੰਡਾ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਅੱਧੀ ਦਰਜ਼ਨ ਚੌਕਾਂ ’ਚ ਰੰਗੀਨ ਫੁਹਾਰੇ ਲਗਾਏ ਜਾਣੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਵੀਂ ਬਣ ਰਹੀ ਰਿੰਗ ਰੋਡ ਫੇਜ਼ ਦੋ ਦੇ ਹਰ ਚੌਕ ’ਚ ਵੀ ਰੰਗੀਨ ਫੁਹਾਰੇ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਯੋਜਨਾ ਹੈ। ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸੁਨਹਿਰੀ ਬੋਰਡਾਂ ’ਤੇ ਵੀ ਕਰੀਬ 94 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਖਰਚ ਕਰ ਦਿਤਾ ਹੈ। ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਅਣਗੌਲਿਆ ਕਰਨ ਸਬੰਧੀ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਅਤੇ ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ.ਬਠਿੰਡਾ ਨਾਲ ਕਈ ਵਾਰ ਸੰਪਰਕ ਕਰਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਪਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਫੋਨ ਨਾ ਅਟੈਂਡ ਕੀਤਾ।
ਤੁਸੀਂ ਤਾਂ ਮੁਆਫ ਕਰੋ...।
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| ਚਰਨਜੀਤ ਭੁੱਲਰ |

ਬਠਿੰਡਾ : 'ਮਲਾਈ' ਔਰਬਿਟ ਛੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਪੀ.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ ਪੱਲੇ ਪੈ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਮੁਫਤਖੋਰ। ਅਫਸਰ ਔਰਬਿਟ ਮੂਹਰੇ ਤਾਂ ਅੜ ਨਹੀਂ ਸਕਦੇ। ਫਿਰ ਸਾਰਾ ਗੁੱਸਾ ਫਿਰ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ 'ਤੇ ਲਾਹੁੰਦੇ ਹਨ। ਮੁਫਤਖੋਰ ਵੀ ਏਨੇ ਢੀਠ ਹਨ ਕਿ ਨਿੱਤ ਬੇਇੱਜਤੀ ਤਾਂ ਕਰਾ ਲੈਂਦੇ ਹਨ ਪੰ੍ਰਤੂ ਮੁਫਤੋਂ ਮੁਫਤੀ ਦੇ ਝੂਟੇ ਲੈਣੋ ਫਿਰ ਨਹੀਂ ਹਟਦੇ। ਅੱਗੇ ਔਰਬਿਟ, ਪਿਛੇ ਪੀ.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ ਤੇ ਉਸ ਦੇ ਪਿੱਛੇ ਉਡਣ ਦਸਤੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜੋ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ ਨੂੰ ਫੜਦੇ ਹਨ। ਔਰਬਿਟ ਵਾਲਿਆਂ ਨੇ ਤਾਂ ਸਰਕਾਰੀ ਗੱਡੀ ਲੀਹੋਂ ਲਾਹੀ ਹੀ, ਉਪਰੋਂ ਮੁਫਤਖੋਰ ਵੀ ਸ਼ਰਮ ਨਹੀਂ ਮੰਨਦੇ। ਔਰਬਿਟ ਦੀ ਗੱਲ ਫਿਰ ਕਰਾਂਗੇ, ਇੱਥੇ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ ਦੀ ਢੀਠਤਾਈ ਦੇਖਦੇ ਹਾਂ। ਕੋਈ ਦਿਨ ਸੁੱਕਾ ਨਹੀਂ ਲੰਘਦਾ ਜਦੋਂ ਮੁਫ਼ਤਖ਼ੋਰ ਅੜਿੱਕੇ ਨਾ ਆਏ ਹੋਣ। ਪੀ.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ ਨੇ ਲੰਘੇ ਦੋ ਵਰ੍ਹਿਆਂ 'ਚ 10374 ਮੁਫ਼ਤਖ਼ੋਰ ਫੜੇ ਹਨ। ਇਕੱਲੇ ਫੜੇ ਨਹੀਂ ਗਏ ਬਲਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ ਨੂੰ ਦਸ ਗੁਣਾ ਜੁਰਮਾਨਾ ਤਾਰ ਕੇ ਛੁੱਟਣਾ ਪਿਆ। ਇਨ੍ਹਾਂ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ ਤੋਂ ਪੀ.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ 9,11,282 ਰੁਪਏ ਦੀ ਕਮਾਈ ਵੀ ਹੋਈ ਹੈ। ਮੁਫ਼ਤਖ਼ੋਰ ਜੋ ਰੋਡਵੇਜ਼ ਨੂੰ ਲੱਖਾਂ ਦਾ ਚੂਨਾ ਲਗਾਉਂਦੇ ਹਨ,ਉਹ ਵੱਖਰੀ ਗੱਲ ਹੈ। ਮਾਲੀ ਸਾਲ 2008-09 'ਚ ਪੀ.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ ਨੇ 4717 ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਟਿਕਟ ਤੋਂ ਸਫ਼ਰ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਯਾਤਰੀ ਫੜੇ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ 3,75,294 ਰੁਪਏ ਜੁਰਮਾਨਾ ਵਸੂਲ ਕੀਤਾ। ਸਾਲ 2009-10 ਦੌਰਾਨ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਟਿਕਟ ਵਾਲੇ 4886 ਯਾਤਰੀ ਫੜੇ ਗਏ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ 4,56,358 ਰੁਪਏ ਜੁਰਮਾਨਾ ਲਿਆ ਗਿਆ। ਚਾਲੂ ਮਾਲੀ ਸਾਲ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੜਾਅ 'ਚ 771 ਯਾਤਰੀ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਟਿਕਟ ਵਾਲੇ ਫੜੇ ਗਏ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 79630 ਜੁਰਮਾਨਾ ਤਾਰਨਾ ਪਿਆ। ਮਾਲਵਾ ਪੱਟੀ ਚੋਂ ਸੰਗਰੂਰ ਡਿਪੂ ਪਹਿਲੇ ਨੰਬਰ 'ਤੇ ਹੈ ਜਿਸ ਵਲੋਂ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਲੰਘੇ ਦੋ ਸਾਲਾਂ 'ਚ 1834 ਮੁਫ਼ਤਖ਼ੋਰ ਫੜੇ ਗਏ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ 80569 ਰੁਪਏ ਦੀ ਜੁਰਮਾਨਾ ਲਿਆ ਗਿਆ।ਪੀ.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ ਦੇ ਡਿਪੂ ਵਾਈਜ ਇਸ ਮਾਮਲੇ 'ਚ ਸਥਿਤੀ ਦੇਖੀਏ ਤਾਂ ਬਰਨਾਲਾ ਡਿਪੂ ਵਲੋਂ ਦੋ ਸਾਲਾਂ 'ਚ 867 ਮੁਫ਼ਤਖ਼ੋਰ ਫੜੇ ਗਏ ਜਦੋਂ ਕਿ ਫਰੀਦਕੋਟ ਡਿਪੂ ਵਲੋਂ 482 ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ ਨੂੰ ਫੜਿਆ ਗਿਆ। ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬੁਢਲਾਡਾ ਡਿਪੂ ਵਲੋਂ 721 ਯਾਤਰੀ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਟਿਕਟ ਤੋਂ ਸਫ਼ਰ ਕਰਦੇ ਫੜੇ ਗਏ ਹਨ ਅਤੇ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਪੈਸ਼ਲ ਸੈਲ ਵਲੋਂ ਵੀ 571 ਯਾਤਰੀ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਟਿਕਟ ਤੋਂ ਸਫ਼ਰ ਕਰਦੇ ਫੜੇ ਗਏ ਹਨ। ਪੀ.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ ਦੇ ਬਠਿੰਡਾ ਡਿਪੂ ਦੇ ਜਨਰਲ ਮੈਨੇਜਰ ਸ੍ਰੀ ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ ਤੋਂ ਦਸ ਗੁਣਾ ਜੁਰਮਾਨਾ ਵਸੂਲ ਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਬਕਾਇਦਾ ਰਸੀਦ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ 'ਚ ਪੁਲੀਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮ ਵੀ ਕਾਫ਼ੀ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਜਦੋਂ ਸਰਕਾਰੀ ਵਾਊਚਰ ਖਤਮ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਉਹ ਮੁਫ਼ਤ ਦਾ ਸਫ਼ਰ ਕਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਡੇਲੀ ਪੈਸੰਜਰ ਮੁਫ਼ਤ ਦੇ ਸਫ਼ਰ ਵਾਲਿਆਂ 'ਚ ਜਿਆਦਾ ਹਨ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪਿਛਲੇ ਮਹੀਨਿਆਂ 'ਚ ਉੱਡਣ ਦਸਤੇ ਵਲੋਂ ਇੱਕ ਪੁਲੀਸ ਇੰਸਪੈਕਟਰ ਵੀ ਮੁਫ਼ਤ 'ਚ ਸਫ਼ਰ ਕਰਦਾ ਫੜਿਆ ਜੋ ਕਿ ਸਿਵਲ ਕੱਪੜਿਆਂ 'ਚ ਸੀ। ਉਸ ਤੋਂ ਦਸ ਗੁਣਾ ਕਿਰਾਇਆ ਵਸੂਲ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮੁਫ਼ਤਖ਼ੋਰ ਵੀ ਪੀ.ਆਰ.ਟੀ.ਸੀ ਨੂੰ ਸੱਟ ਮਾਰ ਰਹੇ ਹਨ।
ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ 'ਚ ਔਰਤਾਂ ਤੇ ਹੋਮ ਗਾਰਡ ਜਵਾਨ ਵੀ।
ਮੁਫ਼ਤ ਮੁਫ਼ਤ ਦੇ ਝੂਟੇ ਲੈਣ ਵਾਲਿਆਂ 'ਚ ਔਰਤਾਂ ਵੀ ਸ਼ਾਮਲ ਹਨ। ਉੱਡਣ ਦਸਤਿਆਂ ਦੇ ਮੈਂਬਰਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਔਰਤਾਂ ਵਲੋਂ ਫੜੇ ਜਾਣ 'ਤੇ ਇਹੋ ਬਹਾਨਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਕੰਡਕਟਰ ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਕੋਲ ਆਇਆ ਹੀ ਨਹੀਂ। ਮੁਫ਼ਤਖ਼ੋਰੀ 'ਚ ਹੋਮ ਗਾਰਡ ਦੇ ਜਵਾਨ ਵੀ ਜਿਆਦਾ ਸਫ਼ਰ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਪੁਲੀਸ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਵਾਊਚਰ ਵਰਤ ਲੈਂਦੇ ਹਨ ਪ੍ਰੰਤੂ ਇਸ ਮਾਮਲੇ 'ਚ ਉਹ ਅਕਸਰ ਫਸ ਜਾਂਦੇ ਹਨ। ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ 'ਚ ਬੱਸਾਂ ਦੇ ਹਾਕਾਂ ਮਾਰਨ ਵਾਲੇ 'ਹਾਕਰ' ਵੀ ਹਨ। ਉੱਡਣ ਦਸਤੇ ਦੇ ਇੱਕ ਮੈਂਬਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕਈ ਪੁਲੀਸ ਵਾਲੇ ਤਾਂ ਆਪਣੇ ਰਿਸ਼ਤੇਦਾਰਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਮੁਫ਼ਤ ਸਫ਼ਰ ਵਾਲਾ 'ਵਾਊਚਰ' ਦੇ ਦਿੱਤੇ ਹਨ ਅਤੇ ਅਜਿਹੇ ਕਈ ਕੇਸ ਅੜਿੱਕੇ ਆਏ ਹਨ।
ਬਠਿੰਡਾ ਮਲੋਟ ਰੂਟ 'ਤੇ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ ਦੀ ਸਰਦਾਰੀ।
ਮਾਲਵੇ ਚੋਂ ਬਠਿੰਡਾ ਮਲੋਟ ਰੂਟ ਬਦਨਾਮੀ ਖੁਣੋਂ ਪਹਿਲੇ ਨੰਬਰ 'ਤੇ ਹੈ। ਕੇਂਦਰੀ ਉੱਡਣ ਦਸਤੇ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਇਸੇ ਰੂਟ 'ਤੇ ਅੱਖ ਰੱਖਦੇ ਹਨ। ਵੀ.ਆਈ.ਪੀ ਇਲਾਕਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਹਰ ਕੋਈ ਮੁਫਤੋਂ ਮੁਫ਼ਤੀ ਦੇ ਝੂਟੇ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦਾ ਹੈ। ਉੱਡਣ ਦਸਤਿਆਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇੱਕੋ ਇੱਕ ਮਲੋਟ ਬਠਿੰਡਾ ਰੂਟ ਹੈ ਜਿਥੇ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ ਦੀ ਸਰਦਾਰੀ ਹੈ। ਬਹੁਤੇ ਮੁਫ਼ਤਖ਼ੋਰ ਫੜੇ ਜਾਣ 'ਤੇ ਸਿਆਸੀ ਲੀਡਰਾਂ ਨੇ ਝੱਟ ਗੱਲ ਕਰਾ ਦਿੰਦੇ ਹਨ। ਸੂਤਰਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸੇ ਰੂਟ 'ਤੇ ਜਿਆਦਾ ਛਾਪੇਮਾਰੀ ਵੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ। ਕਈ ਦਫ਼ਾ ਸਿਆਸੀ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਿਫਾਰਸ਼ ਮੁਫਤਖੋਰਾਂ ਦਾ ਖਹਿੜਾ ਵੀ ਛੁਡਵਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ।
शुक्रवार, 4 मार्च 2011
हौज चिल्लड़ कांड को लेकर सिखों द्वारा रोष प्रदर्शन
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हत्यारोपी के परिवार का हुक्का-पानी बंद
गांव की महापंचायत में लिया गया फैसला
डबवाली-क्षेत्र के गांव सावंतखेड़ा में 11 फरवरी को वृद्धा गुरदेव कौर की हत्या के आरोपी भोला उर्फ निक्कू के परिवारजनों का गांव की पंचायत ने हुक्का-पानी बंद कर दिया है। यह फैसला बीती शाम गांव में हुई महापंचायत में सर्वसम्मति से लिया गया जिसकी अध्यक्षता गांव के सरपंच रणजीत सिंह ने की। बीती शाम गांव में महापंचायत बुलाई गई थी जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। देर शाम तक चली पंचायत में उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि गुरदेव कौर के हत्यारोपी भोला के परिवार के सदस्यों से कोई भी लेन-देन नहीं रखेगा। न कोई उनके घर जाएगा और कोई भी ग्रामीण उन्हें मजदूरी या काम पर नहीं रखेगा। यहां तक की गांव की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं पर रोक लगा दी है। इसके अलावा पंचायत में गांव में मोबाइल फोन पर फिल्मी गाने बजाने वाले युवकों पर भी लगाम लगाने का निर्णय हुआ। ग्रामीणों के कहा कि कुछ युवक अपने मोबाइल पर ऊंची आवाज में फिल्मी गाने बजाते हुए गलियों में घूमते हैं जिससे गांव का माहौल बिगड़ रहा है। ऐसे युवकों पर अंकुश लगाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 70 वर्षीय गुरदेव कौर का शव 11 फरवरी को गांव के पास खेत में पड़ा मिला था जिसके हाथ-पांव उसी के कपड़ों से बंधे हुए थे। आशंका यह भी जताई जा रही है कि वृद्धा की रेप के बाद हत्या की गई थी। पुलिस जांच में गुरदेव के पास काम करने वाले भोला पर हत्या का शक हुआ था। बाद में पुलिस ने भोला को गिरफ्तार करके पूछताछकी तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली थी और अब आरोपी जिला जेल में बंद है।
डबवाली-क्षेत्र के गांव सावंतखेड़ा में 11 फरवरी को वृद्धा गुरदेव कौर की हत्या के आरोपी भोला उर्फ निक्कू के परिवारजनों का गांव की पंचायत ने हुक्का-पानी बंद कर दिया है। यह फैसला बीती शाम गांव में हुई महापंचायत में सर्वसम्मति से लिया गया जिसकी अध्यक्षता गांव के सरपंच रणजीत सिंह ने की। बीती शाम गांव में महापंचायत बुलाई गई थी जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। देर शाम तक चली पंचायत में उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि गुरदेव कौर के हत्यारोपी भोला के परिवार के सदस्यों से कोई भी लेन-देन नहीं रखेगा। न कोई उनके घर जाएगा और कोई भी ग्रामीण उन्हें मजदूरी या काम पर नहीं रखेगा। यहां तक की गांव की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं पर रोक लगा दी है। इसके अलावा पंचायत में गांव में मोबाइल फोन पर फिल्मी गाने बजाने वाले युवकों पर भी लगाम लगाने का निर्णय हुआ। ग्रामीणों के कहा कि कुछ युवक अपने मोबाइल पर ऊंची आवाज में फिल्मी गाने बजाते हुए गलियों में घूमते हैं जिससे गांव का माहौल बिगड़ रहा है। ऐसे युवकों पर अंकुश लगाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 70 वर्षीय गुरदेव कौर का शव 11 फरवरी को गांव के पास खेत में पड़ा मिला था जिसके हाथ-पांव उसी के कपड़ों से बंधे हुए थे। आशंका यह भी जताई जा रही है कि वृद्धा की रेप के बाद हत्या की गई थी। पुलिस जांच में गुरदेव के पास काम करने वाले भोला पर हत्या का शक हुआ था। बाद में पुलिस ने भोला को गिरफ्तार करके पूछताछकी तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली थी और अब आरोपी जिला जेल में बंद है।
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मिर्चपुर कांड को दोहराने नहीं दिया जाएगा--करनैल सिंह औढ़ा
डबवाली- गांव सावंतखेड़ा में हत्यारोपी बोला सिंह उर्फ निक्का सिंह उर्फ गुरदीप सिंह के परिवार का बहिष्कार की घोषणा के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। गांव वासियों के इस फरमान को लेकर सिक्ख समुदाय सकते में है। वे गांव वासियों के इस फरमान को न्याय संगत नहीं मानते दूसरी और गांव वासियों के इस कदम के बाद सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में गांव में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। थाना शहर डबवाली के प्रभारी बलवंत जस्सू, औढ़ा थाना प्रभारी हीरा लाल व कालांवाली थाना के प्रभारी विक्रम नेहरा व महिला पुलिस बल की टूकड़ी व दल बल के साथ दिन भर गांव सावंतखेड़ा में डटे रहे। इंडियन बहुजन संदेश पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार करनैल सिंह औढ़ा ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ निक्का सिंह के घर पहुंचे व उन्होंने इस मौके पर पत्रकारों से बातचित करते हुए बहिष्कार के निर्णय को गलत ठहराया।
उन्होंने बताया कि कुछ लोग गांव के भाईचारे का माहौल खराब करना चाहते है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मिर्चपुर कांड को दोहराने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी जाति, समुदाय के बहिष्कार का अधिकार किसी के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में शीघ्र ही पुलिस कप्तान से मुलाकात करेंगे और ये फरमान जारी करने व गांव का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के मामले में बोला उर्फ निक्का को फंसाया गया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर निक्का सिंह को न्याय नहीं मिला तो उन्हें मजबूरन आंदोलन चलाना पड़ेगा। इस मौके पर पार्टी के जिलाध्यक्ष बूटा सिंह, कालांवाली हलका प्रधान नछतर सिंह, हरदेव सिंह, मदन लाल, रामां सिंह, मक्खन सिंह, बलजिंद्र सिंह उपस्थित थे।
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थाना शहर डबवाली पुलिस द्वारा गांव सावंतखेड़ा में वृद्धा गुरदेव कौर की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए युवक बोला सिंह उर्फ निक्का सिंह के परिजनों ने उसे निर्दोष करार देते हुए कहा है कि राजनीतिक रंजिश के तहत उसे फंसाया जा रहा है। निक्का सिंह के भाई जगसीर सिंह और बहन कर्मजीत कौर ने पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया है कि गांव के ही एक व्यक्ति के इशारे पर पुलिस ने निक्का सिंह की बेरहमी से पिटाई की और जर्बदस्ती डंडे के जोर पर हत्या की बात कबूल करवाई। उन्होंने आरोप लगाया है कि वह न तो अजैब सिंह का सीरी है और न ही उसने कभी उनके यहां नौकरी की है। पुलिस इस मामले मेंं झूठी कहानी गढ़ रही है। उन्होंने गांव के सरपंच रणजीत सिंह पर कई आरोप लगाए है। उधर, इस मामले में गांव सरपंच रणजीत सिंह का कहना है कि उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले की जांच की है और गांव वासियों ने अपने स्तर पर उनके परिवार के बहिष्कार का फैंसला लिया है।
विवाहिता ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त की
डबवाली- उपमंडल के गांव लोहगढ़ में एक विवाहिता ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका की पहचान कर्मजीत कौर पत्नी जगपाल सिंह के रूप में हुई है। घटना वीरवार देर रात की है। इस मामले में पुलिस ने मृतका के भाई जगसीर सिंह के ब्यानों पर सुसरालियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का का मामला दर्ज किया है। घुक्कांवाली निवासी जगसीर सिंह ने पुलिस को दिए ब्यान में आरोप लगाया कि उसकी बहन कर्मजीत कौर का विवाह 2 वर्ष पूर्व लोहगढ़ निवासी गुरचरण सिंह के पुत्र जगपाल सिंह के साथ हुआ था। विवाह के कुछ देर बाद ही ससुराल वालों ने दहेज के लिए उसे प्रताडि़त करना शुरू कर दिया। उसने बताया कि करीब 7 माह पूर्व उसके पिता वारू सिंह का देहांत हो गया था। जिसके बाद उनकी 26 एकड़ भूमि में सभी बहनों ने अपने हिस्से की भूमि उसके नाम कर दी। इस बात की जानकारी जब कर्मजीत के ससुराल वालों को मिली तो उन्होंने उसकी बहन को प्रताडि़त करना आरम्भ कर दिया। जिससे परेशान होकर उसकी बहन को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बताया कि वीरवार सायं करीब 7 बजे गांव लोहगढ़ के पटवारी बलविंद्र सिंह ने फोन पर उसकी बहन की मौत की सूचना दी। सूचना मिलने के उपरांत वह अपने चाचा गुरसेवक सिंह व बलदेव सिंह को साथ लेकर डबवाली के राजकीय अस्पताल में पहुंचा। जहां पर उसकी बहन का शव पड़ा था और उसकी बहन के ससुराल पक्ष का कोई भी व्यक्ति नहीं था। गांव के पूर्व सरपंच हरबंस सिंह ने बताया कि कल सायं 6 बजे के करीब जगपाल सिंह की माता हरबंस कौर उर्फ पालो ने शोर मचाया कि उसकी बहु कर्मजीत कौर ने फांसी लगा ली है। आसपड़ौस के लोगों ने उसे नीचे उतार कर डबवाली के राजकीय अस्पताल में पहुंचाया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच कर रहे चौटाला चौकी के प्रभारी जीत राम ने बताया कि पुलिस इस मामले में मृतका के भाई जसवीर सिंह के ब्यान पर पति जगपाल सिंह, सास हरबंस कौर व देवर बग्गा सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।
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