डबवाली(सुखपाल)- स्थानीय राजकीय महाविद्यालय में आज सात दिवसीय एनएसएस शिविर का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राध्यापक राकेश वधवा ने अपने करकमलों द्वारा किया। राकेश वधवा ने शिविर में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि एनएसएस शिविर में ही नहीं अपितु अपने जीवन में भी अनुशासन में रहना सीखें तथा झूठ को त्याग कर सच्चाई के रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि सच्चाई कड़वी अवश्य होती है परन्तु अन्त में जीत सच्चाई की ही होती है। इस अवसर पर प्राध्यापक प्रदीप बिश्रोई ने भी अपने विचार प्रकट किए। तदोपरान्त स्वयंसेवकों द्वारा महाविद्यालय प्रांगण की सफाई की गई।
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गुरुवार, 24 दिसंबर 2009
वृद्ध महिला के हाथों से दिन-दिहाड़े सोने की चूडिय़ां उतार कर फरार
डबवाली (सुखपाल)- स्थानीय वार्ड नम्बर 13 मीना बाजार से अज्ञात व्यक्ति द्वारा वृद्ध महिला के हाथों से दिन-दिहाड़े सोने की चूडिय़ां उतार कर फरार होने का मामला प्रकाश में आया है। प्राप्त जानकारी अनुसार मीना बाजार की वैद्य आसा नन्द वाली गली निवासी अमर ङ्क्षसह पटवारी पत्नी वृद्ध महिला महिन्द्र कौर के हाथों से उस समय जबरदस्ती सोने की चूडिय़ां उतारकर फरार हो गया। जब वह घर पर अकेली थी। वृद्ध महिला महिन्द्र कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि उसका बेटा तथा बहू डॉ. गुलाटी के नॄसग होम में दवाई लेने गए हुए थे तथा उस समय वह साग काट रही थी कि तभी एक अज्ञात व्यक्ति उनके घर में दाखिल हुआ तथा कहना लगा की आपकी बहू सुनार की दुकान पर बैठी है तथा उसने सोने की चूडिय़ां बनवानी हैं। डिजाईन के लिए आपकी चूडिय़ां मंगवाई हैं। मेरे इन्कार करने पर उसने जबरदस्ती मेरे हाथों से चूडिय़ां उतार ली तथा फरार हो गया। उन्होंने शोर भी मचाया। जब तक मौहल्लावासी एकत्रित होते तब तक अज्ञात व्यक्ति फरार हो चुका था। इस मामले की सूचना थाना शहर डबवाली को दे दी गई है तथा पुलिस अज्ञात व्यक्ति की तालाश कर रही है।
वाटर वक्र्स के सामने ढक्कन रहित सीवर में कार गिरने से कार क्षतिग्रस्त
डबवाली(सुखपाल) - स्थानीय वैष्णों माता मन्दिर रोड पर पंजाब क्षेत्र वाटर वक्र्स के सामने ढक्कन रहित सीवर में कार गिरने से कार क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि कार में सवार लोग बाल-बाल बच गए। प्राप्त जानकारी अनुसार संजीव कुमार पुत्र रामशरण अपनी कार नम्बर डीएल-3-सी-7981 में देर सायं अपने परिवार के साथ जा रहा था कि गली में निमत ढक्कन रहित सीवर में अचानक कार फंस गई। जिसके फलस्वरूप कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। मौहल्लावासी मनोहर लाल, रमेश कुमार, रिन्कू शर्मा, इन्द्रजीत ङ्क्षसह सोनी, विक्की शर्मा, परमानन्द, भारत भूषण, दूनी चन्द ने बताया कि कई बार इस समस्या को लेकर मण्डी किलियांवाली के सरपंच से मिल चुके हैं। परन्तु परिणाम शून्य ही रहा। उन्होंने कहा कि वह शायद किसी बड़े हादसे के इन्तजार में हैं। मौहल्लावासियों ने सरपंच व प्रशासन से मांग की है कि उपरोक्त ढक्कन रहित सीवर पर जल्द से जल्द ढक्कन लगवाया जाऐ ताकि किसी अनहोनी घटना से बचा जा सके।
विराट पर प्रतिभा
मुंबई, हाल ही में युद्धक सुखोई विमान की रफ्तार नापने वाली
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने बुधवार को विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विराट पर सवार होकर भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े की क्षमता का मुआयना किया। वह नौसेना के हेलीकाप्टर सी-किंग से आईएनएस विराट के डेक पर उतरीं। चेतक व सी-किंग हेलीकाप्टर और सी-हैरियर विमानों का प्रदर्शन देखने के बाद नौसैनिकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने उन्हें उनके उत्तम प्रदर्शन के लिए बधाई दी। राष्ट्रपति को भारतीय सेना की तीनों शाखाओं का प्रमुख माना जाता है। इस नाते राष्ट्रपति अपने कार्यकाल में कम से कम एक बार अपने नौसेना बेड़े का निरीक्षण करते हैं। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए आज प्रतिभा पाटिल ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ नौसेना की पश्चिमी कमान के जहाजी बेड़े की क्षमताओं का जायजा लिया। आईएनएस विराट के डेक पर नौसैनिकों की सलामी लेने के बाद राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्ष समुद्र के रास्ते मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भारतीय नौसेना और सामुद्रिक क्षेत्र में उसके अन्य भागीदार पारस्परिक सहयोग बढ़ाने व सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने बुधवार को विमानवाहक युद्धपोत आईएनएस विराट पर सवार होकर भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े की क्षमता का मुआयना किया। वह नौसेना के हेलीकाप्टर सी-किंग से आईएनएस विराट के डेक पर उतरीं। चेतक व सी-किंग हेलीकाप्टर और सी-हैरियर विमानों का प्रदर्शन देखने के बाद नौसैनिकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने उन्हें उनके उत्तम प्रदर्शन के लिए बधाई दी। राष्ट्रपति को भारतीय सेना की तीनों शाखाओं का प्रमुख माना जाता है। इस नाते राष्ट्रपति अपने कार्यकाल में कम से कम एक बार अपने नौसेना बेड़े का निरीक्षण करते हैं। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए आज प्रतिभा पाटिल ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ नौसेना की पश्चिमी कमान के जहाजी बेड़े की क्षमताओं का जायजा लिया। आईएनएस विराट के डेक पर नौसैनिकों की सलामी लेने के बाद राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले वर्ष समुद्र के रास्ते मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भारतीय नौसेना और सामुद्रिक क्षेत्र में उसके अन्य भागीदार पारस्परिक सहयोग बढ़ाने व सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
चंडीगढ़ : बख्शीश सिंह, भगत सिंह, मदन सिंह, अमर सिंह, सोम प्रकाश, मेहर सिंह, उजागर सिंह, तेजा सिंह, मुकंद सिंह, मस्ता सिंह, दिलीप सिंह, दीप सिंह, अमर सिंह, हरनाम सिंह और मोहन सिंह। ये 15 नाम भी उन लाखों में शुमार हैं, जो कभी सबकुछ दांव पर लगाकर स्वतंत्रता संग्राम में कूदे थे। वतन को फिरंगियों से निजात दिलाने वाले ये सूरमा अब उस सूची में शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में पंजाब विधानसभा ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। हर विधानसभा सत्र में यह सूची लंबी हो जाती है और स्वतंत्रता सेनानियों की संख्या धीरे-धीरे लाखों से सैकड़ों में सिमटती जा रही है। सरकार के ताजा रिकार्ड के अनुसार अब केवल 861 स्वतंत्रता सेनानी जीवित हैं। अपने पतियों के स्वतंत्रता संग्राम में कूदने की कीमत चुकाने वाली जिंदा गवाहों में शुमार पत्नियों की संख्या भी तेजी से कम हो रही है। स्वतंत्रता सेनानियों के कल्याण की जिम्मेदारी उठाने वाले विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब 1788 स्वतंत्रता सेनानी विधवाएं जीवित बची हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि फिलवक्त स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर 2662 पेंशनें वितरित हो रही हैं। इनमें से 13 तो स्वतंत्रता सेनानियों की लड़कियों को विशेष श्रेणी के तहत मिल रही हैं। ये लड़कियां अविवाहित एवं बेरोजगार हैं। यह आंकड़ा जारी वित्तीय वर्ष (2009-10) का है, जबकि बीते वित्तीय वर्ष (2008-09) में यह संख्या 2900 थी। एक वर्ष में ही 250 पेंशनें कम होने का अर्थ स्पष्ट है कि देश धीरे-धीरे अपने अमूल्य गहनों से वंचित हो रहा है। नि:संदेह वक्त का यह कड़वा सच देश के लिए जरा सा भी अहसास पालने वाले देश-प्रेमियों की आंखों को नम कर उनमें देशप्रेम का जज्बा भर देता है। ऐसे लोगों को यह जानकर भी गहरा धक्का लगेगा कि प्रदेश सरकार के स्वतंत्रता सेनानी कल्याण विभाग के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है, जो बता सके कि पंजाब की सरजमीं ने कुल कितने स्वतंत्रता सेनानी पैदा किए थे। विभाग के सचिव जगजीत पुरी ने इस सवाल पर दैनिक जागरण को दो टूक कहा, कुल कितने स्वतंत्रता सेनानी थे, कितने जिंदा हैं..यह आंकड़ा एकत्र करने में तीन दिन का समय लगेगा। वहीं, विभागीय सूत्र बताते हैं कि यह आंकड़ा तो है कि स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब से कुल कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने हिस्सा लिया था। यह आंकड़ा मोहाली स्थित पुन:अर्थ संपत्ति विभाग के कार्यालय में होगा। स्वतंत्रता सेनानी कल्याण विभाग के अस्तित्व में आने से पहले यह काम वही विभाग देख रहा था। पता चला है कि स्वतंत्रता सेनानी कल्याण विभाग ने पुन:अर्थ संपत्ति विभाग के कार्यालय को यह आंकड़ा देने के लिए लिखा हुआ है। ज्ञात रहे, प्रदेश में स्वतंत्र रूप में स्वतंत्रता सेनानी कल्याण विभाग बने कई दशक गुजर चुके हैं।
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
चंडीगढ़ : बख्शीश सिंह, भगत सिंह, मदन सिंह, अमर सिंह, सोम प्रकाश, मेहर सिंह, उजागर सिंह, तेजा सिंह, मुकंद सिंह, मस्ता सिंह, दिलीप सिंह, दीप सिंह, अमर सिंह, हरनाम सिंह और मोहन सिंह। ये 15 नाम भी उन लाखों में शुमार हैं, जो कभी सबकुछ दांव पर लगाकर स्वतंत्रता संग्राम में कूदे थे। वतन को फिरंगियों से निजात दिलाने वाले ये सूरमा अब उस सूची में शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में पंजाब विधानसभा ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। हर विधानसभा सत्र में यह सूची लंबी हो जाती है और स्वतंत्रता सेनानियों की संख्या धीरे-धीरे लाखों से सैकड़ों में सिमटती जा रही है। सरकार के ताजा रिकार्ड के अनुसार अब केवल 861 स्वतंत्रता सेनानी जीवित हैं। अपने पतियों के स्वतंत्रता संग्राम में कूदने की कीमत चुकाने वाली जिंदा गवाहों में शुमार पत्नियों की संख्या भी तेजी से कम हो रही है। स्वतंत्रता सेनानियों के कल्याण की जिम्मेदारी उठाने वाले विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब 1788 स्वतंत्रता सेनानी विधवाएं जीवित बची हैं। विभागीय सूत्रों ने बताया कि फिलवक्त स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर 2662 पेंशनें वितरित हो रही हैं। इनमें से 13 तो स्वतंत्रता सेनानियों की लड़कियों को विशेष श्रेणी के तहत मिल रही हैं। ये लड़कियां अविवाहित एवं बेरोजगार हैं। यह आंकड़ा जारी वित्तीय वर्ष (2009-10) का है, जबकि बीते वित्तीय वर्ष (2008-09) में यह संख्या 2900 थी। एक वर्ष में ही 250 पेंशनें कम होने का अर्थ स्पष्ट है कि देश धीरे-धीरे अपने अमूल्य गहनों से वंचित हो रहा है। नि:संदेह वक्त का यह कड़वा सच देश के लिए जरा सा भी अहसास पालने वाले देश-प्रेमियों की आंखों को नम कर उनमें देशप्रेम का जज्बा भर देता है। ऐसे लोगों को यह जानकर भी गहरा धक्का लगेगा कि प्रदेश सरकार के स्वतंत्रता सेनानी कल्याण विभाग के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है, जो बता सके कि पंजाब की सरजमीं ने कुल कितने स्वतंत्रता सेनानी पैदा किए थे। विभाग के सचिव जगजीत पुरी ने इस सवाल पर दैनिक जागरण को दो टूक कहा, कुल कितने स्वतंत्रता सेनानी थे, कितने जिंदा हैं..यह आंकड़ा एकत्र करने में तीन दिन का समय लगेगा। वहीं, विभागीय सूत्र बताते हैं कि यह आंकड़ा तो है कि स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब से कुल कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने हिस्सा लिया था। यह आंकड़ा मोहाली स्थित पुन:अर्थ संपत्ति विभाग के कार्यालय में होगा। स्वतंत्रता सेनानी कल्याण विभाग के अस्तित्व में आने से पहले यह काम वही विभाग देख रहा था। पता चला है कि स्वतंत्रता सेनानी कल्याण विभाग ने पुन:अर्थ संपत्ति विभाग के कार्यालय को यह आंकड़ा देने के लिए लिखा हुआ है। ज्ञात रहे, प्रदेश में स्वतंत्र रूप में स्वतंत्रता सेनानी कल्याण विभाग बने कई दशक गुजर चुके हैं।
बांटा जाए गृह मंत्रालय
नई दिल्ली, गृहमंत्री पी चिदंबरम चाहते हैं कि केंद्र सरकार में एक मंत्रालय सिर्फ आंतरिक सुरक्षा से जुड़े काम देखने के लिए होना चाहिए। मौजूदा गृह मंत्रालय के पास विभिन्न तरह की जिम्मेदारियों की व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा है कि अन्य कामों के लिए अलग से मंत्रालय बने या फिर इस विभाग का स्वतंत्र काम किसी और को दे दिया जाए। उन्होंने आंतकवाद से लड़ने के लिए साल 2010 के अंत तक राष्ट्रीय आतंकरोधी केंद्र (एनसीटीसी) को गठित कर लेने का भरोसा भी दिलाया। गृहमंत्री चाहते हैं कि बदलती चुनौतियों के साथ ही गृह मंत्रालय की संरचना में भी बदलाव कर दिया जाए। आतंकवाद और नक्सलवाद के बढ़ते दबाव की वजह से अब इस मंत्रालय को जनगणना और केंद्र-राज्य संबंधों जैसी तमाम जिम्मेदारियों से मुक्त कर देना चाहिए। खुफिया ब्यूरो के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, गृह मंत्रालय अपना पूरा समय और ऊर्जा सिर्फ सुरक्षा से जुड़े मसलों पर लगाए। जो मुद्दे सीधे आंतरिक सुरक्षा से जुड़े नहीं हैं, उनके लिए अलग से एक मंत्रालय होना चाहिए। या फिर इनके लिए गृह मंत्रालय के तहत ही अलग से एक विभाग गठित किया जाए, और इसका काम एक मंत्री कमोबेश अपनी तरह से देखे। हर मुद्दे को गृहमंत्री तक लाने की जरूरत न पड़े। चिदंबरम ने यह भरोसा भी दिलाया कि देश भर में आतंकवादी गतिविधियों को काबू करने के लिए अगले साल के अंत तक राष्ट्रीय आतंकरोधी केंद्र (एनसीटीसी) काम करने लगेगा। इस केंद्र की जिम्मेदारी होगी कि वह देश भर में आतंकी वारदातें रोके, साथ ही अगर कहीं ऐसा हमला होता है, तो उसे काबू करे। चिदंबरम ने कहा कि अमेरिका पर जब आतंकी हमले हुए थे, तो उसे ऐसा संगठन खड़ा करने में 36 महीने लगे थे, लेकिन हम इतने समय तक इंतजार नहीं कर सकते।
विमान के दो टुकडे़, 40 घायल
वाशिंगटन। अमरीकन एयरलाइंस का एक विमान जमैका के किंग्सटन में रनवे से उतर कर दो टुकडों में टूट गया जिससे कम से कम 40 लोग घायल हो गए। 
विमान मियामी से चला था और स्थानीय समयानुसार रात 10 बज कर 22 मिनट पर किंग्सटन के नारमन मैनली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। विमान रनवे से उतर गया। दुर्घटना के समय बोइंग 737 विमान में 145 यात्री और चालक दल के सात सदस्य सवार थे। विमान की यात्रा का आगाज वाशिंगटन से हुआ था और तेज बारिश में वह मियामी से पहुंचा ही था जब यह दुर्घटना हुई।

विमान मियामी से चला था और स्थानीय समयानुसार रात 10 बज कर 22 मिनट पर किंग्सटन के नारमन मैनली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। विमान रनवे से उतर गया। दुर्घटना के समय बोइंग 737 विमान में 145 यात्री और चालक दल के सात सदस्य सवार थे। विमान की यात्रा का आगाज वाशिंगटन से हुआ था और तेज बारिश में वह मियामी से पहुंचा ही था जब यह दुर्घटना हुई।
सरकार ने माना गंगा डुबकी लायक नहीं
नई दिल्ली, भगीरथी के दामन से प्रदूषण के दाग धोने पर अरबों रुपया बहाने के बावजूद सरकार के तथ्य बताते हैं कि गंगोत्री से लेकर डायमंड हार्बर के बीच अधिकतर स्थानों पर गंगा जल से दूर रहने में भलाई है। वन एवं पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश 30 दिसंबर को वाराणसी में गंगा नदी के प्रदूषण की समीक्षा करेंगे। वह गंगा के उन घाटों का भी मुआयना करेंगे जहां नाले शहर की गंदगी को नदी में उड़ेलते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ताजा आंकड़े बताते हैं कि बनारस के अस्सीघाट पर बीते दो सालों में प्रदूषण का पैमाना कहलाने वाले बीओडी का स्तर कभी भी 3 मिग्रा प्रति लीटर की नियत सीमा तक कम नहीं रहा। बनारस हो या संगम स्थली इलाहाबाद, बीते बारह बरस में पानी का स्तर साफ डी श्रेणी से ऊपर नहीं उठ पाया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पानी के वर्गीकरण के तहत डी श्रेणी का पानी केवल जानवरों के लिए ही मुफीद है। गंगा एक्शन प्लान के नाम पर 800 करोड़ रुपये बहाने के बावजूद गंगा को प्रदूषण मुक्ति में नाकाम रही सरकार खुद संसद में स्वीकार कर चुकी है कि अधिकांश स्थानों पर पानी में मौजूद कोलीफार्म का स्तर निर्धारित सीमा से काफी ज्यादा है। कोलीफार्म की निर्धारित सीमा प्रति 100 मिली पानी में 2500 एमपीएन (सर्वाधिक संभावित संख्या) है। पर्यावरण मंत्रालय मानता है कि ऋषिकेश से लेकर बंगाल के उलबेरिया के बीच सोलह में सात स्थानों पर गंगा का पानी नहाने योग्य नहीं है। इस बारे में बीते दिनों संसद में एक सवाल के जवाब में पर्यावरण मंत्रालय का कहना था कि पानी में कोलीफार्म का स्तर नदी स्नान के कारण बढ़ रहा है और केवल हरिद्वार ही ऐसा स्थान है जहां इसकी मात्रा निर्धारित सीमा में है। इस संबंध में आईआईटी, कानपुर, बीएचईएल और पटना विश्वविद्यालय का अध्ययन बताते हैं कि घुलित आक्सीजन और बीओडी के स्तर में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन कन्नौज से लेकर वाराणसी के बीच स्थिति खराब बनी हुई है।
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खेल पर और खर्च फिर भी नाक कटेगी
नई दिल्ली सरकार के खजाने पर नये बोझ की तैयारी और उसके बाद भी नाक कटने की नौबत! कॉमनवेल्थ खेल का यह ताजा सूरते हाल है। अंतरराष्ट्रीय कॉमनवेल्थ समन्वय
आयोग इस दो टूक नतीजे पर पहुंचा है कि तैयारियों के लिए संसाधन जुटाने के दावे बिखर रहे हैं और खेलों से जुड़ी तकनीकी तैयारियां गंभीर जोखिम में है। यानी खेलों की तैयारियों को लेकर केंद्र के खजाने पर बोझ बढ़ने वाला है। जबकि इसके सबके बावजूद तकनीकी तैयारियों में देरी स्पर्धाओं के दौरान मुल्क को शर्मिदा कर सकती है। मेजबान राज्य की मुख्यमंत्री होने के नाते शीला दीक्षित का बेचैन होना लाजिमी है मगर अफसोस! यह रिपोर्ट उन्हें और नर्वस करेगी। इस रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार में भी चिंताओं का पारा ऊंचा होना चाहिए। सुरेश कलमाड़ी के नेतृत्व वाली आयोजन समिति के दावों की हकीकत परखते हुए कॉमनवेल्थ खेल संघ इस नतीजे पर पहुंचा है कि तैयारियों में बहुआयामी समस्यायें और जबर्दस्त जोखिम हैं। कई अहम पहलुओं पर रिपोर्ट में जो सूरते-हाल सामने आई उसे देखकर प्रतिभागी देश बिदक सकते हैं। कॉमनवेल्थ समन्वय आयोग की ताजी समीक्षा रिपोर्ट तैयारियों के बुरी तरह बदहाल होने की अंतरराष्ट्रीय पुष्टि है। स्टेडियमों के निर्माण से लेकर वित्तीय इंतजाम और टाइम स्कोरिंग जैसी उच्च तकनीकी प्रणालियों तक हर मोर्चे पर आयोजन के इंतजामकर्ता बुरी तरह असफल हैं। वित्तीय चुनौती : वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को इन खेलों में देश की नाक बचाने के लिए और पैसा देने की तैयारी शुरु देनी चाहिए। समन्वय आयोग से चर्चा में आयोजन समिति ने साफ कहा है कि उसका हिसाब किताब बदहाल हो रहा है। रिपोर्ट नोट करती है कि समिति खेलों के लिए संसाधनों को लेकर केंद्र पर निर्भर है। प्रायोजकों को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। आयोजन समिति के पास खेलों पर खर्च का स्पष्ट आकलन तक नहीं है न ही कैश पूलो का हिसाब-किताब है। रिपोर्ट कई अहम पहलुओं पर खर्च बढ़ने की आशंकाओं को भी रेखांकित करती है। और तकनीक भी : तकनीक खेलों में हर स्तर पर सेवाओं से जुड़ी है। यह गहरे जोखिम का क्षेत्र है और आयोजन समिति के पास तकनीकी क्षमता नहीं है। किसी मेजबान देश के लिए यह बहुत तीखी टिप्पणी है। यानी स्पर्धाओं के दौरान तकनीकी खामियों के कारण आयोजन समिति धावक या तैराक से कहना पड़ सकता है .. कृपया एक बार फिर। समन्वय आयोग की रिपोर्ट इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा मुखर और दो टूक है। इन तैयारियों पर आयोजन समिति का इतिहास भयानक चूक से भरा है और समन्वय आयोग मान रहा है कि इसमें अब खर्च भी ऊपर जा सकता है।
आयोग इस दो टूक नतीजे पर पहुंचा है कि तैयारियों के लिए संसाधन जुटाने के दावे बिखर रहे हैं और खेलों से जुड़ी तकनीकी तैयारियां गंभीर जोखिम में है। यानी खेलों की तैयारियों को लेकर केंद्र के खजाने पर बोझ बढ़ने वाला है। जबकि इसके सबके बावजूद तकनीकी तैयारियों में देरी स्पर्धाओं के दौरान मुल्क को शर्मिदा कर सकती है। मेजबान राज्य की मुख्यमंत्री होने के नाते शीला दीक्षित का बेचैन होना लाजिमी है मगर अफसोस! यह रिपोर्ट उन्हें और नर्वस करेगी। इस रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार में भी चिंताओं का पारा ऊंचा होना चाहिए। सुरेश कलमाड़ी के नेतृत्व वाली आयोजन समिति के दावों की हकीकत परखते हुए कॉमनवेल्थ खेल संघ इस नतीजे पर पहुंचा है कि तैयारियों में बहुआयामी समस्यायें और जबर्दस्त जोखिम हैं। कई अहम पहलुओं पर रिपोर्ट में जो सूरते-हाल सामने आई उसे देखकर प्रतिभागी देश बिदक सकते हैं। कॉमनवेल्थ समन्वय आयोग की ताजी समीक्षा रिपोर्ट तैयारियों के बुरी तरह बदहाल होने की अंतरराष्ट्रीय पुष्टि है। स्टेडियमों के निर्माण से लेकर वित्तीय इंतजाम और टाइम स्कोरिंग जैसी उच्च तकनीकी प्रणालियों तक हर मोर्चे पर आयोजन के इंतजामकर्ता बुरी तरह असफल हैं। वित्तीय चुनौती : वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को इन खेलों में देश की नाक बचाने के लिए और पैसा देने की तैयारी शुरु देनी चाहिए। समन्वय आयोग से चर्चा में आयोजन समिति ने साफ कहा है कि उसका हिसाब किताब बदहाल हो रहा है। रिपोर्ट नोट करती है कि समिति खेलों के लिए संसाधनों को लेकर केंद्र पर निर्भर है। प्रायोजकों को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। आयोजन समिति के पास खेलों पर खर्च का स्पष्ट आकलन तक नहीं है न ही कैश पूलो का हिसाब-किताब है। रिपोर्ट कई अहम पहलुओं पर खर्च बढ़ने की आशंकाओं को भी रेखांकित करती है। और तकनीक भी : तकनीक खेलों में हर स्तर पर सेवाओं से जुड़ी है। यह गहरे जोखिम का क्षेत्र है और आयोजन समिति के पास तकनीकी क्षमता नहीं है। किसी मेजबान देश के लिए यह बहुत तीखी टिप्पणी है। यानी स्पर्धाओं के दौरान तकनीकी खामियों के कारण आयोजन समिति धावक या तैराक से कहना पड़ सकता है .. कृपया एक बार फिर। समन्वय आयोग की रिपोर्ट इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा मुखर और दो टूक है। इन तैयारियों पर आयोजन समिति का इतिहास भयानक चूक से भरा है और समन्वय आयोग मान रहा है कि इसमें अब खर्च भी ऊपर जा सकता है।
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बुधवार, 23 दिसंबर 2009
अग्निकांड पीडि़तों की मदद की पहल करते हुए विधायक अजय सिंह चौटाला पांच युवाओं को नौकरी देने का फैसला कियाा
डबवाली, 23 दिसंबर(सुखपाल) डबवाली अग्निकांड पीडि़तों की मदद की पहल करते हुए इनेलो के प्रधान महासचिव व हलके से विधायक अजय सिंह चौटाला ने अग्रिकांड में घायल हुए पांच युवाओं को नौकरी देने का फैसला कियाा है। उन्होंने यह घोषणा आज अग्रिकांड की 15 वीं बरसी पर अग्निकांड स्मारक पर आयोजित सर्वधर्म सभा में की। उन्होंने कहा कि इस अग्निकांंड में पीडि़तों को तुरंत प्रभाव से मुआवजा देने, उनका इलाज निशुल्क देने व पीडि़तों को नौकरी देने के लिए सरकार पर दवाब डालेंगे। विधायक अजय सिंह आज दोपहर अग्रिकांड स्मारक स्थल पर पहुंचे और पुष्पाजंलि अर्पित कर अग्रिकांड में मारे गए सैंकड़ों लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने डबवाली अग्रिकांड को देश की सबसे दुखदायी घटना बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से केंद्र सरकार को सबक लेते हुए राष्ट्र स्तर पर व्यापक इंतजाम करने चाहिए।
अजय सिंह चौटाला ने कहा कि यह ऐसी घटना थी जिसका खामियाजा न केवल स्थानीय सैंकड़ों परिवारों को भुगतना पड़ा बल्कि प्रदेश भर के लोग इससे प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि सरकार पीडि़त परिवारों की मदद के लिए तुरंत आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दुखदायी बात है कि हरियाणा सरकार पीडि़त परिवारों के आंसू पोंछने व उनकी मदद करने की बजाय उन्हें न्यायालय के मुआवजा देने के फैसले को लागू करने की बजाय इसे उच्च न्यायालय में ले जाने का मन बना रही है। उन्होंने सरकार के रवैये को अफसोसजनक बताते हुए पीडि़त परिवारों को तुरंत राहत प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा अजय सिंह चौटाला ने कहा कि अग्रिकांड में जख्मी हुए लोगों इलाज निशुल्क चलाने, यहां सामान्य अस्पताल में विशेष बर्न यूनिट स्थापित करने व तुरंत मुआवजा राशि प्रदान करने के लिए सरकार पर दवाब डालेगें। उन्होंने कहा कि मुआवजे की राशि के मामले में हुड्डा सरकार को उच्चतम न्यायाल में नहीं जाना चाहिए और तुंरत पीडि़तों को मुआवजा राशि दे। उन्होंने कहा कि वे पीडि़त परिवारों की मदद के लिए हमेशा तत्पर हैं तथा इस कांड में जख्मी हुए पांच युवकों को जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ में नौकरी देंगे। इसके अलावा अजय सिंह चौटाला ने अग्रिकरं पीडि़त परिवारों की अन्य मांगों को लेकर भी सरकार पर दबाव डालने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक डा. सीताराम, राधेराम गोदारा सहित अन्य हजारों लोगों ने श्रद्धाजंलि दी।
अजय सिंह चौटाला ने कहा कि यह ऐसी घटना थी जिसका खामियाजा न केवल स्थानीय सैंकड़ों परिवारों को भुगतना पड़ा बल्कि प्रदेश भर के लोग इससे प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि सरकार पीडि़त परिवारों की मदद के लिए तुरंत आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दुखदायी बात है कि हरियाणा सरकार पीडि़त परिवारों के आंसू पोंछने व उनकी मदद करने की बजाय उन्हें न्यायालय के मुआवजा देने के फैसले को लागू करने की बजाय इसे उच्च न्यायालय में ले जाने का मन बना रही है। उन्होंने सरकार के रवैये को अफसोसजनक बताते हुए पीडि़त परिवारों को तुरंत राहत प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा अजय सिंह चौटाला ने कहा कि अग्रिकांड में जख्मी हुए लोगों इलाज निशुल्क चलाने, यहां सामान्य अस्पताल में विशेष बर्न यूनिट स्थापित करने व तुरंत मुआवजा राशि प्रदान करने के लिए सरकार पर दवाब डालेगें। उन्होंने कहा कि मुआवजे की राशि के मामले में हुड्डा सरकार को उच्चतम न्यायाल में नहीं जाना चाहिए और तुंरत पीडि़तों को मुआवजा राशि दे। उन्होंने कहा कि वे पीडि़त परिवारों की मदद के लिए हमेशा तत्पर हैं तथा इस कांड में जख्मी हुए पांच युवकों को जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ में नौकरी देंगे। इसके अलावा अजय सिंह चौटाला ने अग्रिकरं पीडि़त परिवारों की अन्य मांगों को लेकर भी सरकार पर दबाव डालने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर पूर्व विधायक डा. सीताराम, राधेराम गोदारा सहित अन्य हजारों लोगों ने श्रद्धाजंलि दी।
अचानक सिलेण्डर से गैस रिसने के कारण खतरे की स्थिति उत्पन्न
डबवाली(सुखपाल)- स्थानीय वार्ड नम्बर 17 की भाटी अस्पताल वाली गली में स्थित एक मकान में गैस सिलेण्डर को बदलते समय गैस सिलेण्डर की पिन में आई खराबी के चलते खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्राप्त जानकारी अनुसार भाटी अस्पताल वाली गली निवासी डॉ. केवल कृष्ण अपने मकान के रसोईघर में गैस सिलेण्डर बदल रहा था कि अचानक सिलेण्डर की पिन अन्दर धंस गई। जिससे सिलेण्डर से गैस रिसने लगी। उन्होंने घबराहट में गैस सिलेण्डर को बाहर गली में निकाल दिया और तुरन्त फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को फोन पर सूचित किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा उनके द्वारा गैस सिलेण्डर की पिन को दुरूस्त करने पर गैस का रिसाव बन्द हुआ तो मौहल्लावासियों व डॉ. केवल कृष्ण के परिजनों ने राहत की सांस ली
पुलिस प्रशासन द्वारा स्थित रेल्वे फाटक पर यातायात को कन्ट्रोल करना,एक प्रशंसनीय कार्य
डबवाली(सुखपाल) -स्थानीय जीटी रोड पर स्थित रेल्वे फाटक पर यातायात को कन्ट्रोल करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा पुलिस कर्मी तैनात कर जीटी रोड पर स्थित दुकानदारों व आमजन की मांगों को पूरा कर प्रशंसनीय कार्य किया है। वहां पर उपस्थित दुकानदार नरेश कुमार, देव कुमार, संजीव कुमार ने बताया कि फाटक बन्द होने वाहन चालक दोनों और बेतरतीब ढंग से अपना वाहन खड़ा कर देते थे। जिससे जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती थी और फाटक खुलने पर वाहन चालक एक-दूसरे आगे निकलने की होड़ में अपने वाहन एक-दूसरे के बीच फंसा देते थे। जिसके चलते कई बार वाहन चालकों के बीच झगड़े भी हुए। पुलिस प्रशासन द्वारा समस्या का समाधान करते हुए फाटक के दोनों ओर पुलिस कर्मी तैनात किए हैं। जिससे वाहन चालक अपने वाहनों को पक्तिबद्ध खड़े करते हैं तथा फाटक खुलने के पश्चात वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से होता है। जीटी रोड दुकानदारों व आमजन ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
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मंगलवार, 22 दिसंबर 2009
अग्रिकाण्ड स्थल सर्व धर्म प्रार्थना सभा में अजय चौटाला सम्मिलित होंगे
डबवाली(सुखपाल) स्थानीय विधायक अजय चौटाला अग्रिकाण्ड स्थल पर आयोजित की जाने वाली सर्व धर्म प्रार्थना सभा में 23 दिसम्बर को सम्मिलित होंगे। यह जानकारी देते हुए स्थानीय इनैलो कार्यालय प्रभारी महेन्द्र डूडी व टेक चन्द छाबड़ा ने बताया कि विधायक अजय चौटाला इस दौरान अनाज मण्डी स्थित इनैलो कार्यालय में भी उपस्थित रहेंगे तथा डबवाली हल्का निवासियों की विभिन्न समस्याओं को सुनकर मौका पर ही निदान करने का प्रयास करेंगे।
अग्रिकाण्ड स्मारक स्थल पर आज दिवंगत आत्माओं की शान्ति हेतु रामायण पाठ का शुभारम्भ
डबवाली (सुखपाल)-अग्रिकाण्ड स्मारक स्थल पर आज दिवंगत आत्माओं की शान्ति हेतु रामायण पाठ का शुभारम्भ किया गया। तदोपरान्त स्मारक में विभिन्न स्कूलों के बच्चों में आग से बचाव पर ड्राईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें जूनियर वर्ग में 21 व 6 बच्चों ने भाग लिया। अग्रिकाण्ड पीडि़त संघ के प्रवक्ता विनोद बांसल ने बताया कि ड्राईंग प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में हरियाणा पब्लिक स्कूल के शुभम प्रथम, नेहरू सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के गुरप्रीत ङ्क्षसह द्वितीय तथा महावीर सनातन धर्म स्कूल के रणवीर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। ड्राईंग प्रतियोगिता के दूसरे वर्ग में एमएम स्कूल के छात्र लवप्रीत को पहला व राजकीय कन्या सीनियर सैकेण्डरी स्कूल की छात्रा अन्जू बाला को दूसरा व हरियाणा पब्लिक स्कूल की छात्र शिवानी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस ड्राईंग प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल की भूमिका ज्योति आर्ट के संचालक बलराम, ड्राईंग टीचर पालविन्द्र शास्त्री व सेवानिवृत अध्यापक राजपाल हन्स ने निभाई। प्रतियोगिता के विजेता व उपविजेता बच्चों को कल प्रात: आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाऐगा।
शिक्षा के मन्दिर को अपमानित करने वाले अध्यापक को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए
डबवाली(सुखपाल) डबवाली-बठिण्डा सड़क मार्ग पर स्थित गांव चक्क रूल्दू सिंह के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में स्कूली छात्रा से अश£ील हरकत करने वाले अध्यापक मेजर सिंह को निलम्बित करने व अन्य अध्यापकों के तबादले की मांग को लेकर स्कूल को लगाए गए ताले को उस समय खोल दिया गया। जब प्रशासन व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने राजकीय कन्या उच्च विद्यालय के अध्यापकों गुरनाम सिंह, गुरकर्म सिंह, रणजीत सिंह, दौलत राम, विक्रान्त सिंह, मलकीत सिंह व ज्ञान सिंह,सहित सभी का तबादला कर दिया। यह जानकारी देते हुए गांव के सरपंच दिपेन्द्र सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा उन्हें आश्वासन दिया गया है कि आरोपी अध्यापक मेजर सिंह को भी जल्द ही निलम्बित कर दिया जाऐगा तथा उपरोक्त विद्यालय में महिला अध्यापिकाओं की नियुक्ति भी्र अति शीघ्र कर दी जाऐगी। उपरोक्त मामले की जांच कर रही देसराज सीनियर सैकेण्डरी स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती मालविन्द्र कौर से जब सम्पर्क किया गया तो उन्होंने दूरभाष पर बताया कि उन्होंने जांच के पश्चात जांच रिपोर्ट डीईओ हरबन्स सिंह सिद्धू को सौंप दी है। ग्राम पंचायत फल्लड़ के सरपंच नन्द सिंह, कुट्टी के सरपंच बोगा सिंह, पथराला के सरपंच लुधर सिंह ने संयुक्त रूप से पंजाब सरकार व शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि शिक्षा के मन्दिर को अपमानित करने वाले अध्यापक मेजर सिंह को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए तथा प्रदेश में कन्या विद्यालयों में केवल महिला अध्यापिकाओं को ही नियुक्त किया जाऐ ताकि भविष्य में ऐसी घिनौनी व शर्मनाक घटना की पुनावृत्ति न हो।
मानसिक तौर पर परेशान युवक ,परेशानी का सबब बना
डबवाली(सुखपाल) स्थानीय वार्ड 15 के निवासी मानसिक तौर पर परेशान युवक मीना बाजार में रहने वाले शर्मा परिवार के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है, मीना बाजार स्थित वैद्य आसानन्द वाली गली के हन्स राज शर्मा ने बताया कि वार्ड 15 निवासी युवक भगवान दास पुत्र नानू राम उनके भाई बिहारी लाल शर्मा जोकि इस समय काफी बीमार चल रहे हैं तथा वह न तो कुछ बोल सकते हैं और न ही चल सकते हैं। श्री शर्मा के मुताबिक उपरोक्त युवक निरन्तर चार दिनों से कभी देर रात्रि 12 बजे व कभी प्रात: 4 बजे उनके घर का दरवाजा खटखटा देता है तथा दरवाजा खोलने पर घर के अन्दर घुस जाता है एवं उनके भाई को परेशान करता है। आज भी इस युवक ने ऐसा ही किया। जब मौहल्लावासियों ने उसे घर से जाने के लिए कहा तो वह टस से मस नहीं हुआ। जब मौहल्लावासी उसे छोडऩे उसके घर गए तो उसके पड़ोसियों ने बताया कि भगवान दास निसन्तान है तथा इसके चलते यह कई दिनों से मानसिक तौर पर परेशान है। जब एकत्रित लोगों ने उसे ईलाज के लिए ले जाना चाहा तो वह वहां से भाग गया। प्रत्यक्षदॢशयों के अनुसार उक्त युवक की पत्नी भी मानसिक तौर पर परेशान रहती है। शर्मा परिवार ने प्रशासन से अपील की है कि उक्त युवक को अस्पताल में दाखिल करवाकर उसका बेहतर ईलाज करवाया जाऐ।
सोमवार, 21 दिसंबर 2009
शादी चुपके-चुपके
दो दोस्त बरसों बाद मिले।
' सुना था , तुमने अपनी प्रेमिका से चोरी - छिपे शादी कर ली थी। '
' ठीक सुना। '
' यह भी सुना था कि तुम दोनों शहर छोड़ कर भाग गए थे और फिर लड़की के मां - बाप ने तुम लोगों को पकड़ लिया था। '
' फिर क्या हुआ ?'
' होना क्या था , लड़की के मां - बाप मेरे घर में ही रहते हैं ताकि हम फिर न भाग जाएं। '
क्या आपके पास भी ऐसे मजेदार एसएमएस हैं , जो आप दूसरों के साथ बांटना चाहते हैं ? आप अपने एसएमएस हमें भेजिए। हम उसे यहां प्रकाशित करेंगे।
' सुना था , तुमने अपनी प्रेमिका से चोरी - छिपे शादी कर ली थी। '
' ठीक सुना। '
' यह भी सुना था कि तुम दोनों शहर छोड़ कर भाग गए थे और फिर लड़की के मां - बाप ने तुम लोगों को पकड़ लिया था। '
' फिर क्या हुआ ?'
' होना क्या था , लड़की के मां - बाप मेरे घर में ही रहते हैं ताकि हम फिर न भाग जाएं। '
क्या आपके पास भी ऐसे मजेदार एसएमएस हैं , जो आप दूसरों के साथ बांटना चाहते हैं ? आप अपने एसएमएस हमें भेजिए। हम उसे यहां प्रकाशित करेंगे।
मैं चाहे शेव करूं या ना करूं....मेरी मर्जी
बॉय्ज ... क्या आपने शेव किया है , अगर नहीं तो हो सकता है कि आपको आलसी का खिताब मिल जाए। कम से कम वे महिलाएं ऐसा कर सकती हैं जो बॉलिवुड ऐक्ट्रेस मुग्धा गोडसे , नेहा धूपिया और मिनिषा लांबा की अपील मान रही हैं। सेफ्टी रेजर के मल्टी नैशनल ब्रैंड जिलेट के नए विज्ञापन में ये हसीनाएं अपील कर रही हैं कि पुरुषों को शेव करने के लिए प्रोत्साहित करें और जो रोज शेव नहीं करता वह आलसी है।
यह विज्ञापन कई कुछ पुरुषों को खटक गया है और उन्होंने बाकायदा जंग छेड़ दी है। ऑल इंडिया मैन्स वेलफेयर असोसिएशन नाम के एक संगठन ने इस विज्ञापन को ऐंटि मेल कैंपेन बताया है और इसके खिलाफ मुहिम शुरू की है , इंडिया में ही नहीं बल्कि अमेरिका में भी। उन्होंने कंपनी से माफी मांगने की मांग की है और कहा है कि 4-5 दिनों में सही रिस्पॉन्स नहीं मिला तो सूचना प्रसारण मंत्रालय सहित सभी फोरम पर शिकायत की जाएगी।
यह विज्ञापन कई कुछ पुरुषों को खटक गया है और उन्होंने बाकायदा जंग छेड़ दी है। ऑल इंडिया मैन्स वेलफेयर असोसिएशन नाम के एक संगठन ने इस विज्ञापन को ऐंटि मेल कैंपेन बताया है और इसके खिलाफ मुहिम शुरू की है , इंडिया में ही नहीं बल्कि अमेरिका में भी। उन्होंने कंपनी से माफी मांगने की मांग की है और कहा है कि 4-5 दिनों में सही रिस्पॉन्स नहीं मिला तो सूचना प्रसारण मंत्रालय सहित सभी फोरम पर शिकायत की जाएगी।
सुष की एक और बेटी
बॉलिवुड ऐक्ट्रेस सुष्मिता सेन और उनकी गोद ली हुई बेटी रिनी का प्यारा रि
लेशन तो सभी ने देखा ही है और जो
इस बारे में नहीं जानते, उनके लिए 'मदर सुष्मिता' का पहलू जानने का एक और मौका है। दरअसल, पिछले दिनों सुष ने एक और बेटी को अडॉप्ट किया है। उनकी यह बेटी 3 महीने की अलीशा है। सुष कहती हैं कि वह काफी समय एक बेटी और अडॉप्ट करना चाहती थीं, लेकिन हाई कोर्ट के एक रूल के मुताबिक वह ऐसा कर नहीं सकती थीं। लेकिन कुछ समय पहले इस नियम के बदलने से कि पहली बेटी गोद लेने के बाद दूसरी बेटी को गोद नहीं लिया जा सकता, सुष ने दूसरी बेटी को अडॉप्ट करने में देर नहीं लगाई।
वैसे, अपनी बेटी के साथ सुष बहुत खुश हैं और अच्छी बात यह है कि उनकी पहली बेटी रिनी को भी उससे बेहद लगाव हो गया है। सुष बताती हैं कि अलीशा बेहद खुशमिजाज है और अभी तक उसने किसी को रात में ज्यादा परेशान नहीं किया है।
इस बारे में नहीं जानते, उनके लिए 'मदर सुष्मिता' का पहलू जानने का एक और मौका है। दरअसल, पिछले दिनों सुष ने एक और बेटी को अडॉप्ट किया है। उनकी यह बेटी 3 महीने की अलीशा है। सुष कहती हैं कि वह काफी समय एक बेटी और अडॉप्ट करना चाहती थीं, लेकिन हाई कोर्ट के एक रूल के मुताबिक वह ऐसा कर नहीं सकती थीं। लेकिन कुछ समय पहले इस नियम के बदलने से कि पहली बेटी गोद लेने के बाद दूसरी बेटी को गोद नहीं लिया जा सकता, सुष ने दूसरी बेटी को अडॉप्ट करने में देर नहीं लगाई।
वैसे, अपनी बेटी के साथ सुष बहुत खुश हैं और अच्छी बात यह है कि उनकी पहली बेटी रिनी को भी उससे बेहद लगाव हो गया है। सुष बताती हैं कि अलीशा बेहद खुशमिजाज है और अभी तक उसने किसी को रात में ज्यादा परेशान नहीं किया है।
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