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रविवार, 2 अक्टूबर 2011
श्री राम नाटक रेलवे क्लब की रामलीला के मंच पर हनुमान जी की झांकी निकाली
डबवाली-श्री राम नाटक रेलवे क्लब की रामलीला के मंच पर शनिवार रात हनुमान जी की झांकी निकाली गई। इस मौके पर गांव लोहगढ़ के सरपंच नछतर सिंह, श्री सालासर सेवा सदन के प्रधान नरेंद्र गर्ग, केवल कृष्ण धमीजा, हरबंस लाल भीटीवाला, ऋषि बहल व शेषण बारदाने वाले ने पूजन करवाया। झांकी पर माथा टेक ने व मन्नत मांगने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। झांकी के उपरांत मंच पर भरत का स्वपन, श्री राम को वापिस लाने के लिए चित्रकूट जाना व राजा दशरथ की मृत्यु पर शोक सभा आदि के दृश्य प्रस्तुत किए गए। डबवाली के उभरते गायक अनमोल मोंगा ने दमादम मस्त कलंदर व बाल कलाकारों काव्य, मुस्कान, मा. विजय और बेबी धमीजा ने अपने डांस द्वारा दर्शकों का मनोरंजन किया। हास्य कलाकार पवन जिंदल व अमरजीत भट्टी ने श्राद्ध नामक स्किट के माध्यम से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
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लक्ष्मण ने काटी सरूपनखा की नाक
बिज्जूवाली, 2 अक्तूबर। गांव बिज्जूवाली के रामलीला ग्राऊंड में श्री सरस्वती रामलीला सोसायटी द्वारा आयोजित रामलीला की गत छठी रात्रि का शुभारंभ राजेश कुमार बेरवाल ने हनुमान जी की प्रतिमा को तिलक लगाकर किया। रामलीला के दृश्यों से पहले हनुमान जी की झांकी करवाई गई। झांकी में ''हनुमान चालिसा का पाठÓ 'बाबा का मंदिर सुहाना लगता हैÓ 'था
री जय हो पवन कुमारÓ 'मैं बारी जाऊं बाला जीÓ 'रौम-रौम में जिसके राम समाया हैÓ 'आना पवन कुमार हमारे हरी किर्तन मेंÓÓ सहित अनेक बाला जी व श्रीराम जी के भजनों का गुणगान राजेन्द्र आर्य, विनोद जांगड़ा, राहुल बसवाला, अनिल कुमार नंदन आदि द्वारा किया गया। हनुमान झांकी के बाद कलाकारों द्वारा रामलीला में सरूपनखा का राक्षसी भेष में आना, बाद में सुंदर स्त्री का भेष बनाकर श्रीराम, सीता व लक्ष्मण के पास पंचवटी में आना, सरूपनखा द्वारा श्रीराम के साथ शादी करने का प्रस्ताव रखना, श्रीराम के मना करने के बाद लक्ष्मण के पास जाना और श्रीराम व लक्ष्मण दोनों के मना करने के पर सीता को तंग करना, उसके बाद लक्ष्मण द्वारा सरूपनखा की नाक काटना, सरूपनखा का अपने भाई खर-दूषण के पास जाना, श्रीराम के हाथों खर व दूषण का मारा जाना, खर-दूषण के मरने के बाद सरूपनखा का रावण के दरबार में जाना, और रावण को अपने साथ बीती घटना के बारे में बताना, अभिमानी रावण द्वारा सीता को हरण करने का प्रण लेने सहित कई दृश्य दिखाए गए। जिसमें राजेन्द्र आर्य ने राम, संजय छापोला ने सीता, बंसी बिरट ने लक्ष्मण, रवि मेहता ने रावण, दलीप कुमार ने सरूपनखा, रवि ढाल ने खर, कालुराम ने दूषण की भूमिका निभाई तथा मंच का संचालन रामकिशन सुथार ने किया। इस मौके पर वॉलेंटियर प्रधान रामप्रताप बिरट, शहीद भगत सिंह युवा कल्ब के प्रधान हेमराज बिरट, देवीलाल, सुरेन्द्र सुथार, जगदीश सहित भारी संख्या में दर्शक मौजूद थे।
री जय हो पवन कुमारÓ 'मैं बारी जाऊं बाला जीÓ 'रौम-रौम में जिसके राम समाया हैÓ 'आना पवन कुमार हमारे हरी किर्तन मेंÓÓ सहित अनेक बाला जी व श्रीराम जी के भजनों का गुणगान राजेन्द्र आर्य, विनोद जांगड़ा, राहुल बसवाला, अनिल कुमार नंदन आदि द्वारा किया गया। हनुमान झांकी के बाद कलाकारों द्वारा रामलीला में सरूपनखा का राक्षसी भेष में आना, बाद में सुंदर स्त्री का भेष बनाकर श्रीराम, सीता व लक्ष्मण के पास पंचवटी में आना, सरूपनखा द्वारा श्रीराम के साथ शादी करने का प्रस्ताव रखना, श्रीराम के मना करने के बाद लक्ष्मण के पास जाना और श्रीराम व लक्ष्मण दोनों के मना करने के पर सीता को तंग करना, उसके बाद लक्ष्मण द्वारा सरूपनखा की नाक काटना, सरूपनखा का अपने भाई खर-दूषण के पास जाना, श्रीराम के हाथों खर व दूषण का मारा जाना, खर-दूषण के मरने के बाद सरूपनखा का रावण के दरबार में जाना, और रावण को अपने साथ बीती घटना के बारे में बताना, अभिमानी रावण द्वारा सीता को हरण करने का प्रण लेने सहित कई दृश्य दिखाए गए। जिसमें राजेन्द्र आर्य ने राम, संजय छापोला ने सीता, बंसी बिरट ने लक्ष्मण, रवि मेहता ने रावण, दलीप कुमार ने सरूपनखा, रवि ढाल ने खर, कालुराम ने दूषण की भूमिका निभाई तथा मंच का संचालन रामकिशन सुथार ने किया। इस मौके पर वॉलेंटियर प्रधान रामप्रताप बिरट, शहीद भगत सिंह युवा कल्ब के प्रधान हेमराज बिरट, देवीलाल, सुरेन्द्र सुथार, जगदीश सहित भारी संख्या में दर्शक मौजूद थे।
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नेत्र जांच शिविर में 325 मरिजों की आँखों की जांच की
डबवाली 2 अक्टुबर (सुखपाल)
लायंस क्लब मण्डी डबवाली सुप्रीम द्वारा आज पंजाबी धर्मशाला में नेत्र जांच शिवि
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को नमन करके याद किया
डबवाली 2 अक्टुबर (सुखपाल)
आज कांग्रेस कार्यालय में ब्लाक कांगेस डबवाली शहरी द्वारा ब्लाक अध्यक्ष पवन गर्ग की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन क
रके राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री को उनके जन्मदिवस पर नमन करके याद किया गया तथा उनके द्वारा दिखाये गये मार्ग पर चलने का संकल्प किया। इस कार्यकर्म में वक्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को महान संत व अहिंसा के पुजारी के रूप में याद किया तथा उनके द्वारा चलाये गये सत्याग्रहो पर भी प्रकाष डाला गया। वक्ताओ ने कर्मयोगी पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री द्वारा किये गये कार्यो को भी याद किया।
इस कार्यक्रम में ब्लाक अध्यक्ष पवन गर्ग, पूर्व अध्यक्ष नवरतन बांसल,केशव शर्मा, सन्दीप चैधरी,बख्तावर मल दर्दी,प्रकाश चन्द बांसल,डा.भारत भुषण छाबड़ा,पार्षद विनोद बांसल,रमेश बागड़ी,बिन्दिया महन्त,गीता चैहान,सुरजीत चावलाडा.सुरेन्द्र मदान,बिमला महाशा,विधान सभा हल्का युवा उपाध्यक्ष विजय सहारण, शहरी युवा अध्यक्ष अमन भारद्वाज, पवन उदानिया,प्रशान्त गर्ग,डा.रवि वर्मा,कामरेड़ जयदयाल मेहता, सुरजभान पटवारी, कर्मसिंह, मनवीर सिंह मान व डा.के.वी.सिंह के निजी सचिव बजरंग थालोड़ आदि उपस्थित थे।
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भिन-भिन मामलों में चार गिरफ्तार
डबवाली-शहर डबवाली पुलिस ने राजू पुत्र रघुनाथ निवासी अलीपुर खेड़ा जिला मेनपुरी उत्तरप्रदेश हाल गांव डबवाली को 28 बोतल देसी शराब के साथ गश्त के दौरान गांव डबवाली से काबू किया है। शहर सिरसा पुलिस ने रमेश कुमार पुत्र प्रभूदयाल निवासी रानियां रोड सिरसा को 10 बोतल देसी शराब के साथ रानियां रोड क्षेत्र से, जबकि विनोद कुमार पुत्र कश्मीरी लाल निवासी जेजे कॉलोनी को 8 बोतल देसी शराब के साथ जेजे कॉलोनी क्षेत्र से काबू किया है। एक अन्य घटना में शहर थाना पुलिस ने असन खान पुत्र असगर खान निवासी बुटाना जिला मुज्जफरनगर यूपी हाल चतरगढ़पट्टी सिरसा को सार्वजनिक स्थल पर जुआ खेलने के आरोप में 1070 रुपये की सट्टा राशि के साथ खैरपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
जिला की सीआईए सिरसा पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा बेगू रोड सिरसा के पास चोरी हुए मोटरसाइकिल व मोबाईल की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस घटना के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरीशुदा मोटरसाइकिल व मोबाईल बरामद कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह पुत्र जोगेन्द्र सिंह व अमृत पाल पुत्र जगराज सिंह निवासी बाबलखुर्द थाना जैतो जिला फरीदकोट, पंजाब के रूप में हुई है। मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए सीआईए सिरसा के प्रभारी निरीक्षक किशोरी लाल ने बताया कि इस संबंध में नया डेरा सच्चा सौदा स्थित शाह सतनाम सिंह हस्पताल के डॉ. महेश इन्द्र सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि स्टाफ के सहायक उपनिरीक्षक रणसिंह पर आधारित पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाते हुए घटना के दोनों आरोपियों को डबवाली क्षेत्र से गिरफ्तार कर चोरीशुदा मोटरसाइकिल व मोबाईल फोन बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को आज सिरसा अदालत में पेश किया जाएगा।जिला की रानियां पुलिस ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाते हुए एक उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी बलवीर सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी नानुआना के विरुद्ध 18 अप्रैल 2008 को भादसं की धारा 457, 380 के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी अदालत से जमानत मिलने के बाद दोबारा हाजिर नहीं हुआ, जिस पर अदालत ने उसे इस संबंध में 2 दिसम्बर 2010 को उद्घोषित अपराधी करार दे दिया। रानियां थाना के सहायक उपनिरीक्षक एवं मामले के जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक जीत राम ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध अदालती आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में भादसं की धारा 174ए के तहत रानियां थाना में एक और मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को आज ऐलनाबाद अदालत में पेश किया जाएगा।
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पुलिस से बेखौफ हैं लुटेरे, दिन दिहाड़े महिला के गले से सोने की चेन झपटी
डबवाली-न्यू बस स्टैंड रोड पर शनिवार को दिन दिहाड़े हुई छीना झपटी की वारदात में एक बाईक पर सवार होकर आए लुटेरे युवक एक
बुजुर्ग महिला के गले से सोने की चेन झपट कर फरार हो गए। लुटेरों ने जब चेन झपटी तो महिला अचानक लगे झटके के कारण सड़क पर जा गिरी और बुरी तरह से घायल हो गई। उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में ले जाया गया।
बुजुर्ग महिला के गले से सोने की चेन झपट कर फरार हो गए। लुटेरों ने जब चेन झपटी तो महिला अचानक लगे झटके के कारण सड़क पर जा गिरी और बुरी तरह से घायल हो गई। उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक वार्ड न. 8 में स्थित एकता नगरी की गली न. 5 की निवासी बुजुर्ग महिला शकुंतला देवी (62 वर्ष) पत्नी रतन लाल चामडिय़ा अपनी पुत्र वधू बाला रानी को साथ लेकर पैर दर्द की दवाई लेने एक वैद्य के पास गई थी। जब वह न्यू बस स्टैंड रोड पर स्थित वर्धमान आयुर्वेदिक औषधि भंडार के सामने रिक्शा से उतर रही थी तो एक बाईक पर सवार होकर आए युवकों में से एक ने उसके गले में पहनी हुई सोने की चेन अचानक खींच ली। चेन झपटने के कारण लगे झटके के कारण शकुंतला देवी सड़क पर जा गिरी। इससे उसके सिर व शरीर के अन्य भागों पर चोटें आई। बाला रानी ने तुरंत रिक्शे से उतर कर अपनी सास शकुंतला देवी को संभाला और शोर मचा दिया। इससे आसपास के लोग वहां जमा हो गए मगर तब तक लुटेरे युवक फरार हो चुके थे। सूचना मिलने पर शकुंतला देवी का पुत्र रवि चामडिय़ा भी वहां पहुंच गया व अपने जानकार लोगों की मदद से शकुंतला देवी को तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल में ले गया। शकुंतला देवी के मुताबिक लुटेरे युवक रेलवे स्टेशन की ओर से आए थे और बस स्टैंड की और भाग गए। उसने बताया कि लुटेरे द्वारा झपटी गई चेन व लॉकेट का वजन करीब 3 तोले थे। मामले की सूचना शहर पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वारदात के बारे में जानकारी हासिल की।
गौरतलब है कि डबवाली शहर में लुटेरे युवक पुलिस से बेखौफ होकर इस प्रकार की वारदातों को अंजाम देते हैं। लोगों के मुताबिक डबवाली शहर में मैडिकल नशा सरेआम बिकता है और रोजाना सैंकडों युवक पंजाब से नशा खरीदने के लिए डबवाली आते हैं। माना जा रहा है कि यही युवक नशे के लिए इस प्रकार की लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते हैं। लोगों का कहना है कि नशे के बारे में कई बार पुलिस व प्रशासन को शिकायत की जा चुकी है लेकिन न जाने किस मजबूरी में पुलिस वाले नशा बेचने वाले कैमिस्टों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करते। ऐसे में नशे का काला कारोबार और लूटपाट की वारदातें लगातार जारी हैं।
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पत्नी को वेश्यावृति के धंधे में धकेला
डबवाली-पहले उसने अपनी पत्नी से दहेज में पैसों की मांग की। यह मांग जब पूरी नहीं हुई तो उसने पत्नी को वेश्यावृति के धंधे में धकेल दिया। यह मामला उपमंडल डबवाली के गांव अबूबशहर से जुड़ा हुआ है। गांव निवासी बिंदू बाला पुत्री स्व. तेजा राम ने इस संबंध में थाना सदर पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है। बिंदू बाला की शादी 20 दिसंबर 2010 को राजस्थान के पीलीबंगा क्षेत्र के गांव 21 एसजीआर निवासी ओम प्रकाश पुत्र देवीलाल के साथ हुई थी। हालंाकि बिंदू बाला के पिता का देहांत हो चुका था लेकिन फिर भी उसके चाचा आत्मा राम व अन्य परिजनों ने उसकी शादी धूमधाम से की और अपनी सामथ्र्य अनुसार दान दहेज भी दिया। आरोप है कि बिंदू बालाु के ससुरालवाले इस दहेज से संतुष्ट नहीं थे और बिंदू बाला को मायके से एक स्विफ्ट कार लाने के लिए तंग करने लगे। ससुरालवालों की दहेज संबंधी जब यह मांग पूरी नहीं हो सकी तो वे बिंदू बाला को प्रताडि़त करने लगे। बिंदू बाला के मुताबिक उसके पति ओमप्रकाश व देवर राजकुमार उसे गांव से जयपुर ले गए और यहां उसे नशा देकर उससे बलात्कार किया जाने लगा।
आरोप के मुताबिक हद तो तब हो गई जब इन लोगों ने बिंदू बाला को वेश्यावृति के धंधे में ही धकेल दिया। अंजु के मुताबिक उसकी एक सीडी भी बनाई गई और उसे इसी सीडी के सहारे ब्लैक मेल किया जाने लगा। बिंदू बाला के मुताबिक उसने किसी तरह फोन पर अपने घर पर संपर्क कर परिजनों को यह बात बताई। इसके बाद पहले उसका चाचा व बाद में उसका फूफा उसका पता करने जयपुर आए तो उन्हें धमकियां देकर वापिस भेज दिया गया। उसके ससुराल वाले उसे वापिस गांव 21 एसजीआर ले आए। यहां 29 सितंबर को गांव अबूबशहर की पंचायत पहुंची तो ससुरालवालों ने झगड़ा व मारपीट की। बिंदू बाला के मुताबिक इसके बावजूद उसे अबूबशहर ले आया गया। यहां आकर 30 सितंबर को उसने मैडिकल करवाया और पुलिस को सारे मामले की शिकायत कर कार्यवाही की गुहार लगाई।
थाना सदर प्रभारी रतन सिंह के मुताबिक बिदंू बाला की शिकायत पर पुलिस ने जांच श्ुारू कर दी है और पुख्ता कार्यवाही की जाएगी।
थाना सदर प्रभारी रतन सिंह के मुताबिक बिदंू बाला की शिकायत पर पुलिस ने जांच श्ुारू कर दी है और पुख्ता कार्यवाही की जाएगी।
अनीमिया मुक्त अभियान के तहत 10 हजार बच्चों की जांच होगी
डबवाली-लायंस अक्स द्वारा शुरू किए गए अनीमिया मुक्त अभियान के तहत दस हजार बच्चों की नि:शुल्क जाँच की जायेगी व उन्हें निशुल्क दवाईयां भी दी जाएंगी। यह अभियान लगातार चार मा
ह तक चलेगा। यह जानकारी देते हुए लायंस संगठन के प्रतीय सचिव सतीश जग्गा ने बताया कि उक्त अभियान की शुरूआत शुक्रवार को की गई । अभियान का शुभारंभ स्वामी दयानंद स्कूल में एसडीएम मुनीश नागपाल ने किया। कार्यक्रम में कच्चा आढ़तिया एसोसिएशन के उप-प्रधान जगननाथ जिन्दल, उद्योगपति आशु गर्ग और हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रवीन सिंगला विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए।
ह तक चलेगा। यह जानकारी देते हुए लायंस संगठन के प्रतीय सचिव सतीश जग्गा ने बताया कि उक्त अभियान की शुरूआत शुक्रवार को की गई । अभियान का शुभारंभ स्वामी दयानंद स्कूल में एसडीएम मुनीश नागपाल ने किया। कार्यक्रम में कच्चा आढ़तिया एसोसिएशन के उप-प्रधान जगननाथ जिन्दल, उद्योगपति आशु गर्ग और हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रवीन सिंगला विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए। समारोह को लायंस संगठन के जनपद अधिकारी हरदीप सरकारिया, सुरेन्द्र छिन्दा तथा प्रसिद्ध रंगकर्मी संजीव शाद ने भी संबोधित किया। मंच संचालन डा.शमिन्द्र मिगलानी ने किया और उपस्थित मेहमानों का आभार जनपद प्रकल्प अधिकारी संजय मिढ़ा ने किया। इस अवसर पर अक्स प्रधान हिमंाशु शर्मा, केशव शर्मा, पवन गर्ग, नसीब गार्गी, प्रवेश गुप्ता, पंकज मैहता, ऋषि पपनेजा, गुरदीप कामरा, दीपक मोंगा, एक ओंकार नामधारी, केवल वधवा, मुनीश गुप्ता, मुकेश गोयल, मनोज शर्मा, सुनील रहेजा, अरविन्द गर्ग, संदीप चावला, रामकिशन गुप्ता, राजेश जिंदल, वेद भारती, भारत छाबड़ा, डा. मथरा दास चलाना, डा. हरमेल बराड़, आषीश सिंगला सहित नगर के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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दहेज लेना बंद कर दो, दहेज प्रथा समाप्त हो जाएगी: मडिय़ा
डबवाली-गांव अलीकां के राजकीय स्कूल में शनिवार को ग्रामीण लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत की अध्यक्षता उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. अतुल मडिय़ा ने की।
लोक अदालत में 56 मामले रखे गए जिनमें से 54 का निपटान कर दिया गया। इसके अलावा 15 इंतकाल दर्ज किए गए। वरिष्ठ अधिवक्ता गंगा बिश्र गोयल व सुखबीर सिंह बराड़ ने इस मौके पर लोक अदालत का महत्व लोगों को बताया। बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एसके गर्ग ने माता पिता व वरिष्ठ नागरिक भरणपोषण एक्ट 2007 व मनेरगा कानून के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए लोगों को जागरूक किया।
एसडीजेएम डॉ. अतुल मडिय़ा ने इस अवसर पर संबोधन के दौरान लोगों को सामाजिक बुराईयों से दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्हेांने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या व दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराईयों को मिलकर दूर किया जाना जरूरी है। दहेज लेने वालों को भिखारी बताते हुए उन्होंने आह्वान किया कि दहेज लेना बंद कर दिया जाए तो दहेज प्रथा अपने आप ही समाप्त हो जाएगी।
इस अवसर पर एडवोकेट सुरेश शर्मा व इंद्रजीत सिंह ने कविताओं के माध्यम से अपनी बात कही। मंच संचालन एडवोकेट युधिष्ठिर कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र दंदीवाल, गुरविंद्र मान, धर्मवीर कुलडिय़ा, ओम प्रकाश गांधी, कुलदीप सिधुु, बलजीत सिंह व कई अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
एसडीजेएम डॉ. अतुल मडिय़ा ने इस अवसर पर संबोधन के दौरान लोगों को सामाजिक बुराईयों से दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्हेांने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या व दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराईयों को मिलकर दूर किया जाना जरूरी है। दहेज लेने वालों को भिखारी बताते हुए उन्होंने आह्वान किया कि दहेज लेना बंद कर दिया जाए तो दहेज प्रथा अपने आप ही समाप्त हो जाएगी।
इस अवसर पर एडवोकेट सुरेश शर्मा व इंद्रजीत सिंह ने कविताओं के माध्यम से अपनी बात कही। मंच संचालन एडवोकेट युधिष्ठिर कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र दंदीवाल, गुरविंद्र मान, धर्मवीर कुलडिय़ा, ओम प्रकाश गांधी, कुलदीप सिधुु, बलजीत सिंह व कई अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
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गरीबो का मजाक उड़ाती गरीबी की नयी परिभाषा
योजना आयोग जिसके मुखिया है अर्थशाश्त्र के ज्ञाता प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह है उनकी टीम ने गरीबो का मजाक उड़ाते हुए गरीबी की नयी परिभाषा बताई है उनके मुताबिक़ शहर में एक व्यक्ति एक दिन में अपने ऊपर अगर ३२ रूपए खर्च करता है तो वो गरीब नहीं है…और गाँव के व्यक्ति के लिए यही आंकड़ा २६ रूपए है.. इतना ही नहीं MMS यानि मनमोहन सिंह जी ने बाकायदा एक दैनिक बजट भी पेश किया है जोकि कुछ इस प्रकार है- अनाज के लिए-५.५० रूपए, दाल के लिए-१.०२ रूपए दूध के लिए २.३३ रूपए , सब्जी के लिए -१.९५ रूपए , तेल के लिए-१.५५ रूपए , फल के लिए-४४ पैसे , चीनी के लिए- ७० पैसे ,नमक और मसाले के लिए-७८ पैसे , अन्य फ़ूड आइटम्स के लिए- १.५१ रूपए ,ईंधन के लिए-३.७५ रूपए……
लगता है योजना आयोग के मुखिया अपना मानसिक संतुलन खो बैठे है…अपने को गरीबो की हमदर्द होने का ढोंग करने वाली कांग्रेस पार्टी के नेता कौनसी दुनिया में जी रहे है..सच्चाई से कितना दूर है योजना आयोग…इन्हें शर्म भी नहीं आती गरीबी की ऐसी परिभाषाएँ देने में ..लेकिन शर्म आये भी तो कैसे आखिर ये तो ठहरे नेता इनके अन्दर बेशर्मी तो कूट-कूट कर भरी होती है ….चोरी पे चोरी ऊपर से सीना जोरी- ये परिभाषा कम थी की जो कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का बयान आया – सभी आंकड़े रीसर्च और सर्वे के बाद प्रस्तुत किये गए है…अभिषेक जी लगता है रीसर्च और सर्वे के बजाये योजना आयोग के सदस्यों और उनके मुखिया ने खेल-खेल में अपनी-अपनी जवानी के दिनों के ऊपर रीसर्च कर के ये दैनिक बजट तैयार किया है..इस नयी परिभाषा के पीछे भी इनकी गन्दी चाल है वो ऐसे की जब देश में ये परिभाषा लागू हो जायेगी तो देश में हकीकत में बढती हुई ग़रीबी आंकड़ो में कम हो जायेगी और जब गरीबी आंकड़ो में कम हो जायेगी तो इससे सरकार को तीन फायदे होंगे..१- गरीबो को मिलने वाली सेवाओं में सरकार कटौती कर देगी..२- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की गरीब देश की छवि कम होगी..३- और इन झूठे आंकड़ो का सबसे बड़ा फायदा तो यह है की २०१४ के चुनाव में वोट मांगने के लिए एक मुद्दा मिल जाएगा की हमारी सरकार ने गरीबी कम की… पर ये पब्लिक है ये सब जानती है…और वैसे भी अगर ३२ और २६ रूपए कमाने वाला व्यक्ति गरीब नहीं होता है तो हमारे नेताओ का भी मासिक ३८४० रूपए का मासिक वेतन मिलना चाहिए..क्यों सरकार अपनी सभी गन्दी चाले जनता के ऊपर आजमाती है ? दिन पर दिन बढती महंगाई महंगे होते खद्या पदार्थ पेट्रोल के दाम तो आसमान को छु रहे है और अब LPG सिलेंडर की भी सब्सिडी हो जायेगी एक वर्ष में केवल ६ सिलेंडर ही प्राप्त होंगे इससे अधिक पर और अधिक भुगतान करना पड़ेगा इस सबसे झूजना तो जनता को ही पड़ता है…मंत्रियो का क्या जो हज़ारो करोडो के मालिक है उनके लिए ये १०००,५०० रूपए क्या मायने रखते होंगे…योजना आयोग द्वारा प्रस्तुत किया गया गरीबी का नया पैमाना पूर्ण रूप से अव्यवाहरिक है..अगर योजना आयोग इसे व्यवहारिक समझता है तो इस पैमाने को वह स्वयं खुद के ऊपर लागू कर के देखे तब उसे हकीक़त का अहसास होगा…सरकार के लिए तो मै इतना ही कहना चाहता हूँ ” विनाशकाले विपरीत बुद्धि” जब किसी का अंत होना होता है तो उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है…*जय हिंद जय भारत*
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शनिवार, 1 अक्टूबर 2011
संकल्प पूर्ति के लिए पिछले 22 वर्षों से खड़ा है डॉक्टर कम लैक्चरार
डबवाली (यंग फ्लेम) पिछले 22 वर्षों से खड़ा एक हनुमान भगत गत दिवस डबवाली शहर को अलविदा कहकर अपनी आगे की यात्रा पर
निकल गए। डबवाली शहर की बठिंडा रोड पर स्थित बलदेव ट्रैक्टर वक्र्स शॉप के मालिक व उनके सेवक मिस्त्री बलदेव सिंह बताया कि यह हनुमान भक्त पिछले 22 वर्षों से चारपाई पर सोया नहीं है और न ही कभी बैठा है। उन्होंने बताया कि यह हनुमान भक्त अपने बीते समय में प्रोफेसर रह चुके है और इन्होंने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की हुई है।
इस बारे में जब हनुमान भक्त से हमारे संवादाता ने पूछा तो उन्होंने बताया कि उनका पूरा नाम डॉ. हाकम अनमोलक दास है और उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री के साथ डबल एमएससी पास डॉक्टर कम लैक्चरार है व साढे तीन वर्ष तक सीबीआई को भी अपनी सेवाएं दे चुके है। डॉक्टर से एक साधु का रूप धारण करने के पीछे क्या कारण था उसे बताते हुए कहा कि वह चितौडग़ढ (राजस्थान) शहर से 25 किलोमीटर दूरी पर उद्यपूर हाईवे पर स्थित गोरा जी का गांव निम्बाहेड़ा के समीप स्थित फैक्ट्री श्री गणपति फर्टीलाईजर्स के बाहर एक वह करीब 20 खड़े रहे। उन्होंने बताया कि श्री गणपति फर्टीलाईजर्स की स्थापना के समय फैक्ट्री के मालिक आरके जोशी ने इस हनुमान भक्त को हाथ में गंगा जल देकर संकल्प दिलवाया था कि वह फैक्ट्री के बाहर 108 फीट ऊंचा व 5 मंजिला हनुमान जी का मंदिर बनवाएगा। तब तक वह यहां खड़ा रहे। इस प्रकार संकल्प दिलवाने के वादे के बाद फैक्ट्री खुली और हानि उठाने के बाद उस फैक्ट्री का मालिक भी बदल गया। साथ ही वह संकल्प दिलवाने वाला आरके जोशी भी वहां से चला गया। लेकिन उस वक्त से उन्होंने अपने संकल्प की लाज रखी और आज भी अपने संकल्प पर अडिग़ है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म 1933 में पटियाला में हुआ था। राजेंद्र मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद सीबीआई में सैकिंड डायरैक्टर एचआर शर्मा के अधीन 3 वर्ष तक कार्य किया।
निकल गए। डबवाली शहर की बठिंडा रोड पर स्थित बलदेव ट्रैक्टर वक्र्स शॉप के मालिक व उनके सेवक मिस्त्री बलदेव सिंह बताया कि यह हनुमान भक्त पिछले 22 वर्षों से चारपाई पर सोया नहीं है और न ही कभी बैठा है। उन्होंने बताया कि यह हनुमान भक्त अपने बीते समय में प्रोफेसर रह चुके है और इन्होंने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की हुई है।
सेवादास का का कहना है की उनका सकंल्प अटूट है। तब तक उस स्थान पर हनुमान मंदिर नहीं बन जाता मैं खड़ा ही रहूंगा। अपने संकल्प को पूरा करने के कारण उनके पैर बुरी तरह से जख्मी हो चुके तथा घुटनों तक सड़ चुके है व पट्टीयां बंधी हुई है। पेशे से डाक्टर रह चुके सेवादास उर्फ अनमोलक दास ने बताया कि वह स्वयं ही एन्टीबायोटिक इंजेक्शन स्वयं ही लगा लगते है। इंजेक्शन लगाते समय भी वे खड़े ही रहते है।
उन्होंने बताया वह गत दिनों ही डबवाली शहर में अपने सेवक के यहां आए और उसकी वक्र्स शॉप के बाहर रखे तेल के ड्रम पर अपना सीना रखकर सोते है व अपना प्रत्येक कार्य स्वयं करते है। इस वक्त की स्थिती देखकर एक बारगी तो किसी का भी मन द्रवित हो जाता है और उसके मन में यहीं सवाल आता है कि इतना पढ़ा लिखा डॉक्टर आज अपना संकल्प निभाने के लिए इतनी पीड़ा उठा रहा है और संकल्प दिलवाने वाला आरके जोशी अपनी हवेली में आराम से जीवन बीता रहा है। क्या यहीं इंसानियत है कि वादा करके तोड़ दें?
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रविवार, 25 सितंबर 2011
बाढ़ का पानी न निकलने से सकताखेड़ा में 200 एकड़ फसल बर्बाद
डबवाली (यंग फ्लेम) भारी बारिश के प्रकोप से सकताखेड़ा गांव के एक दर्जन किसानों की 200 एकड़ भूमि में नरमा की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है। खेत में अभी तक 2 से 3 फूट तक पानी भरा पड़ा है पीडि़त किसानों ने रकबे की गिरदावरी करवा कर मुआवजा दिए जाने की मांग उच्चाधिकारियों से की है। पत्रकारों की टीम ने बाढग़्रस्त क्षेत्र का अवलोकन किया तो पाया कि सारे क्षेत्र में दूर-दूर तक पानी भरा पड़ा है। नरमें के पौधे मुरझाने लगे है और मौके पर मौजूद किसान अमर सिंह खीचड़ ने बताया कि 12 सिंबतर से 16 सिंतबर तक लगातार भारी बारिश हुई। चूंकि हरियाणा क्षेत्र का रकबा साथ लगते बडिंगखेड़ा (पंजाब) गांव के रकबे से नीचा पड़ता है जिसके चलते पंजाब क्षेत्र का बरसात का पानी भारी मात्रा में आ गया व एक सप्ताह हुई बारिश बंद हो चुकी है लेकिन पानी कम नहीं हो पा रहा है। किसान भजनलाल व देवव्रत ने बताया कि ट्रैकटर द्वारा दिन-रात पानी को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नरमें की फसल तो बर्बाद हो ही चुकी है अब तो हमारा प्रसाय है कि गेहूं की फसल की बिजाई किसी तरह संभव हो जाए। किसान स्नेहदीप व जगरूप सिंह ने बताया कि हालांकि स्थानीय उपमंडलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने पानी निकासी हेतु डीजल उपलब्ध करवाया है लेकिन हमारी प्रशासन से मांग है कि यहां एक ट्रांसफार्मर लगवा दिया जाए ताकि पानी को जल्दी व आसानी से निकाला जा सके। साथ ही किसानों द्वारा पंजाब क्षेत्र से आने वाले पानी को रोकने हेतु जेसीबी से मिट्टी डाली जा रही है प्रशासन इस कार्य में अपना सहयोग दे ताकि भविष्य में होने वाले नुकसान को रोकने हेतु पुख्ता प्रबंध किए जा सके। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में पानी का जमीनी लेवल केवल 3-4 फीट ही है तथा अब भारी बारिश एवं साथ लगते क्षेत्र का पानी भर जाने से लेवल और ऊंचा हो जाने की संभावना बन गई है। जिसके चलते यह क्षेत्र पूरी तरह से सेमग्रस्त हो जाने की संभावना बन गई है। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत इस और ध्यान दे ताकि दर्जनों परिवारों की अजीविका का साधन बच सके।
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मंगलवार, 20 सितंबर 2011
हरियाणा के सिक्खों ने नकारी अलग कमेटी की मांग
महावीर सहारण (09354862355)
डबवाली(यंग फ्लेम) शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव नतीजों (अभी अधिकारिक रूप से घोषित नहीं) ने अलग गुरूद्वारा कमेटी की मांग को दरकिनार कर दिया है। 11 में से 8 सीटों पर शिरोमणी अकाली दल बादल के उम्मीदवारों की जीत ने साबित कर दिया है कि प्रदेश के सिक्ख अलग कमेटी के पक्षधर नहीं है। जगदीश सिंह झींडा व दीदार सिंह नलवी की क्रमश: 8000 व 10,000 मतों की बड़ी हार से यह तय हो गया है कि उनका जनाधार बुरी तरह से खिसक गया है।
प्रदेश का सिक्ख मतदाता परम्परागत रूप से देवीलाल-औमप्रकाश चौटाला को अपना समर्थन देता रहा है। स. प्रकाश सिंह बादल की चौटाला परिवार से निकटता जगजाहिर रही है। लेकिन विगत एसजीपीसी चुनाव में हरियाणा सिक्ख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहाक) का गठन करके जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, जैसे नेताओं ने प्रदेश में जबरदस्त प्रचार अभियान चलाया था कि अलग गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन किया जाए। उस चुनाव में शिरोमणी अकाली दल बादल ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तथा झींडा नलवी धड़ा 11 में से 7 सीटों पर विजयी होने में सफल रहा। तत्पश्चात झींडा ने लोकसभा-विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन का ऐलान करके अपने इरादे जाहिर कर दिए इससे जहां औम प्रकाश चौटाला को राजनैतिक नुकसान तो हुआ ही बल्कि अलग कमेटी की मांग से एसजीपीसी की ताकत बंटने का अंदेशा भी होने लगा। इसलिए इस चुनाव को शिरोमणी अकाली दल बादल ने गंभीरता से लड़ा तथा इनेलो कैडर का भी सहारा लिया व झींडा-नलवी को बुरी तरह से हराने में सफलता प्राप्त की। अम्बाला की दोनों सीटों पर अकाली दल पाली धड़ा ने विजय प्राप्त की है वो भी मामूली 400 वोटों के अंतर से तथा सिरसा सीट पर गुरमीत सिंह तिलोकेवाला आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीते है इस प्रकार झींडा-नलवी के सभी प्रत्याशी चुनाव हार गए है।
चुनावी नतीजों ने प्रदेश में औम प्रकाश चौटाला को मजबूती प्रदान की है तथा हिसार उपचुनाव में इनेलो प्रत्याशी अजय सिंह चौटाला को इसका फायदा होगा। वहीं कांग्रेस के लिए यह नतीजें निराशाजनक कहे जा सकते है क्योंकि जगदीश सिंह झींडा खुल कर कांग्रेस का समर्थन करते रहे है। इसके अलावा अलग कमेटी का मुद्दा एकबारगी तो इन चुनावी नतीजों ने पुरी तरह से समाप्त कर दिया है व प्रदेश के सिक्खों पर प्रकाश सिंह बादल के असर को भी साबित कर दिया है।
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मार्केट फीस कम करने की मांग को लेकर दिया धरना, ज्ञापन सौंपा
डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा में कपास-नरमा पर मार्केट फीस कम करने की मांग को लेकर सोमवार को हरियाणा कॉटन जिनिर्स एसोसिएशन, पक्का आढ़तिया एसोसिएशन तथा कच्च आढ़तियां एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा स्थानीय एसडीएम मुनीश नागपाल की मार्फत हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम एक ज्ञापन पत्र सौंपा गया तथा मार्केट कमेटी के समक्ष सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। ज्ञापन द्वारा व्यापारियों व सरकार को हो रहे नुकसान से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। उन्होंने लिखा कि व्यापारियों द्वारा हरियाणा राज्य में कपास-नरमा पर मार्केट फीस एवं एचआरडीएफ 4 प्रतिशत है जबकि पड़ौसी राज्य पंजाब में 2 प्रतिशत व राजस्थान में 0.80 से 1.60 प्रतिशत है। जिस कारण हरियाणा राज्य का नरमा उपरोक्त पड़ोसी राज्यों की मंडियों में बिक रहा है तथा हरियाणा में कॉटन जिनिंग उद्योग एवं इससे जुड़े किसान-मजदूरों, कच्चा आढि़तियां एवं पक्का आढ़ंतियां संकट की स्थिति में है। उन्होंने बताया कि नरमा-कपास की आवक मंडिय़ों में शुरू हो चुकी है और उपरोक्त टैक्स अधिक होने की वजह से किसानों को उनके नरमे का भाव 300 से 400 रूपए कम मिल रहा है। पड़ौसी राज्यों में टैक्स कम होने के कारण किसानों ने दूसरे पड़ोसी राज्यों का रूख कर लिया है। इसी कारण सरकार को न केवल मार्केट फीस का नुकसान हो रहा है बल्कि 5.25 प्रतिशत वैट जो कि नरमा-कपास पर लगता है उसका भी नुकसान सरकार को उठाना पड़ रहा है। किसानों की उपज दूसरे राज्यों में जाने से कच्चा आढ़तिया, पक्का आढ़तिया, मजदूर, किसान एवं कॉटन जिनिंग से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। नरमा-कपास वैट प्रणाली की विसंगतियों के कारण कॉटन उघोग का करोंडों रूपए वैट रिफंड के रूप में बिना वजह पड़ा है जिस कारण कॉटन उघोग बहुत भारी वित्तीय संकट से गजुर रहा है। हरियाणा कॉटन जिनिर्स एसोसिएशन, पक्का आढ़तियां एसोसिएशन एवं कच्चा आढ़तियां एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि मार्केट फीस तथा एचआरडीएफ मिलकार एक प्रतिशत फीस की जाए एवं वैट कच्चा आढ़तियों की बजाए मिल मालिकों से भरवाकर बंद होने के कगार पर खड़े कॉटन उद्योग को बचाया जा सके।
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जगसीर मांगेआना ने दी जगदेव मटदादु को करारी शिकस्त
यंग फ्लेम का आकलन सटीक साबित हुआ
डबवाली (यंग फ्लेम) शिरोमणी अकाली दल बादल प्रत्याशी जगसीर
सिंह मांगेआना ने तिकोने मुकाबले में हरियाणा सिक्ख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के जगदेव सिंह मटदादु को 1494 मतों से हरा दिया है हालांकि अधिकारिक रूप से चुनाव नतीजे की घोषणा 22 सितंबर को की जाएगी। 18 सिंतबर को हुए चुनाव में 28014 मतदाताओं में 21030 मतदाताओं ने वोट डाला। अकाली दल बादल प्रत्याशी के लिए परमजीत सिंह माखा का प्रभावी चुनाव लडऩा बेहद फायदेमंद रहा।
शुरूआती दौर में जगसीर सिंह मांगेआना को बेहद कमजोर उम्मीदवार आंका जा रहा था लेकिन कांग्रेस समर्थकों द्वारा परमजीत सिंह माखा को चुनाव मैदान में उतार देने से जगदेव सिंह मटदादु के लिए मुश्किलों का दौर शुरू हो गया था साथ ही चुनाव के आखिरी दौर में इनेलो कैडर के मैदान में उतर आने से जगसीर सिंह मांगेआना का चुनावी ग्राफ एकाएक ऊपर आ गया। जगदेव सिंह मटदादु के समर्थक शुरू से ही अपनी जीत को पक्की मान कर चल रहे थे तथा उनका अत्मविश्वास ही उन के हार का एक कारण बना।
सिंह मांगेआना ने तिकोने मुकाबले में हरियाणा सिक्ख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के जगदेव सिंह मटदादु को 1494 मतों से हरा दिया है हालांकि अधिकारिक रूप से चुनाव नतीजे की घोषणा 22 सितंबर को की जाएगी। 18 सिंतबर को हुए चुनाव में 28014 मतदाताओं में 21030 मतदाताओं ने वोट डाला। अकाली दल बादल प्रत्याशी के लिए परमजीत सिंह माखा का प्रभावी चुनाव लडऩा बेहद फायदेमंद रहा।उन्होंने जमीनी समीकरणों को नजर अंदाज कर दिया। मांगेआना तथा माखा को पार्टी वर्करों का भी बड़ा सहारा मिला। जगदेव सिंह मटदादु के पास कार्यकर्ताओं की कमी दूर-दराज के गांवों में स्पष्ट रूप से देखी गई।
डबवाली हलके में जगसीर सिंह को 5021, जगदेव सिंह को 3496 व परमजीत को 2265 वोट मिले। राणियां में क्रमश: 2676, 2668 व 1110 वोट मिले तथा ऐलनाबाद में 1316, 1355 व 864 वोट मिले। इस चुनाव नतीजे से यह साबित हो गया कि हार-जीत में चुनावी समीकरणों की भूमिका तो होती ही है बल्कि कार्यकर्ताओं की मेहनत भी मायने रखती है।
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प्रदेश के सिक्खों ने दिया एकता का परिचय-जपानी
डबवाली (यंग फ्लेम) शिरोमण गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में हरियाणा प्रदेश की 11 में से 8 सीटों पर अकाली दल बादल एवं इंडियन नेशनल लोकदल के सांझे उम्मीदवारों का भारी मतों से जीतना प्रदेश के सिक्खों की सबसे बड़ी जीत है। यह शब्द इनेलो पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के शहरी प्रधान सुखजिंद्र जपानी ने एक प्रैस ब्यान जारी कर कहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सिक्खों ने यह साफ कर दिया कि वह हरियाणा की अगल कमेटी के हक में नहीं है। प्रदेश के सिक्खों ने शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में अलग कमेटी का राग अलापनों वालों से ध्यान हटाकर अकाली दल बादल व इंडियन नेशन लोकदल पार्टी के हक में मतदान कर जहां बादल-चौटाला परिवार को और अधिक मजबूत किया है वहीं प्रदेश में भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए बादल-चौटाला परिवार को आशीर्वाद देने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस हमेशा से ही सिक्खों की दुशमन रही है। सिक्खों की दुशमन कांग्रेस व दिल्ली गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान परमजीत सिंह सरना की मिली भगत समुचे सिक्ख जगत को बांटना चाहते थे लेकिन सिक्खों ने एकता का परिचय देते हुए उनके मनसूबों पर पानी फेर दिया।
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रविवार, 18 सितंबर 2011
मतदान के प्रति दिखा उत्साह
मतपेटियों में बंद हो गया भाग्य, 22 को आएगा रिजल्ट
18 सितम्बर। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सिरसा व डबवाली सीट पर हुए मतदान में खासा उत्साह नजर आया। विभिन्न वाहनों में सवार होकर मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचे। दिन भर मतदान केंद्र के आसपास रौनक बनी रही। मतदान आज सुबह 8 बजे शुरू हुआ जो साय: 4 बजे तक चला। सिरसा सीट से शिरोमणि अकाली दल 1920 के उम्मीदवार गुरदीप सिंह, अकाली दल बादल के उम्मीदवार प्रकाश सिंह साहुवाला व आजाद प्रत्याशी गुरमीत सिंह तिलोकेवाला के बीच मुकाबला है। इसी प्रकार डबवाली सीट से शिरोमणि अकाली दल बादल के उम्मीदवार जगसीर सिंह मांगेआना, आजाद उम्मीदवार परमजीत सिंह माखा व एचएसजीपीसी प्रत्याशी जगदेव सिंह मटदादू के बीच टक्कर है। सुबह के समय मतदान की रफ्तार कुछ कम रही और सिरसा सीट पर सुबह 10 बजे तक महज 19 प्रतिशत मतदान ही हो सका था। दोपहर के बाद मतदान में तेजी आई जो शाम 4 बजे तक चलती रही। जिले में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांति से हुआ। शांतिपूर्ण मतदान के लिए जिले में 102 मतदान केंद्र बनाए गए थे जबकि 460 अधिकरियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की सूरत में 13 पोलिंग पार्टीयां रिजर्व में रखी गई थी।
गांव भीमा में हुआ तनाव
रोड़ी क्षेत्र के गांव भीमा में मतदान को लेकर कुछ तनाव हुआ जो बाद में शांत हो गया। तनाव का कारण बनी एक महिला मतदाता। महिला मतदान केंद्र के अंदर अपने बेटे को साथ ले गई और कहने लगी कि उसका वोट उसका बेटा डालेगा। इस पर एक एजेंट ने विरोध किया और कहा कि बेटे को वोट डालने का अधिकार नहीं है। इसी बात पर पक्ष-विपक्ष के एजेंट में कहासुनी हो गई और कुछ देर मतदान रूक गया लेकिन बाद में अधिकारियों ने मामले को शांत करा दिया।
सख्त थी सुरक्षा व्यवस्था
शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रत्येक मतदान केंद्र के बाहर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी हुई थी। सिरसा व डबवाली सीट के चुनाव के लिए एक हजार से भी अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। दोनों क्षेत्रों को छह सैक्टरों मेें बांटकर डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सैक्टर इंचार्ज लगाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आधा दर्जन डीएसपी, दो दर्जन से भी अधिक इंस्पेक्टर तैनात थे। दोनों क्षेत्रों में 20 पेट्रोलिंग पार्टियां गश्त पर थी। जिले की सीमा भी सील की गई थी। दोनों क्षेत्रों के 38 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए थे।
18 सितम्बर। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सिरसा व डबवाली सीट पर हुए मतदान में खासा उत्साह नजर आया। विभिन्न वाहनों में सवार होकर मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचे। दिन भर मतदान केंद्र के आसपास रौनक बनी रही। मतदान आज सुबह 8 बजे शुरू हुआ जो साय: 4 बजे तक चला। सिरसा सीट से शिरोमणि अकाली दल 1920 के उम्मीदवार गुरदीप सिंह, अकाली दल बादल के उम्मीदवार प्रकाश सिंह साहुवाला व आजाद प्रत्याशी गुरमीत सिंह तिलोकेवाला के बीच मुकाबला है। इसी प्रकार डबवाली सीट से शिरोमणि अकाली दल बादल के उम्मीदवार जगसीर सिंह मांगेआना, आजाद उम्मीदवार परमजीत सिंह माखा व एचएसजीपीसी प्रत्याशी जगदेव सिंह मटदादू के बीच टक्कर है। सुबह के समय मतदान की रफ्तार कुछ कम रही और सिरसा सीट पर सुबह 10 बजे तक महज 19 प्रतिशत मतदान ही हो सका था। दोपहर के बाद मतदान में तेजी आई जो शाम 4 बजे तक चलती रही। जिले में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांति से हुआ। शांतिपूर्ण मतदान के लिए जिले में 102 मतदान केंद्र बनाए गए थे जबकि 460 अधिकरियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की सूरत में 13 पोलिंग पार्टीयां रिजर्व में रखी गई थी।
गांव भीमा में हुआ तनाव
रोड़ी क्षेत्र के गांव भीमा में मतदान को लेकर कुछ तनाव हुआ जो बाद में शांत हो गया। तनाव का कारण बनी एक महिला मतदाता। महिला मतदान केंद्र के अंदर अपने बेटे को साथ ले गई और कहने लगी कि उसका वोट उसका बेटा डालेगा। इस पर एक एजेंट ने विरोध किया और कहा कि बेटे को वोट डालने का अधिकार नहीं है। इसी बात पर पक्ष-विपक्ष के एजेंट में कहासुनी हो गई और कुछ देर मतदान रूक गया लेकिन बाद में अधिकारियों ने मामले को शांत करा दिया।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रत्येक मतदान केंद्र के बाहर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी हुई थी। सिरसा व डबवाली सीट के चुनाव के लिए एक हजार से भी अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। दोनों क्षेत्रों को छह सैक्टरों मेें बांटकर डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सैक्टर इंचार्ज लगाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आधा दर्जन डीएसपी, दो दर्जन से भी अधिक इंस्पेक्टर तैनात थे। दोनों क्षेत्रों में 20 पेट्रोलिंग पार्टियां गश्त पर थी। जिले की सीमा भी सील की गई थी। दोनों क्षेत्रों के 38 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए थे।
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सफाई के अभाव में शहर बना कचरा घर
डबवाली (यंग फ्लेम)शहर को कचरामुक्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, इसके बावजूद अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर कचरा का घर बना हुआ है। जहां नजर डालो, गंदगी ही गंदगी नजर आती है। शहरवासियों द्वारा बार-बार आवाज उठाने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। लगता है अधिकारियों को जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। शहर का कचरा खपाने के लिए कचरा प्लांट लगाने की योजना भी अधर में लटक गई। इसके पीछे अधिकारियों का निक्कमापन जिम्मेदार है। नगरपालिका द्वारा घरों व बाजारों से कचरा एकत्रित करने के लिए रिक्शा लगवाई गई थी लेकिन अब वह भी सड़कों से गायब हो चुकी है। शहर गंदगी का सबसे बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। जि कारण पशु दिन भर गंदगी के इर्द-गिर्द विचरण करते रहते थे और कचरे को इधर-उधर बिखेर देते थे। बरसात के कारण अब कचरा बदबू मारने लगा है और मच्छर पनप रहे हैं। लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि जब लाखों रूपए की लागत से नगरपालिका द्वारा मंगवाई गई रिक्शा भी बेकार में खड़ी जर्जर हो रही है। इन सवालों के जवाब शहर की जनता अधिकारियों से जानना चाहती है पर अधिकारी है कि हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। यदि अधिकारी इसी तरह से जनता की उपेक्षा करते रहे तो उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।बारिश के पानी की निकासी का नहीं प्रबंध
शहर की दूसरी सबसे बड़ी समस्या बारिश के पानी की निकासी की है। जब बारिश होती है तो पानी एक सप्ताह तक गलियों, खाली प्लाटों या सड़कों पर भरा रहता है। बठिंडा चौक, मलोट रोड पर स्थित रेलवे फाटक पर कुछ ऐसे ही हालात बने हुए हैं जहां बारिश का पानी कई दिनों से भरा हुआ है। खाली प्लाटों में भरा हुआ पानी तालाब जैसा लगता है। उनके अंदर मच्छर पैदा हो रहे हैं जो मलेरिया को बढ़ावा दे रहे हैं। शहर के कुछ अन्य हिस्सों में भी बारिश का पानी भरा हुआ है जिसकी निकासी के लिए प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए ग
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शनिवार, 17 सितंबर 2011
भाजपा की मजबूरी से खुली कुलदीप की लॉटरी
महावीर सहारण(9354862355)
हजकां
-भाजपा के गठबंधन ने प्रदेश में सहज गति से बह रहे सियासी पारे में एकबारगी तो तूफान सा ला दिया है। गठबंधन राजनीतिक निर्वासन झेल रहे कुलदीप बिश्रोई को प्रदेश की राजनीति की मुख्यधारा में लौटाने में तो सफल होगा साथ ही भाजपा को भी हरियाणा में सही मायनों में अपने पैर जमाने का अवसर प्रदान कर सकता है।
प्रदेश में अब तक कांग्रेस के विरोध में कोई भी दल भाजपा के सहयोग के बिना सरकार का गठन नहीं कर पाया। 1977 में एकजूट जनता पार्टी के रूप में विपक्ष को जोरदार सफलता मिली तो 1982 में लोकदल-भाजपा गठबंधन लगभग सरकार गठन के करीब ही पहुंच गया था लेकिन 1987 में तो 1977 वाला ही इतिहास दोहराया गया था। जब कांग्रेस 5 सीटों पर ही सिमट गई थी। तदोपरांत भाजपा-इनेलो के नेतृत्व में कुछ कड़वाहट फैलनी शुरू हो गई थी इसी के नतीजे में 1991 में कंाग्रेस की जोरदार वापसी हो गई। 1996 में आखिरी समय में भाजपा ने औम प्रकाश चौटाला की बजाए हविपा से समझौता कर के बंसीलाल की ताजपौशी करवा दी। सता की जो मलाई इस दौर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चखी उस से उन की आकांक्षाएं भी बढ़ गई। 1999 में पुन: इनेलो-भाजपा गठबंधन हुआ तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा 6 सीटों पर सिमट गई व इनेलो को अपने बलबूते पर बहुमत मिल गया।
यहीं से इनेलो-भाजपा संबधों की ऐसी इबारत लिखी गई जिसका खामियाजा दोनों पक्षों को भुगतना पड़ा तथा भाजपा के केडर का इनेलो से पूर्णतया मोहभंग हो गया। बंसी लाल के शासन काल में सही मायनों में सतासुख भोग चुके भाजपा कार्यकर्ताओं की इनेलो-भाजपा सरकार में वैसी कद्र नहीं थी गठबंधन फिर टूटा। 2004 में कांग्रेस की फिर वासपी हुई तथा मजबूरी वश 2009 में फिर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इनेलो से समझौता किया लेकिन पहली बार इस समझौते से इनेलो को जबरदस्त नुकसान हुआ। भाजपा के केडर ने इनेलो के पक्ष में मतदान करने से पुरी तरह से गुरेज किया। इनेलो-भाजपा अगर यह चुनाव अलग-अलग लड़ते तो इनेलो हिसार-सिरसा-भिवानी संसदीय सीटे आसानी से जीत जाती व इस का फायदा उसे विधानसभा चुनाव में मिलता व इनेलो की 32 सीटों में यकीनन इजाफा होता। इन हालातों में इनेलो का भाजपा से मोहभंग होना स्वाभाविक था। उधर, केंद्र की परिस्थितियां ऐसी बन गई कि भाजपा को उन राज्यों में जहां वह अपने दम पर कांग्रेस का मुकाबला नहीं कर सकती थी किसी क्षैत्रीय दल की बैसाखी की जरूरत थी एनडीए में शामिल रहे नवीन पटनायक (उड़ीसा), चंद्रबाबू नायडू (आंध्रप्रदेश), प्रफुल महंत (असम),श्रीमती जयललिता (तमिलनाडू), ममता बर्नजी (प. बंगाल)एक-एक करके किनारा करते चले गए तथा अब एनडीए में अकालीदल बादल, जनता दल (यू) एवं शिव सेना ही बचे है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने विशेष रणनीति के तहत उमा भारती, जसवंत सिंह जैसे दिग्गज नेताओं का पार्टी में पुर्नप्रवेश सुनिश्चित किया साथ ही राजग को कांग्रेस के मुकाबले प्रत्येक लोकसभा सीट पर मजबूत दावेदार बनाने हेतु गठजोड़ की राजनीति की शुरूआत हरियाणा से कर दी। दूसरी और 5 विधायकों के पाला बदल लेने से कुलदीप बिश्रोई का जनाधार लगातार छीज रहा था ऐसे मौके पर हिसार संसदीय उपचुनाव ने दोनों दलों को चुनावी गठबंधन करने के लिए मजबूर कर दिया तथा प्रदेश की राजनीति में एक ताकतवर कोण के उभरने का मार्ग प्रशस्त हो गया। अब प्रदेश की भावी राजनीतिक तस्वीर काफी कुछ हिसार संसदीय चुनाव नतीजे पर निर्भर हो गई है हजकां-भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे यह बयां करने के लिए काफी है कि प्रदेश के सियासी रंगमंच पर उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका बन गई है।
-भाजपा के गठबंधन ने प्रदेश में सहज गति से बह रहे सियासी पारे में एकबारगी तो तूफान सा ला दिया है। गठबंधन राजनीतिक निर्वासन झेल रहे कुलदीप बिश्रोई को प्रदेश की राजनीति की मुख्यधारा में लौटाने में तो सफल होगा साथ ही भाजपा को भी हरियाणा में सही मायनों में अपने पैर जमाने का अवसर प्रदान कर सकता है।प्रदेश में अब तक कांग्रेस के विरोध में कोई भी दल भाजपा के सहयोग के बिना सरकार का गठन नहीं कर पाया। 1977 में एकजूट जनता पार्टी के रूप में विपक्ष को जोरदार सफलता मिली तो 1982 में लोकदल-भाजपा गठबंधन लगभग सरकार गठन के करीब ही पहुंच गया था लेकिन 1987 में तो 1977 वाला ही इतिहास दोहराया गया था। जब कांग्रेस 5 सीटों पर ही सिमट गई थी। तदोपरांत भाजपा-इनेलो के नेतृत्व में कुछ कड़वाहट फैलनी शुरू हो गई थी इसी के नतीजे में 1991 में कंाग्रेस की जोरदार वापसी हो गई। 1996 में आखिरी समय में भाजपा ने औम प्रकाश चौटाला की बजाए हविपा से समझौता कर के बंसीलाल की ताजपौशी करवा दी। सता की जो मलाई इस दौर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चखी उस से उन की आकांक्षाएं भी बढ़ गई। 1999 में पुन: इनेलो-भाजपा गठबंधन हुआ तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा 6 सीटों पर सिमट गई व इनेलो को अपने बलबूते पर बहुमत मिल गया।
यहीं से इनेलो-भाजपा संबधों की ऐसी इबारत लिखी गई जिसका खामियाजा दोनों पक्षों को भुगतना पड़ा तथा भाजपा के केडर का इनेलो से पूर्णतया मोहभंग हो गया। बंसी लाल के शासन काल में सही मायनों में सतासुख भोग चुके भाजपा कार्यकर्ताओं की इनेलो-भाजपा सरकार में वैसी कद्र नहीं थी गठबंधन फिर टूटा। 2004 में कांग्रेस की फिर वासपी हुई तथा मजबूरी वश 2009 में फिर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इनेलो से समझौता किया लेकिन पहली बार इस समझौते से इनेलो को जबरदस्त नुकसान हुआ। भाजपा के केडर ने इनेलो के पक्ष में मतदान करने से पुरी तरह से गुरेज किया। इनेलो-भाजपा अगर यह चुनाव अलग-अलग लड़ते तो इनेलो हिसार-सिरसा-भिवानी संसदीय सीटे आसानी से जीत जाती व इस का फायदा उसे विधानसभा चुनाव में मिलता व इनेलो की 32 सीटों में यकीनन इजाफा होता। इन हालातों में इनेलो का भाजपा से मोहभंग होना स्वाभाविक था। उधर, केंद्र की परिस्थितियां ऐसी बन गई कि भाजपा को उन राज्यों में जहां वह अपने दम पर कांग्रेस का मुकाबला नहीं कर सकती थी किसी क्षैत्रीय दल की बैसाखी की जरूरत थी एनडीए में शामिल रहे नवीन पटनायक (उड़ीसा), चंद्रबाबू नायडू (आंध्रप्रदेश), प्रफुल महंत (असम),श्रीमती जयललिता (तमिलनाडू), ममता बर्नजी (प. बंगाल)एक-एक करके किनारा करते चले गए तथा अब एनडीए में अकालीदल बादल, जनता दल (यू) एवं शिव सेना ही बचे है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने विशेष रणनीति के तहत उमा भारती, जसवंत सिंह जैसे दिग्गज नेताओं का पार्टी में पुर्नप्रवेश सुनिश्चित किया साथ ही राजग को कांग्रेस के मुकाबले प्रत्येक लोकसभा सीट पर मजबूत दावेदार बनाने हेतु गठजोड़ की राजनीति की शुरूआत हरियाणा से कर दी। दूसरी और 5 विधायकों के पाला बदल लेने से कुलदीप बिश्रोई का जनाधार लगातार छीज रहा था ऐसे मौके पर हिसार संसदीय उपचुनाव ने दोनों दलों को चुनावी गठबंधन करने के लिए मजबूर कर दिया तथा प्रदेश की राजनीति में एक ताकतवर कोण के उभरने का मार्ग प्रशस्त हो गया। अब प्रदेश की भावी राजनीतिक तस्वीर काफी कुछ हिसार संसदीय चुनाव नतीजे पर निर्भर हो गई है हजकां-भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे यह बयां करने के लिए काफी है कि प्रदेश के सियासी रंगमंच पर उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका बन गई है।
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गुरुवार, 15 सितंबर 2011
अनपढ़ सरपंचों के रहते क्या पंचायतें हो पाएंगी हाईटैक
सरपंचों को कम्पयूटर शिक्षा देने का कार्य शुरू
डबवाली - कम्पूटर शिक्षा लेने के लिए भी पढ़ाई जरुरी है। अगर कोई अनपढ़ है और अंगुठा लगाता है तो उसे कंप्यूटर शिक्षा देने की बात की जाए तो हैरानी तो जरुर होगी। किसी से भी पूछो तो वो यही कहेगा कि ऐसा सम्भव हो ही नहीं सकता, लेकिन न जाने विभाग के अधिकारियों को ऐसी योजना बनाते समय इस बात का अहसास क्यों नहीं रहता। अब विभागीय अधिकारियों द्वारा नया निर्देश जारी कर दिया कि गांवों के सरपंचों को कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करवाएगी जाएगी और शिक्षा पूरी होने के बाद उन्हें कम्प्यूटर भी दिए जाएंगे ताकि वे हर कार्य कम्प्यूटर आदि के माध्यम से पूरी कर सकें और ऑनलाईन होने पर उन्हें भी अपने कार्य करवाने में आसानी हो सके। हालांकि उनकी नीति तो सही है, लेकिन यह बात गले नहीं उतर रही कि जो सरपंच बिलकुल ही अनपढ़ हैं और जिनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर है उन्हें कम्प्यूटर का सिखाया गया क-ख-ग पल्ले पड़ेगा कैसे। विभाग ने बड़ागुढ़ा खंड में कम्प्यूटर शिक्षा शुरू भी करवा दी है और सरपंच भी कम्प्यूटर की जानकारी लेने के लिए कक्षाएं लगाने लगे हैं, लेकिन अनपढ़ सरपंचों के सिर के ऊपर से सारी बात निकलती जा रही है, जिसे वे स्वयं भी मान रहे हैं। इसलिए उनके लिए कम्प्यूटर शिक्षा सीखना काफी मुश्किल भरा हो रहा है। क्षेत्र में दर्जनों सरपंच औरते हैं वहीं उनके परिवार वालो का व गांववालों का कहना की सरपंच गांव की जिम्मेवारी संभालेगी या फिर चुल्हा चोका या फिर सब छोड़ कर कंप्यूटर पर ही बैठी रहेगी। कहीं अनपढता इस योजना को धाराशाही ना कर दे यही विचार सरपंचों व पंचायत सदस्यों के मन में भी आ रहे है। बड़ागुढ़ा खण्ड़ में 44 गांव है जिनमें काफी सरंपच अनपढ़ है।
एक तिहाई सरपंच हैं अनपढ़
बीडीपीओ बड़ागुढ़ा छबीलदास डूडी से पूछा गया तो उन्होंने भी माना की बड़ागुढ़ा खण्ड में दो तिहाई सरपंच पढ़े लिखे व एक तिहाई सरंपच अनपढ़ है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा पूरी होने के बाद सरंपचों को कंप्यूटर दिए जाएंगे।
डबवाली - कम्पूटर शिक्षा लेने के लिए भी पढ़ाई जरुरी है। अगर कोई अनपढ़ है और अंगुठा लगाता है तो उसे कंप्यूटर शिक्षा देने की बात की जाए तो हैरानी तो जरुर होगी। किसी से भी पूछो तो वो यही कहेगा कि ऐसा सम्भव हो ही नहीं सकता, लेकिन न जाने विभाग के अधिकारियों को ऐसी योजना बनाते समय इस बात का अहसास क्यों नहीं रहता। अब विभागीय अधिकारियों द्वारा नया निर्देश जारी कर दिया कि गांवों के सरपंचों को कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करवाएगी जाएगी और शिक्षा पूरी होने के बाद उन्हें कम्प्यूटर भी दिए जाएंगे ताकि वे हर कार्य कम्प्यूटर आदि के माध्यम से पूरी कर सकें और ऑनलाईन होने पर उन्हें भी अपने कार्य करवाने में आसानी हो सके। हालांकि उनकी नीति तो सही है, लेकिन यह बात गले नहीं उतर रही कि जो सरपंच बिलकुल ही अनपढ़ हैं और जिनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर है उन्हें कम्प्यूटर का सिखाया गया क-ख-ग पल्ले पड़ेगा कैसे। विभाग ने बड़ागुढ़ा खंड में कम्प्यूटर शिक्षा शुरू भी करवा दी है और सरपंच भी कम्प्यूटर की जानकारी लेने के लिए कक्षाएं लगाने लगे हैं, लेकिन अनपढ़ सरपंचों के सिर के ऊपर से सारी बात निकलती जा रही है, जिसे वे स्वयं भी मान रहे हैं। इसलिए उनके लिए कम्प्यूटर शिक्षा सीखना काफी मुश्किल भरा हो रहा है। क्षेत्र में दर्जनों सरपंच औरते हैं वहीं उनके परिवार वालो का व गांववालों का कहना की सरपंच गांव की जिम्मेवारी संभालेगी या फिर चुल्हा चोका या फिर सब छोड़ कर कंप्यूटर पर ही बैठी रहेगी। कहीं अनपढता इस योजना को धाराशाही ना कर दे यही विचार सरपंचों व पंचायत सदस्यों के मन में भी आ रहे है। बड़ागुढ़ा खण्ड़ में 44 गांव है जिनमें काफी सरंपच अनपढ़ है।
एक तिहाई सरपंच हैं अनपढ़
बीडीपीओ बड़ागुढ़ा छबीलदास डूडी से पूछा गया तो उन्होंने भी माना की बड़ागुढ़ा खण्ड में दो तिहाई सरपंच पढ़े लिखे व एक तिहाई सरंपच अनपढ़ है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा पूरी होने के बाद सरंपचों को कंप्यूटर दिए जाएंगे।
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