डबवाली-डबवाली में स्वाईन फ्लू का रोगी पाये जाने से हड़कंप मच गया है तथा शहर में स्वाईन फ्लू का रोगी मिलने से शहरवासी भयभीत है। स्वाईन फ्लू रोगी को उपचार के लिए पीजीआई रोहतक में रेफर किया गया है। सिविल अस्पताल प्रशासन ने ऐहतियाद के तौर पर रोगी के सात परिजनों को स्वाईन फ्लू प्रतिरोधक दवाई खाने को दे दी है। रोगी की पहचान राहुल पुत्र राजेंद्र कुमार निवासी किलियांवाली के रूप में हुई है। राहुल राजस्थान के कोटा शहर में आईटीआई की कोचिंग लेने के लिए गया हुआ था और वहां पर एक भवन में अपने कुछ साथियों के साथ बतौर पीजी रहता था। पिछले कुछ दिनों में उसे तथा उसके सहपाठियों को खांसी बुखार और शरीर में अकडऩ की शिकायत चल रही थी। राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए बीमार बच्चों के रक्त के नमूने दो दिन पहले लिए थे। इसी बीच बच्चे की बिगड़ती हालत को देखते हुए उसके परिजन उपचार के लिए यहां ले आये। आज प्रात: राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने राहुल के परिजनों को दूरभाष पर उसे स्वाईन फ्लू होने की पुष्टी की। उन्होंने बताया कि राहुल के कुछ अन्य साथियों में भी एन1, एच1 का टेस्ट पोस्टिव पाया गया है। स्वाईन फ्लू होने की जानकारी मिलते ही राहुल के परिजनों में उसके स्वास्थ्य की चिंता गहरा गई और उसे उपचार के लिए डबवाली के सिविल अस्पताल में लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे बेहतर उपचार के लिए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया है। उच्चाधिकारियों को सूचित किया - सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एमके भादू ने बताया कि स्वाईन फ्लू का रोगी पाये जाने के बाद आला अधिकारियों को इसकी सूचना देने के साथ ही रोगी को उपचार के लिए रोहतक मेडिकल कालेज में रेफर किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐहतियाद के तौर पर रोगी के सात परिजनों माता, पिता, भाई, बहन और दादा दादी को स्वाईन फ्लू प्रतिरोधक टेमीफ्लू की गोलियां दे दी गई है। पंजाब का स्वास्थ्य विभाग भी हुआ सक्रिय-मंडी किलियांवाली में स्वाईन फ्लू का रोगी मिलने के बाद पंजाब का स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। लंबी सिविल अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रीटा गुप्ता ने बताया कि रोगी की पुष्टी होने के बाद विभाग के आला अधिकारियों को इसकी सूचना देने के अलावा चिकित्सकों की एक टीम गठित कर दी गई है। जो रोगी के परिजनों के अलावा उनके पड़ोसियों की भी जांच करेगी और जनता को एन1, एच1 से बचाव व उसके लक्षणों के बारे में जागरूक करेगी। लक्षण - स्वाईन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है। यह रोगी के सम्पर्क में आने के बाद तेजी से फैलती है। इसके लक्षणों में रोगी को तेज बुखार हो जाता है गला खराब होने के साथ सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और रक्त में प्लेटलेट्स की कमी होने के अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। सिर दुखना और थकावट के अलावा सर्दी महसूस होने लगती है। इसमें तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है। सावधानियां - खाने पीने से हाथों को साबुन से अच्छी तरह साफ कर ले। खांसने-छींकने से पहले मुंह को साफ कपड़े से अच्छी तरह से ढक ले तथा किसी भी तरह के फ्लू होने पर स्वयं दवाई लेने की बजाय विशेषज्ञ डाक्टर से संपर्क करें। रोगी सीधे संपर्क में न आए तथा उन्हें हाथ मिलाने से परहेज करना चाहिए।
Young Flame Headline Animator
स्वाईन फ्लू लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
स्वाईन फ्लू लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
गुरुवार, 16 सितंबर 2010
सदस्यता लें
संदेश (Atom)