डबवाली- ''जय श्री रामनगर नाट्यशाला'' की ओर से शुक्रवार की रात्रि माँ दुर्गा की भव्य झांकी निकाली गई। जिसका पूजन रेणू धमीजा पत्नी राहुल धमीजा ने करवाया। इस अवसर पर उन्होंने नाट्यशाला को सहयोग स्वरूप 11 हजार रूपयों की राशि भेंट की। तदोपरान्त हनुमान का वाटिका में सीता माता से मिलना, वाटिका को तहस-नहस करना, अक्षय का वध करना के दृश्य अनोखे ढंग से प्रस्तुत किए गए। आज मंच पर माँ अन्नापूर्णा की झांकी निकाली जाऐगी। जिसका पूजन श्रीमती अन्जु ग्रोवर द्वारा करवाया जाऐगा। मंच संचालन बृज महेन्द्रु ने बखूबी निभाया। नाट्यशाला के प्रधान औम बाबा ने लोगों से आग्रह किया कि आज सायं 5 बजे दशहरा ग्राऊण्ड में दशहरा देखने अवश्य पहुंचे।
उधर श्री राम नाटक रेलवे कल्ब द्वारा आयोजित की जा रही विशाल रामलीला के मंच पर शुक्रवार रात्रि माँ वैष्णों देवी की गुफा व पिंडी रूप में झांकी दिखाई गई। माँ वैष्णों की झांकी का पूजन विक्की सिंगला, परमजीत सिंह सेठी लभु, बलदेव सिंह मांगेआना, सतीश जग्गा, दर्शन मोंगा, हरबंस भीटीवाला द्वारा सम्पन्न करवाया गया। पूजन की रस्म पं. अमर शास्त्री द्वारा पूरी विधि विधान से करवाई गई। रामलीला के कलाकारों द्वारा हनुमान का वाटिका में सीता माता से मिलना, वाटिका को तहस-नहस करना, अक्षय का वध करना, मेघनाथ द्वारा ब्रह्म-अस्त्र से हनुमान को बांध कर रावण के दरबार में लाना, हनुमान जी द्वारा लंका दहन, सभी दृश्य बड़े ही मनमोहक ढंग से पेश किए गए। मुख्यातिथियों ने कहा कि आज मां वैष्णों देवी की झांकी देखकर ऐेसे लग रहा है कि मानो वैष्णों माता के ही दर्शन हो गए हैं। श्री राम नाटक रेलवे कल्ब द्वारा मुख्यातिथियों को चिन्ह स्वरूप श्री राम दरबार दिया गया।
उधर श्री राम नाटक रेलवे कल्ब द्वारा आयोजित की जा रही विशाल रामलीला के मंच पर शुक्रवार रात्रि माँ वैष्णों देवी की गुफा व पिंडी रूप में झांकी दिखाई गई। माँ वैष्णों की झांकी का पूजन विक्की सिंगला, परमजीत सिंह सेठी लभु, बलदेव सिंह मांगेआना, सतीश जग्गा, दर्शन मोंगा, हरबंस भीटीवाला द्वारा सम्पन्न करवाया गया। पूजन की रस्म पं. अमर शास्त्री द्वारा पूरी विधि विधान से करवाई गई। रामलीला के कलाकारों द्वारा हनुमान का वाटिका में सीता माता से मिलना, वाटिका को तहस-नहस करना, अक्षय का वध करना, मेघनाथ द्वारा ब्रह्म-अस्त्र से हनुमान को बांध कर रावण के दरबार में लाना, हनुमान जी द्वारा लंका दहन, सभी दृश्य बड़े ही मनमोहक ढंग से पेश किए गए। मुख्यातिथियों ने कहा कि आज मां वैष्णों देवी की झांकी देखकर ऐेसे लग रहा है कि मानो वैष्णों माता के ही दर्शन हो गए हैं। श्री राम नाटक रेलवे कल्ब द्वारा मुख्यातिथियों को चिन्ह स्वरूप श्री राम दरबार दिया गया।