डबवाली (यंग फ्लेम) शिरोमण गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में हरियाणा प्रदेश की 11 में से 8 सीटों पर अकाली दल बादल एवं इंडियन नेशनल लोकदल के सांझे उम्मीदवारों का भारी मतों से जीतना प्रदेश के सिक्खों की सबसे बड़ी जीत है। यह शब्द इनेलो पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के शहरी प्रधान सुखजिंद्र जपानी ने एक प्रैस ब्यान जारी कर कहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सिक्खों ने यह साफ कर दिया कि वह हरियाणा की अगल कमेटी के हक में नहीं है। प्रदेश के सिक्खों ने शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में अलग कमेटी का राग अलापनों वालों से ध्यान हटाकर अकाली दल बादल व इंडियन नेशन लोकदल पार्टी के हक में मतदान कर जहां बादल-चौटाला परिवार को और अधिक मजबूत किया है वहीं प्रदेश में भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए बादल-चौटाला परिवार को आशीर्वाद देने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस हमेशा से ही सिक्खों की दुशमन रही है। सिक्खों की दुशमन कांग्रेस व दिल्ली गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान परमजीत सिंह सरना की मिली भगत समुचे सिक्ख जगत को बांटना चाहते थे लेकिन सिक्खों ने एकता का परिचय देते हुए उनके मनसूबों पर पानी फेर दिया।
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मंगलवार, 20 सितंबर 2011
रविवार, 18 सितंबर 2011
मतदान के प्रति दिखा उत्साह
मतपेटियों में बंद हो गया भाग्य, 22 को आएगा रिजल्ट
18 सितम्बर। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सिरसा व डबवाली सीट पर हुए मतदान में खासा उत्साह नजर आया। विभिन्न वाहनों में सवार होकर मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचे। दिन भर मतदान केंद्र के आसपास रौनक बनी रही। मतदान आज सुबह 8 बजे शुरू हुआ जो साय: 4 बजे तक चला। सिरसा सीट से शिरोमणि अकाली दल 1920 के उम्मीदवार गुरदीप सिंह, अकाली दल बादल के उम्मीदवार प्रकाश सिंह साहुवाला व आजाद प्रत्याशी गुरमीत सिंह तिलोकेवाला के बीच मुकाबला है। इसी प्रकार डबवाली सीट से शिरोमणि अकाली दल बादल के उम्मीदवार जगसीर सिंह मांगेआना, आजाद उम्मीदवार परमजीत सिंह माखा व एचएसजीपीसी प्रत्याशी जगदेव सिंह मटदादू के बीच टक्कर है। सुबह के समय मतदान की रफ्तार कुछ कम रही और सिरसा सीट पर सुबह 10 बजे तक महज 19 प्रतिशत मतदान ही हो सका था। दोपहर के बाद मतदान में तेजी आई जो शाम 4 बजे तक चलती रही। जिले में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांति से हुआ। शांतिपूर्ण मतदान के लिए जिले में 102 मतदान केंद्र बनाए गए थे जबकि 460 अधिकरियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की सूरत में 13 पोलिंग पार्टीयां रिजर्व में रखी गई थी।
गांव भीमा में हुआ तनाव
रोड़ी क्षेत्र के गांव भीमा में मतदान को लेकर कुछ तनाव हुआ जो बाद में शांत हो गया। तनाव का कारण बनी एक महिला मतदाता। महिला मतदान केंद्र के अंदर अपने बेटे को साथ ले गई और कहने लगी कि उसका वोट उसका बेटा डालेगा। इस पर एक एजेंट ने विरोध किया और कहा कि बेटे को वोट डालने का अधिकार नहीं है। इसी बात पर पक्ष-विपक्ष के एजेंट में कहासुनी हो गई और कुछ देर मतदान रूक गया लेकिन बाद में अधिकारियों ने मामले को शांत करा दिया।
सख्त थी सुरक्षा व्यवस्था
शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रत्येक मतदान केंद्र के बाहर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी हुई थी। सिरसा व डबवाली सीट के चुनाव के लिए एक हजार से भी अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। दोनों क्षेत्रों को छह सैक्टरों मेें बांटकर डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सैक्टर इंचार्ज लगाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आधा दर्जन डीएसपी, दो दर्जन से भी अधिक इंस्पेक्टर तैनात थे। दोनों क्षेत्रों में 20 पेट्रोलिंग पार्टियां गश्त पर थी। जिले की सीमा भी सील की गई थी। दोनों क्षेत्रों के 38 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए थे।
18 सितम्बर। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सिरसा व डबवाली सीट पर हुए मतदान में खासा उत्साह नजर आया। विभिन्न वाहनों में सवार होकर मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचे। दिन भर मतदान केंद्र के आसपास रौनक बनी रही। मतदान आज सुबह 8 बजे शुरू हुआ जो साय: 4 बजे तक चला। सिरसा सीट से शिरोमणि अकाली दल 1920 के उम्मीदवार गुरदीप सिंह, अकाली दल बादल के उम्मीदवार प्रकाश सिंह साहुवाला व आजाद प्रत्याशी गुरमीत सिंह तिलोकेवाला के बीच मुकाबला है। इसी प्रकार डबवाली सीट से शिरोमणि अकाली दल बादल के उम्मीदवार जगसीर सिंह मांगेआना, आजाद उम्मीदवार परमजीत सिंह माखा व एचएसजीपीसी प्रत्याशी जगदेव सिंह मटदादू के बीच टक्कर है। सुबह के समय मतदान की रफ्तार कुछ कम रही और सिरसा सीट पर सुबह 10 बजे तक महज 19 प्रतिशत मतदान ही हो सका था। दोपहर के बाद मतदान में तेजी आई जो शाम 4 बजे तक चलती रही। जिले में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांति से हुआ। शांतिपूर्ण मतदान के लिए जिले में 102 मतदान केंद्र बनाए गए थे जबकि 460 अधिकरियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की सूरत में 13 पोलिंग पार्टीयां रिजर्व में रखी गई थी।
गांव भीमा में हुआ तनाव
रोड़ी क्षेत्र के गांव भीमा में मतदान को लेकर कुछ तनाव हुआ जो बाद में शांत हो गया। तनाव का कारण बनी एक महिला मतदाता। महिला मतदान केंद्र के अंदर अपने बेटे को साथ ले गई और कहने लगी कि उसका वोट उसका बेटा डालेगा। इस पर एक एजेंट ने विरोध किया और कहा कि बेटे को वोट डालने का अधिकार नहीं है। इसी बात पर पक्ष-विपक्ष के एजेंट में कहासुनी हो गई और कुछ देर मतदान रूक गया लेकिन बाद में अधिकारियों ने मामले को शांत करा दिया।
शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रत्येक मतदान केंद्र के बाहर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी हुई थी। सिरसा व डबवाली सीट के चुनाव के लिए एक हजार से भी अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। दोनों क्षेत्रों को छह सैक्टरों मेें बांटकर डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सैक्टर इंचार्ज लगाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आधा दर्जन डीएसपी, दो दर्जन से भी अधिक इंस्पेक्टर तैनात थे। दोनों क्षेत्रों में 20 पेट्रोलिंग पार्टियां गश्त पर थी। जिले की सीमा भी सील की गई थी। दोनों क्षेत्रों के 38 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए थे।
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सफाई के अभाव में शहर बना कचरा घर
डबवाली (यंग फ्लेम)शहर को कचरामुक्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, इसके बावजूद अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर कचरा का घर बना हुआ है। जहां नजर डालो, गंदगी ही गंदगी नजर आती है। शहरवासियों द्वारा बार-बार आवाज उठाने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। लगता है अधिकारियों को जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। शहर का कचरा खपाने के लिए कचरा प्लांट लगाने की योजना भी अधर में लटक गई। इसके पीछे अधिकारियों का निक्कमापन जिम्मेदार है। नगरपालिका द्वारा घरों व बाजारों से कचरा एकत्रित करने के लिए रिक्शा लगवाई गई थी लेकिन अब वह भी सड़कों से गायब हो चुकी है। शहर गंदगी का सबसे बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। जि कारण पशु दिन भर गंदगी के इर्द-गिर्द विचरण करते रहते थे और कचरे को इधर-उधर बिखेर देते थे। बरसात के कारण अब कचरा बदबू मारने लगा है और मच्छर पनप रहे हैं। लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि जब लाखों रूपए की लागत से नगरपालिका द्वारा मंगवाई गई रिक्शा भी बेकार में खड़ी जर्जर हो रही है। इन सवालों के जवाब शहर की जनता अधिकारियों से जानना चाहती है पर अधिकारी है कि हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। यदि अधिकारी इसी तरह से जनता की उपेक्षा करते रहे तो उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।बारिश के पानी की निकासी का नहीं प्रबंध
शहर की दूसरी सबसे बड़ी समस्या बारिश के पानी की निकासी की है। जब बारिश होती है तो पानी एक सप्ताह तक गलियों, खाली प्लाटों या सड़कों पर भरा रहता है। बठिंडा चौक, मलोट रोड पर स्थित रेलवे फाटक पर कुछ ऐसे ही हालात बने हुए हैं जहां बारिश का पानी कई दिनों से भरा हुआ है। खाली प्लाटों में भरा हुआ पानी तालाब जैसा लगता है। उनके अंदर मच्छर पैदा हो रहे हैं जो मलेरिया को बढ़ावा दे रहे हैं। शहर के कुछ अन्य हिस्सों में भी बारिश का पानी भरा हुआ है जिसकी निकासी के लिए प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए ग
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शनिवार, 17 सितंबर 2011
भाजपा की मजबूरी से खुली कुलदीप की लॉटरी
महावीर सहारण(9354862355)
हजकां
-भाजपा के गठबंधन ने प्रदेश में सहज गति से बह रहे सियासी पारे में एकबारगी तो तूफान सा ला दिया है। गठबंधन राजनीतिक निर्वासन झेल रहे कुलदीप बिश्रोई को प्रदेश की राजनीति की मुख्यधारा में लौटाने में तो सफल होगा साथ ही भाजपा को भी हरियाणा में सही मायनों में अपने पैर जमाने का अवसर प्रदान कर सकता है।
प्रदेश में अब तक कांग्रेस के विरोध में कोई भी दल भाजपा के सहयोग के बिना सरकार का गठन नहीं कर पाया। 1977 में एकजूट जनता पार्टी के रूप में विपक्ष को जोरदार सफलता मिली तो 1982 में लोकदल-भाजपा गठबंधन लगभग सरकार गठन के करीब ही पहुंच गया था लेकिन 1987 में तो 1977 वाला ही इतिहास दोहराया गया था। जब कांग्रेस 5 सीटों पर ही सिमट गई थी। तदोपरांत भाजपा-इनेलो के नेतृत्व में कुछ कड़वाहट फैलनी शुरू हो गई थी इसी के नतीजे में 1991 में कंाग्रेस की जोरदार वापसी हो गई। 1996 में आखिरी समय में भाजपा ने औम प्रकाश चौटाला की बजाए हविपा से समझौता कर के बंसीलाल की ताजपौशी करवा दी। सता की जो मलाई इस दौर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चखी उस से उन की आकांक्षाएं भी बढ़ गई। 1999 में पुन: इनेलो-भाजपा गठबंधन हुआ तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा 6 सीटों पर सिमट गई व इनेलो को अपने बलबूते पर बहुमत मिल गया।
यहीं से इनेलो-भाजपा संबधों की ऐसी इबारत लिखी गई जिसका खामियाजा दोनों पक्षों को भुगतना पड़ा तथा भाजपा के केडर का इनेलो से पूर्णतया मोहभंग हो गया। बंसी लाल के शासन काल में सही मायनों में सतासुख भोग चुके भाजपा कार्यकर्ताओं की इनेलो-भाजपा सरकार में वैसी कद्र नहीं थी गठबंधन फिर टूटा। 2004 में कांग्रेस की फिर वासपी हुई तथा मजबूरी वश 2009 में फिर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इनेलो से समझौता किया लेकिन पहली बार इस समझौते से इनेलो को जबरदस्त नुकसान हुआ। भाजपा के केडर ने इनेलो के पक्ष में मतदान करने से पुरी तरह से गुरेज किया। इनेलो-भाजपा अगर यह चुनाव अलग-अलग लड़ते तो इनेलो हिसार-सिरसा-भिवानी संसदीय सीटे आसानी से जीत जाती व इस का फायदा उसे विधानसभा चुनाव में मिलता व इनेलो की 32 सीटों में यकीनन इजाफा होता। इन हालातों में इनेलो का भाजपा से मोहभंग होना स्वाभाविक था। उधर, केंद्र की परिस्थितियां ऐसी बन गई कि भाजपा को उन राज्यों में जहां वह अपने दम पर कांग्रेस का मुकाबला नहीं कर सकती थी किसी क्षैत्रीय दल की बैसाखी की जरूरत थी एनडीए में शामिल रहे नवीन पटनायक (उड़ीसा), चंद्रबाबू नायडू (आंध्रप्रदेश), प्रफुल महंत (असम),श्रीमती जयललिता (तमिलनाडू), ममता बर्नजी (प. बंगाल)एक-एक करके किनारा करते चले गए तथा अब एनडीए में अकालीदल बादल, जनता दल (यू) एवं शिव सेना ही बचे है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने विशेष रणनीति के तहत उमा भारती, जसवंत सिंह जैसे दिग्गज नेताओं का पार्टी में पुर्नप्रवेश सुनिश्चित किया साथ ही राजग को कांग्रेस के मुकाबले प्रत्येक लोकसभा सीट पर मजबूत दावेदार बनाने हेतु गठजोड़ की राजनीति की शुरूआत हरियाणा से कर दी। दूसरी और 5 विधायकों के पाला बदल लेने से कुलदीप बिश्रोई का जनाधार लगातार छीज रहा था ऐसे मौके पर हिसार संसदीय उपचुनाव ने दोनों दलों को चुनावी गठबंधन करने के लिए मजबूर कर दिया तथा प्रदेश की राजनीति में एक ताकतवर कोण के उभरने का मार्ग प्रशस्त हो गया। अब प्रदेश की भावी राजनीतिक तस्वीर काफी कुछ हिसार संसदीय चुनाव नतीजे पर निर्भर हो गई है हजकां-भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे यह बयां करने के लिए काफी है कि प्रदेश के सियासी रंगमंच पर उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका बन गई है।
-भाजपा के गठबंधन ने प्रदेश में सहज गति से बह रहे सियासी पारे में एकबारगी तो तूफान सा ला दिया है। गठबंधन राजनीतिक निर्वासन झेल रहे कुलदीप बिश्रोई को प्रदेश की राजनीति की मुख्यधारा में लौटाने में तो सफल होगा साथ ही भाजपा को भी हरियाणा में सही मायनों में अपने पैर जमाने का अवसर प्रदान कर सकता है।प्रदेश में अब तक कांग्रेस के विरोध में कोई भी दल भाजपा के सहयोग के बिना सरकार का गठन नहीं कर पाया। 1977 में एकजूट जनता पार्टी के रूप में विपक्ष को जोरदार सफलता मिली तो 1982 में लोकदल-भाजपा गठबंधन लगभग सरकार गठन के करीब ही पहुंच गया था लेकिन 1987 में तो 1977 वाला ही इतिहास दोहराया गया था। जब कांग्रेस 5 सीटों पर ही सिमट गई थी। तदोपरांत भाजपा-इनेलो के नेतृत्व में कुछ कड़वाहट फैलनी शुरू हो गई थी इसी के नतीजे में 1991 में कंाग्रेस की जोरदार वापसी हो गई। 1996 में आखिरी समय में भाजपा ने औम प्रकाश चौटाला की बजाए हविपा से समझौता कर के बंसीलाल की ताजपौशी करवा दी। सता की जो मलाई इस दौर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चखी उस से उन की आकांक्षाएं भी बढ़ गई। 1999 में पुन: इनेलो-भाजपा गठबंधन हुआ तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा 6 सीटों पर सिमट गई व इनेलो को अपने बलबूते पर बहुमत मिल गया।
यहीं से इनेलो-भाजपा संबधों की ऐसी इबारत लिखी गई जिसका खामियाजा दोनों पक्षों को भुगतना पड़ा तथा भाजपा के केडर का इनेलो से पूर्णतया मोहभंग हो गया। बंसी लाल के शासन काल में सही मायनों में सतासुख भोग चुके भाजपा कार्यकर्ताओं की इनेलो-भाजपा सरकार में वैसी कद्र नहीं थी गठबंधन फिर टूटा। 2004 में कांग्रेस की फिर वासपी हुई तथा मजबूरी वश 2009 में फिर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इनेलो से समझौता किया लेकिन पहली बार इस समझौते से इनेलो को जबरदस्त नुकसान हुआ। भाजपा के केडर ने इनेलो के पक्ष में मतदान करने से पुरी तरह से गुरेज किया। इनेलो-भाजपा अगर यह चुनाव अलग-अलग लड़ते तो इनेलो हिसार-सिरसा-भिवानी संसदीय सीटे आसानी से जीत जाती व इस का फायदा उसे विधानसभा चुनाव में मिलता व इनेलो की 32 सीटों में यकीनन इजाफा होता। इन हालातों में इनेलो का भाजपा से मोहभंग होना स्वाभाविक था। उधर, केंद्र की परिस्थितियां ऐसी बन गई कि भाजपा को उन राज्यों में जहां वह अपने दम पर कांग्रेस का मुकाबला नहीं कर सकती थी किसी क्षैत्रीय दल की बैसाखी की जरूरत थी एनडीए में शामिल रहे नवीन पटनायक (उड़ीसा), चंद्रबाबू नायडू (आंध्रप्रदेश), प्रफुल महंत (असम),श्रीमती जयललिता (तमिलनाडू), ममता बर्नजी (प. बंगाल)एक-एक करके किनारा करते चले गए तथा अब एनडीए में अकालीदल बादल, जनता दल (यू) एवं शिव सेना ही बचे है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने विशेष रणनीति के तहत उमा भारती, जसवंत सिंह जैसे दिग्गज नेताओं का पार्टी में पुर्नप्रवेश सुनिश्चित किया साथ ही राजग को कांग्रेस के मुकाबले प्रत्येक लोकसभा सीट पर मजबूत दावेदार बनाने हेतु गठजोड़ की राजनीति की शुरूआत हरियाणा से कर दी। दूसरी और 5 विधायकों के पाला बदल लेने से कुलदीप बिश्रोई का जनाधार लगातार छीज रहा था ऐसे मौके पर हिसार संसदीय उपचुनाव ने दोनों दलों को चुनावी गठबंधन करने के लिए मजबूर कर दिया तथा प्रदेश की राजनीति में एक ताकतवर कोण के उभरने का मार्ग प्रशस्त हो गया। अब प्रदेश की भावी राजनीतिक तस्वीर काफी कुछ हिसार संसदीय चुनाव नतीजे पर निर्भर हो गई है हजकां-भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे यह बयां करने के लिए काफी है कि प्रदेश के सियासी रंगमंच पर उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका बन गई है।
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गुरुवार, 15 सितंबर 2011
अनपढ़ सरपंचों के रहते क्या पंचायतें हो पाएंगी हाईटैक
सरपंचों को कम्पयूटर शिक्षा देने का कार्य शुरू
डबवाली - कम्पूटर शिक्षा लेने के लिए भी पढ़ाई जरुरी है। अगर कोई अनपढ़ है और अंगुठा लगाता है तो उसे कंप्यूटर शिक्षा देने की बात की जाए तो हैरानी तो जरुर होगी। किसी से भी पूछो तो वो यही कहेगा कि ऐसा सम्भव हो ही नहीं सकता, लेकिन न जाने विभाग के अधिकारियों को ऐसी योजना बनाते समय इस बात का अहसास क्यों नहीं रहता। अब विभागीय अधिकारियों द्वारा नया निर्देश जारी कर दिया कि गांवों के सरपंचों को कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करवाएगी जाएगी और शिक्षा पूरी होने के बाद उन्हें कम्प्यूटर भी दिए जाएंगे ताकि वे हर कार्य कम्प्यूटर आदि के माध्यम से पूरी कर सकें और ऑनलाईन होने पर उन्हें भी अपने कार्य करवाने में आसानी हो सके। हालांकि उनकी नीति तो सही है, लेकिन यह बात गले नहीं उतर रही कि जो सरपंच बिलकुल ही अनपढ़ हैं और जिनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर है उन्हें कम्प्यूटर का सिखाया गया क-ख-ग पल्ले पड़ेगा कैसे। विभाग ने बड़ागुढ़ा खंड में कम्प्यूटर शिक्षा शुरू भी करवा दी है और सरपंच भी कम्प्यूटर की जानकारी लेने के लिए कक्षाएं लगाने लगे हैं, लेकिन अनपढ़ सरपंचों के सिर के ऊपर से सारी बात निकलती जा रही है, जिसे वे स्वयं भी मान रहे हैं। इसलिए उनके लिए कम्प्यूटर शिक्षा सीखना काफी मुश्किल भरा हो रहा है। क्षेत्र में दर्जनों सरपंच औरते हैं वहीं उनके परिवार वालो का व गांववालों का कहना की सरपंच गांव की जिम्मेवारी संभालेगी या फिर चुल्हा चोका या फिर सब छोड़ कर कंप्यूटर पर ही बैठी रहेगी। कहीं अनपढता इस योजना को धाराशाही ना कर दे यही विचार सरपंचों व पंचायत सदस्यों के मन में भी आ रहे है। बड़ागुढ़ा खण्ड़ में 44 गांव है जिनमें काफी सरंपच अनपढ़ है।
एक तिहाई सरपंच हैं अनपढ़
बीडीपीओ बड़ागुढ़ा छबीलदास डूडी से पूछा गया तो उन्होंने भी माना की बड़ागुढ़ा खण्ड में दो तिहाई सरपंच पढ़े लिखे व एक तिहाई सरंपच अनपढ़ है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा पूरी होने के बाद सरंपचों को कंप्यूटर दिए जाएंगे।
डबवाली - कम्पूटर शिक्षा लेने के लिए भी पढ़ाई जरुरी है। अगर कोई अनपढ़ है और अंगुठा लगाता है तो उसे कंप्यूटर शिक्षा देने की बात की जाए तो हैरानी तो जरुर होगी। किसी से भी पूछो तो वो यही कहेगा कि ऐसा सम्भव हो ही नहीं सकता, लेकिन न जाने विभाग के अधिकारियों को ऐसी योजना बनाते समय इस बात का अहसास क्यों नहीं रहता। अब विभागीय अधिकारियों द्वारा नया निर्देश जारी कर दिया कि गांवों के सरपंचों को कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करवाएगी जाएगी और शिक्षा पूरी होने के बाद उन्हें कम्प्यूटर भी दिए जाएंगे ताकि वे हर कार्य कम्प्यूटर आदि के माध्यम से पूरी कर सकें और ऑनलाईन होने पर उन्हें भी अपने कार्य करवाने में आसानी हो सके। हालांकि उनकी नीति तो सही है, लेकिन यह बात गले नहीं उतर रही कि जो सरपंच बिलकुल ही अनपढ़ हैं और जिनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर है उन्हें कम्प्यूटर का सिखाया गया क-ख-ग पल्ले पड़ेगा कैसे। विभाग ने बड़ागुढ़ा खंड में कम्प्यूटर शिक्षा शुरू भी करवा दी है और सरपंच भी कम्प्यूटर की जानकारी लेने के लिए कक्षाएं लगाने लगे हैं, लेकिन अनपढ़ सरपंचों के सिर के ऊपर से सारी बात निकलती जा रही है, जिसे वे स्वयं भी मान रहे हैं। इसलिए उनके लिए कम्प्यूटर शिक्षा सीखना काफी मुश्किल भरा हो रहा है। क्षेत्र में दर्जनों सरपंच औरते हैं वहीं उनके परिवार वालो का व गांववालों का कहना की सरपंच गांव की जिम्मेवारी संभालेगी या फिर चुल्हा चोका या फिर सब छोड़ कर कंप्यूटर पर ही बैठी रहेगी। कहीं अनपढता इस योजना को धाराशाही ना कर दे यही विचार सरपंचों व पंचायत सदस्यों के मन में भी आ रहे है। बड़ागुढ़ा खण्ड़ में 44 गांव है जिनमें काफी सरंपच अनपढ़ है।
एक तिहाई सरपंच हैं अनपढ़
बीडीपीओ बड़ागुढ़ा छबीलदास डूडी से पूछा गया तो उन्होंने भी माना की बड़ागुढ़ा खण्ड में दो तिहाई सरपंच पढ़े लिखे व एक तिहाई सरंपच अनपढ़ है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा पूरी होने के बाद सरंपचों को कंप्यूटर दिए जाएंगे।
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गंगा में अस्थियां प्रवाहित करके लौट रहे परिवार को लूटा
गांव शाहपुरबेगू का रहने वाला है पीडि़त परिवार
कालांवाली, (बिल्लू यादव)। हरिद्वार में अपने रिश्तेदार की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करके सिरसा लौट रहे एक परिवार को रेलगाड़ी में लुटेरों ने नशीला पदार्थ सूंघाकर लूट लिया है। लूट के शिकार लोगों को कालांवाली के अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जानकारी के अनुसार आज सुबह हिसार से चलकर जींद जाने वाली सवारी गाड़ी नंबर 50444 जब कालांवाली स्टेशन पर पहुंची तो एक डिब्बे में 2 महिलाएं व एक पुरुष बेहोश मिला। डिब्बे में उपस्थित यात्रियों ने आरपीएफ की मदद से तीनों बेहोश लोगों को स्टेशन पर उतार लिया। आरपीएफ प्रभारी होशियार सिंह ने सहारा क्लब सदस्यों को फोन करके एंबुलेंस मंगवाई और तीनों को अस्पताल पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र में तीनों का उपचार शुरू किया गया और लगभग दो घंटे बाद बेहोश व्यक्ति को होश आया। होश आने पर बेहोश व्यक्ति ने अपना नाम इकबाल सिंह बताया और कहा कि वह गांव शाहपुरबेगू का रहने वाला है। उसने बताया कि वे अपने रिश्तेदार की अस्थियां हरिद्वार लेकर गए थे। अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के बाद रेलगाड़ी से सिरसा लौट रहे थे कि रास्ते में किसी ने उन्हें नशीला पदार्थ सूंघाकर बेहोश कर दिया और इकबाल की पत्नी रामप्यारी व छोटे भाई की पत्नी कर्मदेवी के कानों की सोने की बालियां व नकदी निकालकर ले गए। सहारा क्लब के सदस्यों ने इसकी सूचना गांव शाहपुर बेगू के सरपंच को दी तो वहां से इकबाल सिंह का लड़का कुलदीप कालांवाली पहुंचा और परिजनों से मिला। कुलदीप ने इसके लिए सहारा क्लब व मंडी के लोगों का धन्यवाद किया है।
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कार में लिफ्ट देकर छीनी कानों की बालियां
डबवली- यदि आप किसी कार में लिफ्ट लेने की सोच रहे हैं तो जरा संभल जाए क्योंकि लिफ्ट देने के बहाने आपको को लूटा जा सकता है। डबवाली में एक ऐसी घटना हो चुकी है। शहर डबवाली पुलिस ने लिफ़्ट देने के बहाने कार में बैठाकर छिना-झपटी के मामले में घटना की दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान अमरजीत कौर पत्नी करनैल सिंह व जलू पत्नी पिन्दर सिंह निवासी वार्ड 21 रामनगर सगरूर (पंजाब)के रूप में हुई। पुलिस ने पूछताछ के दौरान इनके तीन अन्य साथियों जिनमें दो महिलाए व एक पुरूष शामिल है जिनकी पहचान कर ली गई हैं। गिरफ्तार की गई दोनों महिलाओं को आज डबवाली अदालत मे पेश कर रिमांड हासिल किया ताकि उनसे पूछताछ कर छिने गए सोने के कड़े व कानोंं की बालियां बरामद की जा सके। मामले की जानकारी देते हुए शहर डबवाली थाना के प्रभारी महासिंह ने बताया कि 3 अगस्त को वार्ड न: 7 मण्डी डबवाली निवासी कौशल्या देवी शहर डबवाली के एक बैंक मेें गई थी और जब वापस आ रही थी तो कार में सवार उपरोक्त आरोपियों ने उसे कार में बैठा लिया और शहर से बाहर सुनसान स्थान पर ले जा कर उसके कानों की बाली और हाथ के कड़े छिन कर मौके से फरार हो गए। थाना प्रभारी ने बताया कि इस संबंध में कौशल्या देवी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई और महत्वपूर्ण सुराग जुटाकर घटना के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया की घटना के बाकी तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की एक टीम पंजाब के सगरूर क्षेत्र में जाएगी।
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ट्रांसफार्मर से तार चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश
डबवाली-जिले के विभिन्न गांवों में बिजली के ट्रांसफार्मर से तांबा की तार चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। डबवाली, कालांवाली व ओढ़ां पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। शहर डबवाली पुलिस ने 11 जुलाई को गांव डबवाली क्षैत्र में ट्रासर्फामर में से हुई तांबा तार चोरी की घटना को गुत्थी को सूलझाते हुए रतनलाल पुत्र सालीराम निवासी नरसिंह कॉलोनी डबवाली को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके पांच अन्य साथियों की भी पहचान कर ली गई है जिन्हे शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा। इसी प्रकार कालांवाली पुलिस ने 31 जुलाई को गांव तारूआना क्षेत्र से ट्रांस्फार्मर में से तांबा तार चोरी करने की गुत्थी को सुलझाते हुए घटना के एक आरोपी सोनू उर्फ काला पुत्र फतेह सिंह निवासी वार्र्ड 12 रामा मंडी (पंजाब )का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को डबवाली अदालत में पेशकर पूछताछ हेतू पुलिस रिमांड पर ले लिया है। एक अन्य घटना में ओढ़ा पुलिस ने 22 अगस्त को ओढ़ां से घुकांवाली रोड़ पर स्थित एक ट्रांसफार्मर में से तांबा तार चुराने के आरोप में पंजाब के डूमवाली गांव क्षेत्र से सुक्खा सिंह पुत्र बृजभान निवासी गली नम्बर 34 पारस नगर भंठिडा को काबू किया है। पूछताछ के दौरान उसके 6 अन्य साथियों की भी पहचान कर ली है। जिसे शीघ्र ही दबिश देकर गिरफ्तार किया जाएगा।
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ऐसी मिसाल कहीं नहीं
डबवाली।बात सुनने में अटपटी लगे। लेकिन है सच। ऐसा सच जिस पर सरलता से यकीन नहीं किया जा सकता हो। रैगर समाज के शहर में करीब एक हजार घर हैं। इन घरों में जब भी सुख-दु:ख का कोई कार्यक्रम होता है, उससे पूर्व बाबा रामदेव के मंदिर का भाग निकाला जाता है। ऐसा पिछले सत्तर सालों से चल रहा है। डबवाली का रैगर समाज इसे रसम मानकर निभाता है।
न्यू बस स्टैण्ड रोड़ पर स्थित बाबा रामदेव के मंदिर की स्थापना विक्रमी संवत 1988 के दरमियान हुई थी। उस दौरान बाबा रामदेव के भक्त गीगा राम मंदिर वाली जगह आए। उन्होंने दो ईंट खड़ी करके ध्यान लगाया और वहां पर बाबा रामदेव मंदिर बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। लोगों को उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, लोगों का विश्वास मजबूत होता गया। विक्रमी संवत 1989 में दो ईंटे कमरे में तबदील हो गई। जिसके ऊपर गुम्बद बनाया गया और कलश लगाए गए। मंदिर में सुबह-शाम को दो समय आरती होने लगी। मंदिर के विकास का जिम्मा रैगर समाज ने अपने हाथों में लिया। इसके लिए चौधरी रामलाल, त्रिलोक चंद सकरवाल, प्रभाती राम धोलपुरिया, कान्हा राम तथा मंगला राम ने बाबा रामदेव सेवक संस्था का निर्माण किया।
मंदिर के ठीक सामने रहने वाले नपा डबवाली के पूर्व अध्यक्ष 81 वर्षीय चौधरी रामलाल बताते हैं कि इसी दौरान रैगर समाज से संबंध रखने वाले मुकंदा राम ने मंदिर के साथ लगती एक बिसवा जमीन मंदिर को दान कर दी। उस समय रैगर समाज के करीब 400 घर थे। प्रत्येक घर खुशी-गमी के मौके पर मंदिर को दान दिया जाने लगा। इसी दान के सहारे उन्होंने जमीन पर दुकानें काट दी। दुकानों के निर्माण के बाद आने वाली आमदन से मंदिर के पुजारी तथा वहां रूकने वाले संत-फकीर के भोजन की व्यवस्था होने लगी।
खुशी का मौका हो या फिर गम का मौका रैगर समाज के लोगों ने इन दोनों अवसरों पर मंदिर को दान देने की रसम अपना ली। धीरे-धीरे मंदिर की मान्यता बढऩे लगी। साल में दो बार मेला भरने लगा। इस मेले में आने वाले लोगों की मनोकामना पूर्ण होने लगी। जिससे गली, मोहल्ले फिर शहर के लोग मंदिर में आने लगे। लेकिन सत्तर साल पहले रैगर समाज में शुरू हुई परंपरा आज भी कायम है। घर में छोटा सा कार्यक्रम होने पर भी मंदिर को दान देना नहीं भूलते।
बन गई परंपरा
मंदिर को संभाल रहे बाबा रामदेव सेवा मण्डल के अध्यक्ष प्रेम कनवाडिय़ा तथा सदस्य कृष्ण खटनावलिया ने बताया कि वे पीढ़ी दर पीढ़ी इस परंपरा का निर्वाह करते आ रहे हैं। उनके बुजुर्गों से उन्हें इस रसम की जानकारी मिली है। समाज के जिस भी घर में कोई कार्यक्रम होता है, उसी समय मंदिर के विकास के लिए परिवार खुद ब खुद दान देने की रसम निभाता है। उन्होंने बताया कि यह समाज के लोगों का सहयोग तथा बाबा रामदेव की कृपा है, जो एक कमरे का मंदिर विशाल मंदिर में परिवर्तित हो गया है और साथ में धर्मशाला बन गई है।
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मंगलवार, 13 सितंबर 2011
कांग्रेसी नेताओं का अगला पड़ाव तिहाड जेल- गणेशी लाल
डबवाली (यंग फ्लेम) कांग्रेस का कार्यकर्ता तो अपने नेताओं की लड़ाई में उलझा है, वह अपने नेताओं के तिहाड़ जेल में दर्शन करने जायेगा या हिसार उपचुनाव में काम करेगा - कांग्रेस पर यह कटाक्ष हरियाणा भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एंव पूर्व मंत्री प्रो. गणेशी लाल ने जिला महासचिव सतीश जग्गा के निवास पर डबवाली के प्रमुख पदाधिकारियों से बातचीत करते हुये किया। प्रो. लाल ने दावा किया कि भाजपा-हजकां गठबंधन से दोनो दलों के कार्यकर्ताओं में उत्साह है और यह उल्लास हिसार लोकसभा में गठबन्धन प्रत्याशी कुलदीप बिश्नोई की विजय को सुनिश्चित करेगा। उन्होने जीत के समीकरण बताते हुए कहा कि जो भी भाजपा से मिल जाये उसी की सरकार निश्चित होती है, दुसरे पूर्व में कुलदीप कांग्रेस और इनैलो को हराकर भिवानी में शानदार जीत हासिल कर चुके हैं, तीसरा यह कि हरियाणा की जनता के आशीष से स्व. चौ. भजन लाल कई बार मुख्यमन्त्री और केन्द्रीय मन्त्री भी रहे तथा जनता के दिल में आज भी स्व. चौ. भजन लाल के लिये सम्मान है। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष बलदेव सिंह मांगेआना, जिला महासचिव सतीश जग्गा, कर्मचारी प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश प्रभारी एस.डी.कपूर, अनुसूचित मोर्चा के जिला प्रभारी दात्ता राम, डबवाली मण्डल अध्यक्ष कृष्ण ग्रोवर, मण्डल महामन्त्री परवेश घई, कृष्ण कीनीया, बूटा सिंह हैबूआना, अजैब सिंह भाटी, राम किशन मैहता सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।
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डबवाली संगरिया सड़क के निर्माण का मामला मुख्यमंत्री के दरबार में
डबवाली(यंग फ्लेम)3-3 फुट गहरे खड्डों व अति दयनीय स्थिति के चलते पिछले काफी दिनों से बंद पडी लगभग 32 किलोमीटर लंबी डबवाली-संगरिया रोड़ के टैंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य ना आरंभ के बारे में सरदार गुरदेव सिंह शांत फाऊन्डेशन के संयोजक इकबाल सिंह शांत नेहरियाणा के मुख्य मंत्री श्री भुपिंदर सिंह हुड्डा को फैक्स द्वारा पत्र भेजकर सडक का निर्माण तुरंत शुरू करवाने की मांग की है। पत्र में उन्होने ने मुख्य मंत्री को सडक की यथास्थिति से अवगत करवाते हुऐ कहा कि पंजाब और हरियाणा को राजस्थान के साथ जोडऩे वाली 32 किलोमीटर लम्बी मुख्य सड़क डबवाली -संगरिया रोड पिछले 4 दिनों से बंद है और जगह -जगह पर ट्रक व बसें दो -दो फुट गहरे खड्डों में फंसे हुए हैं। इस पूरी सड़क का पिछले दो सालों से बेहद बुरा हाल है। टैंडर
होने के बावजूद भी सड़क का निर्माण कार्य न शुरू होने के पीछे राजनैतिक व प्रशासनिक इच्छा शक्ति की कमी का अंदाजा सहज रूप से लगाया जा सकता है। उन्होने सडक निर्माण के शुरू ना करवाने के पीछे एक सोची समझी साजिश करार देते हुए कहा कि डबवाली इलाके के लोग चौपालों पर बैठ कर सडक की मंदी हालत के बारे में चिंतन करते हुऐ खुद को असहाय महसूस करते हैं। उन्होने कहा कि सियायी द्वेष व प्रशासनिक निष्कर्यता का जिक्र करते हुए कहा कि डबवाली में स्थानीय प्रशासन लगभग निष्क्रय होने के समान है और टेंडर होने
के बावजूद भी इस सड़क का निर्माण पिछले दो-तीन महीनो से शुरू नहीं हो सका है। इसके ईलावा बेशक यह सडक चौटाला गाँव के आगे से गुजरती है पर
यह रास्ता राजस्थान के प्रसिद्ध धाम सालासर की ओर भी जाता है। यहाँ पर रोजाना हमारे क्षेत्र से सैंकड़ों लोग वहां दर्शनों के लिए जाते है। इसके अतिरिक्त यह जयपुरा कांडला व अहमदबाद के लिए भी मुख्य मार्ग है तथा यातायात के लिए यह गुजरात तक के लिए सबसे सुरक्षित तथा कम लम्बाई का रास्ता है। उन्होने मुख्य मंत्री से पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के बीच सेतू बने डबवाली-संगरिया रोड के निर्माण कार्य को तुरंत आरम्भ करवाने की मंाग की।
होने के बावजूद भी सड़क का निर्माण कार्य न शुरू होने के पीछे राजनैतिक व प्रशासनिक इच्छा शक्ति की कमी का अंदाजा सहज रूप से लगाया जा सकता है। उन्होने सडक निर्माण के शुरू ना करवाने के पीछे एक सोची समझी साजिश करार देते हुए कहा कि डबवाली इलाके के लोग चौपालों पर बैठ कर सडक की मंदी हालत के बारे में चिंतन करते हुऐ खुद को असहाय महसूस करते हैं। उन्होने कहा कि सियायी द्वेष व प्रशासनिक निष्कर्यता का जिक्र करते हुए कहा कि डबवाली में स्थानीय प्रशासन लगभग निष्क्रय होने के समान है और टेंडर होने
के बावजूद भी इस सड़क का निर्माण पिछले दो-तीन महीनो से शुरू नहीं हो सका है। इसके ईलावा बेशक यह सडक चौटाला गाँव के आगे से गुजरती है पर
यह रास्ता राजस्थान के प्रसिद्ध धाम सालासर की ओर भी जाता है। यहाँ पर रोजाना हमारे क्षेत्र से सैंकड़ों लोग वहां दर्शनों के लिए जाते है। इसके अतिरिक्त यह जयपुरा कांडला व अहमदबाद के लिए भी मुख्य मार्ग है तथा यातायात के लिए यह गुजरात तक के लिए सबसे सुरक्षित तथा कम लम्बाई का रास्ता है। उन्होने मुख्य मंत्री से पंजाब, हरियाणा व राजस्थान के बीच सेतू बने डबवाली-संगरिया रोड के निर्माण कार्य को तुरंत आरम्भ करवाने की मंाग की।
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समाचार प्रकाशित न होने पर पत्रकार से मारपीट
डबवाली-प्रकाशित न होने पर कुछ युवकों द्वारा डबवाली के एक पत्रकार के साथ मारपीट करने व उसके कार्यालय में पहुंचकर तोडफ़ोड़ किए जाने का मामला सामने आया है। पीडि़त पत्रकार बलवीर लखोत्रा ने इसकी शिकायत सिटी थाना डबवाली में दर्ज करवाई दी है। शिकायत में उन्होंने कहा कि गांव अलीकां निवासी सुखदेव सिंह व उसके 3-4 साथी कुछ दिन पहले उनके कार्यालय में आए और एक समाचार प्रकाशित करने की बात कही। पत्रकार के पास समाचार का कोई ठोस सबूत न पहुंचने के कारण समाचार प्रकाशित नहीं किया जा सका। समाचार प्रकाशित न होने पर गत दिवस उक्त युवक पत्रकार के कार्यालय पहुंचे और उनके साथ गाली गलौच करने लगे। पत्रकार द्वारा गाली गलोच का विरोध करने पर उक्त युवक तैश में आ गए और उनके साथ मारपीट कर कार्यालय में तोडफ़ोड़ शुरु कर दी। पत्रकार ने इसकी शिकायत सीटी थाना डबवाली में दर्ज करवा दी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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सोमवार, 12 सितंबर 2011
मेहता ने किया नन्हें बच्चों की रामलीला का शुभांरभ
डबवाली- एक ओर जहां रामलीला के लिए युवाओं में काफी उत्साह पाया जाता है, वहीं दुसरी ओर नन्हें-मुन्हें बच्चे भी किसी से कम नहीं है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला गांव बिज्जूवाली के नन्हें-मुन्हें बच्चों में। गत रात्रि बिज्जूवाली के बच्चों द्वारा रामलीला शुरू करवाई गई। जिसका शुभांरभ समाजसेवी रोहित मेहता ने रिबन काटकर किया। नन्हें-मुन्हें बच्चों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस कलियुग में श्री रामचन्द्र जी के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए हम सब मिलकर फिर से रामराज की स्थापना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि रामलीला को सिर्फ एक नाटक न मानकर बल्कि इससे हमें त्याग, धर्म व सत्य की प्रेरणा लेनी चाहिए तथा समाजिक व धार्मिक कार्यों में जितना हो सके उतना योगदान देना चाहिए। उन्होंने बच्चों को नशे से दुर रहने का भी संदेश दिया। वहीं उन्होंने ग्रामीणों से भी इन नन्हें-मुन्हें बच्चों का सहयोग करने का अनुरोध किया। ताकि यह बच्चे आने वाले समय में अच्छे ढंग से अपनी कला का प्रदर्शन कर सके और धार्मिक कार्यों में अपना सहयोग दे सकें। इस मौके पर शांति स्वरूप, हरीश मेहता, यशपाल शर्मा, अजय वधवा, रामू बिजारनियां, विजय मेहता, संदीप बिरट, रीशू मेहता, मनीष शर्मा सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।
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शनिवार, 10 सितंबर 2011
बिज्जूवाली में बरसात से गिरा मकान
डबवाली (यंग फ्लेम) बिज्जूवाली क्षेत्र में हो रही पिछले कुछ दिनों से भारी बरसात लोगों व किसानों के लिए आफत बनकर आई है। एक ओर जहां किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, वहीं दुसरी ओर लोगों के भी मकान गिर गए हैं। बरसात का पानी सड़कों पर खड़ा रहने से आने-जाने वाले राहगीरों को बुरी तरह परेशान कर रहा है।
गांव बिज्जूवाली निवासी पंच चमेली देवी पुत्नी धौंकल राम का गत रात्रि बरसात के कारण मकान गिर गया। जिससे उनका काफी नुकसान हो गया है। मकान में रखा सारा सामान नष्ट हो गया। मकान मालिक ने बताया कि वह अपने घर के आगे गत रात्रि गली में चारपाई पर सोया हुआ था, अचानक उसे तेज धमाके की आवाज सुनाई तो उसने देखा की उसका मकान गिरा पड़ा था। उसने तुरंत पड़ोसियों की सहायता से बचा-कुचा सामान बाहर निकाला। उसने बताया कि उसकी गाय भी मकान के पास बंधी हुई थी, गाय की रस्सी कमजोर होने के कारण गाय रस्सी तुड़वाकर वहां से दुर जा पहुंची। जिससे गाय सही-सलामत बच गई। उन्होंने जिला प्रशासन व सरकार से मांग की है कि उन्हें मकान का मुआवजा दिया जाए।
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शुक्रवार, 9 सितंबर 2011
सड़क की मुरम्मत करवाने के लिए दुकानदारों ने एसडीएम को सौंपा मांग पत्र
डबवाली (यंग फ्लेम) चौटाला रोड निहायत ही खस्ता हाल में होने के कारण इस रोड से गुजरने वाले वाहन चालकों व दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में वीर
वार को चौटाला रोड पर स्थित दुकानदारों व निवासियों ने एसडीएम मुनीश नागपाल को एक मांग पत्र सौंपा। जिसमें इस रो ड की जल्द से जल्द मुरम्मत करवाने की मांग की गई। चौटाला रोड पर स्थित दुकानदार इनेलो नेता राकेश शर्मा, कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सोनी, महिंद्र सचदेवा, हैप्पी गिल, लवली, गेजा सिंह भुल्लर, संजय अग्रवाल, ज्ञानदीप, राजेंद्र चावला, हरि ओम, राजेंद्र सेठी, धीरज कुमार, रजत कुमार, गुरबचन सिंह, सीताराम, अशोक बांसल व अन्य ने बताया कि हुड्डा सरकार व प्रशासन की लापरवाही के चलते चौटाला रोड पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने के कारण यह सड़क बनने के कुछ समय बाद ही बैठने लग गई थी वर्तमान में हालात ये है कि सड़क में 2 से 3 फीट तक के गहरे गढ़े हो चुके है और गत दिनों से हो रही बरसात ने इन गढ़ों और भी गहरा कर दिया है। वर्षा का पानी रूकने के कारण यह गढ़े दिखाई नहीं देते जिस कारण कई वाहन चालक हादसों का शिकार हो चुके है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि सड़क के गढ़ों को भरने के लिए संबंधित विभाग द्वारा मिट्टी डाली जा रही है जोकि आने वाले समय में हादसों का कारण बन सकती है। उन्होंनं प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण अथवा बजरी व लुक से मुरम्मत करवाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन व सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस और प्रशासन व सरकार कोई ध्यान नहीं देती तो दुकानदार व शहर निवासी चौटाला रोड पर जलूस व रोड जाम करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वार को चौटाला रोड पर स्थित दुकानदारों व निवासियों ने एसडीएम मुनीश नागपाल को एक मांग पत्र सौंपा। जिसमें इस रो ड की जल्द से जल्द मुरम्मत करवाने की मांग की गई। चौटाला रोड पर स्थित दुकानदार इनेलो नेता राकेश शर्मा, कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान दर्शन सोनी, महिंद्र सचदेवा, हैप्पी गिल, लवली, गेजा सिंह भुल्लर, संजय अग्रवाल, ज्ञानदीप, राजेंद्र चावला, हरि ओम, राजेंद्र सेठी, धीरज कुमार, रजत कुमार, गुरबचन सिंह, सीताराम, अशोक बांसल व अन्य ने बताया कि हुड्डा सरकार व प्रशासन की लापरवाही के चलते चौटाला रोड पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होने के कारण यह सड़क बनने के कुछ समय बाद ही बैठने लग गई थी वर्तमान में हालात ये है कि सड़क में 2 से 3 फीट तक के गहरे गढ़े हो चुके है और गत दिनों से हो रही बरसात ने इन गढ़ों और भी गहरा कर दिया है। वर्षा का पानी रूकने के कारण यह गढ़े दिखाई नहीं देते जिस कारण कई वाहन चालक हादसों का शिकार हो चुके है और कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि सड़क के गढ़ों को भरने के लिए संबंधित विभाग द्वारा मिट्टी डाली जा रही है जोकि आने वाले समय में हादसों का कारण बन सकती है। उन्होंनं प्रशासन से शीघ्र सड़क निर्माण अथवा बजरी व लुक से मुरम्मत करवाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन व सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस और प्रशासन व सरकार कोई ध्यान नहीं देती तो दुकानदार व शहर निवासी चौटाला रोड पर जलूस व रोड जाम करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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अभय चौटाला 10 को लेंगे कार्यकर्ताओं की बैठक
डबवाली (यंग फ्लेम) ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला कल 10 सितंबर को प्रात: 10 बजे पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बैठक चौ. देवी लाल सदन सिरसा में लेंगे। बैठक में डबवाली के इनेलो पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। बैठक में आगामी 25 सितंबर को ताऊ देवी लाल के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में हिसार में होने वाली राज्य स्तरीय रैली को लेकर कार्यकर्ताओं से विचार विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा हिसार उपचुनाव में पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवार अजय सिंह चौटाला की जीत सुनिश्चित करने के लिए भी रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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बाबा रामदेव के गुणगान से गुंजा बिज्जूवाली
डबवाली (यंग फ्लेम) गांव बिज्जूवाली के रामदेव मंदिर में हर साल की तरह गत रात्रि समस्त गांववासियों के सहयोग से भाद्रपद शुक्ल दशमी के उपल्क्ष्य पर बाबा रामदेव पीर का विशाल जागरण आयोजित करवाया गया।
जागरण से पहले श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई। जागरण में बाहर से आए कलाकारों ने बाबा रामदेव जी के भजनों का गुणगान किया, जिसका श्रद्धालुओं ने खूब आनंद उठाया। कलाकारों द्वारा गाए गए भजनों में ''अजमल जी रा कवरा, म्हारा बाबा थान भुलां ना एक घड़ीÓ 'जिला मेरा सिरसा रे डबवाली के पास में गांव मेरा बिज्जूवाली रे बाबा रामदेव जी के आसरेÓ 'पीछम धरा सूं म्हारा पीर जी पधारेयाÓ 'म्हारो बाबो रामदेव आसी रे नीले गोड़लिय पर चढग़ेÓ 'साच्ची बात बताजा मोरीया बाबो कद आसीÓ 'कर बाब न याद पता नी के दे दयÓÓ सहित अनेक सुन्दर-सुन्दर भजनों से पंडाल गुंज उठा। प्रात: 4 बजे बाबा रामदेव जी की आरती करने के बाद श्रद्धालुओं को बाबा रामदेव जी का प्रसाद वितरित किया गया। जागरण के दौरान श्रद्धालुओं के लिए चाय-पानी का भी प्रबंध किया गया। बाबा रामदेव के पावन दरबार को सेवादारों द्वारा बिजली की रंग-बिरंगी लडिय़ों आदि से सजाया गया, जो कि हर किसी का मन मोह रही थी। इस मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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टी.एल.एम. की प्रदर्शनी व एन.एस.एस. शिविर आयोजित
डबवाली (यंग फ्लेम) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रिसालिया खेड़ा में कलस्टर स्तर पर टी.एल.एम. की विभिन्न विषयों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। जिसमें क्षेत्र के राजकीय उच्च विद्यालय बनवाला, राजकीय माध्यमिक विद्यालय रामपुरा बिश्रोईयां, राजकीय प्राथमिक पाठशाला व राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला रिसालिया खेड़ा के अध्यापकों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में प्रथम स्थान गणित का मॉडल कशमीर चंद गणित अध्यापक, समाजिक में प्रथम स्थान कृष्ण कुमार समाजिक अध्यापक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रिसालिया खेड़ा, पंजाबी में राजकीय उच्च विद्यालय बनवाला प्रमजीत कौर, विज्ञान में ओमप्रकाश विज्ञान अध्यापक तथा विकास, जे.बी.टी. इन्द्र सैन, रवि व प्रेम कुमार के मॉडल प्रथम स्थान पर रहे। विद्यालय के प्राचार्य व स्कूल स्टाफ सदस्यों द्वारा प्रदर्शनी के मॉडलों की भरपूर प्रशंसा की गई। वहीं दूसरी ओर विद्यालय की एन.एस.एस. यूनिट द्वारा एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें यूनिट के जगदीश प्रसाद गणित प्रवक्ता ने केम्प का शुभांरभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों व विद्यालय के स्टाफ सदस्यों को शिक्षा के अधिकार के बारे में विस्तार बताया। इसके बाद शिक्षा के अधिकार के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा गांव में एक रैली निकाली गई। जिनका मुख्य नारा था ''आज सबका प्रमुख नारा, शिक्षा का अधिकार हमाराÓÓ सहित अनेक विद्यार्थियों ने शिक्षा के प्रति नारे लगाए। रैली के उपरांत विद्यार्थियों ने वर्षा के मौसम को ध्यान में रखते हुए विद्यालय के कमरों की छतों की सफाई की एवं कमजोर दीवारों के साथ-साथ मिट्टी भी डाली, जिसमें लगभग विद्यालय के 125 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्राचार्य भूप सिंह ने विद्यार्थियों को समाजिक कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
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मजदूरी न मिलने पर नरेगा मजदूरों ने जताया रोष
डबवाली (यंग फ्लेम) खंड के गांव मसीतां में नरेगा स्कीम के तहत मजदूरी न मिलने पर मजदूरों ने वीरवार को खण्ड विकास एंव पंचायत अधिकारी कार्यालय मे अपना रोष व्यक्त किया।
गांव मसीतां के मजदूरों ने बताया कि उन्होने गांव मे पंचायती राज व पीडब्लयुडी की नरेगा स्कीम के तहत सडकों व खालों की सफाई का कार्य किया था। लेकिन पिछले 2 महिनो से उन्हे उनकी मजदूरी नहीं मिली जिस कारण उनके बच्चे भूखेे व प्यासे बैठे है। मजदूरों ने बताया कि बीडीपीओ व ऐवीपीओ डबवाली हर बार उन्हे मजदूरी दिलवाने का अश्वासन देते है। लेकिन अभी तक उन्हें मजदूरी नही मिली जिस कारण वीरवार को मजदूरों ने एसडीएम डबवाली के समक्ष भी पेश होकर मुख्यमंत्री हरियाणा व उपायुक्त सिरसा के नाम एक मांग भी सौंपा।
मजदूरों ने इस मांग पत्र में कलिखा कि उनके द्वारा किए गए कार्य की उन्हें मजदूरी दिलाई जाए एवंं दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए।
गांव मसीतां के मजदूरों ने बताया कि उन्होने गांव मे पंचायती राज व पीडब्लयुडी की नरेगा स्कीम के तहत सडकों व खालों की सफाई का कार्य किया था। लेकिन पिछले 2 महिनो से उन्हे उनकी मजदूरी नहीं मिली जिस कारण उनके बच्चे भूखेे व प्यासे बैठे है। मजदूरों ने बताया कि बीडीपीओ व ऐवीपीओ डबवाली हर बार उन्हे मजदूरी दिलवाने का अश्वासन देते है। लेकिन अभी तक उन्हें मजदूरी नही मिली जिस कारण वीरवार को मजदूरों ने एसडीएम डबवाली के समक्ष भी पेश होकर मुख्यमंत्री हरियाणा व उपायुक्त सिरसा के नाम एक मांग भी सौंपा।
मजदूरों ने इस मांग पत्र में कलिखा कि उनके द्वारा किए गए कार्य की उन्हें मजदूरी दिलाई जाए एवंं दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए।
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बुधवार, 7 सितंबर 2011
भूमि अधिग्रहण कानून जल्द होगा पास हुड्डा सैक्टर स्कीम पड़ सकती है खटाई में
महावीर सहारण (09354862355)
डबवाली- नए भूमि अधिग्रहण का मसौदा केबीनेट में पास हो जाने से डबवाली में हुड्डा सैक्टर हेतु जमीन अधिग्रहण पर सवालिया निशान लग गया है।
डबवाली- नए भूमि अधिग्रहण का मसौदा केबीनेट में पास हो जाने से डबवाली में हुड्डा सैक्टर हेतु जमीन अधिग्रहण पर सवालिया निशान लग गया है।
देशभर में जमीन अधिग्रहण को लेकर विभिन्न स्तरों पर हो रहे विरोध के चलते केंद्र सरकार पर विगत लंबे समय से भूमि अधिग्रहण कानून 1894 को बदलने हेतु दबाव पड़ रहा था। जमीनों के दामों में भारी उछाल के चलते भूमि अधिग्रहण कानून के प्रावधानों का फायदा उठाते हुए भू-माफिया राजनीतिक गठजोड़ के चलते उपजाऊ जमीनों को ओने-पौने दामों पर हड़पने में लगा हुआ था। इन हालातों में विभिन्न उच्च न्यायलयों एवं उच्चतम न्यायलय में भारी संख्या में यचिकाएं दाखिल हो रही थी तथा अधिकांश फैंसले भी भू-मालिकों के पक्ष में आ रहे थे। अब केंद्र सरकार ने अखिरकार किसानों की सुध लेते हुए अधिग्रहण कानून में आमूल-चूल परिवर्तन ही कर दिया है। नया सम्मावित कानून जिसके जल्द ही संसद द्वारा पारित हो जाने की संभावना है में सब से अहम बात यह है कि 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति से ही भूमि ली जाएगी तथा ग्रामीण क्षेत्र में कलेक्टर रेट से 4 गुणा व शहरी क्षेत्र में 2 गुणा मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही 2 हजार मासिक 20 वर्ष तक प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा। मौजूदा समय में जिस स्कीम का कब्जा नहीं लिया जा सका है या मुआवजा वितरित नहीं किया गया है उन पर नया कानून लागू होगा। डबवाली में हुड्डा आवासीय सैक्टर के निर्माण हेतु लगभग 200 एकड़ भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है तथा अधिकांश भूमि मालिक इस अधिग्रहण का विरोध कर रहे है। नया सम्मावित कानून इन लोगों के लिए फायदेमंद साबित होने जा रहा है। क्योंकि शहरी आबादी के साथ होने से बेहद महंगी जमीन हुड्डा द्वारा बहुत ही कम कीमत पर ली जा रही थी। जीटी रोड पर लगते भूमि मालिकों को तो इस अधिग्रहण से बेहद नुकसान हो रहा था हुड्डा अगर 80 प्रतिशत मालिकों को खुश करके व उनकी मर्जी मुताबिक कीमत अदा करके सैक्टर विकसित करता है t सैक्टर के प्लाटों की कीमत कई गुणा बढ़ जाएगी अन्यथा हुड्डा को स्कीम पर पूर्नविचार करना पड़ेगा। इन हालातों में शहर में आवासीय प्लाटों में तेजी आने की संभवानाएं बढ़ गई है।
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haryana govt
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