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रविवार, 2 अक्टूबर 2011

अनीमिया मुक्त अभियान के तहत 10 हजार बच्चों की जांच होगी

डबवाली-लायंस अक्स द्वारा शुरू किए गए अनीमिया मुक्त अभियान के तहत दस हजार बच्चों की नि:शुल्क जाँच की जायेगी उन्हें निशुल्क दवाईयां भी दी जाएंगी। यह अभियान लगातार चार मा तक चलेगा। यह जानकारी देते हुए लायंस संगठन के प्रतीय सचिव सतीश जग्गा ने बताया कि उक्त अभियान की शुरूआत शुक्रवार को की गई अभियान का शुभारंभ स्वामी दयानंद स्कूल में एसडीएम मुनीश नागपाल ने किया। कार्यक्रम में कच्चा आढ़तिया एसोसिएशन के उप-प्रधान जगननाथ जिन्दल, उद्योगपति आशु गर्ग और हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रवीन सिंगला विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित हुए।
समारोह को लायंस संगठन के जनपद अधिकारी हरदीप सरकारिया, सुरेन्द्र छिन्दा तथा प्रसिद्ध रंगकर्मी संजीव शाद ने भी संबोधित किया। मंच संचालन डा.शमिन्द्र मिगलानी ने किया और उपस्थित मेहमानों का आभार जनपद प्रकल्प अधिकारी संजय मिढ़ा ने किया। इस अवसर पर अक्स प्रधान हिमंाशु शर्मा, केशव शर्मा, पवन गर्ग, नसीब गार्गी, प्रवेश गुप्ता, पंकज मैहता, ऋषि पपनेजा, गुरदीप कामरा, दीपक मोंगा, एक ओंकार नामधारी, केवल वधवा, मुनीश गुप्ता, मुकेश गोयल, मनोज शर्मा, सुनील रहेजा, अरविन्द गर्ग, संदीप चावला, रामकिशन गुप्ता, राजेश जिंदल, वेद भारती, भारत छाबड़ा, डा. मथरा दास चलाना, डा. हरमेल बराड़, आषीश सिंगला सहित नगर के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

दहेज लेना बंद कर दो, दहेज प्रथा समाप्त हो जाएगी: मडिय़ा

डबवाली-गांव अलीकां के राजकीय स्कूल में शनिवार को ग्रामीण लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत की अध्यक्षता उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. अतुल मडिय़ा ने की।
लोक अदालत में 56 मामले रखे गए जिनमें से 54 का निपटान कर दिया गया। इसके अलावा 15 इंतकाल दर्ज किए गए। वरिष्ठ अधिवक्ता गंगा बिश्र गोयल व सुखबीर सिंह बराड़ ने इस मौके पर लोक अदालत का महत्व लोगों को बताया। बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एसके गर्ग ने माता पिता व वरिष्ठ नागरिक भरणपोषण एक्ट 2007 व मनेरगा कानून के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए लोगों को जागरूक किया।
एसडीजेएम डॉ. अतुल मडिय़ा ने इस अवसर पर संबोधन के दौरान लोगों को सामाजिक बुराईयों से दूर रहने की प्रेरणा दी। उन्हेांने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या व दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराईयों को मिलकर दूर किया जाना जरूरी है। दहेज लेने वालों को भिखारी बताते हुए उन्होंने आह्वान किया कि दहेज लेना बंद कर दिया जाए तो दहेज प्रथा अपने आप ही समाप्त हो जाएगी।
इस अवसर पर एडवोकेट सुरेश शर्मा व इंद्रजीत सिंह ने कविताओं के माध्यम से अपनी बात कही। मंच संचालन एडवोकेट युधिष्ठिर कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के प्रधान जितेंद्र दंदीवाल, गुरविंद्र मान, धर्मवीर कुलडिय़ा, ओम प्रकाश गांधी, कुलदीप सिधुु, बलजीत सिंह व कई अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।

गरीबो का मजाक उड़ाती गरीबी की नयी परिभाषा

योजना आयोग जिसके मुखिया है अर्थशाश्त्र के ज्ञाता प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह है उनकी टीम ने गरीबो का मजाक उड़ाते हुए गरीबी की नयी परिभाषा बताई है उनके मुताबिक़ शहर में एक व्यक्ति एक दिन में अपने ऊपर अगर ३२ रूपए खर्च करता है तो वो गरीब नहीं है…और गाँव के व्यक्ति के लिए यही आंकड़ा २६ रूपए है.. इतना ही नहीं MMS यानि मनमोहन सिंह जी ने बाकायदा एक दैनिक बजट भी पेश किया है जोकि कुछ इस प्रकार है- अनाज के लिए-५.५० रूपए, दाल के लिए-१.०२ रूपए दूध के लिए २.३३ रूपए , सब्जी के लिए -१.९५ रूपए , तेल के लिए-१.५५ रूपए , फल के लिए-४४ पैसे , चीनी के लिए- ७० पैसे ,नमक और मसाले के लिए-७८ पैसे , अन्य फ़ूड आइटम्स के लिए- १.५१ रूपए ,ईंधन के लिए-३.७५ रूपए……
लगता है योजना आयोग के मुखिया अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैअपने को गरीबो की हमदर्द होने का ढोंग करने वाली कांग्रेस पार्टी के नेता कौनसी दुनिया में जी रहे है..सच्चाई से कितना दूर है योजना आयोगइन्हें शर्म भी नहीं आती गरीबी की ऐसी परिभाषाएँ देने में ..लेकिन शर्म आये भी तो कैसे आखिर ये तो ठहरे नेता इनके अन्दर बेशर्मी तो कूट-कूट कर भरी होती है ….चोरी पे चोरी ऊपर से सीना जोरी- ये परिभाषा कम थी की जो कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का बयान आयासभी आंकड़े रीसर्च और सर्वे के बाद प्रस्तुत किये गए हैअभिषेक जी लगता है रीसर्च और सर्वे के बजाये योजना आयोग के सदस्यों और उनके मुखिया ने खेल-खेल में अपनी-अपनी जवानी के दिनों के ऊपर रीसर्च कर के ये दैनिक बजट तैयार किया है..इस नयी परिभाषा के पीछे भी इनकी गन्दी चाल है वो ऐसे की जब देश में ये परिभाषा लागू हो जायेगी तो देश में हकीकत में बढती हुई ग़रीबी आंकड़ो में कम हो जायेगी और जब गरीबी आंकड़ो में कम हो जायेगी तो इससे सरकार को तीन फायदे होंगे..- गरीबो को मिलने वाली सेवाओं में सरकार कटौती कर देगी..- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की गरीब देश की छवि कम होगी..- और इन झूठे आंकड़ो का सबसे बड़ा फायदा तो यह है की २०१४ के चुनाव में वोट मांगने के लिए एक मुद्दा मिल जाएगा की हमारी सरकार ने गरीबी कम कीपर ये पब्लिक है ये सब जानती हैऔर वैसे भी अगर ३२ और २६ रूपए कमाने वाला व्यक्ति गरीब नहीं होता है तो हमारे नेताओ का भी मासिक ३८४० रूपए का मासिक वेतन मिलना चाहिए..क्यों सरकार अपनी सभी गन्दी चाले जनता के ऊपर आजमाती है ? दिन पर दिन बढती महंगाई महंगे होते खद्या पदार्थ पेट्रोल के दाम तो आसमान को छु रहे है और अब LPG सिलेंडर की भी सब्सिडी हो जायेगी एक वर्ष में केवल सिलेंडर ही प्राप्त होंगे इससे अधिक पर और अधिक भुगतान करना पड़ेगा इस सबसे झूजना तो जनता को ही पड़ता हैमंत्रियो का क्या जो हज़ारो करोडो के मालिक है उनके लिए ये १०००,५०० रूपए क्या मायने रखते होंगेयोजना आयोग द्वारा प्रस्तुत किया गया गरीबी का नया पैमाना पूर्ण रूप से अव्यवाहरिक है..अगर योजना आयोग इसे व्यवहारिक समझता है तो इस पैमाने को वह स्वयं खुद के ऊपर लागू कर के देखे तब उसे हकीक़त का अहसास होगासरकार के लिए तो मै इतना ही कहना चाहता हूँविनाशकाले विपरीत बुद्धिजब किसी का अंत होना होता है तो उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है
*जय हिंद जय भारत*

शनिवार, 1 अक्टूबर 2011

संकल्प पूर्ति के लिए पिछले 22 वर्षों से खड़ा है डॉक्टर कम लैक्चरार

डबवाली (यंग फ्लेम) पिछले 22 वर्षों से खड़ा एक हनुमान भगत गत दिवस डबवाली शहर को अलविदा कहकर अपनी आगे की यात्रा पर निकल गए। डबवाली शहर की बठिंडा रोड पर स्थित बलदेव ट्रैक्टर वक्र्स शॉप के मालिक उनके सेवक मिस्त्री बलदेव सिंह बताया कि यह हनुमान भक्त पिछले 22 वर्षों से चारपाई पर सोया नहीं है और ही कभी बैठा है। उन्होंने बताया कि यह हनुमान भक्त अपने बीते समय में प्रोफेसर रह चुके है और इन्होंने एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की हुई है।
इस बारे में जब हनुमान भक्त से हमारे संवादाता ने पूछा तो उन्होंने बताया कि उनका पूरा नाम डॉ. हाकम अनमोलक दास है और उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री के साथ डबल एमएससी पास डॉक्टर कम लैक्चरार है व साढे तीन वर्ष तक सीबीआई को भी अपनी सेवाएं दे चुके है। डॉक्टर से एक साधु का रूप धारण करने के पीछे क्या कारण था उसे बताते हुए कहा कि वह चितौडग़ढ (राजस्थान) शहर से 25 किलोमीटर दूरी पर उद्यपूर हाईवे पर स्थित गोरा जी का गांव निम्बाहेड़ा के समीप स्थित फैक्ट्री श्री गणपति फर्टीलाईजर्स के बाहर एक वह करीब 20 खड़े रहे। उन्होंने बताया कि श्री गणपति फर्टीलाईजर्स की स्थापना के समय फैक्ट्री के मालिक आरके जोशी ने इस हनुमान भक्त को हाथ में गंगा जल देकर संकल्प दिलवाया था कि वह फैक्ट्री के बाहर 108 फीट ऊंचा व 5 मंजिला हनुमान जी का मंदिर बनवाएगा। तब तक वह यहां खड़ा रहे। इस प्रकार संकल्प दिलवाने के वादे के बाद फैक्ट्री खुली और हानि उठाने के बाद उस फैक्ट्री का मालिक भी बदल गया। साथ ही वह संकल्प दिलवाने वाला आरके जोशी भी वहां से चला गया। लेकिन उस वक्त से उन्होंने अपने संकल्प की लाज रखी और आज भी अपने संकल्प पर अडिग़ है। उन्होंने बताया कि उनका जन्म 1933 में पटियाला में हुआ था। राजेंद्र मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद सीबीआई में सैकिंड डायरैक्टर एचआर शर्मा के अधीन 3 वर्ष तक कार्य किया।
सेवादास का का कहना है की उनका सकंल्प अटूट है। तब तक उस स्थान पर हनुमान मंदिर नहीं बन जाता मैं खड़ा ही रहूंगा। अपने संकल्प को पूरा करने के कारण उनके पैर बुरी तरह से जख्मी हो चुके तथा घुटनों तक सड़ चुके है व पट्टीयां बंधी हुई है। पेशे से डाक्टर रह चुके सेवादास उर्फ अनमोलक दास ने बताया कि वह स्वयं ही एन्टीबायोटिक इंजेक्शन स्वयं ही लगा लगते है। इंजेक्शन लगाते समय भी वे खड़े ही रहते है।
उन्होंने बताया वह गत दिनों ही डबवाली शहर में अपने सेवक के यहां आए और उसकी वक्र्स शॉप के बाहर रखे तेल के ड्रम पर अपना सीना रखकर सोते है व अपना प्रत्येक कार्य स्वयं करते है। इस वक्त की स्थिती देखकर एक बारगी तो किसी का भी मन द्रवित हो जाता है और उसके मन में यहीं सवाल आता है कि इतना पढ़ा लिखा डॉक्टर आज अपना संकल्प निभाने के लिए इतनी पीड़ा उठा रहा है और संकल्प दिलवाने वाला आरके जोशी अपनी हवेली में आराम से जीवन बीता रहा है। क्या यहीं इंसानियत है कि वादा करके तोड़ दें?

रविवार, 25 सितंबर 2011

बाढ़ का पानी न निकलने से सकताखेड़ा में 200 एकड़ फसल बर्बाद

डबवाली (यंग फ्लेम) भारी बारिश के प्रकोप से सकताखेड़ा गांव के एक दर्जन किसानों की 200 एकड़ भूमि में नरमा की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है। खेत में अभी तक 2 से 3 फूट तक पानी भरा पड़ा है पीडि़त किसानों ने रकबे की गिरदावरी करवा कर मुआवजा दिए जाने की मांग उच्चाधिकारियों से की है। पत्रकारों की टीम ने बाढग़्रस्त क्षेत्र का अवलोकन किया तो पाया कि सारे क्षेत्र में दूर-दूर तक पानी भरा पड़ा है। नरमें के पौधे मुरझाने लगे है और मौके पर मौजूद किसान अमर सिंह खीचड़ ने बताया कि 12 सिंबतर से 16 सिंतबर तक लगातार भारी बारिश हुई। चूंकि हरियाणा क्षेत्र का रकबा साथ लगते बडिंगखेड़ा (पंजाब) गांव के रकबे से नीचा पड़ता है जिसके चलते पंजाब क्षेत्र का बरसात का पानी भारी मात्रा में आ गया व एक सप्ताह हुई बारिश बंद हो चुकी है लेकिन पानी कम नहीं हो पा रहा है। किसान भजनलाल व देवव्रत ने बताया कि ट्रैकटर द्वारा दिन-रात पानी को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नरमें की फसल तो बर्बाद हो ही चुकी है अब तो हमारा प्रसाय है कि गेहूं की फसल की बिजाई किसी तरह संभव हो जाए। किसान स्नेहदीप व जगरूप सिंह ने बताया कि हालांकि स्थानीय उपमंडलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने पानी निकासी हेतु डीजल उपलब्ध करवाया है लेकिन हमारी प्रशासन से मांग है कि यहां एक ट्रांसफार्मर लगवा दिया जाए ताकि पानी को जल्दी व आसानी से निकाला जा सके। साथ ही किसानों द्वारा पंजाब क्षेत्र से आने वाले पानी को रोकने हेतु जेसीबी से मिट्टी डाली जा रही है प्रशासन इस कार्य में अपना सहयोग दे ताकि भविष्य में होने वाले नुकसान को रोकने हेतु पुख्ता प्रबंध किए जा सके। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में पानी का जमीनी लेवल केवल 3-4 फीट ही है तथा अब भारी बारिश एवं साथ लगते क्षेत्र का पानी भर जाने से लेवल और ऊंचा हो जाने की संभावना बन गई है। जिसके चलते यह क्षेत्र पूरी तरह से सेमग्रस्त हो जाने की संभावना बन गई है। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत इस और ध्यान दे ताकि दर्जनों परिवारों की अजीविका का साधन बच सके।

मंगलवार, 20 सितंबर 2011

हरियाणा के सिक्खों ने नकारी अलग कमेटी की मांग

महावीर सहारण (09354862355)
डबवाली (यंग फ्लेम) शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव नतीजों (अभी अधिकारिक रूप से घोषित नहीं) ने अलग गुरूद्वारा कमेटी की मांग को दरकिनार कर दिया है। 11 में से 8 सीटों पर शिरोमणी अकाली दल बादल के उम्मीदवारों की जीत ने साबित कर दिया है कि प्रदेश के सिक्ख अलग कमेटी के पक्षधर नहीं है। जगदीश सिंह झींडा व दीदार सिंह नलवी की क्रमश: 8000 व 10,000 मतों की बड़ी हार से यह तय हो गया है कि उनका जनाधार बुरी तरह से खिसक गया है।
प्रदेश का सिक्ख मतदाता परम्परागत रूप से देवीलाल-औमप्रकाश चौटाला को अपना समर्थन देता रहा है। स. प्रकाश सिंह बादल की चौटाला परिवार से निकटता जगजाहिर रही है। लेकिन विगत एसजीपीसी चुनाव में हरियाणा सिक्ख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहाक) का गठन करके जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, जैसे नेताओं ने प्रदेश में जबरदस्त प्रचार अभियान चलाया था कि अलग गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन किया जाए। उस चुनाव में शिरोमणी अकाली दल बादल ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तथा झींडा नलवी धड़ा 11 में से 7 सीटों पर विजयी होने में सफल रहा। तत्पश्चात झींडा ने लोकसभा-विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को समर्थन का ऐलान करके अपने इरादे जाहिर कर दिए इससे जहां औम प्रकाश चौटाला को राजनैतिक नुकसान तो हुआ ही बल्कि अलग कमेटी की मांग से एसजीपीसी की ताकत बंटने का अंदेशा भी होने लगा। इसलिए इस चुनाव को शिरोमणी अकाली दल बादल ने गंभीरता से लड़ा तथा इनेलो कैडर का भी सहारा लिया व झींडा-नलवी को बुरी तरह से हराने में सफलता प्राप्त की। अम्बाला की दोनों सीटों पर अकाली दल पाली धड़ा ने विजय प्राप्त की है वो भी मामूली 400 वोटों के अंतर से तथा सिरसा सीट पर गुरमीत सिंह तिलोकेवाला आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीते है इस प्रकार झींडा-नलवी के सभी प्रत्याशी चुनाव हार गए है।
चुनावी नतीजों ने प्रदेश में औम प्रकाश चौटाला को मजबूती प्रदान की है तथा हिसार उपचुनाव में इनेलो प्रत्याशी अजय सिंह चौटाला को इसका फायदा होगा। वहीं कांग्रेस के लिए यह नतीजें निराशाजनक कहे जा सकते है क्योंकि जगदीश सिंह झींडा खुल कर कांग्रेस का समर्थन करते रहे है। इसके अलावा अलग कमेटी का मुद्दा एकबारगी तो इन चुनावी नतीजों ने पुरी तरह से समाप्त कर दिया है व प्रदेश के सिक्खों पर प्रकाश सिंह बादल के असर को भी साबित कर दिया है।

मार्केट फीस कम करने की मांग को लेकर दिया धरना, ज्ञापन सौंपा

डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा में कपास-नरमा पर मार्केट फीस कम करने की मांग को लेकर सोमवार को हरियाणा कॉटन जिनिर्स एसोसिएशन, पक्का आढ़तिया एसोसिएशन तथा कच्च आढ़तियां एसोसिएशन के सदस्यों द्वारा स्थानीय एसडीएम मुनीश नागपाल की मार्फत हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम एक ज्ञापन पत्र सौंपा गया तथा मार्केट कमेटी के समक्ष सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक धरना प्रदर्शन किया। ज्ञापन द्वारा व्यापारियों व सरकार को हो रहे नुकसान से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। उन्होंने लिखा कि व्यापारियों द्वारा हरियाणा राज्य में कपास-नरमा पर मार्केट फीस एवं एचआरडीएफ 4 प्रतिशत है जबकि पड़ौसी राज्य पंजाब में 2 प्रतिशत व राजस्थान में 0.80 से 1.60 प्रतिशत है। जिस कारण हरियाणा राज्य का नरमा उपरोक्त पड़ोसी राज्यों की मंडियों में बिक रहा है तथा हरियाणा में कॉटन जिनिंग उद्योग एवं इससे जुड़े किसान-मजदूरों, कच्चा आढि़तियां एवं पक्का आढ़ंतियां संकट की स्थिति में है। उन्होंने बताया कि नरमा-कपास की आवक मंडिय़ों में शुरू हो चुकी है और उपरोक्त टैक्स अधिक होने की वजह से किसानों को उनके नरमे का भाव 300 से 400 रूपए कम मिल रहा है। पड़ौसी राज्यों में टैक्स कम होने के कारण किसानों ने दूसरे पड़ोसी राज्यों का रूख कर लिया है। इसी कारण सरकार को न केवल मार्केट फीस का नुकसान हो रहा है बल्कि 5.25 प्रतिशत वैट जो कि नरमा-कपास पर लगता है उसका भी नुकसान सरकार को उठाना पड़ रहा है। किसानों की उपज दूसरे राज्यों में जाने से कच्चा आढ़तिया, पक्का आढ़तिया, मजदूर, किसान एवं कॉटन जिनिंग से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। नरमा-कपास वैट प्रणाली की विसंगतियों के कारण कॉटन उघोग का करोंडों रूपए वैट रिफंड के रूप में बिना वजह पड़ा है जिस कारण कॉटन उघोग बहुत भारी वित्तीय संकट से गजुर रहा है। हरियाणा कॉटन जिनिर्स एसोसिएशन, पक्का आढ़तियां एसोसिएशन एवं कच्चा आढ़तियां एसोसिएशन ने सरकार से मांग की कि मार्केट फीस तथा एचआरडीएफ मिलकार एक प्रतिशत फीस की जाए एवं वैट कच्चा आढ़तियों की बजाए मिल मालिकों से भरवाकर बंद होने के कगार पर खड़े कॉटन उद्योग को बचाया जा सके।

जगसीर मांगेआना ने दी जगदेव मटदादु को करारी शिकस्त

यंग फ्लेम का आकलन सटीक साबित हुआ
डबवाली (यंग फ्लेम) शिरोमणी अकाली दल बादल प्रत्याशी जगसीर सिंह मांगेआना ने तिकोने मुकाबले में हरियाणा सिक्ख गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के जगदेव सिंह मटदादु को 1494 मतों से हरा दिया है हालांकि अधिकारिक रूप से चुनाव नतीजे की घोषणा 22 सितंबर को की जाएगी 18 सिंतबर को हुए चुनाव में 28014 मतदाताओं में 21030 मतदाताओं ने वोट डाला। अकाली दल बादल प्रत्याशी के लिए परमजीत सिंह माखा का प्रभावी चुनाव लडऩा बेहद फायदेमंद रहा।
शुरूआती दौर में जगसीर सिंह मांगेआना को बेहद कमजोर उम्मीदवार आंका जा रहा था लेकिन कांग्रेस समर्थकों द्वारा परमजीत सिंह माखा को चुनाव मैदान में उतार देने से जगदेव सिंह मटदादु के लिए मुश्किलों का दौर शुरू हो गया था साथ ही चुनाव के आखिरी दौर में इनेलो कैडर के मैदान में उतर आने से जगसीर सिंह मांगेआना का चुनावी ग्राफ एकाएक ऊपर आ गया। जगदेव सिंह मटदादु के समर्थक शुरू से ही अपनी जीत को पक्की मान कर चल रहे थे तथा उनका अत्मविश्वास ही उन के हार का एक कारण बना।
उन्होंने जमीनी समीकरणों को नजर अंदाज कर दिया। मांगेआना तथा माखा को पार्टी वर्करों का भी बड़ा सहारा मिला। जगदेव सिंह मटदादु के पास कार्यकर्ताओं की कमी दूर-दराज के गांवों में स्पष्ट रूप से देखी गई।
डबवाली हलके में जगसीर सिंह को 5021, जगदेव सिंह को 3496 व परमजीत को 2265 वोट मिले। राणियां में क्रमश: 2676, 2668 व 1110 वोट मिले तथा ऐलनाबाद में 1316, 1355 व 864 वोट मिले। इस चुनाव नतीजे से यह साबित हो गया कि हार-जीत में चुनावी समीकरणों की भूमिका तो होती ही है बल्कि कार्यकर्ताओं की मेहनत भी मायने रखती है।

प्रदेश के सिक्खों ने दिया एकता का परिचय-जपानी

डबवाली (यंग फ्लेम) शिरोमण गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में हरियाणा प्रदेश की 11 में से 8 सीटों पर अकाली दल बादल एवं इंडियन नेशनल लोकदल के सांझे उम्मीदवारों का भारी मतों से जीतना प्रदेश के सिक्खों की सबसे बड़ी जीत है। यह शब्द इनेलो पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के शहरी प्रधान सुखजिंद्र जपानी ने एक प्रैस ब्यान जारी कर कहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सिक्खों ने यह साफ कर दिया कि वह हरियाणा की अगल कमेटी के हक में नहीं है। प्रदेश के सिक्खों ने शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में अलग कमेटी का राग अलापनों वालों से ध्यान हटाकर अकाली दल बादल व इंडियन नेशन लोकदल पार्टी के हक में मतदान कर जहां बादल-चौटाला परिवार को और अधिक मजबूत किया है वहीं प्रदेश में भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए बादल-चौटाला परिवार को आशीर्वाद देने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस हमेशा से ही सिक्खों की दुशमन रही है। सिक्खों की दुशमन कांग्रेस व दिल्ली गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान परमजीत सिंह सरना की मिली भगत समुचे सिक्ख जगत को बांटना चाहते थे लेकिन सिक्खों ने एकता का परिचय देते हुए उनके मनसूबों पर पानी फेर दिया।

रविवार, 18 सितंबर 2011

मतदान के प्रति दिखा उत्साह

मतपेटियों में बंद हो गया भाग्य, 22 को आएगा रिजल्ट
18 सितम्बर। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के सिरसा व डबवाली सीट पर हुए मतदान में खासा उत्साह नजर आया। विभिन्न वाहनों में सवार होकर मतदाता मतदान केंद्र तक पहुंचे। दिन भर मतदान केंद्र के आसपास रौनक बनी रही। मतदान आज सुबह 8 बजे शुरू हुआ जो साय: 4 बजे तक चला। सिरसा सीट से शिरोमणि अकाली दल 1920 के उम्मीदवार गुरदीप सिंह, अकाली दल बादल के उम्मीदवार प्रकाश सिंह साहुवाला व आजाद प्रत्याशी गुरमीत सिंह तिलोकेवाला के बीच मुकाबला है। इसी प्रकार डबवाली सीट से शिरोमणि अकाली दल बादल के उम्मीदवार जगसीर सिंह मांगेआना, आजाद उम्मीदवार परमजीत सिंह माखा व एचएसजीपीसी प्रत्याशी जगदेव सिंह मटदादू के बीच टक्कर है। सुबह के समय मतदान की रफ्तार कुछ कम रही और सिरसा सीट पर सुबह 10 बजे तक महज 19 प्रतिशत मतदान ही हो सका था। दोपहर के बाद मतदान में तेजी आई जो शाम 4 बजे तक चलती रही। जिले में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांति से हुआ। शांतिपूर्ण मतदान के लिए जिले में 102 मतदान केंद्र बनाए गए थे जबकि 460 अधिकरियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। किसी प्रकार की गड़बड़ी होने की सूरत में 13 पोलिंग पार्टीयां रिजर्व में रखी गई थी।

गांव भीमा में हुआ तनाव
रोड़ी क्षेत्र के गांव भीमा में मतदान को लेकर कुछ तनाव हुआ जो बाद में शांत हो गया। तनाव का कारण बनी एक महिला मतदाता। महिला मतदान केंद्र के अंदर अपने बेटे को साथ ले गई और कहने लगी कि उसका वोट उसका बेटा डालेगा। इस पर एक एजेंट ने विरोध किया और कहा कि बेटे को वोट डालने का अधिकार नहीं है। इसी बात पर पक्ष-विपक्ष के एजेंट में कहासुनी हो गई और कुछ देर मतदान रूक गया लेकिन बाद में अधिकारियों ने मामले को शांत करा दिया।

सख्त थी सुरक्षा व्यवस्था
शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रत्येक मतदान केंद्र के बाहर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगी हुई थी। सिरसा व डबवाली सीट के चुनाव के लिए एक हजार से भी अधिक पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए थे। दोनों क्षेत्रों को छह सैक्टरों मेें बांटकर डीएसपी स्तर के अधिकारियों को सैक्टर इंचार्ज लगाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आधा दर्जन डीएसपी, दो दर्जन से भी अधिक इंस्पेक्टर तैनात थे। दोनों क्षेत्रों में 20 पेट्रोलिंग पार्टियां गश्त पर थी। जिले की सीमा भी सील की गई थी। दोनों क्षेत्रों के 38 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त किए गए थे।

सफाई के अभाव में शहर बना कचरा घर

डबवाली (यंग फ्लेम)शहर को कचरामुक्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, इसके बावजूद अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर कचरा का घर बना हुआ है। जहां नजर डालो, गंदगी ही गंदगी नजर आती है। शहरवासियों द्वारा बार-बार आवाज उठाने के बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। लगता है अधिकारियों को जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। शहर का कचरा खपाने के लिए कचरा प्लांट लगाने की योजना भी अधर में लटक गई। इसके पीछे अधिकारियों का निक्कमापन जिम्मेदार है। नगरपालिका द्वारा घरों व बाजारों से कचरा एकत्रित करने के लिए रिक्शा लगवाई गई थी लेकिन अब वह भी सड़कों से गायब हो चुकी है। शहर गंदगी का सबसे बड़ा अड्डा बनता जा रहा है। जि कारण पशु दिन भर गंदगी के इर्द-गिर्द विचरण करते रहते थे और कचरे को इधर-उधर बिखेर देते थे। बरसात के कारण अब कचरा बदबू मारने लगा है और मच्छर पनप रहे हैं। लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि जब लाखों रूपए की लागत से नगरपालिका द्वारा मंगवाई गई रिक्शा भी बेकार में खड़ी जर्जर हो रही है। इन सवालों के जवाब शहर की जनता अधिकारियों से जानना चाहती है पर अधिकारी है कि हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। यदि अधिकारी इसी तरह से जनता की उपेक्षा करते रहे तो उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।
बारिश के पानी की निकासी का नहीं प्रबंध
शहर की दूसरी सबसे बड़ी समस्या बारिश के पानी की निकासी की है। जब बारिश होती है तो पानी एक सप्ताह तक गलियों, खाली प्लाटों या सड़कों पर भरा रहता है। बठिंडा चौक, मलोट रोड पर स्थित रेलवे फाटक पर कुछ ऐसे ही हालात बने हुए हैं जहां बारिश का पानी कई दिनों से भरा हुआ है। खाली प्लाटों में भरा हुआ पानी तालाब जैसा लगता है। उनके अंदर मच्छर पैदा हो रहे हैं जो मलेरिया को बढ़ावा दे रहे हैं। शहर के कुछ अन्य हिस्सों में भी बारिश का पानी भरा हुआ है जिसकी निकासी के लिए प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं किए ग

शनिवार, 17 सितंबर 2011

भाजपा की मजबूरी से खुली कुलदीप की लॉटरी

महावीर सहारण(9354862355)
हजकां-भाजपा के गठबंधन ने प्रदेश में सहज गति से बह रहे सियासी पारे में एकबारगी तो तूफान सा ला दिया है। गठबंधन राजनीतिक निर्वासन झेल रहे कुलदीप बिश्रोई को प्रदेश की राजनीति की मुख्यधारा में लौटाने में तो सफल होगा साथ ही भाजपा को भी हरियाणा में सही मायनों में अपने पैर जमाने का अवसर प्रदान कर सकता है।
प्रदेश में अब तक कांग्रेस के विरोध में कोई भी दल भाजपा के सहयोग के बिना सरकार का गठन नहीं कर पाया। 1977 में एकजूट जनता पार्टी के रूप में विपक्ष को जोरदार सफलता मिली तो 1982 में लोकदल-भाजपा गठबंधन लगभग सरकार गठन के करीब ही पहुंच गया था लेकिन 1987 में तो 1977 वाला ही इतिहास दोहराया गया था। जब कांग्रेस 5 सीटों पर ही सिमट गई थी। तदोपरांत भाजपा-इनेलो के नेतृत्व में कुछ कड़वाहट फैलनी शुरू हो गई थी इसी के नतीजे में 1991 में कंाग्रेस की जोरदार वापसी हो गई। 1996 में आखिरी समय में भाजपा ने औम प्रकाश चौटाला की बजाए हविपा से समझौता कर के बंसीलाल की ताजपौशी करवा दी। सता की जो मलाई इस दौर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चखी उस से उन की आकांक्षाएं भी बढ़ गई। 1999 में पुन: इनेलो-भाजपा गठबंधन हुआ तथा विधानसभा चुनाव में भाजपा 6 सीटों पर सिमट गई व इनेलो को अपने बलबूते पर बहुमत मिल गया।
यहीं से इनेलो-भाजपा संबधों की ऐसी इबारत लिखी गई जिसका खामियाजा दोनों पक्षों को भुगतना पड़ा तथा भाजपा के केडर का इनेलो से पूर्णतया मोहभंग हो गया। बंसी लाल के शासन काल में सही मायनों में सतासुख भोग चुके भाजपा कार्यकर्ताओं की इनेलो-भाजपा सरकार में वैसी कद्र नहीं थी गठबंधन फिर टूटा। 2004 में कांग्रेस की फिर वासपी हुई तथा मजबूरी वश 2009 में फिर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इनेलो से समझौता किया लेकिन पहली बार इस समझौते से इनेलो को जबरदस्त नुकसान हुआ। भाजपा के केडर ने इनेलो के पक्ष में मतदान करने से पुरी तरह से गुरेज किया। इनेलो-भाजपा अगर यह चुनाव अलग-अलग लड़ते तो इनेलो हिसार-सिरसा-भिवानी संसदीय सीटे आसानी से जीत जाती व इस का फायदा उसे विधानसभा चुनाव में मिलता व इनेलो की 32 सीटों में यकीनन इजाफा होता। इन हालातों में इनेलो का भाजपा से मोहभंग होना स्वाभाविक था। उधर, केंद्र की परिस्थितियां ऐसी बन गई कि भाजपा को उन राज्यों में जहां वह अपने दम पर कांग्रेस का मुकाबला नहीं कर सकती थी किसी क्षैत्रीय दल की बैसाखी की जरूरत थी एनडीए में शामिल रहे नवीन पटनायक (उड़ीसा), चंद्रबाबू नायडू (आंध्रप्रदेश), प्रफुल महंत (असम),श्रीमती जयललिता (तमिलनाडू), ममता बर्नजी (प. बंगाल)एक-एक करके किनारा करते चले गए तथा अब एनडीए में अकालीदल बादल, जनता दल (यू) एवं शिव सेना ही बचे है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने विशेष रणनीति के तहत उमा भारती, जसवंत सिंह जैसे दिग्गज नेताओं का पार्टी में पुर्नप्रवेश सुनिश्चित किया साथ ही राजग को कांग्रेस के मुकाबले प्रत्येक लोकसभा सीट पर मजबूत दावेदार बनाने हेतु गठजोड़ की राजनीति की शुरूआत हरियाणा से कर दी। दूसरी और 5 विधायकों के पाला बदल लेने से कुलदीप बिश्रोई का जनाधार लगातार छीज रहा था ऐसे मौके पर हिसार संसदीय उपचुनाव ने दोनों दलों को चुनावी गठबंधन करने के लिए मजबूर कर दिया तथा प्रदेश की राजनीति में एक ताकतवर कोण के उभरने का मार्ग प्रशस्त हो गया। अब प्रदेश की भावी राजनीतिक तस्वीर काफी कुछ हिसार संसदीय चुनाव नतीजे पर निर्भर हो गई है हजकां-भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरे यह बयां करने के लिए काफी है कि प्रदेश के सियासी रंगमंच पर उनकी भी महत्वपूर्ण भूमिका बन गई है।

गुरुवार, 15 सितंबर 2011

अनपढ़ सरपंचों के रहते क्या पंचायतें हो पाएंगी हाईटैक

सरपंचों को कम्पयूटर शिक्षा देने का कार्य शुरू
डबवाली - कम्पूटर शिक्षा लेने के लिए भी पढ़ाई जरुरी है। अगर कोई अनपढ़ है और अंगुठा लगाता है तो उसे कंप्यूटर शिक्षा देने की बात की जाए तो हैरानी तो जरुर होगी। किसी से भी पूछो तो वो यही कहेगा कि ऐसा सम्भव हो ही नहीं सकता, लेकिन न जाने विभाग के अधिकारियों को ऐसी योजना बनाते समय इस बात का अहसास क्यों नहीं रहता। अब विभागीय अधिकारियों द्वारा नया निर्देश जारी कर दिया कि गांवों के सरपंचों को कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करवाएगी जाएगी और शिक्षा पूरी होने के बाद उन्हें कम्प्यूटर भी दिए जाएंगे ताकि वे हर कार्य कम्प्यूटर आदि के माध्यम से पूरी कर सकें और ऑनलाईन होने पर उन्हें भी अपने कार्य करवाने में आसानी हो सके। हालांकि उनकी नीति तो सही है, लेकिन यह बात गले नहीं उतर रही कि जो सरपंच बिलकुल ही अनपढ़ हैं और जिनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर है उन्हें कम्प्यूटर का सिखाया गया क-ख-ग पल्ले पड़ेगा कैसे। विभाग ने बड़ागुढ़ा खंड में कम्प्यूटर शिक्षा शुरू भी करवा दी है और सरपंच भी कम्प्यूटर की जानकारी लेने के लिए कक्षाएं लगाने लगे हैं, लेकिन अनपढ़ सरपंचों के सिर के ऊपर से सारी बात निकलती जा रही है, जिसे वे स्वयं भी मान रहे हैं। इसलिए उनके लिए कम्प्यूटर शिक्षा सीखना काफी मुश्किल भरा हो रहा है। क्षेत्र में दर्जनों सरपंच औरते हैं वहीं उनके परिवार वालो का व गांववालों का कहना की सरपंच गांव की जिम्मेवारी संभालेगी या फिर चुल्हा चोका या फिर सब छोड़ कर कंप्यूटर पर ही बैठी रहेगी। कहीं अनपढता इस योजना को धाराशाही ना कर दे यही विचार सरपंचों व पंचायत सदस्यों के मन में भी आ रहे है। बड़ागुढ़ा खण्ड़ में 44 गांव है जिनमें काफी सरंपच अनपढ़ है।

एक तिहाई सरपंच हैं अनपढ़
बीडीपीओ बड़ागुढ़ा छबीलदास डूडी से पूछा गया तो उन्होंने भी माना की बड़ागुढ़ा खण्ड में दो तिहाई सरपंच पढ़े लिखे व एक तिहाई सरंपच अनपढ़ है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर शिक्षा पूरी होने के बाद सरंपचों को कंप्यूटर दिए जाएंगे।

गंगा में अस्थियां प्रवाहित करके लौट रहे परिवार को लूटा

गांव शाहपुरबेगू का रहने वाला है पीडि़त परिवार
कालांवाली, (बिल्लू यादव)। हरिद्वार में अपने रिश्तेदार की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करके सिरसा लौट रहे एक परिवार को रेलगाड़ी में लुटेरों ने नशीला पदार्थ सूंघाकर लूट लिया है। लूट के शिकार लोगों को कालांवाली के अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जानकारी के अनुसार आज सुबह हिसार से चलकर जींद जाने वाली सवारी गाड़ी नंबर 50444 जब कालांवाली स्टेशन पर पहुंची तो एक डिब्बे में 2 महिलाएं व एक पुरुष बेहोश मिला। डिब्बे में उपस्थित यात्रियों ने आरपीएफ की मदद से तीनों बेहोश लोगों को स्टेशन पर उतार लिया। आरपीएफ प्रभारी होशियार सिंह ने सहारा क्लब सदस्यों को फोन करके एंबुलेंस मंगवाई और तीनों को अस्पताल पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र में तीनों का उपचार शुरू किया गया और लगभग दो घंटे बाद बेहोश व्यक्ति को होश आया। होश आने पर बेहोश व्यक्ति ने अपना नाम इकबाल सिंह बताया और कहा कि वह गांव शाहपुरबेगू का रहने वाला है। उसने बताया कि वे अपने रिश्तेदार की अस्थियां हरिद्वार लेकर गए थे। अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के बाद रेलगाड़ी से सिरसा लौट रहे थे कि रास्ते में किसी ने उन्हें नशीला पदार्थ सूंघाकर बेहोश कर दिया और इकबाल की पत्नी रामप्यारी व छोटे भाई की पत्नी कर्मदेवी के कानों की सोने की बालियां व नकदी निकालकर ले गए। सहारा क्लब के सदस्यों ने इसकी सूचना गांव शाहपुर बेगू के सरपंच को दी तो वहां से इकबाल सिंह का लड़का कुलदीप कालांवाली पहुंचा और परिजनों से मिला। कुलदीप ने इसके लिए सहारा क्लब व मंडी के लोगों का धन्यवाद किया है।

कार में लिफ्ट देकर छीनी कानों की बालियां

डबवली- यदि आप किसी कार में लिफ्ट लेने की सोच रहे हैं तो जरा संभल जाए क्योंकि लिफ्ट देने के बहाने आपको को लूटा जा सकता है। डबवाली में एक ऐसी घटना हो चुकी है। शहर डबवाली पुलिस ने लिफ़्ट देने के बहाने कार में बैठाकर छिना-झपटी के मामले में घटना की दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई महिलाओं की पहचान अमरजीत कौर पत्नी करनैल सिंह व जलू पत्नी पिन्दर सिंह निवासी वार्ड 21 रामनगर सगरूर (पंजाब)के रूप में हुई। पुलिस ने पूछताछ के दौरान इनके तीन अन्य साथियों जिनमें दो महिलाए व एक पुरूष शामिल है जिनकी पहचान कर ली गई हैं। गिरफ्तार की गई दोनों महिलाओं को आज डबवाली अदालत मे पेश कर रिमांड हासिल किया ताकि उनसे पूछताछ कर छिने गए सोने के कड़े व कानोंं की बालियां बरामद की जा सके। मामले की जानकारी देते हुए शहर डबवाली थाना के प्रभारी महासिंह ने बताया कि 3 अगस्त को वार्ड न: 7 मण्डी डबवाली निवासी कौशल्या देवी शहर डबवाली के एक बैंक मेें गई थी और जब वापस आ रही थी तो कार में सवार उपरोक्त आरोपियों ने उसे कार में बैठा लिया और शहर से बाहर सुनसान स्थान पर ले जा कर उसके कानों की बाली और हाथ के कड़े छिन कर मौके से फरार हो गए। थाना प्रभारी ने बताया कि इस संबंध में कौशल्या देवी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई और महत्वपूर्ण सुराग जुटाकर घटना के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया की घटना के बाकी तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की एक टीम पंजाब के सगरूर क्षेत्र में जाएगी।

ट्रांसफार्मर से तार चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश

डबवाली-जिले के विभिन्न गांवों में बिजली के ट्रांसफार्मर से तांबा की तार चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। डबवाली, कालांवाली व ओढ़ां पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। शहर डबवाली पुलिस ने 11 जुलाई को गांव डबवाली क्षैत्र में ट्रासर्फामर में से हुई तांबा तार चोरी की घटना को गुत्थी को सूलझाते हुए रतनलाल पुत्र सालीराम निवासी नरसिंह कॉलोनी डबवाली को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके पांच अन्य साथियों की भी पहचान कर ली गई है जिन्हे शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा। इसी प्रकार कालांवाली पुलिस ने 31 जुलाई को गांव तारूआना क्षेत्र से ट्रांस्फार्मर में से तांबा तार चोरी करने की गुत्थी को सुलझाते हुए घटना के एक आरोपी सोनू उर्फ काला पुत्र फतेह सिंह निवासी वार्र्ड 12 रामा मंडी (पंजाब )का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को डबवाली अदालत में पेशकर पूछताछ हेतू पुलिस रिमांड पर ले लिया है। एक अन्य घटना में ओढ़ा पुलिस ने 22 अगस्त को ओढ़ां से घुकांवाली रोड़ पर स्थित एक ट्रांसफार्मर में से तांबा तार चुराने के आरोप में पंजाब के डूमवाली गांव क्षेत्र से सुक्खा सिंह पुत्र बृजभान निवासी गली नम्बर 34 पारस नगर भंठिडा को काबू किया है। पूछताछ के दौरान उसके 6 अन्य साथियों की भी पहचान कर ली है। जिसे शीघ्र ही दबिश देकर गिरफ्तार किया जाएगा।

ऐसी मिसाल कहीं नहीं

डबवाली।बात सुनने में अटपटी लगे। लेकिन है सच। ऐसा सच जिस पर सरलता से यकीन नहीं किया जा सकता हो। रैगर समाज के शहर में करीब एक हजार घर हैं। इन घरों में जब भी सुख-दु:ख का कोई कार्यक्रम होता है, उससे पूर्व बाबा रामदेव के मंदिर का भाग निकाला जाता है। ऐसा पिछले सत्तर सालों से चल रहा है। डबवाली का रैगर समाज इसे रसम मानकर निभाता है।
न्यू बस स्टैण्ड रोड़ पर स्थित बाबा रामदेव के मंदिर की स्थापना विक्रमी संवत 1988 के दरमियान हुई थी। उस दौरान बाबा रामदेव के भक्त गीगा राम मंदिर वाली जगह आए। उन्होंने दो ईंट खड़ी करके ध्यान लगाया और वहां पर बाबा रामदेव मंदिर बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया। लोगों को उनकी बात पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, लोगों का विश्वास मजबूत होता गया। विक्रमी संवत 1989 में दो ईंटे कमरे में तबदील हो गई। जिसके ऊपर गुम्बद बनाया गया और कलश लगाए गए। मंदिर में सुबह-शाम को दो समय आरती होने लगी। मंदिर के विकास का जिम्मा रैगर समाज ने अपने हाथों में लिया। इसके लिए चौधरी रामलाल, त्रिलोक चंद सकरवाल, प्रभाती राम धोलपुरिया, कान्हा राम तथा मंगला राम ने बाबा रामदेव सेवक संस्था का निर्माण किया।
मंदिर के ठीक सामने रहने वाले नपा डबवाली के पूर्व अध्यक्ष 81 वर्षीय चौधरी रामलाल बताते हैं कि इसी दौरान रैगर समाज से संबंध रखने वाले मुकंदा राम ने मंदिर के साथ लगती एक बिसवा जमीन मंदिर को दान कर दी। उस समय रैगर समाज के करीब 400 घर थे। प्रत्येक घर खुशी-गमी के मौके पर मंदिर को दान दिया जाने लगा। इसी दान के सहारे उन्होंने जमीन पर दुकानें काट दी। दुकानों के निर्माण के बाद आने वाली आमदन से मंदिर के पुजारी तथा वहां रूकने वाले संत-फकीर के भोजन की व्यवस्था होने लगी।
खुशी का मौका हो या फिर गम का मौका रैगर समाज के लोगों ने इन दोनों अवसरों पर मंदिर को दान देने की रसम अपना ली। धीरे-धीरे मंदिर की मान्यता बढऩे लगी। साल में दो बार मेला भरने लगा। इस मेले में आने वाले लोगों की मनोकामना पूर्ण होने लगी। जिससे गली, मोहल्ले फिर शहर के लोग मंदिर में आने लगे। लेकिन सत्तर साल पहले रैगर समाज में शुरू हुई परंपरा आज भी कायम है। घर में छोटा सा कार्यक्रम होने पर भी मंदिर को दान देना नहीं भूलते।
बन गई परंपरा
मंदिर को संभाल रहे बाबा रामदेव सेवा मण्डल के अध्यक्ष प्रेम कनवाडिय़ा तथा सदस्य कृष्ण खटनावलिया ने बताया कि वे पीढ़ी दर पीढ़ी इस परंपरा का निर्वाह करते आ रहे हैं। उनके बुजुर्गों से उन्हें इस रसम की जानकारी मिली है। समाज के जिस भी घर में कोई कार्यक्रम होता है, उसी समय मंदिर के विकास के लिए परिवार खुद ब खुद दान देने की रसम निभाता है। उन्होंने बताया कि यह समाज के लोगों का सहयोग तथा बाबा रामदेव की कृपा है, जो एक कमरे का मंदिर विशाल मंदिर में परिवर्तित हो गया है और साथ में धर्मशाला बन गई है।

मंगलवार, 13 सितंबर 2011

कांग्रेसी नेताओं का अगला पड़ाव तिहाड जेल- गणेशी लाल

डबवाली (यंग फ्लेम) कांग्रेस का कार्यकर्ता तो अपने नेताओं की लड़ाई में उलझा है, वह अपने नेताओं के तिहाड़ जेल में दर्शन करने जायेगा या हिसार उपचुनाव में काम करेगा - कांग्रेस पर यह कटाक्ष हरियाणा भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एंव पूर्व मंत्री प्रो. गणेशी लाल ने जिला महासचिव सतीश जग्गा के निवास पर डबवाली के प्रमुख पदाधिकारियों से बातचीत करते हुये किया। प्रो. लाल ने दावा किया कि भाजपा-हजकां गठबंधन से दोनो दलों के कार्यकर्ताओं में उत्साह है और यह उल्लास हिसार लोकसभा में गठबन्धन प्रत्याशी कुलदीप बिश्नोई की विजय को सुनिश्चित करेगा। उन्होने जीत के समीकरण बताते हुए कहा कि जो भी भाजपा से मिल जाये उसी की सरकार निश्चित होती है, दुसरे पूर्व में कुलदीप कांग्रेस और इनैलो को हराकर भिवानी में शानदार जीत हासिल कर चुके हैं, तीसरा यह कि हरियाणा की जनता के आशीष से स्व. चौ. भजन लाल कई बार मुख्यमन्त्री और केन्द्रीय मन्त्री भी रहे तथा जनता के दिल में आज भी स्व. चौ. भजन लाल के लिये सम्मान है। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष बलदेव सिंह मांगेआना, जिला महासचिव सतीश जग्गा, कर्मचारी प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश प्रभारी एस.डी.कपूर, अनुसूचित मोर्चा के जिला प्रभारी दात्ता राम, डबवाली मण्डल अध्यक्ष कृष्ण ग्रोवर, मण्डल महामन्त्री परवेश घई, कृष्ण कीनीया, बूटा सिंह हैबूआना, अजैब सिंह भाटी, राम किशन मैहता सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

डबवाली संगरिया सड़क के निर्माण का मामला मुख्यमंत्री के दरबार में

डबवाली(यंग फ्लेम)3-3 फुट गहरे खड्डों अति दयनीय स्थिति के चलते पिछले काफी दिनों से बंद पडी लगभग 32 किलोमीटर लंबी डबवाली-संगरिया रोड़ के टैंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य ना आरंभ के बारे में सरदार गुरदेव सिंह शांत फाऊन्डेशन के संयोजक इकबाल सिंह शांत नेहरियाणा के मुख्य मंत्री श्री भुपिंदर सिंह हुड्डा को फैक्स द्वारा पत्र भेजकर सडक का निर्माण तुरंत शुरू करवाने की मांग की है। पत्र में उन्होने ने मुख्य मंत्री को सडक की यथास्थिति से अवगत करवाते हुऐ कहा कि पंजाब और हरियाणा को राजस्थान के साथ जोडऩे वाली 32 किलोमीटर लम्बी मुख्य सड़क डबवाली -संगरिया रोड पिछले 4 दिनों से बंद है और जगह -जगह पर ट्रक बसें दो -दो फुट गहरे खड्डों में फंसे हुए हैं। इस पूरी सड़क का पिछले दो सालों से बेहद बुरा हाल है। टैंडर होने के बावजूद भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने के पीछे राजनैतिक प्रशासनिक इच्छा शक्ति की कमी का अंदाजा सहज रूप से लगाया जा सकता है। उन्होने सडक निर्माण के शुरू ना करवाने के पीछे एक सोची समझी साजिश करार देते हुए कहा कि डबवाली इलाके के लोग चौपालों पर बैठ कर सडक की मंदी हालत के बारे में चिंतन करते हुऐ खुद को असहाय महसूस करते हैं। उन्होने कहा कि सियायी द्वेष प्रशासनिक निष्कर्यता का जिक्र करते हुए कहा कि डबवाली में स्थानीय प्रशासन लगभग निष्क्रय होने के समान है और टेंडर होने के बावजूद भी इस सड़क का निर्माण पिछले दो-तीन महीनो से शुरू नहीं हो सका है। इसके ईलावा बेशक यह सडक चौटाला गाँव के आगे से गुजरती है पर यह रास्ता राजस्थान के प्रसिद्ध धाम सालासर की ओर भी जाता है। यहाँ पर रोजाना हमारे क्षेत्र से सैंकड़ों लोग वहां दर्शनों के लिए जाते है। इसके अतिरिक्त यह जयपुरा कांडला अहमदबाद के लिए भी मुख्य मार्ग है तथा यातायात के लिए यह गुजरात तक के लिए सबसे सुरक्षित तथा कम लम्बाई का रास्ता है। उन्होने मुख्य मंत्री से पंजाब, हरियाणा राजस्थान के बीच सेतू बने डबवाली-संगरिया रोड के निर्माण कार्य को तुरंत आरम्भ करवाने की मंाग की।

समाचार प्रकाशित न होने पर पत्रकार से मारपीट

डबवाली-प्रकाशित न होने पर कुछ युवकों द्वारा डबवाली के एक पत्रकार के साथ मारपीट करने व उसके कार्यालय में पहुंचकर तोडफ़ोड़ किए जाने का मामला सामने आया है। पीडि़त पत्रकार बलवीर लखोत्रा ने इसकी शिकायत सिटी थाना डबवाली में दर्ज करवाई दी है। शिकायत में उन्होंने कहा कि गांव अलीकां निवासी सुखदेव सिंह व उसके 3-4 साथी कुछ दिन पहले उनके कार्यालय में आए और एक समाचार प्रकाशित करने की बात कही। पत्रकार के पास समाचार का कोई ठोस सबूत न पहुंचने के कारण समाचार प्रकाशित नहीं किया जा सका। समाचार प्रकाशित न होने पर गत दिवस उक्त युवक पत्रकार के कार्यालय पहुंचे और उनके साथ गाली गलौच करने लगे। पत्रकार द्वारा गाली गलोच का विरोध करने पर उक्त युवक तैश में आ गए और उनके साथ मारपीट कर कार्यालय में तोडफ़ोड़ शुरु कर दी। पत्रकार ने इसकी शिकायत सीटी थाना डबवाली में दर्ज करवा दी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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