सवाईमाधोपुर/जयपुर। सवाईमाधोपुर के रणथम्भौर बाघ अभयारण्य के दो बाघ सवाईमाधोपर और करौली जिले की सीमा पर चिरोली गांव के पास मृत मिले। प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 22 और 24 महीने के नर बाघों के शव के निकट एक शिकार की गई बकरी और बाघ द्वारा की गई तथा उल्टीयां मिलने से अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों बाघों की मौत संभवत विषैले खाने से हुई है।Young Flame Headline Animator
सोमवार, 8 मार्च 2010
रणथम्भौर अभयारण्य के दो शावकों की मौत
सवाईमाधोपुर/जयपुर। सवाईमाधोपुर के रणथम्भौर बाघ अभयारण्य के दो बाघ सवाईमाधोपर और करौली जिले की सीमा पर चिरोली गांव के पास मृत मिले। प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 22 और 24 महीने के नर बाघों के शव के निकट एक शिकार की गई बकरी और बाघ द्वारा की गई तथा उल्टीयां मिलने से अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों बाघों की मौत संभवत विषैले खाने से हुई है।
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अग्निकांड पीडि़त 10 मार्च को डीएवी के खिलाफ निकालेंगे कैंडल मार्च
डबवाली- अग्निकांड पीडि़त एसोसिएशन की एक आवश्यक बैठक अग्निकांड स्मारक स्थल पर रविवार शाम को विनोद बांसल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा अग्निकांड पीडि़तों के पक्ष में सुनाये गये मुआवजा के विरोध में डीएवी द्वारा उच्चतम न्यायालय में जाने पर कड़ी आपत्ति जताई गई। यह जानकारी देते हुए विनोद बांसल ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि डीएवी की इस नीति के खिलाफ अग्निकांड पीडि़त 10 मार्च बुधवार को शाम 5 बजे कैंडल मार्च का आयोजन करेंगे। यह मार्च अग्रवाल धर्मशाला से शुरू होकर मुख्य बाजार में से होता हुआ अग्निकांड स्मारक स्थल तक पहुंचेगा।
इस मौके पर अग्निकांड पीडि़तों में से डॉ. अरूण बांसल, राजीव वढ़ेरा, सुनील सेठी, शमशेर सिंह, सुच्चा सिंह आदि उपस्थित थे।
इस मौके पर अग्निकांड पीडि़तों में से डॉ. अरूण बांसल, राजीव वढ़ेरा, सुनील सेठी, शमशेर सिंह, सुच्चा सिंह आदि उपस्थित थे।
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शुक्रवार, 5 मार्च 2010
डबवाली (सुदेश आर्य) दि डबवाली टाइम्स के सम्पादक वासुदेव मैहता को स्थानीय प्रैस कल्ब का अध्यक्ष सर्वसाम्मति से चुन लिया गया। उनका कार्यकाल 1 अपै्रल 2010 से 31 मार्च 2011 तक
रहेगा। आज शहर के पत्रकारों की बठिण्डा रोड़ पर स्थित पी. डब्ल्यू. डी. रैस्ट हाऊस में बैठक हुई जिसमें चुुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए डॉ. एचएम ओसवाल की देख रेख में चुनाव समपन्न हुआ। अध्यक्ष पद के लिए वासदेव मैहता का ही आवेदन प्राप्त हुआ था। जिसके चलते सर्वसम्मति से उनको चुन लिया गया तथा कार्यकारिणी का गठन करने का अधिकार भी नवनिर्वाचित अध्यक्ष को प्रदान कर दिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार फतेह सिंह आजाद, निवर्तमान अध्यक्ष विजय वढेरा, जयमुनी गोयल, महावीर सहारण, नछत्तर सिंह बोस, राजीव वढेरा,डॉ. राज कपूर, डॉ. सुखपाल सिंह सांवतखेड़ा, पवन कौशिक, अमरजीत सिंह 'बिल्लु' मौजूद थे।
रहेगा। आज शहर के पत्रकारों की बठिण्डा रोड़ पर स्थित पी. डब्ल्यू. डी. रैस्ट हाऊस में बैठक हुई जिसमें चुुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए डॉ. एचएम ओसवाल की देख रेख में चुनाव समपन्न हुआ। अध्यक्ष पद के लिए वासदेव मैहता का ही आवेदन प्राप्त हुआ था। जिसके चलते सर्वसम्मति से उनको चुन लिया गया तथा कार्यकारिणी का गठन करने का अधिकार भी नवनिर्वाचित अध्यक्ष को प्रदान कर दिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार फतेह सिंह आजाद, निवर्तमान अध्यक्ष विजय वढेरा, जयमुनी गोयल, महावीर सहारण, नछत्तर सिंह बोस, राजीव वढेरा,डॉ. राज कपूर, डॉ. सुखपाल सिंह सांवतखेड़ा, पवन कौशिक, अमरजीत सिंह 'बिल्लु' मौजूद थे।
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थाली-20 रुपये के लिए 63 जिंदगियां खत्म
मनगढ़ (प्रतापगढ़): कृपालु महाराज की ओर से एक थाली, एक रुमाल और बीस रुपये का एक नोट 37 बच्चों और 26 महिलाओं के लिए मौत का संदेश लेकर आया। सिर्फ इतना हासिल करने के लिए यहां सुबह से भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। लगभग दस बजे तक यह आलम था कि लोगों को संभालना मुश्किल हो रहा था। मनगढ़ में भक्तिधाम मंदिर कुंडा तहसील मुख्यालय से सात किमी की दूरी पर है। यहां पिछले साल कृपालु महाराज की पत्नी पद्मा देवी की तेरहवींपर भी बड़ा जमावड़ा हुआ था। इस साल उनकी बरसी थी। इसकी सूचना पिछले एक पखवाड़े से दी जा रही थी। होली के अवसर पर कृपालु महाराज यहां हर साल रहते हैं। उनके दर्शन का लालच और साथ में कुछ पाने की इच्छा से भीड़ अनुमान से अधिक जुट गई। आसपास के गांवों से भक्तिधाम मंदिर में जुटे अधिकांश लोग दो जून की रोटी के लिए रोज जुगत भिड़ाते हैं। महिलाएं अपने साथ बच्चों को इसलिए लेकर आई थीं ताकि वे तीन-तीन, चार-चार थालियां हासिल कर सकें। यही लालच और अव्यवस्था उनके लिए काल बन गया।
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पक्ष-विपक्ष की लामबंदी तेज
नई दिल्ली,-लोस व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने संबंधी विधेयक पर संसद में लामबंदी तेज हो गई है। बिल के मौजूदा स्वरूप पर विपक्ष बंटा हुआ है। सपा, राजद व जद (यू) ने विधेयक के विरोध का ऐलान कर दिया है जबकि भाजपा व वामदलों ने इसका समर्थन करने की घोषणा की है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महिला दिवस पर इसे देश की महिलाओं के लिए दिया जाने वाला तोहफा करार दिया है तो विधेयक विरोधियों की नाराजगी कम करने के लिए कानून मंत्री ने पिछड़ा वर्ग आरक्षण को अलग मुद्दा बताते हुए उसके लिए अलग पहल करने का सुझाव दिया है। वहीं, राज्यसभा की कार्यमंत्रणा समिति ने विधेयक को सोमवार को सदन में पेश करने और उस पर चर्चा व पारित कराने के लिए चार घंटे का समय आवंटित कर दिया है। विधेयक को पेश करने व उसे पारित कराने के लिए माहौल बनाने में जुटी सरकार की तरफ से कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने नई पहल करते हुए कहा है कि संविधान संशोधन के जरिए लोकसभा में अनुसूचित जाति जनजातियों को आरक्षण प्रदान किया गया है लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए ऐसा कोई आरक्षण नहीं है। जब तक यह नहीं होता, महिला आरक्षण के मामले में ऐसा नहीं कर सकते हैं। अगर विधेयक के विरोधी अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व को लेकर बेहद इच्छुक है तो पहले उन्हें लोस और विस में अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं और पुरुषों के आरक्षित स्थान के लिए राष्ट्रीय आम सहमति कायम करनी चाहिए। यह पूरी तरह अलग मुद्दा है और यह काम इस विधेयक को पारित करने के बाद भी हो सकता है। विपक्षी दलों का मानना है कि इस समय बिना सहमति विधेयक लाने का सरकार का इरादा केवल विपक्षी एकता को तोड़ने का है। सूत्रों के अनुसार विपक्ष के सभी दल अपनी अपनी रणनीति के मुताबिक इस विधेयक का समर्थन व विरोध तो करेंगे, लेकिन अन्य मुद्दों पर उनकी एकता बरकरार रहेगी। संविधान संशोधन विधेयक होने के नाते सदन का व्यवस्थित होना और उसकी संख्या का बहुमत के सदन में होने और उसमें भी दो तिहाई का समर्थन जरूरी है। मौजूदा स्थिति में सदन का व्यवस्थित होना संभव नहीं दिखता है। पहले के विधेयक पेश होने के मौकों पर भी दोनों सदन भारी हंगामे के गवाह रह चुके हैं। सपा, राजद व जद (यू) ने साफ कर दिया है कि विधेयक का वे विरोध करेंगे। सपा की तरफ से लोकसभा में मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को ही चेतावनी दे दी थी। गुरुवार को राज्यसभा में रामगोपाल यादव ने भी दो टूक कहा कि जद (यू) नेता नीतीश व शरद यादव, राजद नेता लालू यादव, सपा नेता मुलायम सिंह यादव और बसपा नेता मायावती इस मामले पर एकजुट हों। साथ ही वे संयुक्त बैठक कर विचार करें कि पिछड़ों के खिलाफ किस तरह की साजिश की जा रही है। इसके खिलाफ रणनीति भी बनायें ताकि यह साजिश सफल न होने पाये। लालू यादव ने कहा है कि हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने विधेयक के मौजूदा स्वरूप का विरोध करते हुए कहा कि देश की राष्ट्रपति महिला हैं, लोकसभा की अध्यक्ष महिला हैं, कांग्रेस अध्यक्ष और संप्रग की अध्यक्ष भी महिला हैं और वे यहां महिला कोटे के कारण नहीं आईं हैं।
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कांग्रेस को चंडीगढ़ में दफ्तर के लिए जगह नहीं
चंडीगढ़,:हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी को चंडीगढ़ में पार्टी दफ्तर के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। दफ्तर के लिए जगह अलाट करने की मांग करते हुए हरियाणा कांग्रेस को 12 साल से अधिक समय हो गया। इस अवधि में चंडीगढ़ प्रशासन शिरोमणि अकाली दल, भाजपा और देवी लाल ट्रस्ट को पार्टी दफ्तरों के लिए सस्ती दरों पर जगह अलाट कर चुका है,, लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन कांग्रेस नेताओं की मांग को तवज्जो नहीं दे रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल से मुलाकात कर न केवल प्रशासनिक अधिकारियों की शिकायत की है, बल्कि उनसे पार्टी दफ्तर के लिए चंडीगढ़ में रियायती दरों पर प्लाट आवंटित किए जाने की मांग दोहराई है। मुलाना ने पाटिल को वह तमाम दस्तावेज सौंपे, जिनके तहत हरियाणा कांग्रेस पिछले 12 साल से पार्टी दफ्तर के लिए प्लाट आवंटित किए जाने की मांग कर रही है।
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बाहरियों को मुंबई आने से नहीं रोक सकते : राज्यपाल
मुंबई, महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकर नारायणन का मानना है कि अन्य राज्यों से मुंबई की ओर आने वालों को रोका नहीं जा सकता। आजीवन केरल की राजनीति में सक्रिय रहे के. शंकर नारायणन से गुरुवार को पूछा गया कि मुंबई पर बढ़ते आबादी के बोझ के चलते क्या यहां बाहरियों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। इसके जवाब में राज्यपाल ने मुंबई को बांबे संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि मुंबई में बाहर से आने वालों को रोका नहीं जा सकता इसलिए इस बहस को तूल देने के बजाय हर क्षेत्र में बुनियादी ढांचा मजबूत करने के प्रयास किए जाने चाहिए। बांबे शब्द की ओर उनका ध्यान खींचे जाने पर उन्होंने कहा कि जिस तरह मेरा नाम अचानक बदल दिए जाने पर पुराना नाम एकदम से भुलाया नहीं जा सकता, उसी प्रकार बांबे को भी एकदम से भुलाया नहीं जा सकता। राज्यपाल ने अपने मूल राज्य केरल से महाराष्ट्र के विकास की तुलना करते हुए महाराष्ट्र के विकास पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालांकि केरल छोटा राज्य है, बावजूद इसके उसने औद्योगिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक सभी क्षेत्रों में अच्छा विकास किया है। उसके मुकाबले महाराष्ट्र में अभी काफी विकास होने की गुंजाइश है। एक सवाल के जवाब में राज्यपाल ने महाराष्ट्र के विदर्भ एवं मराठवाड़ा क्षेत्रों के विकास के लिए बने विकास बोर्डो को कायम रखने के पक्ष में राय दी और कहा कि प्रचार माध्यमों को भी विकास एवं शिक्षा जैसे विषयों पर गंभीरता से उठाना चाहिए।
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पाकिस्तान ने हाफिज सईद को दी क्लीन चिट
नई दिल्ली, मुंबई कांड के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की गिरफ्तारी को समग्र वार्ता की मंजिल तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता बता चुके भारत को पाक से गुरुवार को जवाब मिल गया। पाकिस्तानी शीर्षस्थ जांच एजेंसी (एफआईए) ने 26/11 मामले से सईद को साफ बचा लिया। गुनहगारों की फेहरिस्त में पाक की फेडरल जांच एजेंसी ने जमात प्रमुख का नाम कहीं भी शुमार नहीं किया है। वह भी मुंबई नरसंहार में उसकी संलिप्तता के सिलसिले में भारत के ताजा डोजियर के बावजूद। पाक जांच एजेंसी के इस रवैये पर भारतीय खेमा खासा गरम है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने तो कहना शुरू कर दिया है कि समग्र वार्ता की बात तो पाक सोचना ही बंद कर दे। अब तो भविष्य में होने वाली वार्ता में सिर्फ आतंकवाद का ही मुद्दा होगा। एक अधिकारी ने कहा कि समग्र वार्ता दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे पाक को इसमें कोई रुचि हीं नहीं है वरना इसके लिए जरूरी कदम तो उठाता। 25 फरवरी की वार्ता के दौरान अपने पाक समकक्ष बशीर मलिक को विदेश सचिव निरुपमा राव ने साफ कहा था कि सईद को गिरफ्तार करना विश्वास के अभाव को दूर करने का एक अहम उपाय होगा। संकेत यही हैं कि मुंबई कांड के बाद खोया विश्वास दोबारा हासिल करने के लिए सईद की हिरासत जैसा जरूरी कदम उठाने में पाक की कोई दिलचस्पी नहीं है। सईद को इस्लामाबाद बचाना चाहता है यह तो बशीर मलिक ने दिल्ली में अपने भारतीय समकक्ष से बातचीत के बाद ही उजागर कर दिया था लेकिन अब गुरुवार के घटनाक्रम से इसकी पुष्टि होने में भी ज्यादा देर नहीं लगी। इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त ने यह सवाल दाग भी दिया है कि एफआईए की रेड बुक में मुंबई हमलों में शामिल कई आतंकियों के नाम तो हैं लेकिन सईद का नाम ही क्यों नदारद है। यह जानबूझकर उसे बचाने की कोशिश नहीं तो और क्या है। निरुपमा राव द्वारा सौंपे गए डोजियर में सईद को गिरफ्तार करने के लिए ठोस और पर्याप्त सबूत थे। वैसे, डोजियर मिलते ही हैदराबाद हाउस से निकलकर मलिक ने यह कहकर सईद का बचाव किया था कि इसमें कहानी-साहित्य ज्यादा व साक्ष्य कम हैं। भारतीय खेमे को इस निष्कर्ष में पहुंचने के लिए मलिक ने पर्याप्त आधार दे दिया था कि सईद के प्रति पाक की हमदर्दी किस कदर है। उधर, साउथ ब्लाक पाकिस्तान से आ रही मीडिया रिपोर्ट से और भी खफा है, जिनमें पाकिस्तानी अधिकारियों का हवाला देकर साफ कहा गया है कि भारत के डोजियर में कार्रवाई करने के लिए ठोस जानकारी नहीं है, बल्कि पाकिस्तान ने भारत को उसके डोजियर की धज्जियां उड़ाते हुए एक जवाब भेजने की भी तैयारी में है। पाक का कहना है कि जमात प्रमुख को ना तो गिरफ्तार किया जाएगा और ना ही उसे भारत को सौंपा जाएगा। किसी एक बयान के आधार पर उसके खिलाफ ऐसा कोई कदम उठाने का आधार बनता ही नहीं है। यह है कहना पाकिस्तानी खेमे के एक अधिकारी का जो साउथ ब्लाक में हाल में तलब किए गए थे।
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अर्दली रखने पर अड़ी सरकार-सेना
नई दिल्ली फौज में अफसरों के साथ सहायक रखने की परंपरा खत्म करने का मन न तो सेना बना पा रही है और न सरकार। अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही इस परंपरा को बंद करने को लेकर रक्षा मंत्रालय ने संसदीय समिति की सिफारिशें मानने से भी इनकार कर दिया है। गुलामी की प्रतीक इस व्यवस्था के बचाव में सरकार का कहना है कि सहायकों की तैनाती किसी हीन-भावना वाले काम में नहीं की जाती। इतना ही नहीं रक्षा मामलों से संबंधित संसद की स्थायी समिति के आगे रक्षा मंत्रालय ने पेश अपनी सफाई में इस बात पर भी जोर दिया है कि सहायक के तौर पर तैनात जवान अपने अधिकृत अधिकारी को युद्ध और शांतिकाल में मिले दायित्व पूरा करने के लिए तैयार रहने में मदद देता है। सरकार ने खासा जोर देकर सहायक और अधिकारी के बीच रिश्ते को विश्वास, सम्मान, स्नेह का संबंध होता है। अक्टूबर 2008 में पेश संसदीय समिति की 31वीं रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि सहायक के तौर पर तैनात जवानों को घरेलू नौकर की तरह इस्तेमाल किया जाता है। लिहाजा देश की सेवा के लिए सेना में भर्ती होने वाले जवानों के दुरुपयोग और अपमान की यह व्यवस्था तत्काल खत्म की जानी चाहिए। हालांकि समिति की सिफारिशों पर 15 दिसंबर 2009 के भेजे जवाब में रक्षा मंत्रालय का कहना था कि सहायकों का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सेना मुख्यालय ने न केवल विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं बल्कि समय-समय पर इस बारे में अधिकारियों को सजग भी किया जाता है। समिति के आगे सेना के एक प्रतिनिधि ने ही इस बात की गवाही दी थी कि फौज में सहायक के तौर पर तैनात जवान का काम अधिकारियों के घरेलू काम करना नहीं है, लेकिन उन्हें आज्ञा पालन के नाम पर ऐसा करना पड़ता है। सहायक परंपरा के बचाव को लेकर रक्षा मंत्रालय के तर्को से संसदीय समिति खासी खफा है। संसद में पेश समिति की ताजा रिपोर्ट इस परंपरा को जारी रखने को औचित्य पर ही सवाल उठाती है। समिति की सदस्य राजकुमारी रत्ना सिंह कहती हैं कि जब नौसेना और वायुसेना अपने यहां इस तरह की व्यवस्था खत्म कर चुके हैं तो यह समझना मुश्किल है कि फौज इसे क्यों जारी रखना चाहती है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बदलते वक्त के साथ सेना के अधिकारियों को भी अपनी सोच बदलना चाहिए। समिति ने अपनी रिपोर्ट में नौसेना और वायुसेना से सीख लेते हुए फौज को उपनिवेश काल की याद दिलाने वाली इस परंपरा को फौरन बंद करने की मांग दोहराई है।
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गुरुवार, 18 फ़रवरी 2010
सुप्रसिद्ध लेखक एवं कहानीकार रामसरूप आणखी जी के आकस्मिक निधन पर वरच्युस परिवार की ओर से गहरा शोक व्यक्त
डबवाली- कला, साहित्य, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य व समाज सेवा में अग्रणी संस्था वरच्युस कल्ब (इण्डिया) डबवाली की मासिक बैठक संस्थापक केशव शर्मा की अध्यक्षता में गत दिवस सम्पन्न हुई। विगत दिनों के सुप्रसिद्ध लेखक एवं कहानीकार रामसरूप आणखी जी के आकस्मिक निधन पर वरच्युस परिवार की ओर से गहरा शोक व्यक्त किया गया। कल्ब के प्रधान बीरचन्द गुप्ता ने मरहूम लेखक आणखी जी के साहित्य रूपी जीवन यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माँ बोली पंजाबी के श्रृंगार का अनमोल हीरा रामसरूप आणखी अपने 78 वर्ष के जीवन काल में पंजाबी साहित्य में लगभग 15 नावल, 12 कहानी संग्रह, 2 वार्तक पुस्तकें, 2 जीवनी संग्रह साहित्यक प्रेमियों को दिए और 1987 में उनके द्वारा रचित नावल ''कोठे खड़क सिंह को साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया। नैशनल बुक ट्रस्ट द्वारा उनके नावलों का 10 भाषाओं में अनुवाद प्रकाशित किया गया। उनके द्वारा लिखित नावलों ''कोठे खड़कसिंह एवं ''प्रतापी का हिन्दी, गुजराती व अंग्रेजी आदि भाषाओं में अनुवाद प्रकाशित हुआ। स्वर्गीय आणखी ने अपने साहित्य का सफर कविता के माध्यम से शुरू किया तथा वे त्रैमासिक पत्रिका कहानी पंजाब के सम्पादक भी रहे। उन्होंने अपनी कलम के माध्यम से प्रवासी मजदूरों पर ''भीमाÓÓ नावल लिखकर उनके दर्द व संघर्ष की दास्तां को प्रकट किया तथा जीवन के अन्तिम क्षण तक साहित्य के लिए समॢपत रहे। कल्ब के सांस्कृतिक निदेशक एवं रंगकर्मी सन्जीव शाद ने रामसरूप आणखी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि लेखक, साहित्यकार, कलाकार समाज का दर्पण होते हैं। वक्त दरवह अपनी तस्वीर को अपनी कलम के माध्यम से शब्दों को जन्म देकर समाज के रूबरू करवाते रहते हैं। निश्चित तौर पर रामसरूप आणखी जी का साहित्य जीवन और उनकी कलम समाज का पथ-प्रदर्शक बन कर युवा साहित्यकारों, लेखकों एवं रंगकॢमयों के लिए प्रेरणादायक बनकर मार्गदर्शन करता रहेगा और रामसरूप आणखी का नाम साहित्य के क्षेत्र में सदैव अमर रहेगा। यह जानकारी देते हुए कल्ब के प्रसार सचिव राजेश हाकू ने बताया कि इस अवसर पर कल्ब के स्वास्थ्य निदेशक मथरा दास चलाना, समाजसेवा निदेशक अधिवक्ता भूपेन्द्र सूर्या, विजय बांसल, विजय मुन्जाल, राकेश शर्मा, अमित मैहता, चरणजीत, लवलीन नागपाल, नरेश शर्मा सहित कल्ब की कार्यकारिणी सदस्य भी उपस्थित थे।
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गुरू महामंत्र का जप सदैव रक्षा कवच का काम करता है और व्यक्ति का आत्म-विश्वासी तथा स्वाबलम्बी बनाता है।
डबवाली-गुरू महामंत्र जिसे नवकार महामंत्र भी कहते हैं का जप सदैव रक्षा कवच का काम करता है और व्यक्ति का आत्म-विश्वासी तथा स्वाबलम्बी बनाता है। ये शब्द तेरापंथी जैन साध्वी डॉ. लवण्या यशा ने सांयकाल पिछले सात दिनों से चल रही जैन प्रवचन सभा में कहे। उन्होंने बताया कि किसी भी मंत्र को भय के द्वारा नहीं जपना चाहिए। महामंत्र का एक-एक अक्षर भी यदि जपा जाए तो वह सदैव अच्छा फल देता है और वह फल अलौकिक होता है। उन्होंने कहा कि मंत्र और महामंत्र में अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि महामंत्र के उच्चारण में कोई भी त्रुटि होने पर कभी अनिष्ट नहीं होता हां केवल मात्र उतने का फल नहीं मिलता। जबकि मंत्र के उच्चारण में त्रुटि होने पर अनिष्ट होने की स्थिति बन जाती है जोकि गल्ती पर निर्भर करती है। जीवन संस्कार पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भूखे को खाना खिलाना अथवा प्यासे को पानी पिलाना दान नहीं अपितु यह तो कत्र्तव्य है। जिसे करते हुए दान का भाव भी नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी के द्वारा भी किसी को बताया गया सार्थक संदेश अथवा कही गई बात ज्ञान दान कहा जा सकता है परन्तु वास्तव में दान दो ही माने जाते हैं लौकिक एवं अवलौकिक दान। इस अवसर पर बोलते हुए वरिष्ठ जैन साध्वी उज्ज्वल कुमारी ने भी अपने मुखारविंद से बोलते हुए कहा कि व्यक्ति को सतत् साधना करते रहना चाहिए और जीवन में जो ज्वालामुखी काल आता है तो व्यक्ति को उस वक्त अपनी वाणी तथा कर्म को बड़ी सावधानी पूर्वक व्यतीत करना चाहिए। क्योंकि ऐसे काल में सदैव अन्होनी हो जाती है परन्तु जो भी व्यक्ति अपने ईष्ट में आस्था रखता है और गुरू महामंत्र का जाप करता है उसके जीवन में कदापि ऐसी घटनाऐं भी कुछ दुष्प्रभाव नहीं डालती। जैन साध्वी सूरज प्रभा जो बच्चों को संस्कारित करने तथा उन्हेें आकर्षित करने में पारसमणी के रूप में विख्यात हैं ने भी अपने भजनों से उपस्थित सैंकड़ों श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में सामान्य ज्ञान पर आधारित क्विज़ प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें विजेताओं को गिरधारी लाल गुप्ता द्वारा पुरस्कार बांटे गए। सत्संग का प्रारम्भ नवकार मंत्र से हुआ और इसके उपरांत सोनू कुमार ने ममता पर आधारित भावपूर्ण गीत से सभी को भावविभोर कर दिया। आगामी 21 फरवरी को एक दिवसीय शिविर का भी आयोजन किया जाऐगा जिसमें जैन मतानुसार जीवन जीने की कला का पाठ पढ़ाया जाऐगा।
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बुधवार, 17 फ़रवरी 2010
मार्किट फीस की चोरी को रोकने के लिए व्यापक प्रबन्ध किए गए
डबवाली - स्थानीय मार्किट कमेटी के अधिकारियों द्वारा कमेटी के अधिसूचित क्षेत्र में मार्किट फीस की चोरी को रोकने के लिए व्यापक प्रबन्ध किए गए हैं। उपमण्डल अधिकारी नागरिक एवं मार्किट कमेटी के प्रशासक डॉ. मुनीष नागपाल ने बताया कि समय-समय पर अधिकारियों द्वारा कॉटन फैक्टरियों मण्डी से लदान होकर अन्य मण्डियों में जाने वाले नरमा, कपास एवं जीन्स की जांच -पड़ताल की जा रही है। जांच के पश्चात मार्किट फीस की चोरी करते पकड़े गए व्यापारियों से फीस एवं जुर्माना राशि प्राप्त की गई है। नागपाल ने बताया कि गत् वर्ष फरवरी माह की अपेक्षा चालु वर्ष के फरवरी माह में अब तक 12 प्रतिशत अधिक मार्किट फीस प्राप्त की गई है। गत् वर्ष की अपेक्षा अब तक 22 प्रतिशत अधिक मार्किट फीस प्राप्त की गई है। उन्होंने बताया कि 5 करोड़ 52 लाख 5 हजार 112 रूपयों की अपेक्षा 6 करोड़ 72 लाख 33 हजार 361 रूपये मार्किट फीस प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को मार्किट फीस की चोरी नहीं करने दी जाऐगी।
चोरी पर नियन्त्रण रखने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीमों का गठन किया गया है। जोकि रात्रि के समय भी नरमा एवं जीन्स लेकर जाने वाले वाहनों की जांच का कार्य करेंगी।
चोरी पर नियन्त्रण रखने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीमों का गठन किया गया है। जोकि रात्रि के समय भी नरमा एवं जीन्स लेकर जाने वाले वाहनों की जांच का कार्य करेंगी।
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गुरूद्वारा बाबा विश्वकर्मा मन्दिर के प्रांगण में सर्वसांझी गुरबाणी के महान गुरमति समागम
डबवाली - स्थानीय जीटी रोड़ पर स्थित गुरूद्वारा बाबा विश्वकर्मा मन्दिर के प्रांगण में सर्वसांझी गुरबाणी के महान गुरमति समागम के आयोजन में आज प्रात: श्री अखण्ड पाठ का प्रकाश करवाया गया। इस अवसर पर भाई जसकरण भाटी पूर्व सरपंच, सुखविन्द्र कुलार, जसविन्द्र जोगेवाला, चरणजीत सिंह , डॉ. तरसेम सिंह जोगेवाला, मलकीत सिंह गंगा, गुरमेल सिंह मट्टदादू, गुरजन्ट सिंह दन्दीवाल, बलजीत सिंह एडवोकेट सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। यह जानकारी देते हुए गुरूद्वारा बाबा विश्वकर्मा जी प्रबन्धक कमेटी के प्रवक्ता ने बताया कि श्री अखण्ड पाठ जी का भोग 19 तारीख को प्रात: 8 बजे डाला जाऐगा तथा भोग उपरान्त गुरू का लंगर अतुट वरतेगा। उन्होंने बताया की इस समागम में इसी दिन सायं 6 बजे रात्रि 10 बजे तक दीवान सजाए जाऐंगे। जिसमें कथावाचक ज्ञानी हरिन्द्र सिंह जी अल्वर वाले तथा रागी गुरदियाल सिंह ऐलनाबाद वाले गुरूबाणी का कथा कीर्तन करेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस समागम में समयानुसार पहुंचकर गुरू घर की खुशीयां प्राप्त करें।
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धर्म व अध्यात्मिकता के प्रति रूचि
डबवाली- स्थानीय क्राईस्ट मिशन सीनियर सैकेंडरी स्कूल के प्रांगण में आज आयोजित एक कार्यक्रम में धर्म व अध्यात्मिकता के प्रति रूचि जागृत करने हेतु पहुंची जैन साध्वी डॉ. लवण्या यशा, साध्वी सूरज प्रभा, बहन अंजलि एवं अधिवक्ता व समाजसेवी गिरधारी लाल गुप्ता ने उपस्थित विद्याॢथयों एवं शिक्षक वर्ग को संयुक्त रूप से सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विद्यार्थी गीली मिट्टी के समान होते हैं तथा उन्हें जो रूप देना चाहे वह उसी रूप में ढल जाते हैं तथा जिन विद्याॢथयों को बचपन से ही धर्म शिक्षा के साथ - साथ योग की शिक्षा भी दी जाए तो वे अपने जीवन को सार्थक कर देश के अच्छे नागरिक बन सकते हैं तथा अपने परिवार, नगर एवं देश को शिखर पर पहुंचा सकते हैं। उन्होंने बच्चों को मुस्कुराहट, चिन्ह, ज्ञान व ब्रह्म मुद्रा के महाप्राण के बारे में बताया तथा उन्हें करने की क्रिया भी बताई। जिससे इन्द्रियों को वश में किया जा सकता है। इस अवसर पर स्कूल के ङ्क्षप्रसीपल पीवी ब्रैटो ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि धर्म मार्ग अपना कर अपना जीवन सफल बनाऐं।
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मंगलवार, 16 फ़रवरी 2010
पत्नी की मौत के बाद पति ने जहर घटका
डबवाली - तीन दिन पूर्व घरेलू कलह के चलते चूहे मार दवा घटकने वाली महिला की डबवाली के सिविल अस्पताल में मौत हो गई और इस मौत की खबर सुनकर उसके पति ने भी जहरीला पदार्थ निगल लिया। प्राप्त जानकारी अनुसार मण्डी किलियांवाली निवासी पूनम पत्नी नीटू ने घरेलू कलह के चलते शनिवार को चूहे मारने वाली दवा खा ली थी। इसकी जानकारी मिलते ही नीटू ने उसे एक प्राईवेट अस्पताल में दाखिल करवा दिया। लेकिन उसकी हालत बिगड़ती देखकर पूनम के मामा ने प्राईवेट अस्पताल से उसे डबवाली के सिविल अस्पताल पहुंचाकर सोमवार को इलाज के लिए दाखिल करवा दिया। लेकिन दवा के प्रभाव को सहन न करते हुए आज सुबह ही पूनम ने दम तोड़ दिया।
जैसे ही पूनम के पति नीटू को पता चला कि पूनम ने दम तोड़ दिया है, तो उसने भी जहरीला पदार्थ निगल लिया और उसे गंभीर हालत में एक प्राईवेट अस्पताल में इलाज के लिए लेजाया गया। पंजाब पुलिस ने पूनम के शव को अपने कब्जे में ले लिया। समाचार लिखे जाने तक पूनम के माता-पिता अस्पताल नहीं पहुंचे थे।
जैसे ही पूनम के पति नीटू को पता चला कि पूनम ने दम तोड़ दिया है, तो उसने भी जहरीला पदार्थ निगल लिया और उसे गंभीर हालत में एक प्राईवेट अस्पताल में इलाज के लिए लेजाया गया। पंजाब पुलिस ने पूनम के शव को अपने कब्जे में ले लिया। समाचार लिखे जाने तक पूनम के माता-पिता अस्पताल नहीं पहुंचे थे।
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चौटाला मेरा अपना गांव-मुन्ना भाई
डबवाली (सुखपाल) ...बेशक मैंने चौटाला गांव की ऐतिहासिक धरा पर जन्म न लिया हो, पर मैं भी चौटाला परिवार का सदस्य हूं। चौटाला गांव मेरा अपना गांव हैं और यहां के लोग ताऊ- चाचा व भाई-बहनें हैं। गांव में पहुंचने पर जो प्यार, स्नेह व आर्शीवाद मिला है, उसे मैं जीवन भर नहीं भूला पाउंगा। ये भावुक शब्द सीने जगत के सुप्रसिद्ध अभिनेता संजय दत्त उर्फ मुन्ना भाई ने कहे। वे रविवार को यहां ऐलनाबाद हलके की जनता के धन्यवादी दौरे के बाद सांय इनेलो महासचिव अजय सिंह चौटाला व विधायक अभय सिंह चौटाला के पैतृक गांव चौटाला में बोल रहे थे। गांव में पहुंचने पर मुन्ना भाई का चौटाला वासियों ने अपने ही अदंाज में भव्य स्वागत किया।
ज्यों ही आज दोपहर फिल्म अभिनेता संजयदत्त के गांव में आने की खबर पहुंची, त्यों ही गांव में उत्सव सा माहौल हो गया और लोग का जोश व उत्साह सातवें आसमान पर था। सांझ तक गांववासी संजयदत्त के गर्मजोशी से स्वागत की तैयारियों मेें लगे रहे। यहां बताते चलें कि सीने अभिनेता संजयदत्त का चौटाला गांव में आने का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित नहीं था परन्तु संजय दत्त ने आज दोपहर स्वयं ने पूर्व उपप्रधानमंत्री व किसानों के मसीहा रहे स्वर्गीय देवीलाल के गांव चौटाला में आने की इच्छा व्यक्त की थी।
अजय सिंह चौटाला व अभय सिंह चौटाला के साथ सीने अभिनेता संजयदत्त गांव में करीब सायं साढ़े छह बजे पहुंचे परन्त गांव वासी चार बजे से ही मुन्ना भाई के स्वागत में गलियों में कतारबद्ध थेे। गांव की मेहमानवाजी देखकर संजय दत्त से रहा नहीं गया और उन्होंने कहा कि मैं यहां मेहमान नहीं हूं बल्कि मैं भी आपका भाई और बेटा हूं और चौटाला परिवार का सदस्य होने के नाते, चौटाला मेरा अपना गांव है। मैं चौधरी देवीलाल की इस पावन भूमि को शत्-शत् नमन क रता हूं।
उन्होंने ठेठ हरियाणावीं अंदाज में राम-राम कह कर गांववासियों का अभिवादन स्वीकर किया। फिल्म अभिनेता ने कांग्रेसियों पर कटाक्ष करते कहा कि इस उपचुनाव में अभय सिंह चौटाला की जीत के बाद बहुरूपिये दिखार्ई नहीं दे रहे हैं।
इससे पहले विधायक अजय सिंह चौटाला व अभय सिंह चौटाला ने गांव में पहुंचने पर संजयदत्त का अभिनंदन किया। अजय सिंह चौटाला व अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि भाई संजय दत्त चौटाला गांव में आए हैं। इस अवसर पर विधायक कृष्ण कंबोज, अभय सिंह चौटाला के सुपुत्र अर्जुन चौटाला, राजेश गोदारा, मीनू बराड़, प्रदीप सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
ज्यों ही आज दोपहर फिल्म अभिनेता संजयदत्त के गांव में आने की खबर पहुंची, त्यों ही गांव में उत्सव सा माहौल हो गया और लोग का जोश व उत्साह सातवें आसमान पर था। सांझ तक गांववासी संजयदत्त के गर्मजोशी से स्वागत की तैयारियों मेें लगे रहे। यहां बताते चलें कि सीने अभिनेता संजयदत्त का चौटाला गांव में आने का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित नहीं था परन्तु संजय दत्त ने आज दोपहर स्वयं ने पूर्व उपप्रधानमंत्री व किसानों के मसीहा रहे स्वर्गीय देवीलाल के गांव चौटाला में आने की इच्छा व्यक्त की थी।
अजय सिंह चौटाला व अभय सिंह चौटाला के साथ सीने अभिनेता संजयदत्त गांव में करीब सायं साढ़े छह बजे पहुंचे परन्त गांव वासी चार बजे से ही मुन्ना भाई के स्वागत में गलियों में कतारबद्ध थेे। गांव की मेहमानवाजी देखकर संजय दत्त से रहा नहीं गया और उन्होंने कहा कि मैं यहां मेहमान नहीं हूं बल्कि मैं भी आपका भाई और बेटा हूं और चौटाला परिवार का सदस्य होने के नाते, चौटाला मेरा अपना गांव है। मैं चौधरी देवीलाल की इस पावन भूमि को शत्-शत् नमन क रता हूं।
उन्होंने ठेठ हरियाणावीं अंदाज में राम-राम कह कर गांववासियों का अभिवादन स्वीकर किया। फिल्म अभिनेता ने कांग्रेसियों पर कटाक्ष करते कहा कि इस उपचुनाव में अभय सिंह चौटाला की जीत के बाद बहुरूपिये दिखार्ई नहीं दे रहे हैं।
इससे पहले विधायक अजय सिंह चौटाला व अभय सिंह चौटाला ने गांव में पहुंचने पर संजयदत्त का अभिनंदन किया। अजय सिंह चौटाला व अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि भाई संजय दत्त चौटाला गांव में आए हैं। इस अवसर पर विधायक कृष्ण कंबोज, अभय सिंह चौटाला के सुपुत्र अर्जुन चौटाला, राजेश गोदारा, मीनू बराड़, प्रदीप सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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बुधवार, 10 फ़रवरी 2010
विदेश भेजने के नाम पर एक व्यक्ति से लाखों रूपये ऐंठने का मामला
डबवाली(आजाद) विदेश भेजने के नाम पर उपमंडल के गांव मसीतां के एक व्यक्ति से लाखों रूपये ऐंठने का मामला प्रकाश में आया है। पीडि़त व्यक्ति ने अपने वकील के माध्यम से डीएसपी डबवाली, एसएचओ थाना शहर डबवाली, सीआईए सिरसा, डीजीपी चण्डीगढ़ क्राईम ब्रांच पंजाब पुलिस को एक लिखित शिकायत भेजकर अपने पैसे वापिस दिलवाने की मांग की है। अधिकारियों को भेजी गई शिकायत में पीडि़त गांव मसीतां निवासी सुखराज सिंह पुत्र वजीर ङ्क्षसह ने आरोप लगाया है कि वह गांव मसीतां में खेतीबाड़ी का कार्य करता है तथा अपनी आॢथक स्थिति सुधारने के लिए उसने विदेश जाने का मन बनाया। इसी दौरान उसे गांव डबवाली निवासी भिन्दर सिंह ने उसे फिलीपींस भेजने का झांसा देकर उससे इसकी एवज में साढ़े चार लाख रूपयों की मांग की। फिलीपींस जाने के लालच में उसने उक्त भिन्दर ङ्क्षसह को चार बार में साढ़े चार लाख रूपये दे दिए। इसके बाद उक्त भिन्दर सिंह ने उसे मुम्बई एयरपोर्ट से फिलीपींस के लिए रवाना कर दिया। फिलीपींस पहुंचने पर एयरपोर्ट पर उसे सर्वजीत ङ्क्षसह, जगतार सिंह, गुरमी व चरणजीत उर्फ सोढी एक टैक्सी में बिठा कर अपने घर ले गए एवं उन्होंने उसे एक कमरे में बन्द कर दिया तथा मेरी कागजी कार्रवाई के नाम पर उसके परिजनों से लाखों रूपये मंगवा लिए। सुखराज ङ्क्षसह ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने फिलीपींस में उसे जान से मारने की धमकी देकर डराया-धमकाया। इसके पश्चात उसने फिलीपींस में रहने वाले अपने दूर के संबंधी अमनदीप से सम्पर्क किया तथा उसे आपबीती बताई। अमनदीप ने बाद में उसे टिकट आदि का इंतजाम कर वापिस भारत भेजा। यहां पहुंचकर उसने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। अपने परिजनों सहित वह स्वयं भिन्दर आदि से मिले तथा अपने पैसों की मांग की। उन्होंने आजकल कहते हुए उन्हें टरकाना शुरू कर दिया। पीडि़त सुखराज सिंह ने आरोप लगाया कि इस मामले में थाना शहर पुलिस व डीएसपी को शिकायत करने के बावजूद इंसाफ नहीं मिला। जब इस बारे में थाना शहर के एएसआई कैलाश चन्द्र से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि इस मामले में शिकायतकर्ता के पास गवाह आदि सबूत न होने से मामला दर्ज नहीं किया गया।
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सोमवार, 8 फ़रवरी 2010
“Gandhian Strategy fulfills all the criteria of innovation with the weapons of ahimsa and swadeshi -- Dr. M.M.Goel
Ambala City, - “Gandhian Strategy fulfills all the criteria of innovation with the weapons of ahimsa (non-violence) and swadeshi. Innovation means doing things differently to make the possibility of the impossible. Innovative leaders grow a small idea in to a fantastic opportunity. They convert problems in to opportunities. They have hindsight, foresight and insight as possessed by Gandhiji. We need convex lens leadership with shared vision as Gandhiji did by bringing people together instead of concave lens leadership which divide people on caste lines.” Observed Dr. M.M.Goel Professor & Chairman, Dept. of economics, Kurukshetra university here today in a special lecture on the topic ‘Non-violence of Mahatma Gandhi: Reinterpreted for Super Power in Making ( India )’ being organized by Gandhi Studies Centre at M.D.S.D. Girls College . An economist of unique wisdom, follower of Lord Krishna and thinker Professor Goel said that richness does not mean more wealth, it does not mean more saving but it means we need ‘no more’. Non-violence of the father of the nation can better be understood in the definition of economics by Professor J.K. Mehta “Economics is the science of human activities considered as an endeavor to reach the state of wantlessness” a state of no needs status. It establishes the relationship of economics with ethics which brings perfect happiness (state of bliss) and is reached gradually, said Professor Goel. Professor Goel expressed his grief and pain for the comments of Noble Laureate in economics Amartya Sen in his 2005-book “The Argumentative Indian” (page 7) with terms like “not entirely with propriety or elegance” which are more piercing than Nathuram’s bullets. Mahatma Gandhi’s emphasis on simple but free life, symbolized by Khadi and Charkha, can not be allowed to be ridiculed by top intellectuals like Dr. Amartya Sen. Youth who want to follow the "The Path to Peace" will be very confused by Dr. Amartya Sen.’s anti-Gandhi propaganda based on lies and illogical analysis should not be tolerated, opined Professor Goel who is also convener Intellectual cell of Haryana Pradesh Congress Committee. Earlier Dr. (Ms) Kiran Angra Principal of the College welcomed & introduced Professor Goel.
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ENGLISH NEWS
शनिवार, 6 फ़रवरी 2010
नींद की आगोश में सोई अपनी पत्नि और युवा बेटे की तेजधार हथियारों से काट कर नृशंस हत्या
डबवाली(सुखपाल) उपमंडल के गांव चौटाला में वीरवार रात एक व्यक्ति ने नींद की आगोश में सोई अपनी पत्नि और युवा बेटे की तेजधार हथियारों से काट कर नृशंस हत्या कर दी। हत्या का कारण अभी तक अज्ञात है। गांव में हुए इस दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
मृतक माँ बेटे की पहचान माया देवी(48)पत्नी बहादुर राम व विक्रम सिंह(22) पुत्र बहादुर राम के रूप में की गई है। विक्रम सिंह गांव में चिनाई का कार्य करता है। रात खाना खाने के बाद वह अपने पिता बहादुर राम के साथ घर के पीछे वाले कमरे में सोया था। जबकि उसकी माता माया देवी एक अलग कमरे में सोई थी। सुबह माया देवी व विक्रम सिंह के शव खून से लथपथ अवस्था में रजाई से ढके हुए मिले। मृतकों की हत्या तेजधार हथियारों से निर्ममतापूर्वक की गई थी।
मृतक विक्रम के चचेरे भाई विनोद कुमार पुत्र मनसा राम ने बताया कि विक्रम उसके पास पिछले अढ़ाई वर्ष से चिनाई का कार्य कर रहा था। कल सायं करीब आठ बजे वह उसे घर पर छोड़ कर गया था। आज प्रात: जब वह उसे अपने साथ काम पर ले जा
ने के लिए विक्रम के घर आया था तो विक्रम के कमरे में खून बिखरा पड़ा था और विक्रम का शव को चारपाई पर रजाई से ढका पड़ा था। जब उसने इसकी सूचना विक्रम की माता माया देवी को देने के लिए उसके कमरे में पहुंचा तो उसकी हत्या के उपरान्त उसका भी शव खून से लथपथ चारपाई पर बिस्तर में पड़ा था। चारपाई के पास खून से सनी कुल्हाड़ी व तेजधार कापा भी पड़ा था। इस हत्याकांड के बाद बहादुर राम भी रहस्यमय परिस्थितियों में गायब है। बहादुर राम को शुक्रवार तड़के चार बजे गांव की एक परचून की दुकान पर बीड़ी खरीदते हुए देखा गया था। उसके बाद बहादुर राम का कोई अतापता नहीं है उसने इसकी सूचना तुरंत चौटाला चौकी पुलिस को दी।
गांव में इस दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलने पर पुलिस में भी हड़कंप मच गया। डबवाली डीएसपी बलबीर सिंह तथा सदर थाना के निरीक्षक भगवान दास ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का मुआयना किया।
दूसरी ओर आस पड़ोस के लोग भी इस दोहरे हत्याकांड को लेकर सदमे में है। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई करने उपरान्त डबवाली सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उनके परिवारजनों को सौंप दिया है। पुलिस इस मामले में विनोद कुमार की शिकायत पर बहादुर राम बैरागी के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज किया है। थाना प्रभारी भगवान दास ने बताया कि पुलिस हत्या के पीछे कारणों की जांच कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हत्या आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के पीछे असली कारणों का खुलासा हो पायेगा।

मृतक माँ बेटे की पहचान माया देवी(48)पत्नी बहादुर राम व विक्रम सिंह(22) पुत्र बहादुर राम के रूप में की गई है। विक्रम सिंह गांव में चिनाई का कार्य करता है। रात खाना खाने के बाद वह अपने पिता बहादुर राम के साथ घर के पीछे वाले कमरे में सोया था। जबकि उसकी माता माया देवी एक अलग कमरे में सोई थी। सुबह माया देवी व विक्रम सिंह के शव खून से लथपथ अवस्था में रजाई से ढके हुए मिले। मृतकों की हत्या तेजधार हथियारों से निर्ममतापूर्वक की गई थी।
मृतक विक्रम के चचेरे भाई विनोद कुमार पुत्र मनसा राम ने बताया कि विक्रम उसके पास पिछले अढ़ाई वर्ष से चिनाई का कार्य कर रहा था। कल सायं करीब आठ बजे वह उसे घर पर छोड़ कर गया था। आज प्रात: जब वह उसे अपने साथ काम पर ले जा
ने के लिए विक्रम के घर आया था तो विक्रम के कमरे में खून बिखरा पड़ा था और विक्रम का शव को चारपाई पर रजाई से ढका पड़ा था। जब उसने इसकी सूचना विक्रम की माता माया देवी को देने के लिए उसके कमरे में पहुंचा तो उसकी हत्या के उपरान्त उसका भी शव खून से लथपथ चारपाई पर बिस्तर में पड़ा था। चारपाई के पास खून से सनी कुल्हाड़ी व तेजधार कापा भी पड़ा था। इस हत्याकांड के बाद बहादुर राम भी रहस्यमय परिस्थितियों में गायब है। बहादुर राम को शुक्रवार तड़के चार बजे गांव की एक परचून की दुकान पर बीड़ी खरीदते हुए देखा गया था। उसके बाद बहादुर राम का कोई अतापता नहीं है उसने इसकी सूचना तुरंत चौटाला चौकी पुलिस को दी।गांव में इस दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलने पर पुलिस में भी हड़कंप मच गया। डबवाली डीएसपी बलबीर सिंह तथा सदर थाना के निरीक्षक भगवान दास ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का मुआयना किया।

दूसरी ओर आस पड़ोस के लोग भी इस दोहरे हत्याकांड को लेकर सदमे में है। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई करने उपरान्त डबवाली सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उनके परिवारजनों को सौंप दिया है। पुलिस इस मामले में विनोद कुमार की शिकायत पर बहादुर राम बैरागी के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज किया है। थाना प्रभारी भगवान दास ने बताया कि पुलिस हत्या के पीछे कारणों की जांच कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हत्या आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के पीछे असली कारणों का खुलासा हो पायेगा।
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पोलियो जागरूकता रैली
डबवाली(सुखपाल)जनसाधारण में पोलियो जैसी भयंकर बीमारी के प्रति जागरूकता लाने तथा बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए आज एक जनजागरूकता रैली आयोजित की गई। जिसमें स्थानीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सैंकड़ों छात्राओं ने भाग लिया। उपरोक्त रैली को सामान्य हस्पताल के एसएमओ डॉ. राज कुमार ने हरी झण्डी दिखा कर हस्पताल परिसर से रवाना किया। इस अवसर पर डॉ. बलेश बांसल, डॉ. रूपेश बांसल, राज वर्मा, कंचन शर्मा, सरोज रानी, काहन चन्द यादव, तरसेम कुमार व अन्य स्टॉफ के सदस्य उपस्थित थे। डॉ. कुमार ने बताया कि कल यानि 7 फरवरी, रविवार पल्स पोलियो दिवस है तथा 0 से 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पल्स पोलियो रक्षा दवा पिलाए जाऐगी। इसके लिए कुल 103 बूथ बनाए गए हैं। शहर में 22 बूथ तथा ग्रामीन अंचल में 81 बूथ बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 8 मोबाईल टीमों का गठन किया गया है। जो इलाके में घूम कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएगी। अगर फिर भी कोई बच्चा छूट गया तो इसके लिए 8 व 9 फरवरी को डोर - टू - डोर जाकर दवा पिलाई जाऐगी। उन्होंने बताया कि रैली चौटाला रोड से होते हुए बस स्टैण्ड, जीटी रोड, मुख्य बाजार एवं कॉलोनी रोड से होते हुए वापिस हस्पताल परिसर पहुंचेगी।
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