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बुधवार, 23 सितंबर 2009

सिरसा में नए चेहरे ज्यादा सिरसा


डबवाली (सुखपाल सावंत खेडा)- सत्ता का संग्राम अब रोमांचक दौर में प्रवेश करने लगा है। कांग्रेस ने अभी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं की है। जिन पार्टियों ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है, उनमें से अधिकतर नए चेहरे हैं। इनेलो ने रानियां से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाले कृष्ण कंबोज को मैदान में उतारा है। हरियाणा जनहित कांग्रेस ने राजनीतिक बिसात के धुरंधर व पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के समक्ष पहली बार चुनाव लड़ रहे देवीलाल को मैदान में उतारा है। यह अलग बात है कि देवीलाल क्षेत्रवासियों के लिए कोई अनजाना नाम नहीं है। वह दड़बा के सरपंच रहे हैं तथा ग्रामीण क्षेत्र में उनकी अच्छी पैठ रही है। हजकां से ही सिरसा में वीरभान मेहता को उतारा गया है। मेहता भी पहली बार विधानसभा के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। मेहता काफी समय से राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। वह कांग्रेस से जुड़े रहे और जिला स्तर से लेकर प्रांत स्तर तक की जिम्मदारियों का भी वहन किया। 2009 लोकसभा चुनाव से ऐन वक्त पहले उन्होंने हरियाणा जनहित कांग्रेस का दामन थाम लिया। भाजपा ने भी रानियां से पार्टी के जिला महासचिव शीशपाल कंबोज को मैदान में उतारा है। कंबोज अपने पैतृक गांव फिरोजाबाद से सरपंच का चुनाव लड़ चुके हैं। सिरसा से माकपा ने भी नए चेहरे पर दांव खेला है। पार्टी ने यहां से बलवीर कौर गांधी को मैदान में उतारा है। एडवोकेट गांधी जनवादी महिला समिति से भी सक्रिय रूप से जुड़ी रही हैं।

करोड़ों की मालकिन हैं किरण चौधरी


तोशाम( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : कांग्रेस प्रत्याशी किरण चौधरी ने मंगलवार को शपथ पत्र में बताया कि उनके पास बीमा व अन्य बचत राशि के रूप में दो करोड़ 22 लाख 66 हजार की राशि है। शेयर के रूप में 5 लाख की संपत्ति है। आभूषण व अन्य उत्पादों के रूप में करीबन दो करोड़ 20 लाख 61 हजार की संपत्ति की वे मालकिन हैं। नकद राशि के रूप में उनके पास मात्र 16 हजार है। बैंक व अन्य स्रोतों में जमा राशि के रूप में स्वयं के नाम 1 करोड़ 12 लाख 83 हजार तथा पति सुरेंद्र सिंह के साथ सांझे खाते में उनके पास 29 लाख 99 हजार की राशि है। उनके नाम 17 लाख की फोर्ड इंडेवर व 9 लाख की हुंडई ट्रेशन गाड़ी है। महेंद्रगढ़ जिले के माधोगढ़ में 41 कनाल तथा 13 मरले जमीन है, जिसकी कीमत 32 लाख 44 हजार है। भिवानी जिले के चांग गांव में 167 कनाल 10 मरले, भिवानी में पांच एकड़ तथा बापोड़ा में 19 कनाल एक मरला भूमि सुरेंद्र सिंह के साथ संयुक्त रूप से उनके नाम है। अचल संपत्ति में से अपनी पुत्री श्रुति चौधरी के साथ आधा हिस्सा है।

अजय चौटाला से अधिक धनवान उनकी पत्नी


डबवाली,( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : इनेलो के डबवाली विधानसभा हलका से उम्मीदवार अजय सिंह चौटाला करीब 30 करोड़ रुपये की चल व अचल संपत्ति के मालिक हैं। साथ ही वह लगभग 42 लाख रुपये के बैंक कर्जदार भी हैं। संपत्ति के मामले में अजय से अधिक धनवान उनकी पत्नी हैं। सियासी परिवार के वंशज अजय सिंह चौटाला ने नामांकन भरते हुए अपने शपथपत्र में बताया कि उनके पास 400 ग्राम सोने के जेवरात, पांच किलो चांदी व अन्य हीरे जवाहरात हैं। जबकि उनकी पत्नी नैना सिंह के पास 800 ग्राम सोना व साढे़ आठ किलो चांदी है। उनके परिवार के अन्य सदस्यों के पास 10 किलो चांदी के बर्तन और पांच सौ ग्राम सोना है। उनके पास 2008 माडल की एम क्लास मर्सिडिज बेंज, एक जेन, एक टै्रक्टर व डिस्पोजल की एक महिंद्रा जीप है। उनकी पत्नी नैना सिंह केवल एक ट्रैक्टर के मालिक हैं। अजय के पास इस समय 3 लाख 25 हजार रुपये की नकदी है और 37 लाख 35148 रुपये विभिन्न बैंकों में जमा हैं। उनके पास विभिन्न कंपनियों के 90 हजार रुपये के शेयर भी हैं वहीं उनका व उनकी पत्नी नैना सिंह का 20-20 लाख का बीमा भी है। नैना सिंह के पास 7 लाख 75 हजार रुपये की नकदी के अलावा विभिन्न बैंकों में 7 लाख 60 हजार 185 रुपये हैं तथा उनके परिवार के अन्य सदस्यों के पास 6 लाख 55 हजार रुपये की नकदी तथा बैंकों में 17 लाख 49 हजार रुपये जमा हैं। नैना सिंह के पास सिरसा जिले के गांव नटार में 85 लाख रुपये कीमत की 94 कनाल भूमि है। गैरखेती योग्य भूमि में उनके पास फरीदाबाद में लगभग दो करोड़ तीन लाख रुपये की 3 कनाल 19 मरले के प्लाट व सिरसा के वैदवाला गांव में 11 लाख 10 हजार रुपये की कीमत का 14 मरले रकबा, भंभूर व शेरगढ़ में क्रमश: 37 कनाल 8 मरले व 13 कनाल 10 मरले के पलंथ है। अजय के पास सिरसा की अनाज मंडी में 90 लाख की दुकान, सिरसा में ही बरनाला रोड 50 लाख का 8 कनाल का एक रिहायशी मकान, गुड़गांव में डीएलफ में करीब 2 करोड़ 22 लाख रुपये का रिहायशी मकान, 1 करोड़ 25 लाख रुपये का खैरपुर रोड पर मकान, गुड़गांव के सेक्टर-28 में 1 करोड़ 50 लाख के मूल्य का फ्लैट है। उनकी पत्नी के पास दिल्ली का दिल कहे जाने करोल बाग में हरदयाल सिंह मार्ग पर 2 करोड़ 50 लाख का मकान है। हिसार में 80 लाख की कोठी है।

करोड़पति, कर्जदार है अजय सिंह चौटाला



डबवाली (सुखपाल सावंत खेडा) डबवाली विधानसभा क्षेत्र में मंगलवार से चुनाव लडऩे के इच्छुक आजाद और पार्टियों के प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और सुस्त चला आ रहा चुनावी मैदान अचानक गर्माने लगा है। हल्का विधानसभा चुनाव के लिए इनेलो प्रत्याशी के रूप में अजय सिंह चौटाला ने अपना नामांकन पत्र सुबह 11.11 पर चुनाव अधिकारी तथा उपमण्डलाधीश सुभाष चन्द्र गाबा के समक्ष प्रस्तुत किया। हालांकि इनेलो ने नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए 24 सितम्बर की तिथि घोषित की थी। बताया जाता है कि किसी ज्योतिषी के कहने पर इस तिथि को बदल कर अब 22 सितम्बर को नामांकन दाखिल किया गया। जिसके समय और तिथि का अंक जोड़ चार बनता है। केवल यहीं नहीं बल्कि जिस दिन चुनाव होने हैं उस दिन भी 13 अक्तूबर का जोड़ चार बनता है और जिस दिन 22 अक्तूबर को वोटों के परिणाम आने हैं उनका भी जोड़ चार ही बनता है। अजय सिंह चौटाला ने अपने नामांकन पत्र के साथ जो शपथ पत्र दाखिल किया है उसमें दी गई जानकारी में कहा गया है उस पर सीबीआई की अदालत में धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 आईपीसी और 13 (1), 13 (2) पीसी के तहत केस विचारधीन है। इसके अतिरिक्त नकदी के मामले में अजय सिंह के पास 3 लाख 25 हजार और उसकी पत्नी नैना सिंह के पास 7 लाख 75 हजार तथा संयुक्त परिवार में 6 लाख 55 हजार रूपये नकद हैं। जबकि उसके खुद के 37 लाख 35 हजार 148 रूपये 60 पैसे तथा उसकी पत्नी के 7 लाख 60 हजार 185 रूपये 54 रूपये और संयुक्त परिवार के 17 लाख 49 हजार 128 रूपये 46 पैसे बैंकों और कम्पनियों में जमा हैं। जबकि बॉण्डस, विभूतियां और शेयर आदि में 90 हजार रूपये और उनकी पत्नी के 6 लाख 30 हजार रूपये लगे हुए हैं। अजय सिंह के पास व्हीकलों में से एम-क्लॉस मरसीडेस बेंज मॉडल-08, महिन्द्रा जीप मिल्ट्री डिसपोजल मॉडल-1998, फार्म ट्रेक्टर मॉडल-2001 जेन कार मॉडल-2001 के अतिरिक्त, पांच किलोग्राम चांदी, 400 ग्राम सोने के जेवरात इत्यादि के साथ कुल चल सम्पत्ति 2 करोड़ 74 लाख 3 हजार 545 रूपये 16 पैसे बनती है। जबकि उसकी पत्नी के पास चल सम्पत्ति 1 करोड़ 36 लाख 8 हजार 651 रूपये 34 पैसे और संयुक्त परिवार में 2 करोड़ 78 हजार 137 रूपये 45 पैसे चल सम्पत्ति है। अचल सम्पत्ति में जिसमें नॉन एग्रीकल्चर लैंड, व्यवसायिक और रिहायशी भवन, घर और अपार्टमेंटस आदि मिलाकर 851 लाख 69 हजार रूपये की सम्पत्ति बनती है। जोकि फरीदाबाद, जिला सिरसा, गुडग़ांव आदि में हैं। इसी प्रकार उनकी पत्नी के पास 670 लाख रूपये की अचल सम्पत्ति है। संयुक्त परिवार में उनके पास 938 लाख 16 हजार की अचल सम्पत्ति है। जबकि अजय सिंह पर भारतीय स्टेट बैंक, सिरसा का 41 लाख 95 हजार 149 रूपये का ऋण है। अजय सिंह चौटाला के पास कुल चल और अचल सम्पत्ति 20 करोड़ 63 लाख 88 हजार 545 रूपये की बनती है। अजय सिंह चौटाला ने शिक्षा में एलएलबी कर रखी है और राज्य सभा के सदस्य भी हैं। इधर आजाद प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करने वाले जगदेव सिंह मटदादू ने अपने ब्यौरे में स्वयं को एक करोड़ 98 लाख 60 हजार तथा 25 लाख 60 हजार की अचल और चल सम्पत्ति का मालिक बताया है और उस पर 50 हजार रूपये का कर्ज है।

मंगलवार, 22 सितंबर 2009

युवाओं को लुभाएंगे सभी दल


(डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : हरियाणा विधानसभा के नतीजों में इस दफा युवा वर्ग समीकरण बदलने में खास भूमिका निभाएंगे। इसलिए हर राजनीतिक दल युवा वर्ग को लुभाएगा। राज्य में 25 साल से कम आयु वर्ग वाले करीब 15 लाख मतदाता हैं और युवा वर्ग हरियाणा में बढ़-चढ़ कर मतदान करता रहा है। कुल वोटरों में युवाओं की संख्या 12 फीसदी है। इंडियन नेशनल लोकदल ने युवा वर्ग को आकर्षित करने के लिए खास रणनीति बनाई है। इसके लिए जहां इनेलो बेरोजगारी को मुद्दा बनाएगा वहीं पर यह प्रचार करेगा कि सरकारी नौकरियां सिर्फ एक विशेष जिले में ही दी गई। इसके इलावा इनेलो छंटनी और युवाओं को 10 लाख नौकरियां देने के कांग्रेस सरकार के वादे को मुद्दा बनाकर युवा वर्ग में जा रहा है। युवाओं को लुभाने के लिए इनेलो ने चुनाव घोषणापत्र में बेरोजगारों को तीन हजार रुपये महीना बेरोजगारी भत्ता देने का भी वादा किया है। इसके लिए कालेज छात्राओं को स्कूटी देने का वायदा किया है। हरियाणा में छात्राओं के लिए ऐसा वायदा पहली बार किसी राजनीतिक दल ने किया है। हरियाणा सरकार ने गरीब छात्राओं को साइकिल दी थी। कांग्रेस, हजकां, भाजपा ने अभी अपने घोषणा पत्र जारी नहीं किए पर सूत्र बताते हैं कि यह सभी दल भी युवाओं को लुभाने के लिए खास घोषणाएं कर सकते हैं। राजनीतिक दलों का मानना है कि चुनावी नतीजों में युवा वर्ग की खास भूमिका होगी। राज्य में 25 साल से कम आयु वर्ग वाले करीब 15 लाख मतदाता है और इन पर ही सभी दलों की नजर टिकी है। कांग्रेस में युवाओं को टिकट देने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठ रहा है। सभी राजनीतिक दलों की नजर इस बार प्रदेश के युवा वर्ग पर है। सभी दलों का मानना है कि लोकसभा चुनावों में युवा वर्ग की वोट चुनाव नतीजों के समीकरण बदल सकती हैं। 15 लाख मतदाता यह पहली बार वोट के अधिकार का प्रयोग करेंगे। राजनीति के जानकार भी युवा वर्ग को रिझाने में जुटे हैं ताकि युवा वर्ग को अपनी ओर कर चुनाव के नतीजों को बदला जा सके। प्रदेश के कुल मतदाताओं में से युवाओं की भागीदारी 12 फीसदी से अधिक है। अब तक युवा मतदाताओं का मतदान प्रतिशत भी हमेशा 90 फीसदी रहा है। अब युवा पहले की अपेक्षा ज्यादा चुनावों में दिलचस्पी लेते हैं। युवाओं को रिझाने के लिए जहां इनेलो ने घोषणाओं का पिटारा खोल दिया है वहीं कांग्रेस, भाजपा, बसपा व हजपां भी घोषणापत्र में युवाओं के लिए बहुत कुछ करने के वादे करने का दावा कर रही हैं। युवाओं को काबू में करने के लिए राजनीतिक दलों ने कार्यकर्ताओं को भी युवा वर्ग को रिझाने के लिए प्रेरित कर दिया है।

दादू के कार्यक्रम से चांदपुरा में तनाव


सिरसा( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)-
: गांव चांदपुरा में सिख नेता बलजीत सिंह दादू के संत समागम से पुलिस ने गांव को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया है। डेरा प्रेमी और सिख संगत के बीच किसी अनहोनी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने गांव में पुलिस की तीन बटालियन तैनात किया है। गांव में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों के अलावा अन्य सभी प्रकार के कड़े इंतजाम किए हैं। गांव चांदपुरा के गुरुद्वारे में आयोजित संत समागम में सोमवार को सिख नेता बलजीत सिंह दादू पहंुचना था। इस कारण चांदपुरा में डेरा सिख विवाद होने जैसी आशंका बनी हुई है। प्रशासन गांव में सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने का प्रबंध कर रहा है। गांव में जगह जगह पुलिस की तैनाती की गई है। गांव में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए टोहाना के पुलिस प्रभारी हरीश दत्ता ने गांव का दौरा किया। इस बारे में उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को दिशा निर्देश भी जारी किए। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भी गांव में गुरुद्वारे संत समागम में सिख नेता बलजीत सिंह दादू के पहुंचने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसी प्रकार डेरा प्रेमियों द्वारा नामचर्चा के आयोजन पर भी डेरा सच्चा सौदा के प्रेमियों व सिखों के बीच पिछले दिनों काफी समय तक गांव में तनाव बना रहा।

अजय चौटाला डबवाली से होंगे इनेलो प्रत्याशी



डबवाली ( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : बेशक इनेलो के सदर ओमप्रकाश चौटाला ने कहा था कि उनके अलावा उनके परिवार से कोई अन्य सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा पर उनके बेटे अजय सिंह चौटाला मंडी डबवाली से चुनाव लड़ेंगे। मंडी डबवाली चौटाला परिवार की गृह सीट है पर यह सीट लंबे समय से आरक्षित थी। अब नई हदबंदी में यह सामान्य सीट है। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने आज सोमवार को सात और प्रत्याशी घोषित कर दिए। इससे पहले इनेलो दो किश्तों में 74 प्रत्याशियों की सूची घोषित कर चुकी है। इस प्रकार पार्टी 81 प्रत्याशी घोषित कर चुकी और केवल 9 प्रत्याशी घोषित करना बकाया है। पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल के पोते अजय सिंह चौटाला का जन्म पंजाब के फिरोजपुर जिला के पंचकोसी गांव में हुआ। अजय ने जयपुर विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। 1980 के दशक में अजय सिंह चौटाला राजनीति में सरगर्म हुए। अजय सिंह चौटाला दो बार राजस्थान में भी विधायक बने हैं। पहली बार वे 1989 मे दाता रामगढ़ विधानसभा और दूसरी बार 1993 में नोहर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद अजय सिंह चौटाला 1999 में भिवानी संसदीय सीट से सांसद चुने गए। पर साल 2004 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद अजय सिंह चौटाला राज्यसभा के सांसद चुने गए। अजय सिंह चौटाला ने एशिया, यूरोप, आस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, चीन आदि विभिन्न देशों की यात्राएं की हैं।

Ajay Chautala will contest from Dabwali



Dabwali, Sep 21(Dr sukhpal) Indian National Lok Dal (INLD) general secretary Ajay Chautala will contest from Dabwali constituency in Sirsa district in the forthcoming October assembly polls.

INLD political affairs committee member Abhey Singh Chautala announced this while declaring the party’s third list, comprising seven candidates, here Monday evening.

INLD, which is the main opposition party to the ruling Congress in Haryana, had earlier declared its candidates for 74 seats out of 90 assembly seats in the state.

The Bhupinder Singh Hooda-led Congress government had sought early polls and recommended the assembly’s dissolution seven months ahead of its term was to end. The Congress, led in 59 assembly segments of the 90-member assembly in the general elections this May, winning nine of ten Lok Sabha seats from the state.

Former chief minister and father of Ajay and Abhey, Om Parkash Chautala is contesting from the Uchana Kalan and Elenabad seats in Jind and Sirsa districts respectively.

Ajay Chautala is former member of parliament (MP) from Bhiwani seat in Haryana. He lost this seat in May 2009 general elections to Shruti Choudhary, the granddaughter of former chief minister Bansi Lal.

Assembly elections in Haryana will be held Oct 13 and the votes will be counted Oct 22.

सोमवार, 21 सितंबर 2009

उलझन बनेगी अलग एसजीपीसी


( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : सिखों के लिए हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का मसला चुनाव बाद नए गुल खिलाएगा। झिंडा गुट की तरफ से कुरुक्षेत्र में किए गए शक्ति प्रदर्शन के बाद यह बात आम हो चली है कि नई सरकार के गठन के बाद यह मुद्दा फिर से रफ्तार पकड़ सकता है। एसजीपीसी और पंजाब अलग कमेटी के मसले पर पहले ही अपना विरोध जता चुके हैं। इसलिए तय माना जा रहा है कि जो भी सरकार बनी उसके लिए दोनों तरफ से मुश्किल पैदा होंगी। सिखों को अलग कमेटी देने की कोशिश की गई तो पंजाब और एसजीपीसी से टकराव करना पड़ेगा और नहीं की तो हरियाणा के सिख नेताओं के उग्र तेवरों का सामना करना पड़ सकता है। हरियाणा के गुरुद्वारों के रखरखाव के लिए अलग कमेटी बनाने का जिक्र 2005 में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किया था। अन्य पार्टियों ने भी इस मसले पर अपने अपने तरह से वायदे किए थे। सिखों ने इस वायदे को सिर आंखों पर लिया और कांग्रेस को चुनाव में समर्थन दिया। हुड्डा सरकार ने कामकाज संभालने के तुरंत बाद चट्ठा कमेटी बनाकर इस ओर कदम भी बढ़ाया लेकिन उसके बाद काम ज्यादा तेज रफ्तार से नहीं हो सका। लोकसभा चुनाव से ऐन पहले कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दी और अलग कमेटी की मांग को काफी हद तक जायज भी ठहराया परंतु उसके बाद से ही नित नए विवाद खड़े होने शुरू हो गए। पहले सिख नेता शुकराना (धन्यवादी) यात्रा को लेकर आपस में उलझ गए। उसके बाद जगदीश झिंडा ने कुरुक्षेत्र में अपने तेवर तीखे किए। उन्हें अभी तक दिल्ली और अकाल तख्त के समक्ष जाकर सफाई देनी पड़ रही है। दूसरा गुट अभी तक शांत है। लेकिन जानकार कहते हैं कि यह विवाद थमने वाला नहीं लगता। उनका कहना है कि चुनाव बाद यह मसला जोर पकड़ेगा। उधर, मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा इसके लिए एक नवंबर 2009 की तारीख तय कर चुके हैं। उनका कहना है कि कई चीजों को ध्यान में रखकर यह किया गया। विरोधी हालांकि इस मसले पर कह रहे हैं कि सरकार चुनाव में राजनीति खेल रही है। सिखों को फुसलाने के लिए एक नवंबर की तारीख रखी गई है। इस संदर्भ में इनेलो का कहना है कि अलग कमेटी सिखों का अपना अलग मसला है। वह मानते हैं कि राजनीतिक दलों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

चुनाव मैदान में उतरने को तैयार डेरा सच्चा सौदा

सिरसा( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)-
डेरा सच्चा सौदा किसी दल का पिछलग्गू बनने के बजाए खुद राजनीतिक ताकत हासिल करना चाहता है। इसीलिए उसने हरियाणा विस चुनाव में कांग्रेस से गठजोड़ कर मैदान में उतरने की सोची और 30 सीटें मांगी। वहां से मना हो जाने पर डेरा की राजनीतिक विंग सोमवार को टोहना में बैठक करने जा रही है, जिसमें नई रणनीति तय की जाएगी। डेरा प्रेमी अगर सीधे राजनीति करते हैं तो प्रदेश में राजनीति समीकरण बदलना तय है। अभी तक डेरा समर्थक चुनाव में उतरने के बजाए किसी ना किसी दल को समर्थन देते रहे हैं, लेकिन इस बार संगत ने खुद मैदान में उतरने का फैसला किया और कांग्रेस से 30 सीटें मांगी। कांग्रेस ने आतंरिक कलह और टिकट को लेकर मची मारामारी के कारण संगत से गठजोड़ से इनकार कर दिया। 18 सितंबर से नामांकन शुरू हो चुका है पर कांग्रेस एक भी प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाई है। इसी के मद्देनजर डेरे की राजनीतिक विंग ने सोमवार को बैठक बुलाई गई है। विंग के सदस्य चांदी राम ने बताया कि सरकार में उनके काम नहीं हो रहे। इसलिए साधु संगत खुद राजनीति में हिस्सेदारी मांग रही है। संगत समर्थक लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हैं पर उन्हें सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मिली। इसलिए चुनाव लड़ने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा, बदले राजनीतिक हालात का जायजा लेने के लिए विंग बैठक करने जा रहा है। बेशक डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम की ओर से कभी किसी दल के पक्ष में कोई फतवा जारी नहीं किया गया लेकिन संगत बीते एक दशक से पंजाब और हरियाणा की राजनीति में अपना असर दिखाती रही है। सभी दलों के नेता डेरा प्रमुख से आशीर्वाद लेने आते हैं।

गांव लोहगढ़ में एक नाबालिग से बलात्कार,


डबवाली ( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- गांव लोहगढ़ में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का मामला थाना सदर पुलिस के पास आया है। प्राप्त जानकारी अनुसार गांव लोहगढ़ निवासी श्रीचन्द ने अपने एक पड़ौसी के बेटे छिन्दा पुत्र प्रेम चन्द पर आरोप लगाया है कि उसने उसके घर में घुस कर उसकी 13 वर्षीय बेटी के साथ मुंह काला किया और उसकी चीख-पुकार सुन कर गांव के लोगों ने लड़की को लड़के की चंगुल से मुक्त करवाया। शिकायतकर्ता के अनुसार वे शनिवार को खेत में काम करने के लिए गये हुए थे और घर पर उसकी 13 वर्षीय लड़की तथा पांच वर्षीय बेटा राजेन्द्र था। दोपहर को करीब 2 बजे उनके पड़ौसी प्रेम चन्द का लड़का छिन्दा घर में घुसा और बर्तन साफ कर रही उसकी बेटी के मुंह पर हाथ लगाकर उसे अपने घर पर ले गया और वहां जाकर उससे मुंह काला किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना सदर पुलिस ने लड़की के ब्यान पर आरोपी के खिलाफ धारा 376 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है।

बैनर व होर्डिग लगाने का स्थान निर्धारित



ओढा,( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : विधानसभा चुनावों में सभी पाíटयों को आदर्श आचार संहिता के पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए है जिसके तहत सभी गावों मे होर्डिंग लगाने के लिए विशेष स्थानों को निर्धारित किया है। इस बारे में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राम सिंह ने सभी ग्राम सचिवों को आदेश जारी किया है कि चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित स्थानों के अतिरिक्त कहीं भी अन्य जगहों पर प्रचार सम्बंधी बैनर व होर्डिग न लगाने दिया जाए। इस आदेश में विभिन्न गावों में जगहों के बारे में बताया गया है कि गाव हस्सु, असीर, नारग, तिगड़ी, चट्ठा, खोखर, घुकावाली, माखा, दादू, धर्मपूरा, सिंघपूरा, तारूआना, तिलोकेवाला, खतरावा, तख्तमल, केवल, चकेरिया, मिठड़ी व मलिकपूरा में बस स्टेण्ड के पास तथा देसु मलकाना, चौरमार में गुरुद्वारा के पास और ओढा में कालावाली रोड कैंचियों पर, जगमालवाली व पिपली में कालावाली-डबवाली रोड पर, टप्पी में सिरसा डबवाली हाइवे पर होर्डिग लगाने की जगह निर्धारित की है। इन निर्धारित जगहों के अलावा अन्य स्थलों पर बोर्ड लगाना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।

इनेवा-पिकअप टक्कर में दर्जनों घायल



डबवाली ( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : गाव गोरीवाला में आज एक इनेवा पिकअप की भयंकर टक्कर में दर्जनों लोग घायल हो गए। घायलों को सड़क के नजदीक कार्य कर रहे किसानों ने अस्पताल पहुचाया। जानकारी अनुसार रामपुरा निवासी इनेवा ड्राइवर विनोद कुमार बिज्जाूवाली रोड पर पेट्रोल पम्प से पेट्रोल डलवाकर रोड पर चढ़ ही रहा था की बिज्जाूवाली की तरफ से आ रही पिकअप से टक्कर हो गई जिससे इनेवा व पिकअप में सवार दर्जनों लोग घायल हो गए। घायलों को एक निजी हस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई व एक व्यक्ति के सिर में ज्यादा चोट के कारण डबवाली रेफर कर दिया गया है। मुक्सर पंजाब निवासी पिकअप ड्राइवर राजेंद्र ने बताया की वे रानिया में भोग पर जाकर वापिस पंजाब लौट रहे थे की अचानक रोड पर चढ़ रही इनेवा से पिकअप की टक्कर हो गई जिससे इनेवा व पिकअप में सवार सभी लोगों को मामूली चोटे आई है। पुलिस घटना की जाच कर रही है।

रविवार, 20 सितंबर 2009

हरियाणा के चुनावी दंगल पर एक नजर


पंडित जी..मोहे टिकट दिला दो


( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- हेलो..पंडित जी नमस्कार। मैं दिल्ली से बोल रहा हू्ं..आपने जो उपाय बताया था, मैंने कर दिया है। अपने हाथ में पुखराज भी पहन लिया है, थोड़ी देर पहले ही पार्टी की बैठक खत्म हुई है..अध्यक्ष और प्रभारी दोनों बैठक से बाहर आ चुके हैं..आज रात तक टिकट का फैसला हो जाएगा..मुझे लगता है, आपकी कृपा से टिकट तो मुझे ही मिलेगा..बस आप पर्चा भरने की तारीख और समय मुकर्रर कर दीजिए। जिस दिन आप कहेंगे, उसी दिन मैं पर्चा भरूंगा..और हां, आप चिंता नहीं करना। टिकट लेकर लौटते ही आपकी दक्षिणा भी डबल कर दूंगा..पंडित जी, नेटवर्क प्राब्लम है, आवाज साफ नहीं आ रही है..हेलो-हेलो-हेलो,..पंडित जी, कोई दूसरा उपाय करना है तो मुझे बता दो..बस किसी भी तरीके से टिकट मिलनी चाहिए। दिल्ली दरबार में टिकट की जंग लड़ रहे सभी पार्टियों के अधिकतर नेताओं का यही जुमला है। टिकट हासिल करने के लिए राजनेता आजकल अपनी-अपनी पसंद के ज्योतिषियों से सलाह-मशविरा कर रहे हैं। कुछ नेताओं को अपने पंडित की ज्योतिष विद्या पर इतना भरोसा है कि वह खुद घर बैठे हैं और उन्हें अपना नाम टिकट सूची में शामिल होने का पूरा यकीन है। ऐसे नेताओं की संख्या भी कम नहीं है, जिन्हें टिकट की जंग हारती हुई दिखाई पड़ रही है, मगर उन्होंने अभी तक अपना हौसला नहीं छोड़ा है। ऐसे राजनेता अपने ज्योतिषियों से कर्मकांड कराकर टिकट हासिल करने अथवा आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। प्रदेश में ज्योतिष विद्या का ज्ञान रखने वाले अधिकतर पंडित इस समय बिजी हैं। उनके मोबाइल पर आने वाली कॉल्स भी वेटिंग में चल रही हैं। कुछ नेता व्यक्तिगत रूप से मिलकर पंडितों से सलाह ले रहे हैं तो कुछ फोन पर ही काम चला रहे हैं। चुनाव लड़ने के इच्छुक इन नेताओं के ज्योतिषी हरियाणा से बाहर के राज्यों के भी हैं। दिल्ली, मुंबई, सहारनपुर, मेरठ और जयपुर में बैठे इन पंडितों से लगातार टिकट व नामांकन के बारे में सलाह ली जा रही है। जिन नेताओं को एक से अधिक पंडितों की राय पर भरोसा है, वह उसे क्रास चेक भी कर रहे हैं। ऐसे नेताओं की संख्या भी बहुत अधिक है, जिन्हें पार्टियां टिकट तो देना चाहती हैं, मगर उनके ग्रह उन्हें चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं दे रहे हैं। ऐसे नेताओं का प्रयास है कि पार्टी द्वारा थोपे जाने वाले चुनाव लड़ने संबंधी आदेश को ज्योतिषीय उपाय के जरिए खारिज करा दिया जाए। कुछ नेता येन-केन-प्रकारेणकी नीति पर अमल करते हुए टिकट के लिए किसी भी उपाय से नहीं चूकना चाहते हैं। पंडितों द्वारा नेताओं को सोने व चांदी के आभूषणों में अलग-अलग तरह के रत्न धारण करने की सलाह भी दी जा रही है। चुनाव के इस मौसम में न केवल रत्नों का कारोबार बढ़ गया है बल्कि ज्योतिषियों की आमदनी में भी बढ़ोतरी हुई है।डबवाली के पर्सिद पत्रकार इकबाल शांत के अनुसार दिल्ली के एजेंटों से उन्हें जो सूचना मिली हैं, उसके मुताबिक हरियाणा, अरुणाचल और महाराष्ट्र में रत्नों की खपत बढ़ी है। इन तीनों राज्यों में चुनाव हो रहे हैं।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हाजिरी में तलाक


सुल्तानपुर लोधी( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- : अमूमन शादियां खुशी व उल्लास के माहौल में धर्म ग्रंथों या वेद मंत्रोच्चार के साथ होती है और तलाक दुख, तकलीफ और झगड़े के साथ अदालती फरमान के बाद होता है। लेकिन शनिवार को यहां एक अनूठा तलाक हुआ। न कोर्ट-कचहरी के चक्कर, न वकील की फीस और न एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप। और तो और लड़की ने हर्जाने के तौर पर कोई पैसा लेना ही कबूल किया। बस श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष अरदास की और वैवाहिक बंधन से मुक्ति हासिल कर ली। स्वर्गीय बावा सिंह टोडरवाल की बेटी सिमरजीत कौर की शादी लगभग दो वर्ष पहले गुरुद्वारा श्री संतघाट साहिब के ग्रंथी कुलदीप सिंह के बेटे गुरबीर सिंह के साथ धूमधाम से हुई थी। गुरबीर सीमा सुरक्षा बल में नौकरी करता है। बकौल सिमरजीत शादी में दस तोले सोने के जेवरात के अलावा लगभग तीन लाख रुपये का सामान भी दिया गया। शादी के बाद परिवार में छिटपुट विवादों के चलते तनाव रहने लगा। संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा अन्य गणमान्य लोगों के सहयोग से ससुराल पक्ष को सिमरजीत के साथ सहयोग करने को कहा गया। इसके बाद पंचायत के फैसले में संबंध तोड़ने पर ससुराल पक्ष को छह से दस लाख रुपये बतौर हर्जाना देने का करार लिया गया था। सिमरजीत ने पैसे लेकर तलाक करने की बात को नामंजूर कर दिया। संत सीचेवाल ने भी लड़की की इज्जत को रुपये से तोलने की बात को अस्वीकार करते हुए उसे श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष अरदास कर इस रिश्ते का त्याग करने की सलाह दी। इस पर समूची पंचायत ने सहमति प्रकट करते हुए शनिवार को अमली जामा पहनाया गया। गुरुद्वारा श्री संतघाट साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की मौजूदगी में अरदास के बाद लड़के के पिता ग्रंथी कुलदीप सिंह व माता भूपिंदर कौर द्वारा सिरोपा भेंट कर अपनी बहू से संबंध विच्छेद कर लिया गया।

पंचकूला सीट से इनेलो ने योगराज सिंह को उतारा


( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)-: इंडियन नेशनल लोकदल पंचकूला विधानसभा सीट से फिल्म स्टार व पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह को चुनाव मैदान में उतार रहा है। इसके साथ ही उचाना के साथ-साथ इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला सिरसा जिला की ऐलनाबाद विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ेंगे। इनेलो के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव अजय सिंह चौटाला ने शनिवार को चंडीगढ़ में पार्टी के 32 और प्रत्याशियों की सूची जारी कर की। इस सूची में कई नाम अप्रत्याशित व पार्टी के आम कार्यकत्र्ता हैं। इससे पहले 4 दिसंबर को इनेलो ने 42 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। इस प्रकार इनेलो ने 74 प्रत्याशी घोषित कर दिए बाकि 16 प्रत्याशियों का ऐलान भी शीघ्र होगा। इनेलो ने यह सूची जातीय व क्षेत्रीय के साथ-साथ कई तरह के राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर जारी की है। इसी सूची में इनेलो ने 16 जाट, 3 मुस्लिम, 3 पंजाबी, 2 वैश्य,1 सिख, 3 दलित,1 ब्राह्मण,1 कांबोज, तीन अहीर और 1 सिख प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। इनेलो ने हांसी से धारा सिंह नामक कर्मचारी नेता को भी टिकट दिया है। धारा सिंह इनेलो के कर्मचारी सेल के प्रधान हैं। इनेलो ने इस सूची में 14 युवाओं व दो महिलाओं को टिकट देने के साथ-साथ 21 ऐसे प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं जो पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। तीन दलित प्रत्याशियों में 2 चर्मकार और 1 वाल्मिकि है। टिकट वितरण में इनेलो ने जातीय समीकरणों पर दांव लगाया है। पंचकूला में क्रिकेटर योगराज मैदान में आए हैं। इनेलो की यह सीट कमजोर ही मानी जा रही थी। कोई दमदार प्रत्याशित नहीं था पर योगराज से यह चुनाव दिलचस्प हो जाएगा।

झींडा ने दिया स्पष्टीकरण एसजीपीसी जांचेगी सच

( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)-
झींडा ने दिया स्पष्टीकरण एसजीपीसी जांचेगी सच : हरियाणा में अलग एसजीपीसी की मांग कर रहे व वहां एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे में कब्जा करने के आरोप में श्री अकाल तख्त पर तलब किए जाने के बाद शनिवार को पेश हुए जगदीश सिंह झींडा व उनके पांच साथियों पर सिंह साहिबान कोई भी निर्णय नहीं ले सके। झींडा व उसके साथियों को एक अक्टूबर को पुन: श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के आदेश जारी किए गए हैं। श्री अकाल तख्त ने एसजीपीसी को झींडा द्वारा इस संबंध में दिए स्पष्टीकरण की जांच के निर्देश भी दिए हैं। श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में लगभग तीन घंटे चली बैठक में जगदीश सिंह झींडा ने पांच सिंह साहिबान को कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारे के घटनाक्रम के बारे में अपना स्पष्टीकरण दिया। झींडा के साथ जोगा सिंह, अवतार सिंह चक्कू, बीबी रविंदर कौर, कमलजीत सिंह अजराना व हजूर सिंह नंबरदार भी पांच सिंह साहिबान के समक्ष पेश हुए। कुरुक्षेत्र की घटना पर पांच सिंह साहिबान ने बीबी रविंदर कौर को बरी कर दिया।

शिअद ने निभाई इनेलो से दोस्ती


( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- हरियाणा में सत्ता संग्राम के लिए गठबंधनों के बनने-बिगड़ने के बीच शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। शिअद के हरियाणा विधानसभा चुनाव में कूदने की औपचारिक घोषणा पार्टी अध्यक्ष एवं पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को की। शिअद इनेलो के साथ मिलकर अपने चुनावी चिन्ह तराजू पर अंबाला (शहर) और सिरसा जिले में पंजाब की सीमा से सटे कालांवाली (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेगा। इसके लिए उम्मीदवारों की घोषणा एक-दो दिन में की जाएगी। शिअद के सचिव, प्रवक्ता एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार डा. दलजीत सिंह चीमा के अनुसार शिअद द्वारा हरियाणा में उक्त दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवारों को तराजू चुनाव चिन्ह अलाट किए जाने के लिए देश के मुख्य चुनाव आयोग को आवेदन भेज दिया गया है। डा. चीमा ने बताया कि इन चुनावों में प्रचार के लिए पार्टी के सभी नेताओं की योजनाबद्ध ड्यूटी लगाई जाएगी और चुनावों को पूरी योजनाबद्ध ढंग से लड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र की अंतिम 25 सितंबर के बाद सभी नेताओं को प्रचार अभियान में अपनी अपनी ड्यूटी पर जुट जाने के आदेश दिए जा रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल हरियाणा प्रदेश के नेताओं एवं वर्करों में शिअद की इस घोषणा ने भारी उत्साह भर दिया है। शुक्रवार को अकाली दल की हरियाणा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह अहरवां के नेतृत्व में एक दर्जन से ज्यादा अकाली नेताओं ने हरियाणा में चुनाव लड़ने की मांग पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के सामने रखी थी। इस पर सुखबीर सिंह बादल ने एक-दो दिन में निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। अंतरराज्यीय राजनीतिक दल बना शिअद : इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल भी पंजाब से निकलकर देश के अन्य प्रदेशों में विधानसभा चुनाव लड़ने वाला दल बन गया है। हरियाणा से पहले शिअद ने दिल्ली विधानसभा में भाजपा के साथ मिलकर चार सीटें लड़ी थी, जिनमें से एक तराजू के चुनाव चिह्न पर था। तराजू के चुनाव चिन्ह पर लड़ने वाला अकाली उम्मीदवार अवतार सिंह हित ही एकमात्र उम्मीदवार था जो सबसे कम वोटों से कांग्रेस से मामूली चुनाव हार गया था।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए डेरा प्रमुख


वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए डेरा प्रमुख


सिरसा( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)-
हत्या के एक मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को अंबाला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लगभग तीन घंटे तक दोनों पक्षों के वकीलों बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई के जज एएस नारंग ने सुनवाई की अगली तारीख 26 सितंबर मुकर्रर की है।

शनिवार को रणजीत सिंह हत्याकांड व साध्वियों के यौन शोषण के मामले में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की अंबाला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेशी थी। लेकिन सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर राम रहीम को अंबाला के बजाए सिरसा न्यायालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी की गई। इसके मद्देनजर न्यायालय परिसर के आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। राम रहीम की पेशी को लेकर उनके समर्थक भी न्यायालय परिसर के पास इकट्ठें होने लगे थे। डेरा प्रमुख करीब साढे़ दस बजे न्यायालय पहुंचे और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अंबाला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने अपनी कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले डेरा प्रमुख के वकीलों ने रणजीत हत्याकांड से जुड़े विभिन्न दस्तावेज की कापी सीबीआई से मांग की। लेकिन सीबीआई के वकील ने जांच से संबंधित कोई भी दस्तावेज देने से इंकार कर दिया। कहा कि जांच संबंधी दस्तावेज देने से जांच प्रभावित होती है। इस मामले पर दोनों पक्षों के बीच काफी बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई के जज एएस नारंग ने सुनवाई की अगली तारीख 26 सितंबर सुनिश्चित की है।

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