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मंगलवार, 26 जुलाई 2011

टेंडर के डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी नहीं हुआ सड़क का निर्माण

डबवाली (यंग फ्लेम)सौ दिन में चले अढ़ाई कोस इस कहावत के मायने समझने हो तो डबवाली उपमंडल के गांव अबूबशहर से गांव मसीतां तक जाने वाले मार्ग पर चले आईये। मसीतां से डबवाली चौटाला रोड़ पर गांव अबूबशहर के पास 11.4 किलोमीटर तक बनने वाली इस सड़क पर टेंडर होने के डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी इसका निर्माण कार्य विभाग तथा ठेकेदार के बीच अधर झूल में है। लोकनिर्माण विभाग सड़क के निर्माण न होने के ठेकेदार को जिम्मेवार बता कर उस पर जुर्माना लगाने की तैयारी कर रहा है जबकि ठेकेदार इसके पीछे विभाग के अधिकारियों को जिम्मेवार बता रहा है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 318.20 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के लिए विभाग द्वारा 27 जनवरी 2010 को हांसी की अनिल कुमार एण्ड कंपनी फर्म को ठेका दिया था विभाग द्वारा तय समय सीमा के अनुसार इस सड़क का निर्माण कार्य 10 जनवरी 2011 को पूरा होना था।
इसके अलावा भी विभाग ने करीब आठ लाख रुपये की लागत से इस सड़क के रख रखाव और मुरम्मत ठेका भी पांच साल के लिए इसी फर्म को दिया था। सड़क का निर्माण न होने पाने के कारण जो भी हो लेकिन इससे गुजरने वाले राहगीर हो दर्द झेल रहे है उसकी दवा कही नहीं है।
मसीतां मार्ग पर र्इंट भ_ा चलाने वाले ओम प्रकाश गोयल बताते हुए इस मार्ग पर रोजी रोटी का साधन होने के कारण उन्हें रोज कई दो से तीन बार मजबूरीवश आना जाना पड़ता है। बार बार गड्ढों में से गुजरने के कारण उनकी कार को कंडम हो ही चुकी है और वो कमर दर्द का रोगी अलग से बन चुके है। जनता की सुविधा के लिए इस सड़क के निर्माण वास्ते सरकार के कोष में पड़ा करोड़ों रुपये किताबों के बोझ को बढ़ा रहे है।
जुर्माने की कार्यवाही जारी- अभियंता
लोक निर्माण विभाग भवन व सड़के के कार्यकारी अभियंता एम.एस. सागवान ने बताया कि सड़क निर्माण की कार्य अवधि पूरी होने के बाद भी सड़क का निर्माण कार्य न होने के कारण उनका टेंडर रद्द करने के साथ साथ लागत मूल्य पर 10 प्रतिशत जुर्माना लगाने की कार्यवाही के लिए विभाग के आला अधिकारियों को लिखा गया है।
अधिकारी जिम्मेवार-ठेकेदार
सड़क के ठेकेदार अनिल कुमार का कहना है कि विभाग द्वारा सड़क के निर्माण के लिए न तो निशानदेही की गई और वन्य प्राणी अभिरक्षण क्षेत्र आने के कारण न ही सड़क के निर्माण की अनुमति विभाग के पास है। उन्होंने बताया कि सड़क पर बोर्ड लगाने के साथ-साथ सड़क पर पुलिया बनाने और जीपीस का स्टोक भी करने के बावजूद उसका भुगतान विभाग ने उन्हें नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा दिये गये नक्शे में जो भूमि सड़क के निर्माण के लिए दिखाई गई है वह किसानों के खेतों के साथ लगती है। इससे पूर्व भी सड़क का एक तरफ ही निर्माण हुआ हुआ है। नक्शे के अनुसार सड़क का निर्माण संभव नहीं है। इस बारे में विभाग कई बार लिखित रूप से दिया जा चुका है।
त्रास्त है जनता-डा. सीता राम
जिला परिषद के अध्यक्ष डा. सीता राम ने कहा कि सरकार जनहित के कार्यों को अनदेखा कर रही है। मसीतां से अबूबशहर तक की महज 11 किलोमीटर सड़क का टेंडऱ होने के बावजूद निर्माण न होना सरकार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली का नमूना है। पूरे प्रदेश में जनता त्राही-त्राही कर रही है बेलगाम अफरशाही के कारण जनता परेशान है किसी भी स्तर पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

यंग फलेम का असर- आखिर सही करवा दिया बिजली का खंभा

डबवाली-रिसालियाखेड़ा-रामगढ़ रोड़ पर बिजली विभाग द्वारा लगाया गया एक बिजली का खंभा पिछले लंबे समय से झुका हुआ था, लेकिन आज तक उस खंभे की तरफ बिजली विभाग के कर्मचारियों की निगाह भी नहीं पड़ी। क्षेत्र केे लोगों के कहने पर लोकप्रिय दैनिक 'यंग फलेम' में 'घटना होने का इंतजार, कौन होगा जिम्मेवार' के शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसका असर बिजली विभाग के कर्मचारियों पर काफी हद तक देखने को मिला तथा कर्मचारियों ने बीते दिनों उक्त खंभे को सही करवा दिया। क्षेत्र के लोगों ने 'यंग फलेम' समाचार पत्र का धन्यावाद करते हुए कहा कि इस खंभे के सड़क किनारे होने की वजह से यहां पर कभी भी कोई बड़ी अनहोनी घटना होने का खतरा बना रहता था। उनके द्वारा तो विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया है, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस खंभे की तरफ ध्यान देना जरूरी नहीं समझा। थक-हार कर उन्होंने 'यंग फलेम' समाचार पत्र का सहारा लिया और उनकी समस्या का सामाधान हो गया।

सिखवाला में बन रहा सरकारी डिग्री कॉलेज

डबवाली (यंग फ्लेम) मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में पंजाब सरकार द्वारा राच्य में उच्च शिक्षा सुविधाओं का समीकरण करने के लिए उच्च तौर प्रयास किये जा रहे हैँ। इसलिए राच्य में 17 वें सरकारी डिग्री कॉलेज स्थापित किये जा रहे हैं।
इसी लड़ी के तहत मलोट उप मण्डल के गांव सिखवाला में राच्य सरकार द्वारा बनाया जा रहा डिग्री कॉलेज आने वाले कुछ दिनों में बनकर तैयार हो जायेगा। इन नये बने रहे कॉलेजों में चालू शैक्षिणक सैशन से ही पढ़ाई शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री पहले ही दे चुके हैं।
इस संबंध में विस्तापूर्वक जानकारी देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त दर्शन सिंह ग्रेवाल ने बताया कि इस कॉलेज के निर्माण पर पंजाब सरकार 10 करोड़ रूपए खर्च कर रही है। इस दो मंजिला शानदार ईमारत बन रही है, जिसकी प्रबंधकी ?लॉक व विज्ञान ?लॉक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि आर्टस ?लॉक व आई.सी.टी ?लॉक कार्य तेजी से जारी है व आने वाले कुछ दिनों कार्य पूर्ण हो जायेगा। इस कॉलेज कवर क्षेत्र (कवर एरिया) 44 हजार वर्ग फुट होगा। यह कॉलेज पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से संबंधित होगा। इस कॉलेज में सभी आधुनिक विषयों की पढ़ाई करवाई जायेगी।
इस अवसर पर निर्माण कार्यों की देखरेख कर रहे बी.एड.आर विभाग के एस.डी.ओ अरमनाथ के अनुसार 15 एकड़ के रकबे में बने रहे इस कॉलेज का निर्माण जल्द पूरा हो जायेगा व ईमारत शिक्षा विभाग को सौंप दी जायेगी।
इस कॉलेज की मलोट से दूरी 23 किलोमीटर व लम्बी से 8 किलोमीटर है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पहले इस क्षेत्र में कोई सरकारी कॉलेज नहीं था। अब सरकार द्वारा इस कॉलेज खोलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा मिल सकेगी व इसकी फीस की कम होगी। यह कॉलेज नारी शिक्षा के लिए वरदान होगा, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में ही कॉलेज होने के कारण अब लोग लड़कियों को भी उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भेज सकेंगे। गांव सिखवाला में बन रहे इस कॉलेज से पड़ौसी जिले फिरोजपुर से लगते विधानसभा हलका बल्लूआना के विद्यार्थियों को भी होगा।

शुक्रवार, 22 जुलाई 2011

रेलगाड़ी के नीचे आकर दो ने दी अपनी जान

डबवाली-कारोबार में घाटा पडऩे पर मानसिक रूप से परेशान एक युवक ने रेलगाड़ी के नीचे आकर अपनी जान दे दी।
मृतक की पहचान पंजाब क्षेत्र के निकटवर्ती गांव सिंघेवाला निवासी सुखराज सिंह 30 पुत्र पुर्ण सिंह के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी अनुसार आज प्रात: स्थानीय डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के प्रधान आर.के. नीना को स्टेशन मास्टर महेश सारीन ने सूचना दी कि पंजाब क्षेत्र के डूमवाली रेलवे फाटक के समीप रेलवे लाईन के बीच एक युवक का कटा हुआ शव पड़ा है। सूचना पाकर संस्था के प्रधान आर.के. नीना व सदस्य कुलवंत सिंह, काला सिंह एम्बूलैंस सहित घटना स्थल पर पहुंचे और इस घटना की जानकारी रेलवे पुलिस चौकी बठिण्डा को दी। जब संस्था के प्रधान आर.के. नीना ने मृतक के शब के पास पड़े विस्टिंग कार्ड को देखा तो उस पर लिखे पते अनुसार सिंघेवाला निवासी बलवीर नामक व्यक्ति से बातचीत कर इस घटना की जानकारी दी तो उक्त युवक गांव के अन्य लोगों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और बलवीर सिंह मृतक की पहचान अपने भाई सुखराज सिंह के रूप में की। मृतक के भाई बलवीर ङ्क्षसह ने बताया उसका भाई बागों के ठेके लिया करता था और इस बार उसने गांव कुत्तयावाली में जामुन के बाग का ठेका लिया हुआ था और पिछले दो दिन घर नहीं आया था। मृतक की पत्नि मनप्रीत कौर उर्फ सुनीता ने बताया कि उसकी छोटी बहन रेखा की 9 जुलाई को शादी थी और वह अपने भाई के गांव तरमाला गई हुई थी और उसका पति मृतक सुखराज भी उसके साथ गया था। वह शादी उपरांत 10 जुलाई को वापिस आ गया था। उसने बताया कि 2 दिन पहले उसके पति का फोन आया था कि उसको इस बार जामुन के ठेके में बहुत घाटा हुआ है और वह घर नहीं आएगा। जब इस घटना की जानकारी मृतक के पार्टनर बलदेव सिंह को लगी तो वह तुरंत बलवंत सिंह के सिंह के साथ घटना स्थल पर पहुंचा तो उन्होंने बताया कि मृतक वीरवार प्रात: अपने फीटर रेहडा में जामुन भरकर सब्जी मण्डी में बेचने आया था और बलवंत सिंह ने बताया कि उसका फीटर रेहडा नर सिंह कॉलोनी के समीप खड़ा है और वह उसे अपने सुसराल जाने के लिए कहकर आया था लेकिन वहां पर उस समय बवाल मच गया जब मृतक के पार्टनर बलदेव सिंह ने शव को देखने के उपरांत शव को सुखराज सिंह का नही होने की बात कही, जब मृतक के परिजन व गांववासी उसकी पहचान सुखराज सिंह के रूप में कर रहे थे। मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस भी असमंजस्य की स्थिति में पड़ गई और शव का पंचनामा करने के उपरांत पोस्ट मार्टम के लिए बठिंडा ले गई।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही थी।
उधर, रेलवे पुलिस बठिंडा को इसी रेलवे लाईन पर एक अन्य युवक का शव बरामद हुआ है। जिसकी अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई थी।
मृतक ने मरते समय हल्के गुलाबी रंग का कुर्ता पैजामा पहना हुआ था और चेहरे पर सफेद काली दाढी बड़ी हुई थी। मृतक के एक पांव में काली जूती व दूसरे पांव में नीले रंग की हवाई चप्पल पहनी हुई थी।
पुलिस द्वारा मृतक की तलाशी दौरान उसकी जेब में रखे काले रंग के पर्स में 190 रूपए की नकदी व नशे में प्रयोग होने वाली गोलियां मिली। रेलवे पुलिस के एएसआई जगदीश चन्द्र ने बताया कि शव की आवश्यक कार्यवाही उपरांत उसे शिनाख्त के लिए बठिंडा राजकीय अस्पताल के शव गृह में रखा गया है।

बिना टिकट यात्रा करने वालों पर किया जुर्माना

डबवाली-गांव बिज्जूवाली के बस स्टैंड पर आज सुबह 8 बजेे हरियाणा रोडवेज की बस में चैंकिग के दौरान स्कूली छात्रों पर परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा जुर्माना लगाया गया। जानकारी अनुसार डबवाली से सिरसा वाया बिज्जूवाली-जीवननगर होकर जाने वाली हरियाणा रोडवेज की बस पर हर रोज स्कूली छात्र बिना टिकट लिए सफर करते हैं, जिसको देखते हुए परिवहन विभाग द्वारा अधिकारियों को भेज कर उन छात्रों पर जुर्माना लगाने का निर्णय लिया गया। परिणाम भी अधिकारियों के सामने आया काफी संख्या में स्कूली छात्र बगैर टिकट लिए सफर कर रहे थे, जिन पर जुर्माना लगाया गया। हरियाणा रोडवेज के बस चालक व परिचालक ने बताया कि हर रोज सैकड़ों छात्र बस में आते जब उनसे टिकट लेने के लिए कहा जाता है तो छात्र उनके साथ गाली-गलौच करने को आ जाते हैं और कभी-कभी तो ये छात्र उनकी बस को बीच रास्ते में रोककर उनके साथ मारपीट तो करते ही है साथ ही बस की भी तोड़-फोड़ कर देते हैं और कई बार तो छात्रों को रोकने के बावजूद भी जबरदस्ती छात्र बस की छत पर बैठ कर यात्रा करते हैं, जिसका नतीजा भुगतना पड़ता बाद में परिवहन विभाग के कर्मचारियों को। उनका कहना है कि ऐसे छात्रों पर परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर चैकिंग करवाकर कानूनी कार्यवाही व जुर्माना लगाना चाहिए ताकि बस चालक व परिचालकों के अलावा सरकार को नुकसान का सामना ना करना पड़े।

दिन दिहाडे सरेआम महिला को तेजधार हथियार से गोदा, मोत

22 जुलाई 2011
- म्रतका के पती ने ही दिया रोन्गटे खडे करने वाली उक्त घटना को अन्जाम
- परिजनो के बयान के बाद ही होगी कार्रवाई - पुलिस
- क्या परिजनो ने बयान ना दिये तो आजाद रहेगा सरेआम हत्या करने वाला दरिन्दा पति?

मलोट (श्री मुक्तसर साहिब)
मलोट के बिरला रोड पर एक व्यक्ती ने अपनी ही पत्नी को दिन दिहाडे सरेबाजार काट डाला। बताया जा रहा है कि अपनी पत्नी की ह्त्या उसने घरेलू कलेश से तन्ग आकर की है।
जानकारी के अनुसार बिरला रोड पर वार्ड नं. 9 मे रहने वाली संतोष रानी लोगों के घरों में कार्य कर घर का खर्च चलाती थी। शुकरवार को जब वह अपने कार्य से वापिस आ रही थी तो बिरला रोड पर पहले ही से तैयार खड़े उसके पति पप्पू ने उस पर छुरे से हमला बोल दिया तथा अन्धाधुन्द वार किये जिससे वह गंभीर रूप में घायल हो गई। यही कुछ ही क्षणो मे तडफ़ती हुई महिला ने घटना स्थल पर ही दम तोड दिया। तीन बच्चो की मा मृतका के दो बच्चे शादीशुदा है। इस संबंध में मृतका के लड़के ने बताया कि उसका पिता मानसिक तौर पर परेशान रहता था व घर में लड़ाइर झगड़ा करता था, जबकि दूसरी ओर महिला के पति पप्पू का कहना है कि उसकी पत्नी उससे मारपीट करती थी। आज भी दोनों में हाथापाई दौरान यह घटना हुई। मामले की जांच कर रहे त्रिलोकचंद ने बताया कि मृतका संतोष रानी का शव अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मृतका के परिवार द्वारा बयान लिखवाने पर ही कार्यवाही की जायेगी लेकिन क्या सरेआम हत्या करने वाले उक्त व्यक्ती के खिलाफ़ परिवार के लोगो ने बयान ना दिया तो क्या उस पर कार्रवाई नही होगी?

गुरुवार, 21 जुलाई 2011

सीवरेज पम्पिग सिस्टम के विरोद्ध में आंदोलन तेज

डबवाली (यंग फ्लेम)शहर के साथ लगती पंजाब क्षेत्र की किलियांवाली मंडी नरसिंह कॉलोनी में पंजाब सरकार द्वारा लगाए जा रहे सीवरेज पम्पिग सिस्टम के विरोध में बुधवार को कॉलोनी वासी अपना आंदोलन तेज करते हुए सड़कों पर उतर आए और पंजाब की बादल सरकार के विरोद्ध में जमकर नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। सीवरेज पम्पिग सिस्टम विरोद्ध एकशन कमेटी नरसिंह कॉलोनी के इस आंदोलन में टैकनिश्यन सर्व यूनीयन, भारतीय किसान यूनीयन, सीपीआई पंजाब किसान सभा, खेत मजदूर यूनीयन के नेता भी उनके समर्थन में गए है। प्रदर्शनकारी सुंदर पाल सिंह, सुखदर्शन सिंह प्रधान टीएसयू, गुरपाश सिंह सरपंच, बीकेयू एवं सीपीआई के रमेश कुमार मंगला, खेत मजदूर यूनीयन के नानक चंद, सुखा सिंह, किसान सभा से चरणजीत सिंह बनवाला ने बताया कि नरसिंह कॉलोनी में करीब एक हजार से ऊपर आबादी है और सरकार द्वारा उस पम्पिग सिस्टम को इस आबादी क्षेत्र में लगाया जा रहा है। जोकि ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी वासी इस पम्पिग सिस्टम के विरोद्ध में पिछले कई दिनों से धरने पर बैठे हुए है लेकिन विभाग पंजाब सरकार के कानों पर जूं तक नहीं सरकी। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि इस पम्पिग सिस्टम को कॉलेनी से हटाकर किसी ओर जगह लगाया जाए। उन्होंने पंजाब सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर पंजाब सरकार द्वारा उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता है तो वह अपना आंदोलन और तेज कर देंगे। इस अवसर पर रिछपाल सिंह, मिटंू सिंह, सुरजीत सिंह, बिंदर कौर, जसविंद्र कौर, बलबीर कौर, किरना देवी, बलजीत कौर अन्य महिलाएं भी भारी संख्या में उपस्थित थी।

भारत गैस एजेंसी के करिंदे ने किया उपभोक्ता से दुव्र्यवहार

डबवाली -क्षेत्र की किलियांवाली मंडी में स्थित कशमीर गैस एजेंसी कभी गैस वितरण तो कभी कापी ट्रांसफर मामले में हमेशा सुर्खियों में रही है। इसी कड़ी में आज कापी ट्रांसफर के लिए गए एक उपभोक्ता से कशमीर गैस एजेंसी के करिंदे ने गाली-गलौच की और हाथापाई पर उतर आया।
गैस उपभाक्ता रमेश कुमार सचदेवा कशमीर गैस एजेंसी के किलियांवाली स्थित कार्यालय में अपनी कापी ट्रांसफर करवाने के लिए प्रात: 10 बजे ही जाकर लाईन में खड़े हो गए। जब लाईन में खेड़े होकर वह अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे तो इसी बीच कापी ट्रांसफर काऊंटर पर बैठा गैस एजेंसी का करिंदा अपने चहेतो की कापियां बिना लाईन के ही पकड़ रहा था। जब रमेश सचदेवा ने इसका एतराज किया तो उक्त करिंदा संदीप गाली-गलौच पर उतर आया और जब श्री सचदेवा ने इसकी शिकायत गैस एजेंसी संचालक कशमीर सिंह से की तो उन्होंने करिंदे को कुछ कहने की बजाए उसका पक्ष लेना शुरू कर दिया और उन्हें बिना कापी ट्रांसफर के ही वापिस भेज दिया।
इस पर भारत गैस के उपभोक्ता रमेश सचदेवा ने भारत गैस के उच्चाधिकारियों को भारत गैस एजेंसी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी है। जिसका शिकयत नं. 3561377 व 138026 है।
इस बारे में जब एजेंसी संचालक कशमीर सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऊपर से आदेश मिला है कि कापी ट्रांसफर का कार्य प्र्रात: 10 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक का है। उन्होंने बताया कि एजेंसी के किसी करिंदे ने उपभोक्ता से गलत व्यवहार किया है तो उसकी जांच करेंगे।

खस्ता हाल सड़क बन रही है हादसों का कारण

डबवाली-मानसून के दस्तक देते ही डबवाली की मुख्य सड़के बदहाल हो चुकी है। अधिकांश को की खस्ता हालत उनके निर्माण में प्रयोग की गई निम्र स्तर की सामग्री की पोल तो खोल ही रही है। वहीं लोक निर्माण विभाग भवन सड़के और नगर पालिका के अधिकारियों की लालफीताशाही को भी जागर कर रही है। गोल चौंक से लघु सचिवालय तक चौटाला रोड़ पिछले एक वर्ष से इतनी खस्ता हालत में है कि यहां पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी किसी घुड़सवारी से कमतर नहीं है। खस्ता हालत सड़क के कारण आये दिन इस मार्ग पर सड़क हादसे हो रहे है। सरकारी अस्पताल, बस स्टैंड, तीन निजी स्कूल और कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यालय इस मार्ग पर स्थित होने के कारण इस सड़क पर वाहनों का बोझ भी ज्यादा रहता है लेकिन बरसात के बाद इस रोड़ पर बने सात साठ चौड़े और एक फुट तक गहरे गढ्ढे लोक निर्माण विभाग भवन सड़के के अधिकारियों की अकर्मण्यता की सचाई को उजागर कर रहे है। वहीं शहर की कालोनी रोड़ सब्जी मंडी, परशुराम सड़क भी कई स्थानों पर टूट चुकी है। जिसकी मुरम्मत की आवश्यकता है।

10 हजार की आबादी वाले गांव मे नहीं है सिलाई सेंटर

डबवाली-उपमंडल के गांव जंडवाला बिश्नोईयां में आंगनवाड़ी भी है और स्कूल के साथ-साथ औषधालय भी है लेकिन अगर किसी सुविधा की शिद्दत से जरूरत महसूस की जा रही है तो गांव में लड़कियों को दक्ष बनाने के लिए सिलाई कढ़ाई सेंटर की। दस हजार की आबादी वाले इस गांव में 20 वर्षों से सिलाई कढ़ाई सेंटर नहीं खोला गया है। गांव में सिलाई कढ़ाई सिखाने के लिए प्रशिक्षिकाऐं भी मौजूद है तो सेंटर चलाने के लिए कमरा भी पंचायत के पास है।
गांव की संतोष देवी, पूनम देवी और कांता देवी कहती है कि लड़कियों को स्वाबलंबी बनने के लिए कटाई सिलाई आनी आवश्यक है ताकि घरेलू काम काज के अलावा जरूरत पढऩे पर उसे अपने रोजगार के तौर पर भी अपना सके। लेकिन पिछले 20 वर्षों से गांव में लड़कियों को इसका प्रशिक्षण देने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस समय गांव में सिलाई कटाई का प्रशिक्षण लेने की इच्छा रखने वाली लड़कियों की संख्या सैकड़ों में है। जिसमें दो दर्जन से भी ज्यादा बीपीएल परिवारों से संबंधित है। लेकिन सरकारी स्तर पर उन्हें प्रशिक्षण देने का कोई प्रबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि गांव में कलावती देवी सिलाई का और ममता रानी कढ़ाई का प्रशिक्षण देने के लिए तैयार है लेकिन इसके लिए साजो सामान के साथ सरकारी सहायता की आवश्यकता है।
गांव के सरपंच मि_ू सिंह ने बताया कि लड़कियों को पैरों पर खड़ा करने के लिए शिक्षा की आवश्यकता है इसके साथ ही सिलाई कढ़ाई का इसमें अहम योगदान हो सकता है। उन्होंने बताया कि गांव में सेंटर खोलने के लिए जिला उपायुक्त को आग्रह किया जा चुका है लेकिन अभी तक गांव में सिलाई सेंटर खोलने पर कोई योजना की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है।

गुरुवार, 7 जुलाई 2011

सामान के प्रदर्शन की होड़ कहीं खाक ना कर दे पूरा बाजार

डबवाली(यंग फ्लेम) शहर के मुख्य बाजारों में अपने सामान को दुकानों के बाहर रख ग्राहकों को लुभाने की कई वर्षों से चली आ रही प्रवृत्ति किसी न किसी दिन पूरे बाजार को खाक में मिला देगी और ऐसा तब होगा जब किसी दिन बाजार में भयंकर आग लगेगी, लेकिन उसे बुझाने के लिए दमकल की गाडिय़ों को वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता ही नहीं मिल पाएगा। हालांकि पहले भी आगजनी के अनेक हादसे हो चुके हैं और उस समय भी दमकल की गाडिय़ों को अतिक्रमण अथवा वाहनों के जमघट के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में अत्याधिक मशक्कत करनी पड़ी थी। उनके देरी से पहुंचने के कारण छोटी सी चिंगारी भयंकर आग में तब्दील हो सकती है। दुकानदारों का सैकड़ों रुपयों का होने वाला नुकसान हजारों-लाखों तक पहुंच सकता है और ठीकरा फोड़ दिया जाएगा दमकल कर्मचारियों पर देरी से आने का, जबकि कुसूर उनका नहीं बल्कि अतिक्रमण करने वालों का होगा। शहर के मीना बाजार जहां की छोटी-छोटी गलियों से कार तो क्या दुपहिया वाहन जाने के लिए भी रास्ता नहीं मिलता। ऐसे में वहां स्थित ऊन, कपड़ों, आदि की दुकानों में आग लग जाए तो उसकी भयावता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसी प्रकार मेन बाजार,सब्जी मंडी, श्री राम मार्केट, कॉलोनी रोड, बस स्टेंड रोड में भी अतिक्रमण का बोलबाला है तो वहीं यहां पर दिनभर वाहनों का आवागमन बना रहता है और लगभग जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। हालांकि नगरपालिका व पुलिस अधिकारी समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हैं, लेकिन दुकानदारों द्वारा अपनी नासमझी व दूरदर्शिता के अभाव में उनका विरोध किया जाने लगता है। सभी मुख्य बाजारों में लगभग सभी दुकानदारों द्वारा अपना सामान बाहर बने फुटपाथ पर रखा जा रहा है। इतना ही नहीं कुछ दुकानदार तो अपना सामान सड़क पर बनी पीली पट्टियों तक रख सड़क मार्ग अवरुद्ध करते हैं तो वहीं बाजारों में कार, जीप, बाइक आदि वाहन लेकर आने वाले ग्राहक अथवा दुकानदारों इन वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करते हैं, जिससे अन्य वाहन को वहां से निकलने के लिए मार्ग ही नहीं मिल पाता और ऐसे में वहां जाम तक लग जाता है। ऐसे में भरे बाजार किसी दुकान में आग लग गई तो न केवल वह दुकान बल्कि साथ लगती अन्य दुकानें भी आगे में स्वाहा होने में देर नहीं लगेगी।
इस बारे में जब एसडीएम मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शहर में हो रहे अतिक्रमण को देखते हुए किसी अनहोनी घटना को रोकने के लिए प्रशासन की और से सख्ती से अतिक्रमण हटाओं अभियान चलाया जाएगा। दुकानदारों द्वारा बाहर रखे गए सामान को जब्त किया जाएगा। उन्होंने कहा इस अभियान को सफलता पूवर्क चलाने के लिए सप्ताह में एक विशेष दिन दिया जाएगा जिसमें स्वयं एसडीएम साहब व नगरपालिका अधिकारी अतिक्रमणकारियों पर नकेल कसेंगे।

फीका रहा इनेलो का व्यापारी सम्मेलन,बहुप्रचारित कार्यक्रम से व्यापारी तबका नदारद

डबवाली (यंग फ्लेम) व्यापारी सम्मेलन की लाज इनेलो कैडर ने कुछ हद तक रख दी हालांकि व्यापारी तबका कार्यक्रम से पूरी तरह से नदारद था। बहुप्रचारित इस कार्यक्रम के लिए शहर में दो हजार के करीब निमंत्रण पत्र बांटे गए थे बावजूद इसके शहर का व्यापारी वर्ग कार्यक्रम में नहीं आया। आयोजकों को शायद यह अहसास था कि शहर का व्यापारी वर्ग उनके कहने से कार्यक्रम में आने वाला नहीं है इसलिए छोटी सी जगह का चयन किया गया व केवल 162 कुर्सियां ही लगाई गई। उन पर भी अधिकांश वे इनेलो कार्यकर्ता बैठे थे जिनका व्यापारी गतिविधियों से कोई लेना -देना नहीं है। रही-सही कसर प्रतिभोज के अवसर पर पूरी हो गई। यहां तक की पत्रकारों व इनेलो के वरिष्ठ कहे जाने वाले नेतागणों को भी केवल दाल-सब्जी पर ही गुजारा करना पड़ा। इस घटनाक्रम की आज शहर में खुब चर्चा रही तथा इनेलो के उन पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह भी लग गया जो इस सममेलन की जोरदार सफलता के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे तथा इनेलो की छवी इस घटनाक्रम से कुल मिलाकर धूमिल ही हुई है।

26 हजार का कर्ज लेकर पैछा होगा एक बच्चा-चौटाला
डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा सरकार 52 हजार करोड़ रूपए की कर्जदार है अब जो भी बच्चा पैदा होगा वह अपने ऊपर 26 हजार रूपए तक का कर्ज का बोझ लेकर इस दुनिया में आएगा यह बात इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने स्थानीय वैष्णो माता मंदिर में व्यापारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश की भोली-भाली जनता को झूठे वायदों से बरगलाकर सत्ता हासिल कि है अब प्रदेश की जनता जागरूक हो चुकी है और आने वाले विधान सभा चुनावों में कांग्रेस को घर का रास्ता दिखा देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। हर तरफ चोरी-चकारी, लूटपाट, नशाखोरी, जैसी घटनाएं आम बात हो चुकी है। श्री चौटाला ने बाबा रामदेव के लिए बोलते हुए कहा कि अगर बाबा रामदेव इतने बूरे थे तो केंद्र सरकार के मंत्री उनसे मिलने एयरपोर्ट पर क्यों गए और उनसे बातचीत क्यों की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार देश में भ्रष्टाचार खत्म कर व काला धन वापिस लाने की मांग करने वाले अन्ना हजारे व बाबा रामदेव की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अपने संबोधन में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि आज प्रदेश में व्यापार पूरी तरह से ठप हो कर रह गया है एक और जहां कानून व्यवस्था की बेहद खराब स्थिति है वहीं गलत नीतियों के चलते खजाना खाली हो चुका है तथा रोज-रोज नए टैक्स थौप कर व्यापारी वर्ग के लिए जीना दूभर करके रख दिया है। व्यापार से संबंधित किसी भी प्रकार की रियात वर्तमान कांग्रेस सरकार नहीं दे पाई है दूसरी और महंगाई बेलगाम होती जा रही है पैट्रोलियम पदार्थों के दाम बार-बार बढ़ाये जा रहे है। श्री चौटाला ने इनेलो सरकार बनने पर फार्म-38 समाप्त करने व एक लाख रूपए तक कर्ज माफ करने की घोषणा भी की। श्री चौटाला प्रदेश भर में व्यापारी सम्मेलन करके व्यपारी वर्ग की समस्याओं से रूबरू हो रहे है। इस कड़ी में यह उनका 18वां सम्मेलन था। प्रदेश की राजनीति के बारे बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिसार संसदीय उपचुनाव में इनेलो कि जीत यकीनी है तथा इस नतीजे के बाद प्रदेश की राजनीति में भगदड़ मच जाएगी व हरियाणा प्रदेश में इनेलो की सरकार बनेगी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं इनेलो व्यापार सैल प्रभारी सुभाष गोयल, जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. सीताराम, इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन, इनेलो व्यापार सैल प्रभारी रमेश मेहता, राधेराम गोदारा व महावीर सहारण, आरएसस चौधरी, डॉ. गिरधारी लाल गर्ग, केके सेठी, रणवीर सिंह राणा व अन्य इनेलो नेताओं ने सम्मेलन को सम्बोधित किया।

पटरी से उतर रही है शहर की यातायात व्यवस्था

डबवाली(यंग फ्लेम)शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने की बजाय पटरी से उतरती जा रही है। दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों के आगे 10 से 15 फीट तक कब्जा जमाए हुए हैं जिस कारण चौड़ी-चौड़ी सड़कें भी संकरी लगने लगी हैं। लगभग शहर के सभी बाजारों में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। बाजारों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए समय-समय पर नगरपालिका व पुलिस द्वारा 'औपचारिकताÓ निभाई जाती है मगर दुकानदारों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें किसी की परवाह नहीं है। शहर का सब्जी मंडी मार्ग 40 से 60 फीट तक चौड़ी हैं जहां से एक साथ चार गाडिय़ां निकल सकती है मगर अतिक्रमण की मेहरबानी से चौपहिया गाड़ी तो दूर, बाइक निकालने में भी पसीने आ जाते हैं। दुकानदार खुद तो सड़क पर सामान रखते ही है, साथ ही दुकानों के आगे सब्जी व फल बेचने वाली रेहडिय़ों को भी सड़क पर लगाने की छूट दे देते हैं जिससे समस्या विकराल हो रही है। हालांकि कुछ दुकानदार रेहड़ी वालों का विरोध करते हैं मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। कुछ समय पहले नगरपालिका ने बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया था। पुलिस भी अभियान में शामिल हुई थी मगर यह अभियान सफल होने से पहले ही दम तोड़ गया। नगरपालिका के अधिकारियों ने रेहड़ी वालों को तो डराया-धमकाया मगर दुकानदारों का जो सामान सड़क पर रखा हुआ था, उन्हें कुछ नहीं कहा। ऐसे में कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। अब आलम यह है कि सभी बाजारों में दुकानदारों ने दुकान की बजाय सड़क पर सामान रखा हुआ है जिस कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बेखबर है पुलिस
कॉलोनी रोड, बस स्टैंड रोड के अलावा अन्य बाजारों में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पीली लाइन लगाई गई थी। शुरूआत में उस पर अमल भी हुआ था मगर लंबे समय से पुलिस पीली लाइन का पालन कराने के प्रति उदासीन हो गई है। अब तो पीली लाइन का वजूद ही खत्म हो गया है। पुलिस बाजार में स्ििात फाटक पर खड़ी रहकर बाइक सवारों का तो चालान कर देती है मगर बाजारों में सड़क के बीच खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने का समय नहीं निकाल पाती। अच्छा यह रहेगा कि पुलिस बाइक चालकों का चालान करने में जो सक्रियता दिखाती है, वह बाजार में यातयात सुधारने में लगाए। पुलिस ने कुछ कॉलोनी रोड पर वन वे का नियम लागू किया था मगर वह भी पूरा नहीं हुआ।

पटरी से उतर रही है शहर की यातायात व्यवस्था

डबवाली(यंग फ्लेम)शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने की बजाय पटरी से उतरती जा रही है। दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों के आगे 10 से 15 फीट तक कब्जा जमाए हुए हैं जिस कारण चौड़ी-चौड़ी सड़कें भी संकरी लगने लगी हैं। लगभग शहर के सभी बाजारों में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। बाजारों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए समय-समय पर नगरपालिका व पुलिस द्वारा 'औपचारिकताÓ निभाई जाती है मगर दुकानदारों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें किसी की परवाह नहीं है। शहर का सब्जी मंडी मार्ग 40 से 60 फीट तक चौड़ी हैं जहां से एक साथ चार गाडिय़ां निकल सकती है मगर अतिक्रमण की मेहरबानी से चौपहिया गाड़ी तो दूर, बाइक निकालने में भी पसीने आ जाते हैं। दुकानदार खुद तो सड़क पर सामान रखते ही है, साथ ही दुकानों के आगे सब्जी व फल बेचने वाली रेहडिय़ों को भी सड़क पर लगाने की छूट दे देते हैं जिससे समस्या विकराल हो रही है। हालांकि कुछ दुकानदार रेहड़ी वालों का विरोध करते हैं मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। कुछ समय पहले नगरपालिका ने बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया था। पुलिस भी अभियान में शामिल हुई थी मगर यह अभियान सफल होने से पहले ही दम तोड़ गया। नगरपालिका के अधिकारियों ने रेहड़ी वालों को तो डराया-धमकाया मगर दुकानदारों का जो सामान सड़क पर रखा हुआ था, उन्हें कुछ नहीं कहा। ऐसे में कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। अब आलम यह है कि सभी बाजारों में दुकानदारों ने दुकान की बजाय सड़क पर सामान रखा हुआ है जिस कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बेखबर है पुलिस
कॉलोनी रोड, बस स्टैंड रोड के अलावा अन्य बाजारों में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पीली लाइन लगाई गई थी। शुरूआत में उस पर अमल भी हुआ था मगर लंबे समय से पुलिस पीली लाइन का पालन कराने के प्रति उदासीन हो गई है। अब तो पीली लाइन का वजूद ही खत्म हो गया है। पुलिस बाजार में स्ििात फाटक पर खड़ी रहकर बाइक सवारों का तो चालान कर देती है मगर बाजारों में सड़क के बीच खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने का समय नहीं निकाल पाती। अच्छा यह रहेगा कि पुलिस बाइक चालकों का चालान करने में जो सक्रियता दिखाती है, वह बाजार में यातयात सुधारने में लगाए। पुलिस ने कुछ कॉलोनी रोड पर वन वे का नियम लागू किया था मगर वह भी पूरा नहीं हुआ।

खबरदार गांव में नहीं कोई भी पहरेदार

डबवाली (यंग फ्लेम) क्षेत्र में बढ़ रहे चोरी व अपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए बीते कई माह पूर्व उपायुक्त महोदय के आदेशानुसार चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने गांवों के सरपंचों को अपने-अपने गांवों में ठीकरी पहरा लगाने के आदेश दिए थेे, ताकि क्षेत्र में होने वाली चोरी सहित अनेक घटनाओं पर शिकंजा कसा जा सके। लेकिन पिछले कुछ दिनों से गांव बिज्जूवाली में ठीकरी पहरा लगना बंद हो चुका है, जिसके कारण गांव मेें कोई अनहोनी घटना होने का खतरा बना हुआ है?
बिज्जूवाली बस स्टैंड के दुकानदारों का कहना है कि गांव में पहरेदारों द्वारा अपनी ड्यूटी को सही ढंग से न निभाने के चलते गांव में पहरा बंद करवा दिया गया है। जानकारी के अनुसार बिज्जूवाली बस स्टैंड पर स्थित दुकानदारों की तरफ से हर रोज तीन दुकानदारों की पहरे की बारी होती है, लेकिन इनमें से कुछ दुकानदार पहरा लगाने की के लिए आनाकानी करते हैं, जिस कारण जो दुकानदार सही ढंग से अपनी पहरे की ड्यूटी निभाते थे, उन्होंने भी पहरा लगाना बंद कर दिया है। सुत्रों के अनुसार ठीकरी पहरा इसलिए लगवाया जाता है, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व के लोग अप्रिय वारदात ना कर सके। अब इस तरह से गांवों में ठीकरी पहरा ना लगने से असामाजिक तत्वों को चोरी व अपराधिक जैसी वारदाताओं को अंजाम देने का मौका मिल जाता है। उसी के मध्यनजर जिला प्रशासन द्वारा गांवों में ठीकरी पहरा लगवाया जाता है। ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था व शांति बनी रहे और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। ग्रामिणों ने बताया कि क्षेत्र में आए दिन चोरी जैसी घटनाएं हो रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन इन पर कार्यवाही करने की वजाए हाथ पे हाथ धरे बैठा है। बिज्जूवाली के ग्रामिणों पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में पहरा शुरू करवाया जाए ताकि गांव में शांतिप्रिय माहौल बना रहे।
सरपंंच राजाराम बिरट से बात की तो उन्होंने बताया कि किसी कारणबंश गांव में पहरा बंद करवा दिया गया है, लेकिन जल्द ही पहरेदारों से मिल कर पहरा दोबारा शुरू करवाया जाएगा।
जब सदर थाना डबवाली के प्रभारी रतन सिंह सेे बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे इस बारे में गोरीवाला पुलिस को आदेश देंगे की जल्द ही गांव बिज्जूवाली में रात के पहरे को फिर से शुरू करवाया जाए। गोरीवााला पुलिस चौकी के प्रभारी से बात की गर्ई तो उन्होंने कहा कि सरपंच को कह कर समस्या का हल करवाया जाएगा।

रविवार, 3 जुलाई 2011

कर्मसिंह हत्याकांड: तीन दिन से नरेंद्र का सुराग नहीं

नई दिल्ली (अनिल लाम्बा) :पहले करनाल के कंबोपुरा गांव के पूर्व सरपंच कर्म सिंह की हत्या के बाद उसके ममेरे भाई वैसर निवासी चमेल सिंह की हत्या और अब चमेल सिंह के भतीजे नरेंद्र के लापता होने से गांव में सनसनी फैल गई है। तीन दिन से लापता नरेंद्र का अभी तक कोई सुराग नहीं है। नरेंद्र की मां भगवानी देवी ने मतलौडा पुलिस थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है। बताया जाता है कि नरेंद्र पुत्र जयभगवान मतलौडा बस अड्डे पर किराने की दुकान चलाता है। गुरुवार को वह दोपहर करीब 12 बजे किसी काम से सेंट्रल बैंक मतलौडा गया था, लेकिन शाम तक जब वह वहां से वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसके बाद उन्होंने मतलौडा पुलिस थाने में नरेंद्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मतलौडा थाना प्रभारी विरेंद्र दलाल का कहना है कि पुलिस नरेंद्र की तलाश में जुटी हुई है।

जंतर-मंतर पर गूंजा मामला

नई दिल्ली (अनिल लाम्बा) : हरियाणा में एक कैबिनेट मंत्री व एक सीपीएस के पद मुक्त होने का कारण बना बहुचर्चित कर्मसिंह हत्याकांड शनिवार को दिल्ली में भी गूंजा। प्रदेश के सैन समाज के अध्यक्ष राजीव सैन की अगुवाई में इस समाज के लोगों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया। धरने के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पूर्व परिवहन मंत्री ओपी जैन व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा की गिरफ्तारी, सीबीआई जांच व अब तक की जांच के तथ्य सार्वजनिक किए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद लोगों ने स्थानीय पुलिस के जरिए राष्ट्रपति, पीएम, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज व मानवाधिकार आयोग के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव एवं विधायक अजय सिंह चौटाला के अलावा पार्टी के दो अन्य विधायक नरेंद्र सांगवान, तेलू राम जोगी एवं पूर्व विधायक रोशनलाल आर्य ने भी धरने में शिरकत की। अजय चौटाला ने आरोप लगाया कि पूर्व सरपंच कर्मसिंह की हत्या के मामले में ओपी जैन व जिलेराम शर्मा के खिलाफ सबूत होते हुए भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। इससे न केवल चौपट कानून- व्यवस्था की पोल खुल गई है बल्कि यह बात भी साबित हो गई है कि प्रदेश में सरकारी नौकरियां सरेआम नीलाम हो रही हैं।

बुधवार, 29 जून 2011

बैंक में हुआ हंगामा

डबवाली (यंग फ्लेम) स्थानीय जीटी रोड पर स्थित यूको बैंक में उस समय बवाल मच गया जब बैंक का दफतरी व सफाई कर्मचारी आपस में भिड़ पड़े। दोनों कर्मचारियों में जमकर लात-घूसे चले। तभी बैंक के अन्य कर्मचारियों ने दोनेां को छुड़वाया। प्राप्त जानकारी अनुसार यूको बैंक के दफतरी स्वर्ण सिंह बठिंडा निवासी ने बताया कि वह बैंक में बने एक कमरे अपने कार्य में व्यस्त था तो उसके कमरे में सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश आया और बिना बात के गाली-गलौच करने लगा। जब उसने इसका एतराज किया तो सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश ने मारपीट शुरू कर दी। उधर, सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश ने बताया कि वह बैंक में सफाई कर रहा था कि मेज पर कुछ कागज गिरे पड़े थे जब उसने दफतरी बाबू स्वर्ण सिंह से पूछा तो उसने उससे बिना बात के गाली-गलौक कियाऔर उससे मारपीट की बैंक अधिकारी ने दोनों को समझा कर मामला शांत करवा दिया।

इंसानियत खो गई है.....

डबवाली (यंग फ्लेम) लगता है इंसानों के बीच इंसानियत खो गई है। एक साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले खुद ही जीवनसाथी की जिंदगी छीन रहे हैं। पोता-पोती की एक किलकारी सुनने को बेताब रहने वाली दादी अपने हाथों से नन्हीं सी जान को तंदूर में डाल रही है। पिछले कुछ दिनों से सिरसा जिले सहित प्रदेश में हो रही ऐसी घटनाओं ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। बीते दिनों गांव डबवाली में अपने ससुराल आए युवक को उसकी जीवन संगिनी ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर खाई कसमों की कोई लाज नहीं रखी वहीं दूसरी और डबवाली शहर के प्रेम नगर में भी ऐ युवक का शव बरामद होने पर युवक के परिजनों ने उसकी पत्नी व ससुरालपक्ष के लोगों पर कुछ गंभीर आरोप लगाए। ऐसे ही वाक्य 20 जून को रानियां हलके के बाजीगर थेहड़ में दादी ने ही अपनी सात माह की पोती पूजा के साथ ऐसा किया कि इंसानियत भी शर्मसार हो गई। पहले उसके गले में प्याज ठूंसकर उसकी सांसें बंद की और बाद में घर के तंदूर में डाल दिया। यह घटना किसी का भी दिल दहला सकती है। अपने सुहाग के लिए यमराज से भी पति को जिंदा लाने की कहानियां हम सब ने सुनी हैं मगर जिला सिरसा के गांव मीरपुर कॉलोनी में एक महिला ने अपने ही हाथों से खुद का सुहाग उजाड़ दिया। उसने एक पल के लिए भी नहीं सोचा की पति के बिना वह अपनी जिंदगी कैसे गुजारेगी। 25 जून की रात भी सिरसा शहर के रानियां रोड क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी उस पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी जो उसकी लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती थी। ऐलनाबाद में दादी-पोती हत्याकांड भी समाज के माथे पर किसी कलंक से कम नहीं है। महज कुछ लाख रुपयों के लालच में अंधे व्यक्ति ने वृद्धा व उसकी मासूम पोती को बेरहमी से काट डाला। रोहतक में वहशी दरिंदों ने तीन छात्राओं पर तेजाब डालकर साबित कर दिया है कि अब इंसान के अंदर नफरत के सिवाय कुछ नहीं बचा है। गुडग़ांव में बीच बाजार एक हमलावर को जिंदा जला दिया और वहां मौजूद भीड़ उसकी जान बचाने की बजाय तमाशबीन बनी रही। हो सकता है कि उसका अपराध क्षमा योग्य न हो, मगर जो कुछ उसके साथ हुआ, वह भी किसी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। कानून को अपने हाथ में लेना कानून का मजाक है। नाबालिग छात्राओं के साथ बलात्कार की घटनाएं भी आम हो गई हैं। घर से बाहर निकलने से पहले छात्राएं व महिलाएं दो बार सोचती हैं कि वे सुरक्षित घर लौटेंगी या नहीं। यह सब उस समाज में हो रहा है जहां महिला को 'ममताÓ व लड़की को 'दुर्गाÓ का रूप समझा जाता है। अब ऐसा क्या हो गया है कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने से पहले व्यक्ति कुछ सोचता नहीं। इस समय इस तरह की जो घटनाएं हो रही हैं वे एक सभ्य समाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इस पर समाज के सभी लोगों को बैठकर मंथन करना होगा वरना वह दिन दूर नहीं जब हम फिर से उस आदम युग में चले जाएंगे जहां इंसान के जीवन की कोई कीमत नहीं होती थी।

कन्या भू्रणहत्या के खिलाफ होगा जन जागरण अभियान

डबवाली (यंग फ्लेम) अंर्तराष्ट्रीय लायंस संगठन 321- 3 ने बीते दिवस हिसार के मिड-टाऊन ग्रैंड पैलेस में सम्पन्न प्रांंतीय प्रशिक्षण शिविर में 2011 की जनगणना के आंकड़ो पर चिंता जताते हुये लायनिस्टिक वर्ष 2011-12 में हरियाणा और दिल्ली में कन्या भ्रूण-हत्या के खिलाफ जागरूक्ता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी देते हुए पीआरओ भारत वधवा ने बताया कि प्रान्तपाल के. एल. खट्टर ने इस अभियान को प्रभावशाली ढंग से चलाने की जिम्मेवारी लायंस संगठन के प्रांतीय सचिव सतीश जग्गा को सौंपी है। श्री जग्गा वर्ष 2005-06 में भी सिरसा जिले में इस अभियान का नेतृत्व कर चुके हैं तथा लम्बे समय से इस क्षेत्र में कार्य कर रहें हैं। इस अभियान को सुनियोजित ढंग से चलाने के प्रान्त 321- 3 में 20 से भी ज्यादा क्षेत्रीय प्रभारी, संभाग संयोजक एंव प्रक्लप अधिकारी नियुक्त किये जा रहे हैं। श्री जग्गा ने कहा कि सामाजिक एंव प्रशासनिक संस्थाओं द्वारा इस क्षेत्र में काफी कार्य किये जाने के बावजूद भी नयी जनगणना साफ इशारा करती है कि अभी और जागरूक्ता की जरूरत है, जमीनी स्तर पर गांव-गांव जाकर अलख जगाने के साथ-साथ, उन कारणों का पता लगााकर निवारण करना जरूरी है जिनके चलते लोग जन्म लेने पहले ही अपनी बेटी को मार देने का फैसला लेते हैं। श्री जग्गा ने कहा कि 2011 की जनगणना के मुताबिक हरियाणा में 0 से 6 वर्ष की आयु में 1000 लड़कों के मुकाबले 830 लड़कियां , वंही सिरसा जिला में 852, तथा झझर, सोनीपत और महेन्द्रगढ़ में 800 से भी कम हैं वहीं अम्बाला, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, करनाल, कैथल तथा रोहतक में 800 से 825 के बीच है तो फरदीबाद, गुडग़ांव, पंचकुला, पानीपत, जीन्द, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी में लिंग अनुपात 825 से 850 के बीच हैै, पलवल में 862 और मेवात में सबसे ज्यादा में 903 तथा झझर में सबसे कम 774 है। श्री जग्गा ने कहा कि जहां 2001 के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 6 वर्ष से कम आयु में लिंग अनुपात 819 था वो सामुहिक सामाजिक और प्रशासनिक प्रयासों के चलते 2011 में 830 पहुंच गया है, परन्तु अभी भी स्थीती विस्फोटक है और सभी संस्थाऔं और बुद्धिजिवीयों को आगे बढ़कर इस सघन अभियान में अपना योगदान देना चाहिये।

पशु मेला ग्राऊंड पर लटका ताला, व्यापारी असमंजस में

डबवाली (यंग फ्लेम)उत्तर भारत मे अपनी अलग पहचान बना चुका किलियांवाली का पशू मेला किसी न किसी कारण अक्सर ही र्सुिखयो बना रहता है यहां की प्रसिद्ध पशू मण्डी उस समय सुर्खियों मे आई जब कुछ वर्ष पूर्व डबवाली मे गौ हत्या काण्ड का प्रदा फाश हुआ जिसके तार सीधे ही इस पशु मण्डी से जुड़े पाए गए क्यू कि इसी मेले से गौ तस्कर अपने दरिंदगी भरे कार्य को बे खोफ अंजाम देते रहे। गांव डबवाली के गौ हत्या काण्ड सामने आने से लोगों मे खलबली मच गई व चारो और विरोध प्रदर्शन होने से सोई हुई सरकारों की नींद खुल गई लोंगे के भारी रोष को देखते हुए पंजाब सरकार ने भी इस पशु मेले को कुछ समय के लिय बंद करवा दिया था। उस समय गौ हत्या की गंभीरता को समझते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने गौ हत्या काण्ड की कड़े शब्दों मे निन्दा की थी व एैलान किया था इस पशु मेले को आधुनिक पशु मेला मैदान का रूप देकर एसी घटनायों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाऐगा श्री बादल ने अपने इस वायदे को पूरा करते हुए किलियांवाली मंडी मे एक विशाल पशु मेला ग्रांउण्ड का निर्माण कर 21 जून मंगलवार को उद्धघाटन कर पशु व्यापरियों के लिय खोल दिया था । लेकिन हर रविवार को लगने वाले इस पशु मेले में दूर दराज आए पशु व्यापारियों का उत्साह उस वक्त ठण्डा पड़ गया जब उन्होने नवनिर्मित पशु मेला ग्राउण्ड के मुख्य द्वार पर ताला लटका देखा जब इस बारे मे पशु मण्डी के ठेकेदारों गुरचरण सिंह, अवतार सिंह,सुखपाल सिंह भाटी,मनजिंद्र सिंह बिट्टू व बब्बू दानेवालिया से बातचीत की तो उन्होने कहा कि लाल फीता शाही के चलते अभी तक पशु मेला ग्रंाउण्उ की चाबियां नही सोंपी गई और न इस बारे मे उनसे कोई भी विचार विर्मश किया गया है ठेकेदारों ने अपने संयुक्त बयान मे कहा किइसमे कोई संदेह नही कि यह पशु मेला ग्राउण्उ उतर भारत मे अपनी तरह का पहला पशु मेला ग्राउण्ड है जिसमे पशु व व्यापारियों के हर सुविधा प्रदान की गई है लेकिन विशाल ग्रांउण्ड के रखरखाव व स्कोयटी के विशेष प्रंबध नही किया गया है। वही दुसरी और उन्हाने कहा कि इस मेला ग्राउण्ड मे बिजली पानी व अन्य खर्चों को लेकर सरकार ने अभी तक साफ नही किया है। जिसके चलते पशु व्यपारी व ठेकेदार असंमजस की स्थिति मे है । उधर, जब इस बारे मे मुक्तसर के डी. डी. पी.औ अमरिद्रं सिंह सरां से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होने बताया कि प्रशासन इस मेला ग्राउण्ड के रखरखाव के लिय माली, सफााई कर्मचारी व अन्य स्टाफ की नियुक्ति करने उपरांत इस पशु मेला ग्राउण्ड को व्यापारियों को सोंप दिया जाऐगा तथा आने वाले रविवार को पशु मण्डी नवनिर्मित पशु मेला ग्राउण्उ मे लगााई जाएगी।

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