Ambala City, - “Gandhian Strategy fulfills all the criteria of innovation with the weapons of ahimsa (non-violence) and swadeshi. Innovation means doing things differently to make the possibility of the impossible. Innovative leaders grow a small idea in to a fantastic opportunity. They convert problems in to opportunities. They have hindsight, foresight and insight as possessed by Gandhiji. We need convex lens leadership with shared vision as Gandhiji did by bringing people together instead of concave lens leadership which divide people on caste lines.” Observed Dr. M.M.Goel Professor & Chairman, Dept. of economics, Kurukshetra university here today in a special lecture on the topic ‘Non-violence of Mahatma Gandhi: Reinterpreted for Super Power in Making ( India )’ being organized by Gandhi Studies Centre at M.D.S.D. Girls College . An economist of unique wisdom, follower of Lord Krishna and thinker Professor Goel said that richness does not mean more wealth, it does not mean more saving but it means we need ‘no more’. Non-violence of the father of the nation can better be understood in the definition of economics by Professor J.K. Mehta “Economics is the science of human activities considered as an endeavor to reach the state of wantlessness” a state of no needs status. It establishes the relationship of economics with ethics which brings perfect happiness (state of bliss) and is reached gradually, said Professor Goel. Professor Goel expressed his grief and pain for the comments of Noble Laureate in economics Amartya Sen in his 2005-book “The Argumentative Indian” (page 7) with terms like “not entirely with propriety or elegance” which are more piercing than Nathuram’s bullets. Mahatma Gandhi’s emphasis on simple but free life, symbolized by Khadi and Charkha, can not be allowed to be ridiculed by top intellectuals like Dr. Amartya Sen. Youth who want to follow the "The Path to Peace" will be very confused by Dr. Amartya Sen.’s anti-Gandhi propaganda based on lies and illogical analysis should not be tolerated, opined Professor Goel who is also convener Intellectual cell of Haryana Pradesh Congress Committee. Earlier Dr. (Ms) Kiran Angra Principal of the College welcomed & introduced Professor Goel.
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सोमवार, 8 फ़रवरी 2010
शनिवार, 6 फ़रवरी 2010
नींद की आगोश में सोई अपनी पत्नि और युवा बेटे की तेजधार हथियारों से काट कर नृशंस हत्या
डबवाली(सुखपाल) उपमंडल के गांव चौटाला में वीरवार रात एक व्यक्ति ने नींद की आगोश में सोई अपनी पत्नि और युवा बेटे की तेजधार हथियारों से काट कर नृशंस हत्या कर दी। हत्या का कारण अभी तक अज्ञात है। गांव में हुए इस दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
मृतक माँ बेटे की पहचान माया देवी(48)पत्नी बहादुर राम व विक्रम सिंह(22) पुत्र बहादुर राम के रूप में की गई है। विक्रम सिंह गांव में चिनाई का कार्य करता है। रात खाना खाने के बाद वह अपने पिता बहादुर राम के साथ घर के पीछे वाले कमरे में सोया था। जबकि उसकी माता माया देवी एक अलग कमरे में सोई थी। सुबह माया देवी व विक्रम सिंह के शव खून से लथपथ अवस्था में रजाई से ढके हुए मिले। मृतकों की हत्या तेजधार हथियारों से निर्ममतापूर्वक की गई थी।
मृतक विक्रम के चचेरे भाई विनोद कुमार पुत्र मनसा राम ने बताया कि विक्रम उसके पास पिछले अढ़ाई वर्ष से चिनाई का कार्य कर रहा था। कल सायं करीब आठ बजे वह उसे घर पर छोड़ कर गया था। आज प्रात: जब वह उसे अपने साथ काम पर ले जा
ने के लिए विक्रम के घर आया था तो विक्रम के कमरे में खून बिखरा पड़ा था और विक्रम का शव को चारपाई पर रजाई से ढका पड़ा था। जब उसने इसकी सूचना विक्रम की माता माया देवी को देने के लिए उसके कमरे में पहुंचा तो उसकी हत्या के उपरान्त उसका भी शव खून से लथपथ चारपाई पर बिस्तर में पड़ा था। चारपाई के पास खून से सनी कुल्हाड़ी व तेजधार कापा भी पड़ा था। इस हत्याकांड के बाद बहादुर राम भी रहस्यमय परिस्थितियों में गायब है। बहादुर राम को शुक्रवार तड़के चार बजे गांव की एक परचून की दुकान पर बीड़ी खरीदते हुए देखा गया था। उसके बाद बहादुर राम का कोई अतापता नहीं है उसने इसकी सूचना तुरंत चौटाला चौकी पुलिस को दी।
गांव में इस दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलने पर पुलिस में भी हड़कंप मच गया। डबवाली डीएसपी बलबीर सिंह तथा सदर थाना के निरीक्षक भगवान दास ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का मुआयना किया।
दूसरी ओर आस पड़ोस के लोग भी इस दोहरे हत्याकांड को लेकर सदमे में है। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई करने उपरान्त डबवाली सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उनके परिवारजनों को सौंप दिया है। पुलिस इस मामले में विनोद कुमार की शिकायत पर बहादुर राम बैरागी के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज किया है। थाना प्रभारी भगवान दास ने बताया कि पुलिस हत्या के पीछे कारणों की जांच कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हत्या आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के पीछे असली कारणों का खुलासा हो पायेगा।

मृतक माँ बेटे की पहचान माया देवी(48)पत्नी बहादुर राम व विक्रम सिंह(22) पुत्र बहादुर राम के रूप में की गई है। विक्रम सिंह गांव में चिनाई का कार्य करता है। रात खाना खाने के बाद वह अपने पिता बहादुर राम के साथ घर के पीछे वाले कमरे में सोया था। जबकि उसकी माता माया देवी एक अलग कमरे में सोई थी। सुबह माया देवी व विक्रम सिंह के शव खून से लथपथ अवस्था में रजाई से ढके हुए मिले। मृतकों की हत्या तेजधार हथियारों से निर्ममतापूर्वक की गई थी।
मृतक विक्रम के चचेरे भाई विनोद कुमार पुत्र मनसा राम ने बताया कि विक्रम उसके पास पिछले अढ़ाई वर्ष से चिनाई का कार्य कर रहा था। कल सायं करीब आठ बजे वह उसे घर पर छोड़ कर गया था। आज प्रात: जब वह उसे अपने साथ काम पर ले जा
ने के लिए विक्रम के घर आया था तो विक्रम के कमरे में खून बिखरा पड़ा था और विक्रम का शव को चारपाई पर रजाई से ढका पड़ा था। जब उसने इसकी सूचना विक्रम की माता माया देवी को देने के लिए उसके कमरे में पहुंचा तो उसकी हत्या के उपरान्त उसका भी शव खून से लथपथ चारपाई पर बिस्तर में पड़ा था। चारपाई के पास खून से सनी कुल्हाड़ी व तेजधार कापा भी पड़ा था। इस हत्याकांड के बाद बहादुर राम भी रहस्यमय परिस्थितियों में गायब है। बहादुर राम को शुक्रवार तड़के चार बजे गांव की एक परचून की दुकान पर बीड़ी खरीदते हुए देखा गया था। उसके बाद बहादुर राम का कोई अतापता नहीं है उसने इसकी सूचना तुरंत चौटाला चौकी पुलिस को दी।गांव में इस दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलने पर पुलिस में भी हड़कंप मच गया। डबवाली डीएसपी बलबीर सिंह तथा सदर थाना के निरीक्षक भगवान दास ने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का मुआयना किया।

दूसरी ओर आस पड़ोस के लोग भी इस दोहरे हत्याकांड को लेकर सदमे में है। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई करने उपरान्त डबवाली सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उनके परिवारजनों को सौंप दिया है। पुलिस इस मामले में विनोद कुमार की शिकायत पर बहादुर राम बैरागी के खिलाफ हत्या का अभियोग दर्ज किया है। थाना प्रभारी भगवान दास ने बताया कि पुलिस हत्या के पीछे कारणों की जांच कर रही है। उन्होंने दावा किया कि हत्या आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के पीछे असली कारणों का खुलासा हो पायेगा।
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पोलियो जागरूकता रैली
डबवाली(सुखपाल)जनसाधारण में पोलियो जैसी भयंकर बीमारी के प्रति जागरूकता लाने तथा बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए आज एक जनजागरूकता रैली आयोजित की गई। जिसमें स्थानीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सैंकड़ों छात्राओं ने भाग लिया। उपरोक्त रैली को सामान्य हस्पताल के एसएमओ डॉ. राज कुमार ने हरी झण्डी दिखा कर हस्पताल परिसर से रवाना किया। इस अवसर पर डॉ. बलेश बांसल, डॉ. रूपेश बांसल, राज वर्मा, कंचन शर्मा, सरोज रानी, काहन चन्द यादव, तरसेम कुमार व अन्य स्टॉफ के सदस्य उपस्थित थे। डॉ. कुमार ने बताया कि कल यानि 7 फरवरी, रविवार पल्स पोलियो दिवस है तथा 0 से 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पल्स पोलियो रक्षा दवा पिलाए जाऐगी। इसके लिए कुल 103 बूथ बनाए गए हैं। शहर में 22 बूथ तथा ग्रामीन अंचल में 81 बूथ बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा 8 मोबाईल टीमों का गठन किया गया है। जो इलाके में घूम कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएगी। अगर फिर भी कोई बच्चा छूट गया तो इसके लिए 8 व 9 फरवरी को डोर - टू - डोर जाकर दवा पिलाई जाऐगी। उन्होंने बताया कि रैली चौटाला रोड से होते हुए बस स्टैण्ड, जीटी रोड, मुख्य बाजार एवं कॉलोनी रोड से होते हुए वापिस हस्पताल परिसर पहुंचेगी।
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जीप पेड़ से टकरा जाने से जीप में सवार एक ही परिवार के 11 लोग घायल
डबवाली (सुखपाल)- गांव खुईयां मलकाना के पास यात्रियों से भरी एक जीप
पेड़ से टकरा जाने से जीप में सवार एक ही परिवार के 11 लोग घायल हो गये। घायलों में चार महिलाऐं भी शामिल है। घायलों में चार की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बठिंडा रेफर किया गया है। जीप पर सवार सभी व्यक्ति गांव मलिका पुरा के निवासी खेता सिंह के घर पर आयोजित एक शगुन के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे थे। जीप अनंदगढ़ से रवाना हुई और गांव नीलियांवाली से कुछ रिश्तेदारों को साथ लेकर मलिक पुरा पहुंचने से पहले ही खुईयां मलकाना के पास अनियंत्रित हो कर कीकर के पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में बलबीर कौर, गास रानी, मनप्रीत कौर, राज सिंह, जसवीर कौर, गौरा सिंह, विक्की पुत्र राजविंद्र सिंह, राजविंद्र सिंह पुत्र नछत्तर सिंह, हैप्पी पुत्र नछत्तर सिंह, गुरतेज सिंह पुत्र नछतर सिंह व जोगिंद्र सिंह पुत्र बूटा सिंह शामिल है। घायलों में राजविंद्र सिंह, विक्की, गौरा सिंह व जोगिंद्र सिंह हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बठिंड़ा रेफर कर दिया गया है।
पेड़ से टकरा जाने से जीप में सवार एक ही परिवार के 11 लोग घायल हो गये। घायलों में चार महिलाऐं भी शामिल है। घायलों में चार की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बठिंडा रेफर किया गया है। जीप पर सवार सभी व्यक्ति गांव मलिका पुरा के निवासी खेता सिंह के घर पर आयोजित एक शगुन के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जा रहे थे। जीप अनंदगढ़ से रवाना हुई और गांव नीलियांवाली से कुछ रिश्तेदारों को साथ लेकर मलिक पुरा पहुंचने से पहले ही खुईयां मलकाना के पास अनियंत्रित हो कर कीकर के पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में बलबीर कौर, गास रानी, मनप्रीत कौर, राज सिंह, जसवीर कौर, गौरा सिंह, विक्की पुत्र राजविंद्र सिंह, राजविंद्र सिंह पुत्र नछत्तर सिंह, हैप्पी पुत्र नछत्तर सिंह, गुरतेज सिंह पुत्र नछतर सिंह व जोगिंद्र सिंह पुत्र बूटा सिंह शामिल है। घायलों में राजविंद्र सिंह, विक्की, गौरा सिंह व जोगिंद्र सिंह हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बठिंड़ा रेफर कर दिया गया है।
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खेत मजदूर यूनियन ने बढ़ती हुई महंगाई पर रोष व्यक्त किया
डबवाली (सुखपाल)-जिला खेत मजदूर यूनियन के प्रधान का. गणपत राम की अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई। जिसमें यूनियन के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों ने भाग लिया तथा बढ़ती हुई महंगाई पर रोष व्यक्त किया गया। इस बैठक में महंगाई के अलावा नरेगा रोजगार योजना, बीपीएल राशन कार्ड घोटाला, बुढ़ापा पैंशन समय से जारी न करना जैसे मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। उपरोक्त मीटिंग में निर्णय लिया गया कि उपरोक्त सभी मुद्दों पर आगामी 10 फरवरी को स्थानीय उपमण्डलाधीश के मार्फत राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाऐगा। जिसका नेतृत्व प्रधान का. गणपत राम करेंगे। यह जानकारी उन्होंने एक प्रैस विज्ञप्ति में दी।
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अपनी मांगों को लेकर मुख्यमन्त्री के नाम मांगपत्र सौंपेंगे अनुबन्धित अध्यापक
डबवाली(सुखपाल)-ब्लॉक प्रधान विनोद मित्तल ने एक प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि जिला सिरसा के सभी अनुबंधित अध्यापकों द्वारा 8 फरवरी को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एकत्रित होंगे तथा अपनी मांगों को लेकर मुख्यमन्त्री के नाम मांगपत्र सौंपेंगे। जिसमें छठे वेतन आयोग की तर्ज पर पूरा वेतन दिया जाए तथा 13 अप्रैल 2010 से नियमित किया जाए। उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा विगत 2005 में अनुबन्धित अध्यापकों की भर्ती अतिथि अध्यापकों के तौर पर की गई थी। ब्लॉक उपाध्यक्ष अजय ग्रोवर ने बताया कि ज्ञापन सौंपते समय डबवाली से भारी संख्या में अनुबन्धित अध्यापक अपनी उपस्थिति दर्ज करवाऐंगे।
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शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2010
आईएएस अफसरों पर छापे की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी
भोपाल।। भोपाल में आयकर विभाग द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों के आवासों सहित 13 स्थानों पर छापों की कार्रवाई दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। सभी ठिकानों से करोड़ों की बेनामी संपत्ति और नकदी मिली है साथ ही 25 लाख की विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई है।
आयकर विभाग ने गुरुवार को दो आईएएस अधिकारियों और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी अरविंद जोशी व टीनू जोशी के अलावा एक पूर्व आईएएस अधिकारी एम.ए. खान तथा निजी बैंक अधिकारी , बीमा एजेंट और उद्योगपति से संबद्ध कुल 13 स्थानों पर एक साथ छापा मारा। इसके दौरान आईएएस अफसर के आवास से बड़े पैमाने पर नकदी बरामद की गई जिसे गिनने के लिए नोट गिनने वाली मशीन का सहारा लेना पड़ा। आईएएस अधिकारी के आवास से तीन करोड़ की नकदी के साथ 25 लाख की विदेशी मुदा भी बरामद की गई।
जानकारी के अनुसार अफसरों के पास करोड़ों की संपत्ति का खुलासा गत वर्ष एक स्थान से बीमा के कुछ दस्तावेज मिलने के बाद हुआ था। दस्तावेजों के माध्यम से पता चला था कि मध्य प्रदेश में कई प्रशासनिक अधिकारियों ने बीमे के लिए लाखों की किश्तें दी थी। इसी आधार पर आयकर विभाग ने जांच शुरू की और छापेमारी का सिलसिला शुरू किया।
आयकर विभाग ने गुरुवार को दो आईएएस अधिकारियों और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी अरविंद जोशी व टीनू जोशी के अलावा एक पूर्व आईएएस अधिकारी एम.ए. खान तथा निजी बैंक अधिकारी , बीमा एजेंट और उद्योगपति से संबद्ध कुल 13 स्थानों पर एक साथ छापा मारा। इसके दौरान आईएएस अफसर के आवास से बड़े पैमाने पर नकदी बरामद की गई जिसे गिनने के लिए नोट गिनने वाली मशीन का सहारा लेना पड़ा। आईएएस अधिकारी के आवास से तीन करोड़ की नकदी के साथ 25 लाख की विदेशी मुदा भी बरामद की गई।
जानकारी के अनुसार अफसरों के पास करोड़ों की संपत्ति का खुलासा गत वर्ष एक स्थान से बीमा के कुछ दस्तावेज मिलने के बाद हुआ था। दस्तावेजों के माध्यम से पता चला था कि मध्य प्रदेश में कई प्रशासनिक अधिकारियों ने बीमे के लिए लाखों की किश्तें दी थी। इसी आधार पर आयकर विभाग ने जांच शुरू की और छापेमारी का सिलसिला शुरू किया।
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हुड्डा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और किसी भी वक्त यह सरकार गिर सकती है। --अजय सिंह चौटाला
अपने संबोधन में पार्टी महासचिव अजय सिंह चौटाला ने कहा कि चौटालावासियों की ताकत की बदौलत ही पूर्व उपप्रधानमंत्री जननायक चौधरी देवीलाल ने देश भर के कमेरे व किसान वर्ग के लिए संघर्ष कर उन्हें हक दिलवाया। अब उसी परम्परा को पार्र्टी प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला निभा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलवाया कि वह गांव वासियों के प्यार व सहयोग से भविष्य में किसान, गरीब, कमेरे वर्ग के हितों के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे।
अजय सिंह चौटाला ने कहा कि ऐलनाबाद उपचुनाव में हार के बाद कांग्रेस में खलबली मची हुई है कांग्रेसी नेताओं के हौसले पस्त हैं। हुड्डा सरकार किसी भी क्षण यह सरकार गिर सकती है और प्रदेश में ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में अगली सरकार बननी तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम हुड्डा ने प्रदेश में क्षेत्रवाद का जहर घोलकर प्रदेश में भाईचारे की भावना को समाप्त करने का काम किया है, इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। इस अवसर पर ऐलनाबाद से नवनिर्वाचित विधायक व इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने गांव वासियों द्वारा किए गए भव्य स्वागत के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया। भव्य अभिनंदन से गदगद अभय सिंह चौटाला ने कहा कि चौटाला गांव के लोगों का आभार व्यक्त करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आपकी दी हुई ताकत से वह चौधरी देवीलाल के दिखाए गए रास्ते पर चल कर प्रदेश की जनता की सेवा करने के लिए कृतसंकल्प हैं और इस ऐतिहासिक गांव की पहचान को कभी लुप्त नहीं होंने देंगे। इस अवसर पर जिला प्रधान पदम जैन, विधायक कृष्ण कंबोज, विधायक चरणजीत सिंह, पूर्व विधायक मनीराम, डा. सीताराम, अमीरचंद चावला, महिला नेत्री कृष्ण फोगाट, अशोक वर्मा, खूबराम जाखड़, आत्माराम छिंपा, प्रेम सिहाग, बनवारी नंबरदार, मनफूल स्वामी, दलीप वाल्मीकि, आत्माराम, सुरजीत पंच, पूर्णराम गोदारा, रामपाल बिश्रोई, सज्जन पंच, अमरसिंह रेगर, विनोद स्वामी, उदयपाल,, प्रेमकुमार, मुरली सेठ, बाबूलाल, रामनिवास, डा. छगनलाल,बिहारी चाहर, जवाहरीलाल,संदीप पूनिया, रणधीर वर्मा,गुरबाज, सोहन बिश्रोई, मदन सिहाग सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सड़क हादसे में दो युवक घायल
डबवाली (सुखपाल)-डबवाली-मलोट रोड़ सड़क मार्ग पर स्थित बादल वर्कशॉप के सामने हुए सड़क हादसे में मोटरसाईकिल व कार की भिड़न्त में दो युवक घायल हो गए। हादसे की मिली जानकारी अनुसार पंजाब क्षेत्र के समीपवर्ती गांव बनवाला निवासी मलूक सिंह पुत्र जंगीर सिंह एवं रघुवीर सिंह पुत्र कर्म सिंह बीती देर सायं अपने मोटरसाईकिल द्वारा अपने गांव जा रहे थे कि सड़क पर उनके आगे जा रही एस्टीम कार में आकस्मात तकनीकी खराबी के चलते कार रूक गई। इससे पहले की मोटरसाईकिल चालक कुछ समझ पाते कार से जोरदार टक्कर हो गई। जिसके फलस्वरूप दोनों युवक घायल हो गए। सूचना मिलते ही जन सहारा सेवा संस्था के प्रधान आरके नीना अन्य सदस्यों को लेकर ऐम्बूलैंस सहित घटनास्थल पर पहुंचे तथा दोनों घायल युवकों को निकट के एक निजी हस्पताल में उपचार हेतु भर्ती करवाया। जहां मलूक सिंह की गम्भीर हालत को देखते हुए सिटी स्कैन हेतु बठिण्डा रैफर कर दिया गया। वहीं दूसरे युवक रघुवीर सिंह को प्राथमिक उपचार के पश्चात डिस्चार्ज कर दिया गया।
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रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक लाऊड स्पीकरों पर कड़ी रोक लगाकर ध्वनि प्रदूषण के विरूद्ध आदेश एक ऐतिहासिक निर्णय -- योगाचार्य वियोगी हरि शर्मा
डबवाली (सुखपाल)पतंजलि योग समिति ने रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक लाऊड स्पीकरों पर कड़ी रोक लगाकर ध्वनि प्रदूषण के विरूद्ध आदेश जारी करने के निर्णय पर उपायुक्त सिरसा का आभार जताया है। योगाचार्य वियोगी हरि शर्मा ने इसे एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। आज के प्रात: सत्र में उन्होंने योग साधकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि तनाव उच्च रक्तचाप व स्वभाव में चिड़चिड़ापन केवल इस शोर की देन है। उन्होंने कहा कि उन्होंने गांवों में भी देखा है कि प्रात:काल के शिविर दौरान 4-5 लाऊड स्पीकरों के ऊंची आवाज़ में चलने से कुछ भी सुनाई नहीं पड़ता था। उन्होंने कहा कि इससे विद्याॢथयों व बीमार व्यक्तियों को इससे बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता था। डबवाली प्रैस तो पूर्व में भी इस विषय पर समय - समय पर आवाज़ उठाती रही है परन्तु आमजन अपनी आवाज़ इस लिए नहीं उठाता कि लोग इसे धर्म विरोध का रंग न दे दें। जबकि भारतीय शास्त्र भजन व भोजन दोनों को पर्दे की चीज़ बताते हैं। जब अनेक धर्म स्थलों से एक ही समय पर ऊंची आवाज़ें आने लगती हैं तो कुछ भी सुनाई नहीं पड़ता। पतंजलि योग समिति ने स्थानीय श्री दुर्गा मन्दिर, वैष्णों माता मन्दिर सहित अनेक धाॢमक संस्थाओं को इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। यह जानकारी देते हुए समिति के अध्यक्ष अशोक सोनी ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण के प्रति लोगों को स्वयं जागरूक होना होगा। इस अवसर पर कृष्ण लाल, अजय व्यास, कमलेश रानी, सन्तोष मैहता, सुषमा सहित अनेक योग साधक उपस्थित थे।
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शहर से कम नहीं है गांव कालूआना
डबवाली -- राजस्थान की सीमा से सटे सिरसा जिले के कालूआना गांव ने राज्य स्तर पर एक अलग पहचान बनाई है। निर्मल ग्राम पुरस्कार योजना के तहत गांव को राज्य में प्रथम स्थान मिला है और 20 लाख रुपए का ईनाम इस योजना के तहत मिला है। कालुआना गांव ने सम्पूर्ण स्वच्छता के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित किए है और गांव आज किसी शहर से कम नजर नहीं आ रहा है। इन सारी उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए गांव के सरपंच ने बताया कि गांव में जब स्वच्छता अभियान तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त के मार्गदर्शन में चलाया गया था तब से ही गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने पूरा सहयोग दिया और अभियान को शत् प्रतिशत सफल बनाया जिसके फलस्वरुप स्वच्छता के मामले में गांव आज प्रदेश के पटल पर आया है। राज्य स्तर पर अव्वल स्थान पाने पर गांव के सरपंच जगदेव सिंह को गत 26 जनवरी को जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिव सुलतान सिंह जडौला ने सम्मानित किया। गांव के सरपंच जगदेव सिंह ने बताया कि वर्तमान में गांव के सभी 1048 घरों में शौचालय बन चुके है और सभी लोग घरों में बने शौचालयों का प्रयोग कर रहे है। इस प्रकार से पूरा गांव खुले में शौच मुक्त हो गया है। यहां तक की बाहर से आने वाले घुमंतु परिवार भी खुले में शौच नही जाते क्योंकि गांव में दो बड़े-बड़े सार्वजनिक शौचालय बनाए गए है जहां पर पानी और सफाई की समुचित व्यवस्था की गई है। बाकायदा सफाई के लिए कर्मचारी रखे हुए है। ग्रामीणों के सहयोग से गांव में सभी नाजायज कब्जों को हटवा दिया गया है। सरपंच ने बताया कि गांव की विभिन्न गलियों और रास्तों में पड़े रुडिय़ों और गंदगी के ढेर साफ करवाए जा चुके है, यहां तक की गांव की मुख्य-मुख्य गलियो के दोनों और छायादार पौधे लगवाए गए है। इन पौधों की देखभाल करने के लिए वन विभाग के सहयोग से कर्मचारी तैनात किए गए है। उन्होंने बताया कि गांव की खाली पड़ी जमीन पर और विभिन्न सार्वजनिक जगहों पर पौधारोपण किया गया है। गांव में पौधारोपण का कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत किया गया है। उन्होंने बताया कि गांव के विकास में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से पूरा लाभ उठाया जा रहा है। इस योजना से अब तक गांव में 3 करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च हो चुकी है। गांव में स्वच्छता और विकास कार्यों के साथ-साथ शिक्षा और उन्नत कृषि को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य हुआ है। उन्होंने बताया कि लगभग 6 हजार की आबादी वाले कालुआना गांव में बच्चों की शिक्षा के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय(सहशिक्षा) और राजकीय माध्यमिक विद्यालय लड़कियों के लिए है। ग्राम पंचायत के प्रयास से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में साईंस, नॉन मैडीकल की कक्षाएं शुरु की गई है।
सरपंच जगदेव सिंह के अनुसार गांव में खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी पंचायत स्तर पर खेल पुरस्कार दिए जा रहे है जो खिलाड़ी खण्ड स्तर पर खेलेगा उसे 1100 रुपए, जो जिला स्तर पर खेलेगा उसे 11 हजार रुपए और जो राज्य स्तर पर खेलेगा उसे 21 हजार रुपए की राशि ईनाम की रुप में दी जा रही है। अभी तक 7 खिलाडिय़ों को ईनाम की राशि दी जा चुकी है। इससे गांव के युवाओं में खेलों के प्रति अधिक रुझान पैदा हुआ है। गांव में कृषि व बागवानी को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्य हुए है। गांव में कई प्रगतिशील किसानों ने केंचुआ पद्धति को अपनाकर आर्गेनिक खेती शुरु की है। इसी प्रकार से बागवानी के क्षेत्र में कई किसानों ने 10-10 और 7-7 एकड़ में किन्नू के बाग लगाए है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत भी बागवानी के क्षेत्र में विशेष सुविधाएं प्राप्त हुई है।
सरपंच जगदेव के अनुसार गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र, ओपरेटिव बैंक, पशु अस्पताल, पटवार खाना, मैरिज पैलेस, टेलीफोन एक्सचेंज, हरिजन चौपाल, जिम, छह आंगनवाड़ी केंद्र, स्टेडियम वृद्धाश्रम के साथ-साथ गौशाला जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध है। उनकी प्रशासन व सरकार से यह मांग है कि गांव राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल का दर्जा दिया जाए ताकि स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को और अधिक सुविधाएं मिल सके।
सरपंच जगदेव सिंह के अनुसार गांव में खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी पंचायत स्तर पर खेल पुरस्कार दिए जा रहे है जो खिलाड़ी खण्ड स्तर पर खेलेगा उसे 1100 रुपए, जो जिला स्तर पर खेलेगा उसे 11 हजार रुपए और जो राज्य स्तर पर खेलेगा उसे 21 हजार रुपए की राशि ईनाम की रुप में दी जा रही है। अभी तक 7 खिलाडिय़ों को ईनाम की राशि दी जा चुकी है। इससे गांव के युवाओं में खेलों के प्रति अधिक रुझान पैदा हुआ है। गांव में कृषि व बागवानी को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्य हुए है। गांव में कई प्रगतिशील किसानों ने केंचुआ पद्धति को अपनाकर आर्गेनिक खेती शुरु की है। इसी प्रकार से बागवानी के क्षेत्र में कई किसानों ने 10-10 और 7-7 एकड़ में किन्नू के बाग लगाए है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत भी बागवानी के क्षेत्र में विशेष सुविधाएं प्राप्त हुई है।
सरपंच जगदेव के अनुसार गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र, ओपरेटिव बैंक, पशु अस्पताल, पटवार खाना, मैरिज पैलेस, टेलीफोन एक्सचेंज, हरिजन चौपाल, जिम, छह आंगनवाड़ी केंद्र, स्टेडियम वृद्धाश्रम के साथ-साथ गौशाला जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध है। उनकी प्रशासन व सरकार से यह मांग है कि गांव राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल का दर्जा दिया जाए ताकि स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को और अधिक सुविधाएं मिल सके।
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लोकतन्त्र में जीत गया लाठी तंत्र
मुम्बई ।वालीवुड दुनिया में धमाका मचाने वाले किंग खान शाहरुख शिवसेना प्रमुख बालठाकरे के आगे नतमस्तक हो गये। जबकि खुद शाहरुख कहते है कि उन्हें नहीं मालूम कि उन्होंने अपने को हिन्दुस्तानी कह कर क्या गुनाह कर दिया। शाहरुख ने कहा कि जब दो लोगो के बीच विचारों को लेकर मतभेद हो तो कुछ गुंजाईश जरुर छोउऩी चाहिये ताकि अपनी बात साबित करने का मौका मिल सके। शाहरुख के बयान से साफ है कि बॉलीवुड का बादशाह हार गया और कागज के शेर जीत गए। महाराष्ट्र के सियासी गुंडों के सामने अभिव्यक्ति की आजादी हार गई। शाहरुख ने अपने बच्चों से माफी मांगी है और फिल्म से जुड़े तमाम लोगों से माफी मांगी है। साफ है कि बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की गुंडागर्दी यूं ही चलती रहेगी और महाराष्ट्र सरकार हालात का जायजा ही लेती रहेगी।
महाराष्ट्र में अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटने की कोशिश की जा रही है। शाहरुख इस बात की हकीकत जान चुके हैं, इसीलिए एक फ्रीडम फाइटर के बेटे को अपने संस्कारों की दुहाई देनी पड़ रही है। शाहरुख ने कहा कि मैंने कहा क्योंकि मैं इस पर भरोसा करता हूं। मैं कोई विवाद पैदा नहीं करना चाहता। मैं नेता नहीं हूं, बस एक एक्टर हूं। क्या एक एक्टर को अपनी बात रखने का हक नहीं ?
शाहरुख ने पूछा कि क्या हमारे संस्कार गलत हैं? क्या जिंदगी भर जो कुछ हमने सीखा वो सब बेकार है ? आजादी की लड़ाई में शामिल होने वाले मेरे पिताजी ने जो संस्कार मुझे दिए हैं, क्या वो गलत हैं ? क्या जो सीख मैं अपने बच्चों को देता हूं, वो गलत है ?
शाहरुख ने पूछा कि क्यों एक आजाद देश में डर लगता है? इस पूरे वाकये ने डर का माहौल पैदा कर दिया है? फिल्म का विरोध क्यों? क्यों थियेटर मालिकों को पोस्टर उतारने की धमकी दी जा रही है? मेरे सहयोगी इसकी वजह से परेशान हो रहे हैं। मैं दुखी हूं क्योंकि करन-काजोल सभी परेशान हैं। मैं समझ नहीं पाता कि इन सबके बीच फिल्म कहां से आ गई।
शाहरुख ने कहा कि इसके साथ काफी लोग जुड़े हुए हैं। इसलिए मैं हर किसी को साथ देने के लिए नहीं कहता। कई लोगों के इससे जिंदगी और बिजनेस जुड़े हैं।
महाराष्ट्र में अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटने की कोशिश की जा रही है। शाहरुख इस बात की हकीकत जान चुके हैं, इसीलिए एक फ्रीडम फाइटर के बेटे को अपने संस्कारों की दुहाई देनी पड़ रही है। शाहरुख ने कहा कि मैंने कहा क्योंकि मैं इस पर भरोसा करता हूं। मैं कोई विवाद पैदा नहीं करना चाहता। मैं नेता नहीं हूं, बस एक एक्टर हूं। क्या एक एक्टर को अपनी बात रखने का हक नहीं ?
शाहरुख ने पूछा कि क्या हमारे संस्कार गलत हैं? क्या जिंदगी भर जो कुछ हमने सीखा वो सब बेकार है ? आजादी की लड़ाई में शामिल होने वाले मेरे पिताजी ने जो संस्कार मुझे दिए हैं, क्या वो गलत हैं ? क्या जो सीख मैं अपने बच्चों को देता हूं, वो गलत है ?
शाहरुख ने पूछा कि क्यों एक आजाद देश में डर लगता है? इस पूरे वाकये ने डर का माहौल पैदा कर दिया है? फिल्म का विरोध क्यों? क्यों थियेटर मालिकों को पोस्टर उतारने की धमकी दी जा रही है? मेरे सहयोगी इसकी वजह से परेशान हो रहे हैं। मैं दुखी हूं क्योंकि करन-काजोल सभी परेशान हैं। मैं समझ नहीं पाता कि इन सबके बीच फिल्म कहां से आ गई।
शाहरुख ने कहा कि इसके साथ काफी लोग जुड़े हुए हैं। इसलिए मैं हर किसी को साथ देने के लिए नहीं कहता। कई लोगों के इससे जिंदगी और बिजनेस जुड़े हैं।
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अपनी मर्जी से शादी करने के लिये सरकार बनायेगी कानून
नई दिल्ली।प्यार करने वालों के लिये एक अच्छी व नयी खबर है। अब उनके प्यार में कोई भी आड़े नहीं आयेगा क्योंकि केन्द्र भारतीय दंड सहिता में कई तरह के सुधार करने की सोची जा रही है व भारतीय साक्ष्य कानून और रजिस्ट्रेशन को भी आसान बनाने की तैयारी कर रहा है। इससे उन जोडों को आसानी होगी जो अपने परिवार और समुदाय के खिलाफ जाकर जब अंतरजातीय विवाह करते है। तभी उनके खिलाफ कई सारे कानूनी कदम भी उठने लगते है।
पंचायतें उनको मौत की सजा तक दे देती हैं। अटर्नी जनरल की राय के आधार पर ही केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने बताया कि सरकार जाहिर तौर पर ऑनर किलिंग के मामले में कुछ करना चाह रही है। सरकार का मानना है कि इस संदर्भ में एक अलग कानून बनना चाहिए। मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहा है।
मंत्रालय चाहता है कि किसी विवाह के लिए जरूरी वर्तमान ३० दिनों का समय कम कर दिया जाए या फिर कम से कम कर दिया जाए। हालिया प्रावधान उन दंपतियों के लिए कई समस्याएं पैदा करता है, जो अपने घर या समुदाय के खिलाफ जाते हैं। मंत्रालय का प्रस्ताव है कि ऐसे मामलों में पंचायत के सभी सदस्यों को दोषी ठाहराया जाए, अगर वे दोषी हों।
पंचायतें उनको मौत की सजा तक दे देती हैं। अटर्नी जनरल की राय के आधार पर ही केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने बताया कि सरकार जाहिर तौर पर ऑनर किलिंग के मामले में कुछ करना चाह रही है। सरकार का मानना है कि इस संदर्भ में एक अलग कानून बनना चाहिए। मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहा है।
मंत्रालय चाहता है कि किसी विवाह के लिए जरूरी वर्तमान ३० दिनों का समय कम कर दिया जाए या फिर कम से कम कर दिया जाए। हालिया प्रावधान उन दंपतियों के लिए कई समस्याएं पैदा करता है, जो अपने घर या समुदाय के खिलाफ जाते हैं। मंत्रालय का प्रस्ताव है कि ऐसे मामलों में पंचायत के सभी सदस्यों को दोषी ठाहराया जाए, अगर वे दोषी हों।
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गुरुवार, 4 फ़रवरी 2010
दारू सस्ती, रोटी महंगी
डबवाली (सुखपाल) इन दिनों रोटी महंगी और शराब सस्ती है कहा जाए तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। पूरे जिला में शराब तस्करी का धंधा अपने पूरे यौवन पर है और शराब की लत पूरी करने वालों को सस्ती व सुलभ ढंग से उपलब्ध हो रही है। शराब तस्करों का फैलता जाल सरकार द्वारा मंजूरशुद ठेकों को जहां प्रभावित कर रहे हैं वहीं सरकार के राजस्व को भी भारी चूना लगा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में देसी शराब मात्र दस रूपए में पव्वा और 40 रूपए की बोतल आसानी से मिल रही है जिसके चलते शराब का सेवन करने वाले अनेक युवक सस्ती के लालच में स्वयं को नशे की गर्त में झोंकने का काम कर रहे हैं वहीं शहर के विभिन्न हिस्सों में तो हर ब्रांड की शराब सस्ती उपलब्ध करवाने का ठेका तस्कर लिए हुए हैं। जिला के हर गली-कूचे में सायं के समय सस्ती शराब बेचने व खरीदने वालों को सरेआम देखा जा सकता है। ऐसे में यदि घर बैठे सस्ती शराब उपलब्ध हो जाए तो शराबी को ठेके तक जाने की आवश्यकता है।
सिरसा जिला राजस्थान व पंजाब की सीमा के साथ सटे होने के कारण शराब का अवैध कारोबार पूरी तरह फल-फूल रहा है। सूत्र बताते हैं कि पंजाब की अपेक्षा राजस्थान की सीमा पर स्थित गांव -कस्बों से देसी व अंगे्रजी शराब की सस्ते दामों पर भारी खेप उपलब्ध होती है और पुलिस से आंख मिचौली खेलते हुए तस्कर अपने कार्य को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में शराब गलियों-कूचों में बने गोदामों में भर लेते हैं । गोदामों में भरने के बाद फिर इसमें शुरू होता है मिलावट का काला काम, नशीले कप्सूलों को मिलाकर एक बोतल की अनेक बोतलें बनाई जाती है और फिर यही शराब सस्ती उपलब्ध करवाने का काम किया जाता है। सस्ती शराब खरीदने वालों में अधिकतर रिक्शा चालक व दिनभर देह तोड़ मेहनत-मजदूरी करने वाला एक भारी तबका इसे खरीद कर अपनी शराब की लत को पूरा करता है। मैडिसनयुक्त इस शराब का सेवन करने वाले लोग विभिन्न बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। यदि समय रहते इस सस्ती शराब पर अंकुश लगाने का कार्य नहीं किया गया तो किसी दिन यह नशीली शराब किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकती है। इसलिए पुलिस प्रशासन को ऐसी शराब की बिक्री करने वाले तस्करों पर सख्ती शिकंजा कसना चाहिए ताकि गरीब व मजदूर वर्ग इस शराब की भेंट चढऩे से बच सके।
सिरसा जिला राजस्थान व पंजाब की सीमा के साथ सटे होने के कारण शराब का अवैध कारोबार पूरी तरह फल-फूल रहा है। सूत्र बताते हैं कि पंजाब की अपेक्षा राजस्थान की सीमा पर स्थित गांव -कस्बों से देसी व अंगे्रजी शराब की सस्ते दामों पर भारी खेप उपलब्ध होती है और पुलिस से आंख मिचौली खेलते हुए तस्कर अपने कार्य को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में शराब गलियों-कूचों में बने गोदामों में भर लेते हैं । गोदामों में भरने के बाद फिर इसमें शुरू होता है मिलावट का काला काम, नशीले कप्सूलों को मिलाकर एक बोतल की अनेक बोतलें बनाई जाती है और फिर यही शराब सस्ती उपलब्ध करवाने का काम किया जाता है। सस्ती शराब खरीदने वालों में अधिकतर रिक्शा चालक व दिनभर देह तोड़ मेहनत-मजदूरी करने वाला एक भारी तबका इसे खरीद कर अपनी शराब की लत को पूरा करता है। मैडिसनयुक्त इस शराब का सेवन करने वाले लोग विभिन्न बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। यदि समय रहते इस सस्ती शराब पर अंकुश लगाने का कार्य नहीं किया गया तो किसी दिन यह नशीली शराब किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकती है। इसलिए पुलिस प्रशासन को ऐसी शराब की बिक्री करने वाले तस्करों पर सख्ती शिकंजा कसना चाहिए ताकि गरीब व मजदूर वर्ग इस शराब की भेंट चढऩे से बच सके।
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सरकार की मंशा पीडि़त परिवारों को उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले को लागू करने की नहीं है --अजय सिंह चौटाला
डबवाली4 फरवरी(सुखपाल)14 वर्ष पूर्व डीएवी पब्लिक स्कूल डबवा
ली के वार्षिक समारोह में अग्रिकांड की भेंट चढ़े व प्रभावित सेंकड़ों लोगों के परिजनों को बिना देरी से मुआवजा देने, पीडि़तों को सरकारी नौकरी देने, उच्च न्यायालय के आदेशों को ज्यों का त्यों लागू करने सहित पीडि़तों की अन्य मांगों को लेकर आज इनेलो ने गांधी चौक पर धरना दिया। धरने का नेतृत्व इनेलो के प्रधान महासचिव व स्थानीय विधायक अजय सिंह चौटाला ने किया। इस धरने में अग्निकाण्ड पीडि़त परिवारों के अलावा डबवाली कस्बे व इस क्षेत्र के लोग भी भारी संख्या में हिस्सा लिया। धरने के माध्यम से हुड्डा सरकार से इस मामले को उच्चतम न्यायालय में न ले जाने, डबवाली में बर्न यूनिट स्थापित करने व पीडि़तों का इलाज करवाने सहित राहत संबंधित अन्य मांगें की गई।धरने का नेतृत्व कर रहे पार्टी के महासचिव अजय सिंह चौटाला ने कहा कि वह अग्रिकांड की भेंट चढ़े लोगों को न्याय दिलवाने के लिए कटिबद्ध हैं और जब तक पीडि़तों को न्याय नहीं मिलता, वह जनता को साथ लेकर संघर्ष को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि हुड्डा सरकार ने पीडि़तों को राहत देने के लिए तुरंत कोई कदम नहीं उठााया तो, इस मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे।विधायक अजय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार की मंशा पीडि़त परिवारों को उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले को लागू कर उन्हें तुरंत राहत करने की नहीं है बल्कि इस मामले को वह सुप्रीम कोर्ट में ले जा कर पीडि़तों को न्याय देने में देरी करने की है। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार बिल्कुल ही संवेदनहीन व निष्ठुर हो गई है और मुख्यमंत्री हुड्डा सहित सरकार के लोगो में जरा भी मानवीय भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो हुड्डा सरकार मीडिया के माध्यम से योजनाओं का झूठा प्रचार करने पर अरबों रूपये पानी की तरह बहा रही है वहीं, दुनिया के विभत्स अग्रिकांड में एक डबवाली अग्रिकांड के पीडि़तों को मुआवजा राशि देने में रूचि नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि डबवाली अग्रिकांड की पिछली बरसी पर स्थानीय कांग्रेसी सांसद व सरकार के अन्य लोगों ने पीडि़त परिवारों के बीच उन्हें तुरंत प्रभाव से मुआवजा दिलवाने, उनका इलाज करवाने व सरकारी नौकरी दिलवाने का वायदा किया था परन्तु इस पर पीडि़तों को राहत प्रदान करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा अब इसे सुप्रीम कोर्ट में लेजाकर लटका रही है।उन्होंने कहा कि इस अग्रिकांड में बच्चों, महिलाओं सहित कुल 446 लोगों की दुखद मौत हो गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि पीडि़त परिवार 14 वर्ष बाद भी इस सदमे से नहीं उबर पाए हैं और अपने इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं। विधायक ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा पिछले साल 9 नवम्बर, 2009 को दिए गए फैसले अनुसार अग्निकाण्ड से पीडि़त लोगों को दिए जाने वाले मुआवजे का 45 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार और बाकी 55 फीसदी हिस्सा सम्बन्धित राजीव मैरिज पैलेस व डीएवी ग्रुप द्वारा अदा किया जाना है। इस मुआवजे की अदायगी अदालती आदेशों के चार महीने के भीतर की जानी है। उन्होंने कहा कि 14 साल पहले हुए इस हादसे से प्रभावित लोगों व उनके परिवारों को अदालती आदेश के बाद मुआवजा मिलने की उम्मीद बनी है लेकिन हुड्डा सरकार अदालत के फैसले का सम्मान करने और प्रभावित लोगों को तुरन्त मुआवजा राशि देकर उनके घावों पर मरहम लगाने की बजाय इस मामले को लटकाने के लिए एक बार फिर से सर्वोच्च न्यायालय जाने की तैयारी में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार को इस मामले में तकनीकी दृष्टिकोण अपनाने की बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और पीडि़तों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए न सिर्फ तुरन्त मुआवजा का भुगतान करना चाहिए बल्कि डबवाली में बर्न यूनिट व फिजियोथैरेपी सेंटर स्थापित करने और अग्निकाण्ड से पीडि़त बच्चों व उनके परिवारों के पुनर्वास का बन्दोबस्त करते हुए उन्हें सरकारी विभागों में पहल के आधार पर नौकरियां भी देनी चाहिए ताकि वे अपना जीवनयापन कर सकें। उन्होंने कहा कि डबवाली के विधायक होने के नाते वे पूरी तरह से अग्निकाण्ड पीडि़तों व उनके परिवारों के साथ हैं और उन्हें उच्च न्यायालय द्वारा घोषित किया गया मुआवजा दिलवाने के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे। इस धरने में पूर्व विधायक डा. सीताराम, जिला प्रधान पदम जैन, राधेराम गोदारा, नरेंद्र बराड़, डा. गिरधारी लाल, सरदार जगरूप सिंह, रणबीर राजा,आशा वाल्मीकि, टेकचंद छाबड़ा, सर्वजीत सिंह मसीतां, कुलदी जम्भू, महावीर सहारण, अजनीश बिश्रोई प्रहलाद सिंह, गुरजीत सिंह एमसी, लवलीकांत मेहता, सुखविंद्र सिंह एमसी, सरेंद्र छिंदा, एमसी, दर्शन मांगेा, काली मिढा, जगत सिंह बराड़, राजा पेंटर, संदीप सन्नी, मास्टर अमृतलाल, अजमेर सिंह, धेलाराम, भूपेंद्र सिंह, स्वर्णसिंह, बलराज सिंह सहित भारी संख्या में नगरवासी शामिल हुए।
ली के वार्षिक समारोह में अग्रिकांड की भेंट चढ़े व प्रभावित सेंकड़ों लोगों के परिजनों को बिना देरी से मुआवजा देने, पीडि़तों को सरकारी नौकरी देने, उच्च न्यायालय के आदेशों को ज्यों का त्यों लागू करने सहित पीडि़तों की अन्य मांगों को लेकर आज इनेलो ने गांधी चौक पर धरना दिया। धरने का नेतृत्व इनेलो के प्रधान महासचिव व स्थानीय विधायक अजय सिंह चौटाला ने किया। इस धरने में अग्निकाण्ड पीडि़त परिवारों के अलावा डबवाली कस्बे व इस क्षेत्र के लोग भी भारी संख्या में हिस्सा लिया। धरने के माध्यम से हुड्डा सरकार से इस मामले को उच्चतम न्यायालय में न ले जाने, डबवाली में बर्न यूनिट स्थापित करने व पीडि़तों का इलाज करवाने सहित राहत संबंधित अन्य मांगें की गई।धरने का नेतृत्व कर रहे पार्टी के महासचिव अजय सिंह चौटाला ने कहा कि वह अग्रिकांड की भेंट चढ़े लोगों को न्याय दिलवाने के लिए कटिबद्ध हैं और जब तक पीडि़तों को न्याय नहीं मिलता, वह जनता को साथ लेकर संघर्ष को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यदि हुड्डा सरकार ने पीडि़तों को राहत देने के लिए तुरंत कोई कदम नहीं उठााया तो, इस मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे।विधायक अजय सिंह चौटाला ने कहा कि सरकार की मंशा पीडि़त परिवारों को उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले को लागू कर उन्हें तुरंत राहत करने की नहीं है बल्कि इस मामले को वह सुप्रीम कोर्ट में ले जा कर पीडि़तों को न्याय देने में देरी करने की है। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार बिल्कुल ही संवेदनहीन व निष्ठुर हो गई है और मुख्यमंत्री हुड्डा सहित सरकार के लोगो में जरा भी मानवीय भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो हुड्डा सरकार मीडिया के माध्यम से योजनाओं का झूठा प्रचार करने पर अरबों रूपये पानी की तरह बहा रही है वहीं, दुनिया के विभत्स अग्रिकांड में एक डबवाली अग्रिकांड के पीडि़तों को मुआवजा राशि देने में रूचि नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि डबवाली अग्रिकांड की पिछली बरसी पर स्थानीय कांग्रेसी सांसद व सरकार के अन्य लोगों ने पीडि़त परिवारों के बीच उन्हें तुरंत प्रभाव से मुआवजा दिलवाने, उनका इलाज करवाने व सरकारी नौकरी दिलवाने का वायदा किया था परन्तु इस पर पीडि़तों को राहत प्रदान करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा अब इसे सुप्रीम कोर्ट में लेजाकर लटका रही है।उन्होंने कहा कि इस अग्रिकांड में बच्चों, महिलाओं सहित कुल 446 लोगों की दुखद मौत हो गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि पीडि़त परिवार 14 वर्ष बाद भी इस सदमे से नहीं उबर पाए हैं और अपने इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं। विधायक ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा पिछले साल 9 नवम्बर, 2009 को दिए गए फैसले अनुसार अग्निकाण्ड से पीडि़त लोगों को दिए जाने वाले मुआवजे का 45 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार और बाकी 55 फीसदी हिस्सा सम्बन्धित राजीव मैरिज पैलेस व डीएवी ग्रुप द्वारा अदा किया जाना है। इस मुआवजे की अदायगी अदालती आदेशों के चार महीने के भीतर की जानी है। उन्होंने कहा कि 14 साल पहले हुए इस हादसे से प्रभावित लोगों व उनके परिवारों को अदालती आदेश के बाद मुआवजा मिलने की उम्मीद बनी है लेकिन हुड्डा सरकार अदालत के फैसले का सम्मान करने और प्रभावित लोगों को तुरन्त मुआवजा राशि देकर उनके घावों पर मरहम लगाने की बजाय इस मामले को लटकाने के लिए एक बार फिर से सर्वोच्च न्यायालय जाने की तैयारी में लगी हुई है।उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार को इस मामले में तकनीकी दृष्टिकोण अपनाने की बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और पीडि़तों के जख्मों पर मरहम लगाते हुए न सिर्फ तुरन्त मुआवजा का भुगतान करना चाहिए बल्कि डबवाली में बर्न यूनिट व फिजियोथैरेपी सेंटर स्थापित करने और अग्निकाण्ड से पीडि़त बच्चों व उनके परिवारों के पुनर्वास का बन्दोबस्त करते हुए उन्हें सरकारी विभागों में पहल के आधार पर नौकरियां भी देनी चाहिए ताकि वे अपना जीवनयापन कर सकें। उन्होंने कहा कि डबवाली के विधायक होने के नाते वे पूरी तरह से अग्निकाण्ड पीडि़तों व उनके परिवारों के साथ हैं और उन्हें उच्च न्यायालय द्वारा घोषित किया गया मुआवजा दिलवाने के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे। इस धरने में पूर्व विधायक डा. सीताराम, जिला प्रधान पदम जैन, राधेराम गोदारा, नरेंद्र बराड़, डा. गिरधारी लाल, सरदार जगरूप सिंह, रणबीर राजा,आशा वाल्मीकि, टेकचंद छाबड़ा, सर्वजीत सिंह मसीतां, कुलदी जम्भू, महावीर सहारण, अजनीश बिश्रोई प्रहलाद सिंह, गुरजीत सिंह एमसी, लवलीकांत मेहता, सुखविंद्र सिंह एमसी, सरेंद्र छिंदा, एमसी, दर्शन मांगेा, काली मिढा, जगत सिंह बराड़, राजा पेंटर, संदीप सन्नी, मास्टर अमृतलाल, अजमेर सिंह, धेलाराम, भूपेंद्र सिंह, स्वर्णसिंह, बलराज सिंह सहित भारी संख्या में नगरवासी शामिल हुए।
बुधवार, 3 फ़रवरी 2010
कोस्को क्रिकेट टूर्नामैंट का आयोजन आगामी 5 फरवरी से
डबवाली- उपमण्डल के गांव लखुआना में ग्राम पंचायत व ग्रामवासियों के सहयोग से क्रिकेट कमेटी के तत्वाधान में कोस्को क्रिकेट टूर्नामैंट का आयोजन आगामी 5 फरवरी से होगा। जिसमें गांव के सरपंच रूप राम रोयल जी मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर छोटू राम भाट व देसराज डांगी शामिल होंगे। यह जानकारी देते हुए क्रिकेट कल्ब के प्रधान राजेन्द्र नेहरा व कोषाध्यक्ष औम प्रकाश डांगी ने संयुक्त रूप से बताया कि 5 तारीख से आरम्भ होने वाले उपरोक्त टूर्नामैंट में हरियाणा, पंजाब व राजस्थान की क्रिकेट टीमें भाग लेंगी। उन्होंने बताया कि समापन समारोह में साहब राम मेहरा आईपीएस लखुआना विजेता एवं उपविजेता टीमों को पुरस्कार वितरण करेंगे। जहां विजेता टीम को 11000 नकद+ट्राफी तथा उपविजेता टीम को 7100 नकद+ट्राफी दी जाऐगी। वहीं तृतीय स्थान पर रहने वाली टीम को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 2100 नकद+ट्राफी से पुरस्कृत किया जाऐगा। इसके अलावा खिलाडिय़ों को मैन ऑफ दि मैच एवं मैन ऑफ दि सीरिज के पुरस्कारों से भी अलंकृत किया जाऐगा।
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अजय चौटाला डबवाली अग्रिकांड पीडि़तों को मुआवजा राशि दिलवाने के पक्ष में
डबवाली- डबवाली अग्रिकांड पीडि़तों को मुआवजा राशि दिलवाने हेतु इनेलो ने प्रदेश सरकार के विरूद्ध संघर्ष करने का फैसला कर लिया है। इसी कड़ी में इनेलो विधायक अजय चौटाला के नेतृत्व में स्थानीय गांधी चौंक में आज प्रात: 10 बजे से सायं 4 बजे तक धरना आयोजित किया जाऐगा। यह जानकारी देते हुए कार्यालय प्रभारी टेक चन्द छाबड़ा ने बताया कि प्रदेश सरकार माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के खिलॉफ माननीय उच्चतम न्यायलय में अपील हेतु जाने की तैयारी कर रही है। इस प्रकार प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता स्पष्ट हो गई है। इनेलो विधायक अजय चौटाला जो कि डबवाली का प्रतिनिधित्व करते हैं ने बड़े जोर-शोर से अग्रिकांड पीडि़तों के पक्ष में अभियान चलाया है ताकि इतनी बड़ी त्रासदी से पीडि़तों के जख्मों पर मरहम लगाया जा सके। श्री दाबड़ा ने कहा कि डबवाली क्षेत्र के लोग इस मुद्दे पर पूरी तरह से लामबन्द हो रहे हैं तथा विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में शहरवासी शामिल हो कर प्रदेश सरकार को मजबूर कर देंगे कि अग्रिकांड पीडि़तों को माननीय उच्च न्यायलय आदेशानुसार तुरन्त मुआवजा राशि वितरित की जाए।
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गुरू नानक कॉलेज किलियांवाली के प्रांगण में बीते दिवस इंटर स्कूल प्रतियोगिता का आयोजन
डबवाली -स्थानीय गुरू नानक कॉलेज किलियांवाली के प्रांगण में बीते दिवस इंटर स्कूल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन कॉलेज समिति के कोषाधक्ष राजिन्द्र सिंह भाट्टी द्वारा किया गया। जिसमें स्थानीय 16 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया तथा पोस्टर मेकिंग, रंगोली, स्टिक व मोनों एक्टिंग में अपने जौहर दिखाए। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या एवं नशाखोरी के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना था। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी डबवाली के अलावा एसबीआई पटियाला के शाखा प्रबन्धक प्रेम गुप्ता, करण सिंह यादव सहित विभिन्न कॉलेज व स्कूलों के प्रसीपल उपस्थित थे। समारोह के अन्त में प्रसीपल इन्दिरा अरोड़ा ने सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए तथा आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन मैडम सुरिन्द्र कपिला ने बाखूबी निभाया।
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बढ़ रही रसोई गैस की किल्लत से गैस उपभोक्ताओं में रोष
डबवाली-शहर में दिन प्रति दिन बढ़ रही रसोई गैस की किल्लत से गैस उपभोक्ताओं में रोष बढ़ता जा रहा है। गैस उपभोक्ता हरिन्द्र सिंह , राजेन्द्र सिंह , प्रकाश कौर, बलराज सिंह , रमेश कुमार, पूर्ण चन्द विजय कुमार ने बताया कि भारत गैस ऐजन्सी की सप्लाई आज लगभग डेढ़ माह के पश्चात अलीकां रोड़ पर स्थित हरियाणा गैस गोदाम में आई तो ऐजन्सी संचालकों द्वारा गैस का वितरण नहीं किया गया। जिसके चलते उपभोक्ताओं में रोष पनप गया और कशमीर गैस ऐजन्सी के कारिन्दों की बदसलूकी के कारण वहां पर उपस्थित उपभोक्ताओं की झड़प हो गई। सूचना मिलते ही खाद्य विभाग के इंस्पैक्टर अरविन्द पूणिया व पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा गैस का वितरण शुरू करवाया। उधर पंजाब क्षेत्र में स्थित उपरोक्त गैस ऐजन्सी के गोदाम के सामने आज अल सुबह 5 बजे से लम्बी लाईन लगा कर बैठे उपभोक्ताओं ने बताया कि उनको यहां बैठे लगभग 10 घन्टे बीत चुके हैं परन्तु गैस की सप्लाई नहीं दी जा रही। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि ऐजन्सी कार्यालय से भी उन्हें कोई सन्तोषजनक उत्तर नहीं मिलता। 45 दिनों पश्चात गैस की बुकिंग की जाती है तथा कह दिया जाता है कि होम डिलीवरी द्वारा सिलेंडर आपके घर पहुंचा दिया जाऐगा। लेकिन दो माह बीत जाने के पश्चात भी परिणाम वही ढाक के तीन पात ही है। उपभोक्ताओं की मांग पर आज उपमण्डल अधिकारी (ना.) मुनीष नागपाल ने एक आवश्यक बैठक अपने कार्यालय में बुलवाई। जिसमें पंजाब स्थित भारत गैस ऐजन्सी एवं हरियाणा स्थित इण्डेन गैस ऐजन्सी के संचालकों के साथ -साथ नई ऐजन्सी के संचालकों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर डीएसपी बलवीर ङ्क्षसह व सदर एवं सिटी थाना प्रभारी, खाद्य विभाग के एएफएसओ उपस्थित थे। श्री नागपाल ने दोनों ऐजन्सियों के संचालको को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि गैस की आपूॢत में कौताही बर्दाश्त नहीं की जाऐगी। उन्होंने कहा कि कार्यालय में पहुंचे सभी उपभोक्ताओं की बुकिंग की जाऐ एवं उन्हें बुकिंग नम्बर तुरन्त दिया जाऐ तथा गैस की सप्लाई बुकिंग स्थल पर ही दी जाऐ। उन्होंने कहा कि एक सूचना पट्ट पर प्रतिदिन सूचित किया जाऐ कि इस नम्बर से इस नम्बर तक की सप्लाई दी जाऐगी ताकि उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। नई ऐजन्सी के संचालाक श्री सबरवाल ने कहा कि जल्द ही उनके द्वारा कार्य आरम्भ कर दिया जाऐगा।
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अधिकारियों आपसी तालमेल की कमी व लापरवाही के चलते सौन्दर्यकरण में अभी से बदनुमा धब्बे लगने शुरू
डबवाली -- स्थानीय रेल्वे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने के लिए किया जा रहा आधुनिकीकरण अभी पूरा भी
नहीं हुआ था कि रेल्वे विभाग के अधिकारियों में आपसी तालमेल की कमी व
लापरवाही के चलते सौन्दर्यकरण में अभी से बदनुमा धब्बे लगने शुरू हो गए हैं। आधुनिक सुविधाओं की बात तो एक तरफ स्थानीय स्टेशन पर मूलभूत सुविधाऐं तक उपलब्ध नहीं हैं। स्टेशन पर सफाई व्यवस्था चरमरा कर रह गई है। जिसके चलते रेल यात्रियों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संदर्भ में दैनिक यात्रियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में बने शौचाल्यों पर अक्सर ताले लटके रहते हैं। जिससे शौच आदि के लिए यात्रियों विशेषकर महिला यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्लेटफार्म के सौन्दर्यकरण के लिए यहां कोटा स्टोन बिछाया गया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों में तालमेल की कमी के चलते प्लेटफार्म पर बिजली की तारें बिछाने के लिए अभी से यहां लगाए गए कोटा स्टोन को तोड़ दिया गया है। जिसे बाद में आनन-फानन में रिपेयर किया गया। परन्तु सौन्दर्यकरण में एक धब्बा अवश्य लगा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते लाखों रूपया बर्बाद हो गया है। जब इस विषय में एसएम महेश सरीन से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था को शीघ्र अति शीघ्र सुचारू कर दिया जाऐगा। शौचाल्यों आदि की सफाई के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है तथा उन्होंने सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जल्द ही आधुनिकीकरण में आ रही कमियों को दूर करवा दिया जाऐगा। जिससे यह स्टेशन क्षेत्र का आधुनिक मॉडल स्टेशन बन जाऐगा।
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