गिल्लाखेड़ा व उपायुक्त ने दिए आदेश शराब ठेका हो गांव से बाहर
बिज्जूवाली( हेमराज बिरट )। गांव बिज्जूवाली में बने शराब ठेके के कारण ग्रामिणों को हर रोज परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बिज्जूवाली में गांव की आबादी के बीच बने शराब ठेके को लेकर ग्रामीण मुखर हो गए थे। उन्होंने इस शराब ठेके को लेकर कड़ी आपती जताई जबकि ग्राम पंचायत ने बीते कई दिनों पूर्व भी जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में उक्त शराब ठेके को लेकर मुख्य संसदीय सचिव को पत्र सौंपा था, जिसमें उन्होंने इसे गांव की आबादी से दूर किसी अन्य स्थान पर स्थापित करने की मांग की थी संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा के आदेशानुसार बीते 1 अप्रैल को आबकारी कराधान विभाग से अधिकारी मौके पर पहुंचे जिन्होंने ग्राम सरपंच राजाराम बिरट व अन्य लोगों से जानकारी ली। वहीं बीते दिन सिरसा में हुई बैठक में संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा व उपायुक्त युद्धवीर सिंह ख्यालिया ने गांव बिज्जूवाली में बने इस शराब ठेके को गांव की आबादी से बाहर करने के आदेश दे दिए हैं। गिल्लाखेड़ा व उपायुक्त का बिज्जूवाली के ग्रामिणों ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे इस शराब ठेके को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे, आखिर में उनको कामयाबी मिल ही गई। गौरतलब है कि इस ठेके के कारण यहां पर हर रोज शराबी लोग शराब पीकर हुलड़बाजी करते थे तथा गाली गलोच करते रहते हैं, जिस कारण लोगों को न केवल भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, यहां से गुजरना भी खतरे से खाली नहीं था। ग्रामिणों का कहना है कि शराब ठेके का गांव की आबादी के बीच में होने से उनके बच्चों पर उसका बुरा प्रभाव पड़ रहा था। ग्रामिणों ने बीते दिनों कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी कि अगर ये शराब ठेका यहां से नहीं हटाया गया तो उनको रोड़ जाम करने पर मजबूर होना पड़ेगा।
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रविवार, 29 मई 2011
डबवाली में लगाया मुफ्त होम्योपैथिक शिविर
डबवाली,- महावीर जैन संस्थान ट्रस्ट द्वारा आज डबवाली में एक मुफ्त होम्योपैथिक जांच शिविर लगाया गया। शिविर के मुख्यातिथि डबवाली के डीएसपी बाबूलाल यादव थे। शिविर में डॉ. भूपेंद्र सिंह (चेयरमैन पंजाब होम्योपैथिक फेडरेशन) ने अपनी टीम के साथ सेवाएं दी। उन्होंने बताया कि होम्योपैथिक चिकित्सा एक ऐसी चिकित्सा प्रणाली है जो की रोग की जड़ को पहचानती है और उसका कारगर उपचार करती है। उन्होंने बताया कि काम, क्रोध व लोभ ही बीमारियों को जन्म देते हैं। दिमाग पर होने वाला तनाव ही बीमारियों को जन्म देता है। यदि गर्भ के दौरान मां ज्यादा चिंता करती है तो उसका प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है। शिविर में राकेश कुमार शर्मा, रणवीर सिंह, रामलाल बागड़ी, सुभाष चंद्र सहित अन्य मौजूद थे।
शनिवार, 28 मई 2011
सुरेंद्र कौर बादल की अस्थियां चुनने के बाद जल प्रवाह
डबवाली (यंग फ्लेम)गांव बादल के रामबाग में बीबी सुरेंद्र कौर बादल के फूल चुनते वक्त मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व सुखबीर सिंह बादल अपने आंसूओं को न रोक सकें। उनकी आंखों में आंसू देखकर वहां पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ता व आम
लोगों की भी आंखें नम हो गई। बीबी सुरेंद्र कौर के फूल चुनने के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, उनकी बेटी परनीत कौर, दामाद आदेश प्रताप सिंह कैरों, हरसिमरत कौर बादल, गुरदास सिंह बादल, भाई इंद्रजीत सिंह पौत्रा आनतवीर सिंह बादल, पौत्री हरकीरत कौर व गुलीन कौर, दोहते दिलशेर सिंह व जय कैंरो, हरदीप इंद्र सिंह बादल, मेजर भूपेंद्र सिंह बादल, महेश
इंद्र सिंह बादल, परमजीत सिंह लाली, सर्वजीत सिंह बादल व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्
रकाश चौटाला, बिक्रमजीत सिंह के अलावा अनेक परिवारिक सदस्य मौजूद थे। इससे पूर्व शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ द्वारा अरदास की गई। फूल चुनने के उपरांत उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल अपनी माता की अस्थियों को एक कलश लेकर श्री कीरतपुर साहिब के लिए रवाना हो गए। जहां उन्हें जल प्रवाह कर दिया गया।
लोगों की भी आंखें नम हो गई। बीबी सुरेंद्र कौर के फूल चुनने के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, उनकी बेटी परनीत कौर, दामाद आदेश प्रताप सिंह कैरों, हरसिमरत कौर बादल, गुरदास सिंह बादल, भाई इंद्रजीत सिंह पौत्रा आनतवीर सिंह बादल, पौत्री हरकीरत कौर व गुलीन कौर, दोहते दिलशेर सिंह व जय कैंरो, हरदीप इंद्र सिंह बादल, मेजर भूपेंद्र सिंह बादल, महेश
इंद्र सिंह बादल, परमजीत सिंह लाली, सर्वजीत सिंह बादल व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्
रकाश चौटाला, बिक्रमजीत सिंह के अलावा अनेक परिवारिक सदस्य मौजूद थे। इससे पूर्व शिरोमणी गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ द्वारा अरदास की गई। फूल चुनने के उपरांत उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल अपनी माता की अस्थियों को एक कलश लेकर श्री कीरतपुर साहिब के लिए रवाना हो गए। जहां उन्हें जल प्रवाह कर दिया गया।बाइक सवारों ने किया पुलिस कर्मी पर हमला
सिरसा-महिलाओं के गले से सोने की चेन व राहगीरों से नकदी लूटने वाले बाइक चालकों का हौसला इतना बढ़ गया है कि अब वे पुलिस पर भी हमला करने लगे हैं। गुरुवार शाम एडीसी कॉलोनी में कुछ ऐसी ही घटना हुई जिसमें बाइक सवारों ने हुडा चौकी में कार्यरत पुलिस कर्मी विशाल पर हमला कर दिया जिससे उनकी एक बाजू टूट गई। जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम पुलिस कर्मी विशाल अजय विहार क्षेत्र में बाइक चालकों पर नजर रख रहे थे। उसी दौरान बिना नंबर का एक बाइक वहां से गुजरा तो विशाल ने बाइक चालक को बाइक रोकने का इशारा किया मगर बाइक चालक सीधा ही बाइक को आगे भगा ले गया। विशाल ने अपने बाइक से बिना नंबर वाली बाइक का पीछा किया तो बाइक चालक एडीसी कॉलोनी की गलियों में घुस गया। विशाल भी उसके पीछे-पीछे जा रहे थे। बताया गया है कि आगे चलकर बाइक चालक ने अपना बाइक रोक लिया और मौके पर अपने कुछ अन्य दोस्तों को बुला लिया। जब विशाल वहां पहुंचे तो उन पर युवकों ने मिलकर हमला कर दिया। हमले में विशाल एक दायी बाजू टूट गई। इसके बाद युवक वहां से भाग गए।
हुडा चौकी प्रभारी राजकुमार का कहना है कि बाइक सवारों ने विशाल पर हमला किया है जिनकी पहचान तो नहीं हुई है मगर सामने आने पर विशाल उन्हें पहचान सकता है। उल्लेखनीय है कि जब से शहर में चेन स्नेचिंग व लूट की वारदातें हुई हैं, तब से पुलिस बिना नंबर की बाइक पर खास नजर रखे हुए हैं।
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पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग गया आरोपी
सिरसा- नकली नोट चलाने के गिरोह के एक अन्य आरोपी को रतिया क्षेत्र के गांव बुर्ज में गई सिरसा पुलिस को असफलता हाथ लगी है क्योंकि आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले ही घर से भाग गया। उल्लेखनीय है कि सिरसा पुलिस ने 12 अप्रैल को बरनाला रोड पर नकली नोट चलाने के आरोप में रतिया हलके के गांव नकटा निवासी नवदीप व राजबीर को दो 500-500 रुपए के नकली नोटों सहित पकड़ा था। इन युवकों ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने यह नोट रतिया के बुर्ज ढाणी पहलवान के दिलबाग सिंह से लिए थे। दिलबाग को यह नोट उसके ससुर हरपाल टहल निवासी अमृतसर ने दिए थे। टहल इस समय नकली नोटों के मामले में अमृतसर की जेल में हैं तथा वह पाकिस्तान से नकली नोटों की सप्लाई करता था। दिलबाग को पकडऩे के लिए ही शहर थाने की पुलिस आज बुर्ज की पहलवान ढाणी में गई थी लेकिन छापे की सूचना मिलने पर दिलबाग पहले ही निकल गया।
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33 किलो 200 ग्राम चूरापोस्त बरामद
सरसा- थाना शहर पुलिस ने गश्त व चैकिंग के दौरान आज सुबह दो अलग अलग घटनाओं में एक आरोपी को 17 किलो 200 ग्राम चूरापोस्त के साथ टाउन पार्क क्षेत्र से काबू कर लिया। शहर थाना के सहायक उपनिरीक्षक दलबीर सिंह पर आधारित पुलिस पार्टी ने टाउन पार्क क्षेत्र से गश्त के दौरान रणजीत पुत्र सुखदेव निवासी गोटाकोटली जिला बठिंडा पंजाब को 17 किलो 200 ग्राम चूरापोस्त सहित काबू कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह यह चूरापोस्त राजस्थान से लेकर आया तथा उसे पंजाब जाना था। वहीं, एक अन्य घटना में बस स्टैंड चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजाराम पर आधारित पुलिस पार्टी ने गश्त के दौरान टाउन पार्क क्षेत्र से ही 16 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद की, लेकिन आरोपी पुलिस को देखकर भाग गया। पुलिस ने चूरापोस्त कब्जे में लेकर आरोपी विक्रम राजपूत निवासी पलसाना जिला सीकर राजस्थान के रूप में हुई है। जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं।
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गणेश मंदिर प्रबंधकों ने जताया तंवर का आभार
ब्राहमण सभा के प्रधान डा.रामस्वरूप अग्निहोत्री एवं महासचिव मोहनलाल कौशिक ने एक संयुक्त वक्तव्य मे बताया कि डज्ञ.अशोक तंवर गत 21 मई को डबवाली दौरे के दौरान श्री गणेश मन्दिर में असेम्बली हॉल के निर्माण के लिए पहले दी गई 3 लाख रूपये की अनुदान राशि के प्रयोग देखने के लिए तथा भगवान श्री गणेश का आर्शिवाद लेने के लिए डा.के.वी.सिंह के साथ मन्दिर प्रांगण मे पंहुचे थे। दोनो नेताओं ने वहां पर काम को देखकर खुशी का इजहार किया तथा यथा सम्भव और सहायता देने का वादा किया। आज डा.के.वी.सिंह के माध्यम से सांसद डा. अशोक तंवर ने बताया कि उन द्वारा इस असेम्बली हॉल के अधुरे निर्माण को पुरा करने क लिए 2 लाख रूपये की अनुदान राशि और मंजूर कर दी है। डा.तंवर के 21 मई के दौरे के समय उनके साथ अमित सिहाग प्रधान लोकसभा युवा कांग्रेस सिरसा,संदीप चैधरी,ब्लाक मण्डी डबवाली के प्रधान पवन गर्ग उपस्थित थे तथा मन्दिर प्रांगण मे सभी अतिथियों का स्वागत करने के लिए श्री ब्राहमण सभा के डा.सुरेन्द्र पाल जस्सी, मा.रमेश शर्मा,गोकुल शर्मा,केशव शर्मा,देवीलाल शर्मा,बालकिशन शर्मा,सोमवीर शर्मा प्रधान मालवा ब्राहमण सभा पंजाब,रामनिवास शर्मा,कानाराम शर्मा उपस्थित थे।
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देविवि में स्थापित राष्ट्रीय ध्वज गायब!
डबवाली (यंग फ्लेम)-चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में 25 मई को सांसद नवीन जिंदल द्वारा स्थापित 100 फीट ऊंचे खंभे पर लगाया गया राष्ट्रीय ध्वज खंभे पर नहीं है। ध्वज नहीं होने के कारण लोगों में कई तरह की चर्चाएं चल रही है। आज सुबह देविवि के स्टाफ व विद्यार्थियों ने खंभे से तिरंगा गायब देखा तो पूरे विश्वविद्यालय परिसर में चर्चा चल पड़ी। कुछ लोगों ने कहा कि रात को आई तेज हवा में तिरंगा उड़ गया है जबकि विश्वविद्यालय की निर्माण शाखा के एसडीओ राकेश गोदारा ने कहा कि अंधेरी आने से पहले ही तिरंगा सुरक्षित उतार लिया था। उन्होंने बताया कि कुछ जिलों में हवा के कारण तिरंगा उडऩे या फटने की घटनाएं हो चुकी हैं, इससे बचने के लिए उन्होंने शाम को ही मौसम के मिजाज को देखते हुए उसे उतार लिया था। इसकी सूचना नेशनल फ्लैग फाउंडेशन के अधिकारियों को दे दी गई है। आज शाम अधिकारी सिरसा पहुंच जाएंगे और उसके बाद तिरंगा फिर से लगा दिया जाएगा।
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हत्या मामले का उद्घोषित अपराधी काबू
डबवाली (यंग फ्लेम)पुलिस ने 11 अगस्त 1999 को क्षेत्र के गांव राजपुरा माजरा में हुई हत्या मामले में वांछित उदघोषित अपराधी परमेशवर उर्फ रामप्रवेश पुत्र रामशोभित निवासी मलटौली जिला मुज्जफरपुर बिहार के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपी को डबवाली अदालत में पेशकर पूछताछ हेतू तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है। जानकारी के मुताबिक 11 अगस्त 1999 को धर्मपाल पुत्र सतोराय निवासी मलटोली जिला मुज्जफरपुर बिहार की कुल्हाड़ी मार अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी तथा शव राजपुरा माजरा के खेतों में दबा दिया था। पुलिस ने राजपुरा माजरा निवासी गणेशाराम पुत्र बसावाराम की शिकायत पर भादंसं की धारा 302, 201 तथा 34 के तहत अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। सदर डबवाली पुलिस ने घटना की गुत्थी को सुलझाते हुए घटना के एक आरोपी नवीन राय पुत्र रामशोभितराय को पहले ही काबू कर लिया था। इस मामले में कुल चार आरोपियों की पहचान हुई थी, घटना के बाकी दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सदर डबवाली पुलिस द्वारा दबिश दी जा रही है।
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शुक्रवार, 27 मई 2011
राह का रोडा बनें पोल
डबवाली-सरकार द्वारा राष्ट्रीय मार्गों का सौंदर्य करण तो करवाया जा रहा है लेकिन इस विकास की राह में वाहन चालकों के लिए कई समस्याएं पैदा हो गई है। समस्या भले ही किसी मोहल्ले या कालोनी की हो, लेकिन कभी न कभी जूझना सभी को पड़ता है। यह अलग बात है कि चंद पल की मुश्किल मानकर परेशा
नी को नज
रअंदाज कर दिया जाए। दरअसल हम उन सड़कों की बात कर रहे हैं, जिनके बीच बिजली के खंभे व सड़क पर लगे किलोमीटर दर्शाने वाले साईन बोर्ड रोड़ा बनकर खड़े हैं। इससे लोगों का आवागमन तो दूभर हुआ ही, हादसों की आशंका भी बनी हुई है। कई शिकायतों और गुहारों के बाद भी खंभे सड़क के बीच से नहीं हट सके। डबवाली से सिरसा रोड पर विद्युत निगम कार्यालय के समीप लगा किलोमीटर दर्शाने वाला साईन बोर्ड व
कालांवाली टी प्वाईट पर लगा बोर्ड हादसों को निमंत्रण दे रहा है। जोकि मार्ग के सौंदर्य करण पर एक गहरा दाग है। वहीं सरकार के विकास कार्यों पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहे है। क्योंकि सोचने वाली बात है की राष्ट्रीय मार्ग जिस पर करोड़ों रूपए हर वर्ष खर्च किए जाते है। इस कार्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए सरकार द्वारा काफी अधिकारियों का सहारा लिया जाता है। लेकिन संबंधित विभाग न जाने क्यों आंखें मूंद कर किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। अब देखना यह है कि मुसीबत बने सड़कों के बीच खड़े पोल के खिलाफ प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा यह निश्चित नहीं है।
नी को नज
रअंदाज कर दिया जाए। दरअसल हम उन सड़कों की बात कर रहे हैं, जिनके बीच बिजली के खंभे व सड़क पर लगे किलोमीटर दर्शाने वाले साईन बोर्ड रोड़ा बनकर खड़े हैं। इससे लोगों का आवागमन तो दूभर हुआ ही, हादसों की आशंका भी बनी हुई है। कई शिकायतों और गुहारों के बाद भी खंभे सड़क के बीच से नहीं हट सके। डबवाली से सिरसा रोड पर विद्युत निगम कार्यालय के समीप लगा किलोमीटर दर्शाने वाला साईन बोर्ड व
कालांवाली टी प्वाईट पर लगा बोर्ड हादसों को निमंत्रण दे रहा है। जोकि मार्ग के सौंदर्य करण पर एक गहरा दाग है। वहीं सरकार के विकास कार्यों पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहे है। क्योंकि सोचने वाली बात है की राष्ट्रीय मार्ग जिस पर करोड़ों रूपए हर वर्ष खर्च किए जाते है। इस कार्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए सरकार द्वारा काफी अधिकारियों का सहारा लिया जाता है। लेकिन संबंधित विभाग न जाने क्यों आंखें मूंद कर किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। अब देखना यह है कि मुसीबत बने सड़कों के बीच खड़े पोल के खिलाफ प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा यह निश्चित नहीं है।
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मुसलमान ने दी हिन्दू की चिता को अग्नि
कट्टरता पर चोट : धर्म से ऊंची है इंसानियत
मंगलवार को भी प्रतिदिन की तरह मुन्ना सर्विस स्टेशन बंद करके घर चला गया। बुधवार सुबह करीब 8 बजे वह सर्विस स्टेशन पर आया। चारपाई पर लेटे राजेंद्र को आवाज लगाई। उसने कोई जवाब नहीं दिया। राजेंद्र के ओढ़े कंबल को हटाया तो देखा कि वह खून से लथपथ मृत पड़ा था। किलियांवाली पुलिस ने मुन्ना की शिकायत पर मौका पर पहुंचकर राजेंद्र के शव को कब्जे में लिया। मलोट से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को मुन्ना को सौंप दिया। लेकिन मुन्ना की आर्थिक हालत दयनीय होने के कारण शव का संस्कार करने के लिए मुन्ना को डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के अध्यक्ष आरके नीना ने सहयोग दिया।
हिन्दू संस्कार के अनुसार मुन्ना ने मुसलमान होते हुए भी डबवाली के रामबाग में बुधवार देर शाम को मुखाग्नि देकर राजेंद्र शुक्ला के शरीर को पंचभूतों में समाहित कर दिया। मण्डी किलियांवाली में रहने वाले मुन्ना ने बताया कि उसने शुक्ला के परिवार से कानपुर संपर्क किया। उसके परिजनों से अनुमति मिलने के बाद ही शुक्ला के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
कौन था राजेंद्र शुक्ला
कानपुर में कपड़ा के बिजनेस मैन संजय शुक्ला के अनुसार राजेंद्र शुक्ला उसका चाचा था। जोकि हिन्दुस्तानी फौज के असला खाना में बतौर बाबू तैनात था। किसी कारणवश असला खाना की नौकरी छोड़कर उसका चाचा बाबू से साधु बन गया। पिछले करीब सात सालों से वह साधु के रूप में घर से चला गया था। राजेंद्र शुक्ला की बीवी पुष्पा देवी, दो बच्चे कमल शुक्ला तथा लड़की बबली शुक्ला हैं। दोनों विवाहिता हैं। कमल आर्मी में है। संजय के अनुसार वे जल्द डबवाली आएंगे और राजेंद्र शुक्ला की अस्थियां कानपुर लेजाकर, अन्य संस्कार वहीं करेंगे। संजय के मुताबिक मुन्ना ने मुसलमान होते हुए भी उसके चाचा के शव को कंधा दिया और मुखाग्नि दी। इससे बढ़कर इंसानियत का उदाहरण कहीं और नहीं मिल सकता।
डबवाली-एक मुसलमान ने हिन्दू को मरणोपरांत अग्नि देकर हिन्दू-मुसलमान के बीच फूट डालने वालों को करारा जवाब दिया है। यह मिसाल कहीं ओर नहीं बल्कि मण्डी किलियांवाली में कायम हुई। हिन्दू बहुल क्षेत्र होने के बावजूद भी एक हिन्दू साधु को मुसलमान ने केवल कंधा ही नहीं दिया, बल्कि डबवाली के रामबाग में उसके मृतक शरीर को अग्नि देकर उसे पंचतत्वों में
विलीन भी किया।
धर्म के नाम पर लड़ाई-झगड़े तो अक्सर होते रहते हैं। लेकिन धर्म से ऊपर उठकर इंसानियत के लिए काम करने वाली मिसालें अक्सर कम ही मिलती हैं। अलग-अलग धर्मों के होने के बावजूद भी एक मुसलमान मुन्ना ने एक हिन्दू साधु राजेंद्र शुक्ला को पहले शरण दी और मृत्यु हो जाने पर उसे कंधा दिया। मूल रूप से कानपुर निवासी राजेंद्र कुमार शुक्ला पुत्र गंगा नारायण शुक्ला साधु वेष में काफी समय से मालवा बाईपास पर घूम रहा था। करीब डेढ़ साल पूर्व उसका संपर्क मालवा बाईपास पर सर्विस स्टेशन चलाने वाले मुन्ना से हुआ। मुन्ना मुसलमान है, लेकिन इसके बावजूद उसने हिन्दू साधु को अपने सर्विस स्टेशन पर जगह दी। मुन्ना हर रोज की तरह शाम को अपना सर्विस स्टेशन बंद करके घर जाता और राजेंद्र शुक्ला वहीं सर्विस स्टेशन के आगे चारपाई पर लेटकर रात बिताता।
विलीन भी किया।मंगलवार को भी प्रतिदिन की तरह मुन्ना सर्विस स्टेशन बंद करके घर चला गया। बुधवार सुबह करीब 8 बजे वह सर्विस स्टेशन पर आया। चारपाई पर लेटे राजेंद्र को आवाज लगाई। उसने कोई जवाब नहीं दिया। राजेंद्र के ओढ़े कंबल को हटाया तो देखा कि वह खून से लथपथ मृत पड़ा था। किलियांवाली पुलिस ने मुन्ना की शिकायत पर मौका पर पहुंचकर राजेंद्र के शव को कब्जे में लिया। मलोट से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को मुन्ना को सौंप दिया। लेकिन मुन्ना की आर्थिक हालत दयनीय होने के कारण शव का संस्कार करने के लिए मुन्ना को डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के अध्यक्ष आरके नीना ने सहयोग दिया।
हिन्दू संस्कार के अनुसार मुन्ना ने मुसलमान होते हुए भी डबवाली के रामबाग में बुधवार देर शाम को मुखाग्नि देकर राजेंद्र शुक्ला के शरीर को पंचभूतों में समाहित कर दिया। मण्डी किलियांवाली में रहने वाले मुन्ना ने बताया कि उसने शुक्ला के परिवार से कानपुर संपर्क किया। उसके परिजनों से अनुमति मिलने के बाद ही शुक्ला के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी।
कौन था राजेंद्र शुक्ला
कानपुर में कपड़ा के बिजनेस मैन संजय शुक्ला के अनुसार राजेंद्र शुक्ला उसका चाचा था। जोकि हिन्दुस्तानी फौज के असला खाना में बतौर बाबू तैनात था। किसी कारणवश असला खाना की नौकरी छोड़कर उसका चाचा बाबू से साधु बन गया। पिछले करीब सात सालों से वह साधु के रूप में घर से चला गया था। राजेंद्र शुक्ला की बीवी पुष्पा देवी, दो बच्चे कमल शुक्ला तथा लड़की बबली शुक्ला हैं। दोनों विवाहिता हैं। कमल आर्मी में है। संजय के अनुसार वे जल्द डबवाली आएंगे और राजेंद्र शुक्ला की अस्थियां कानपुर लेजाकर, अन्य संस्कार वहीं करेंगे। संजय के मुताबिक मुन्ना ने मुसलमान होते हुए भी उसके चाचा के शव को कंधा दिया और मुखाग्नि दी। इससे बढ़कर इंसानियत का उदाहरण कहीं और नहीं मिल सकता।
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बीवी के वियोग में डेरा प्रेमी ने दी जान
डबवाली-पत्नी के वियोग में एक डेरा प्रेमी ने किलियांवाली जलघर की डिग्गी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक की पहचान राजपाल बठला उर्फ अंग्रेज सिंह (32) निवासी अबोहर हाल एकता नगरी, वार्ड नं.11, डबवाली के रूप में की है।गुरूवार सुबह 9 बजे किलियांवाली जलघर में तैनात बेलदार सतपाल ने जलघर की डिग्गी में एक शव बहता हुआ देखा। उसने तत्काल इसकी जानकारी जनस्वास्थ्य विभाग डबवाली के जेई सतपाल तथा किलियांवाली पुलिस को दी। इधर इसकी जानकारी पाकर डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के सदस्य भी मौका पर आ गए। संस्था के सदस्यों ने मण्डी किलियांवाली के तैराक रतन लाल उर्फ जयसूर्या की सहायता से शव को डिग्गी से बाहर निकाला। मौका पर पहुंची किलियांवाली पुलिस को युवक के पहनी पेंट की जेब से डेरा सच्चा सौदा सिरसा का लॉकेट मिला। जिससे पता चला कि मृतक डेरा प्रेमी है। मृतक की दाई बाजू पर राजपाल बठला लिखा हुआ पाया। पुलिस ने लॉकेट के आधार पर युवक की पहचान करने के लिए डेरा सच्चा सौदा के स्थानीय मैम्बरों से संपर्क साधा।करीब दो घंटे बाद मृतक की पहचान मौका पर पहुंचे उसके भाई कालू राम (36) निवासी एकता नगरी, डबवाली ने की। कालू राम ने पुलिस को बताया कि उसका भाई राजपाल उर्फ अंग्रेज उसके पास रहता था और सब्जी रेहड़ी में उसका हाथ बंटाता था। बुधवार सुबह 8 बजे वह घर से रेहड़ी पर जाने का कहकर निकला था। लेकिन उसके बाद घर वापिस नहीं आया। कालू राम ने बताया कि राजपाल की शादी साल 1995 में अबोहर की एक युवती से हुई थी। पति-पत्नी में अनबन के चलते दोनों में करीब डेढ़ साल पूर्व तलाक हो गया। वह बिल्कुल अकेला हो गया था। इसी के चलते उसका भाई मानसिक तौर पर परेशान रहने लगा। करीब डेढ़ माह पूर्व वह अबोहर छोड़कर उसके पास डबवाली आ गया और यहीं उसके पास रहने लगा। पत्नी के वियोग में मानसिक परेशानी के चलते उसने उपरोक्त कदम उठाया।
किलियांवाली पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई जीत सिंह ने बताया कि कालू राम के उपरोक्त ब्यान पर पुलिस ने दफा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करते हुए शव का मलोट के सरकारी अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे उसके वारिसों को सौंप दिया।
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गुरुवार, 26 मई 2011
सुरेंद्र कौर बादल पंचतत्व में विलीन, बरसे आंसूओं के बादल, सरदारनी विदा
डबवाली -पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की धर्मपत्नी बीबी सुरेन्द्र कौर बादल का अन्तिम संस्कार बुधवार को बाद दोपहर 2.30 बजे धार्मिक रस्म रिवाज के साथ गांव बादल में कर दिया गया। श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, त्रिलोचन सिंह जत्थेदार तख्तश्री केसगढ़ साहिब, हरनाम सिंह घुम्मा जत्थेदार दमदमी साहिब, बलवन्त सिंह आनन्दगढ़ जत्थेदार तख्त श्री दमदमा साहिब द्वारा की गई अरदास के बाद बादल के बेटे तथा पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने मुख अग्नि देकर दाह संस्कार की रस्म अदा की।पार्टी स्तर से ऊपर उठ कर बादल परिवार से दु:ख सांझा करने और बीबी सुरेन्द्र कौर बादल को श्रद्धांजलि भेंट करने वालों में के न्द्री य ऊ र् जा मं त्री फारूक अब्दुल्ला, केन्द्रीय संचार मंत्री सचिन पायलट, पूर्व कांग्रेस मंत्री तेजप्रकाश सिंंह, सुनीत जाखड़, पूर्व कांग्रेस विधायक अरविन्द्र खन्ना शामिल थे। बीबी बादल की मृतक देह पर फूल मालाएं चढ़ाने वाली हस्तियों में हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिन्द्र सिंह हुड्डा, हिमाचल के मुख्यमंत्री पे्रम कुमार धूमल, पंजाब के राज्यपा ल
शिवराज पाटिल , हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाडिय़ा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौ टा ला, सांसद आशीष कथूरिया, पूर्व केन्द्रीय मंत्री बूटा सिंह, आल इंडिया एंटी टेरारिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनजि न्द् र सिंह बिट्टा, लोक भलाई पार्टी के प्रधान बलवन्त सिंह रामूवालिया, दलजीत सिंह चीमा राजनीतिक सचिव सीएम पंजाब, हरचरण बैंस मीडिया एडवाईजर सीएम पंजाब, किरपाल सिंह चेयरमैन पिछड़ा वर्ग आयोग पंजाब, सुनील जाखड़ विधायक अबोहर, हीरा सिंह गाबडिय़ा जेल मंत्री पंजाब, पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियाणवी की ओर से ईमाम उसमान रहमानी ने तथा हाजी मुस्लिम भाईचारा जिला मुक्तसर के चेयरमैन हाजी मोहम्मद अशरफ, निर्मल सिंह काहलों, परमन्द्रि सिंह ढींढसा शामिल थे।अन्तिम संस्कार के मौके पर पहुंची धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र की शख्सियत राधा स्वामी डेरा ब्यास के प्रमुख वीरेन्द्र सिंह ढिल्लों, सन्त मान सिंह, सन्त अमरीक सिंह कार सेवा वाले, बाबा कश्मीरा सिंह, अवतार सिंह मक्कड़ प्रधान एसजीपीसी अमृतसर, बीबी जंगीर कौर, किरपाल सिंह बंडुगर पूर्व अध्यक्ष एसजीपीसी अमृतसर, शामिल थे।
सगे भाईयों के हत्यारोपी ने किया आत्मसमर्पण
थाना शहर प्रभारी निरीक्षक बलवन्त जस्सू ने बताया कि अदालत से पकड़े गये आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है ताकि हत्या में प्रयुक्त किये गये हथियार व अन्य आरोपियों के पते व ठिकानों के बारे में पता लगाया जा सके। यहां विशेषकर उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार किये गये चरणजीत, मुख्य आरोपी नत्था सिंह का सीरी है। अभी तक म ुख्य आरोपी और छह अन्य आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
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बिजली निगम के कैशियर से 72 हजार लूटे
डबवाली-रोड़ पर बुधवार को दिनदिहाड़े बाईक सवार दो युवक दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के कैशियर का बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में 72 हजार रूपए की राशि थी। जोकि वह एसबीआई से निकलवाकर पैदल ही बस अड्डा की ओर जा रहा था।दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम कालांवाली में कैशियर के पद पर तैनात शाम लाल (52) पुत्र कन्हैया लाल निवासी कालांवाली ने बताया कि वह बस से डबवाली पहुंचा था। करीब 1.20 मिनट पर भारतीय स्टेट बैंक के पास बस से उतरकर सीधे ही बैंक में चला गया। वहां से उसने 72 हजार रूपए की राशि निकलवाई और निगम के खाकी रंग के बैग में उस राशि को डालकर बैंक से बस अड्डा के लिए पैदल ही चल पड़ा, ताकि डबवाली बस अड्डा से वह कालांवाली के लिए बस पकड़ सके।शाम लाल के अनुसार वह जैसे ही इसी रोड़ पर स्थित एचडीएफसी बैंक के नजदीक पहुंचा तो पीछे से बाईक पर आए दो युवकों ने उसे पीछे से धक्का दिया और वह सड़क पर गिर गया। ये युवक उसके हाथ में पकड़े बैग को छीन ले गए। उसके नाक, घुटनों पर चोट आई है। उसके शोर मचाने पर एचडीएफसी बैंक के कर्मचारी और शाखा प्रबंधक तुरंत बैंक से बाहर आए। उन्होंने उसे सड़क से उठाकर प्राथमिक चिकित्सा दी। उन्होंने ही इस घटना की सूचना थाना शहर पुलिस को दी। निगम के कैशियर ने बताया कि यह राशि सीएफसी फण्ड के अंतर्गत निकलवाई गई थी। उसके अनुसार इस राशि का प्रयोग निगम के छोटे खर्चों के लिए होता है। डबवाली डिविजन का मुख्य खाता एसबीआई डबवाली में होने के कारण, इस राशि को निकलवाने के लिए उन्हें डबवाली एसबीआई में ही आना पड़ता है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक डिस्कवर बाईक पर थे। बाईक की नंबर प्लेट मुंडी हुई थी। जिस पर केवल डीएल4एस ही नजर आता था। बाईक चालक ने लाल रंग की शर्ट पहनी हुई थी, जबकि उसके पीछे बैठा लुटेरा कुर्ता-पजामा पहने हुए था। लुटेरों की आयु लगभग 30 साल आंकी जा रही है।मामले की जांच कर रहे थाना शहर पुलिस के एसआई मंदरूप सिंह ने बताया कि शाम लाल अग्रवाल की शिकायत पर दफा 356/379/34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई
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पंजाब के पानी ने डूबोई सत्तर एकड़ फसल
डबवाली -हरियाणा को डूबोने के लिए पंजाब ने एक बार फिर शरारत करते हुए डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में 200 क्यूसिक अतिरिक्त पानी रातों-रात छोड़ दिया। जिससे गांव डबवाली तथा मसीतां के पास डिस्ट्रीब्यूटरी टूट गई। दोनों गांवों की सत्तर एकड़ नरमा की फसल में चार-चार फुट पानी भर गया।
गांव डबवाली का किसान रिछपाल सिंह मंगलवार सुबह करीब 6 बजे अपने खेत की संभाल करने के लिए घर से खेत में आया। उसने देखा कि उसका खेत पानी से लबालब है। डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी टूटी हुई है, जिसका बहाव उनके खेतों की ओर है। रिछपाल सिंह उल्टे पांव गांव में लौट आया। गांव के गुरूद्वारा से डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने की सूचना गांव को दी। इस ग्रामीण टूटी डिस्ट्रीब्यूटरी को भरने के लिए मौका पर पहुंच गए। पानी का बहाव इतना तेज था कि कोई भी व्यक्ति इस बहाव के आगे ठहर नहीं सकता था। यह पानी सिर तक आ रहा था। किसानों ने इसकी सूचना तत्काल सिंचाई विभाग हरियाणा के कनिष्ठ अभियंता एसपी मैहता को दी।किसान जगदीश सिंह, गुरमीत सिंह, रिछपाल सिंह, मुख्तियार सिंह, मोहन सिंह, सरदूल सिंह काला सिंह आदि ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि डिस्ट्रीब्यूटरी में करीब बीस फुट लम्बी सेंध लग चुकी है। किसानों ने आरोप लगाया कि जब उन्हें पानी की जरूरत होती है तो पंजाब पानी नहीं छोड़ता। लेकिन बरसात के दिनों में जब पानी ओवरलोड हो जाता है, तो उन्हें डूबोने के लिए पंजाब के सिंचाई अधिकारी इस नहर में पानी छोड़ देते हैं। पिछले साल भी पंजाब ने ऐसा ही किया था।
डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने की सूचना पाकर मौका पर डबवाली के तहसीलदार राजेंद्र कुमार, कानूनगो हरदयाल सिंह, हरकिरत सिंह, पटवारी अमी लाल बिश्नोई, हरियाणा सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता एसपी मैहता, अंकुर चौपड़ा मौका पर पहुंचे।
जेई ने बंद कराया पानी
मौका पर पहुंचे हरियाणा नहरी विभाग के कनिष्ठ अभियंता एसपी मैहता ने बताया कि डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में पंजाब के साथ लगते हरियाणा के गांव देसूमलकाना से निकलती है। सोमवार रात को पंजाब सिंचाई विभाग ने बिना कोई सूचना दिए भाखड़ा नहर की कोटला ब्रांच के कोटबख्तू हैड से 200 क्यूसिक पानी देसूजोधा हैड की ओर धकेल दिया। इस माईनर की क्षमता 100 से लेकर 115 क्यूसिक पानी की है। पहले से ही इसमें 112 क्यूसिक पानी चल रहा था। लेकिन 200 क्यूसिक पानी अचानक छोड़े जाने से पानी का बहाव इतना बढ़ गया कि डबवाली और मसीतां के पास यह डिस्ट्रीब्यूटरी दो स्थानों पर टूट गई। उन्हें जैसे ही इसकी सूचना मिली वे तुरंत वे पंजाब के कोटबख्तू हैड पर पहुंचे वहां पर मौजूद पंजाब सिंचाई विभाग के कर्मी गीता राम तथा देवराज से पानी के बहाव को कम करवाया। इधर देसूजोधा हैड पर गेट गिरा दिए।
कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि गांव मसीतां के पास डिस्ट्रीब्यूटरी की दरार को भर दिया गया है। जबकि गांव डबवाली के पास इसे भरने का प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पीछे से पानी बंद करवा दिया गया है और जेसीबी मशीन लागकर काम को गति दी जा रही है।
नुक्सान का होगा सर्वे
किसानों की फसल का जो नुक्सान हुआ है। उसका सर्वे करने के लिए तहसीलदार राजेंद्र कुमार को निर्देश दे दिए गए हैं। उनकी रिपोर्ट आते ही उपायुक्त सिरसा को भेज दी जाएगी।
-डॉ. मुनीश नागपाल, एसडीएम डबवाली
किसान को प्रति एकड़ आठ हजार का नुक्सान
किसान को प्रति एकड़ करीब आठ हजार रूपए का नुक्सान हुआ। किसानों के अनुसार उन्होंने प्रति एकड़ चार हजार रूपए कीमत के तीन पैकेट बीज, 1000 रूपए डीजल, दो हजार रूपए खाद तथा एक हजार रूपए लेबर का नुक्सान उठाना पड़ा है। उनके अनुसार पानी के घुस जाने से खेतों की जमीन दलदल बन गई है। शीघ्र न तो फसल की बिजाई हो पाएगी, जिससे उन्हें अपनी इस फसल से पूरी तरह हाथ धोना पड़ सकता है। जो नुक्सान आगे चलकर कई लाख रूपए में बदल जाएगा।
शरारत से बाज नहीं आता पंजाब
हरियाणा सिंचाई विभाग रोड़ी मण्डल के एसडीई बलवंत राम का कहना है कि पंजाब कई सालों से बरसात के दिनों में बिना सूचना दिए कोटला ब्रांच के कोटबख्तू हैड से अतिरिक्त पानी हरियाणा की ओर छोड़कर हरियाणा के किसानों को नुक्सान पहुंचाता आ रहा है। इस संबंध में पंजाब सिंचाई विभाग के आला अफसरों से कई बार पत्र व्यवहार किया जा चुका है और अभी भी जारी है। लेकिन पंजाब के अधिकारियों के कान पर कोई जूं नहीं रेंगती। शरारत के मद्देनजर पंजाब के अधिकारियों ने सोमवार रात को भी बिना सूचना दिए कोटला ब्रोच के कोटबख्तू हैड से 200 क्यूसिक अतिरिक्त पानी हरियाणा की ओर छोड़कर डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में उफान मचा दिया। जिससे गांव डबवाली और मसीतां के किसानों को नुक्सान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाब की यह शरारत सीमा से अधिक हो चुकी है। हरियाणा के किसानों के हितों को देखते हुए इस मामले को सिंचाई विभाग मुख्यमंत्री स्तर पर उठाएगा।
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मंगलवार, 24 मई 2011
करोंडों का माल उठा ले गए लोग सोता रहा वन विभाग
प्रकृति की आपदा के कारण उत्पन्न समस्या पर जनता ही दो चार होती रही जबकि विभाग का लाव लश्कर चादर ताने चैन की नींद ले रहा था। सुबह होते ही अधिकारियों ने इनकी सुध लेनी तक मुनासिब न समझी बल्कि सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण रास्ते जाम हो गये थे। वाहन चालकों व लोगों खुद ही सड़क के बीच पडे इन पेड़ों को बीच से हटाया व कुछ लोग इन्हें उठाकर अपने घर ले गए क्योंकि इन दिनों लकड़ी के दाम आसमान को छू रहे हैं इसलिए इस मौके को फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने खुब लकड़ी का अंबार इक्_ा कर लिया अब जब इस प्राकृतिक विपदा को बीते दो दिन हो गए तो वन विभाग के साहब बाबुओं ने क्षेत्र का दौरा कर इन बचे कुचे पेड़ों की सुध लेकर कोरे कागज को काला करने में जुट गए। उल्लेखनीय है कि कुछ वर्ष पूर्व भी आए इसी तरह के अंधेड में इसी तरह प्राकृति को काफी नुकसान सहना पड़ा था और सैंकड़ों वृक्ष टूटकर सड़कों पर आ गए थे। वर्षों पूर्व टूटे हुए वृक्ष व टहनियां आज भी गांव डबवाली में स्थित एक धार्मिक सत्संग घर के बाहर सड़क किनारे पड़े है। जिन्हें दीमक खा रही है। जब इस बाबत विभाग के फोरेस्टगार्ड अशोक कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इन वृक्षों की लिस्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है व जल्द ही इनकी बोली करवा दी जाएगी। जब उनसे यह पूछा गया कि उसमें से तो गिनती की ही लकड़ी बची है तो उन्होंने कहा कि ऐसी नहीं है वह लकडिय़ा सुरक्षित है। जबकि वह लकडिय़ा सड़क किनारे पड़ी हुई विभाग की इस सच्चाई की पोल खोल रही है। अब इसी तरह जब शनिवार को आए अंधड बाद भी रविवार सुबह वन विभाग हरकत में नहीं आया और सैंकड़ों पेड़ों को लोग अपने घर उठाकर ले गए लेकिन सोचने वाली बात यह है कि अगर इसी तरह से वन विभाग द्वारा लापरवाही चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब हमें सड़क किनारे लगे पेड गायब मिलेंगे। इस बाबत जब विभाग के रेंज ऑफिसर चरणजीत सिंह से बात कि गई तो उन्होंने कहा कि इस अंधड से करीब 300 पेडों को नुकसान हुआ है व उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अंधड से जो वृक्ष टूटे थे व लोगों द्वारा जो उठा लिए गए है उन्हें विभाग द्वारा एकत्रित किया जा रहा है और अगर किसी व्यक्ति ने इन पेडों को लौटाने में मनाही की तो उस पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
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रविवार, 22 मई 2011
तेज बरसात के साथ आये अंधड ने क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई,दो मरे
डबवाली-
शनिवार रात को आये तेज बरसात के साथ आये अंधड ने क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई। अकेले डबवाली क्षेत्र में हुये नुकसान की राशि करोड़ो रुपयों तक पहुंच गई है। वहीं तेज आंधी और बरसात के बीच आसमानी बिजली गिरने से दो जनों की मौत हो गई जबकि एक मकान की छत गिरने से एक महिला व उसके दो पुत्रों सहित तीन जने घायल हो गये।
गांव अबूबशहर, गंगा, सुकेड़ा खेड़ा, आसा खेड़ा, तेजा खेड़ा, भारू खेड़ा जड़वाला विश्रोईया में सहित कई अन्य गावों में बरसा
त के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। हजारों की संख्या में पेड़ टूट कर सड़कों पर गिरने से यातायात ठ
प हो कर रह गया। इसके अलावा किलियांवाली की अनाज मंडी में बना शैड भी तेज आंधी के कारण जड़ से उखड़ कर दूर जा गिरा। जिसकी कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। घरों तथा व्यापारिक सस्थानों में लगे बोर्ड तथा शैड भी आंधी की चपेट में आ कर उखड़ गये।
डबवाली संगरिया मार्ग प
र पेड़ गिरने से यातायात बांधित हो गया। जिस कारण सड़क पर वाहनों की लंबी-लबी कतारे लग गई। तहसीलदार राजेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 11 बजे तक इस मार्ग पर गिरे पेड़ हटाने के बाद यातायात को सुचारू रूप से चलाया गया। वहीं गांव मौजगढ़ में भाखड़ा नहर में पेड़ गिरने के कारण नहर में पानी का बहाव रूक गया और पानी खतरे के निशान से उपर चला गया। ग्रामीणों ने प्रशासन के सहयोग से नहर में से पेड़ हटा कर पानी का बहाव सुचारू किया। इसके अवाला शहर तथा गावों में भवनों की दीवारे भी ढहने के समाचार मिले है। दूसरी ओर भारी संख्या में पेड़ गिरने से गरीब तबके के लोगों की चांदी बन गई। लोग लाखों रुपयों की कीमत के पेड़ों की गिरी शाखाओं को अपने वाहनों पर लाद कर घरों में ले गये।
गांव शेरगढ़ गांव के पास बने विनोद और वेद प्लंथों पर भी लगाई गई गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं के स्टैग के उपर लगाये गये पोलोथीन हवा तेज आंधी के कारण उड़ गये। जिस कारण स्टैग पर लगाई गई गेहूं की बोरियां भी भीग गई। गांव शेरगढ़ में स्थित हरियाणा पब्लिक स्कूल का शैड भी आंधी में उड़ गया। एसडीएम कार्यालय में लगे पेड़ भी तेज आंधी की भेट चंढ़ गये।
तेज आंधी के कारणं बिजली के पोल और ट्रांसफार्म गिरने से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी ठप हो कर रह गई। जिसे बहाल करने के लिए विभाग के कर्मचारी पूरा दिन जद्दोजहद करते रहे। शाम तक शहर में दो फिडरों पर ही बिजली व्यवस्था बहाल हो पाई थी जबकि गावों स्थिति अभी भी
सामान्य नहीं हुई थी। बिजली बंद होने के कारण शहर में पेयजल सप्लाई नहीं की गई। जिससे पेयजल को लेकर भी शहरवासियों को दो चार होना पड़ा। बिजली विभाग के महाप्रबंधक बी के रंजन ने बताया कि चौटाला में करीब 70 कालांवाली में 150 और डबवाली क्षेत्र में करीब 80 बिजली के पोल टूट कर गिर गये वहीं उबवाली डिविजन में 15 ट्रांसफार्मों को भी क्षति पहुंची है। विभाग के कर्मचारी बिजली व्यवस्था को बहाल करने में जुटे हुए है। विभाग को करीब 10 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
बिजली गिरने से दो मरे:
निकटवर्ती गांव पंजावा में बीती रात आसमानी बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई। जिनमें एक की पहचान गुरनाम सिंह पुत्र सुरजीत सिंह तथा दूसरे की पहचान बलविंद्र सिंह पुत्र बलबीर सिंह के रुप में की गई है। बलविंद्र सिंह सुबह अपने खेत में मृत पाया गया उसका शरीर बिजली के कारण जला हुआ मिला। वहीं गुरनाम सिंह उस समय आसमानी बिजली की चपेट में आ गया जब वह अपने मोटरसाइकिल पर घर की ओर जा रहा था उसे गंभीर अवस्था में बठिंडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर जखमों का ताप न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया।
छत गिरने से तीन घायल
पंजाब जलघर के पास तेज आंधी और बरसात के कारण एक मकान की छत गिरने से एक महिला व उसके दो बच्चों सहित तीन जने घायल हो गये। घायल महिला सुनीता पत्नी सिकंदर कुमार उसका पुत्र कालिया व गुला को डबवाली के सिविल अस्पताल में दािखल करवाया गया।
माईनर में दरार 15 एकड़ फसल डूबी
ढाणी सिंगेवाला के पास
मिठड़ी माईनर में करीब 10 फुट लंबी दरार आ जाने से किसान बेअत सिंह और रूपेंद्र सिंह के खेत में बने दो नलकूप सहित 15 एकड़ में खड़ी फसल डूब जाने से करीब दो लाख रुपये का नुकसान हो गया। गांव पंच काका सिंह ने बताया कि दरार आने के बाद माईनर का पानी खेतों में घुस गया और उसके बाद ढाणी में बने घरो की ओर रुख कर लिया। उन्होंने बताया कि ढाणी के लोगों ने गांव शेरगढ़ से दो जेबीसी मंगवा कर 6 घंटे की मुशक्कत के बाद दरार को पाटा।
शनिवार रात को आये तेज बरसात के साथ आये अंधड ने क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई। अकेले डबवाली क्षेत्र में हुये नुकसान की राशि करोड़ो रुपयों तक पहुंच गई है। वहीं तेज आंधी और बरसात के बीच आसमानी बिजली गिरने से दो जनों की मौत हो गई जबकि एक मकान की छत गिरने से एक महिला व उसके दो पुत्रों सहित तीन जने घायल हो गये।
गांव अबूबशहर, गंगा, सुकेड़ा खेड़ा, आसा खेड़ा, तेजा खेड़ा, भारू खेड़ा जड़वाला विश्रोईया में सहित कई अन्य गावों में बरसा
त के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। हजारों की संख्या में पेड़ टूट कर सड़कों पर गिरने से यातायात ठ
प हो कर रह गया। इसके अलावा किलियांवाली की अनाज मंडी में बना शैड भी तेज आंधी के कारण जड़ से उखड़ कर दूर जा गिरा। जिसकी कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। घरों तथा व्यापारिक सस्थानों में लगे बोर्ड तथा शैड भी आंधी की चपेट में आ कर उखड़ गये।डबवाली संगरिया मार्ग प
र पेड़ गिरने से यातायात बांधित हो गया। जिस कारण सड़क पर वाहनों की लंबी-लबी कतारे लग गई। तहसीलदार राजेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 11 बजे तक इस मार्ग पर गिरे पेड़ हटाने के बाद यातायात को सुचारू रूप से चलाया गया। वहीं गांव मौजगढ़ में भाखड़ा नहर में पेड़ गिरने के कारण नहर में पानी का बहाव रूक गया और पानी खतरे के निशान से उपर चला गया। ग्रामीणों ने प्रशासन के सहयोग से नहर में से पेड़ हटा कर पानी का बहाव सुचारू किया। इसके अवाला शहर तथा गावों में भवनों की दीवारे भी ढहने के समाचार मिले है। दूसरी ओर भारी संख्या में पेड़ गिरने से गरीब तबके के लोगों की चांदी बन गई। लोग लाखों रुपयों की कीमत के पेड़ों की गिरी शाखाओं को अपने वाहनों पर लाद कर घरों में ले गये।गांव शेरगढ़ गांव के पास बने विनोद और वेद प्लंथों पर भी लगाई गई गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं के स्टैग के उपर लगाये गये पोलोथीन हवा तेज आंधी के कारण उड़ गये। जिस कारण स्टैग पर लगाई गई गेहूं की बोरियां भी भीग गई। गांव शेरगढ़ में स्थित हरियाणा पब्लिक स्कूल का शैड भी आंधी में उड़ गया। एसडीएम कार्यालय में लगे पेड़ भी तेज आंधी की भेट चंढ़ गये।
तेज आंधी के कारणं बिजली के पोल और ट्रांसफार्म गिरने से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी ठप हो कर रह गई। जिसे बहाल करने के लिए विभाग के कर्मचारी पूरा दिन जद्दोजहद करते रहे। शाम तक शहर में दो फिडरों पर ही बिजली व्यवस्था बहाल हो पाई थी जबकि गावों स्थिति अभी भी
सामान्य नहीं हुई थी। बिजली बंद होने के कारण शहर में पेयजल सप्लाई नहीं की गई। जिससे पेयजल को लेकर भी शहरवासियों को दो चार होना पड़ा। बिजली विभाग के महाप्रबंधक बी के रंजन ने बताया कि चौटाला में करीब 70 कालांवाली में 150 और डबवाली क्षेत्र में करीब 80 बिजली के पोल टूट कर गिर गये वहीं उबवाली डिविजन में 15 ट्रांसफार्मों को भी क्षति पहुंची है। विभाग के कर्मचारी बिजली व्यवस्था को बहाल करने में जुटे हुए है। विभाग को करीब 10 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।बिजली गिरने से दो मरे:
निकटवर्ती गांव पंजावा में बीती रात आसमानी बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई। जिनमें एक की पहचान गुरनाम सिंह पुत्र सुरजीत सिंह तथा दूसरे की पहचान बलविंद्र सिंह पुत्र बलबीर सिंह के रुप में की गई है। बलविंद्र सिंह सुबह अपने खेत में मृत पाया गया उसका शरीर बिजली के कारण जला हुआ मिला। वहीं गुरनाम सिंह उस समय आसमानी बिजली की चपेट में आ गया जब वह अपने मोटरसाइकिल पर घर की ओर जा रहा था उसे गंभीर अवस्था में बठिंडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर जखमों का ताप न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया।
छत गिरने से तीन घायल
पंजाब जलघर के पास तेज आंधी और बरसात के कारण एक मकान की छत गिरने से एक महिला व उसके दो बच्चों सहित तीन जने घायल हो गये। घायल महिला सुनीता पत्नी सिकंदर कुमार उसका पुत्र कालिया व गुला को डबवाली के सिविल अस्पताल में दािखल करवाया गया।
माईनर में दरार 15 एकड़ फसल डूबी
ढाणी सिंगेवाला के पास
मिठड़ी माईनर में करीब 10 फुट लंबी दरार आ जाने से किसान बेअत सिंह और रूपेंद्र सिंह के खेत में बने दो नलकूप सहित 15 एकड़ में खड़ी फसल डूब जाने से करीब दो लाख रुपये का नुकसान हो गया। गांव पंच काका सिंह ने बताया कि दरार आने के बाद माईनर का पानी खेतों में घुस गया और उसके बाद ढाणी में बने घरो की ओर रुख कर लिया। उन्होंने बताया कि ढाणी के लोगों ने गांव शेरगढ़ से दो जेबीसी मंगवा कर 6 घंटे की मुशक्कत के बाद दरार को पाटा।
शनिवार, 21 मई 2011
कलयुगी बेटे ने माँ को मौत के घाट उतारा
डबवाली-नशा इन्सान को इस कदर पागल बना देता है कि वह अपने रिश्ते नाते सब भूल जाता है कुछ इसी तरह ही अपनें रिश्तों का कत्ल करते हुए े उपमण्डल के गांव मलिकपुरा में शराब के नशे में चूर एक व्यक्ति ने अपनी जन्म देने वाली माँ को ही मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से आहत उसने अपने आप को जलाने का प्रयास भी किया लेकिन लोगों की मदद के कारण वह सिरे नहीं चढ़ पाया। पुलिस ने इस मा
मले में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफतार किया है। हत्या के आरोपी गांव मलिकपुरा निवासी बोहड़ सिंह के चचेरे भाई लीला सिंह ने पुलिस को दिये ब्यान में कहा है कि गांव में चौकीदार का काम करने वाला बोहड़ सिंह शराब का आदि होने के कारण उसका अपनी पत्नी सिमरजीत कौर से भी पिछले काफी समय से मन मुटाव था। जिसके चलते वह अपने बच्चों के साथ 11 वर्ष तक मायके में रह रही थी। लेकिन करीब दो वर्ष पहले वह उसे मनाकर ले आया था। लेकिन दो दिन पहले सिमरजीत फसलों का काम निपटा कर बच्चों के साथ वह अपने मायके गई हुई थी और घर में बोहड़ सिंह व उसकी 65 वर्षीय माता दान कौर ही रह गये थे। कल दान कौर को उसकी बुढ़ापे की पैंशन मिली थी। रात के समय जब बोहड़ सिंह शराब के नशे में था तो उसने अपनी मां से शराब के लिये और रूपयों की मांग की। लेकिन दान कौर ने रूपये देने से इंकर कर दिया। जिससेे गुस्से में आकर बोहड़ सिंह ने वहां पड़ी कस्सी का वार अपनी मां पर कर दिया और उसकी मौत हो गई। प्रात: के समय शराब का नशा उतरने पर जब बोहड़़ ंिसह ने घर के आंगन अपनी मां की लाश देखी तो वह अपने आप पर काबू नहीं रख सका और उसने अपने आप को आग लगाकर जलाने का प्रयास किया लेकिन आसपास के लोगों को इसका पता चलने पर उन्होंने तुरंत आग पर काबू पाते हुए उसे जलने से बचाया। पड़ौसियों द्वारा इस घटना की सूचना पुलिस थाना औढां को दी सूचना मिलते ही औढां पुलिस के प्रभारी हीरा सिंह अपनी पुलिस दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचें और शव को अपने कब्जे में लेकर अवश्यक कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के राजकीय अस्पताल में ले गए। औढां थाने के प्रभारी हीरा सिंह ने बताया कि मृतिका के नजदीकी रिश्तेदार लीलासिंह के ब्यान पर आरोपी बोहड सिंह के खिलाफ आईपीसी के धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मले में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफतार किया है। हत्या के आरोपी गांव मलिकपुरा निवासी बोहड़ सिंह के चचेरे भाई लीला सिंह ने पुलिस को दिये ब्यान में कहा है कि गांव में चौकीदार का काम करने वाला बोहड़ सिंह शराब का आदि होने के कारण उसका अपनी पत्नी सिमरजीत कौर से भी पिछले काफी समय से मन मुटाव था। जिसके चलते वह अपने बच्चों के साथ 11 वर्ष तक मायके में रह रही थी। लेकिन करीब दो वर्ष पहले वह उसे मनाकर ले आया था। लेकिन दो दिन पहले सिमरजीत फसलों का काम निपटा कर बच्चों के साथ वह अपने मायके गई हुई थी और घर में बोहड़ सिंह व उसकी 65 वर्षीय माता दान कौर ही रह गये थे। कल दान कौर को उसकी बुढ़ापे की पैंशन मिली थी। रात के समय जब बोहड़ सिंह शराब के नशे में था तो उसने अपनी मां से शराब के लिये और रूपयों की मांग की। लेकिन दान कौर ने रूपये देने से इंकर कर दिया। जिससेे गुस्से में आकर बोहड़ सिंह ने वहां पड़ी कस्सी का वार अपनी मां पर कर दिया और उसकी मौत हो गई। प्रात: के समय शराब का नशा उतरने पर जब बोहड़़ ंिसह ने घर के आंगन अपनी मां की लाश देखी तो वह अपने आप पर काबू नहीं रख सका और उसने अपने आप को आग लगाकर जलाने का प्रयास किया लेकिन आसपास के लोगों को इसका पता चलने पर उन्होंने तुरंत आग पर काबू पाते हुए उसे जलने से बचाया। पड़ौसियों द्वारा इस घटना की सूचना पुलिस थाना औढां को दी सूचना मिलते ही औढां पुलिस के प्रभारी हीरा सिंह अपनी पुलिस दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचें और शव को अपने कब्जे में लेकर अवश्यक कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के राजकीय अस्पताल में ले गए। औढां थाने के प्रभारी हीरा सिंह ने बताया कि मृतिका के नजदीकी रिश्तेदार लीलासिंह के ब्यान पर आरोपी बोहड सिंह के खिलाफ आईपीसी के धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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नहर मे कार गिरी दो की मौत, एक शव बरामद दूसरे की तलाश जारी
डबवाली-उपमण्डल के गांव खुईयां के पास गुजरने वाली भाखड़ा नहर में इनोवा गाड़ी के
गिर जाने से कार में सवार दो व्यक्तियों की मौत हो गई। नहर मे से एक व्यक्ति की लाश बाहर निकाल ली गई है
, जबकि दूसरे व्यक्ति व कार को नहर में से निकालने के लिये प्रयास चल रहे थे। खईयां में शराब के ठेके पर काम करने वाले कारिंदें ने बताया कि रात के करीब डेढ़ बजे उसने नहर के पास अक्समात जोरदार धमाके की आवाज सेनी तो देखा की एक तेेेज गति की कार नहर की रेलिंग को तोड़कर अंदर जा गिरी है। इस पर उसने शोर मचाया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर उपमण्डल अधिकारी (ना.) मुनीश नागपाल, उपपुलिस अधिक्षक बाबू लाल, तहसीलदार राजेन्द्र कुमार व अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार सवारों की नहर में से निकालने के लिये प्रयास शुरू करवाये। लेकिन नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण बाधा आ रही थी। इन्हीं प्रयासों के चलते मोजगढ़ हैड के पास से दोपहर के समय एक व्यक्ति का शव नहर में से निकालने में पुलिस ने सफलता प्राप्त की। शव की पहचान कार चालक रवि कुमार पुत्र फूल चन्द निवासी अबोहर के रूप में की गई है। इनोवा गाड़ी को नहर में से निकालने के लिये पुलिस द्वारा क्रेन मंगवाई गई है और दूसरे शव को नहर में से निकालने के प्रयास चल रहें थे। अबोहर की टैक्सी यूनियन के प्रधान पप्पू राम के भाई व कार के मालिक रवि कुमार पुत्र मंगतराम के अनुसार कल सांय छ: बजे के करीब इनोवा कार न. पी.बी.0 2 बी.सी. 2666 का चालक रवि कुमार उसे यह कहकर गया कि वह दवाई लेने हेतू जा रहा है और प्रात: टैक्सी स्टैंड पर कार लेकर पहुंच जाएगा लेकिन जब उसे रात को कार जरूरत पड़ी तो उसने अचानक रवि कुमार को फोन किया तो उसका मोबाईल स्वीच ऑफ आ रहा था तो वह गाड़ी चालक के घर गया तो उसकी पत्नी ने कहा कि वह घर नहीं आया तो उसने चालक रवि कुमार इधर-उधर काफी तलाश की लेकिन उसका कही पता नही चला। प्रात: 9 बजे के करीब उन्हें पुलिस स्टेशन डबवाली से सूचना मिली कि एक इनोवा गाड़ी चालक सहित सिरसा
रोड़ नहर में गिरी है वह तुरंत मौजगढ़ हैड के समीप पहुंचे जहां पर पुलिस द्वारा चालक रवि कुमार के शव को नहर से बाहर निकाला हुआ था। उसने व उनके साथ अबोहर से आए हुए लोगों ने उसकी शिनाख्त की । तदोपरांत थाना सदर पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय अस्पताल में लाया गया था। समाचार लिखे जाने तक दूसरे युवक का शव व कार की तलाश जारी थी। हालाकि लंबी जदोजहद के गांव वासियों के सहयोग से कार को नहर से बाहर निकाल लिया था लेकिन समाचार लिखे जाने तक दूसरे शव की तालाश की जा रही थी।
गिर जाने से कार में सवार दो व्यक्तियों की मौत हो गई। नहर मे से एक व्यक्ति की लाश बाहर निकाल ली गई है
, जबकि दूसरे व्यक्ति व कार को नहर में से निकालने के लिये प्रयास चल रहे थे। खईयां में शराब के ठेके पर काम करने वाले कारिंदें ने बताया कि रात के करीब डेढ़ बजे उसने नहर के पास अक्समात जोरदार धमाके की आवाज सेनी तो देखा की एक तेेेज गति की कार नहर की रेलिंग को तोड़कर अंदर जा गिरी है। इस पर उसने शोर मचाया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर उपमण्डल अधिकारी (ना.) मुनीश नागपाल, उपपुलिस अधिक्षक बाबू लाल, तहसीलदार राजेन्द्र कुमार व अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार सवारों की नहर में से निकालने के लिये प्रयास शुरू करवाये। लेकिन नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण बाधा आ रही थी। इन्हीं प्रयासों के चलते मोजगढ़ हैड के पास से दोपहर के समय एक व्यक्ति का शव नहर में से निकालने में पुलिस ने सफलता प्राप्त की। शव की पहचान कार चालक रवि कुमार पुत्र फूल चन्द निवासी अबोहर के रूप में की गई है। इनोवा गाड़ी को नहर में से निकालने के लिये पुलिस द्वारा क्रेन मंगवाई गई है और दूसरे शव को नहर में से निकालने के प्रयास चल रहें थे। अबोहर की टैक्सी यूनियन के प्रधान पप्पू राम के भाई व कार के मालिक रवि कुमार पुत्र मंगतराम के अनुसार कल सांय छ: बजे के करीब इनोवा कार न. पी.बी.0 2 बी.सी. 2666 का चालक रवि कुमार उसे यह कहकर गया कि वह दवाई लेने हेतू जा रहा है और प्रात: टैक्सी स्टैंड पर कार लेकर पहुंच जाएगा लेकिन जब उसे रात को कार जरूरत पड़ी तो उसने अचानक रवि कुमार को फोन किया तो उसका मोबाईल स्वीच ऑफ आ रहा था तो वह गाड़ी चालक के घर गया तो उसकी पत्नी ने कहा कि वह घर नहीं आया तो उसने चालक रवि कुमार इधर-उधर काफी तलाश की लेकिन उसका कही पता नही चला। प्रात: 9 बजे के करीब उन्हें पुलिस स्टेशन डबवाली से सूचना मिली कि एक इनोवा गाड़ी चालक सहित सिरसा
रोड़ नहर में गिरी है वह तुरंत मौजगढ़ हैड के समीप पहुंचे जहां पर पुलिस द्वारा चालक रवि कुमार के शव को नहर से बाहर निकाला हुआ था। उसने व उनके साथ अबोहर से आए हुए लोगों ने उसकी शिनाख्त की । तदोपरांत थाना सदर पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय अस्पताल में लाया गया था। समाचार लिखे जाने तक दूसरे युवक का शव व कार की तलाश जारी थी। हालाकि लंबी जदोजहद के गांव वासियों के सहयोग से कार को नहर से बाहर निकाल लिया था लेकिन समाचार लिखे जाने तक दूसरे शव की तालाश की जा रही थी।अधिकारियों को नहीं जिम्मेदारी का अहसास
इतनी बड़ी घटना के बावजूद डीएसपी, एसडीएम व एसएचओ ने वहां खड़े रहकर ग्रामीणों व बचाव दल की सहायता करने अथवा उनकी हौसलाअफजाई के लिए वहां खड़े रहने की जहमत नहीं उठाई। करीब आधा घंटा खड़े होने के बाद भी जब कार नहीं निकल पाई तो तेज चिलचिल्लाती धूप में खड़े होकर जिम्मेदारी निभाने के बजाय सभी अधिकारी वहां से चले गए। पीछे से बचाव दल व ग्रामीण पूरे जी-जान से कार व उसके सवारों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करते रहे।
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