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सोमवार, 7 दिसंबर 2009

डबवाली समाचार


बीएमबी का पानी हांसी - बुटाना नहर में न डाला जाए--रवि चौटाला


डबवाली (सुखपाल)-'भाखड़ा नहर बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक रवि चौटाला ने आज उपमण्डालीश कार्यालय में अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर उपमण्डलाधीश ना. सुभाष गाबा को उपायुक्त सिरसा के मार्फत माननीय राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से कहा है कि हांसी बुटाना नहर के शुरू हो जाने से सिरसा फतेहाबाद व हिसार जिलों का 2300 क्यूसिक पानी कम हो जाऐगा। इस समय बीएमबी की पानी की क्षमता 4200 क्यूसिक है तथा जिला सिरसा व फतेहाबाद में ङ्क्षसचाई हेतु व पीने के पानी की पूत इसी से होती है। यदि बीएमबी से 2300 क्यूसिक पानी हांसी बुटाना नहर में डाला जाता है तो जिला सिरसा, हिसाार व फतेहाबाद में पीने के पानी के अलावा ङ्क्षसचाई के पानी की भी कमी हो जाऐगी। यह जिले पहले ही पानी की समस्या से दो - चार हो रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो स्थिति ओर भी विकट होगी। इसलिए भाखड़ानहर बचाओ संघर्ष समिति ने मांग की है कि बीएमबी का पानी हांसी - बुटाना नहर में न डाला जाए। इससे पूर्व स्थानीय चौटाला रोड स्थित बिश्रोई धर्मशाला में 'भाखड़ा नहर बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक रवि चौटाला ने अपने समर्थकों की एक बैठक को भी सम्बोधित किया। इस बैठक में उन्होंने उपस्थित जनों को आह्वान किया कि हमें अपने हक का पानी लेने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा तथा हांसी बुटाना नहर में अगर भाखड़ा का पानी ले जाया गया तो हमारा इलाका बंजर होकर रह जाऐगा। श्री चौटाला ने कहा कि हम अपने क्षेत्र को बंजर होने से बचाने के लिए हर प्रकार का संघर्ष करेंगे।


सड़क हादसे दो युवक घायल
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डबवाली (सुखपाल) - संगरिया सड़क मार्ग पर स्थित वडिंग खेड़ा पैट्रोल पम्प के समीप आज प्रात: 10 बजे हुए सड़क हादसे में मोटरसाईकिल सवार दो युवक घायल हो गए। हादसे की मिली जानकारी अनुसार मोटरसाईकिल सवार हुकम चन्द पुत्र दिवान चन्द एवं सुखवन्त सिंह पुत्र दलीप सिंह गांव बाजक पंजाब से आज प्रात: हनुमानगढ़ (राजस्थान) के लिए चले थे कि जैसे ही चौटाला रोड़ स्थित वडिंग खेड़ा पैट्रोल पम्प के समीप पहुंचे तो इनके मोटरसाईकिल के आगे अचानक एक कुत्ता के आ जाने से मोटरसाईकिल अनियन्त्रित हो गया। जिसके फलस्वरूप दोनों सड़क पर जा गिरे तथा गम्भीर घायल हो गए। हैफेड गोदाम में कार्यरत मन्दर पैट्रोल पम्प पर खड़े थे तथा उन्होंनों दोनों घायलों को उठाया तथा हैफेड के ट्रक द्वारा उन्हें उपचार हेतु स्थानीय सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गम्भीर हालत को देखते हुए दोनों को रैफर कर दिया गया। उपरोक्त दोनों युवक मक्कासर (राजस्थान) के निवासी हैं तथा हनुमानगढ़ स्थित एक धागा फैक्टरी में इलैक्ट्रिशयन के पद पर कार्यरत हैं तथा रविवार की छुट्टी के दौरान सुखवन्त अपने दोस्त हुकम चन्द के साथ अपने गांव बाजक पंजाब में माता-पिता के घर बिजली फिङ्क्षटग करने हेतु आए हुए थे।



डबवाली (सुखपाल) - स्थानीय कबीर बस्ती में स्थित आनन्द कोङ्क्षचग सैन्टर के प्रांगण में आयोजित एक साधारण समारोह में नेत्र ज्योति संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा पढऩे वाले गरीब व जरूरतमन्द बच्चों को गर्म जॢसयां वितरित की गई। इस अवसर पर बच्चों व अन्य उपस्थिति को सम्बोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष डॉ. महेश बांसल ने कहा कि शरद ऋतु के आते ही स्कूलों में पढऩे वाले गरीब व जरूरतमन्द बच्चे सर्दी से ठिठुरते रहते हैं। उन्हें इस ठिठुरन से बचाने हेतु उनका यह छोटा सा प्रयास है। यह जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आज संस्था द्वारा 50 जरूरतमन्द बच्चों को जॢसयां वितरित की गई हैं तथा शीघ्र ही सैन्टर के अन्य बच्चों को भी जॢसयां वितरित की जाऐंगी। डॉ. बांसल ने बताया कि नगर में चल रही अन्य शिक्षण संस्थाओं के विद्याॢथयों को भी जॢसयां, जुराबे व अन्य शिक्षण सामग्री जल्द ही वितरित की जाऐगी। इस अवसर पर आनन्द कोङ्क्षचग सैन्टर के संचालक कृष्ण कुमार ने बच्चों को सहयोग देने पर नेत्र ज्योति संस्था व उसके पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. महेश बांसल, सुदर्शन मित्तल, बाऊ राम बजाज, इन्द्र शर्मा (मारूति), सुनील सचदेवा, केवल कुमार व नछत्तर ङ्क्षसह उपस्थित थे।



इनैलो प्रत्याशी ऐलनाबाद उपचुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज करेगा-- औम प्रकाश चौटाला
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डबवाली (सुखपाल) - इनैलो सुप्रीमों औम प्रकाश चौटाला ने आज सिरसा में आयोजित जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में दावा किया कि इनैलो प्रत्याशी ऐलनाबाद उपचुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज करेगा। चुनाव उपरान्त इनैलो कार्यकर्ताओं से अपनी पहली मुलाकात में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाते हुए कहा कि इनैलो की जीत कर्मठ कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है तथा आज हमारा संगठन प्रदेश क्या देश में सबसे मजबूत माना जाता है। उन्होंने चुनाव उपरान्त प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम का विस्तारपूर्वक वर्णन किया तथा उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र में आज से ही प्रचार अभियान में जुट जाऐं तथा यहां से इनैलो प्रत्याशी की होने वाली भारी भरकम जीत प्रदेश की राजनीति की दिशा को तय कर देगी। भारी भीड़ से कार्यकर्ता सम्मेलन जनसभा में तबदील हो गया था। इस अवसर पर विधायक कृष्ण कम्बोज, चरणजीत रोड़ी, डॉ. सीता राम, भागी राम, अमीर चावला, कृष्णा फोगाट सहित अधिकांश कार्यकर्ता उपस्थित थे।

पाकिस्तान छोडकर भाग गया लादेन




लंदन। तालिबान ने दावा किया है कि आतंकवादी संगठन अल कायदा का मुखिया ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान छोडकर अफगानिस्तान में चला गया है।

ब्रिटिश अखबार द सन ने तालिबान के सदस्य एवं आत्मघाती हमलवारों को प्रशिक्षण देने के वांछित कारी हुसैन के हवाले से कहा है कि अल कायदा प्रमुख पाकिस्तान के अशांत सीमावर्ती इलाकों में जारी सैन्य कार्रवाई की वजह से वहां से पलायन कर गया है।

हुसैन के मुताबिक अफगान सीमा के नजदीक क्वेटा में वह बिन लादेन से मिल चुका था। उसने कहा कि ओसामा ने हाल ही में अफगानिस्तान में शरण ली है। पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई के बाद उसके पास कोई विकल्प नहीं बचा था।

सलमान का नया अवतार 'मोगैंबो'


अनिल कपूर और श्रीदेवी अभिनीत मिस्टर इंडिया के मोगैंबो खुश हुआ डायलॉग को कौन भुला पाया है। मजेदार बात ये है कि विलेन अमरीश पुरी ने फिल्म में इस डायलॉग को बोला था। फिल्म की रिलीज के बाद ये डायलॉग अमरीश पुरी की पहचान बन गया। पर अब जल्द ही बॉलीवुड एक्शन हीरो सलमान खान अमरीश पुरी के इस डायलॉग को अपना बनाने वाले हैं।

फिल्म निर्देशक अनीस अज्म 'मिस्टर इंडिया' फिल्म का सीक्वेल बनाने जा रहे हैं। इस सीक्वेल के निर्माता बोनी कपूर होंगे। इस फिल्म से श्रीदेवी भी बड़े पर्दे पर वापस आने वाली हैं। सलमान खान इस फिल्म में मोगैंबो का किरदार निभाएंगे। मोगैंबो मिस्टर इंडिया में विलेन था और मिस्टर इंडिया के रोल से ज्यादा पॉपुलर हुआ था। मिस्टर इंडिया का किरदार अनिल कपूर ने निभाया था। सीक्वेल में भी अनिल कपूर का रोल अहम होगा।

सलमान के अब तक के करियर में वह पहली बार नकारात्मक भूमिका करने जा रहे हैं। 'वाँटेड' फिल्म से एक बार फिर नंबर वन और सबकी पसंद बने सलमान एक के बाद एक नये अवतार में आकर दर्शकों को चौंका रहे हैं। हाल ही में वीर फिल्म में सलमान एक नये अंदाज में दर्शकों के सामने आए हैं। हालाँकि फिल्म रिलीज होने में अभी देर है पर लोग उनके वीर लुक के जबर्दस्त फैन बन चुके हैं।

आसाराम बापू के खिलाफ मामला दर्ज




अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस ने संत आसाराम बापू के पूर्व सचिव पर कल रात हुए हमले के सिलसिले में संत और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ आज हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया।

पुलिस के अनुसार राजू चंडक कल एक फैक्ट्री से घर लौट रहे थे। उस दौरान मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने उन पर गोलियां चलाईं। बुरी तरह घायल सचिव का यहां एक अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। बताया जाता है कि पिछले वर्ष संत आसाराम बापू के आश्रम में दो बालकों की रहस्यमय मौत के सिलसिले में पूर्व सचिव ने संत के खिलाफ गवाही दी थी।

पुलिस के अनुसार इस संबंध में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हमले की साजिश में कुछ और लोगों के शामिल होने का संदेह है। पिछले वर्ष की घटना के सिलसिले में पूर्व सचिव ने कहा था कि वे नार्को परीक्षण के लिए तैयार हैं, बशर्ते संत आसाराम बापू का भी यह परीक्षण हो।

पिछले वर्ष आश्रम के दो बालक दीपक परमार और अभिषेक परमार के लापता होने के बाद साबरमती नदी के किनारे उनकी लाशें मिली थीं। इसके बाद लोगों में काफी आक्रोश फैल गया था।

Dr. B.R Ambedkar was outstanding economist -(Dr.) M.M.Goel


Kurukshetra- “Let Ambedkar be known to the World as an outstanding economist deserving recognition more than a noble prize in economics,” observed Professor (Dr.) M.M.Goel, Convener, Intellectual Cell of Haryana Pradesh Congress Committee (HPCC) & Chairman , Department of Economics, Kurukshetra University here today. The tributes were paid to Bharat Ratan Dr. B.R Ambedkar on his death anniversary here today in Congress Bhawan Sector 13 at the monthly meeting presided over by Shri Sahib Singh Saini working President District Congress Committee.
To save the Indian economy from the fiscal crisis of today caused by the so called global economic crisis, it would be relevant to adopt the canons of public expenditure advocated by Ambedkar, said Professor Goel.
He further said that the Governments at all levels should spend the resources garnered from the public not only according to rules, laws and regulations, but should also see that ‘faithfulness, wisdom and Economy’ the principles advocated by Ambedkar.
The remarkable thing about Ambedkar’s canons of public expenditure is that they are ism-neutral. One can follow a policy of a large or small public sector and yet the principles behind these canons are applicable, said Professor Goel.
Earlier all the leaders of the congress party present on the occasion paid floral tributes to Dr. Ambedkar.
Shri Sahib Singh Saini , Dr. Subash Sharma. Mrs. Pravesh Rana, Mr. Yash Pal Narang , Ms. Rajinder Kaur Mimsa, Mrs. ravinder kaur, Advocate M.S. Tanwar and Shri Baljeet Singh were present on the occasion.

रविवार, 6 दिसंबर 2009

जब इलाज बढ़ाए बीमारी तो...





डॉक्टरों के पास मरीज अपने दामन में उम्मीद नाम का शब्द लेकर जाता है। नॉर्मल जिंदगी जीने की आस लेकर कि स
फेद एप्रेन पहने डॉक्टर फरिश्तों की तरह उसकी सेहत ठीक कर देगा। डॉक्टर अपनी तरफ से कोशिश भी करते हैं, मगर कई बार डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से इलाज ही बड़ी बीमारी का सबब भी बन जाता है। ऐसे में बिगड़े मर्ज के साथ मरीज ठोकरें खाने को मजबूर हो जाता है। अगर इलाज ही बीमारी की वजह बन जाए तो क्या करें, बता रही हैं नीतू सिंह :

अध्यापक नगर, नांगलोई के रहने वाले विनोद कुमार की नाक की एक साइड में साल 2003 में सूजन आ गई। विनोद दिल्ली जल बोर्ड में काम करते थे, इसलिए केशवपुरम स्थित बोर्ड की डिस्पेंसरी में दिखाने गए। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें एम्स रेफर कर दिया। विनोद अगले दिन एम्स की ओपीडी में पहुंचे। वहां तैनात डॉक्टर ने उन्हें तुरंत भर्ती कर लिया और कहा कि नाक की सर्जरी करनी होगी। विनोद का आरोप है कि डॉक्टरों ने नाक के बदले गलती से सिर और मुंह का ऑपरेशन कर दिया, जिसके चलते कुछ दिन बाद ही उनकी एक आंख भी खराब हो गई। जब इस बारे में डॉक्टरों से पूछा गया तो वे गलती मानने के बजाय उन्हें ही डांटने लगे। कुछ दिनों बाद विनोद को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया। विनोद के मुताबिक, इस सर्जरी के चक्कर में उनका आधा चेहरा खराब हो गया। उधर, दिल्ली जल बोर्ड एक आंख खराब होने के बाद भी उन्हें अपंग मानने को तैयार नहीं। अब तक विनोद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, हेल्थ मिनिस्टर, सबके ऑफिस में गुहार लगा चुके हैं, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। तो क्या इलाज के फेर मंे और बीमार हुए लोगों को कोई ठौर नहीं? ठौर है, मगर वहां तक पहुंचने और इंसाफ पाने के लिए चाहिए सही जानकारी। आज के अंक में हमने इसी पहलू से जुड़ी समस्याओं और जानकारियों पर बात की है।

आम दिक्कतें
1. अस्पताल में भर्ती मरीज के रिश्तेदार अगर उसकी केस फाइल या उसकी फोटोकॉपी अपनी संतुष्टि के लिए किसी और डॉक्टर को दिखाना चाहें, तो हॉस्पिटल वाले करते हैं ऐतराज।
2. किसी बाहरी डॉक्टर को हॉस्पिटल में बुलाकर सेकंड ओपिनियन लेना चाहें तो डॉक्टर और हॉस्पिटलों को होता है ऐतराज।
3. मरीज से मिलने आए किसी डॉक्टर रिश्तेदार को भी नहीं दिखा सकते हैं मरीज की फाइल।
4. अगर डॉक्टर को केस अपनी पकड़ से बाहर लगता है, तो वह तुरंत किसी और हॉस्पिटल में ले जाने को बोल देता हैं, लेकिन यदि मरीज के अटेंडेंट इलाज से संतुष्ट न होने की हालत में उसे किसी और हॉस्पिटल में ले जाना चाहें, उनसे यह लिखवाया जाता है कि वे अपने रिस्क पर और डॉक्टर के मना करने के बावजूद मरीज को ले जा रहे हैं।
5. मरीज या उसके रिश्तेदार के पूछने पर इलाज के बारे में नहीं दी जाती है पूरी जानकारी।

क्या कहती है हॉस्पिटल की रूल बुक

गंगाराम हॉस्पिटल के अध्यक्ष डॉ. बी. के. राव
1. हॉस्पिटल में भर्ती किसी भी भर्ती मरीज के इलाज से संबंधित फाइल की फोटोकॉपी को उनके परिजन ले जा सकते हैं। इसके लिए वह ट्रीटिंग डॉक्टर, रेकॉर्ड सेक्शन या हॉस्पिटल प्रशासन से सीधे बात कर सकते हैं। भर्ती के टाइम ही नहीं, मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद भी अगर कोई उनकी फाइल की कॉपी लेना चाहता है तो रेकॉर्ड सेक्शन से बात करके तुरंत इशू करा सकता है।
2. अगर मरीज या उसके रिश्तेदार लाइन ऑफ ट्रीटमेंट के बारे में डिटेल्स जानना चाहते हैं तो डॉक्टर बिल्कुल मना नहीं कर सकते। यह मरीज या उनके रिश्तेदारों का अधिकार है कि वे सबकुछ जानें।
3. अगर भर्ती मरीज का कोई डॉक्टर रिश्तेदार या जानकार उससे मिलने के लिए आता है और उसकी फाइल देखना या उस पर डॉक्टर से डिस्कस करना चाहता है तो हम कभी इनकार नहीं करते हैं।
4. अगर भर्ती मरीज के रिश्तेदार अपनी संतुष्टि और सेकंड ओपिनियन के लिए बाहर से किसी डॉक्टर को बुलाना चाहते हैं तो उन्हें सिर्फ अपने ट्रीटिंग डॉक्टर को कॉन्फिडेंस में लेना होता है। हमारे यहां तो कई बार लोग दूसरी पैथी के एक्सपर्ट या प्रीस्ट आदि को भी ले आना चाहते हैं और इस स्थिति में भी हमारे डॉक्टर ऐतराज नहीं करते हैं। मगर जहां तक इलाज की बात है तो जब तक मरीज हमारे यहां भतीर् रहता है तब तक उसकी सहमति के हिसाब से ही इलाज होता है।
5. अगर कोई डॉक्टर की सहमति के बिना मरीज को डिस्चार्ज कराकर ले जाना चाहता है तो ऐसे केस में अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस के पेपर पर साइन कराना जरूरी होता है, क्योंकि ऐसा नहीं करने से मरीज के साथ अगर अनहोनी हो गई तो उसकी जिम्मेदारी डॉक्टर और हॉस्पिटल पर आ सकती है।

एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. डी. के. शर्मा

1. किसी भी भर्ती मरीज के इलाज से संबंधित फाइल की फोटोकॉपी को उसके परिजन ट्रीटिंग डॉक्टर की सहमति से ले जा सकते हैं।
2. अगर मरीज या उसके रिश्तेदार उसके लाइन ऑफ ट्रीटमेंट के बारे में डीटेल में जानना चाहते हैं तो डॉक्टर मना नहीं करते हैं। यह अलग बात है कि हमारे यहां मरीजों का बहुत ज्यादा दबाव होने के चलते ओपीडी में डॉक्टर ज्यादा टाइम नहीं दे पाते हैं, बावजूद इसके मरीज और उसके रिश्तेदारों को संतुष्ट करने की पूरी कोशिश की जाती है।
3. अगर भर्ती मरीज का कोई डॉक्टर रिश्तेदार या जानकार उससे मिलने के लिए आता है और उसकी फाइल देखना चाहता है तो ट्रीट्रिंग डॉक्टर से बात कर सकता है।
4. भर्ती मरीज के रिश्तेदार अपनी संतुष्टि के लिए सेकंड ओपिनियन लेना चाहते हैं तो उन्हें इंस्टिट्यूट की ही दूसरी यूनिट के डॉक्टरों से सलाह लेने का सुझाव दिया जाता है, लेकिन अगर कोई बाहर से डॉक्टर को बुलाना चाहता है तो इसके लिए विशेष पमिर्शन और ट्रीटिंग डॉक्टर की रजामंदी की जरूरत होती है। जैसा कि पी. वी. नरसिंह राव और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इलाज के मामले में किया गया था।

मरीज को है पूरा अधिकार

कोट
- अगर पेशंट सेकंड ओपिनियन के लिए दूसरे डॉक्टर को बुलाते हैं, तो इलाज कर रहा डॉक्टर या हॉस्पिटल अथॉरिटी कोई ऐतराज नहीं कर सकते।

डॉ. गिरीश त्यागी, रजिस्ट्रार, दिल्ली मेडिकल काउंसिल

- इंटरनैशनल कोड ऑफ एथिक्स के मुताबिक हर मरीज या उनके परिजनों को यह जानने का हक है कि मरीज को क्या हुआ है, उसकी जांच में क्या सामने आया है और इलाज के लिए उन्हें कौन-सी दवाइयां दी जा रही हंै। अगर उन्हें कोई कॉम्प्लिकेशन आती है तो उसकी वजह क्या है, यह भी जानने का हक है।

डॉ. अनिल बंसल, मेंबर, दिल्ली मेडिकल काउंसिल
दिल्ली में प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों को रेग्युलेट करने वाली संस्था दिल्ली मेडिकल काउंसिल समेत तमाम एजेंसियां मरीजों को इलाज के दौरान लापरवाही बरतने पर अपनी शिकायत दर्ज करवाने का फोरम मुहैया कराती हैं। दिल्ली मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. गिरीश त्यागी के मुताबिक:

-इलाज के बारे में अपनी संतुष्टि के लिए उसके रिश्तेदार भर्ती मरीज की फाइल दूसरे अस्पताल के डॉक्टर को दिखा सकते हैं।
-पेशंट की संतुष्टि के लिए अगर बाहर से किसी डॉक्टर को कोई बुलाता है तो इस पर हॉस्पिटल या ट्रीटिंग डॉक्टर को ऐतराज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस बारे में कहीं कोई रोक नहीं है। कई बार तो डॉक्टर खुद यह बोलते हैं कि अगर मरीज की हालत ज्यादा खराब है और रिश्तेदार अपनी संतुष्टि करना चाहते हैं तो बाहर से किसी डॉक्टर को बुलाकर सेकंड ओपिनियन ले लें।
- जहां तक मरीज के किसी डॉक्टर रिश्तेदार के फाइल देखने की बात है तो इसमें छुपकर देखने वाली कोई बात ही नहीं है, वैसे भी सिर्फ फाइल देखकर केस को समझना मुश्किल होता है। ऐसे में ट्रीटमेंट कर रहे डॉक्टर से सीधे केस डिस्कस करना चाहिए और उस ट्रीटिंग डॉक्टर को भी इस डिस्कशन को मरीज या उसके रिश्तेदारों की चिंता के तौर पर देखना चाहिए, अपने काम में दखल के तौर पर नहीं।
-अगर ट्रीटमेंट कर रहे डॉक्टर केस डिस्कस करने या फाइल शेयर करने में आनाकानी करते हैं तो इसे उसकी प्रफेशनल इनसिक्युरिटी ही कहा जा सकता है।
- इलाज का सबका अपना तरीका होता है और हर डॉक्टर अपना बेस्ट देना चाहता है। मुश्किल केस में हॉस्पिटल के दूसरे डॉक्टरों से भी वह डिस्कस करता ही है। जहां तक परिजनों की मजीर् होने पर शिफ्ट कराने की बात है, अगर डॉक्टरों को लगता है कि मरीज को शिफ्ट नहीं किया जाना चाहिए, फिर भी परिजन शिफ्ट के लिए दबाव डालते हैं तो डॉक्टर उनसे लामा फॉर्म (लेफ्ट अगेंस्ट मेडिकल एडवाइस) पर साइन करवाते हैं।

दिल्ली मेडिकल काउंसिल के सदस्य डॉ. अनिल बंसल के मुताबिक:
-इंटरनैशनल कोड ऑफ एथिक्स के मुताबिक हर मरीज या उसके रिश्तेदारों को यह जानने का हक है कि मरीज को क्या हुआ है, उसकी जांच में क्या सामने आया है और इलाज के लिए उन्हें क्या- क्या दिया जा रहा है। अगर उन्हें कोई कॉम्प्लिकेशन आती है तो उसकी वजह क्या है, यह भी जानने का हक है। मगर भारत में सरकारी क्षेत्र में जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर और डॉक्टरों की कमी इसके आड़े आती है तो प्राइवेट अस्पतालों में भी ऐसा कल्चर नहीं है। यही वजह है कि मरीज के कुछ पूछने पर ज्यादातर टाइम घुड़की ही मिलती है। आए दिन सरकारी अस्पतालों में होने वाली मारपीट इसी का एक नतीजा है।

कहां करे मरीज शिकायत

स्टेप 1
अगर कोई व्यक्ति अपने या अपने रिश्तेदार के इलाज से संतुष्ट नहीं है या इलाज से कोई नई बीमारी या मृत्यु हो गई है तो वह दिल्ली मेडिकल काउंसिल में अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। काउंसिल में शिकायत दर्ज कराने के दो तरीके हैं। इलाज से जुड़े सभी कागजों की फोटोकॉपी और शिकायत पत्र को पोस्ट कर दिया जाए या फिर खुद वहां जाकर कंप्लेंट की जाए और संबंधित कागज जमा कराए जाएं।

काउंसिल का पता
दिल्ली मेडिकल काउंसिल, कमरा नंबर : 368, थर्ड फ्लोर, पैथोलजी ब्लॉक, मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, बहादुरशाह जफर मार्ग, नई दिल्ली-110002

फोन नंबर : 011-23235177, 23237962

वर्किंग डे : सोमवार से शुक्रवार

वर्किंग ऑवर्स : सुबह 9:30 से दोपहर बाद 4:30 तक

स्टेप 2
- अगर मरीज या उसके रिश्तेदारों को लगता है कि काउंसिल में जाने के बजाय पुलिस के पास जाने से फौरन कार्रवाई होती है, तो यह विकल्प भी अपनाया जा सकता है। जिस एरिया में हॉस्पिटल है, वहां के पुलिस स्टेशन में जाकर कंप्लेंट की जा सकती है। हालांकि पुलिस को भी जांच के दौरान अगर मेडिकल लापरवाही का मामला लगता है, तो केस को दिल्ली मेडिकल काउंसिल के पास ही रेफर किया जाता है।

स्टेप 3
- इलाज के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए मरीज या उसके रिश्तेदार कंस्यूमर फोरम भी जा सकते हैं। शिकायत का नेचर देखने के बाद कंस्यूमर फोरम या तो दिल्ली मेडिकल काउंसिल से संपर्क करती है, या फिर किसी भी सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम बनाकर उसे जांच की जिम्मेदारी सौंपती है।

कंस्यूमर फोरम से जुड़ी जानकारी
पता : दिल्ली स्टेट कंस्यूमर कमिशन, ए ब्लॉक, फर्स्ट फ्लोर, विकास भवन, आईपी इस्टेट, नई दिल्ली-110002
फोन नंबर : 011-23370799, 23370258
फैक्स नंबर : 23370258

कैसे होती है जांच
- दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) शिकायत करने वाले व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी डॉक्युमेंट्स की जांच कराती है।
- जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता और जिस डॉक्टर के खिलाफ शिकायत की गई है, उन दोनों को बुलाकर मामले के सभी पहलुओं को समझा जाता है।
- केस को काउंसिल की इगेक्युटिव कमिटी के सामने रखा जाता है। कमिटी के सभी मेंबर्स केस डिस्कस कर इस पर अपनी राय देते हैं।
- अगर केस बहुत सीरियस है या एक बार में फैसला नहीं हो पाता, तो कमिटी की दूसरी मीटिंग होती है और फिर ऑर्डर पास किया जाता है।
- केस कितने समय में सुनवाई के लेवल पर आ जाएगा, इसके बारे में कोई निश्चित समयसीमा नहीं है। पेंडिंग केसों के हिसाब से नंबर लगता है।
- डीएमसी अपने लेवल पर शिकायत सही पाए जाने पर डॉक्टर को वॉनिर्ंग दे सकती है। डीएमसी डॉक्टर का लाइसेंस भी कैंसल कर सकती है।
- शिकायतकर्ता अगर अपने नुकसान की भरपाई चाहता है, तो डीएमसी की रिपोर्ट के साथ वह कंस्यूमर फोरम जा सकता है।
- डीएमसी ऐसे मामलों के निपटारे के लिए महीने में कम से कम दो बार एग्जिक्यूटिव कमिटी की मीटिंग बुलाती है। जरूरत पड़ने पर महीने में चार या पांच बार भी मीटिंग हो सकती है।
- अगर शिकायतकर्ता डीएमसी के फैसले से संतुष्ट नहीं है तो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया में इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है।

मेडिकल काउंसिल का पता :
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, पॉकेट-14, सेक्टर-8, द्वारका फेज-1, नई दिल्ली- 110077
फोन नंबर : 011-25367033, 25367035, 25367036, 25367037
फैक्स नंबर : 25367024, 25367028

डॉक्टर-मरीज से संबंधित दो अहम फैसले

आपराधिक मामले के अलावा मुआवजा भी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंडियन मेडिकल असोसिएशन बनाम वी. पी. शांता के मामले में 1995 में दिए गए फैसले के मुताबिक डॉक्टरों पर दो कारणों से मुकदमा चलाया जा सकता है। एक तो लापरवाही बरतने के लिए उन पर आपराधिक मामला बनता है और दूसरा कंस्यूमर फोरम में उनसे मुआवजे की मांग भी की जा सकती है, जबकि इससे पहले डॉक्टरों को सिर्फ असावधानी बरतने के लिए दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई जा सकती थी।

लापरवाही के मामले में एक्सपर्ट की राय जरूरी
5 अगस्त 2005 को डॉ. जैकब मैथ्यू मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के मुताबिक किसी आम आदमी को डॉक्टर की लापरवाही के खिलाफ सीधे केस करने का अधिकार नहीं है। मामला तभी दर्ज किया जा सकता है जब किसी सक्षम डॉक्टर (सरकारी क्षेत्र से हो तो बेहतर है) ने इस मामले में अपनी राय दी हो। इस मामले में बचाव पक्ष के वकील की एक दलील यह भी थी कि अगर डॉक्टर पर यह तलवार लटकती रही कि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है तो वह इलाज करने से घबराने लगेगा।

सेक्स से पहले कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए महिलाएं लेतीं हैं ड्रिंक


लाखों महिलाएं सेक्स से पहले शराब पीना पसंद करती हैं। इसकी एक सीधी वजह है कि वे मानती हैं कि शराब पीने
से उनका कॉन्फिडेंस बढ़ता है। यह नया 'ज्ञान' एक सर्वे का नतीजा है, जो करीब तीन हजार ब्रिटिश महिलाओं पर किया गया है। इन महिलाओं का मानना है कि सेक्स के पहले उनका आत्मविश्वास कम हो जाता है। इस वजह से वह शराब का सहारा लेतीं हैं।

रिसर्चरों ने सेक्सुअल हैबिट्स और अल्कोहल लेने के बीच लिंक का शोध किया तो पाया कि आधों ने पीने के बाद सेक्स करना पसंद किया। वहीं, महिलाओं का कहना है कि शराब पीने से वे आक्रामक और ज़्यादा एडवेंचरस हो जाती हैं। इस सर्वे पर स्टडी करने वाली फेमफ्रेश की कैथरीन लेकलैंड के मुताबिक सर्वे के नतीजे से साफ है कि आज की ज़्यादातर ब्रिटिश महिलाओं में कॉन्फिडेंस की कमी है।

प्रधानमंत्री रूस रवाना, परमाणु समझौते पर होंगे हस्ताक्षर

मास्को रवाना होने से पहले जारी एक बयान में प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे विश्वास है कि मेरा दौरा रूस के साथ सहयोग को मजबूत करने कि दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा और इस तथ्य को बल देगा कि बदलती अंतर्राष्ट्रीय परिस्थिति में भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी शांति और स्थिरता का एक कारक है।"

सिंह ने कहा, "दोनों देशों की साझेदारी लंबी मित्रता की मजबूत नींव पर आधारित है। वर्षो के संयुक्त प्रयासों से भारत और रूस के बीच के बहुक्षेत्रीय सहयोग में अधिक गहराई और परिपक्वता आई है। हम इसे और मजबूत करना चाहते हैं।"

प्रधानमंत्री रूसी राष्ट्रपति दमित्रि मेदवेदेव के आमंत्रण पर भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने रवाना हुए। इससे पहले प्रधानमंत्री ने इस साल जून में ब्रिक देशों (भारत, ब्राजील, रूस और चीन) और शंघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक में मेदवेदेव से मिले थे। मेदवेदेव ने दिसंबर 2008 में भारत का दौरा किया था।

रूसी राष्ट्रपति दमित्री मेदवेदेव के साथ वार्ता की कार्यसूची की रुपरेखा के बारे में जानकारी देते हुए सिंह ने कहा कि वह रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और हाइड्रोकार्बन सहित अन्य क्षेत्रों में मौजूदा सहयोग की समीक्षा करेंगे।

मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं राष्ट्रपति के साथ आतंकवाद, वैश्विक मंदी की समाप्ति, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, परमाणु नि:शस्त्रीकरण और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जैसे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करुं गा।"

सोमवार को मनमोहन सिंह और मेदवेदेव की मुलाकात के बाद दोनों पक्षों के असैन्य परमाणु सहयोग के विस्तार के एक समझौते और तीन अन्य रक्षा सौदों पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है।

मनमोहन सिंह रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा सिंह भारत-रूस सीईओ परिषद की बैठक में पुतिन के साथ शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच शिक्षा, शोध, मीडिया और बौद्धिक हलकों सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता जताई।

मन का रेडियो, रिश्तों का गीत





टॉक शो के जरिए लोगों को प्यार का पाठ पढ़ानेवाले लव गुरु रेडियो जॉकी विवान का अपनी पत्नी से तलाक हो चुका है। उ
सके जीवन में अहम मोड़ तब आता है, जब ...

मूवी : रेडियो
कलाकार : हिमेश रेशमिया , सोनल सहगल , शहनाज ट्रेजरीवाला।
निर्माता : रवि अग्रवाल ,
स्क्रिप्ट व डाइरेक्शन : ईशान त्रिवेदी।
सेंसर सर्टिफिकेट : यू
अवधि : 112 मिनट
हमारी रेटिंग :

ऐसा कम ही हुआ है जब किसी फिल्म ने रिलीज से पहले सिर्फ म्यूजिक के दम पर फिल्म की पूरी लागत वसूल ली हो। इस हफ्ते रिलीज हुई रेडियो ने यह कमाल कर दिखाया। करीब 6 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म के म्यूजिक से ही निर्माता ने अपनी लागत बटोर ली है। फिल्म के डायरेक्टर ईशान त्रिवेदी ने अपनी पिछली फिल्म साढ़े सात फेरे में टीवी चैनलों में टीआरपी बढ़ाने की होड़ में मानवीय रिश्तों के साथ खिलवाड़ को पेश किया था , इस बार उन्होंने महानगरों की लाइफ स्टाइल का हिस्सा बन चुके एफएम रेडियो स्टेशनों के आरजे की लाइफ स्टाइल पर फोकस किया है। गायक , संगीतकार के तौर पर पहचान बनाने के बाद हिमेश रेशमिया की इस फिल्म मे एक्टिंग देखकर लगता है अपनी आरजे की भूमिका के लिए उन्होंने अच्छी खासी तैयारी की।

कहानी
फिल्म की कहानी मेट्रो शहरों की लाइफ स्टाइल पर बेस्ड है। फिल्म में विवान शाह ( हिमेश रेशमिया ) रेडियो चैनल मिर्ची का स्टार आरजे है। विवान के पास पैसा कामयाबी सब कुछ है , अपने शो में दूसरों की मुश्किलों का हल खोजने वाले विवान की जिंदगी में कुछ भी ठीक नहीं है , विवान और उसकी बीवी पूजा तलवार ( सोनल सहगल ) के बीच दूरियां ऐसी बढ़ती हैं कि कि नौबत तलाक तक पहुंची। इन दोनों के बीच रिश्तों में खटास विवान की तेज रफ्तार से भागती लाइफ स्टाइल है और पूजा का करियर में अपना सही मुकाम हासिल न कर पाने की कुंठा से ज्यादा और कुछ नहीं था।

तलाक के बाद भी पूजा और विवान के बीच दोस्ती का रिश्ता पूरी तरह से टूटा नहीं था। इस बीच विवान की सूनी जिंदगी में शनाया ( शहनाज ट्रेजरीवाला ) सुखद हवा के झोंके की तरह आती है। चंद मुलाकातों में हुई कुछ तकरार के बाद विवान को शनाया की आंखों में अपने लिए प्यार दिखाई देता है। विवान पूजा से शनाया की बातें शेयर करता है और उसे लगता है कि अब उसे शनाया के साथ एक नई जिदंगी शुरू करनी चाहिए। ऐसे में एक्स वाइफ पूजा और शनाया में अपने सच्चे प्यार को तलाशते विवान की इस लव स्टोरी का क्लाइमेक्स आम हिंदी फिल्मों से डिफरेंट है। लव और म्यूजिक की इस कहानी के बीच झंडू लाल त्यागी ( परेश रावल ) की जब भी एंट्री होती है , हॉल में हंसी के ठहाकों की आवाज सुनाई देती है।

फिल्म का बड़ा प्लस पॉइंट इसका म्यूजिक भी है। मन का रेडियो , जिदंगी जैसे , एक रेडियो और पिया जैसे लडू मोतीचूर , दामाद जी गानों का फिल्मांकन अच्छा है। फिल्म के म्यूजिक से हिमेश ने साबित किया है कि मैलडी में उनका जवाब नहीं। एक्टिंग में हिमेश ने मेहनत की है जबकि परेश रावल खूब हंसाते हैं। इंटरवल से पहले कहानी थोड़ा स्लो है।

एक्टिंग
आपका सुरूर और कर्ज के मुकाबले हिमेश इस बार रोल में जमे है। फिल्म में उनकी एक्टिंग देखकर लगता है रेडियो जॉकी की भूमिका के लिए उन्होंने अच्छी खासी तैयारी की है। आरजे की लाइफ स्टाइल , रेडियो पर अपने शो को हिमेश ने दमदार अंदाज में पेश किया है। सोनल सहगल और शहनाज अपनी भूमिकाओं में ठीकठाक रहीं। छोटी सी भूमिका के बावजूद परेश रावल खूब जमे और हंसाने में कामयाब रहे।

स्क्रिप्ट , डाइरेक्शन
ईशान की स्क्रिप्ट में कुछ जगह ठहराव है , इसके बावजूद उन्होंने रेडियो जॉकी के वर्क स्टाइल और शोज पर अच्छी खासी रिसर्च की हैं इंटरवल से पहले कहानी सुस्त है , लेकिन क्लाइमैक्स रोचक है।

गीत , संगीत
हिमेश पर शुरू से नाक से गाने का इल्जाम लगता रहा है , लेकिन इस बार उन्होंने स्टाइल में चेंज किया है और गले से गाया है। गीतकार सुब्रत सिन्हा के लिखे गानों में नयापन और बोलों में ताजगी का एहसास लगता है। फिल्म के पांच गीत म्यूजिक चार्ट में लंबे अर्से से टॉप फाइव पर हैं।

क्यों देखें
रेडियो और आरजे को फोकस करती इस प्रेम त्रिकोण की कहानी में महानगरों में करियर , पैसा और कामयाबी की दौड़ में टूटते इंसानी रिश्तों को दमदार ढंग से पेश किया गया है।

कमजोर कड़ी
इंटरवल के बाद विवान का पूजा और शनाया के बीच सच्चे प्यार की कशमकश को कुछ ज्यादा खींचा गया है। झंडू लाल त्यागी बने परेश रावल का रोल थोड़ा ज्यादा होता तो बेहतर था।

बाबरी ध्वंस की 17वीं बरसी, अयोध्या छावनी में तब्दील



06 दिसंबर, 2009
नई दिल्ली। अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस की रविवार को बरसी के मौके पर सभी राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था कडी कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहरों में धारा 144 लागू कर दी गई हैं। इसके साथ ही दिल्ली, मुंबई आदि महानगरों में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। उप्र में राजनीतिक पार्टियों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया गया हैं। ऎसा इसलिए किया गया है ताकि कानून व्यवस्था को लेकर व्यवधान पैदा न हो। उत्तरप्रदेश के एक आला अधिकारी ने बताया कि अयोध्या व अन्य संवदेनशील जिलों में सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई हैं। अयोध्या में केंद्रीय बलों के अलावा पीएसी के 500 कर्मी, आरपीएफ के 200 जवान, दंगा-नियंत्रक दलों को भी तैनात किए हैं। लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट लीक होने पर मची राजनीतिक हलचल देखते हुए ज्यादा सर्तकता बरती जा रही हैं। लोकसभा में रिपोर्ट पर सोमवार को चर्चा होगी।

बिग बॉस 3 से राजू श्रीवास्तव की छुट्टी



06 दिसंबर, 2009
नई दिल्ली। कलर्स के रियलिटी शो बिग बॉस 3 में जीत के प्रबल दावेदार माने जा रहे हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव शो से बाहर हो गए हैं। देश की जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया हैं। बिग बॉस 3 में इस हफ्ते मॉडल प्रवेश राणा, विंदू और राजू श्रीवास्तव की किस्मत दांव पर थीं, और फैसला राजू के खिलाफ गया।
राजू पहली बार शो में नॉमिनेट हुए थे। इससे पहले आठ हफ्तो तक उनका नाम एक बार भी नॉमिनेट नहीं किया था, लेकिन इस बार नाम आते ही उन्हें बाहर का रास्ता देखना पडा। राजू श्रीवास्तव ने कहा, जनता का फैसला उन्हें मंजूर हैं, और वो अपनी इमेज सुधारने के लिए अब और मेहनत करेंगे। वैसे, माना ये भी जा रहा है कि राजू श्रीवास्तव के शो से बाहर दूसरे टेलीविजन चैनल से अपने बाकी शो को लेकर समझौता था, जिसके टूटने पर उन्हें भारी हर्जाना भरना पडता।
ऎसे में राजू ने खुद बाहर होने की गुजारिश की। फिलहाल, बिग बॉस 3 में सात दावेदार बाकी हैं, और देखना है कि अब अगले हफ्ते कौन घर से बाहर होता हैं। लेकिन, अब विंदू दारा सिंह को खेल का बडा खिलाडी माना जा रहा हैं क्योंकि वो 7 से ज्यादा बार नॉमिनेट हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें हर बार जनता ने बचा लिया हैं।

श्रीलंका को रौंद टीम इंडिया बनी सरताज



मुम्बई में खेले गए तीसरे व आखिरी टेस्ट मैच में श्रीलंका को एक पारी और 24 रनों से हराकर टेस्ट रैंकिंग का ताज टीम इंडिया ने अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ ही भारत ने इस श्रृंखला को 2-0 से अपने नाम कर लिया।

पांचवे दिन संगकारा पर एक बड़ी जिम्मेदारी थी लेकिन वह दबाव को झेल नहीं सके। जहीर खान की गेंद पर वह चकमा खा गए और भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कैच लपककर उन्हें पेवेलियन की राह दिखा दी। उन्होंने बेहतरीन 137 रन बनाए। इसके बाद हेराथ भी तीन रनों के स्कोर पर जहीर का शिकार बन गए। जहीर खान ने नुवान कुलसेकरा को अपना पांचवा शिकार बनाया। हरभजन सिंह की गेंद पर मुरलीधरन के आउट होते ही भारतीय टीम ने मैच और श्रृंखला अपने नाम कर ली।

वैसे खेल के चौथे दिन ही श्रीलंका की हार लगभग तय हो गई थी। चौथे दिन मेहमान टीम का कुल स्कोर 29 रन पहुंचा ही था कि हरभजन सिंह ने तिलकरत्ने दिलशान के विकेट के रूप में भारत को पहली सफलता दिलाई थी। पहली पारी में शानदार 109 रन बनाने वाले दिलशान दूसरी पारी में महज 16 रन ही बना सके। इसके बाद परानाविताना एस. श्रीसंत की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। उन्होंने 54 रन बनाए।

परानाविताना के आउट होने के बाद जहीर खान ने माहेला जयवर्धने और थिलन समरवीरा को पेवेलियन की राह दिखा दी। जयवर्धने 12 रनों पर आउट हुए जबकि समरवीरा खाता भी नहीं खोल सके। चायकाल होने से ठीक पहले एंजेलो मैथ्यूज भी प्रज्ञान ओझा का शिकार बन गए। टीम को मुश्किल से उबारने के लिए प्रसन्ना जयवर्धने ने भरपूर कोशिश की लेकिन वह ज्यादा देर तक अपने कप्तान का साथ नहीं दे सके। वह 32 रनों के निजी स्कोर पर पेवेलियन लौट गए।

खेल के तीसरे दिन भारतीय टीम ने सहवाग के शानदार दोहरे शतक और कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के शतक की बदौलत अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 726 रन बनाकर घोषित कर दी थी। टेस्ट मैचों किसी पारी में भारत का अब तक यह सर्वाधिक स्कोर है।

भारत की ओर से सहवाग ने 293 रनों की यादगार पारी खेली। धौनी ने 100 रन बनाए। द्रविड़ ने 74, वी.वी.एस. लक्ष्मण ने 62 और सचिन तेंदुलकर ने 53 रनों का योगदान दिया। श्रीलंका ओर से मुथैया मुरलीधरन ने चार और रंगना हेराथ ने तीन विकेट चटकाए। मेहमान टीम की पहली पारी 393 रनों पर सिमट गई थी ।

गौरतलब है कि कानपुर में खेले गए श्रृंखला के दूसरे मैच में पारी और 144 रनों से जीत हासिल कर भारतीय क्रिकेट टीम श्रृंखला में पहले ही 1-0 से आगे चल रही थी। अहमदाबाद में खेला गया पहला मैच ड्रा रहा था।

शनिवार, 5 दिसंबर 2009

'बाबरी विध्वंस का अफ़सोस नहीं'





राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि बाबरी मस्जिद गिराए जाने पर अफ़सोस करने का सवाल ही नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर आंदोलन का संघ का पूरा समर्थन जारी रहेगा.

चंडीगढ़ में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि बाबरी ढाँचा गिराया जाना कोई साज़िश नहीं थी.


उन्होंने कहा, "बाबरी मस्जिद गिराया जाना कोई साज़िश नहीं बल्कि कारसेवकों की सहज प्रतिक्रिया थी, जिनकी भावनाओं पर चोट पहुँचाई गई थी."

मोहन भागवत ने कहा कि जो भी हुआ वह राम मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़ा हुआ था.

संघ प्रमुख ने कहा कि अफ़सोस जिनको करना चाहिए, वे करें. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को इस पर कोई अफ़सोस नहीं.

छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिरा दी गई थी. हाल ही में संसद में पेश की गई लिबरहान आयोग की रिपोर्ट में भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस के कई शीर्ष नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं.

लुधियाना में फिर बवाल, सत्संग का विरोध, 1 की मौत


लुधियाना। यहां आज आशुतोष महाराजा के सत्संग के विरोध में दमदमी टकसाल के प्रदर्शनकारी स़डकों पर उतर आए। लोगों के उग्र तेवर को देखते हुए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत होने की खबर है। गौरतलब है कि लुधियाना में पहले से ही तनाव का माहौल है। शहर के पांच इलाकों में कल हुए मजदूरों के बवाल के चलते कफ्र्यू लगा हुआ है और आज दूसरी घटना हो गई जिसमें दमदमी टकसाल के प्रदर्शनकारी आशुतोष महाराज का विरोध करने स़डकों पर उतरे हैं। कहा जा रहा है कि यहां सत्संग होने की बात पर कई दिनों से विरोध जताया जा रहा था। टकसाल ने पहले ही सरकार को इस बारे में चेताया था। आज सुबह 10 बजे यह सत्संग शुरू होना था। इससे पहले ही दमदमी टकसाल के लोग आसपास जमा होना शुरू हो गए थे। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस पर वे पुलिस पर ही पथराव करने लगे। इस बीच आशुतोष महाराज का कल होने वाला सत्संग स्थगित कर दिया गया है।

पा में बिग बी का बिग कमाल

मूवी : पा
कलाकार : अमिताभ बच्चन , विद्या बालन , अभिषेक बच्चन , परेश रावल।
निर्माता : ए . बी . कॉरपोरेशन और रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट।
स्क्रिप्ट , डायरेक्टर : आर . बाल्की
सेंसर सर्टिफिकेट : यू
अवधि : 140 मिनट

इस फिल्म को देखकर आपको लगेगा कि आप किसी नए अमिताभ बच्चन से मिल रहे हैं। वाकई , डाइरेक्टर आर . बाल्की ने इस बार उन्हें सिल्वर स्क्रीन पर कुछ ऐसे अलग अंदाज के साथ पेश किया है जो बिग बी की अपनी इमेज से कोसों दूर है। बाल्की इससे पहले सीनियर बच्चन के साथ लीक से हटकर फिल्म ' चीनी कम ' बना चुके हैं। करीब 70 साल के बिग बी ने सिल्वर स्क्रीन पर 12 साल के ऐसे बच्चे के चरित्र को जीवंत किया है जो एक लाइलाज बीमारी प्रोजोरिया से पीड़ित है। शायद ऐसा चैलेंज भरा रोल बॉलिवुड में अकेले अमिताभ बच्चन ही कर सकते है।

कहानी
फिल्म की कहानी एकदम हटकर है। विदेश में स्टडी के दौरान अमोल आप्टे ( अभिषेक बच्चन ) और विद्या ( विद्या बालन ) को कुछ मुलाकातों के बाद प्यार हो जाता है। एक राजनेता आप्टे साहब ( परेश रावल ) का इकलौता बेटा अमोल भी डैड की तर्ज पर राजनीति में मुकाम बनाना चाहता है तो विद्या डॉक्टरी की स्टडी को पूरा करने विदेश में है। अमोल और विद्या की नजदीकियां बिना किसी रिश्ते में बंधे एक ऐसे मुकाम पर पहुंच जाती है जहां विद्या अमोल के बच्चे की मां बनने वाली है। अमोल को करियर की इस दौड़ में फिलहाल किसी नए रिश्ते में बंधना मंजूर नहीं। वह विद्या को किसी डॉक्टर से मिलकर इस समस्या को समाप्त करने की सलाह देता है , लेकिन विद्या को ऐसा करना गवारा नहीं। वह अमोल की जिंदगी से निकल अपनी मां के पास आती है और अपने बच्चे को जन्म देती है। विद्या का यह बच्चा प्रोजोरिया नाम की लाइलाज बीमारी से पीड़ित है।

सिर्फ 12 साल की उम्र में 6 0 साल के बूढ़े जैसा दिखने वाला विद्या का बेटा ऑरो ( अमिताभ बच्चन ) दूसरे सामान्य बच्चों जैसा ही है। स्कूल में दूसरे बच्चों के साथ क्रिकेट खेलना और घर में नानी मां के साथ मौज मस्ती करना ऑरो की जिंदगी का हिस्सा है , लेकिन ऑरो को हर वक्त मन ही मन अपने पा की तलाश है। वहीं , दूसरी और अमोल अब एमपी बन चुका है। स्कूल में एक प्रतियोगिता के दौरान ऑरो की मुलाकात अमोल आप्टे से होती है जो स्कूल के कार्यक्रम में ऑरो को अवॉर्ड देते हैं। अमोल से मिलने के बाद ऑरो को उसमें अपनापन लगता है और दोनों एक दूसरे के नजदीक आते है , लेकिन ऑरो को अभी मालूम नहीं कि अमोल ही उसके पा है । फिल्म की कहानी का नयापन और पेश करने का रोचक अंदाज दर्शकों को बांधकर रखता है।

एक्टिंग
अमिताभ बच्चन का इस फिल्म में एक नया अवतार है। ऑरो की जिंदादिली और हर सही बात में बच्चों की तरह अड़ जाने वाले दृश्यों में अमिताभ का अभिनय कमाल का है। भले ही गजब के मेकअप ने बिग बी की राह आसान बना दी हो , लेकिन एक्टिंग से ऐसा कमाल सिर्फ बिग ही कर सकते है , कभी दर्शकों के चेहरों पर ऑरो की शरारतें हंसी बिखेरती तो कभी आंखें नम करती। अभिषेक सही मायने में एक यंग पॉलिटिशन लगे है वहीं विद्या बालन ऑरो की बेबस मां की भूमिका में खूब जमी है।

शुरू से आखिर तक फिल्म अमिताभ के इर्द गिर्द घूमती है और उन्होंने गजब की एक्टिंग की है। ऑरो के रोल में वह आपको हंसाते भी हैं और आंखें भी नम करते हैं। अभिषेक और विद्या बालन ने भी अच्छा रोल निभाया है।

स्क्रिप्ट , निर्देशन
आर . बाल्की की स्क्रिप्ट में दम है , कहानी की रफ्तार सुस्त है , लेकिन कहानी को आगे बढ़ाने के लिए ऐसा जरूरी था। ऐसा नहीं बाल्की ने पूरी फिल्म ऑरो के आसपास रखी अमोल और विद्या के चरित्रों के साथ भी उन्होंने पूरा न्याय किया है।

गीत - संगीत
फिल्म के गाने कहानी के मिजाज के अनुकूल है। इलैय्या राजा के संगीत में दम है। फिल्म का टाइटल सॉन्ग हिट हो चुका है। विद्या बालन और अभिषेक पर फिल्माया मुड़ी मुड़ी का फिल्मांकन गजब का बन पड़ा है।

क्या है खास
ऑरो की भूमिका में अमिताभ का कभी ना भूलने वाला अभिनय। कहानी अच्छी है , स्क्रिप्ट में दम है और यह कहीं भटकती नजर नहीं आती। फिल्म में कुछ भी फालतू नहीं है।

कमजोर कड़ी
एंटरटेनमेंट और वीकएंड पर मौज मस्ती की चाह में मसाला फिल्म देखने वालों के लिए कुछ नहीं। फिल्म थोड़ा गंभीर और लीक से हटकर है।

जिंदा है दुनिया का सबसे खौफनाक टेररिस्ट लादेन!



इस्लामाबाद।। दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी और अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के जिंदा या मुर्दा होने के बारे में अब तक तमाम कयास लगाए जाते
रहे हैं। लेकिन अब पाकिस्तान की जेल में बंद एक तालिबानी कैदी ने लादेन के जिंदा होने के बारे में नया खुलासा किया है। इस तालिबान बंदी का दावा है कि उसका एक दोस्त अफगानिस्तान में ओसामा बिन लादेन से मिला था। इस तालिबान उग्रवादी के अनुसार, इस साल जनवरी या फरवरी में मैं अपने इस मित्र से मिला। उसने मुझसे कहा कि वह ओसामा से मिलकर आ रहा है और वह मुझे भी ओसामा से मिला सकता है।

इस व्यक्ति ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि शेख (बिन लादेन) कभी एक जगह पर नहीं ठहरते, अपना ठिकाना हमेशा बदलते रहते हैं। मेरे जान-पहचान का वह व्यक्ति गजनी (अफगानिस्तान) से आया था, इसलिए मैं समझता हूं कि ओसामा भी वहीं होंगे। उसने कहा कि मेरा यह दोस्त मुझसे हुई उसकी मुलाकात के करीब 15 से 20 दिन पहले ओसामा बिन लादेन से मिला था। इस बंदी शख्स का नाम कानूनी वजहों से उजागर नहीं किया गया है।

उसने बताया कि ओसामा से मिलने वाला उसका परिचित मेहसूद कबीले का है और वह अल कायदा के विदेशों में मौजूद कार्यकर्ताओं को ओसामा से मिलवाता है। उसका यह दोस्त अल कायदा के लोगों को अन्य देश से शेख तक लाने में मदद करता है। मेरे दोस्त ने 9-11 के आतंकवादी हमलों से पहले खुद भी कई बार बिन लादेन से मुलाकात का दावा किया।

गौरतलब है, पूर्वी अफगानिस्तान के गजनी इलाके में तालिबान की मजबूत मौजूदगी है। उसने यह भी कहा कि आतंकवादी अमेरिकी ड्रोन हमलों के डर से पाकिस्तानी सरजमीं पर जाने से बच रहे हैं। उसने कहा कि इस समय पाकिस्तान हमारे रुकने के लिहाज से सही नहीं है, क्योंकि ड्रोन हमलों में हमारे कई खास लोग शहीद हो गए हैं।

हालांकि बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार इस तालिबान कैदी के ओसामा के बारे में किए गए दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती। लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व विश्लेषक ब्रूस रीडेल का मानना है कि उग्रवादी की कहानी विश्वसनीय है और इसकी खोजबीन की जानी चाहिए। रीडेल ने कहा कि तमाम पश्चिमी इंटेलिजेंस कम्यूनिटी, सीआईए और एमआई6 पिछले सात सालों से लादेन की तलाश में जुटे हुए हैं, लेकिन उन्हें अब तक इस तरह का कोई सूचना स्त्रोत नहीं मिला है। इसलिए अगर यह सही है, तो काफी बड़ी और असाधारण बात है। हमलोग जानते हैं कि ओसामा बिन लादेन जिंदा है और वह पाक-अफगान सीमा इलाके में कहीं रह रहा है। इस स्टोरी के बारे में सबसे असामान्य बात यह है कि हमारे पास एक ऐसा शख्स है, जो पहली बार सामने आकर कह रहा है कि हां, वह लादेन से मिला है और उसके पास हाल ही में उससे फिर मिलने का मौका था।

पाकिस्तान के एक सुरक्षा अधिकारी का भी कहना है कि इस कैदी के पाकिस्तान और अफगानिस्तान में तालिबान नेताओं के साथ नजदीकी रिश्ते रहे हैं और वह आतंकवादी संगठन के लिए किडनैपिंग और पैसे उगाही में भी शामिल रहा है। बीबीसी को नवंबर महीने में पाकिस्तान अधिकारियों की मौजूदगी में दो दफा इस कैदी से मिलने का मौका दिया गया। गौरतलब है कि पाकिस्तान पर ओसामा बिन लादेन का पता लगाने के लिए और कदम उठाने के बढ़ते दबाव के बीच पाक लगातार कहता आया है कि ओसामा पाकिस्तानी धरती पर मौजूद नहीं है।

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2009

उल्फा प्रमुख राजखोवा भारत के हवाले

दावकी [गुवाहाटी]। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा का शीर्ष नेता अरबिंद राजखोवा, उसकी पत्नी और अन्य प्रमुख उग्रवादियों को शुक्रवार को बांग्लादेशी एजेंसियों ने मेघालय में भारतीय अधिकारियों के हवाले कर दिया। इससे प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के साथ शांति वार्ता के लिए मार्ग प्रशस्त होगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मेघालय के जैनतिया हिल जिले के दावकी चौकी पर सीमा सुरक्षा बल ने 53 वर्षीय राजखोवा तथा नौ अन्य उग्रवादियों को हिरासत में लिया। इनमें उल्फा के सशस्त्र अभियान का उप प्रमुख राजू बरूआ भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जिन उग्रवादियों को बांग्लादेशी अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा बल को सौंपा है उनमें राजखोवा के अलावा, उसकी पत्नी और दो बच्चे, उसका अंगरक्षक राजू बोरा, बरूआ की पत्नी और उसका बेटा, तथा उल्फा के स्वयंभू विदेश सचिव सशधर चौधरी की पत्नी और बेटी शामिल है।

सूत्रों ने बताया कि बाद में इनलोगों ने गुवाहाटी के लिए उड़ान भरी जहां इन सबने असम पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। विभिन्न कानूनी औपचारिकताएं निपटाने के लिए उन्हें तत्काल एहतियातन हिरासत में ले लिया गया।

संगठन का संस्थापक सदस्य राजखोवा हाल ही में बांग्लादेश में धरा गया था। राजखोवा उन चार लोगों में से है जिसने सात अप्रैल 1979 को इस अलगाववादी संगठन की नींव रखी थी।

सरकार की ओर से उल्फा के साथ बातचीत शुरू करने का संकेत गृह मंत्री पी चिदंबरम ने राज्य सभा में बुधवार को देते हुए कहा था कि उग्रवादी संगठन अगले कुछ दिनों में संभवत: राजनीतिक बयान जारी करेगा। उन्होंने कहा था कि उल्फा का आजकल भटकाव हो गया है। अगले कुछ दिनों में उल्फा नेतृत्व राजनीतिक बयान जारी करेगा। हमारी सरकार उनके साथ बातचीत करने को तैयार है लेकिन शर्त यह है कि वह हिंसा और संप्रभुता की मांग करना छोड़ दें।

उल्फा के पिछले रिकार्ड और संगठन के नेताओं के शांति प्रक्रिया को आगे ले जाने के अपने वादे से मुकरते देख सरकार उग्रवादी संगठन के साथ बातचीत के लिए सावधानी से कदम उठा रही है। असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने गुवाहाटी में गुरुवार को कहा था कि सरकार को शांति वार्ता शुरू करने के लिए उल्फा की ओर से उत्साही संकेत मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उल्फा नेता अगर बातचीत की टेबल पर आते हैं तो वह उन्हें सुरक्षित रास्ता देने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात की आशा है कि संगठन के कमांडर इन चीफ परेश बरूआ समेत अन्य शीर्ष उल्फा नेता बातचीत में भाग लेंगे। संप्रभुता के मुद्दे पर बरूआ शांति प्रक्रिया की बातचीत का विरोध कर चुका है।

राजखोवा का असली नाम राजीव राजखोवा है और वह स्वतंत्रता सेनानी उमाकांत राजखोवा को बेटा है। उमाकांत राजखोवा का निधन तीन साल पहले हो चुका है। भारत के खिलाफ लड़ाई सहित कई मामलों के आरोपी राजखोवा के खिलाफ इंटरपोल का रेड कार्नर नोटिस जारी हो चुका है। वह 1992 से ही भारत के बाहर रह रहा है। उसके बारे में कहा जाता है कि वह बांग्लादेश, म्यांमार और भूटान के विभिन्न स्थानों पर रहा है।

उल्फा के दो अन्य शीर्ष नेता तथा स्वयंभू वित्त सचिव चित्रबन हजारिका और स्वयंभू विदेश सचिव सशाधर चौधरी को बांग्लादेश में नवंबर में गिरफ्तार किया गया था और दोनों को असम पुलिस के हवाले कर दिया गया था।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की इस महीने की आखिर में भारत दौरे के हिसाब से ये घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच तीन प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे जिसमें प्रत्यर्पण संधि के अलावा अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष भी शामिल है।

असम में चौकसी बढ़ायी गई

इस बीच प्रतिबंधित संगठन उल्फा की संभावित हिंसक प्रतिक्रिया को देखते हुए असम में चौकसी बढ़ा दी गई है। उल्फा अपने अध्यक्ष अरविंद राजखोवा के शांति प्रक्रिया में शामिल होने का विरोध कर रहा है।

असम सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि संवेदनशील इलाकों में तेल भंडारों, पटरियों, पुलों और बाजारों की सुरक्षा के लिए सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि किसी भी समय कुछ भी हो सकता है। कुछ प्रतिक्रिया हो सकती है। हम ऐसी किसी आशंका से इंकार नहीं कर रहे है।

उधर, शुक्रवार सुबह उत्तरी असम के उदलगुरी जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में में प्रतिबंधित संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड के दो आतंकी मारे गए।

गुरुवार, 3 दिसंबर 2009

डबवाली समाचार

डबवाली(सुखपाल) - स्थानीय राजकीय अस्पताल में एक्स-रे ऑप्रेटर की मनमानी से एक्स-रे करवाने आने वाले मरीजों में भारी रोष पाया जा रहा है। उपमण्डल के गांव मट्टदादू निवासी लीलू राम ने एक्स-रे ऑप्रेटर सन्दीप कुमार के खिलॉफ एसएमओ को लिखित शिकायत की है। लीलू राम ने बताया कि कल देर सायं उनका बेटा वाहन से दुर्घटनाग्रस्त हो गया और डबवाली जनसहारा सेवा संस्था के सदस्यों द्वारा स्थानीय सिविल अस्पताल में उपचार हेतु दाखिल करवाया तथा डॉ. सरवन बांसल द्वारा उसका उपचार किया जा रहा था कि उन्होंने एक्सरा करवाने हेतु अस्पताल में बने एक्सरा रूम में सन्दीप के पास भेजा, परन्तु सन्दीप ने एक्सरा करने से इन्कार करते हुए कहा कि अति आवश्यक कार्य से बाहर जा रहा है तथा कहा कि अस्पताल के सामने स्थित चण्डीगढ़ एक्सरा से एक्सरा करवा लें। डबवाली जनसहारा सेवा संस्था के प्रधान आरके नीना ने बताया कि एक्सरा ऑप्रेटर सन्दीप कुमार जानबूझ कर एक्सरा करवाने हेतु बाहर भेज देता है। क्योंकि यह उपरोक्त एक्सरा सैन्टर इसका अपना निजी सैन्टर है तथा यह चन्द रूपयों की खातिर मजबूर, गरीब व बेसहारा लोगों का शोषण करता है। डबवाली जनसहारा सेवा संस्था के सदस्यों ने मांग की है कि इसे तुरन्त प्रभाव से हटाया जाए। जब इस बारे में सिविल अस्पताल के कार्यकारी एसएमओ डॉ. टी. आर. मित्तल से पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास एक लिखित शिकायत आई है तथा उन्होंने बताया कि जब मैंने इसकी पुष्टि के लिए जांच की तो एक्स-रे रूम में ताला लटका था तथा एक्सरे ऑप्रेटर सन्दीप अनुपस्थित था। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसकी रिपोर्ट एसएमओ डॉ. राज कुमार को भेज दी है तथा उनके आने पर ही कार्रवाई की जाऐगी।
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डबवाली (सुखपाल)- ग्राम पंचायत मौजगढ़ व क्रिकेट कल्ब के संयुक्त तत्वाधान में आज पांच दिवसीय 11वां क्रिकेट टूर्नामैन्ट का शुभारम्भ मुख्याध्यापक गुरतेज ङ्क्षसह, हजकां नेता अमरीक बिश्रोई व राजेन्द्र सिहाग ने संयुक्त रूप से उपस्थित होकर किया। टूर्नामैन्ट का उद्घाटन मैच मौजगढ़-ए बनाम डीएवी स्कूल डबवाली के मध्य हुआ। मौजगढ़-ए टीम ने अपने निर्धारित 10 ओवरों में 110 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और डीएवी स्कूल डबवाली की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 64 रनों पर ही सिमट गई। मैन ऑफ दी मैच का खिताब भरत बिश्रोई (30 रन व 2 विकेट) को दिया गया तथा 29 रनों का योगदान देने वाले अंकुर की भी प्रशंसा की गई। दूसरे मैच में सुधीर इलैवन ने दारेवाला इलैवन को 54 रनों से पराजित कर विजयश्री प्राप्त की तथा टूर्नामैन्ट के तीसरे मैच में मसीतां इलैवन ने नेहरू आईटीआई अलीकां की टीम को 6 विकेट से हराया। इस मैच के मैन ऑफ दी मैच रहे सोनू। टूर्नामैन्ट के आयोजकों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस टूर्नामैन्ट की विजेता टीम को 11000 रूपये व उपविजेता टीम को 5100 रूपये की नकद राशि दी जाऐगी।
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डबवाली (सुखपाल)- उपमण्डल के गांव मौजगढ़ के निकट खच्चर रेहड़ा के पीछे पिकअप गाड़ी के टक्कर मार देने से रेहड़ा चालक घायल हो गया। हादसे की मिली जानकारी मुताबिक उपमण्डल के गांव मट्टदादू निवासी धर्मपाल पुत्र लीलू राम व उसका चचेरा भाई सतबीर अपने- अपने खच्चर रेहड़ों पर बीती देर सायं गांव अलीकां स्थित ईंट-भट्टे पर आ रहे थे कि जैसे ही वह गांव मौजगढ़ के पास पहुंचे तो पीछे से तेज गति से आ रही पिकअप गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेहड़ा चालक धर्मपाल उछलकर दूर जा गिरा और घायल हो गया तथा उसका खच्चर भी घायल हो गया, उसके आगे खच्चर रेहड़ा पर चल रहे उसके चचेरे भाई सतबीर ने उसे उठाया तथा डबवाली जनसहारा सेवा संस्था के प्रधान आर. के. नीना को सूचना दी। सूचना मिलते ही डबवाली जनसहारा सेवा संस्था के सदस्य विकास खन्ना अपने साथियों को लेकर संस्था की ऐम्बूलैंस सहित घटनास्थल पर पहुंचे तथा घायल धर्मपाल को स्थानीय सिविल अस्पताल में उपचार हेतु दाखिल करवाया। ड्यूटी पर कार्यरत डॉ. सरवन बांसल ने अपनी टीम के साथ तुरन्त प्रभाव से प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया।
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डबवाली (सुखपाल)- स्थानीय बीडीपीओ कार्यालय के प्रांगण में आज प्रधानमन्त्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय लोगों ने बड़े उत्साह से भाग लिया।
उपरोक्त शिविर का उद्देश्य खादी व ग्रामोद्योग, हरियाणा खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड व जिला उद्योग केन्द्र द्वारा संचालित प्रधानमन्त्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के प्रति जागरूक करना है। इस शिविर में आर. एस. मक्कड़ एलडीएम सिरसा, खादी ग्रामोद्योग आयोग से जगत ङ्क्षसह हुड्डा एवं ग्रामोद्योग बोर्ड सिरसा से ओम प्रकाश भाटिया तथा जिला उद्योग केन्द्र सिरसा से ही ज्ञान चन्द व औम प्रकाश ने उपस्थिति को सम्बोधित किया तथा योजनाओं के बारे विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई। अपने सम्बोधिन में जगत ङ्क्षसह हुड्डा ने कहा कि पीएमईजीपी योजना के अन्तर्गत एक व्यक्ति को कोई भी उद्योग लगाने हेतु अधिकतम 25 लाख रूपयों तक की वित्तीय सहायता बैंकों के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाती है तथा सामान्य वर्ग के आवेदकों को 25 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं, भूतपूर्व सैनिकों व विकलांग आवेदकों को ऋण प्रोजैक्ट को 35 प्रतिशत सबसिड़ी प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि स्कीम के अन्तर्गत सेवा क्षेत्र में तथा कोई भी उद्योग लगाने के लिए वित्तीय सहायता के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाती है। श्री आरके मक्कड़ ने इस योजना व बैंकों के की भूमिका व महत्च पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर बलविन्द्र ङ्क्षसह सुपरवाईजर सीडीपीओ, सतिन्द्र कौर, सुखमन्द्र कौर, कर्मजीत कौर सहित स्टॉफ के अन्य सदस्य व नगर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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डबवाली (सुखपाल)- स्थानीय चौटाला रोड पर स्थित सेठी पैट्रोल पम्प के समीप एक स्कूटर सवार युवक सड़क पर बने फुटपाथ से टकराकर गम्भीर रूप से घायल हो गया। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने उपचार हेतु डबवाली के सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव सकता खेड़ा निवासी राजा ङ्क्षसह पुत्र सुखदेव ङ्क्षसह अपने स्कूटर एचआर-24 सी-4459 पर कल देर सायं अपने गांव जा रहा था कि हैफेड गोदाम में चौकीदार के पद पर कार्यरत युवक सुनील पुत्र सतपाल ने राजा ङ्क्षसह से लिफ्ट ले ली तथा उसके स्कूटर के पीछे बैठ गया। इसी दौरान सेठी पम्प के पीछे से आ रहे वाहन को साईड देते समय सड़क पर बने फुटपाथ से टक्करा गया। जिसके फलस्वरूप राजा ङ्क्षसह का सिर फुटपाथ से टकरा गया तथा वह गम्भीर घायल हो गया। जबकि उसके पीछे बैठा सुनील बाल-बाल बच गया। वहां पर उपस्थित अरूण कुमार व काला ङ्क्षसह ने घायल राजा ङ्क्षसह उठाया तथा स्थानीय सिविल अस्पताल में उपचार हेतु दाखिल करवाया तथा दूरभाष पर इस हादसे की सूचना उसके परिजनों को भी दे दी। सूचना मिलते ही राजा ङ्क्षसह के परिजन सिविल अस्पताल पहुंच गए।
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डबवाली (सुखपाल)- उपमण्डल के गांव देसूजोधा में स्कूटर स्लिप होने से एक बच्चे सहित दो घायल हो गए। घायलों को डबवाली के सिविल अस्पताल में उपचार हेतु दाखिल करवाया गया। जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार के पश्चात सिरसा रैफर कर दिया।
प्राप्त जानकारी अनुसार कल देर सायं गांव देसूजोधा निवासी कालू राम पुत्र हरबन्स लाल अपने भतीजे 10 वर्षीय ङ्क्षप्रस पुत्र अशोक कुमार के साथ गांव जोगेवाला से अपने घर देसूजोधा जा रहे थे कि देसूजोधा के समीप स्कूटर स्लिप हो गया। जिसके फलस्वरूप कालू राम गम्भीर रूप से घायल हो गया तथा इस हादसे में ङ्क्षप्रस भी चोटिल हो गया।
सूचना मिलते ही डबवाली जनसहारा सेवा संस्था के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे और घायल कालू राम व ङ्क्षप्रस को डबवाली के सामान्य अस्पताल में उपचार हेतु लेकर आए। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के उपरान्त कालू राम को सिरसा रैफर कर दिया तथा ङ्क्षप्रस को उपचार उपरान्त डिस्चार्ज कर दिया गया। कालू राम के परिजनों द्वारा डबवाली जनसहारा सेवा संस्था के सदस्यों का आभार व्यक्त किया है। जिनकी सहायता से घायल कालू राम को चिकित्सा मुहैया होने से उसकी जान बच गई।
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डबवाली (सुखपाल)- स्थानीय चौटाला रोड पर मोटरसाईकिल व खच्चर रेहड़ा की भिड़न्त से दो लोगों के घायल होने का समाचार प्राप्त हुआ है। तिली जानकारी मुताबिक उपमण्डल के गांव जण्डवाला बिश्रोईयां निवासी सुभाष चन्द्र पुत्र राम कुमार अपने मोटर साईकिल नम्बर पीबी-22-4922 पर अपने गंाव जा रहा था और उनके साथ कांशी राम पुत्र दलीप राम सकता खेड़ा निवासी मोटरसाईकिल पर सवार था कि अचानक चौटाला रोड पर स्थित चौधरी ट्रांस्पोर्ट के नजदीक आगे जा रहे खच्चर रेहड़ा से टक्कर हो गई। जिसके फलस्वरूप मोटरसाईकिल चालक सुभाष व पीछे बैठे कांशी राम सड़क पर गिर पड़े व घायल हो गए, तभी वहां पर खड़े सेठी आईस फैक्टरी के मालिक मनका सेठी उसके साथी ने तुरन्त उठाया तथा स्थानीय सिविल अस्पताल में पहुंचाया। उधर कल देर सायं बरातियों से भरी उक बस आरजे-31-पीए-1206सिरसा रोड पर स्थित गांव डबवाली के पास आगे जा रहे ट्रक से टकरा गई। जिसके चलते बस में सवार बरातियों को मामूली चोटें आई और बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

Need to create level-playing field for various categories of (PCPs)-- Dr M.M.Goel

Kurukshetra, December 3-‘To commemorate the International Day of Disabled Persons not as an annual ritual with lip service, we need to create level-playing field for various categories of physically challenged persons (PCPs) who are otherwise victims of injustice in all walks of life. So far the socio-economic conditions of PCPs in India are concerned; they continue to be the same because they are weak and unorganized. We need to be empathetic and not sympathetic to improve the lot of PCPs with full sense of responsibility and concrete plan of action as in the USA number of steps under American Disability Act (ADA), observed Professor (Dr.) M.M.Goel, Vice-President Antarjyoti & Chairman, Department of Economics, Kurukshetra University here today.
The rehabilitation of PCPs is justified not only on social & moral grounds but economic considerations, stated Professor Goel who has done research on PCPs and calculated social rate of return under alternative assumptions about the contribution of vocational training to the life-time-net-benefit-stream which varied between 10.67 and 30.58 per cent in the case of one-year and between 5.29 and 17.46 per cent in the case of the two-year training courses for various categories of PCPs including Blind, Orthopaedically Handicapped and the Deaf & Dumb.
The correlation of placement probability with time was significant in case of the physically handicapped. However, the correlation of the time and placement probability was the highest in the case of the blind. A study of relative movements of inflow of job-seekers through registration and. placements also revealed a similar picture. The correlation of relative traffic intensity' with time was significant in the case of the orthopaedically handicapped and the blind, said Professor Goel- a specialist in human resource development.
All the stake holders and institutions for PCPs should understand that investment in physically handicapped persons has the basic aim of maximization of the use of facilities provided, or the output turned out for the given amount of expenditure, or the minimization of the amount of expenditure required for giving a set of facilities to convert the handicapped into working human capital or producing a pre-determined output, said Professor Goel
We need to motivate corporate world in the real sense and spirit of corporate social responsibility with trusteeship vision of Mahatma Gandhi for societal concerns and sense of sacrifice with altruism for weaker sections of society in India, stated Professor Goel.
Ofcourse, there is a case for equalization of the benefits for all categories of physically challenged persons in the present era of globalization with greater mobility. We need to narrow the wage gap between normal and PCP workers in India, opined Professor Goel who is also convener, Intellectual Cell of Haryana Pradesh Congress Committee (HPCC).

मंगलवार, 1 दिसंबर 2009

डबवाली समाचार,

डबवाली(सुखपाल) - दी डबवाली प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लिमिटेड के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्धारित समय पर चुनाव अधिकारी राम कुमार यादव के न पहुंचने के कारण डबवाली पैक्स का चुनाव नहीं हो पाया। चुनाव अधिकारी के न पहुंचने से गुस्साये इनेलो कार्यकत्र्ताओं ने सरकार के खिलॉफ नारेबाजी कर जम कर प्रदर्शन किया। पैक्स के इनेलो समर्थित 5 सदस्यों में चुनाव अधिकारी की गैरहाजिरी में एक बैठक कर सर्वसम्मति से शिवचरण सिंह डबवाली को पैक्स का अध्यक्ष व गुरनाम सिंह खुईयां मलकाना को उपाध्यक्ष
चुनकर इसका प्रस्ताव पास उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया है। गौरतलब है कि डबवाली गांव में स्थित दी डबवाली प्राथमिक कृषि सहकारी समिति के सदस्यों के लिए पूर्व में हुए चुनावों में पांच इनेलो व दो कांग्रेस के सदस्य विजयी हुए थे। जिनमेें अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद चुनाव के लिए मंगलवार को तिथि निर्धारित की गई थी। जिसमें पैक्स के निर्वाचित सदस्यों को इसकी लिखित सूचना भेज कर चुनाव के लिए 11. 45 का समय निर्धारित किया गया था। चुनाव के लिए राम कुमार यादव को बतौर चुनाव अधिकारी तैनात किया था।
चुनाव में इनेलो के समर्थित सदस्य शिवचरण सिंह डबवाली, गुरदेव कौर शेरगढ़, गुरनाम सिंह खुईयां मलकाना, मनोहर लाल दीवान खेड़ा व जगतार सिंह पन्नीवाला रूलदू के अलावा कांग्रेस समर्थित सदस्य बेअन्त सिंह पन्नीवाला रूलदू मौके पर पहुंच गये थे। जबकि कांग्रेस समर्थित एक अन्य सदस्य दरबारा सिंह शेरगढ़ अनुपस्थित थे।
चुनाव के लिए निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी काफी देर तक इंतजार करने पर भी चुनाव अधिकारी चुनाव करवाने के लिए मौके पर नहीं पहुंचे। इस बार में सम्र्पक करने पर पैक्स के प्रबंधक राम चंद्र ने चुनाव अधिकारी के आने या न आने के संदर्भ में कोई भी सन्तोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। चुनाव अधिकारी के न आने से इनेलो के समर्थित सदस्यों व वहां पर जमा हुए इनेलो नेताओं के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने सरकार व चुनाव अधिकारी के खिलॉफ जम कर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद इनेलो समर्थित पांचों सदस्यों ने एक बैठक आयोजित कर शिव चरण सिंह डबवाली को अध्यक्ष और गुरनाम सिंह को उपाध्यक्ष चुनने का प्रस्ताव पास कर इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेज दी है। इस मौके पर उपस्थित टेक चंद छाबड़ा व महिंद्र डूडी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अपनी हार से बौखला चुकी है और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के पद का चुनाव न करवा कर लोकतंत्र का गला घोंट रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की धक्केशाही को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाऐगा और इसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाऐगा। इस अवसर पर इनेलो के कार्यालय प्रभारी प्रह्लाद सिंह, बलबीर सिंह भुल्लर, सेवक सिंह, दरयाई लाल मेहता, आत्मा सिंह, गुरपाल सिंह शेरगढ़, सुखदेव सिंह नंबरदार, जगजीत सिंह, रणवीर सिंह मिट्ठू सहित अन्य कार्यकत्र्ता मौजूद थे।
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डबवाली (सुखपाल)- स्थानीय पंजाब क्षेत्र स्थित नर सिंह कॉलोनी के समीप एक नेपाली युवक रेलगाड़ी के नीचे आने से गम्भीर रूप से घायल हो गया तथा बठिण्डा के सिविल अस्पताल में उपचार दौरान उसकी मौत हो गई। प्राप्त जानकारी बीती देर सायं एक नेपाली युवक विष्णु रेलवे लाईन क्रॉस करते समय बठिण्डा से आ रही मालगाड़ी के नीचे आ गया। जिसके फलस्वरूप विष्णु की बाई टांग कट गई।
सूचना मिलते ही डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के प्रधान आरके नीना संस्था की ऐम्बूलैंस द्वारा घटनास्थल पर पहुंचे तथा घायलावस्था में विष्णु को स्थानीय सिविल अस्पताल में उपचार हेतु दाखिल करवाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसकी गम्भीर हालत को देखते हुए बठिण्डा रैफर कर दिया। डबवाली जन सहारा सेवा संस्था की ऐम्बूलैंस द्वारा उसे बठिण्डा के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां जख्मों की ताप न सहते हुए विष्णु ने दम तोड़ दिया। डबवाली के नेपाली युवक दीपक कुमार ने बताया कि विष्णु मालवा बाईपास पर स्थित एक होटल में कार्यरत था तथा इन दिनों बीमार रहता था। डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के प्रधान आरके नीना ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी संस्था की तरफ से बेसहारा - गरीब व जरूरतमंद लोगों को ऐम्बूलैंस नि:शुल्क उपलब्ध करवाती है। उन्होंने बताया कि शहर या आस-पास के क्षेत्र में किसी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो उन्हें मोबाईल नम्बर 98148-70294, 99154-46700, 99916-00325, एवं 93544-81000 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
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डबवाली (सुखपाल)- ''विश्व एड्स दिवस के अवसर पर आज नगर में भिन्न - भिन्न शिक्षण संस्थाओं द्वारा जनजागरूकता रैलियों का आयोजन किया गया।
स्थानीय महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित एक बैठक के दौरान रैड रिब्बन कल्ब का गठन किया गया तथा कल्ब की पांच सदस्य कमेटी में श्रीमती ऊषा भट्टी को ईंचार्ज, सदस्यों में डॉ. पी. के गर्ग, डॉ. राकेश भट्टी, आर. के. यादव, एवं पी. के. बिश्रोई को चुना गया। तदोपरान्त नवगठित रैड रिब्बन कल्ब के तत्वाधान में महाविद्यालय के छात्र - छात्राओं द्वारा ''विश्व एड्स दिवसÓÓ पर एक जनजागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली को महाविद्यालय के प्रधानाचार्य एम. एल. कालड़ा ने हरी झण्डी देकर रवाना किया।

इससे पूर्व उन्होंने उपस्थिति को सम्बोधित करते हुए कहा कि एड्स एक लाईलाज बीमारी है तथा परहेज ही ईलाज है। उपरोक्त रैली महाविद्यालय से चल कर नगर का भ्रमण करते हुए वापिस महाविद्यालय के प्रांगण में पहुंचकर सम्पन्न हुई। इस अवसर पर कॉलेज के प्राध्यापक राकेश वधवा, सुरेन्द्र पाल, राजेन्द्र कुमार, सतपाल ढाका, प्रध्यापिका शन्नों आर्य, अंजलि सचदेवा, नमिता जिन्दल सहित स्टॉफ के अनेक सदस्य उपस्थित थे।
उधर स्थानीय नेहरू स्कूल के प्रांगण में ''विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष में एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया। जिसमें लगभग 100 स्वयं सेवकों ने भाग लिया तथा स्कूल कैम्पस की सफाई की एवं पौधों को पानी दिया।
इस शिविर में स्थानीय सिविल अस्पताल के डॉ. सरवन बांसल ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। श्री बांसल ने स्कूल के छात्र - छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि एड्स एचआईवी वायरस से फैलता है। जो व्यक्ति इस बीमारी से पीडि़त है उसका कोई ईलाज नहीं हो सकता तथा परहेज ही एड्स का ईलाज है। उन्होंने बताया कि यह संक्रमित व्यक्ति के रक्त चढ़ाने से, सूई के प्रयोग से तथा असुरक्षित सम्भोग करने से फैलता है। उन्होंने कहा कि मात्र एक दिन रैली निकालने से जागरूकता नहीं आऐगी। परन्तु इसके लिए वर्षभर प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर नेहरू आईटीआई अलीकां के ङ्क्षप्रसीपल विजयन्त शर्मा, जसविन्द्र मनकू, लखविन्द्र बागड़ी, संजीव चन्जोत्रा, वीणा गर्ग, पवनदीप कौर, चम्पा वर्मा व पूजा नेहरा उपस्थित थे। इस अवसर पर रणजीत ङ्क्षसह ने विद्याॢथयों को भ्रूण हत्या के बारे में विस्तार से बताया। इसके पश्चात डॉ. बांसल ने जागरूकता रैली को हरी झण्डी देकर रवाना किया। यह रैली स्कूल प्रांगण से चलकर जीटी रोड, गोल चौंक, बस स्टैण्ड से होते हुए बाल्मीकि चौंक से वापिस स्कूल प्रांगण में पहुंच कर सम्पन्न हुई। रैली में स्वयं सेवकों द्वारा एड्स ला ईलाज है-परहेज ही ईलाज है।, एड्स भगाओ-देश बचाओ। एवं जन-जन को समझाना है-एड्स को दूर भगाना है। स्कूल पहुंचने पर स्वयं सेवकों को जलपान करवाया गया। एनएसएस ईंजार्च जसवीर बराड़ ने रैली में सहयोग देने पर सभी का धन्यवाद किया।
उधर स्थानीय राजा राम गल्र्ज सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में भी विश्व एड्स दिवस पर रैली निकाली गई। जिसे स्कूल प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष सुरिन्द्र गुप्ता ने हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया। इस अवसर पर स्कूल के प्रसीपल, सचिव प्रदीप गुप्ता व अन्य उपस्थित थे।
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डबवाली(सुखपाल) - विगत 25 वर्षों से रक्तदान अभियान के लिए निरन्तर कार्य कर रही युवा रक्तदान सोसायटी रजि. द्वारा आज ''विश्व एड्स दिवस के अवसर पर स्थानीय श्री अग्रवाल धर्मशाला में 68वां विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। जिसमें 31 महानुभावों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
यह जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्षा राकेश भीटीवाला ने बताया कि शिविर में राजेन्द्र गर्ग द्वारा 44वीं बार, मुकेश गर्ग 33वीं बार, दोनों टांगों से अपाहिज अध्यापक मनोज कुमार 29वीं बार, भूपेन्द्र ङ्क्षसह 17वीं बार, केश्व भाटी 15वीं बार, पुनीत सचदेवा 11वीं बार, राकेश सचदेवा 7वीं बार एवं संजय ग्रोवर के सुपुत्र पारूल ग्रोवर ने 10वीं बार रक्तदान किया। इस अवसर पर सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम. के. भादू, जिला सिरसा रैड क्रॉस सोसायटी के प्रतिनिधि अश्विनी शर्मा, अरोड़वंश सभा के अध्यक्ष प्रेम ङ्क्षसह सेठी, प्रो. दर्शन मित्तल, संस्था के संस्थापक सुरेन्द्र ङ्क्षसगला, पूर्व अध्यक्ष दविन्द्र मित्तल, मुरारी लाल शर्मा, हरदेव ङ्क्षसह गोरखी सहित अनेक अतिथि उपस्थित थे। शिविर में स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले महानुभावों को संस्था के संस्थापक सुरेन्द्र ङ्क्षसगला द्वारा प्रशंसा-पत्र एवं बैज लगाकर सम्मानित किया गया।
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