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गुरुवार, 7 जुलाई 2011

खबरदार गांव में नहीं कोई भी पहरेदार

डबवाली (यंग फ्लेम) क्षेत्र में बढ़ रहे चोरी व अपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए बीते कई माह पूर्व उपायुक्त महोदय के आदेशानुसार चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने गांवों के सरपंचों को अपने-अपने गांवों में ठीकरी पहरा लगाने के आदेश दिए थेे, ताकि क्षेत्र में होने वाली चोरी सहित अनेक घटनाओं पर शिकंजा कसा जा सके। लेकिन पिछले कुछ दिनों से गांव बिज्जूवाली में ठीकरी पहरा लगना बंद हो चुका है, जिसके कारण गांव मेें कोई अनहोनी घटना होने का खतरा बना हुआ है?
बिज्जूवाली बस स्टैंड के दुकानदारों का कहना है कि गांव में पहरेदारों द्वारा अपनी ड्यूटी को सही ढंग से न निभाने के चलते गांव में पहरा बंद करवा दिया गया है। जानकारी के अनुसार बिज्जूवाली बस स्टैंड पर स्थित दुकानदारों की तरफ से हर रोज तीन दुकानदारों की पहरे की बारी होती है, लेकिन इनमें से कुछ दुकानदार पहरा लगाने की के लिए आनाकानी करते हैं, जिस कारण जो दुकानदार सही ढंग से अपनी पहरे की ड्यूटी निभाते थे, उन्होंने भी पहरा लगाना बंद कर दिया है। सुत्रों के अनुसार ठीकरी पहरा इसलिए लगवाया जाता है, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व के लोग अप्रिय वारदात ना कर सके। अब इस तरह से गांवों में ठीकरी पहरा ना लगने से असामाजिक तत्वों को चोरी व अपराधिक जैसी वारदाताओं को अंजाम देने का मौका मिल जाता है। उसी के मध्यनजर जिला प्रशासन द्वारा गांवों में ठीकरी पहरा लगवाया जाता है। ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था व शांति बनी रहे और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। ग्रामिणों ने बताया कि क्षेत्र में आए दिन चोरी जैसी घटनाएं हो रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन इन पर कार्यवाही करने की वजाए हाथ पे हाथ धरे बैठा है। बिज्जूवाली के ग्रामिणों पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में पहरा शुरू करवाया जाए ताकि गांव में शांतिप्रिय माहौल बना रहे।
सरपंंच राजाराम बिरट से बात की तो उन्होंने बताया कि किसी कारणबंश गांव में पहरा बंद करवा दिया गया है, लेकिन जल्द ही पहरेदारों से मिल कर पहरा दोबारा शुरू करवाया जाएगा।
जब सदर थाना डबवाली के प्रभारी रतन सिंह सेे बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे इस बारे में गोरीवाला पुलिस को आदेश देंगे की जल्द ही गांव बिज्जूवाली में रात के पहरे को फिर से शुरू करवाया जाए। गोरीवााला पुलिस चौकी के प्रभारी से बात की गर्ई तो उन्होंने कहा कि सरपंच को कह कर समस्या का हल करवाया जाएगा।

रविवार, 3 जुलाई 2011

कर्मसिंह हत्याकांड: तीन दिन से नरेंद्र का सुराग नहीं

नई दिल्ली (अनिल लाम्बा) :पहले करनाल के कंबोपुरा गांव के पूर्व सरपंच कर्म सिंह की हत्या के बाद उसके ममेरे भाई वैसर निवासी चमेल सिंह की हत्या और अब चमेल सिंह के भतीजे नरेंद्र के लापता होने से गांव में सनसनी फैल गई है। तीन दिन से लापता नरेंद्र का अभी तक कोई सुराग नहीं है। नरेंद्र की मां भगवानी देवी ने मतलौडा पुलिस थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है। बताया जाता है कि नरेंद्र पुत्र जयभगवान मतलौडा बस अड्डे पर किराने की दुकान चलाता है। गुरुवार को वह दोपहर करीब 12 बजे किसी काम से सेंट्रल बैंक मतलौडा गया था, लेकिन शाम तक जब वह वहां से वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसके बाद उन्होंने मतलौडा पुलिस थाने में नरेंद्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मतलौडा थाना प्रभारी विरेंद्र दलाल का कहना है कि पुलिस नरेंद्र की तलाश में जुटी हुई है।

जंतर-मंतर पर गूंजा मामला

नई दिल्ली (अनिल लाम्बा) : हरियाणा में एक कैबिनेट मंत्री व एक सीपीएस के पद मुक्त होने का कारण बना बहुचर्चित कर्मसिंह हत्याकांड शनिवार को दिल्ली में भी गूंजा। प्रदेश के सैन समाज के अध्यक्ष राजीव सैन की अगुवाई में इस समाज के लोगों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया। धरने के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पूर्व परिवहन मंत्री ओपी जैन व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा की गिरफ्तारी, सीबीआई जांच व अब तक की जांच के तथ्य सार्वजनिक किए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद लोगों ने स्थानीय पुलिस के जरिए राष्ट्रपति, पीएम, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज व मानवाधिकार आयोग के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव एवं विधायक अजय सिंह चौटाला के अलावा पार्टी के दो अन्य विधायक नरेंद्र सांगवान, तेलू राम जोगी एवं पूर्व विधायक रोशनलाल आर्य ने भी धरने में शिरकत की। अजय चौटाला ने आरोप लगाया कि पूर्व सरपंच कर्मसिंह की हत्या के मामले में ओपी जैन व जिलेराम शर्मा के खिलाफ सबूत होते हुए भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। इससे न केवल चौपट कानून- व्यवस्था की पोल खुल गई है बल्कि यह बात भी साबित हो गई है कि प्रदेश में सरकारी नौकरियां सरेआम नीलाम हो रही हैं।

बुधवार, 29 जून 2011

बैंक में हुआ हंगामा

डबवाली (यंग फ्लेम) स्थानीय जीटी रोड पर स्थित यूको बैंक में उस समय बवाल मच गया जब बैंक का दफतरी व सफाई कर्मचारी आपस में भिड़ पड़े। दोनों कर्मचारियों में जमकर लात-घूसे चले। तभी बैंक के अन्य कर्मचारियों ने दोनेां को छुड़वाया। प्राप्त जानकारी अनुसार यूको बैंक के दफतरी स्वर्ण सिंह बठिंडा निवासी ने बताया कि वह बैंक में बने एक कमरे अपने कार्य में व्यस्त था तो उसके कमरे में सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश आया और बिना बात के गाली-गलौच करने लगा। जब उसने इसका एतराज किया तो सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश ने मारपीट शुरू कर दी। उधर, सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश ने बताया कि वह बैंक में सफाई कर रहा था कि मेज पर कुछ कागज गिरे पड़े थे जब उसने दफतरी बाबू स्वर्ण सिंह से पूछा तो उसने उससे बिना बात के गाली-गलौक कियाऔर उससे मारपीट की बैंक अधिकारी ने दोनों को समझा कर मामला शांत करवा दिया।

इंसानियत खो गई है.....

डबवाली (यंग फ्लेम) लगता है इंसानों के बीच इंसानियत खो गई है। एक साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले खुद ही जीवनसाथी की जिंदगी छीन रहे हैं। पोता-पोती की एक किलकारी सुनने को बेताब रहने वाली दादी अपने हाथों से नन्हीं सी जान को तंदूर में डाल रही है। पिछले कुछ दिनों से सिरसा जिले सहित प्रदेश में हो रही ऐसी घटनाओं ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। बीते दिनों गांव डबवाली में अपने ससुराल आए युवक को उसकी जीवन संगिनी ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर खाई कसमों की कोई लाज नहीं रखी वहीं दूसरी और डबवाली शहर के प्रेम नगर में भी ऐ युवक का शव बरामद होने पर युवक के परिजनों ने उसकी पत्नी व ससुरालपक्ष के लोगों पर कुछ गंभीर आरोप लगाए। ऐसे ही वाक्य 20 जून को रानियां हलके के बाजीगर थेहड़ में दादी ने ही अपनी सात माह की पोती पूजा के साथ ऐसा किया कि इंसानियत भी शर्मसार हो गई। पहले उसके गले में प्याज ठूंसकर उसकी सांसें बंद की और बाद में घर के तंदूर में डाल दिया। यह घटना किसी का भी दिल दहला सकती है। अपने सुहाग के लिए यमराज से भी पति को जिंदा लाने की कहानियां हम सब ने सुनी हैं मगर जिला सिरसा के गांव मीरपुर कॉलोनी में एक महिला ने अपने ही हाथों से खुद का सुहाग उजाड़ दिया। उसने एक पल के लिए भी नहीं सोचा की पति के बिना वह अपनी जिंदगी कैसे गुजारेगी। 25 जून की रात भी सिरसा शहर के रानियां रोड क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी उस पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी जो उसकी लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती थी। ऐलनाबाद में दादी-पोती हत्याकांड भी समाज के माथे पर किसी कलंक से कम नहीं है। महज कुछ लाख रुपयों के लालच में अंधे व्यक्ति ने वृद्धा व उसकी मासूम पोती को बेरहमी से काट डाला। रोहतक में वहशी दरिंदों ने तीन छात्राओं पर तेजाब डालकर साबित कर दिया है कि अब इंसान के अंदर नफरत के सिवाय कुछ नहीं बचा है। गुडग़ांव में बीच बाजार एक हमलावर को जिंदा जला दिया और वहां मौजूद भीड़ उसकी जान बचाने की बजाय तमाशबीन बनी रही। हो सकता है कि उसका अपराध क्षमा योग्य न हो, मगर जो कुछ उसके साथ हुआ, वह भी किसी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। कानून को अपने हाथ में लेना कानून का मजाक है। नाबालिग छात्राओं के साथ बलात्कार की घटनाएं भी आम हो गई हैं। घर से बाहर निकलने से पहले छात्राएं व महिलाएं दो बार सोचती हैं कि वे सुरक्षित घर लौटेंगी या नहीं। यह सब उस समाज में हो रहा है जहां महिला को 'ममताÓ व लड़की को 'दुर्गाÓ का रूप समझा जाता है। अब ऐसा क्या हो गया है कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने से पहले व्यक्ति कुछ सोचता नहीं। इस समय इस तरह की जो घटनाएं हो रही हैं वे एक सभ्य समाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इस पर समाज के सभी लोगों को बैठकर मंथन करना होगा वरना वह दिन दूर नहीं जब हम फिर से उस आदम युग में चले जाएंगे जहां इंसान के जीवन की कोई कीमत नहीं होती थी।

कन्या भू्रणहत्या के खिलाफ होगा जन जागरण अभियान

डबवाली (यंग फ्लेम) अंर्तराष्ट्रीय लायंस संगठन 321- 3 ने बीते दिवस हिसार के मिड-टाऊन ग्रैंड पैलेस में सम्पन्न प्रांंतीय प्रशिक्षण शिविर में 2011 की जनगणना के आंकड़ो पर चिंता जताते हुये लायनिस्टिक वर्ष 2011-12 में हरियाणा और दिल्ली में कन्या भ्रूण-हत्या के खिलाफ जागरूक्ता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी देते हुए पीआरओ भारत वधवा ने बताया कि प्रान्तपाल के. एल. खट्टर ने इस अभियान को प्रभावशाली ढंग से चलाने की जिम्मेवारी लायंस संगठन के प्रांतीय सचिव सतीश जग्गा को सौंपी है। श्री जग्गा वर्ष 2005-06 में भी सिरसा जिले में इस अभियान का नेतृत्व कर चुके हैं तथा लम्बे समय से इस क्षेत्र में कार्य कर रहें हैं। इस अभियान को सुनियोजित ढंग से चलाने के प्रान्त 321- 3 में 20 से भी ज्यादा क्षेत्रीय प्रभारी, संभाग संयोजक एंव प्रक्लप अधिकारी नियुक्त किये जा रहे हैं। श्री जग्गा ने कहा कि सामाजिक एंव प्रशासनिक संस्थाओं द्वारा इस क्षेत्र में काफी कार्य किये जाने के बावजूद भी नयी जनगणना साफ इशारा करती है कि अभी और जागरूक्ता की जरूरत है, जमीनी स्तर पर गांव-गांव जाकर अलख जगाने के साथ-साथ, उन कारणों का पता लगााकर निवारण करना जरूरी है जिनके चलते लोग जन्म लेने पहले ही अपनी बेटी को मार देने का फैसला लेते हैं। श्री जग्गा ने कहा कि 2011 की जनगणना के मुताबिक हरियाणा में 0 से 6 वर्ष की आयु में 1000 लड़कों के मुकाबले 830 लड़कियां , वंही सिरसा जिला में 852, तथा झझर, सोनीपत और महेन्द्रगढ़ में 800 से भी कम हैं वहीं अम्बाला, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, करनाल, कैथल तथा रोहतक में 800 से 825 के बीच है तो फरदीबाद, गुडग़ांव, पंचकुला, पानीपत, जीन्द, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी में लिंग अनुपात 825 से 850 के बीच हैै, पलवल में 862 और मेवात में सबसे ज्यादा में 903 तथा झझर में सबसे कम 774 है। श्री जग्गा ने कहा कि जहां 2001 के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 6 वर्ष से कम आयु में लिंग अनुपात 819 था वो सामुहिक सामाजिक और प्रशासनिक प्रयासों के चलते 2011 में 830 पहुंच गया है, परन्तु अभी भी स्थीती विस्फोटक है और सभी संस्थाऔं और बुद्धिजिवीयों को आगे बढ़कर इस सघन अभियान में अपना योगदान देना चाहिये।

पशु मेला ग्राऊंड पर लटका ताला, व्यापारी असमंजस में

डबवाली (यंग फ्लेम)उत्तर भारत मे अपनी अलग पहचान बना चुका किलियांवाली का पशू मेला किसी न किसी कारण अक्सर ही र्सुिखयो बना रहता है यहां की प्रसिद्ध पशू मण्डी उस समय सुर्खियों मे आई जब कुछ वर्ष पूर्व डबवाली मे गौ हत्या काण्ड का प्रदा फाश हुआ जिसके तार सीधे ही इस पशु मण्डी से जुड़े पाए गए क्यू कि इसी मेले से गौ तस्कर अपने दरिंदगी भरे कार्य को बे खोफ अंजाम देते रहे। गांव डबवाली के गौ हत्या काण्ड सामने आने से लोगों मे खलबली मच गई व चारो और विरोध प्रदर्शन होने से सोई हुई सरकारों की नींद खुल गई लोंगे के भारी रोष को देखते हुए पंजाब सरकार ने भी इस पशु मेले को कुछ समय के लिय बंद करवा दिया था। उस समय गौ हत्या की गंभीरता को समझते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने गौ हत्या काण्ड की कड़े शब्दों मे निन्दा की थी व एैलान किया था इस पशु मेले को आधुनिक पशु मेला मैदान का रूप देकर एसी घटनायों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाऐगा श्री बादल ने अपने इस वायदे को पूरा करते हुए किलियांवाली मंडी मे एक विशाल पशु मेला ग्रांउण्ड का निर्माण कर 21 जून मंगलवार को उद्धघाटन कर पशु व्यापरियों के लिय खोल दिया था । लेकिन हर रविवार को लगने वाले इस पशु मेले में दूर दराज आए पशु व्यापारियों का उत्साह उस वक्त ठण्डा पड़ गया जब उन्होने नवनिर्मित पशु मेला ग्राउण्ड के मुख्य द्वार पर ताला लटका देखा जब इस बारे मे पशु मण्डी के ठेकेदारों गुरचरण सिंह, अवतार सिंह,सुखपाल सिंह भाटी,मनजिंद्र सिंह बिट्टू व बब्बू दानेवालिया से बातचीत की तो उन्होने कहा कि लाल फीता शाही के चलते अभी तक पशु मेला ग्रंाउण्उ की चाबियां नही सोंपी गई और न इस बारे मे उनसे कोई भी विचार विर्मश किया गया है ठेकेदारों ने अपने संयुक्त बयान मे कहा किइसमे कोई संदेह नही कि यह पशु मेला ग्राउण्उ उतर भारत मे अपनी तरह का पहला पशु मेला ग्राउण्ड है जिसमे पशु व व्यापारियों के हर सुविधा प्रदान की गई है लेकिन विशाल ग्रांउण्ड के रखरखाव व स्कोयटी के विशेष प्रंबध नही किया गया है। वही दुसरी और उन्हाने कहा कि इस मेला ग्राउण्ड मे बिजली पानी व अन्य खर्चों को लेकर सरकार ने अभी तक साफ नही किया है। जिसके चलते पशु व्यपारी व ठेकेदार असंमजस की स्थिति मे है । उधर, जब इस बारे मे मुक्तसर के डी. डी. पी.औ अमरिद्रं सिंह सरां से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होने बताया कि प्रशासन इस मेला ग्राउण्ड के रखरखाव के लिय माली, सफााई कर्मचारी व अन्य स्टाफ की नियुक्ति करने उपरांत इस पशु मेला ग्राउण्ड को व्यापारियों को सोंप दिया जाऐगा तथा आने वाले रविवार को पशु मण्डी नवनिर्मित पशु मेला ग्राउण्उ मे लगााई जाएगी।

सोमवार, 27 जून 2011

कांग्रेस नहीं लायक इसके , अब पगड़ी थमायेंगे चौटाला के सिर

अपमान से भडका वाल्मीकि समुदाय
कांग्रेस के होर्डिंग किये आग के हवाले
कहा : कांग्रेस नहीं लायक इसके , अब पगड़ी थमायेंगे चौटाला के सिर
करनाल -: कुछ दिन पहले चंडीगड़ में कांग्रेस में शामिल हुए हजकां नेता रणबीर भूम्बक और गीता भूम्बक ने अपने समर्थकों के साथ रविवार को करनाल में आयोजित किये गये एक कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष के ना जाने का मामला अपमान से जोड़कर विधानसभा अध्यक्ष सहित कांग्रेस के बनाये गये होर्डिंग आग के हवाले कर दिए गये | वाल्मीकि समुदाय ने इसे अपना अपमान समझते हुए कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की | मजे की दूसरी बात यह रही कि हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के आयोजित अभिनंदन समारोह में ही उनके ना आने से कांग्रेस से खिन्न होकर थोड़े दिन पहले कांग्रेस में ही शामिल हुए कांग्रेस नेताओं ने इनेलो नेताओं को मंच पर बुलाकर इनेलो में शामिल होने की घोषणा तक कर दी | बाद में रणबीर भूम्बक ने अपने समर्थकों के बीच यहाँ तक आरोप लगाये कि आज तक वाल्मीकि समुदाय हमेशा कांग्रेस का समर्थक रहा है लेकिन वाल्मीकि समुदाय अपने साथ हुए इस अपमान का बदला आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में लेगा | बाद में रणबीर भूम्बक और उनके समर्थकों ने कुलदीप शर्मा के आगमन को लेकर बनाया गया होर्डिंग आग के हवाले कर दिया | इसके इलावा कांग्रेस सरकार के खिलाफ भूम्बक समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की | काबिलेगौर है कि हजकां की टिकट पर नीलोखेडी विधानसभा से चुनाव लड़ने वाली गीता भूम्बक और उनके पति रणबीर भूम्बक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष फूल चंद मौलाना की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गये थे | उनके शामिल होने की घोशना बकायदा च्न्दिगद से की गयी थी | दोनों नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ सोनिया और हुड्डा में आस्था जाहिर करते हुए कांग्रेस में आने की घोशना भी की थी | रणबीर भूम्बक ने बताया कि उन्होंने छब्बीस तारीख के लिए विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा का कार्यक्रम ले रखा था | इस कार्यक्रम में उनका अभिनंदन करना था | उन्होंने कहा कि बकायदा इस कार्यक्रम के लिए विधानसभा अध्यक्ष से इजाजत ली गयी थी | आज उनका अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया था | इसके लिए सैंकड़ों लोगों को आमंत्रित किया गया था | सुबह से बारिश भी हो रही थी लेकिन फिर भी सैंकड़ों लोग दस बजे एकत्र हो गये लेकिन कईं घंटे तक जब विधान सभा अध्यक्ष कार्यक्रम में नहीं पहुंचे तो वह अपनी पत्नी को लेकर करनाल स्थित विधान सभा अध्यक्ष के निवास स्थान पर पहुंचे | रणबीर भूम्बक ने कहा कि वहां के दरवाजे बंद थे और गार्ड ने उन्हें भीतर जाने नहीं दिया | इसके बाद उन्होंने बकायदा टेलीफोन पर सम्पर्क साधा किन्तु उनका फोन नहीं उठाया गया | बाद में उन्हें सूचना दी गयीं कि उनका प्रोग्राम कैंसिल हो गया है | इसके बाद वहां मौजूद वाल्मीकि समुदाय भड़क गया | उन्होंने इस कैंसिल प्रोग्राम को वाल्मीकि समुदाय के अपमान के साथ जोड़ लिया | बाद में लोगों ने कांग्रेस के तैयार किये गये होर्डिंगों को फाड़ डाला और उनमें आग लगा दी | होर्डिंगों में प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह , सोनिया गांधी , मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा , विधान सभा के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के साथ-साथ कांग्रेस में शामिल हुए रणबीर भूम्बक और गीता भूम्बक के चित्र भी थे लेकिन आक्रोशित लोगों ने उसे आग के हवाले कर कांग्रेस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की | बाद में उन्होंने इनेलो के विधायक नरेंद्र सांगवान तथा राष्ट्रीय सचिव बृज शर्मा से सम्पर्क साधा लेकिन उनके बाहर होने के कारण उन्होंने पूर्व विधायक राकेश कम्बोज और शहरी अध्यक्ष ओम प्रकाश सलूजा वा जिला प्रवक्ता हरपाल रोड को मंच पर आमंत्रित कर लिया | दोनों दम्पति नेता अपने समर्थकों के साथ इनेलो में शामिल हो गये | वहीं पर बाद में रणबीर भूम्बक ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने वाल्मीकि समुदाय का अपमान किया है | उन्होंने एक महिला नेत्री पर साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने एक साजिश के जरिये विधान सभा अध्यक्ष को उनके कार्यक्रम में नहीं आने दिया | उन्होंने सवाल भी उठाया कि जब विधान सभा अध्यक्ष ने उन्हें कार्यक्रम में आने की जुबान दी थी तो वह क्यों नहीं आये | उन्होंने बताया कि बतौर कांग्रेस नेता वह अपने वाल्मीकि समुदाय की और से विधान सभा अध्यक्ष को एक पगड़ी और भगवान मह्रिषी वाल्मीकि की प्रतिमा भेंट की जानी थी | उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसके लायक नहीं है | अब उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला से बात भी की है और वह यह पगड़ी वाल्मीकि समुदाय की और से पूर्व मुख्यमंत्री को भेंट करेंगे और प्रतिमा भी उन्हें ही भेंट की जायेगी | रणबीर भूम्बक ने मंच से एलान किया कि वह घर-घर जाकर कांग्रेस की इस घिनोनी हरकत का पर्दाफाश करेंगे और आने वाले समय में जो नेता सांसद और विधायक बनने का सपना संजोये बैठे हैं उन्हें हराकर ही दम लेंगे |

शनिवार, 25 जून 2011

गुरुद्वारा के सरोवर में महिला की मौत

डॉक्टर के पास दवा लेने की बात कहकर गई थी घर से
डबवाली(यंग फ्लेम)क्षेत्र के गांव चोरमार के गुरुद्वारा के सरोवर में एक महिला ने ंसंदिग्ध परिस्थितियों में कूदकर अपनी जान दे दी। मृतक जसपाल कौर (45) पत्नी नत्था सिंह गांव चोरमार की रहने वाली थी। आज सुबह गुरुद्वारा में रहने वालों में सरोवर में महिला का शव पड़ा देखा। इसकी सूचना ओढ़ां पुलिस को दी तो पुलिस मौके पर पहुंची तथा शव को सरोवर से बाहर निकाला जिसकी पहचान जसपाल कौर पत्नी नत्था सिंह के रूप में हुई। मृतका के पति नत्था सिंह ने पुलिस को बताया कि बीती शाम जसपाल कौर डाक्टर के पास दवा लेने का नाम लेकर घर से गई थी मगर वापस नहीं लौटी। वे रात भर उसकी तलाश करते रहे मगर कोई सफलता नहीं मिली। आज सुबह ही गुरुद्वारा के जलघर में उसका शव मिला। नत्था सिंह ने यह भी बताया कि जसपाल कौर पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान थी। संभवत: उसी परेशानी के चलते उसने सरोवर में कूदकर अपनी जान दे दी। ओढ़ां थाना के पुलिस अधिकारी सुभाष ने बताया कि मृतका के पति के बयान पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है तथा पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

फ्री कोचिंग की निकल गई हवा, आधे से भी कम रह गए विद्यार्थी

डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा सरकार की ओर से विज्ञान विषय की फ्री कोचिंग देने की योजना की बीच में ही हवा निकल गई है। सिरसा जिले में तो कोचिंग लेने वाले बच्चों की संख्या आधी से भी कम रह गई है। जिले के विभिन्न स्कूलों में चल रही मैथ, फिजिक्स, कैमेस्ट्री व बायोलॉजी की कोचिंग का जायजा लेने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जब निरिक्षक ने जब इन फ्रि चल रही कोचिंग कक्षाओं का दौरा किया तो कोचिंग कक्षाओं में बच्चों की संख्या देखकर हैरान रह गए क्योंकि सभी कक्षाओं में लगभग 650 विद्यार्थी ही मौजूद थे जबकि कोचिंग देने वाली संस्था को 1470 बच्चों की लिस्ट दी गई थी। बच्चों की कम संख्या मिलने के कारण निरिक्षक ने पिछला पूरा रिकार्ड जांच के लिए मांगा है। इसके साथ ही कोचिंग दे रहे शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता का रिकार्ड भी मांगा है। निरिक्षक के अनुसार सरकार ने 11वीं-12वीं के विज्ञान विषय के बच्चों को गर्मियों में एक जून से नि:शुल्क कोचिंग देने का अभियान शुरू किया था जो 30 जून तक चलेगा। प्रथम दिन तो लगभग 1400 विद्यार्थी कोचिंग लेने आए थे मगर बाद में धीरे-धीरे संख्या कम होती गई।
शिक्षकों में अनुभव की कमी
कोचिंग ले रहे बच्चों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोचिंग देने के लिए जो शिक्षक लगाए गए हैं उन्हें पढ़ाने का अनुभव कम है। उन्हें स्कूल में जिस तरह से समझाया जाता था, उस तरह से पढ़ाया नहीं जा रहा है, इसलिए उन्हें कोचिंग लेने की बजाय घर पर ही रहकर पढऩा उचित समझा। दूसरी ओर पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि पढ़ाने वाले शिक्षकों की जितनी योग्यता होनी चाहिए उतनी नहीं है।
सरकारी पैसे की बर्बादी
इस बारे में शिक्षाविद प्रो. करतार सिंह ने हरियाणा की मुख्य सचिव को एक पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि फ्री कोचिंग के नाम पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने तर्क दिया है कि न तो पढ़ाने वाले शिक्षकों को अनुभव है तथा न ही उनके पास पूरी शैक्षणिक योग्यता है, लिहाजा कोचिंग देने के लिए नियुक्त एजेंसी को भुगतान न किया जाए क्योंकि यह किसी घोटाले से कम नहीं है। उनका आरोप है कि सभी जिलों में बच्चों की संख्या कम है जबकि बिल अधिक संख्या दिखाकर बनाए जाएंगे। करतार सिंह का कहना है कि उन्होंने इससे पहले हरियाणा के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को शिकायत भेजी थी जिसमें कोचिंग कक्षाओं की जांच करने व भुगतान रोकने की मांग शामिल थी मगर किसी भी जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत पर गौर करना मुनासिब नहीं समझा।
घोटाले की आशंका
करतार सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले में घोटाला होने की आशंका है। फ्री कोचिंग देने की एवज में सरकार एजेंसी को प्रति विद्यार्थी 6 हजार रुपये का भुगतान करेगी। यानि एक बच्चे को कोचिंग देने पर एजेंसी को 6 हजार रुपये मिलेंगे। कोचिंग के लिए बच्चे कम आ रहे हैं मगर एजेंसी चलाने वाले अधिक बच्चों की संख्या दर्ज कर रहे हैं ताकि ज्यादा बिल बनाया जा सके। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की गहनता से जांच कराने की मांग की है।
क्या कहते है एसडीएम
इस संबंध में जब उपमंडलाधिश मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस बारे में उपमंडल शिक्षा अधिकारी से आंकडे एकत्रित कर मामले की जांच करेंगे।

कम्प्यूटर डिप्लोमा के लिए अनुसूचित बच्चों से मांगे आवेदन

डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के बच्चों हेतु पिछड़ा क्षेत्र के अनुदान निधि योजना के तहत जिला के अनुसूचित जाति के बच्चों को एक वर्षीय कम्प्यूटर डिप्लोमा नि:शुल्क करवाने के लिए हरियाणा सरकार के उपक्रम हारट्रॉन द्वारा आवेदन मांगे गए हैं। डिप्लोमा के लिए आवेदन भरने वाला विद्यार्थी बारहवीं पास तथा जिला सिरसा का अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र होना चाहिए। विद्यार्थी हारट्रॉन बांसल कालोनी पटवार भवन के सामने अपना आवेदन पत्र जमा करा सकता है। आवेदन के लिए कुल सीटें 200 हैं जिसमें 40 प्रतिशत सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित है। आवेदन पत्र 15 जुलाई तक जमा करा सकते हैं।

धड़ल्ले से चल रहे हैं अवैध वाहन

डबवाली (यंग फ्लेम) स्थानीय बठिंडा चौक रेलवे स्टेशन से सवारिया उठाने के लिए दिन प्रतिदिन अवैध वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन इन अवैध वाहनों पर नकेल डालने वाला कोई हीं है। इस कारण रोडवेज को आए दिन हजारों रूपए का चुना लग रहा है। यह सब जानते हुए भी प्रशासन रोडवेज के उच्चाधिकारी जान बूझकर आंखें मूंदे हुए है। आज कल डबवाली से सिरसा के लिए 40 से ऊपर अवैध वाहन सवारियां ढोने पर लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह वाहन रोजाना 1200 के करीब यात्रियों को अपने वाहनों में उनके गंतव्य तक पहुंचाते है। जिसके लिए वाहन चालक प्रत्येक सवारी से 40 रूपए वसूल करते है। जिसका रोजाना का टोटल करीब 48 हजार रूपए का हरियाणा सरकार को नुकसान हो रहा है लेकिन इस पर प्रशासन हरियाणा रोडवेज के उच्चाधिकारियों द्वारा कोई भी कार्रवाई नही की जा रही। जब कभी भी अगर इन अवैध वाहनों पर कार्रवाई की जाती है तो वह महज खानापूर्ति के लिए की जाती है। बताया जा रहा है कि इन अवैध वाहन चालकों को राजनेताओं का सरक्षण हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों पुलिस प्रशासन का आशीर्वाद प्राप्त है। यह अवैध वाहन चालक स्थानीय बठिंडा चौक से अधिकतम सवारियां उठाने की होड़ में रोजाना दुर्घनाओं का कारण बन रहे है और वहीं हरियाणा सरकार को चुना लगा रहे है। अवैध वाहन चालकों ने राष्ट्रीय राज मार्ग क्षेत्र के अन्य मार्गंे पर भी अपना जाल बिछा रखा है वह रोजाना ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने की होड़ में मैक्सी कैब जीप चालक अपने वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बिठा कर मार्गें पर तेज गति से वाहन चलाकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूकते। एक वाहन चालक अपने वाहन में 15 से 18 सवारियां तक ठूस-ठूस कर भर लेता है। इतना ही काफी नहीं है थोड़े से पैसों के लालच में वाहन चालक इतना अंधा हो जाता है कि सवारियों को पीछे तक लटका लेता है। जिससे अनेकों बार दुर्घनाएं भी हो चुकी है।
इन अवैध वाहन चालकों से रिक्शा चालक भी खासे परेशान है इस संबंध में रिक्शा यूनियन के प्रधान सुखविंद्र सिंह ने बताया कि यह अवैध वाहन चालक रेलवे स्टेशन से ही सिरसा आदि जगहों पर जाने वाली सवारियों को अपने वाहन में बिठा लेते है जिस कारण हरियाणा सरकार व रोडवेज को तो चुना लग ही रहा है रिक्शा चालकों के भी भूखे मरने की नौबत आ गई है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें रोकने का प्रयास किया जाता है तो वाहन चालक यह कहने से कुरेज नहीं करते की वह पुलिस प्रशासन व रोडवेज अधिकारियों को रोजाना नजराना भेंट करते है।
इस संबंध में जब एसडीएम मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सड़कों पर चल अवैध वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस प्रशासन व रोडवेज के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए है और जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार, 24 जून 2011

JUST ENJOY IT AND HAVE A FUN




कपास में समय से पहले आए फूल

डबवाली (यंग फ्लेम) कॉटन काऊंटी के रूप में जाना जाने वाला सिरसा जिले में किसान व आढ़ती, सभी अच्छी पैदावार की उम्मीद करते हैं। इस समय किसान जहां अपनी कपास की फसल को पानी की कमी व तेज गर्मी की मार से बचाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है वहीं उसे कपास के पौधों में फूल भी दिखाई देने लगे हैं। किसानों का मानना है कि फूल आने में अभी काफी समय है। यदि समय से पहले ही फूल आ गए हैं तो किसी न किसी रूप में इसका फसल को नुकसान ही होगा। इस कारण किसानों में मायूसी छा गई है। इस बारे में जब बड़ागुढ़ा खण्ड कृषि अधिकारी बलवंत सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया की कपास की फसल में बिजाई से 65 से 70 दिनों में फूल आने चाहिए और अगर अभी से फूल आ गए हंै तो अधिक गर्मी की वजह से आए हंै। ये किसी काम नहीं आएंगे और समय आने पर जो फूल आएंगे उन्हीं से टिण्डा बनेगा।

ठेके से शराब चोरी

डबवाली (यंग फ्लेम) गांव मिडूखेड़ा में स्थित देसी शराब के ठेका से अज्ञात व्यक्ति शराब की बोतले चुरा कर ले गया। चोरी की सूचना निकटवर्ती पुलिस चौकी में दे दी गई है। प्राप्त जानकारी अनुसार गांव में स्थित शिवा एंड कम्पनी के शराब के ठेके पर कार्यरत इकबाल सिंह ने बताया कि वह बीती रात 11 बजे के करीब ठेका बंद कर अपने गांव कुम्हारा गया था और प्रात: गांव से किसी ने सूचना दी कि शराब के ठेके के ताले टूटे हुए है तो यह सूचकर वह गांव मिडूखेड़ा पहुंचा तो उसने देखा कि ठेके के दरवाजे का ताला टूटा हुआ है और जब उसने ठेके में प्रवेश किया तो अंदर रखी देसी शराब की 12 बोलते व 9 पव्वे गायब थे। जिसकी सूचना उसने निकटवर्ती पुलिस चौकी किलियांवाली में दी। किलियांवाली पुलिस चौकी के कर्मचारियों द्वारा मौके का जायजा लेने उपरांत चोरी की जांच शुरू कर दी।

पैंशन योजना के आवेदन फार्मों का किया सरलीकरण

डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वितरित की जाने वाली सभी प्रकार की पैंशन योजना के आवेदन फार्मों का सरलीकरण किया गया है ताकि इस योजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों को लाभ मिल सके।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि इन योजनाओं के आवेदन पत्र जुलाई-2011 से ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा शहरी क्षेत्रों में संंबंधित सचिव नगरपालिका के कार्यालय में उपलब्ध हो जायेंगे तथा वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के अन्तर्गत नये लाभपात्रों के आवेदन फार्म माह अक्तूबर 2011 से आमंत्रित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभाग के माध्यम से वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा व निराश्रित महिलाओं की पैंशन, विकलांग पैंशन, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता, निराश्रित बच्चों की वित्तीय सहायता एवं स्कूल न जाने वाले विकलांग बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों को लाभ प्रदान करने के उददेश्य से इनमें प्रयोग किये जाने वाले आवेदन फार्माें का सरलीकरण किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि आवेदन पत्र में मांगी गई पूर्ण सूचना भरकर ही प्रस्तुत करें क्योंकि जिला समाज कल्याण अधिकारी हर दृष्टि से स्वीकृति के पात्र या योग्य तथा पूर्ण आवेदन पत्र को स्वीकृत करते हुए विभागीय वेबसाइट पर अपडेट करेंगे। यदि कोई आवेदन पत्र किसी कारणवश स्वीकृति हेतु पात्र या योग्य नहीं पाया जाता तो ऐसे में आवेदन फार्मो को जिला समाज कल्याण अधिकारी अस्वीकृत करते हुए एक साल की अवधि तक अपने कार्यालय रिकार्ड में संभाल कर रखेंगे। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के अन्तर्गत नये लाभपात्रों के आवेदन फार्म माह अक्तूबर 2011 से लिये जायेंगे। पात्रता के लिये व्यक्ति की आयु 60 वर्ष या अधिक तथा हरियाणा का निवासी होना चाहिये। आवेदक की पारिवारिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिये। वह व्यक्ति जो किसी स्थानीय निकाय या संस्था जिसे किसी भी सरकार से वित्तीय सहायता मिलती है, पैंशन ले रहा है वह वृद्धावस्था सम्मान भत्ता का हकदार नहीं होगा।
प्रवक्ता ने बताया कि आवेदन पत्र के साथ जन्मतिथि का प्रमाण पत्र या फोटोयुक्त वोटर पहचान कार्ड अथवा विद्यालय प्रमाण पत्र आदि संलग्न करना अनिवार्य है। ऐसे आवेदक जिनके पास प्रमाण पत्र नहीं हैं उन्हें अपने निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से इस उददेश्य के लिये गठित दो डाक्टरों की कमेटी से अपनी आयु का अनुमान करवाना होगा। विधवा या निराश्रित महिलाओं को पैंशन आवेदन पत्र के साथ पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र व बेसहारा होने का कारण, आयु 18 वर्ष या अधिक, हरियाणा की मूल निवासी तथा आवेदन पत्र देने की तिथि को एक वर्ष से हरियाणा राज्य में रह रही हो तथा सभी स्त्रोतों से आय 30 हजार रुपये वार्षिक से कम हो। उन्होंने कहा कि विकलांग पैंशन के आवेदन फार्म के साथ विकलांगता प्रमाण पत्र, निराश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता के लिये बेसहारा होने का प्रमाण पत्र व संरक्षक का पहचान पत्र व संरक्षक की आय 30 हजार रुपये वार्षिक से अधिक न हो, बच्चे की आयु 21 वर्ष से कम, हरियाणा का मूल निवासी हो। लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना का लाभ लेने के लिये आवेदन पत्र के साथ आवेदक की जन्म तिथि का प्रमाण पत्र, परिवार की आय सभी स्त्रोतों से 2 लाख से अधिक न हो तथा माता की आयु 45 वर्ष व कोई पुत्र न हो। यदि माता जीवित न हो तो पिता को लाभ मिलेगा।
इसी प्रकार स्कूल न जाने वाले विकलांग बच्चों को वित्तीय सहायता लेने के लिये आवेदन पत्र के साथ प्रार्थी की जन्मतिथि का प्रमाण पत्र, 70 प्रतिशत या अधिक विकलांगता, मानसिक विकलांगता आई.क्यू. 50 से अधिक न हो का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। बौना भत्ता योजना, किन्नर भत्ता योजना तथा कश्मीरी परिवारों को वित्तीय सहायता योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदन फार्म आवेदक सीधे तौर पर संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत कर सकते हैं।

कर्मचारियों की लापरवाही से सड़ रहे पेड़

डबवाली (यंग फ्लेम) वन विभाग केे अधिकारियों की लापरवाही हर रोज कहीं न कहीं देखने सुनने को मिलती है, परंतु उसके बाद भी उच्चाधिकारियों द्वारा कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती। बीते कई दिनों पूर्व आई आंधी के कारण सड़कों पर पेड़ गिर गए थे, परंतु विभाग के अधिकारियों द्वारा गिरे हुए पेड़ सही जगह पर ले जाने की बजाए बड़े-बड़े पेड़ों को सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। उल्लैखनीय है कि इस तुफान में अकेले डबवाली उपमंडल में सड़क किनारे लगे वन विभाग के करीब 300 से भी अधिक पेड़ जड़ से उखड़ गए है व सैकड़ों पेड़ों की टहनियां टूटकर दूर जा गिरी। प्रकृति की आपदा के कारण उत्पन्न समस्या पर जनता ही दो चार होती रही जबकि विभाग का लाव लश्कर चादर ताने चैन की नींद ले रहा था। इस मौके का फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने खुब लकड़ी का अंबार इक्_ा कर लिया अब जब इस प्राकृतिक विपदा को बीते करीब एक माह होने का है, परंतु वन विभाग के साहब बाबुओं ने क्षेत्र का दौरा कर इन बचे कुचे पेड़ों की सुध लेकर कोरे कागज को काला ही किया है लेकिन इसके विपरित आज भी सैकड़ों वृक्ष लावारीश हालत में बिखरे पड़े हैं। जिनके बारे में ऐसी कमरों में बैठे बाबू लोगों को इन पेड़ों के बारे में सुध लेने तक का समय नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुछ वर्ष पूर्व भी आए इसी तरह के अंधेड में इसी तरह प्राकृति को काफी नुकसान सहना पड़ा था और सैंकड़ों वृक्ष टूटकर सड़कों पर आ गए थे। वर्षों पूर्व टूटे हुए वृक्ष व टहनियां आज भी गांव डबवाली में स्थित एक धार्मिक सत्संग घर व गांव गोरीवाला से कुछ ही दूूरी पर बनेे र्इंट भट्टे के पास पड़े हैं, जिन्हें दीमक खा रही है। जब इस बाबत विभाग के फोरेस्टगार्ड अशोक कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इन वृक्षों की लिस्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है व जल्द ही इनकी बोली करवा दी जाएगी। जब उनसे यह पूछा गया कि उसमें से तो गिनती की ही लकड़ी बची है तो उन्होंने कहा कि ऐसी नहीं है वह लकडिय़ां सुरक्षित है। जबकि वह लकडिय़ा सड़क किनारे पड़ी हुई विभाग की इस सच्चाई की पोल खोल रही है। सैंकड़ों पेड़ों को लोग अपने घर उठाकर ले गए लेकिन सोचने वाली बात यह है कि अगर इसी तरह से वन विभाग द्वारा लापरवाही चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब हमें सड़क किनारे लगे पेड़ गायब मिलेंगे। इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा रहा है कि वन महकमे के कर्मचारी कितनी सर्तकता बरतते हैं। खास बात तो यह है कि डबवाली-ऐलनाबाद रोड़ पर इतने सुखे पेड़ पड़े हैं कि जिन की तरफ विभाग का कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है और लकड़ी चोरों की पूरी निगाह रहती है। वहीं सड़क किनारे वन विभाग द्वारा छोड़े गए पेड़ों की जगह का जब संवाददाता ने यहां का दौरा किया तो पाया कि कुछ अज्ञात लोग अपने टै्रक्टर व ट्रालियों के जरिए लकड़ी ले जा रहेे थे, उन लोगों से पूछा गया कि आप यह लकड़ी क्योंंंंं उठा रहे हो तो उन्होंने कहा कि यह लकड़ी तो सरकारी है कौन पूछता है। वैसे पहले भी कई बार क्षेत्र में लकड़ी चोरी की घटनाएं हो चुकी है, लेकिन फिर भी वन विभाग उनसे सबक नहीं ले रहा है। वन महकमे के कर्मचारी कई बार तो वन माफियाओं पर कार्यवाही करने केे बजाए पेड़ चोरी की सूचना देने वालों पर ही अपनी रौब जमाने बैठ जाते हैं, जिससे लगता है कि ये कर्र्र्मचारी वन माफियाओं सेे मिले हुए हंै और पेड़ चुराने देने की ऐवज में मोटी रकम खाते हैं। गार्ड राजवीर से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि जगह न होने के कारण यहां सड़क किनारे रखने की बजाए पेड़ों को ओर कहां रखें।
जब विभाग के रेंज ऑफिसर चरणजीत सिंह से बात कि गई तो उन्होंने कहा कि इस अंधड से करीब 300 पेडों को नुकसान हुआ है व उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अंधड से जो वृक्ष टूटे थे व लोगों द्वारा जो उठा लिए गए है उन्हें विभाग द्वारा एकत्रित किया जा रहा है और अगर किसी व्यक्ति ने इन पेडों को लौटाने में मनाही की तो उस पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।



सर्कल स्तर पर निपटाए जाएंगे इंतकाल संंबधित मामले

डबवाली (यंग फ्लेम) जिला में गिरदावरी व इंतकाल के मामले निपटाने के लिए प्रत्येक सर्कल क्षेत्र में महीने में दो बार लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। यह निर्देश उपायुक्त युद्धवीर सिंह ख्यालिया ने आज सभी राजस्व अधिकारियों को दिए और कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से सभी राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करें कि म्युटेशन और रजिस्ट्ररी से संबंधित मामले लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि सभी सर्कल राजस्व अधिकारी लोक अदालतों में गिरदावरी और इंतकाल से संबंधित आने वाले मामलों का मौके पर ही निपटारा करेंगे। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें बड़े-बड़े गांवों में आयोजित की जाएंगी जिनमें आसपास के क्षेत्र के एक-एक दर्जन गांवों के लोगों के गिरदावरी इंतकाल से संबंधित मामले निपटाए जाएंगे। उपायुक्त ने जिला के सभी राजस्व अधिकारियों तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित क्षेत्रों में बाढ़ बचाव कार्यों के पुख्ता प्रंबंधों को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन भी क्षेत्रों में घग्घर नदी में किसानों ने सिंचाई के लिए पाइप दबाई हुई है वे पाइप सिंचाई विभाग द्वारा किए गए डिजाइन के अनुसार ही दबी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाइप के आसपास दीवार बनाया जाना आवश्यक है ताकि घग्घर में पानी आने पर ये पाइपें किसी प्रकार से लीकेज न हो। यदि कोई किसान विभाग द्वारा डिजाइन के अनुसार पाइप नहीं दबाते तो उनकी पाइपें उखड़वाकर बंद कर दें। इसके साथ-साथ उन्होंने उक्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्रों से संबंधित क्षेत्रों में सभी पाइप डिजाइन के अनुसार दबाई जानी चाहिए और बाढ़ बचाव के प्रंबंध भी पुख्ता हो। इस बारे में सभी राजस्व अधिकारी प्रमाण पत्र भी जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि बाढ़ बचाव कार्यों में कोताही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यावाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों से कहा कि जो भी गांवों पंचायती जमीन पर बसे हुए हैं या पंचायती भूमि पर रिहायशी मकान बने हुए हैं। राज्य सरकार के नियमानुसार ऐसी भूमि की कीमत वसूले जिससे राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ौतरी भी होगी और इस प्रकार के मामले नियमित भी हो पाएंगे।

पेंशन न मिलने से बुजुर्र्ग परेशान

डबवाली (यंग फ्लेम) बुजुर्गों को किसी तरह की परेशानी ना हो इस लिए सरकार द्वारा समय-समय पर उनके लिए अनेक योजनाएं चलाई जाती है, जिसमें बुढ़ापा पेंशन, विधवा, विकलांग सहित अनेक योजनाएं शामिल होती है। लेकिन कई गांवों के लोगों को तो इन योजनाओं का भरपूर फायदा होता है, परंतु कुछ गांवों के लोगों को तीन-चार महिनों तक भी पेंशन नसीब नहीं होती।
बिज्जूवाली सहित क्षेत्र के गांव रिसालिया खेड़ा, बनवाला, गोदिकां, अहमदपुर दारेवाला सहित अनेक दर्जनों गांवों के ग्रामीण बुजुर्गों को पिछले तीन महीने से पेंशन न मिलने के कारण बुजुर्गों को भारी परेशानियों उठानी पड़ रही है। जिन बुजुगों के पास आय का कोई दुसरा साधन है उनका तो काम चल जाता है, लेकिन जिनका घर ही इस पेंशन से चलता है उनका क्या ? बुजुर्गों ने बताया कि फरवरी माह के बाद उन्हें पेंशन नहीं मिली जिसके कारण उनकी मुश्किलें ओर ज्यादा बढ़ गई। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें समय पर पेंशन मिल जाती थी, लेकिन जब से हरियाणा सरकार ने बैंक के जरिए पेंशन देने का काम शुरू किया है, तब से लेकर आज तक उन्हें पेंशन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है तथा अपने घरों का खर्चा चलाने के लिए दिहाड़ी-मजदूरी करनी पड़ रही है, लेकिन अब उनका शरीर मजदूरी करने योग्य नहीं रहा है, ऊपर से ये भीष्ण गर्मी फिर भी मजबूरी में उनको मजदूरी करनी पड़ रही है। क्षेत्र के बुजुर्गों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी समस्या का सामाधान किया जाए नहीं तो उन्हें जिला कार्यालयों पर धरना-प्रदर्र्शन करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बारे में पेंशन वितरण कंपनी व एक्सिस बैंक के मैनेजर जानकारी देंगे। जब पेंशन वितरण कंपनी कार्यालय में बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस महिने की 25 तारीख तक पेंशन दे दी जाएगी। वहीं जब एक्सिस बैंक के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किन्ही कारणों से पेंशन समय पर न आ सकी लेकिन जून माह के आखिर तक सब लोगों को पेंशन मुहैया करवाई जाएगी।

बुधवार, 22 जून 2011

Couple from Vancouver riot photo revealed

Video footage has emerged showing what really happened to the infamous 'kissing couple' during last week's Vancouver riots.
The couple, identified as Australian Scott Jones, 29, and Canadian-born Alexandra Thomas, became an instant Web hit after Getty photographer Rich Lam snapped a photo of them caught up in a moment of passion as tensions flared between hockey fans.
However, the affectionate pair, who have been dating for six months, dismissed claims that the kissing in the photograph was staged as they broke their silence on the night’s dramatic events.
The couple had been drinking at a bar downtown when the atmosphere in the streets of Vancouver turned nasty.
Moments before the iconic snap was taken, Mr Jones was simply trying to calm down his injured girlfriend after they were hit by police as they tried to escape the violent clashes.”

In the video clip, riot police can be seen hitting the couple with their shields. After the incident, Miss Thomas appears distressed and lies on the ground as she is comforted by her concerned boyfriend.
Speaking with NBC’s ‘Today’ show, bartender Mr Jones said: “I was just trying to calm her down. It was pretty scary for her, and it seemed like the best thing to do.”

“I would call myself a tourist. It was Game 7, Stanley Cup finals, so something was going to happen whether we won or lost — something big. I just wanted to bear witness to what was going on. I never felt in danger while we were down there until the riot police came along.”
Environmental engineering graduate Alex added: “It happened so fast. I never expected it to turn into that situation so quickly.

मंगलवार, 21 जून 2011

नशे में धुत्त होकर पहुंचा बीपीएल सर्वे करने वार्ड 14 के निवासियों ने जमकर की धुनाई

नौकरी से किया बर्खास्त, भेजा जेल
डबवाली,- में बीपीएल सर्वे में जुटी साक्षरता मिशन टीम के नशे में धुत कर्मचारी के कारण वार्ड 14 में बवाल खड़ा हो गया। लाल परी के नशे चूर बदतमीज हुए उक्त कर्मचारी की जनता ने तो अच्छी खातिरदारी की ही, उसे हवालात के दर्शन भी हो गये और नौकरी से तो हाथ धोना ही पड़ा पुलिस और नगर पार्षद से माफी मांग कर पीछा छुड़वाया। शहर में बीपीएल के सर्वे का कार्यभार साक्षरता मिशन को सौंपा हुआ है। 17 जून से जारी इस सर्वे में मिशन के सचिव सुखविंद्र सिंह ने पांच कर्मचारियों सर्वे के दौरान फोटोग्राफी का कार्य सौंपा हुआ था। आज इसी कार्यक्रम में वार्ड 11, 12, 13, 14 व 15 का सर्वे किया जाना था। वार्ड 14 में सर्वे और फोटोग्राफी का कार्य कर रहे दारा सिंह वहां नशे में धुत्त होकर पहुंच गए और पहले मीना बाजार में निरंजन सचदेवा के घर पर बदतमीजी करने लगे। इसी दौरान राशन डिपो संचालक जसवंत सिंह वहां पहुंचे और समझा बुझा कर मामला शांत करवा वहां से नगर पार्षद विनोद बांसल के घर के पास ले आया। शराब के नशे में धुत दारा सिंह पार्षद की गैर मौजूदगी में उसके घर में घुसा और आंगन में कई चक्कर लगा कर बैठक में पड़े सोफे पर लेट गया। सूचना मिलने पर नगर पार्षद घर पर पहुंचे और वहां उपस्थित लोगों ने उसकी जमकर धुनाई की और उसे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी के पास ले गए। इसके बाद दारा सिंह को थाना शहर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं मामले की सूचना मिलने पर साक्षरता मिशन के सचिव सुखविंद्र सिंह पहुंच गए। उन्होंने बताया कि दारा सिंह को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया है।सुखविंद्र सिंह के बीच बचाव के उपरांत दारा सिंह ने पुलिस और नगर पार्षद से माफी मांग कर इस विवाद से अपना पीछा छुडवाया।

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