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गुरुवार, 21 जुलाई 2011

10 हजार की आबादी वाले गांव मे नहीं है सिलाई सेंटर

डबवाली-उपमंडल के गांव जंडवाला बिश्नोईयां में आंगनवाड़ी भी है और स्कूल के साथ-साथ औषधालय भी है लेकिन अगर किसी सुविधा की शिद्दत से जरूरत महसूस की जा रही है तो गांव में लड़कियों को दक्ष बनाने के लिए सिलाई कढ़ाई सेंटर की। दस हजार की आबादी वाले इस गांव में 20 वर्षों से सिलाई कढ़ाई सेंटर नहीं खोला गया है। गांव में सिलाई कढ़ाई सिखाने के लिए प्रशिक्षिकाऐं भी मौजूद है तो सेंटर चलाने के लिए कमरा भी पंचायत के पास है।
गांव की संतोष देवी, पूनम देवी और कांता देवी कहती है कि लड़कियों को स्वाबलंबी बनने के लिए कटाई सिलाई आनी आवश्यक है ताकि घरेलू काम काज के अलावा जरूरत पढऩे पर उसे अपने रोजगार के तौर पर भी अपना सके। लेकिन पिछले 20 वर्षों से गांव में लड़कियों को इसका प्रशिक्षण देने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस समय गांव में सिलाई कटाई का प्रशिक्षण लेने की इच्छा रखने वाली लड़कियों की संख्या सैकड़ों में है। जिसमें दो दर्जन से भी ज्यादा बीपीएल परिवारों से संबंधित है। लेकिन सरकारी स्तर पर उन्हें प्रशिक्षण देने का कोई प्रबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि गांव में कलावती देवी सिलाई का और ममता रानी कढ़ाई का प्रशिक्षण देने के लिए तैयार है लेकिन इसके लिए साजो सामान के साथ सरकारी सहायता की आवश्यकता है।
गांव के सरपंच मि_ू सिंह ने बताया कि लड़कियों को पैरों पर खड़ा करने के लिए शिक्षा की आवश्यकता है इसके साथ ही सिलाई कढ़ाई का इसमें अहम योगदान हो सकता है। उन्होंने बताया कि गांव में सेंटर खोलने के लिए जिला उपायुक्त को आग्रह किया जा चुका है लेकिन अभी तक गांव में सिलाई सेंटर खोलने पर कोई योजना की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है।

गुरुवार, 7 जुलाई 2011

सामान के प्रदर्शन की होड़ कहीं खाक ना कर दे पूरा बाजार

डबवाली(यंग फ्लेम) शहर के मुख्य बाजारों में अपने सामान को दुकानों के बाहर रख ग्राहकों को लुभाने की कई वर्षों से चली आ रही प्रवृत्ति किसी न किसी दिन पूरे बाजार को खाक में मिला देगी और ऐसा तब होगा जब किसी दिन बाजार में भयंकर आग लगेगी, लेकिन उसे बुझाने के लिए दमकल की गाडिय़ों को वहां तक पहुंचने के लिए रास्ता ही नहीं मिल पाएगा। हालांकि पहले भी आगजनी के अनेक हादसे हो चुके हैं और उस समय भी दमकल की गाडिय़ों को अतिक्रमण अथवा वाहनों के जमघट के कारण घटनास्थल तक पहुंचने में अत्याधिक मशक्कत करनी पड़ी थी। उनके देरी से पहुंचने के कारण छोटी सी चिंगारी भयंकर आग में तब्दील हो सकती है। दुकानदारों का सैकड़ों रुपयों का होने वाला नुकसान हजारों-लाखों तक पहुंच सकता है और ठीकरा फोड़ दिया जाएगा दमकल कर्मचारियों पर देरी से आने का, जबकि कुसूर उनका नहीं बल्कि अतिक्रमण करने वालों का होगा। शहर के मीना बाजार जहां की छोटी-छोटी गलियों से कार तो क्या दुपहिया वाहन जाने के लिए भी रास्ता नहीं मिलता। ऐसे में वहां स्थित ऊन, कपड़ों, आदि की दुकानों में आग लग जाए तो उसकी भयावता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसी प्रकार मेन बाजार,सब्जी मंडी, श्री राम मार्केट, कॉलोनी रोड, बस स्टेंड रोड में भी अतिक्रमण का बोलबाला है तो वहीं यहां पर दिनभर वाहनों का आवागमन बना रहता है और लगभग जाम जैसी स्थिति बनी रहती है। हालांकि नगरपालिका व पुलिस अधिकारी समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हैं, लेकिन दुकानदारों द्वारा अपनी नासमझी व दूरदर्शिता के अभाव में उनका विरोध किया जाने लगता है। सभी मुख्य बाजारों में लगभग सभी दुकानदारों द्वारा अपना सामान बाहर बने फुटपाथ पर रखा जा रहा है। इतना ही नहीं कुछ दुकानदार तो अपना सामान सड़क पर बनी पीली पट्टियों तक रख सड़क मार्ग अवरुद्ध करते हैं तो वहीं बाजारों में कार, जीप, बाइक आदि वाहन लेकर आने वाले ग्राहक अथवा दुकानदारों इन वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करते हैं, जिससे अन्य वाहन को वहां से निकलने के लिए मार्ग ही नहीं मिल पाता और ऐसे में वहां जाम तक लग जाता है। ऐसे में भरे बाजार किसी दुकान में आग लग गई तो न केवल वह दुकान बल्कि साथ लगती अन्य दुकानें भी आगे में स्वाहा होने में देर नहीं लगेगी।
इस बारे में जब एसडीएम मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शहर में हो रहे अतिक्रमण को देखते हुए किसी अनहोनी घटना को रोकने के लिए प्रशासन की और से सख्ती से अतिक्रमण हटाओं अभियान चलाया जाएगा। दुकानदारों द्वारा बाहर रखे गए सामान को जब्त किया जाएगा। उन्होंने कहा इस अभियान को सफलता पूवर्क चलाने के लिए सप्ताह में एक विशेष दिन दिया जाएगा जिसमें स्वयं एसडीएम साहब व नगरपालिका अधिकारी अतिक्रमणकारियों पर नकेल कसेंगे।

फीका रहा इनेलो का व्यापारी सम्मेलन,बहुप्रचारित कार्यक्रम से व्यापारी तबका नदारद

डबवाली (यंग फ्लेम) व्यापारी सम्मेलन की लाज इनेलो कैडर ने कुछ हद तक रख दी हालांकि व्यापारी तबका कार्यक्रम से पूरी तरह से नदारद था। बहुप्रचारित इस कार्यक्रम के लिए शहर में दो हजार के करीब निमंत्रण पत्र बांटे गए थे बावजूद इसके शहर का व्यापारी वर्ग कार्यक्रम में नहीं आया। आयोजकों को शायद यह अहसास था कि शहर का व्यापारी वर्ग उनके कहने से कार्यक्रम में आने वाला नहीं है इसलिए छोटी सी जगह का चयन किया गया व केवल 162 कुर्सियां ही लगाई गई। उन पर भी अधिकांश वे इनेलो कार्यकर्ता बैठे थे जिनका व्यापारी गतिविधियों से कोई लेना -देना नहीं है। रही-सही कसर प्रतिभोज के अवसर पर पूरी हो गई। यहां तक की पत्रकारों व इनेलो के वरिष्ठ कहे जाने वाले नेतागणों को भी केवल दाल-सब्जी पर ही गुजारा करना पड़ा। इस घटनाक्रम की आज शहर में खुब चर्चा रही तथा इनेलो के उन पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह भी लग गया जो इस सममेलन की जोरदार सफलता के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे तथा इनेलो की छवी इस घटनाक्रम से कुल मिलाकर धूमिल ही हुई है।

26 हजार का कर्ज लेकर पैछा होगा एक बच्चा-चौटाला
डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा सरकार 52 हजार करोड़ रूपए की कर्जदार है अब जो भी बच्चा पैदा होगा वह अपने ऊपर 26 हजार रूपए तक का कर्ज का बोझ लेकर इस दुनिया में आएगा यह बात इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने स्थानीय वैष्णो माता मंदिर में व्यापारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश की भोली-भाली जनता को झूठे वायदों से बरगलाकर सत्ता हासिल कि है अब प्रदेश की जनता जागरूक हो चुकी है और आने वाले विधान सभा चुनावों में कांग्रेस को घर का रास्ता दिखा देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। हर तरफ चोरी-चकारी, लूटपाट, नशाखोरी, जैसी घटनाएं आम बात हो चुकी है। श्री चौटाला ने बाबा रामदेव के लिए बोलते हुए कहा कि अगर बाबा रामदेव इतने बूरे थे तो केंद्र सरकार के मंत्री उनसे मिलने एयरपोर्ट पर क्यों गए और उनसे बातचीत क्यों की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार देश में भ्रष्टाचार खत्म कर व काला धन वापिस लाने की मांग करने वाले अन्ना हजारे व बाबा रामदेव की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अपने संबोधन में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए बताया कि आज प्रदेश में व्यापार पूरी तरह से ठप हो कर रह गया है एक और जहां कानून व्यवस्था की बेहद खराब स्थिति है वहीं गलत नीतियों के चलते खजाना खाली हो चुका है तथा रोज-रोज नए टैक्स थौप कर व्यापारी वर्ग के लिए जीना दूभर करके रख दिया है। व्यापार से संबंधित किसी भी प्रकार की रियात वर्तमान कांग्रेस सरकार नहीं दे पाई है दूसरी और महंगाई बेलगाम होती जा रही है पैट्रोलियम पदार्थों के दाम बार-बार बढ़ाये जा रहे है। श्री चौटाला ने इनेलो सरकार बनने पर फार्म-38 समाप्त करने व एक लाख रूपए तक कर्ज माफ करने की घोषणा भी की। श्री चौटाला प्रदेश भर में व्यापारी सम्मेलन करके व्यपारी वर्ग की समस्याओं से रूबरू हो रहे है। इस कड़ी में यह उनका 18वां सम्मेलन था। प्रदेश की राजनीति के बारे बोलते हुए उन्होंने कहा कि हिसार संसदीय उपचुनाव में इनेलो कि जीत यकीनी है तथा इस नतीजे के बाद प्रदेश की राजनीति में भगदड़ मच जाएगी व हरियाणा प्रदेश में इनेलो की सरकार बनेगी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं इनेलो व्यापार सैल प्रभारी सुभाष गोयल, जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. सीताराम, इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन, इनेलो व्यापार सैल प्रभारी रमेश मेहता, राधेराम गोदारा व महावीर सहारण, आरएसस चौधरी, डॉ. गिरधारी लाल गर्ग, केके सेठी, रणवीर सिंह राणा व अन्य इनेलो नेताओं ने सम्मेलन को सम्बोधित किया।

पटरी से उतर रही है शहर की यातायात व्यवस्था

डबवाली(यंग फ्लेम)शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने की बजाय पटरी से उतरती जा रही है। दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों के आगे 10 से 15 फीट तक कब्जा जमाए हुए हैं जिस कारण चौड़ी-चौड़ी सड़कें भी संकरी लगने लगी हैं। लगभग शहर के सभी बाजारों में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। बाजारों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए समय-समय पर नगरपालिका व पुलिस द्वारा 'औपचारिकताÓ निभाई जाती है मगर दुकानदारों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें किसी की परवाह नहीं है। शहर का सब्जी मंडी मार्ग 40 से 60 फीट तक चौड़ी हैं जहां से एक साथ चार गाडिय़ां निकल सकती है मगर अतिक्रमण की मेहरबानी से चौपहिया गाड़ी तो दूर, बाइक निकालने में भी पसीने आ जाते हैं। दुकानदार खुद तो सड़क पर सामान रखते ही है, साथ ही दुकानों के आगे सब्जी व फल बेचने वाली रेहडिय़ों को भी सड़क पर लगाने की छूट दे देते हैं जिससे समस्या विकराल हो रही है। हालांकि कुछ दुकानदार रेहड़ी वालों का विरोध करते हैं मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। कुछ समय पहले नगरपालिका ने बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया था। पुलिस भी अभियान में शामिल हुई थी मगर यह अभियान सफल होने से पहले ही दम तोड़ गया। नगरपालिका के अधिकारियों ने रेहड़ी वालों को तो डराया-धमकाया मगर दुकानदारों का जो सामान सड़क पर रखा हुआ था, उन्हें कुछ नहीं कहा। ऐसे में कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। अब आलम यह है कि सभी बाजारों में दुकानदारों ने दुकान की बजाय सड़क पर सामान रखा हुआ है जिस कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बेखबर है पुलिस
कॉलोनी रोड, बस स्टैंड रोड के अलावा अन्य बाजारों में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पीली लाइन लगाई गई थी। शुरूआत में उस पर अमल भी हुआ था मगर लंबे समय से पुलिस पीली लाइन का पालन कराने के प्रति उदासीन हो गई है। अब तो पीली लाइन का वजूद ही खत्म हो गया है। पुलिस बाजार में स्ििात फाटक पर खड़ी रहकर बाइक सवारों का तो चालान कर देती है मगर बाजारों में सड़क के बीच खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने का समय नहीं निकाल पाती। अच्छा यह रहेगा कि पुलिस बाइक चालकों का चालान करने में जो सक्रियता दिखाती है, वह बाजार में यातयात सुधारने में लगाए। पुलिस ने कुछ कॉलोनी रोड पर वन वे का नियम लागू किया था मगर वह भी पूरा नहीं हुआ।

पटरी से उतर रही है शहर की यातायात व्यवस्था

डबवाली(यंग फ्लेम)शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने की बजाय पटरी से उतरती जा रही है। दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों के आगे 10 से 15 फीट तक कब्जा जमाए हुए हैं जिस कारण चौड़ी-चौड़ी सड़कें भी संकरी लगने लगी हैं। लगभग शहर के सभी बाजारों में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। बाजारों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए समय-समय पर नगरपालिका व पुलिस द्वारा 'औपचारिकताÓ निभाई जाती है मगर दुकानदारों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें किसी की परवाह नहीं है। शहर का सब्जी मंडी मार्ग 40 से 60 फीट तक चौड़ी हैं जहां से एक साथ चार गाडिय़ां निकल सकती है मगर अतिक्रमण की मेहरबानी से चौपहिया गाड़ी तो दूर, बाइक निकालने में भी पसीने आ जाते हैं। दुकानदार खुद तो सड़क पर सामान रखते ही है, साथ ही दुकानों के आगे सब्जी व फल बेचने वाली रेहडिय़ों को भी सड़क पर लगाने की छूट दे देते हैं जिससे समस्या विकराल हो रही है। हालांकि कुछ दुकानदार रेहड़ी वालों का विरोध करते हैं मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। कुछ समय पहले नगरपालिका ने बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया था। पुलिस भी अभियान में शामिल हुई थी मगर यह अभियान सफल होने से पहले ही दम तोड़ गया। नगरपालिका के अधिकारियों ने रेहड़ी वालों को तो डराया-धमकाया मगर दुकानदारों का जो सामान सड़क पर रखा हुआ था, उन्हें कुछ नहीं कहा। ऐसे में कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठे। अब आलम यह है कि सभी बाजारों में दुकानदारों ने दुकान की बजाय सड़क पर सामान रखा हुआ है जिस कारण वाहन चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बेखबर है पुलिस
कॉलोनी रोड, बस स्टैंड रोड के अलावा अन्य बाजारों में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पीली लाइन लगाई गई थी। शुरूआत में उस पर अमल भी हुआ था मगर लंबे समय से पुलिस पीली लाइन का पालन कराने के प्रति उदासीन हो गई है। अब तो पीली लाइन का वजूद ही खत्म हो गया है। पुलिस बाजार में स्ििात फाटक पर खड़ी रहकर बाइक सवारों का तो चालान कर देती है मगर बाजारों में सड़क के बीच खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने का समय नहीं निकाल पाती। अच्छा यह रहेगा कि पुलिस बाइक चालकों का चालान करने में जो सक्रियता दिखाती है, वह बाजार में यातयात सुधारने में लगाए। पुलिस ने कुछ कॉलोनी रोड पर वन वे का नियम लागू किया था मगर वह भी पूरा नहीं हुआ।

खबरदार गांव में नहीं कोई भी पहरेदार

डबवाली (यंग फ्लेम) क्षेत्र में बढ़ रहे चोरी व अपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए बीते कई माह पूर्व उपायुक्त महोदय के आदेशानुसार चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने गांवों के सरपंचों को अपने-अपने गांवों में ठीकरी पहरा लगाने के आदेश दिए थेे, ताकि क्षेत्र में होने वाली चोरी सहित अनेक घटनाओं पर शिकंजा कसा जा सके। लेकिन पिछले कुछ दिनों से गांव बिज्जूवाली में ठीकरी पहरा लगना बंद हो चुका है, जिसके कारण गांव मेें कोई अनहोनी घटना होने का खतरा बना हुआ है?
बिज्जूवाली बस स्टैंड के दुकानदारों का कहना है कि गांव में पहरेदारों द्वारा अपनी ड्यूटी को सही ढंग से न निभाने के चलते गांव में पहरा बंद करवा दिया गया है। जानकारी के अनुसार बिज्जूवाली बस स्टैंड पर स्थित दुकानदारों की तरफ से हर रोज तीन दुकानदारों की पहरे की बारी होती है, लेकिन इनमें से कुछ दुकानदार पहरा लगाने की के लिए आनाकानी करते हैं, जिस कारण जो दुकानदार सही ढंग से अपनी पहरे की ड्यूटी निभाते थे, उन्होंने भी पहरा लगाना बंद कर दिया है। सुत्रों के अनुसार ठीकरी पहरा इसलिए लगवाया जाता है, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व के लोग अप्रिय वारदात ना कर सके। अब इस तरह से गांवों में ठीकरी पहरा ना लगने से असामाजिक तत्वों को चोरी व अपराधिक जैसी वारदाताओं को अंजाम देने का मौका मिल जाता है। उसी के मध्यनजर जिला प्रशासन द्वारा गांवों में ठीकरी पहरा लगवाया जाता है। ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था व शांति बनी रहे और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। ग्रामिणों ने बताया कि क्षेत्र में आए दिन चोरी जैसी घटनाएं हो रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन इन पर कार्यवाही करने की वजाए हाथ पे हाथ धरे बैठा है। बिज्जूवाली के ग्रामिणों पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में पहरा शुरू करवाया जाए ताकि गांव में शांतिप्रिय माहौल बना रहे।
सरपंंच राजाराम बिरट से बात की तो उन्होंने बताया कि किसी कारणबंश गांव में पहरा बंद करवा दिया गया है, लेकिन जल्द ही पहरेदारों से मिल कर पहरा दोबारा शुरू करवाया जाएगा।
जब सदर थाना डबवाली के प्रभारी रतन सिंह सेे बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे इस बारे में गोरीवाला पुलिस को आदेश देंगे की जल्द ही गांव बिज्जूवाली में रात के पहरे को फिर से शुरू करवाया जाए। गोरीवााला पुलिस चौकी के प्रभारी से बात की गर्ई तो उन्होंने कहा कि सरपंच को कह कर समस्या का हल करवाया जाएगा।

रविवार, 3 जुलाई 2011

कर्मसिंह हत्याकांड: तीन दिन से नरेंद्र का सुराग नहीं

नई दिल्ली (अनिल लाम्बा) :पहले करनाल के कंबोपुरा गांव के पूर्व सरपंच कर्म सिंह की हत्या के बाद उसके ममेरे भाई वैसर निवासी चमेल सिंह की हत्या और अब चमेल सिंह के भतीजे नरेंद्र के लापता होने से गांव में सनसनी फैल गई है। तीन दिन से लापता नरेंद्र का अभी तक कोई सुराग नहीं है। नरेंद्र की मां भगवानी देवी ने मतलौडा पुलिस थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है। बताया जाता है कि नरेंद्र पुत्र जयभगवान मतलौडा बस अड्डे पर किराने की दुकान चलाता है। गुरुवार को वह दोपहर करीब 12 बजे किसी काम से सेंट्रल बैंक मतलौडा गया था, लेकिन शाम तक जब वह वहां से वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसके बाद उन्होंने मतलौडा पुलिस थाने में नरेंद्र की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मतलौडा थाना प्रभारी विरेंद्र दलाल का कहना है कि पुलिस नरेंद्र की तलाश में जुटी हुई है।

जंतर-मंतर पर गूंजा मामला

नई दिल्ली (अनिल लाम्बा) : हरियाणा में एक कैबिनेट मंत्री व एक सीपीएस के पद मुक्त होने का कारण बना बहुचर्चित कर्मसिंह हत्याकांड शनिवार को दिल्ली में भी गूंजा। प्रदेश के सैन समाज के अध्यक्ष राजीव सैन की अगुवाई में इस समाज के लोगों ने जंतर-मंतर पर धरना दिया। धरने के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पूर्व परिवहन मंत्री ओपी जैन व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा की गिरफ्तारी, सीबीआई जांच व अब तक की जांच के तथ्य सार्वजनिक किए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद लोगों ने स्थानीय पुलिस के जरिए राष्ट्रपति, पीएम, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज व मानवाधिकार आयोग के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव एवं विधायक अजय सिंह चौटाला के अलावा पार्टी के दो अन्य विधायक नरेंद्र सांगवान, तेलू राम जोगी एवं पूर्व विधायक रोशनलाल आर्य ने भी धरने में शिरकत की। अजय चौटाला ने आरोप लगाया कि पूर्व सरपंच कर्मसिंह की हत्या के मामले में ओपी जैन व जिलेराम शर्मा के खिलाफ सबूत होते हुए भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। इससे न केवल चौपट कानून- व्यवस्था की पोल खुल गई है बल्कि यह बात भी साबित हो गई है कि प्रदेश में सरकारी नौकरियां सरेआम नीलाम हो रही हैं।

बुधवार, 29 जून 2011

बैंक में हुआ हंगामा

डबवाली (यंग फ्लेम) स्थानीय जीटी रोड पर स्थित यूको बैंक में उस समय बवाल मच गया जब बैंक का दफतरी व सफाई कर्मचारी आपस में भिड़ पड़े। दोनों कर्मचारियों में जमकर लात-घूसे चले। तभी बैंक के अन्य कर्मचारियों ने दोनेां को छुड़वाया। प्राप्त जानकारी अनुसार यूको बैंक के दफतरी स्वर्ण सिंह बठिंडा निवासी ने बताया कि वह बैंक में बने एक कमरे अपने कार्य में व्यस्त था तो उसके कमरे में सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश आया और बिना बात के गाली-गलौच करने लगा। जब उसने इसका एतराज किया तो सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश ने मारपीट शुरू कर दी। उधर, सफाई कर्मचारी ओम प्रकाश ने बताया कि वह बैंक में सफाई कर रहा था कि मेज पर कुछ कागज गिरे पड़े थे जब उसने दफतरी बाबू स्वर्ण सिंह से पूछा तो उसने उससे बिना बात के गाली-गलौक कियाऔर उससे मारपीट की बैंक अधिकारी ने दोनों को समझा कर मामला शांत करवा दिया।

इंसानियत खो गई है.....

डबवाली (यंग फ्लेम) लगता है इंसानों के बीच इंसानियत खो गई है। एक साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले खुद ही जीवनसाथी की जिंदगी छीन रहे हैं। पोता-पोती की एक किलकारी सुनने को बेताब रहने वाली दादी अपने हाथों से नन्हीं सी जान को तंदूर में डाल रही है। पिछले कुछ दिनों से सिरसा जिले सहित प्रदेश में हो रही ऐसी घटनाओं ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। बीते दिनों गांव डबवाली में अपने ससुराल आए युवक को उसकी जीवन संगिनी ने अग्नि के सामने सात फेरे लेकर खाई कसमों की कोई लाज नहीं रखी वहीं दूसरी और डबवाली शहर के प्रेम नगर में भी ऐ युवक का शव बरामद होने पर युवक के परिजनों ने उसकी पत्नी व ससुरालपक्ष के लोगों पर कुछ गंभीर आरोप लगाए। ऐसे ही वाक्य 20 जून को रानियां हलके के बाजीगर थेहड़ में दादी ने ही अपनी सात माह की पोती पूजा के साथ ऐसा किया कि इंसानियत भी शर्मसार हो गई। पहले उसके गले में प्याज ठूंसकर उसकी सांसें बंद की और बाद में घर के तंदूर में डाल दिया। यह घटना किसी का भी दिल दहला सकती है। अपने सुहाग के लिए यमराज से भी पति को जिंदा लाने की कहानियां हम सब ने सुनी हैं मगर जिला सिरसा के गांव मीरपुर कॉलोनी में एक महिला ने अपने ही हाथों से खुद का सुहाग उजाड़ दिया। उसने एक पल के लिए भी नहीं सोचा की पति के बिना वह अपनी जिंदगी कैसे गुजारेगी। 25 जून की रात भी सिरसा शहर के रानियां रोड क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी उस पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी जो उसकी लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखती थी। ऐलनाबाद में दादी-पोती हत्याकांड भी समाज के माथे पर किसी कलंक से कम नहीं है। महज कुछ लाख रुपयों के लालच में अंधे व्यक्ति ने वृद्धा व उसकी मासूम पोती को बेरहमी से काट डाला। रोहतक में वहशी दरिंदों ने तीन छात्राओं पर तेजाब डालकर साबित कर दिया है कि अब इंसान के अंदर नफरत के सिवाय कुछ नहीं बचा है। गुडग़ांव में बीच बाजार एक हमलावर को जिंदा जला दिया और वहां मौजूद भीड़ उसकी जान बचाने की बजाय तमाशबीन बनी रही। हो सकता है कि उसका अपराध क्षमा योग्य न हो, मगर जो कुछ उसके साथ हुआ, वह भी किसी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। कानून को अपने हाथ में लेना कानून का मजाक है। नाबालिग छात्राओं के साथ बलात्कार की घटनाएं भी आम हो गई हैं। घर से बाहर निकलने से पहले छात्राएं व महिलाएं दो बार सोचती हैं कि वे सुरक्षित घर लौटेंगी या नहीं। यह सब उस समाज में हो रहा है जहां महिला को 'ममताÓ व लड़की को 'दुर्गाÓ का रूप समझा जाता है। अब ऐसा क्या हो गया है कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने से पहले व्यक्ति कुछ सोचता नहीं। इस समय इस तरह की जो घटनाएं हो रही हैं वे एक सभ्य समाज के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इस पर समाज के सभी लोगों को बैठकर मंथन करना होगा वरना वह दिन दूर नहीं जब हम फिर से उस आदम युग में चले जाएंगे जहां इंसान के जीवन की कोई कीमत नहीं होती थी।

कन्या भू्रणहत्या के खिलाफ होगा जन जागरण अभियान

डबवाली (यंग फ्लेम) अंर्तराष्ट्रीय लायंस संगठन 321- 3 ने बीते दिवस हिसार के मिड-टाऊन ग्रैंड पैलेस में सम्पन्न प्रांंतीय प्रशिक्षण शिविर में 2011 की जनगणना के आंकड़ो पर चिंता जताते हुये लायनिस्टिक वर्ष 2011-12 में हरियाणा और दिल्ली में कन्या भ्रूण-हत्या के खिलाफ जागरूक्ता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी देते हुए पीआरओ भारत वधवा ने बताया कि प्रान्तपाल के. एल. खट्टर ने इस अभियान को प्रभावशाली ढंग से चलाने की जिम्मेवारी लायंस संगठन के प्रांतीय सचिव सतीश जग्गा को सौंपी है। श्री जग्गा वर्ष 2005-06 में भी सिरसा जिले में इस अभियान का नेतृत्व कर चुके हैं तथा लम्बे समय से इस क्षेत्र में कार्य कर रहें हैं। इस अभियान को सुनियोजित ढंग से चलाने के प्रान्त 321- 3 में 20 से भी ज्यादा क्षेत्रीय प्रभारी, संभाग संयोजक एंव प्रक्लप अधिकारी नियुक्त किये जा रहे हैं। श्री जग्गा ने कहा कि सामाजिक एंव प्रशासनिक संस्थाओं द्वारा इस क्षेत्र में काफी कार्य किये जाने के बावजूद भी नयी जनगणना साफ इशारा करती है कि अभी और जागरूक्ता की जरूरत है, जमीनी स्तर पर गांव-गांव जाकर अलख जगाने के साथ-साथ, उन कारणों का पता लगााकर निवारण करना जरूरी है जिनके चलते लोग जन्म लेने पहले ही अपनी बेटी को मार देने का फैसला लेते हैं। श्री जग्गा ने कहा कि 2011 की जनगणना के मुताबिक हरियाणा में 0 से 6 वर्ष की आयु में 1000 लड़कों के मुकाबले 830 लड़कियां , वंही सिरसा जिला में 852, तथा झझर, सोनीपत और महेन्द्रगढ़ में 800 से भी कम हैं वहीं अम्बाला, यमुनानगर, कुरूक्षेत्र, करनाल, कैथल तथा रोहतक में 800 से 825 के बीच है तो फरदीबाद, गुडग़ांव, पंचकुला, पानीपत, जीन्द, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी में लिंग अनुपात 825 से 850 के बीच हैै, पलवल में 862 और मेवात में सबसे ज्यादा में 903 तथा झझर में सबसे कम 774 है। श्री जग्गा ने कहा कि जहां 2001 के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 6 वर्ष से कम आयु में लिंग अनुपात 819 था वो सामुहिक सामाजिक और प्रशासनिक प्रयासों के चलते 2011 में 830 पहुंच गया है, परन्तु अभी भी स्थीती विस्फोटक है और सभी संस्थाऔं और बुद्धिजिवीयों को आगे बढ़कर इस सघन अभियान में अपना योगदान देना चाहिये।

पशु मेला ग्राऊंड पर लटका ताला, व्यापारी असमंजस में

डबवाली (यंग फ्लेम)उत्तर भारत मे अपनी अलग पहचान बना चुका किलियांवाली का पशू मेला किसी न किसी कारण अक्सर ही र्सुिखयो बना रहता है यहां की प्रसिद्ध पशू मण्डी उस समय सुर्खियों मे आई जब कुछ वर्ष पूर्व डबवाली मे गौ हत्या काण्ड का प्रदा फाश हुआ जिसके तार सीधे ही इस पशु मण्डी से जुड़े पाए गए क्यू कि इसी मेले से गौ तस्कर अपने दरिंदगी भरे कार्य को बे खोफ अंजाम देते रहे। गांव डबवाली के गौ हत्या काण्ड सामने आने से लोगों मे खलबली मच गई व चारो और विरोध प्रदर्शन होने से सोई हुई सरकारों की नींद खुल गई लोंगे के भारी रोष को देखते हुए पंजाब सरकार ने भी इस पशु मेले को कुछ समय के लिय बंद करवा दिया था। उस समय गौ हत्या की गंभीरता को समझते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने गौ हत्या काण्ड की कड़े शब्दों मे निन्दा की थी व एैलान किया था इस पशु मेले को आधुनिक पशु मेला मैदान का रूप देकर एसी घटनायों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाऐगा श्री बादल ने अपने इस वायदे को पूरा करते हुए किलियांवाली मंडी मे एक विशाल पशु मेला ग्रांउण्ड का निर्माण कर 21 जून मंगलवार को उद्धघाटन कर पशु व्यापरियों के लिय खोल दिया था । लेकिन हर रविवार को लगने वाले इस पशु मेले में दूर दराज आए पशु व्यापारियों का उत्साह उस वक्त ठण्डा पड़ गया जब उन्होने नवनिर्मित पशु मेला ग्राउण्ड के मुख्य द्वार पर ताला लटका देखा जब इस बारे मे पशु मण्डी के ठेकेदारों गुरचरण सिंह, अवतार सिंह,सुखपाल सिंह भाटी,मनजिंद्र सिंह बिट्टू व बब्बू दानेवालिया से बातचीत की तो उन्होने कहा कि लाल फीता शाही के चलते अभी तक पशु मेला ग्रंाउण्उ की चाबियां नही सोंपी गई और न इस बारे मे उनसे कोई भी विचार विर्मश किया गया है ठेकेदारों ने अपने संयुक्त बयान मे कहा किइसमे कोई संदेह नही कि यह पशु मेला ग्राउण्उ उतर भारत मे अपनी तरह का पहला पशु मेला ग्राउण्ड है जिसमे पशु व व्यापारियों के हर सुविधा प्रदान की गई है लेकिन विशाल ग्रांउण्ड के रखरखाव व स्कोयटी के विशेष प्रंबध नही किया गया है। वही दुसरी और उन्हाने कहा कि इस मेला ग्राउण्ड मे बिजली पानी व अन्य खर्चों को लेकर सरकार ने अभी तक साफ नही किया है। जिसके चलते पशु व्यपारी व ठेकेदार असंमजस की स्थिति मे है । उधर, जब इस बारे मे मुक्तसर के डी. डी. पी.औ अमरिद्रं सिंह सरां से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होने बताया कि प्रशासन इस मेला ग्राउण्ड के रखरखाव के लिय माली, सफााई कर्मचारी व अन्य स्टाफ की नियुक्ति करने उपरांत इस पशु मेला ग्राउण्ड को व्यापारियों को सोंप दिया जाऐगा तथा आने वाले रविवार को पशु मण्डी नवनिर्मित पशु मेला ग्राउण्उ मे लगााई जाएगी।

सोमवार, 27 जून 2011

कांग्रेस नहीं लायक इसके , अब पगड़ी थमायेंगे चौटाला के सिर

अपमान से भडका वाल्मीकि समुदाय
कांग्रेस के होर्डिंग किये आग के हवाले
कहा : कांग्रेस नहीं लायक इसके , अब पगड़ी थमायेंगे चौटाला के सिर
करनाल -: कुछ दिन पहले चंडीगड़ में कांग्रेस में शामिल हुए हजकां नेता रणबीर भूम्बक और गीता भूम्बक ने अपने समर्थकों के साथ रविवार को करनाल में आयोजित किये गये एक कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष के ना जाने का मामला अपमान से जोड़कर विधानसभा अध्यक्ष सहित कांग्रेस के बनाये गये होर्डिंग आग के हवाले कर दिए गये | वाल्मीकि समुदाय ने इसे अपना अपमान समझते हुए कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की | मजे की दूसरी बात यह रही कि हरियाणा विधान सभा के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के आयोजित अभिनंदन समारोह में ही उनके ना आने से कांग्रेस से खिन्न होकर थोड़े दिन पहले कांग्रेस में ही शामिल हुए कांग्रेस नेताओं ने इनेलो नेताओं को मंच पर बुलाकर इनेलो में शामिल होने की घोषणा तक कर दी | बाद में रणबीर भूम्बक ने अपने समर्थकों के बीच यहाँ तक आरोप लगाये कि आज तक वाल्मीकि समुदाय हमेशा कांग्रेस का समर्थक रहा है लेकिन वाल्मीकि समुदाय अपने साथ हुए इस अपमान का बदला आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में लेगा | बाद में रणबीर भूम्बक और उनके समर्थकों ने कुलदीप शर्मा के आगमन को लेकर बनाया गया होर्डिंग आग के हवाले कर दिया | इसके इलावा कांग्रेस सरकार के खिलाफ भूम्बक समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी की | काबिलेगौर है कि हजकां की टिकट पर नीलोखेडी विधानसभा से चुनाव लड़ने वाली गीता भूम्बक और उनके पति रणबीर भूम्बक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष फूल चंद मौलाना की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हो गये थे | उनके शामिल होने की घोशना बकायदा च्न्दिगद से की गयी थी | दोनों नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ सोनिया और हुड्डा में आस्था जाहिर करते हुए कांग्रेस में आने की घोशना भी की थी | रणबीर भूम्बक ने बताया कि उन्होंने छब्बीस तारीख के लिए विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा का कार्यक्रम ले रखा था | इस कार्यक्रम में उनका अभिनंदन करना था | उन्होंने कहा कि बकायदा इस कार्यक्रम के लिए विधानसभा अध्यक्ष से इजाजत ली गयी थी | आज उनका अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया था | इसके लिए सैंकड़ों लोगों को आमंत्रित किया गया था | सुबह से बारिश भी हो रही थी लेकिन फिर भी सैंकड़ों लोग दस बजे एकत्र हो गये लेकिन कईं घंटे तक जब विधान सभा अध्यक्ष कार्यक्रम में नहीं पहुंचे तो वह अपनी पत्नी को लेकर करनाल स्थित विधान सभा अध्यक्ष के निवास स्थान पर पहुंचे | रणबीर भूम्बक ने कहा कि वहां के दरवाजे बंद थे और गार्ड ने उन्हें भीतर जाने नहीं दिया | इसके बाद उन्होंने बकायदा टेलीफोन पर सम्पर्क साधा किन्तु उनका फोन नहीं उठाया गया | बाद में उन्हें सूचना दी गयीं कि उनका प्रोग्राम कैंसिल हो गया है | इसके बाद वहां मौजूद वाल्मीकि समुदाय भड़क गया | उन्होंने इस कैंसिल प्रोग्राम को वाल्मीकि समुदाय के अपमान के साथ जोड़ लिया | बाद में लोगों ने कांग्रेस के तैयार किये गये होर्डिंगों को फाड़ डाला और उनमें आग लगा दी | होर्डिंगों में प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह , सोनिया गांधी , मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा , विधान सभा के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा के साथ-साथ कांग्रेस में शामिल हुए रणबीर भूम्बक और गीता भूम्बक के चित्र भी थे लेकिन आक्रोशित लोगों ने उसे आग के हवाले कर कांग्रेस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की | बाद में उन्होंने इनेलो के विधायक नरेंद्र सांगवान तथा राष्ट्रीय सचिव बृज शर्मा से सम्पर्क साधा लेकिन उनके बाहर होने के कारण उन्होंने पूर्व विधायक राकेश कम्बोज और शहरी अध्यक्ष ओम प्रकाश सलूजा वा जिला प्रवक्ता हरपाल रोड को मंच पर आमंत्रित कर लिया | दोनों दम्पति नेता अपने समर्थकों के साथ इनेलो में शामिल हो गये | वहीं पर बाद में रणबीर भूम्बक ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस ने वाल्मीकि समुदाय का अपमान किया है | उन्होंने एक महिला नेत्री पर साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने एक साजिश के जरिये विधान सभा अध्यक्ष को उनके कार्यक्रम में नहीं आने दिया | उन्होंने सवाल भी उठाया कि जब विधान सभा अध्यक्ष ने उन्हें कार्यक्रम में आने की जुबान दी थी तो वह क्यों नहीं आये | उन्होंने बताया कि बतौर कांग्रेस नेता वह अपने वाल्मीकि समुदाय की और से विधान सभा अध्यक्ष को एक पगड़ी और भगवान मह्रिषी वाल्मीकि की प्रतिमा भेंट की जानी थी | उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसके लायक नहीं है | अब उन्होंने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला से बात भी की है और वह यह पगड़ी वाल्मीकि समुदाय की और से पूर्व मुख्यमंत्री को भेंट करेंगे और प्रतिमा भी उन्हें ही भेंट की जायेगी | रणबीर भूम्बक ने मंच से एलान किया कि वह घर-घर जाकर कांग्रेस की इस घिनोनी हरकत का पर्दाफाश करेंगे और आने वाले समय में जो नेता सांसद और विधायक बनने का सपना संजोये बैठे हैं उन्हें हराकर ही दम लेंगे |

शनिवार, 25 जून 2011

गुरुद्वारा के सरोवर में महिला की मौत

डॉक्टर के पास दवा लेने की बात कहकर गई थी घर से
डबवाली(यंग फ्लेम)क्षेत्र के गांव चोरमार के गुरुद्वारा के सरोवर में एक महिला ने ंसंदिग्ध परिस्थितियों में कूदकर अपनी जान दे दी। मृतक जसपाल कौर (45) पत्नी नत्था सिंह गांव चोरमार की रहने वाली थी। आज सुबह गुरुद्वारा में रहने वालों में सरोवर में महिला का शव पड़ा देखा। इसकी सूचना ओढ़ां पुलिस को दी तो पुलिस मौके पर पहुंची तथा शव को सरोवर से बाहर निकाला जिसकी पहचान जसपाल कौर पत्नी नत्था सिंह के रूप में हुई। मृतका के पति नत्था सिंह ने पुलिस को बताया कि बीती शाम जसपाल कौर डाक्टर के पास दवा लेने का नाम लेकर घर से गई थी मगर वापस नहीं लौटी। वे रात भर उसकी तलाश करते रहे मगर कोई सफलता नहीं मिली। आज सुबह ही गुरुद्वारा के जलघर में उसका शव मिला। नत्था सिंह ने यह भी बताया कि जसपाल कौर पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान थी। संभवत: उसी परेशानी के चलते उसने सरोवर में कूदकर अपनी जान दे दी। ओढ़ां थाना के पुलिस अधिकारी सुभाष ने बताया कि मृतका के पति के बयान पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है तथा पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

फ्री कोचिंग की निकल गई हवा, आधे से भी कम रह गए विद्यार्थी

डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा सरकार की ओर से विज्ञान विषय की फ्री कोचिंग देने की योजना की बीच में ही हवा निकल गई है। सिरसा जिले में तो कोचिंग लेने वाले बच्चों की संख्या आधी से भी कम रह गई है। जिले के विभिन्न स्कूलों में चल रही मैथ, फिजिक्स, कैमेस्ट्री व बायोलॉजी की कोचिंग का जायजा लेने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जब निरिक्षक ने जब इन फ्रि चल रही कोचिंग कक्षाओं का दौरा किया तो कोचिंग कक्षाओं में बच्चों की संख्या देखकर हैरान रह गए क्योंकि सभी कक्षाओं में लगभग 650 विद्यार्थी ही मौजूद थे जबकि कोचिंग देने वाली संस्था को 1470 बच्चों की लिस्ट दी गई थी। बच्चों की कम संख्या मिलने के कारण निरिक्षक ने पिछला पूरा रिकार्ड जांच के लिए मांगा है। इसके साथ ही कोचिंग दे रहे शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता का रिकार्ड भी मांगा है। निरिक्षक के अनुसार सरकार ने 11वीं-12वीं के विज्ञान विषय के बच्चों को गर्मियों में एक जून से नि:शुल्क कोचिंग देने का अभियान शुरू किया था जो 30 जून तक चलेगा। प्रथम दिन तो लगभग 1400 विद्यार्थी कोचिंग लेने आए थे मगर बाद में धीरे-धीरे संख्या कम होती गई।
शिक्षकों में अनुभव की कमी
कोचिंग ले रहे बच्चों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोचिंग देने के लिए जो शिक्षक लगाए गए हैं उन्हें पढ़ाने का अनुभव कम है। उन्हें स्कूल में जिस तरह से समझाया जाता था, उस तरह से पढ़ाया नहीं जा रहा है, इसलिए उन्हें कोचिंग लेने की बजाय घर पर ही रहकर पढऩा उचित समझा। दूसरी ओर पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि पढ़ाने वाले शिक्षकों की जितनी योग्यता होनी चाहिए उतनी नहीं है।
सरकारी पैसे की बर्बादी
इस बारे में शिक्षाविद प्रो. करतार सिंह ने हरियाणा की मुख्य सचिव को एक पत्र भेजा है जिसमें कहा गया है कि फ्री कोचिंग के नाम पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने तर्क दिया है कि न तो पढ़ाने वाले शिक्षकों को अनुभव है तथा न ही उनके पास पूरी शैक्षणिक योग्यता है, लिहाजा कोचिंग देने के लिए नियुक्त एजेंसी को भुगतान न किया जाए क्योंकि यह किसी घोटाले से कम नहीं है। उनका आरोप है कि सभी जिलों में बच्चों की संख्या कम है जबकि बिल अधिक संख्या दिखाकर बनाए जाएंगे। करतार सिंह का कहना है कि उन्होंने इससे पहले हरियाणा के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को शिकायत भेजी थी जिसमें कोचिंग कक्षाओं की जांच करने व भुगतान रोकने की मांग शामिल थी मगर किसी भी जिला शिक्षा अधिकारी ने शिकायत पर गौर करना मुनासिब नहीं समझा।
घोटाले की आशंका
करतार सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले में घोटाला होने की आशंका है। फ्री कोचिंग देने की एवज में सरकार एजेंसी को प्रति विद्यार्थी 6 हजार रुपये का भुगतान करेगी। यानि एक बच्चे को कोचिंग देने पर एजेंसी को 6 हजार रुपये मिलेंगे। कोचिंग के लिए बच्चे कम आ रहे हैं मगर एजेंसी चलाने वाले अधिक बच्चों की संख्या दर्ज कर रहे हैं ताकि ज्यादा बिल बनाया जा सके। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की गहनता से जांच कराने की मांग की है।
क्या कहते है एसडीएम
इस संबंध में जब उपमंडलाधिश मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस बारे में उपमंडल शिक्षा अधिकारी से आंकडे एकत्रित कर मामले की जांच करेंगे।

कम्प्यूटर डिप्लोमा के लिए अनुसूचित बच्चों से मांगे आवेदन

डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के बच्चों हेतु पिछड़ा क्षेत्र के अनुदान निधि योजना के तहत जिला के अनुसूचित जाति के बच्चों को एक वर्षीय कम्प्यूटर डिप्लोमा नि:शुल्क करवाने के लिए हरियाणा सरकार के उपक्रम हारट्रॉन द्वारा आवेदन मांगे गए हैं। डिप्लोमा के लिए आवेदन भरने वाला विद्यार्थी बारहवीं पास तथा जिला सिरसा का अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र होना चाहिए। विद्यार्थी हारट्रॉन बांसल कालोनी पटवार भवन के सामने अपना आवेदन पत्र जमा करा सकता है। आवेदन के लिए कुल सीटें 200 हैं जिसमें 40 प्रतिशत सीटें लड़कियों के लिए आरक्षित है। आवेदन पत्र 15 जुलाई तक जमा करा सकते हैं।

धड़ल्ले से चल रहे हैं अवैध वाहन

डबवाली (यंग फ्लेम) स्थानीय बठिंडा चौक रेलवे स्टेशन से सवारिया उठाने के लिए दिन प्रतिदिन अवैध वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन इन अवैध वाहनों पर नकेल डालने वाला कोई हीं है। इस कारण रोडवेज को आए दिन हजारों रूपए का चुना लग रहा है। यह सब जानते हुए भी प्रशासन रोडवेज के उच्चाधिकारी जान बूझकर आंखें मूंदे हुए है। आज कल डबवाली से सिरसा के लिए 40 से ऊपर अवैध वाहन सवारियां ढोने पर लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि यह वाहन रोजाना 1200 के करीब यात्रियों को अपने वाहनों में उनके गंतव्य तक पहुंचाते है। जिसके लिए वाहन चालक प्रत्येक सवारी से 40 रूपए वसूल करते है। जिसका रोजाना का टोटल करीब 48 हजार रूपए का हरियाणा सरकार को नुकसान हो रहा है लेकिन इस पर प्रशासन हरियाणा रोडवेज के उच्चाधिकारियों द्वारा कोई भी कार्रवाई नही की जा रही। जब कभी भी अगर इन अवैध वाहनों पर कार्रवाई की जाती है तो वह महज खानापूर्ति के लिए की जाती है। बताया जा रहा है कि इन अवैध वाहन चालकों को राजनेताओं का सरक्षण हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों पुलिस प्रशासन का आशीर्वाद प्राप्त है। यह अवैध वाहन चालक स्थानीय बठिंडा चौक से अधिकतम सवारियां उठाने की होड़ में रोजाना दुर्घनाओं का कारण बन रहे है और वहीं हरियाणा सरकार को चुना लगा रहे है। अवैध वाहन चालकों ने राष्ट्रीय राज मार्ग क्षेत्र के अन्य मार्गंे पर भी अपना जाल बिछा रखा है वह रोजाना ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने की होड़ में मैक्सी कैब जीप चालक अपने वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बिठा कर मार्गें पर तेज गति से वाहन चलाकर लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूकते। एक वाहन चालक अपने वाहन में 15 से 18 सवारियां तक ठूस-ठूस कर भर लेता है। इतना ही काफी नहीं है थोड़े से पैसों के लालच में वाहन चालक इतना अंधा हो जाता है कि सवारियों को पीछे तक लटका लेता है। जिससे अनेकों बार दुर्घनाएं भी हो चुकी है।
इन अवैध वाहन चालकों से रिक्शा चालक भी खासे परेशान है इस संबंध में रिक्शा यूनियन के प्रधान सुखविंद्र सिंह ने बताया कि यह अवैध वाहन चालक रेलवे स्टेशन से ही सिरसा आदि जगहों पर जाने वाली सवारियों को अपने वाहन में बिठा लेते है जिस कारण हरियाणा सरकार व रोडवेज को तो चुना लग ही रहा है रिक्शा चालकों के भी भूखे मरने की नौबत आ गई है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें रोकने का प्रयास किया जाता है तो वाहन चालक यह कहने से कुरेज नहीं करते की वह पुलिस प्रशासन व रोडवेज अधिकारियों को रोजाना नजराना भेंट करते है।
इस संबंध में जब एसडीएम मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सड़कों पर चल अवैध वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस प्रशासन व रोडवेज के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए है और जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार, 24 जून 2011

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कपास में समय से पहले आए फूल

डबवाली (यंग फ्लेम) कॉटन काऊंटी के रूप में जाना जाने वाला सिरसा जिले में किसान व आढ़ती, सभी अच्छी पैदावार की उम्मीद करते हैं। इस समय किसान जहां अपनी कपास की फसल को पानी की कमी व तेज गर्मी की मार से बचाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है वहीं उसे कपास के पौधों में फूल भी दिखाई देने लगे हैं। किसानों का मानना है कि फूल आने में अभी काफी समय है। यदि समय से पहले ही फूल आ गए हैं तो किसी न किसी रूप में इसका फसल को नुकसान ही होगा। इस कारण किसानों में मायूसी छा गई है। इस बारे में जब बड़ागुढ़ा खण्ड कृषि अधिकारी बलवंत सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बताया की कपास की फसल में बिजाई से 65 से 70 दिनों में फूल आने चाहिए और अगर अभी से फूल आ गए हंै तो अधिक गर्मी की वजह से आए हंै। ये किसी काम नहीं आएंगे और समय आने पर जो फूल आएंगे उन्हीं से टिण्डा बनेगा।

ठेके से शराब चोरी

डबवाली (यंग फ्लेम) गांव मिडूखेड़ा में स्थित देसी शराब के ठेका से अज्ञात व्यक्ति शराब की बोतले चुरा कर ले गया। चोरी की सूचना निकटवर्ती पुलिस चौकी में दे दी गई है। प्राप्त जानकारी अनुसार गांव में स्थित शिवा एंड कम्पनी के शराब के ठेके पर कार्यरत इकबाल सिंह ने बताया कि वह बीती रात 11 बजे के करीब ठेका बंद कर अपने गांव कुम्हारा गया था और प्रात: गांव से किसी ने सूचना दी कि शराब के ठेके के ताले टूटे हुए है तो यह सूचकर वह गांव मिडूखेड़ा पहुंचा तो उसने देखा कि ठेके के दरवाजे का ताला टूटा हुआ है और जब उसने ठेके में प्रवेश किया तो अंदर रखी देसी शराब की 12 बोलते व 9 पव्वे गायब थे। जिसकी सूचना उसने निकटवर्ती पुलिस चौकी किलियांवाली में दी। किलियांवाली पुलिस चौकी के कर्मचारियों द्वारा मौके का जायजा लेने उपरांत चोरी की जांच शुरू कर दी।

पैंशन योजना के आवेदन फार्मों का किया सरलीकरण

डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा सरकार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वितरित की जाने वाली सभी प्रकार की पैंशन योजना के आवेदन फार्मों का सरलीकरण किया गया है ताकि इस योजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों को लाभ मिल सके।
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि इन योजनाओं के आवेदन पत्र जुलाई-2011 से ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा शहरी क्षेत्रों में संंबंधित सचिव नगरपालिका के कार्यालय में उपलब्ध हो जायेंगे तथा वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के अन्तर्गत नये लाभपात्रों के आवेदन फार्म माह अक्तूबर 2011 से आमंत्रित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विभाग के माध्यम से वृद्धावस्था सम्मान भत्ता, विधवा व निराश्रित महिलाओं की पैंशन, विकलांग पैंशन, लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता, निराश्रित बच्चों की वित्तीय सहायता एवं स्कूल न जाने वाले विकलांग बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों को लाभ प्रदान करने के उददेश्य से इनमें प्रयोग किये जाने वाले आवेदन फार्माें का सरलीकरण किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि आवेदन पत्र में मांगी गई पूर्ण सूचना भरकर ही प्रस्तुत करें क्योंकि जिला समाज कल्याण अधिकारी हर दृष्टि से स्वीकृति के पात्र या योग्य तथा पूर्ण आवेदन पत्र को स्वीकृत करते हुए विभागीय वेबसाइट पर अपडेट करेंगे। यदि कोई आवेदन पत्र किसी कारणवश स्वीकृति हेतु पात्र या योग्य नहीं पाया जाता तो ऐसे में आवेदन फार्मो को जिला समाज कल्याण अधिकारी अस्वीकृत करते हुए एक साल की अवधि तक अपने कार्यालय रिकार्ड में संभाल कर रखेंगे। उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना के अन्तर्गत नये लाभपात्रों के आवेदन फार्म माह अक्तूबर 2011 से लिये जायेंगे। पात्रता के लिये व्यक्ति की आयु 60 वर्ष या अधिक तथा हरियाणा का निवासी होना चाहिये। आवेदक की पारिवारिक आय 50 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिये। वह व्यक्ति जो किसी स्थानीय निकाय या संस्था जिसे किसी भी सरकार से वित्तीय सहायता मिलती है, पैंशन ले रहा है वह वृद्धावस्था सम्मान भत्ता का हकदार नहीं होगा।
प्रवक्ता ने बताया कि आवेदन पत्र के साथ जन्मतिथि का प्रमाण पत्र या फोटोयुक्त वोटर पहचान कार्ड अथवा विद्यालय प्रमाण पत्र आदि संलग्न करना अनिवार्य है। ऐसे आवेदक जिनके पास प्रमाण पत्र नहीं हैं उन्हें अपने निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से इस उददेश्य के लिये गठित दो डाक्टरों की कमेटी से अपनी आयु का अनुमान करवाना होगा। विधवा या निराश्रित महिलाओं को पैंशन आवेदन पत्र के साथ पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र व बेसहारा होने का कारण, आयु 18 वर्ष या अधिक, हरियाणा की मूल निवासी तथा आवेदन पत्र देने की तिथि को एक वर्ष से हरियाणा राज्य में रह रही हो तथा सभी स्त्रोतों से आय 30 हजार रुपये वार्षिक से कम हो। उन्होंने कहा कि विकलांग पैंशन के आवेदन फार्म के साथ विकलांगता प्रमाण पत्र, निराश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता के लिये बेसहारा होने का प्रमाण पत्र व संरक्षक का पहचान पत्र व संरक्षक की आय 30 हजार रुपये वार्षिक से अधिक न हो, बच्चे की आयु 21 वर्ष से कम, हरियाणा का मूल निवासी हो। लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना का लाभ लेने के लिये आवेदन पत्र के साथ आवेदक की जन्म तिथि का प्रमाण पत्र, परिवार की आय सभी स्त्रोतों से 2 लाख से अधिक न हो तथा माता की आयु 45 वर्ष व कोई पुत्र न हो। यदि माता जीवित न हो तो पिता को लाभ मिलेगा।
इसी प्रकार स्कूल न जाने वाले विकलांग बच्चों को वित्तीय सहायता लेने के लिये आवेदन पत्र के साथ प्रार्थी की जन्मतिथि का प्रमाण पत्र, 70 प्रतिशत या अधिक विकलांगता, मानसिक विकलांगता आई.क्यू. 50 से अधिक न हो का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। बौना भत्ता योजना, किन्नर भत्ता योजना तथा कश्मीरी परिवारों को वित्तीय सहायता योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदन फार्म आवेदक सीधे तौर पर संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत कर सकते हैं।

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