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मंगलवार, 5 अक्टूबर 2010

Injured Laxman guides India to nailbiting victory

Dabwalinews, AFP, 05 October 2010
MOHALI: Venkatsai Laxman defied a back injury to make an unbeaten 73 as India snatched a remarkable one-wicket victory from the jaws of defeat in the opening Test against Australia on Tuesday.
Needing 216 to win, India were facing defeat at 124-8 before Laxman came to his team's rescue with a brave knock under pressure on the fifth and final day, guiding his side to a 1-0 lead in the two-match series.
Batting with a runner because of a stiff back, Laxman was well supported by tail-ender Ishant Sharma, who made a defiant 31 in an 81-run stand for the ninth wicket before being trapped leg-before by Ben Hilfenhaus (4-57).
Australia's last chance of winning the match came when left-arm paceman Mitchell Johnson began his 17th over to last-man Pragyan Ojha, with India requiring six runs to win.
Ojha survived a confident appeal for leg-before and then an overthrow for four runs by substitute fielder Steven Smith considerably eased the pressure on India. The match ended with two leg-byes.
Laxman, who averages more than 50 in Tests against Australia, continued to flourish against them and reached his half-century in style off just 48 balls, pulling paceman Hilfenhaus for a four. His 79-ball knock contained eight fours.
India were under tremendous pressure after losing their eighth wicket at 124, but Laxman and Sharma held their nerve to sink Australia's hopes.
Sharma grew in confidence as the match progressed, hitting five fours in his 92-ball knock.
Fast bowler Doug Bollinger earlier grabbed two wickets in the morning session to keep alive Australia's hopes of winning the match.
Bollinger dismissed Sachin Tendulkar (38), the world's leading run-getter in both Tests and one-day internationals, in his second over.
Australia started the day with spin from one end and pace from the other, enjoying success in the seventh over when spinner Nathan Hauritz had nightwatchman Zaheer Khan (10) caught by Michael Clarke at first slip.
Hilfenhaus, who rattled India with three big wickets in the final session on Monday, beat the bat on a few occasions in his opening spell on a wearing track but failed to find the edge.
Tendulkar took no risks and waited patiently for loose deliveries to punish, driving and flicking off-spinner Hauritz for two fours. He later steered Hilfenhaus past gully for another boundary.
Australia celebrated when Tendulkar cut Bollinger to gully, where Michael Hussey took a good catch.
The Indian hit five fours in his 64-ball knock, completing 1,000 Test runs this year in the process.
Pressure became the name of the game when skipper Mahendra Singh Dhoni walked in to bat, with his team needing 97 to win with only four wickets in hand.
Dhoni did not last long, making only two runs before being caught short of the crease by a direct-hit at the striker's end from Hilfenhaus who ran in from mid-off to throw down the stumps.
Australia continued to maintain the pressure and soon dismissed tail-ender Harbhajan Singh, caught by skipper Ricky Ponting in the slips off Bollinger for two.
The second and final Test starts in Bangalore on October 9.

गुरुवार, 23 सितंबर 2010

राष्ट्रीय मंडल खेलों की क्वींस बेटन का हरियाणा में बदहाल सड़कें और बुरी तरह से चरमरा चुकी सिवरेज़ व्यवस्था तथा भयानक मच्छरों से स्वागत होगा

डबवाली(डबवाली न्यूज़)राष्ट्रीय मंडल खेलों की क्वींस बेटन का हरियाणा में बदहाल सड़कें और बुरी तरह से चरमरा चुकी सिवरेज़ व्यवस्था के कारण सड़कों पर सड़ांध मार रहे पानी तथा भयानक मच्छरों से स्वागत होगा। 71 देशों की यात्रा कर 25 जून को बाघा बार्डर से भारत में प्रवेश करने के उपरांत 26 सितंबर को डबवाली के चौटाला गांव से हरियाणा में प्रवेश करेगी। जहां पर प्रदेश में गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा के नेतृत्व में क्वींस बेटन का स्वागत किया जायेगा। लेकिन चौटाला गांव से ही जिस रास्ते पर देश व प्रदेश के खिलाड़ी क्वींस बेटन को लेकर दौड़ेंगे उसकी खस्ता हालत यहां की व्यवस्था की पोल खोल देगी। चौटाला गांव से लेकर डबवाली तक यह सड़क खस्ता हालत में है। रिपेयर के नाम पर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग भवन व सड़क द्वारा मात्र लिपा पोती ही की गई। बड़े-बड़े गढ्ढों को मिट्टी व ईटें डाल कर भरने का प्रयास किया गया है लेकिन बरसात और भारी वाहनों के आवागमन के आगे विभाग के कपटी प्रयास दम तोड़ गये। विभाग की इस तरह की लिपा पोती प्रदेश के दामन पर दाग बन कर उभरेगी। अभी क्वींस बेटन के यहां पर पहुंचने में दो दिन ही शेष रह गये है ऐसे में भी लोक निर्माण विभाग भवन व सड़क के आला अधिकारी प्रदेश की साख बचाने की बजाये छुट्टियां मनाने में मशगूल हैं। वहीं सड़कों पर जमा बरसाती और उससे उत्पन्न सड़ांध और मच्छर भी बहार से आने वाले वीआईपी अतिथियों का भरपूर स्वागत करेंगे। हलांकि प्रशासन पिछले एक माह से क्वींस बेटन के स्वागत की तैयारियों में जुटा हुआ है। शहर को चाक चौबंद बनाने के लिए शिद्दत से जुटा हुआ है। डबवाली के उपमंडल अधिकारी मुनीष नागपाल ने बताया कि बठिंडा चौक बने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह का कायाकल्प करने साथ-साथ चौंक की साजसज्जा की जा रही है। डिवाईडर पर लगे बिजली के खम्बों को सिल्वर रंग से रंगने के अलावा डिवाईडरों के साथ जमा मिट्टी को हटा कर उन्हें पीली काली पट्टी से रंगा जा रहा है। खेल परिसर को भी संवारा गया है। उन्होंने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए विभाग को सख्त हिदायतें दी गई हंै। चौटाला गांव से लेकर डबवाली शहर तक का मरम्मत का कार्य जारी है। इस संदर्भ में लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अधिकारी इंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे शहर से बाहर है।

गुरुवार, 2 सितंबर 2010

दुष्यंत चौटाला ने लिया तैयारियों का जायजा

सिरसा- सिरसा स्थित जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ में 6 से 13 सितंबर तक आयोजित होने वाली 20-20 क्रिकेट प्रतियोगिता के सीईओ व डबवाली के विधायक डा. अजय सिंह चौटाला के ज्येष्ठ पुत्र दुष्यंत चौटाला ने गुरुवार को की गई तैयारियों का जायजा लिया।
दुष्यंत सिंह चौटाला ने खेल मैदान की क्रिकेट पिच के अलावा लाइट्स, कमेंटेटर हॉल, पार्किंग स्थल और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने तमाम व्यवस्थाओं पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि ये क्रिकेट टूर्नामेंट बेहतर तरीके से संचालित किया जाएगा और दर्शकों के लिए मैचों का आनंद उठाने के लिए तमाम व्यवस्था की गई है। दुष्यंत सिंह चौटाला ने कहा कि इस 20-20 क्रिकेट प्रतियोगिता में दस टीमें अपना दमखम दिखाएंगी। प्रतियोगिता के समापन पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे। उन्होंने बताया कि समापन अवसर पर प्रख्यात पंजाबी कलाकार जसबीर सिंह जस्सी व बलकार सिद्धू दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। दुष्यंत सिंह चौटाला के निरीक्षण के दौरान उनके साथ डॉ. जयप्रकाश, डॉ. राजेंद्र सिंह टाडा और जेसीडी विद्यापीठ के स्पोट्र्स इंचार्ज मनमोहन सिंह मौजूद थे।

मंगलवार, 27 जुलाई 2010

नेहरू स्कूल की क्रिकेट टीम विजेता

डबवाली-स्थानीय नेहरू सीनियर सैकेंडरी स्कूल तथा चिल्ड्रन मैमोरियल डीएवी सीनियर सैकेंडरी स्कूल की क्रिकेट टीमों के मध्य एक क्रिकेट मैच खेला गया। जिसमें नेहरू स्कूल की क्रिकेट टीम विजेता रही। मैच की शुरूआत नेहरू स्कूल की टीम ने टॉस जीतकर की। तत्पश्चात उन्होंने बल्लेबाजी के लिए डीएवी स्कूल की टीम को आमन्त्रित किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए डीएवी स्कूल की टीम ने निर्धारित 12 ओवरों में 53 रन बनाऐ। नेहरू स्कूल की टीम ने 54 रनों का लक्ष्य तीन विकेट खोकर मात्र 7.3 ओवरों में पूरा कर लिया। विजेता टीम के खिलाड़ी गुरपाल को मैन ऑफ दी मैच चुना गया। अम्पायर की भूमिका शिक्षक कृष्ण कुमार, अजय कुमार, सुनील नेहरा एवं डीएवी के जसवन्त ने निभाई। प्रिंसीपल हरि प्रकाश शर्मा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उनके स्कूल की क्रिकेट टीम के कैप्टेन प्रभजोत के साथ अन्य खिलाडिय़ों लवप्रीत, हरदीप, यशपाल, कृष्ण, गुरलाल, दलराज, यादविन्द्र, मोहित तथा अरविन्द ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।

मंगलवार, 26 जनवरी 2010

कॉमनवेल्‍थ की साइट पर भारत की जमीन पाक में

एजेंसी
नई दिल्‍ली. कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन की आधिकारिक साइट पर लगे हिंदुस्‍तान के नक्‍शे से जम्‍मू-कश्‍मीर और गुजरात का एक बड़ा हिस्‍सा गायब है। इसे पाकिस्‍तान में दिखाया गया है। यह स्‍थिति तब है जब भारत कॉमनवेल्‍थ फेडरेशन का प्रमुख मेंबर है। भारत की राजधानी में इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स भी होने वाले हैं। इस वेबसाइट को कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन अपडेट करती है। यह ख्ाबर जैसे ही सामने आई, फेडरेशन से लेकर दिल्ली गेम्स ऑर्गनाइजिंग कमिटी तक में बवाल मच गया है। कमिटी के सचिव ललित भनोट ने इसे एक गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि यह एक गंभीर मामला है। भनोट ने कहा कि इसे बिलकुल स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ में फेडरशन से इस नक्शे को हटाने के लिए कहा जाएगा।

शुक्रवार, 15 जनवरी 2010

महाराष्ट्र में ट्रेन के आगे कूदीं दो राष्ट्रीय खिलाड़ी

मुंबई, महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से बच्चों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं की कड़ी में बुधवार को दो और नाम जुड़ गए। अहमदनगर जिले में राष्ट्रीय स्तर की दो खिलाडि़यों वृषाली ठुबे एवं आकांक्षा सोनावने ने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। दोनों खिलाड़ी 12वीं की छात्रा थीं। दोनों के स्कूल में प्री बोर्ड परीक्षा चल रही थी। 17 वर्षीय वृषाली कबड्डी एवं आकांक्षा तलवारबाजी की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी थीं। मंगलवार को दोनों ने जीवविज्ञान के पहले पेपर की परीक्षा दी थी। बुधवार की सुबह दोनों स्कूल की यूनीफॉर्म पहनकर साथ ही दूसरी परीक्षा देने निकली थीं, लेकिन स्कूल जाने के बजाय, दोनों रास्ते से ही ऑटो रिक्शापकड़कर अहमदनगर-मनमाड़ रेलवे लाइन के गेट नंबर 30 पर जा पहुंचीं। गेट बंद था और दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग गेट खुलने का इंतजार कर रहे थे। तभी दोनों लड़कियां ऑटो से उतरकर रेललाइन के किनारे-किनारे उस तरफ जाने लगीं, जिधर से ट्रेन आने वाली थी। गेट से करीब 100 मीटर दूर पहुंचते ही दोनों लड़कियां सामने से आ रही ट्रेने के सामने कूद गई। ट्रेन की गति तेज थी, इसलिए उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस को लड़कियों की जेब से मिले पत्र से उनके विद्यालय का पता चला तो उनके प्रधानाचार्य को इस दुर्घटना की सूचना दी गई। पुलिस को आत्महत्या के कारणों का सही पता नहीं चल सका है। यह घटना भी सूबे में एक पखवाड़े से हो रही बच्चों की आत्महत्याओं की श्रृखला में एक कड़ी मानी जा रही हैं। वृषाली के पिता बीएल ठुबे अहमदनगर के पारनेर तालुका में एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं। जबकि आकांक्षा के पिता यशवंत सोनावने जिला सहकारी लेबर फेडरेशन के संचालक हैं।

गुरुवार, 14 जनवरी 2010

एक बगावत ने इकट्ठा कर दिए 10 करोड

नईदिल्ली, हाकी इंडिया भले ही एक-एक रुपए के लिए रो रही हो, लेकिन उसके खिलाडि़यों की बगावत ने पांच दिन में दस करोड़ से ज्यादा जमा कर लिए। यह बताता है कि अगर राष्ट्रीय खेल के आका सही सोच और उचित दिशा पर आगे बढ़ें तो हाकी के लिए करोड़ों जुटाने के लिए भी उन्हें यह नहीं कहना पड़ेगा कि हम फीफा और बीसीसीआई की तरह अमीर संस्था नहीं हैं। आज भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी और सहारा के एक करोड़ रुपए की मदद देने के बाद बागी खिलाड़ी भले ही हाकी इंडिया के कैंप में वापस हो गए हों, लेकिन हाकी संघ यह स्थिति पैदा न होने से बच सकता था। पांच दिन से बगावत का झंडा बुलंद करने वाले हाकी खिलाडि़यों को सहारा ने तो एक करोड़ की मदद दी ही। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने पांच करोड़ रुपए की मदद की घोषणा की। यही नहीं पंजाब, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सरकार ने भी खिलाडि़यों को वित्तीय मदद देने का आश्वासन दिया है जो एक-एक करोड़ से कम नहीं होगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी टीम को प्रायोजित करने की इच्छा जाहिर की है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो खुद हाकी इंडिया के अध्यक्ष एके मट्टू को पत्र लिख कर शीर्ष हाकी खिलाडि़यों के वेतन-भत्ते और प्रशिक्षण का व्यय उठाने के लिए कह चुके हैं। हालांकि यह काम हाकी इंडिया के अध्यक्ष को करना चाहिए था। श्री सीमेंट भी टीम को आर्थिक सहायता देने को तैयार है। पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भी पेशकश की कि पंजाब आगामी विश्व कप के लिए भारतीय हाकी टीम को प्रायोजित करने को तैयार है। लंदन में बसे एक भारतीय डाक्टर ने भी खिलाडि़यों को दस लाख रुपये की मदद की पेशकश की है। बजाज अलियांज ने भी टीम के प्रायोजन के लिए दो करोड़ देने को कहे। शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, सलमा आगा जैसे फिल्मी सितारों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। यही नहीं जाने-माने कामेडियन भगवंत मान और सुप्रसिद्ध पंजाबी गायक बब्बू मान ने कहा हम देश भर में चैरिटी शो करेंगे।

बुधवार, 13 जनवरी 2010

सुधरने के लिए 48 घंटे

पुणे, एजेंसी : 48 घंटे, सिर्फ 48 घंटे हैं हाकी खिलाडि़यों के पास अपनी मांगें छोड़कर वापस आने के लिए। हाकी इंडिया और खिलाडि़यों के बीच चल रहा विवाद अब लड़ाई में तब्दील हो गया है। दोनों ही पक्ष झुकने को तैयार नहीं है। मंगलवार को फिर दोनों पक्षों के बीच बातचीत विफल होने के बाद हाकी इंडिया ने बागी खिलाडि़यों को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है जबकि खिलाडि़यों ने भी आर-पार की लड़ाई के लिए कमर कस ली है। अभ्यास शिविर को भी 48 घंटों के लिए बंद कर दिया गया है। हाकी इंडिया ने कहा कि उनके पास खिलाडि़यों की मांग के हिसाब से देने के लिए इस समय पैसा नहीं है जबकि बागी हाकी स्टार प्रति खिलाड़ी साढे़ चार लाख रुपये के अलावा गे्रडेड भुगतान प्रणाली की मांग कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत विफल हो जाने के बाद हाकी इंडिया के अध्यक्ष एके मट्टू ने कहा, लगता है कि उनके लिए देश के लिए खेलने से ज्यादा जरूरी पैसा है। किसी को शिविर से बाहर नहीं निकाला गया है। खिलाडि़यों को अभ्यास पर लौटने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है। यदि वे इसमें भी नहीं लौटते हैं तो शिविर बंद कर दिया जाएगा और विश्व कप के लिए दूसरी टीम चुनी जाएगी। मट्टू ने कहा, भारत विश्व कप में भाग लेगा चाहे ये खिलाड़ी खेलें या नहीं। हम देश भर से नए खिलाडि़यों को चुनेंगे, जो जोस ब्रासा और हरेंद्र सिंह के साथ अभ्यास करेंगे। तकनीकी लोग इस मामले को देखेंगे। उनसे कहा गया था कि 7 फरवरी को होने वाले चुनाव के बाद उनकी शिकायतों का निराकरण किया जाएगा, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने कहा, मैने खिलाडि़यों से कहा कि मेरे पास इतनी धनराशि है। यदि मैं उन्हें ही दे देता हूं तो महिला और जूनियर टीम को क्या दूंगा। मैंने उनसे कहा कि नई इकाई उनकी मांगे सुनेगी और उन्हें पूरा करेगी। इस जवाब में खिलाडि़यों का कहना था कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती, वे अभ्यास नहीं करेंगे। ऐसा कहीं नहीं होता।

हॉकी इंडिया को मिला 'सहारा', एक करोड़ मिलेंगे

नई दिल्ली, पैसे के भुगतान को लेकर खिलाड़ियो की बगावत के बाद विवादों में घिरी कंगली हॉकी इंडिया की मदद के लिए भारतीय हॉकी टीम के प्रायोजक 'सहारा इंडिया' ने अतिरिक्त बोनस के रूप में एक करोड़ रुपए देने का वादा किया है। ये खबर खेल की बदहाली के लिए निंदा झेल रही हॉकी इंडिया के लिए बड़ी राहत की तरह आई है। मीडिया को दिए बयान में सहारा ने ये बात भी साफ की है कि पिछले साल हॉकी इंडिया को 77 लाख रुपए का भुगतान करने के बावजूद ऐसी कंगाली की परिस्थिती क्यों पैदा हुई, इसकी जांच करेगा। दूसरी तरफ हॉकी इंडिया को एक और झटका देते हुए उसकी दूसरी टीम खड़ी करने की धमकी की हवा जूनियर खिलाड़ियों ने निकाल दी है। सीनियर-जूनियर का फर्क मिटाते हुए सभी खिलाड़ी एकजुट हो गए हैं।
हॉकी खिलाड़ियों के हक में बोले जडेजा
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अजय जडेजा ने बुधवार को मंदसौर में कहा कि अगर हॉक खिलाड़ी हक के लिए लड़ रहे हैं तो गलत नहीं। उन्होंने दिल्ली पिच विवाद को सहजता से लेते हुए कहा कि इस तरह की गलतियां स्वभाविक हैं हालांकि इसको भविष्य के लिए गंभीरता से लेने की जरूरत। श्री जडेजा ने स्वीकार किया कि आसीसीआई एशियाई देशों के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव करता है।

ऑस्ट्रेलिया को महाराष्ट्र में नहीं खेलने देंगेः ठाकरे

कंगारुओं को नहीं खेलने देंगे ऑस्ट्रेलिया में भारतीय युवाओं पर हमलों के बाद शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने धमकी दी है कि उनकी पार्टी ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट टीम को महाराष्ट्र में नहीं खेलने देगी. महाराष्ट्र सहि पूरे भारत में आईपीएल मुक़ाबले होने हैं.

ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के ख़िलाफ़ हिंसा पर नाराज़गी जताते हुए ठाकरे का कहना है, "उस देश में हमारे लड़कों को चाक़ू मारे जा रहे हैं, जलाया जा रहा है और गोली मारी जा रही है लेकिन हमारे क्रिकेटरों को उनके साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं है. उनके अंदर कोई राष्ट्र भावना है या नहीं." ठाकरे ने यह बात शिव सेना के मुखपत्र सामना में लिखी है.

शिव सेना प्रमुख का
आईपीएल में खेलेंगे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी यह बयान मुखपत्र के पहले पन्ने पर छपा है. ठाकरे का कहना है कि उन्होंने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भी ऐसा ही फ़ैसला किया था और पाकिस्तान की टीम अब भी महाराष्ट्र में नहीं खेल सकती है.

उन्होंने बॉलीवुड के सुपर स्टार अमिताभ बच्चन की तारीफ़ करते हुए कहा कि बच्चन ने भारतीयों पर हो रहे हमले के बाद हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की क्वीन्सलैंड यूनिवर्सिटी का सम्मान ठुकरा दिया. उन्होंने कहा, "मुझे बड़ी ख़ुशी होती अगर हमारे क्रिकेटर भी ऐसा ही रवैया अपनाते. लेकिन क्रिकेट तो अब पैसों का खेल बन गया है. आत्म सम्मान और राष्ट्रीयता की भावना पीछे छूट गई है."

हाल के दिनों में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों पर हमला तेज़ हुआ है. इसकी वजह से दो भारतीय युवकों को जान भी गंवानी पड़ी है. इस साल के शुरू में मेलबर्न में 21 साल के भारतीय युवक नितिन गर्ग की हत्या के बाद भारत ने तो ऑस्ट्रेलिया को इतना तक कह दिया है कि भारतीयों पर हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते पर असर पड़ेगा.

भारत में शुरू हो रहे ट्वेन्टी 20 के आईपीएल 3 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की बड़ी भागीदारी है. कप्तान रिकी पोन्टिंग के अलावा शेन वार्न, ऐंड्रयू साइमंड्स, मैथ्यू हेडन और एडम गिलक्रिस्ट जैसे सितारे आईपीएल में शामिल हैं. इसके कुछ मैच महाराष्ट्र में भी खेले जाएंगे. मुंबई और नागपुर में आईपीएल के मैच खेले जाने हैं.

सोमवार, 11 जनवरी 2010

सचिन देश में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले खिलाड़ी

नई दिल्ली. क्रिकेट में रिकॉर्ड बनाने में अव्वल मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर टैक्स चुकाने में भी पहले नंबर पर हैं। वह देश में सबसे ज्यादा कर अदा करने वाले खिलाड़ी हैं। भले आज टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट के सबसे बड़े ब्रांड हों, लेकिन टैक्स चुकाने के मामले में देश की 500 हस्तियों में वह तेंडुलकर से काफी पीछे हैं।
वित्त मंत्रालय की ताजा जारी सूची में बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार को 25वां और आमिर खान को 26वां स्थान मिला। इन दोनों ने 4.5 करोड़ का टैक्स चुकाया। इसके बाद शाहरुख खान और रितिक रोशन का नंबर आता है। इन दोनों ने दिसंबर के अंत तक 2 करोड़ का कर सरकार को चुकाया।

ललित मोदी भी पीछे नहीं

आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी भी कर देने के मामले में पीछे नहीं हैं। साल की आखिरी तिमाही में उन्होंने 3 करोड़ का टैक्स चुकाया और 500 लोगों की सूची में 47वां स्थान पाया। अन्य क्रिकेटरों में सौरव गांगुली ने 90 लाख और हरभजन ने 70 लाख टैक्स के भरे। इन्फोसिस और यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रमुख नंदन नीलकणी को इस सूची में 11वां स्थान मिला है। नंदन ने 9 करोड़ टैक्स के रूप में अदा किए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी इसी अवधि में 1.5 करोड़ रुपए टैक्स के रूप में अदा किए।

इस साल सभी ने खूब चुकाया कर

बिग बी न सही लेकिन बच्चे तो हैं

टैक्स अदा करने वाले 500 लोगों की सूची में अमिताभ बच्चन का नाम न होना सबको चौंका सकता है। हालांकि उनके बेटे अभिषेक बच्चन और बहू ऐश्वर्या इसमें मौजूद हैं। ऐश तो इस रेस में सभी बॉलीवुड हीरोइनों से आगे हैं। ऐश ने 1 करोड़ , उनके पति अभिषेक बच्चन ने 1.2 करोड़ का टैक्स अदा किया।

महेश सबसे आगे

देश में टैक्स देने की दौड़ में व्यवसायी महेश गोरधनदास गरोड़िया सबसे आगे रहे। उन्होंने इस तिमाही में 20 करोड़ का टैक्स अदा किया, जो देश में सबसे ज्यादा है।

इस रेस में भी मास्टर ब्लास्टर अव्वल

इस वर्ष की तिमाही में सचिन तेंडुलकर ने 1.5 करोड़ का टैक्स चुकाया। इस सूची में तेंडुलकर 115वें स्थान पर हैं। वहीं महेंद्र सिंह धोनी और वीरेंद्र सहवाग ने 1-1 करोड़ का कर अदा किया। धोनी इस सूची में 199 और सहवाग 201वें स्थान पर रहे।

हाकी इंडिया : नहीं माने खिलाड़ी, पहले पैसा फिर खेल

पुणे, एजेंसी : भारतीय हाकी में चल रही उठापटक खत्म होने का नाम नहीं ले रही। हाकी इंडिया से शनिवार रात हुए समझौते को दरकिनार करते हुए खिलाडि़यों ने यहां चल रहे अभ्यास शिविर का बहिष्कार करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि भुगतान को लेकर हाकी इंडिया और छह सीनियर खिलाडि़यों के बीच शनिवार को दिल्ली में लगभग तीन घंटे की बैठक के बाद समझौता हुआ था, जिसके तहत खिलाडि़यों ने अभ्यास पर लौटने की घोषणा की थी, लेकिन यहां पहुंचने के बाद हुई टीम बैठक में शिविर का बहिष्कार बरकरार रखने का फैसला किया गया। कप्तान राजपाल सिंह ने बताया, हमने दिल्ली से लौटने के बाद सभी 22 खिलाडि़यों के साथ बैठक की। कोई भी खिलाड़ी समझौते से संतुष्ट नहीं है, क्योंकि भुगतान को लेकर सिर्फ आश्वासन दिए गए हैं, कोई भरोसा नहीं। लिहाजा हम अभ्यास पर नहीं लौट रहे हैं। हाकी इंडिया के अध्यक्ष एके मट्टू के साथ संयुक्त प्रेस बयान में समझौते के ऐलान पर राजपाल ने कहा, हम समझौते से खुश नहीं थे, लेकिन पहले हमने सभी खिलाडि़यों को इसकी जानकारी देकर सामूहिक फैसला लेने का मन बनाया था। राजपाल ने स्वीकार किया कि इस घटनाक्रम से विश्व कप की टीम की तैयारियों पर असर पड़ा है, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर इसका असर तैयारियों पर पड़ा है, लेकिन मुझे यकीन है कि यह समस्या जल्द ही सुलझ जाएगी। यह पूछने पर कि कप्तान होने के नाते यह फैसला उन्हें कितना सही लगता है, उन्होंने कहा, कप्तान भी आखिर खिलाड़ी ही होता है और मैं टीम के साथ रहना ज्यादा पसंद करूंगा। यह पूछने पर कि क्या हाकी इंडिया के किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, राजपाल ने कहा, अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। हमें उनकी तरफ से कोई फोन नहीं आया। वहीं कल बैठक में मौजूद रहे सीनियर खिलाड़ी प्रभजोत सिंह ने कहा कि टूर्नामेंटों को जीतने पर प्रोत्साहन राशि और खिलाडि़यों की ग्रेडिंग व्यवस्था पर कोई आश्वासन नहीं मिल पाने के कारण यह फैसला लेना पड़ा। उन्होंने कहा, हम खिलाडि़यों की ग्रेडिंग प्रणाली चाहते हैं और टूर्नामेंट जीतने पर प्रोत्साहन राशि भी। पिछले साल का हमें कोई भी पैसा नहीं मिला है। टीम के मुख्य कोच जोस ब्रासा ने कहा कि वे खिलाडि़यों के शिविर में लौटने का इंतजार कर रहे हैं। एक भी खिलाड़ी अभ्यास के लिए नहीं लौटा है। उनकी समस्याएं दिल्ली जाने के बावजूद हल नहीं हो पाई हैं।

शनिवार, 9 जनवरी 2010

SRK tweets in support of 'unpaid' hockey players

New Delhi: Bollywood superstar Shah Rukh Khan has come out in support of the Indian men's hockey team players and in his latest tweet on twitter.com says that he is sympathetic to the team members.
Shah Rukh says he feels awful that a team playing for the country has to ask for the salaries of its players
"Feel awful for the Indian hockey team. To play for the country, national sport and have to ask for salary. And we complain we don’t win gold," Shah Rukh tweeted.
The tweet comes after demands by the hockey players to Hockey India to release their unpaid slary.
SRK has long been a fan of the game and even played the role of a player and coach in the award-winning Chak De India, a film on women's hockey.
Meanwhile, senior members of Indian hockey team will be meeting Hockey India officials on Saturday to resolve the latest crisis to hit the national game.
The entire Indian team the raised the banner of revolt against Hockey India on Friday and skipped a scheduled practice session in Pune for the upcoming Hockey World Cup.
The players are unhappy that Hockey India has brushed aside their demands for a salary and performance based incentives.
The players say that earlier they used to be paid if they did well in international tournaments but that process has been now been discontinued.
Hockey India sources say they will not bow to player power as they their performance was not worthy enough of an incentive.



हाकी इंडिया में बगावत, खिलाडि़यों ने मैदान छोड़ा

पुणे, एजेंसी : हाकी विश्व कप सिर पर है और राष्ट्रीय खेल है कि आगे बढ़ने की बजाय पीछे की ओर खिसका जा रहा है। 28 फरवरी से शुरू होने वाले विश्व कप में दो महीने से भी कम का समय बचा है। ऐसे में जहां टीम को पदक जीतने की रणनीति तैयार करने में जुटना चाहिए, वहां खिलाड़ी पैसा न मिलने के कारण बगावत पर उतर आएं हैं। बगावत पर आमादा खिलाडि़यों ने विश्व कप की तैयारियों के लिए चल रहे शिविर का अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार करने का फैसला किया है। मौजूदा हालातों में विश्व कप में पदक तो दूर, टूर्नामेंट में बने रहना भी टेढ़ी खीर दिखाई दे रही है। भुगतान के संबंध में दो पत्रों का हाकी इंडिया से कोई जवाब नहीं मिलने के बाद खिलाडि़यों ने शिविर के बहिष्कार का फैसला लिया। कप्तान राजपाल सिंह ने कहा कि हमने पैसा मिलने तक शिविर का अनिश्चितकालीन बहिष्कार करने का फैसला किया है। गुरुवार रात खिलाडि़यों की बैठक में यह फैसला लिया गया। पहले हमें हर टूर्नामेंट के बाद पैसा मिलता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। हमने हाकी इंडिया के अधिकारियों को कई बार याद दिलाया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब हम पैसा मिलने के बाद ही शिविर में जाएंगे। विश्व कप से डेढ़ महीपे पहले ही खिलाडि़यों ने यह कदम उठाया है, जिसका असर 28 फरवरी से 13 मार्च तक होने वाले टूर्नामेंट पर पड़ेगा। सीनियर खिलाडि़यों ने हाकी इंडिया के अध्यक्ष एके मट्टू को पत्र लिखकर सात दिन के भीतर भुगतान के लिए कहा था। पत्र में बहिष्कार की कोई धमकी नहीं थी, लेकिन सूत्रों ने बताया कि एक हफ्ते के भीतर भुगतान नहीं होने पर खिलाड़ी शिविर का बहिष्कार करने का मन बना चुके थे। हाकी इंडिया को मसले का समाधान निकल आने की उम्मीद है, जिसने शनिवार को यहां सीनियर खिलाडि़यों की बैठक बुलाई है। कप्तान राजपाल सिंह, सरदारा सिंह, प्रभजोत सिंह, संदीप सिंह, तुषार खांडेकर और अर्जुन हलप्पा विज्ञापन शूटिंग के सिलसिले में दिल्ली में होंगे, जिनके हाकी इंडिया के अधिकारियों से मिलने की उम्मीद है। हाकी इंडिया के अध्यक्ष मट्टू ने कहा कि मुझे दो दिन पहले पत्र मिला है। मैंने अपना जवाब भेज दिया है। मैंने उन्हें दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है। मैं उनसे बात करूंगा और उनकी शिकायतें सुनुंगा। मुझे विश्वास है कि जल्दी ही समस्या का हल निकल आएगा। खिलाडि़यों का दावा है कि उन्होंने हाकी इंडिया को आठ जनवरी तक का समय दिया था जबकि मट्टू ने कहा कि ऐसी कोई समय सीमा नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि पत्र में ऐसी कोई मियाद नहीं दी गई। वे राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं और उन्हें इस तरह हमें धमकाना नहीं चाहिए। हमें उम्मीद है कि बातचीत से हल निकल आएगा। खिलाडि़यों ने पत्र में कहा कि हम अर्जेंटीना में खेले गए चैंपियंस चैलेंज के लिए भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। पिछले तीन साल में हमें हर टूर्नामेंट में भारत से रवाना होने से पहले ही 25 हजार रुपये मिल जाते थे।

सोमवार, 28 दिसंबर 2009

शेरा पूछे, कोटला! हाउज दैट!!!

नई दिल्ली, फिरोजशाह कोटला की पिच के कारण दिल्ली शर्मसार हो गई। अनुभव और विश्वास
के बावजूद सिर्फ एक दिन के मैच में ही दिल्ली की छीछालेदर हो गई। ऐसी हालत में कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों पर उठ रही आशंकाएं और भी मजबूत हो जाती हैं। पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल क्रिकेट मैच रद्द होने के बाद काफी चिंतित हैं, लेकिन दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री राजकुमार चौहान इन आशंकाओं और चिंताओं को निराधार मानते हैं।
चौहान का कहना है कि पिच के कारण दिल्ली का मैच रद्द होना शर्म की बात है, लेकिन इसे कॉमनवेल्थ गेम्स के साथ जोड़ना सही नहीं है। हमारे ज्यादातर स्टेडियमों का ढांचा तैयार हो चुका है। सिर्फ फिनिशिंग का काम बाकी है। खेलों के आयोजन में अभी नौ महीनों से ज्यादा का समय है। स्टेडियम समय से काफी पहले ही तैयार हो जाएंगे।
चौहान के अनुसार, केवल दो प्रोजेक्ट ऐसे हैं, जिन्हें लेकर चिंता हो सकती है। पहला बारापूला एलिवेटेड रोड और दूसरा, सलीमगढ़ फोर्ट के पैरलल रिंग रोड। बारपूला प्रोजेक्ट मई तक पूरा होना है। किसी अनहोनी के कारण मई तक काम पूरा नहीं हुआ तो भी इसके बाद चार महीने का समय और रहेगा। सलीमगढ़ प्रोजेक्ट जून-जुलाई तक पूरा हो जाएगा। यही स्थिति यूपी लिंक रोड की भी है। उन्होंने दावा किया कि स्ट्रीट लाइट बदलने का काम जनवरी में पूरा हो जाने की उम्मीद है। स्ट्रीट स्केपिंग और ब्यूटीफिकेशन भी शुरू हो चुका है। गाजीपुर और अप्सरा बॉर्डर का कुछ काम रह भी गया, तो कॉमनवेल्थ गेम्स से उसका कोई सीधा संबंध नहीं है। साइनेज का 50 करोड़ रुपये का टेंडर आ चुका है, यानी हर काम पटरी पर है।
दूसरी तरफ, विजय गोयल मानते हैं कि एक दिन के मैच का वर्क लोड ही हम सह नहीं पाए, तो इतने बड़े पैमाने पर होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को कैसे मैनेज कर पाएंगे। चिंता इसलिए ज्यादा है, क्योंकि कुछ लोगों ने खेलों को अपनी बपौती बना लिया है। यही स्थिति रही तो दिल्ली निश्चित रूप से शर्मसार होगी। गोयल रविवार को ही खेलगांव देखने गए थे। उनका कहना है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। खेलों के आयोजन की तरफ भी किसी का ध्यान नहीं है। केवल स्टेडियमों के निर्माण से ही खेल सफल नहीं हो सकते। न कम्यूनिकेशन की प्लानिंग है, न मीडिया की, न सिक्युरिटी की और न ही रेफरियों व सिस्टम की। आयोजन समिति सोचती है कि दिल्ली सरकार अपनी जिम्मेदारियां निभाएगी, जबकि दिल्ली सरकार इसे केंद का दायित्व मानती है। गोयल कहते हैं कि दिल्ली का मैच रद्द होना एक चेतावनी है। बशर्ते आयोजन समिति इसे चेतावनी के तौर पर ले।

कोटला पर बैन का फैसला 1 महीने में

नई दिल्ली।। आईसीसी ने सोमवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्थल के रूप में फिरोजशाह कोटला पर बैन के फैसले मे
ं उसे 1 महीने का समय लगेगा। रविवार को कोटला की पिच पर जमकर बवाल हुआ। पिच खराब होने के कारण मैच रद्द कर दिया गया था।
आईसीसी के सीईओ हारून लोर्गट ने इस मामले पर कहा, 'कोटला मामले पर हमने बीसीसीआई की प्रतिक्रिया मांगी है और जवाब के लिए उन्हें 14 दिन का समय दिया है। इसके बाद रंजन मदुगले (मुख्य मैच रैफरी) और डेव रिचर्डसन (क्रिकेट जीएम)कोटला पर बैन मामले पर फैसला लेंगे।'
रिचर्डसन क्या फैसला करेंगे, उस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। अभी यह कहना भी सही नहीं होगा कि कोटला की पि अनफिट थी।'
आईसीसी सीईओ ने कहा, 'आईसीसी को कोटला पिच के बारे कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।' उन्होंने कहा, 'मैच रैफरी और मुख्य मैच रैफरी के बीच इस मुद्दे पर चर्चा में 5 दिन लगेंगे और इसके बाद बीसीसीआई को 14 दिन में जवाब देने को कहा जाएगा। अंतिम रिपोर्ट तैयार करना रंजन मदुगले पर निर्भर है जिसमें 10 से 14 दिन लगेंगे। इसलिए यह कहना सही होगा कि इस प्रक्रिया के पूरा होने में लगभग एक महीने का वक्त लगेगा।'

कोटला से छिन सकता है व‌र्ल्ड कप मैच

नई दिल्ली, भारत और श्रीलंका के बीच रविवार को खतरनाक पिच के चलते रद हुए पांचवें वनडे मैच से बीसीसीआई और डीडीसीए को करोड़ों रुपये की चपत लगी है। विज्ञापन और टीवी राइट्स के जरिए आयोजकों को एक वनडे मैच से करीब चार से पांच करोड़ रुपये की आमदनी होती है। अब प्रायोजक इस मैच का पैसा तो वापस लेंगे ही साथ ही मेजबानों को दर्शकों का भी पैसा लौटाना पड़ेगा। सबसे बड़ा खतरा यह है कि कहीं कोटला पर आईसीसी एक या दो सालों का प्रतिबंध न लगा दे, जैसा इंदौर के साथ हुआ था। इंदौर में तीन ओवर के बाद रद हुए मैच के बाद उस पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगा था। डीडीसीए पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित करेगा। सरकार की तरफ से नामित विभाकर शास्त्री ने कहा कि समिति सप्ताह भीतर रिपोर्ट देगी। अगर सोमवार को प्रतिबंध की घोषणा होती है तो डीडीसीए, बीसीसीआई और आईसीसी को घोर संकट का सामना करना पड़ेगा क्योंकि 2011 में एशियाई उपमहाद्वीप में विश्व कप मैचों का आयोजन होना है। प्रतिबंध की प्रक्रिया में हालांकि एक सप्ताह या उससे अधिक का समय लग सकता है। ऐसी स्थिति में यह पूरा मामला पहले आईसीसी की तकनीकी समिति के पास जाएगा। चूंकि कोटला भी अगले विश्व कप के मैचों की मेजबानी करेगा, इसलिए प्रतिबंध के बाद उसे मेजबानी से हाथ धोना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में बीसीसीआई को यहां होने वाले मैचों के लिए कोई नया सेंटर ढूंढ़ना पडे़गा। यह दिक्कत आईसीसी को भी झेलनी पड़ेगी। उन्हें भी अपने कार्यक्र म में फेरबदल करना पड़ेगा। इस समस्या से बचने के लिए आईसीसी हो सकता है कि इस सेंटर को अधिकतम एक साल के लिए प्रतिबंधित करे अथवा कड़ा आर्थिक जुर्माना लगाकर छोड़ दे। बहरहाल मामला बहुत गंभीर है, आईसीसी इसे कतई हल्के रूप में नहीं लेगी। डीडीसीए के अध्यक्ष अरुण जेटली ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी थी, लेकिन इस मामले में बोर्ड की भी जिम्मेदारी बनती है क्योंकि उन्होंने भी पिच के लिए अपना विशेषज्ञ भेजा था। दर्शकों और अन्य को जो असुविधा हुई उसके लिए डीडीसीए को खेद है। हम उनसे माफी मांगते हैं। सभी गेट टिकट का पैसा लौटाया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत घोषणा जल्द होगी। जेटली ने आश्वासन दिया कि अगली बार इस तरह की पुनरावृत्ति न हो इसलिए हम पिच के लिए क्वालीफाइड एवं उच्च तकनीकी जानकार से राय लेने के बाद ही पिच का निर्माण करवाएंगे। हम इस मामले में किसी पर दोषारोपण करने के बजाय इसे सुलझाने का प्रयास करेंगे। चेतन चौहान ने कहा कि वह इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं लेकिन केवल राज्य संघ को ही दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2009

Sports not ‘healthy’ for girls?

Sexual exploitation of women athletes is rampant
December 24
One major gray area of Indian sports has been the exploitation and sexual harassment of girl and women athletes. Conviction of former Director-General of Police SPS Rathore in the Ruchika molestation case is only a symbolic revelation of a deeper malaise that has been continuously tormenting women in sports.
Only in July this year, the manager of Indian women’s T20 cricket team, Chamundeswarnath, hawked newspaper headlines after several women players complained against sexual harassment and nepotism by him. Besides, they also accused him of sending lewd SMSs. The Andhra Pradesh government ordered an inquiry after a police case was registered against him on the complaint of a woman cricketer.
Intriguingly, a minute percentage of total cases of exploitation and sexual harassment of girl and women athletes are reported to the police or highlighted in the media as the victims and their parents prefer to quit the sports scene to avoid “public disgrace”. Some years ago a male swimming coach was accused of under water sexual misconduct with girl trainees. But the case was hushed up after his transfer.
It is one reason that many parents do not want their daughters to take to competitive sports. The problem is not only confined to India but is prevalent world over as even the International Olympic Committee had in February 2007 adopted a consensus position statement on sexual harassment and abuse in sport. The statement was prepared by a group of experts at a seminar in Lausanne, the headquarters of the IOC, at a seminar a year earlier.
The statement not only defines the problems but also identifies the risk factors and provides guidelines for prevention and resolution. In spite of rigorous guidelines and instructions issued from time to time, male coaches, managers and other male officials continue to accompany girls and women teams for tournaments and competitions. Indian women’s’ T20 cricket team has been the glaring example.
Even if one takes a wide look at the sports management infrastructure in the country, it is essentially a male bastion. Even games and sports that primarily have dominant women participation, management, including coaching, remain in the male domain. Most of these sports managers are either bureaucrats or politicians who refuse to leave the sports bodies alone even after several terms of three to five years each in office.
At times, cases of exploitation of school and college girls or junior team officials get highlighted in the media। But subsequent pressures from the powerful sports managers force the complainants to withdraw. For example, cases of girl and women swimmers, tennis and badminton players from the northern region being sexually harassed, never progressed beyond the complaint. Naturally, exploitation is more in individual sports than team games. And Ruchika unfortunately wanted to be tennis player, again an individual event.

गुरुवार, 24 दिसंबर 2009

खेल पर और खर्च फिर भी नाक कटेगी

नई दिल्ली सरकार के खजाने पर नये बोझ की तैयारी और उसके बाद भी नाक कटने की नौबत! कॉमनवेल्थ खेल का यह ताजा सूरते हाल है। अंतरराष्ट्रीय कॉमनवेल्थ समन्वय आयोग इस दो टूक नतीजे पर पहुंचा है कि तैयारियों के लिए संसाधन जुटाने के दावे बिखर रहे हैं और खेलों से जुड़ी तकनीकी तैयारियां गंभीर जोखिम में है। यानी खेलों की तैयारियों को लेकर केंद्र के खजाने पर बोझ बढ़ने वाला है। जबकि इसके सबके बावजूद तकनीकी तैयारियों में देरी स्पर्धाओं के दौरान मुल्क को शर्मिदा कर सकती है। मेजबान राज्य की मुख्यमंत्री होने के नाते शीला दीक्षित का बेचैन होना लाजिमी है मगर अफसोस! यह रिपोर्ट उन्हें और नर्वस करेगी। इस रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार में भी चिंताओं का पारा ऊंचा होना चाहिए। सुरेश कलमाड़ी के नेतृत्व वाली आयोजन समिति के दावों की हकीकत परखते हुए कॉमनवेल्थ खेल संघ इस नतीजे पर पहुंचा है कि तैयारियों में बहुआयामी समस्यायें और जबर्दस्त जोखिम हैं। कई अहम पहलुओं पर रिपोर्ट में जो सूरते-हाल सामने आई उसे देखकर प्रतिभागी देश बिदक सकते हैं। कॉमनवेल्थ समन्वय आयोग की ताजी समीक्षा रिपोर्ट तैयारियों के बुरी तरह बदहाल होने की अंतरराष्ट्रीय पुष्टि है। स्टेडियमों के निर्माण से लेकर वित्तीय इंतजाम और टाइम स्कोरिंग जैसी उच्च तकनीकी प्रणालियों तक हर मोर्चे पर आयोजन के इंतजामकर्ता बुरी तरह असफल हैं। वित्तीय चुनौती : वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को इन खेलों में देश की नाक बचाने के लिए और पैसा देने की तैयारी शुरु देनी चाहिए। समन्वय आयोग से चर्चा में आयोजन समिति ने साफ कहा है कि उसका हिसाब किताब बदहाल हो रहा है। रिपोर्ट नोट करती है कि समिति खेलों के लिए संसाधनों को लेकर केंद्र पर निर्भर है। प्रायोजकों को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। आयोजन समिति के पास खेलों पर खर्च का स्पष्ट आकलन तक नहीं है न ही कैश पूलो का हिसाब-किताब है। रिपोर्ट कई अहम पहलुओं पर खर्च बढ़ने की आशंकाओं को भी रेखांकित करती है। और तकनीक भी : तकनीक खेलों में हर स्तर पर सेवाओं से जुड़ी है। यह गहरे जोखिम का क्षेत्र है और आयोजन समिति के पास तकनीकी क्षमता नहीं है। किसी मेजबान देश के लिए यह बहुत तीखी टिप्पणी है। यानी स्पर्धाओं के दौरान तकनीकी खामियों के कारण आयोजन समिति धावक या तैराक से कहना पड़ सकता है .. कृपया एक बार फिर। समन्वय आयोग की रिपोर्ट इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा मुखर और दो टूक है। इन तैयारियों पर आयोजन समिति का इतिहास भयानक चूक से भरा है और समन्वय आयोग मान रहा है कि इसमें अब खर्च भी ऊपर जा सकता है।

शुक्रवार, 27 नवंबर 2009

भारत ने लगाई टेस्‍ट मैचों की सेंचुरी

कानपुर, शुक्रवार, 27 नवम्बर 2009
भारत-श्रीलंका के बीच पहला टेस्‍ट ड्रॉकानपुर टेस्‍ट मैच पर कब्‍जा जमाकर भारत ने टेस्‍ट मैचों में अपनी 100वीं जीत दर्ज की. भारत ने श्रीलंका को एक पारी और 144 रनों से मात दी है. रनों के लिहाज से यह भारत की अब तक की तीसरी सबसे बड़ी जीत है. 1932 से टेस्‍ट मैच खेलने वाली टीम इंडिया ने अपनी पहली जीत 1952 में इं‍ग्‍लैंड को हराकर हासिल की थी. पहली पारी में पांच विकेट लेने वाले श्रीशंत मैन ऑफ द मैच चुने गए.

अंतिम विकेट प्रज्ञान ओझा के खाते में गया. इस पारी में ओझा को दो विकेट मिले हैं. श्रीलंकाई टीम का अंतिम विकेट वेलेगेदरा के रुप में गिरा. इससे पहले युवराज सिंह ने श्रीलंका को नौवां झटका मेंडिस के रूप में दिया था. मेंडिस 27 रन बनाकर युवराज के गेंद का शिकार हुए. इससे पहले मुरलीधरन 29 रन बनाकर आउट हुए. मुरलीधरन 11 गेंद में दो छक्‍का और तीन चौके की मदद से 29 रन बनाकर प्रज्ञान ओझा की गेंद पर बोल्‍ड हुए.

भज्‍जी ने हीरेथ को 13 रन के व्‍यक्‍तिगत स्‍कोर पर एलबीडब्‍ल्‍यू आउट किया. इससे पहले हरभजन ने ही प्रसन्‍ना जयवर्धने को 29 रन पर बोल्‍ड कर छठा विकेट लिया था. मुरलीधरन के आउट होने के बाद मेंडिस क्रीज पर समरवीरा का साथ देने आए हैं. श्रीलंका को पांचवां झटका जहीर खान ने दिया. जहीर ने मैथ्‍यूज को 15 रन पर द्रविड़ के हाथों कैच आउट कराया.

भारत-श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्‍ट के तीसरे दिन खेल की समाप्ति तक मेहमान टीम भारी दबाव में आ गई थी. तीसरे दिन खेल खत्‍म होने तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में 4 विकेट खोकर 57 रन बनाए थे. समरवीरा 1 रन और मैथ्‍यूज 2 रन बनाकर नाबाद थे. श्रीलंका ने दूसरी पारी में अपना पहला विकेट जल्‍द ही खो दिया. दिलशान महज 11 रन बनाने के बाद श्रीसंत के शिकार बने. मेहमान टीम का दूसरा विकेट परानाविताना के रूप में गिरा. वे 20 रन जोड़कर वीरेंद्र सहवाग की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए.

श्रीलंकाई टीम का तीसरा विकेट महेला जयवर्द्धने के रूप में गिरा. जयवर्द्धने 10 रन बनाकर रन आउट हो गए. चौथा झटका हरभजन सिंह ने दिया. कुमार संगकारा 11 रन बनाकर भज्‍जी की गेंद पर बोल्‍ड हो गए.

इससे पहले श्रीलंका की पहली पारी 229 रन पर सिमट गई. श्रीलंका की ओर से महेला जयवर्धने ने 47 रन सर्वाधिक बनाए, वहीं टीम इंडिया में लौटे श्रीसंत ने 75 रन देकर 5 विकेट चटकाए.

टीमें-
भारत: महेन्द्र सिंह धोनी (कप्तान), राहुल द्रविड़, गौतम गम्भीर, वीरेन्द्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, हरभजन सिंह, जहीर खान, वीवीएस लक्ष्मण, युवराज सिंह, प्रज्ञान ओझा और एस. श्रीसंत.

श्रीलंका: कुमार संगकारा (कप्तान), तिलकरत्ने दिलशान, तरंगा परनाविताना, माहेला जयवर्धने, तिलन समरवीरा, एजेंलो मैथ्यूज, प्रसन्ना जयवर्धने, अजंता मेंडिस, रंगना हेराथ, मुथया मुरलीधरन और चानका वेलेगेदरा.

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