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शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2009

नेत्रहीन भी पढ़ सकेंगे श्री गुरुग्रंथ साहिब


अब नेत्रहीन भी श्री गुरुग्रंथ साहिब पढ़कर मन में आध्यात्मिकता का दीप जला पाएंगे। दृष्टिहीनों में अध्यात्म की लौ जलाने का यह सराहनीय प्रयास खुद एक नेत्रहीन कर रहे हैं। स्माल पाक्स के कारण महज आठ वर्ष में आंखें गंवाने वाले इस शख्स ने इन धार्मिक पुस्तकों की प्रूफ रीडिंग भी खुद की है। अब वह ब्रेल लिपि में श्री गुरुग्रंथ साहिब के प्रकाशन की तैयारी कर रहे हैं। 69 वर्षीय भाई गुरमेज सिंह ने अब तक श्री सुखमणि साहिब, श्री गुरू तेगबहादुर की बाणी, श्री गुरू अमरदास की बाणी, नित नेम, आसा दी वार एवं भगतों की बाणी को ब्रेल लिपि में प्रकाशित करवाकर दृष्टिहीनों को नायाब तोहफा दिया है। अब ब्रेल लिपि में श्री गुरुग्रंथ साहिब के प्रकाशन की तैयारी में जुट गए हैं। इसमें खासा वक्त लगेगा इसलिए उन्होंने ब्रेल प्रेस स्थापित करने की योजना बनाई है। अमेरिका व स्विट्जरलैंड में ही ब्रेल प्रिंटिग मशीन मिलती है। इस पर कुल एक करोड़ खर्च होगा। उन्होंने बताया कि उनका जन्म वजीतपुर (नवांशहर) में 1940 में हुआ। 8 साल की उम्र में स्माल पाक्स के कारण वह अपनी आंखें गंवा बैठे। उस वक्त लखाड़ा (जालंधर) के भाई दिल सिंह जी मशहूर गवैया थे। वह भी नेत्रहीन थे। मेरे पिताजी परसा सिंह मुझे लेकर उनसे मिले और मुझे उनसे ही प्रेरणा मिली। फिर पिताजी ने मुझे अमृतसर यतीम खाना भेज दिया। 18 वर्ष तक यहां शिक्षा के अलावा संगीत की तालीम मिली। फिर कीर्तन के लिए वेरका स्थित नानकसर गुरुद्वारा में ड्यूटी लगाई गई। चीफ खालसा दीवान के डा. संत सिंह की आज्ञा पर देहरादून स्थित गुरुद्वारे में कीर्तन के लिए चला गया। 1965 में अयोध्या की बलबीर कौर से शादी हुई। 1969 में गुरु नानक देव जी का 500 साला पर्व मनाया जा रहा था। उस दौरान पहली बार गुरबाणी छपवाने के लिए हमने प्रयास किया। उस वक्त एकमात्र सरकारी ब्रेल प्रेस था। इसके लिए हमें केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी पड़ी। पहली बार ब्रेल लिपि में गुरबाणी प्रकाशित हुई। 1971 में श्री दरबार साहिब में सेवा का मौका मिला। कई बार रागी जत्थे लेकर विदेश भी गए। बिन भागां सत्संग ना लभै समेत 12 धार्मिक शब्दों में अपना सुर दिया। भाई वीर सिंह की 50वीं बरसी पर उनकी कविताओं के संकलन पर भी आडियो-वीडियो सीडी जारी हुई। एसजीपीसी द्वारा शिरोमणि रागी अवार्ड व उजागर सिंह सेखवां अवार्ड के अलावा पंजाब भाषा विभाग भी उन्हें सम्मानित कर चुका है।

हम दोनों ने अपने पिता खोए, उनके सपने नहीं


शहीद इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार के बच्चों से मिलकर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी का अपना गम भी छलक पड़ा। ढाढ़स बंधाते हुए कहा-मैं तुम्हारा दर्द समझता हूं। मैंने भी यह दर्द झेला है। एक आत्मघाती हमले में अपना पिता खोया है। झारखंड दौरे के दूसरे दिन गुरुवार को राहुल गांधी रांची में फ्रासिंस इंदवार के घर जा पहुंचे। नक्सलियों ने तालिबान की तरह क्रूरता दिखाते हुए अपहरण के बाद छह अक्टूबर को फ्रांसिस इंदवार का सिर कलम कर दिया था। राहुल करीब 15 मिनट तक फ्रांसिस के घर रुके। इस दौरान उनकी पत्‍‌नी सुनीता इंदवार और तीनों बच्चों से मुलाकात की। बच्चे कक्षा पांच, छह और सात में पढ़ते हैं। अभिषेक से मु्रखातिब राहुल ने कहा-हम दोनों ने पिता खोया। लेकिन उनके सपने नहीं। अभिषेक ने भी उसी तर्ज में जवाब दिया-मैं भी पिता की तरह पुलिस में जाकर उग्रवादियों से मोर्चा लूंगा। राहुल ने बच्चों से कहा, पढ़ाई जारी रखो। पढ़ाई, पढ़ाई और पढ़ाई। अपना लक्ष्य तय करो कि समाज को दिशा दे सकने वाला इंसान बनो। राहुल ने सुनीता इंदवार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सुनीता ने बताया कि उनके पति को छह महीने से वेतन भी नहीं मिल रहा था। उनका अपहरण हुआ तो डीजीपी से लेकर सारे अधिकारियों से मिलीं,लेकिन कुछ नहीं हो सका। राहुल ने शासन-प्रशासन द्वारा दी गई सहायता की भी जानकारी ली। सुनीता ने बताया कि राज्यपाल ने नौकरी दी, बच्चों के नाम किसान विकास पत्र दिया है। अन्य राशि के भुगतान का आदेश दिया है। राहुल ने फिर पूछा, यहां उग्रवाद क्यों है। कैसे खत्म होगा यह। सुनीता ने कहा, समाज के अंतिम व्यक्ति तक राशन व अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंच जाए तो यह खुद मिट जाएगा। रांची में पत्रकारों से बात करते हुए काग्रेस महासचिव ने कहा- कुछ हिस्सों को छोड़ कर, पूरे भारत की स्थिति अच्छी है। झारखंड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सरकारें लोगों तक नहीं पहुंच पाई हैं। इसलिए यहां नक्सल समस्या सबसे ज्यादा है। वैसे, यह समस्या सिर्फ यहीं नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में है। राहुल गांधी ने कहा कि जिन राज्यों की सरकारें जनता तक नहीं पहुंच पाई, वहां विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हुई और नक्सली समस्या बढ़ीं। इससे निपटने के लिए राज्य सरकारों को लोगों के बीच जाकर बातचीत करनी चाहिए। उन्हांने कहा, देश में दो हिंदुस्तान है। एक गांवों में रहने वाले गरीबों का, जिनके पास अवसर नहीं और दूसरा अमीरों का, जिनके पास अवसर ही अवसर हैं। हमारी कोशिश इन दोनों को जोड़ने की होनी चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है, यह भी देश के अन्य राज्यों की तरह भारतीय राज्य है। यहां पर भी युवा कांग्रेस का चुनाव उसी तरह होगा जैसे अन्य राज्यों में किया जा रहा है। नरेगा से संबंधित सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां यह नरेगा योजना काफी सफल हो रही है, किंतु गैर कांग्रेसी राज्यों की सरकार इसे ठीक ढंग से लागू नहीं कर रहीं। यूपी सरकार ने तो नरेगा को बेकार योजना कहकर लागू करने से मना कर दिया। केंद्र का काम है, योजना बनाना और पैसा देना। बाकी काम राज्य सरकारों का करना है।

भारतीय रेल जल्द ही शुरू करेगी टेलीविजन चैनल

नई दिल्ली, एजेंसी : यात्रा संबंधी सूचनाओं के प्रसारण के लिए भारतीय रेल के पास जल्द ही अपना टेलीविजन चैनल होगा। पर इसके लिए अभी आपको थोड़ा इंतजार करना होगा क्योंकि इस संबंध में रेल समिति से मंजूरी मिलनी बाकी है। रेलवे यात्री सुविधा समिति ने लोकसभा और राज्यसभा चैनल की तरह ही इसे चलाने की सिफारिश की है जो भारतीय रेल के विभिन्न पहलुओं पर कार्यक्रम बनाएगी। सिफारिश में कहा गया है कि देश में पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने में भी चैनल को एक माध्यम के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए। समिति ने पर्यटन विभाग और टूर आपरेटर्स के साथ मिलकर कार्यक्रम बनाने की बात कही है। इस संबंध में फिलहाल रेलवे बोर्ड द्वारा अध्ययन किया जा रहा है। छह सदस्यीय समिति ने हाल ही में कोलकाता में एक बैठक कर रेलवे को पानी के अपने ब्रांड रेल नीर का दाम 12 रुपये से घटाने का भी सुझाव दिया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच हो सके। इसमें कहा गया है कि इसे बनाने और विवरण पर खर्च किए गए पैसे पर पांच से दस फीसदी से अधिक दाम नहीं लिया जाना चाहिए। समिति ने पानी की बोतल का दाम पांच से सात रुपये के बीच करने को कहा है।

दीपावली की धूम : धनतेरस पर खूब हुई खरीदारी


धन की लक्ष्मी के स्वागत में बृहस्पतिवार को धनतेरस के शुभ अवसर पर बाजारों में खूब रौनक रही। सोने-चांदी के गहने से लेकर बर्तन और खील-बताशे तक की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। देर रात तक सड़कों पर जगह-जगह जाम लगा रहा। कोलॉज जागरण

पाक में ताबड़तोड़ हमले


इस्लामाबाद, एजेंसियां : आतंकियों को पालने-पोसने वाले पाकिस्तानी हुक्मरान को वीरवार को एक बार फिर इसका नतीजा भुगतना पड़ा। तालिबान आतंकियों ने लाहौर में एक साथ तीन सरकारी इमारतों पर धावा बोला। उन्होंने संघीय जांच एजेंसी एफआईए के दफ्तर और दो पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों को एक साथ निशाना बनाया। पश्चिमोत्तर प्रांत में कोहाट में भी एक आत्मघाती हमला हुआ। बाद में एक जबरदस्त धमाका कर आतंकियों ने पेशावर को भी दहला दिया। इन हमलों में 13 सुरक्षाकर्मियों सहित 40 से भी ज्यादा लोग मारे गए, जबकि करीब चार दर्जन लोग जख्मी हो गए। ये हमले दक्षिणी वजीरिस्तान में आतंकियों के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य अभियान से ऐन पहले हुए हैं। एक साथ तीन निशाने : तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकियों ने पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में सुबह-सुबह ही हमला बोल दिया। आतंकियों के तीन समूहों ने सवेरे करीब सवा नौ बजे लाहौर स्थित एफआईए दफ्तर और दो पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों पर एक साथ हमला बोलकर सरकार को सकते में डाल दिया। कड़ी मशक्कत के बाद इन जगहों को आतंकियों से मुक्त कराया जा सका। इस दौरान 13 सुरक्षाकर्मी और पांच नागरिकों की मौत हो गई। दस हमलावर भी या तो मार गिराए गए या फिर उन्होंने खुद को उड़ा लिया। कोहाट में आत्मघाती हमला : पश्चिमोत्तर स्थित कोहाट में भी आतंकियों ने पुलिस को निशाना बनाया। यहां सुबह करीब पौने नौ बजे आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदा अपना वाहन एक थाने में घुसा कर उड़ा दिया। इस हमले में थाने का भवन तो तबाह हो ही गया, 11 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में तीन पुलिसवाले और कई स्कूली बच्चे भी थे। पेशावर में भी धमाका : दोपहर बाद पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत की राजधानी पेशावर में भी आतंकियों ने एक जबरदस्त धमाका कर एक बच्चे की जान ले ली और दर्जन भर से भी ज्यादा लोगों को घायल कर दिया। आतंकियों ने सरकारी कर्मचारियों की कालोनी में विस्फोट लदी कार में रिमोट के जरिये विस्फोट करा कर यह घटना अंजाम दिया। विस्फोट पश्चिमोत्तर प्रांत के मुख्यमंत्री अमीर हैदर खान के ड्राइवर के घर के बाहर किया गया। पेशावर में सप्ताह पहले ही एक बाजार में आत्मघाती ने खुद को उड़ा लिया था, जिसमें 52 लोग मारे गए थे। पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत में खराब कानून-व्यवस्था के मद्देनजर पेशावर में होने वाले राष्ट्रीय खेल भी स्थगित कर दिए गए हैं। यह आयोजन अगले महीने 15-21 तारीख तक प्रस्तावित था।

न्याय नहीं मिलने से निराश मां-बेटे ने की आत्महत्या

जींद( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)-
बेटे की हत्या के मामले में न्याय न मिलने से निराश मा-बेटे ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। महिला के पति ने इस घटना के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। मामला हरियाणा के जींद का है।

जींद की कृष्णा कालोनी निवासी रामदिया की पत्नी दयावंती, उसके बेटे संदीप ने अपने घर में जहर खा लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। घटना के समय रामदिया पशुओं को चारा डालने गया हुआ था। जब रामदिया लौटा तो दोनों की हालत और खराब हो चुकी थी। दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।

बताया जाता है कि निजी स्कूल में पढ़ाने वाला रामदिया का बेटा मनजीत कुंडू 28 जनवरी 2009 को संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। उसका शव पांच दिन बाद रजवाहे में मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की थी। रामदिया ने न्याय न मिलने पर जिला प्रशासन और पुलिस को कसूरवार ठहराया है। बेटे का अपहरण करके हत्या कर दी गई। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कई बार धरने, प्रदर्शन किए, लेकिन प्रशासन ने किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।

रोके नहीं रुक रहीं नकली दूध-घी की नदियां


दीवाली पर पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और उत्तर प्रदेश में नकली दूध-घी और खोये का जमकर कारोबार हो रहा है। इन राज्यों में पिछले एक सप्ताह में टनों मिलावटी खोया, नकली दूध और घटिया वनस्पति घी, देसी घी के साथ-साथ बासी मिठाई जब्त की गई है। हिमाचल में नकली मिठाई के कारखाने पकड़े गए तो पंजाब में कोल्ड स्टोर में रखी गईं मिठाइयां। हरियाणा और उत्तर प्रदेश में नकली दूध, घी और खोया बनाने के ठिकानों पर मारे गए छापों से पता चला कि यह गंदा धंधा कुटीर उघोग के रूप में भी बेरोक-टोक फल-फूल रहा है और बड़े कारोबार के रूप में भी। उत्तर प्रदेश में खुद सरकारी आंकड़ों के अनुसार मिलावटखोरों के यहां अभी तक 297 छापे मारे गए, जिनमें 80900 लीटर नकली तेल एवं वनस्पति घी, 3264 किलो नकली देसी घी, 1517 किलो नकली खोया तथा 5000 लीटर से अधिक नकली दूध एवं उससे निर्मित खाद्य सामग्री पकड़ी गई। गाजियाबाद में नकली खोये में चर्बी और मोबिल आयल के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है। खास बात यह है कि खुद दुग्ध मंत्री के जिले एटा में 1300 लीटर सिंथेटिक दूध, दो क्विंटल मावा, दो क्विंटल नकली घी बरामद हुई। छापेमारी की सबसे बड़ी कार्रवाई कासगंज में हुई। यहां दो गोदामों पर छापा मारा गया, जिनमें घी में मिलाया जाने वाला वनस्पति घी, एसेंस और नकली देसी घी से भरे पीपे रखे थे। एडीएम ने बताया कि राजीव गुप्ता व अजय गुप्ता जिन्हें केवल एक मार्का से घी की ट्रेडिंग का अधिकार है वे 25 अलग-अलग ब्रांड के घी सप्लाई कर रहे थे। एक अन्य स्थान पर छापे के वक्त रिफाइंड, यूरिया, समुद्रफेन, हाइड्रोजन, सोडाबाईकार्बाेनेट एवं डायक्रोरवास नामक कीटनाशक दवा के जरिये नकली मावा तैयार किया जा रहा था। पंजाब के नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, अमृतसर में तो कारोबारियों ने टनों नकली खोया, बनी हुई मिठाई, पनीर आदि को कोल्ड स्टोरेज में जमा कर रखा था। प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई कर माल जब्त कर लिया। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक गांव में छापा मार कर 22 क्विंटल नकली मिल्क केक जब्त कर लिया। पानीपत में भी कई स्थानों पर सैंपल भरे गए हैं। हिमाचल के ऊना और धुमारवीं आदि स्थानों पर मिठाई के कारखानों में छापे मार कर नकली और दूषित मिठाई को जब्त कर लिया।

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2009

दुनिया में गर्भपात की संख्या घटी




अमरीकी शोधकर्ताओं की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले एक दशक में दुनिया भर में गर्भपातों की संख्या में कमी आई है.

शोध में कहा गया कि जिन देशों में गर्भपात पर प्रतिबंध है, उन देशों में असुरक्षित गर्भपात की संख्या में अभी भी कमी नहीं आई है.

अमरीका संस्था गटमाकर इंस्टिट्यूट के विशेषज्ञों ने इस शोध के लिए अधिकृत आँकड़ों का विश्लेषण किया और ऐसे आँकड़ों का अध्ययन किया, जिसमें उन समस्याओं का ज़िक्र किया गया था, जिनकी वजह अवैध रुप से किए गए गर्भपात हो सकती हैं.

शोधकर्ताओं का कहना है कि शोधकर्ताओं ने पाया कि 1990 के दशक के मध्य के बाद से दुनिया भर में गर्भपातों की संख्या साढ़े चार करोड़ से घटकर चार करोड़ 10 लाख हो गई है.

उनका कहना है कि इसकी वजह गर्भनिरोधकों का प्रयोग बढ़ना हो सकता है. ख़ासकर पूर्वी यूरोप और अफ़्रीका में.

लेकिन उनका कहना है कि अभी भी असुरक्षित गर्भपात से हर साल 70 हज़ार मौतें हो जाती हैं.

इंस्टिट्यूट के प्रमुख डॉ शेरोन कैंप का कहना है कि गर्भनिरोधकों तक लोगों की पहुँच और गर्भपात की सुविधा को बढ़ाए जाने की ज़रुरत है.

इस शोध में बताया गया है कि किस तरह से 19 देशों ने गर्भपात के क़ानूनों में छूट दी है और तीन ने क़ानून को सख़्त बनाया है.

पोलैंड, अल सल्वाडोर और निकारागुआ में गर्भपात क़ानून सख़्त किए गए हैं और इन देशों में गर्भवती महिलाओं की मौत और नवयुवती की आत्महत्या की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है.

ब्रिटेन नें भ्रूण का सम्मान करने की वकालत करने वाली एक संस्था 'कमेंट ऑन रिप्रोडक्टिव एथिक्स' का कहना है कि गर्भपात कोई हल नहीं है और यह महिलाओं को आज़ादी नहीं देता.


भारत में प्रकाश पर्व दीवाली की तैयारी ज़ोर-शोर से चल रही है. इस अवसर पर दुकानों और बाज़ारों में चहल पहल तेज़ हो गई है.

वोटिंग में सिरसा टॉपर


( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)-


हरियाणा में 12वीं विधानसभा के चुनाव के लिए हुए मतदान में कुल 72.71 प्रतिशत मतदान रिकार्ड किया गया जबकि 1967 में सर्वाधिक मतदान 72.65 प्रतिशत था तथा 2005 में हुए आम चुनावों में मतदान 71.96 प्रतिशत था। सिरसा जिला के मतदाताओं ने इस बार जमकर मतदान में हिस्सा लिया। राज्य की चार सर्वाधिक मतदान वाली सीटें सिरसा जिला की हैं। प्रदेश के 90 विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक मतदान मंडी डबलाली में 87.25 प्रतिशत हुआ है। इस सीट पर इनेलो के प्रधान महासचिव अजय सिंह चौटाला और कांग्रेस के केवी सिंह के बीच मुकाबला है। दूसरे नंबर पर रानियां और तीसरे नंबर पर ऐलनाबाद सीट है। रानियां में 86.99 फीसदी और ऐलहनाबाद में 86.27 फीसदी मतदान हुआ है। रानियां में कांग्रेस के प्रत्याशी रणजीत सिंह (चौटाला के भाई) का मुकाबला इनेलो के कृष्ण कांबोज से है। इसी प्रकार ऐलनाबाद सीट पर इनेलो प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला का मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी भरत सिंह बेनीवाल से है। चौथे नंबर पर कालांवाली सीट है जहां 83.52 मतदान हुआ है। यहां इनेलो के समर्थन से अकाली दल प्रत्याशी चरणजीत सिंह चन्नी का मुकाबला कांग्रेस के प्रत्याशी सुशील इंदौरा से है। वैसे उचाना सीट पर जहां से ओम प्रकाश चौटाला का मुकाबला बीरेंद्र सिंह से है, पर भी मतदान का रिकार्ड बना है। यहां पर 83.31 प्रतिशत मतदान हुआ है। सिरसा जिला की केवल सिरसा सीट पर 76.99 प्रतिशत मतदान हुआ है। हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई के चुनाव क्षेत्र आदमपुर में भी 81.15 प्रतिशत मतदान रहा। नारायणगढ़ में 82.82 प्रतिशत, सढ़ौरा में 81.16 प्रतिशत,लाडवा में 81.55 प्रतिशत, पुंडरी में 83.16 प्रतिशत और टोहाना में 81.91 प्रतिशत मतदान रहा। उधर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चुनाव क्षेत्र गढ़ी सांपला में 69.54 प्रतिशत,बिजली मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला के चुनाव क्षेत्र कैथल में 77.41 प्रतिशत,विधानसभा स्पीकर डा.रघुबीर सिंह कादियान के चुनाव क्षेत्र बेरी में 70.32 प्रतिशत,सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय सिंह के चुनाव क्षेत्र रेवाड़ी में 73.35 प्रतिशत और खेल मंत्री किरण चौधरी के चुनाव क्षेत्र तोशाम में 68.94 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान गुड़गांव सीट पर 54.25 प्रतिशत रहा। राज्य में अब तक का सर्वाधिक मतदान 1967 में 72.65 प्रतिशत रिकार्ड किया गया था जबकि 1987 में 71.24 प्रतिशत, 1996 में 70.54 प्रतिशत और 1972 में 70.46 प्रतिशत मतदान रिकार्ड किया गया। इसी तरह 1968 के आम चुनावों में राज्य में 57.26 प्रतिशत न्यूनतम मतदान हुआ। जबकि वर्ष 1977 में 64.46 प्रतिशत, 1991 में 65.86 प्रतिशत, 2000 में 69.01 प्रतिशत और 1982 में 69.87 प्रतिशत मतदान रिकार्ड किया गया।

झींडा व छह साथी गुरु मर्यादा हनन के दोषी

अमृतसर( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)-
: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहाक) के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा व उनके छह साथी कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारे की मर्यादा भंग करने के दोषी करार दिए गए हंै। श्री अकाल तख्त साहिब ने झींडा व उसके साथियों पर पंद्रह नवंबर के बाद पांच सिंह साहिबान की होने वाली बैठक तक फैसला सुरक्षित रख लिया है। श्री अकाल तख्त साहिब के इतिहास में पहली बार है कि धार्मिक दोषी तय करने के बावजूद पांच सिंह साहिबान ने मामला सुरक्षित रख लिया हो। श्री अकाल तख्त साहिब में दोषी पाए जाने के बाद तत्काल धार्मिक सजा का प्रावधान है। झींडा ने सिंह साहिबान द्वारा दिए गए फैसले को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्हें जो भी धार्मिक सजा लगाई जाएगी, वह स्वीकार करेंगे। लेकिन हरियाणा कमेटी की मांग पर वह डटे हुए हंै। झींडा व उसके साथियों के साथ हरियाणा से भारी संख्या में संगत भी आई हुई थी। टास्क फोर्स के कर्मचारी मानव श्रृंखला बनाकर पूरी परिक्रमा में तैनात थे। झींडा व उनके छह साथियों को इसी परिक्रमा से होते हुए श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में पहुंचना पड़ा। हरियाणा से आई संगत ने इसका विरोध किया। छठे गुरु श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी से संबंधित कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारे में झींडा व उसके साथियों ने 13 सितंबर को कब्जा करने का प्रयास किया था। गुरु मर्यादा भंग करने के आरोप में श्री अकाल तख्त साहिब ने झींडा व उसके साथियों को श्री अकाल तख्त साहिब में तलब किया था। इस मामले की सुनवाई दो अक्टूबर को हुई थी। जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। श्री अकाल तख्त साहिब ने इस मामले की जांच करवाई। बुधवार को पांच सिंह साहिबान की बैठक में जांच के निष्कर्ष को रखा गया। पांच सिंह साहिबान तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह, तख्त श्री केस गढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी तरलोचन सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी बलवंत सिंह नंदगढ़ व हजूर साहिब के उप जत्थेदार ज्ञानी जतिंदर सिंह ने रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के बाद झींडा व उनके छह साथियों को दोषी पाया। जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने पत्रकारों को बताया कि एसजीपीसी सदस्य झींडा, उसके साथी अवतार सिंह चक्कू, कंवलजीत सिंह अजराना, जोगा सिंह यमुनानगर व हजूर सिंह नंबरदार ने 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में कब्जा कर सिख मर्यादाओं की घोर अवमानना की है। इन सभी को पंद्रह नवंबर के बाद आयोजित होने वाली पांच सिंह साहिबान की बैठक में धार्मिक दंड दिया जाएगा। ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया कि एसजीपीसी का विभाजन कभी नहीं होने दिया जाएगा। अलग एसजीपीसी की मांग बेबुनियाद है। हरियाणा की कांग्रेस सरकार सिखों के धार्मिक मामलों में दखल न दें। शिरोमणि कमेटी हरियाणा के सिखों की सभी धार्मिक व सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा कर रही है। ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी के नाम की जायदाद किसी को बेचने का अधिकार नहीं है। कोलकाता में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के नाम के एक अस्थान को नानकसर कलेरा वालों को बेच दिया गया है। इस संदर्भ में कलेरावालों को निर्देश दिए गए है कि वहां पर संगत के लिए गुरुद्वारे का ही निर्माण किया जाए। श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जसविंदर सिंह के विरुद्ध प्राप्त हुई शिकायत के बारे में उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है। उसके बाद ही कोई निर्णय किया जाएगा।

पीओके में पैर रखने से बाज आए चीन


नई दिल्ली( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर चीन की चिकचिक से चिढ़े भारत ने बुधवार को मौका पाते ही जोरदार पलटवार किया। वह भी उसी की जुबान में। गुलाम कश्मीर में कारोबारी सक्रियता बढ़ाने के लिए भारत ने चीन को उसी अंदाज में झिड़का, जिसमें बीजिंग ने मंगलवार को अरुणाचल पर टिप्पणी की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा, भारत के साथ दीर्घकालिक संबंधों का खयाल कर बीजिंग पाक के नाजायज कब्जे वाले क्षेत्र से अपनी गतिविधियां समेट ले। सन 1947 से ही इस क्षेत्र पर पाक ने कब्जा कर रखा है और इसे लेकर भारत के रुख से चीन अनजान भी नहीं है। गुलाम कश्मीर में बीजिंग की गतिविधियों को लेकर भारत की चिंता से भी चीनी सरकार वाकिफ है। चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से भेंट के दौरान मंगलवार को कहा था कि चीन गुलाम कश्मीर में चल रही अपनी परियोजनाओं में दिलचस्पी बनाए रखेगा। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की टिप्पणी का साफ मतलब था कि चीन ने पाकिस्तान को यह आश्वासन सोची- समझी नीति के तहत ही दिया था। अरुणाचल प्रदेश में पीएम की मौजूदगी पर अंगुली उठाने के बाद चीन के शीर्षस्थ नेतृत्व की इस टिप्पणी को भारत की अखंडता पर प्रहार के रूप में देखा गया। भारत ने इसे गुलाम कश्मीर को मान्यता देने की चीनी कोशिश के तौर पर भी देखा। कश्मीरियों को पासपोर्ट की जगह अलग पन्ने पर वीजा देकर चीन ने अपनी गलत मंशा का संकेत पहले ही दे दिया था। अब तो उस पर मुहर ही लगती जा रही है। अरुणाचल मामले में प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने जिस तरह भारत को संबंधों की दुहाई दी थी, दिल्ली ने भी उसे उन्हीं संबंधों की याद ताजा कराई। संकेत दे दिया गया कि रिश्तों को लंबे समय तक चलाने के लिए ऐसी हरकतों से बाज आना होगा। दरअसल, विदेश मंत्रालय ने चीन की असलियत सामने लाने की कोशिश की है। बीजिंग को दोहरा गुनाह याद दिलाने के मकसद से विदेश मंत्रालय का बयान काफी अहम था। भारत के अखंड हिस्से पर हक जमाने का गुनाह तो चीन कर ही रहा है, वह गुलाम कश्मीर के उस विवाद को जटिल बनाने पर भी तुला हुआ है जो पूरी तरह से द्विपक्षीय है।

कश्मीर पर होगी सीधी बात


श्रीनगर( डॉ सुखपाल सावंत खेडा)-
केंद्र सरकार ने कहा है कि कश्मीर मसले के राजनीतिक हल के लिए अलगाववादियों समेत सभी विचारधारा के लोगों से बात की जाएगी, लेकिन बिना शोरगुल के। अबकी बातचीत जुबानी कवायद नहीं होगी। गृहमंत्री पी.चिंदबरम ने बुधवार को अखिल भारतीय एडिटर्स कांफ्रेंस के दौरान संपादकों और पत्रकारों से बातचीत में कहा, कश्मीर में राजनीतिक समस्या है। इसका समाधान निकालना होगा। प्रधानमंत्री इस संबंध में सरकार की नीतियों को कई बार स्पष्ट कर चुके हैं। चिदंबरम ने कहा,वार्ता से न तो हम डरते हैं, ना ही हिचकते हैं। राजनीतिक विचारधारा वाले सभी वर्गो से बातचीत की जाएगी। यहां कांग्रेस,पीडीपी, नेकां जैसी पार्टियां हैं जिनकी सोच अलग अलग है। कुछ दल अलगाववाद की वकालत भी करते हैं। हम सभी से वार्ता को तैयार हैं। गृहमंत्री ने प्रस्तावित वार्ता के स्वरूप के बारे में कुछ बताने से इनकार करते हुए कहा कि मीडिया की चकाचौंध में वार्ता नहीं महज प्रदर्शन हो सकता है। वार्ता पूरी खामोशी के साथ होगी। एक शख्स की एक से। दो लोगों की दो लोगों से। खामोशी की इस कूटनीति पर केंद्र सरकार तब तक बात आगे बढ़ती रहेगी,जब तक कोई राजनीतिक समाधान नहीं निकल आता। और, एक बार जब राजनीतिक समाधान निकल आएगा, उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। कश्मीर समस्या का समाधान भी अपने आप में अलग होगा क्योंकि यहां का इतिहास और भौगोलिक स्वरूप भी औरों से अलग है। इस बात का विशेष ख्याल रखना होगा कि जो समाधान निकले,वह बहुसंख्यक समाज को स्वीकार्य हो। अन्य क्षेत्रों का फार्मूला यहां लागू नहीं किया जा सकता। चिंदबरम ने इस बात का कोई उत्तर नहीं दिया कि क्या सरकार ने वार्ता के लिए हुर्रियत को आमंत्रित किया गया है। गृहमंत्री ने कहा,जम्मू-कश्मीर के हालात में उल्लेखनीय सुधार आया है। गत छह माह के दौरान हिंसक घटनाओं में आई कमी इसकी गवाही है। गत आठ-नौ सालों के मुकाबले हिंसा में कमी आई है। चिदंबरम ने हालांकि सीमा पार से घुसपैठ हो रही है। पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर में युवकों की भर्ती हो रही है, उनका बे्रनवाश कर उन्हें जिहाद के नाम पर यहां भेजा जा रहा है लेकिन सुरक्षाबल इन तथाकथित आतंकी कमांडरों को साल-छह महीने में मार गिराते हैं। सुरक्षाबल आतंकरोधी अभियानों और घुसपैठ को रोकने की अपनी कोशिशों में लगातार बेहतर हो रहे हैं।

बुधवार, 14 अक्टूबर 2009

जनता का फैसला ईवीएम में सील


हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार हुए मतदान में 69.40 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। सर्वाधिक 85 प्रतिशत मतदान रानिया विधानसभा क्षेत्र में रिकार्ड किया गया जबकि न्यूनतम 54 प्रतिशत खरखौदा क्षेत्र में रहा। महाराष्ट्र व अरुणाचल प्रदेश में भी विधानसभा के लिए वोट पड़े। सभी जगहों पर मतगणना 22 अक्टूबर को होगी। प्रदेश के मतदाताओं ने 90 विधानसभा सीटों के लिए 1222 प्रत्याशियों और प्रमुख सियासी पार्टियों कांग्रेस, इनेलो, हजकां, भाजपा और बसपा का भविष्य तय कर दिया है। हिसार में 73.57 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। आदमपुर हलके में 81.10 प्रतिशत दर्ज किया गया। भिवानी में जिले की छह विधानसभा सीटों के लिए करीब 69 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि दादरी में मतदान का प्रतिशत बढ़कर 70 फीसदी तक पहुंच गया। झज्जर जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 65.75 प्रतिशत मतदान हुआ। बहादुरगढ़ में 64, बादली में 65, झज्जर (आरक्षित) में 66 तथा बेरी में 67 में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। फतेहाबाद में 72 फीसदी, रतिया में 79.65 तथा टोहाना में 82.84 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है। फतेहाबाद हलके के गांव पीली मंदौरी में 90.93 प्रतिशत वोट पोल हुए। करनाल जिले के इंद्री हलके में 70, घरौंडा में 67, नीलोखेड़ी में 63, करनाल में 61 और असंध में 64 फीसदी वोट पड़े। जींद जिले में सबसे अधिक मतदान उचाना और नरवाना में 75 प्रतिशत हुआ। जींद और जुलाना में 70 और सफीदों में 73 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले। कुरुक्षेत्र जिले में 75 प्रतिशत वोट पड़े, जिनमें से लाडवा और बाबैन में 80 फीसदी मतदान रहा। कैथल जिले में 74 फीसदी मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचे, जिनमें कैथल विधानसभा क्षेत्र में 71, गुहला-चीका में 72, कलायत में 77 और पूंडरी में 78 प्रतिशत वोट पड़े। यमुनानगर जिले में 78 प्रतिशत वोट पड़े। सबसे ज्यादा 81 प्रतिशत वोट रादौर में और साढौरा में 80, जगाधरी में 80 और यमुनानगर में 73.43 प्रतिशत लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अंबाला जिले में 74 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले, जिनमें नारायणगढ़ में 80, अंबाला छावनी में 67, मुलाना (आरक्षित) में 80 और अंबाला शहर में 70 वोट शामिल हैं। पानीपत जिले में 69 फीसदी मतदान हुआ। पानीपत ग्रामीण में सबसे ज्यादा 76, पानीपत शहरी में 65, इसराना में 69 और समालखा में 68 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। राज्य में अब तक का सर्वाधिक मतदान 1967 में 72.65 प्रतिशत रिकार्ड किया गया था जबकि 1987 में 71.24 प्रतिशत, 1996 में 70.54 प्रतिशत और 1972 में 70.46 प्रतिशत मतदान रिकार्ड किया गया। इसी तरह 1968 के आम चुनावों में राज्य में 57.26 प्रतिशत न्यूनतम मतदान हुआ। जबकि वर्ष 1977 में 64.46 प्रतिशत, 1991 में 65.86 प्रतिशत, 2000 में 69.01 प्रतिशत और 1982 में 69.87 प्रतिशत वोट पड़े थे। नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला ने बताया कि महाराष्ट्र में साठ फीसदी और अरुणाचल प्रदेश में 72 प्रतिशत मतदान हुआ।

इनेलो प्रमुख नहीं डाल पाए वोट


यह संयोग ही रहा कि इनेलो प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला भी मतदान नहीं कर पाए। बताया जाता है कि चौटाला अपने विस क्षेत्र उचाना कलां में व्यस्त रहे, इसलिए मतदान नहीं कर पाए। हालांकि इनेलो के महासचिव अजय चौटाला अपने परिजनों के साथ सिरसा में पोलिंग बूथ पर वोट डालने के लिए पहुंचे। हुड्डा ने सांघी में डाले वोट : कार्यवाहक मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने परिवार के साथ पैतृक गांव सांघी में सुबह सवा दस बजे मतदान किया। मंगलवार सुबह हुड्डा अपनी मां हरदेई देवी, पत्नी आशा हुड्डा व सांसद पुत्र दीपेंद्र के साथ गांव सांघी पहुंचे। युवाओं में रहा उत्साह : पहली बार वोट डालने वालों का अलग ही अनुभव रहा। पोलिंग बूथों पर भी युवक व युवतियों की लंबी कतारें देखी गईं।

लुधियाना और जगराओं से 650 क्विंटल मिठाई जब्त


सेहत विभाग की टीम ने मंगलवार को महानगर और जगराओं प्रत्येक के दो कोल्ड स्टोरों पर छापेमारी कर 650 क्विंटल मिठाई जब्त की है। सिविल सर्जन डा. मनिंदर सिंह ने आज यहां बताया कि जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डा. यूएस सूच ने जगराओं के कोल्ड स्टोरों में छापेमारी की, जबकि डा. दलजीत कोछड़ की अगुवाई में फूड इंस्पेक्टर कमलप्रीत सिंह और अभिनव खोसला ने बस्ती जोधेवाल इलाके के कोल्ड स्टोर में छापेमारी की। जगराओं में विभाग ने दो कोल्ड स्टोरों से दो क्विंटल खोया, एक क्विंटल बर्फी और भारी मात्रा में रसगुल्ले जब्त किए हैं। सभी मिठाइयों के सैंपल लैब में भेज दिए गए हैं। उधर, महानगर की टीम ने जोधेवाल बस्ती इलाके के दो कोल्ड स्टोरों से साढ़े छह सौ क्विंटल मिठाई बरामद की है। इसमें बर्फी, खोया, छेना, रसगुल्ले, चमचम और पेठा शामिल हैं। सभी चीजों के सैंपल प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि कोल्ड स्टोरों में रखी हुई बर्फी व अन्य मिठाइयों में फफूंदी लगी हुई थी।

मतदाताओं ने अपना फैसला दे दिया


अगले पांच साल किस राजनीतिक दल की सरकार होगी, हरियाणा के मतदाताओं ने अपना फैसला दे दिया है। लगभग एक माह की गहमागहमी के बाद विधानसभा चुनाव के लिए आज मंगलवार को वोट पड़ गए। प्रदेशभर में लगभग 69.40 प्रतिशत मतदान हुआ। सर्वाधिक 85 प्रतिशत मतदान रानियां विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में रिकार्ड किया गया जबकि न्यूनतम मतदान खरखौदा निर्वाचन क्षेत्र में 54 प्रतिशत रहा। मतदाताओं ने 90 विधानसभा सीटों के लिए 1222 प्रत्याशियों और प्रमुख सियासी पार्टियों कांग्रेस, इनेलो, हजकां, बीजेपी और बसपा का भविष्य तय कर दिया है। किसके भाग्य में जीत है और किसके भाग्य में हार, यह फैसला 22 अक्टूबर को मतगणना के दिन सामने आएगा। जिन प्रत्याशियों का भविष्य वोटिंग मशीन में कैद हुआ है, उनमें गढ़ी सांपला सीट से मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उचाना व ऐलनाबाद से इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला, आदमपुर से हजकां के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई, मुलाना सीट से कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना व बीएसपी के अध्यक्ष प्रकाश भारती, तिगांव सीट से बीजेपी के अध्यक्ष कृष्णपाल गुज्जर, गन्नौर से कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, बेरी से विधानसभा स्पीकर रघुबीर सिंह कादियान, उचाना से वित्तमंत्री बीरेंद्र सिंह, कैथल से बिजली मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला, रेवाड़ी से सिंचाई मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव, तोशाम से खेल मंत्री किरण चौधरी और मंडी डबवाली से इनेलो के राष्ट्रीय महासचिव अजय सिंह चौटाला शामिल हैं। राज्य में अब तक का सर्वाधिक मतदान 1967 में 72.65 प्रतिशत हुआ था। 1987 में 71.24 प्रतिशत, 1996 में 70.54 प्रतिशत व 1972 में 70.46 प्रतिशत रिकार्ड किया गया। इसी तरह 1968 के आम चुनावों में राज्य में 57.26 प्रतिशत न्यूनतम मतदान हुआ। जबकि वर्ष 1977 में 64.46 प्रतिशत, 1991 में 65.86 प्रतिशत, 2000 में 69.01 प्रतिशत व 1982 में 69.87 प्रतिशत।

चीन की चिकचिक पर भारत का पलटवार


नई दिल्ली अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की साजिश का ताजा प्रमाण मंगलवार को दुनिया के सामने आ गया। राज्य में विस चुनाव के मतदान वाले दिन ही उसने नाहक एक मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सूबे के दौरे पर बीजिंग ने आंखें तरेर दीं। अरुणाचल पर अपना दावा ठोंकने वाले चीन को सूबे में चुनाव जैसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया फूटी आंख नहीं सुहा रही थी। मजबूरी यह भी थी कि वह इसका सीधे- सीधे विरोध भी नहीं कर पा रहा था। लिहाजा अपने इस विरोध का इजहार करने के लिए उसने यह तरीका चुना। राज्य में प्रधानमंत्री की चुनावी रैली दस दिन पहले हुई थी, लेकिन चीन ने उस पर आपत्ति जताने के लिए मंगलवार को वोटिंग का दिन चुना। भारत के शीर्षस्थ नेतृत्व की अरुणाचल यात्रा पर अंगुली उठा कर चीन ने सीधे-सीधे यह संदेश दे दिया है कि अरुणाचल भारत का हिस्सा है ही नहीं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बड़े तल्ख अंदाज में अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि इस विवादास्पद क्षेत्र में भारतीय नेता की यात्रा पर उनके मुल्क को गहरी आपत्ति है। भारतीय पक्ष चीन की गंभीर चिंता पर ध्यान दे और विवादित क्षेत्र में अड़चन पैदा न करे ताकि दोनों मुल्कों के बीच रिश्ते मजबूत किए जा सकें। चीन की इस हरकत पर भारतीय खेमे ने भी काफी सटीक प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने पलटवार में कहा, इस तरह की टिप्पणी भी सीमा विवाद हल करने में कोई मदद करने वाली नहीं है। विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा और प्रकाश दोनों ने ही चीन को संदेश दे दिया कि अरुणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा है। इसके लिए भारतीय खेमे ने मतदान का सहारा भी लिया। सूबे में सत्तर फीसदी लोग मतदान में हिस्सा ले रहे हैं, क्या यह चीन को सटीक जवाब नहीं है? चीन के बयान पर औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया गया। भारत में चीन के राजदूत झांग यान को साउथ ब्लाक तलब कर विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्व एशिया) विजय गोखले ने उनके मुल्क से आई प्रतिक्रिया पर गहरी आपत्ति जताई। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने चीन के कथन पर गहरी निराशा व्यक्त की और कहा, कहीं भी चुनाव में भारतीय नेता देश के दौरे इसी तरह करते हैं। उन्होंने कह दिया कि भारत और चीन संयुक्त तौर पर इस बात के लिए राजी हुए थे कि दोनों सरकारों द्वारा नियुक्त विशेष प्रतिनिधि सीमा के सवाल पर चर्चा करेंगे और बीजिंग का इस तरह का बयान प्रक्रिया में सहयोग नहीं करता। जाहिर है, यह चीन के प्रवक्ता को ही जवाब था जिन्होंने भारत को रिश्ते सुधारने के लिए सहयोग करने को कहा था। इससे पहले चीन ने राष्ट्रपति के अरुणाचल दौरे पर इसी तरह से आपत्ति जताई थी। हाल ही में चीनी दूतावास की ओर से जम्मू-कश्मीर के के नागरिकों को पासपोर्ट पर वीजा स्टांप लगाने की जगह अलग कागज पर वीजा जारी करने का मामला सामने आया था। वह अक्सर अलग-अलग तरीके से भारत की राह में रोड़े अटकाता रहा है।

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2009

बुर्के पर आतंकी फरमान बेअसर


आतंकियों की नापाक चहलकदमी और हिंसा परस्ती से लहूलुहान कश्मीर घाटी में हालात बदलने लगे हैं। कश्मीरी आवाम तालिबानी फरमानों को हवा में उड़ाने के साथ ही आतंकियों से दो-दो हाथ करना शुरू कर दिया है। इसी का असर है कि आजाद ख्याल युवतिया बिना बुर्का और हिजाब खुली फिजा का आनंद ले रही हैं। सोपोर डिग्री कालेज से बाहर निकलती छात्राओं का हुजूम बदलते कश्मीर की तस्वीर हैं। इन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता कि डेढ़ माह पहले इन्हीं के लिए आतंकियों ने बुर्का अनिवार्यता का तालिबानी फरमान जारी किया था। अगस्त के आखिरी हफ्ते में आतंकियों ने सोपोर डिग्री कालेज के प्रिंसिपल मोहम्मद अशरफ को इसलिए अगवा कर लिया था क्योंकि उन्होंने कालेज में बुर्का अनिवार्यता का आतंकी फरमान लागू नहीं किया था। कालेज की छात्रा समीना ने कहा, प्रिंसिपल सर के अगवा होने के बाद लड़कियों ने बुर्का पहनना शुरू कर दिया लेकिन यह तीन चार दिन ही रहा। नाहिदा ने कहा, हम कुछ सिरफिरों के कहने पर अपनी जिंदगी नहीं बदल सकते। कालेज के प्रिंसिपल मोहम्मद अशरफ ने कहा, इस्लामिक ड्रेस कोड के तालिबानी फरमान के खिलाफ कालेज में जिस तरह हड़ताल हुई, उसकी दहशतगर्दो को उम्मीद नहीं थी। इसी के कारण उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए। इश्तियाक नामक व्यक्ति ने कहा, सोपोर ही नहीं, श्रीनगर में भी तालिबानी फरमान का मखौल उड़ता है। बुर्के के फरमान को लेकर अलगाववादी खेमा भी बंटा हुआ है। मीरवाइज उमर फारुक और उनके खास सहयोगी अब्बास अंसारी का कहना है कि जबरदस्ती के बजाय हमें लोगों को शिक्षित करना होगा। वहीं, महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की प्रमुख आसिया अंद्राबी का कहना है कि इस्लाम मानने वालों को बुर्के की हिमायत करनी चाहिए, जो इसकी खिलाफत कर रहे हैं वह इस्लाम को नुकसान पहुंचाने के साथ ही कश्मीर की नस्लों को तबाह करना चाहते है। वह युवतियों को जिस्मफरोश समेत तमाम गैर इस्लामी कामों की तरफ धकेलना चाहते हैं।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष तलाक लेने के मामले में बयान कलमबद्ध


सुल्तानपुर लोधी : श्री गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी में गुरुद्वारा श्री संत घाट साहिब में ससुराल द्वारा बहू को सिरोपा देकर तलाक के मामले में सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब की टीम ने सुल्तानपुर लोधी दौरा किया और बयान कलमबद्ध किए। गौरतलब है कि गुरुद्वारा श्री संत घाट के ग्रंथी कुलदीप सिंह के पुत्र गुरबीर सिंह की शादी गांव टोडरवाल निवासी सिमरजीत कौर से हुई थी। इसी गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पावन हजूरी में सिमरजीत कौर के ससुरालियों ने गणमान्य लोगों की मौजूदगी में उसे सिरोपा देकर उसके साथ अपने परिवार के सारे रिश्ते खत्म करते हुए गुरबीर सिंह से उसका तलाक करवा दिया था। इस बारे में अखबारों में छपी खबरों और गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के मैनेजर प्रताप सिंह की रिपोर्ट को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने इसे गंभीरता से लिया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि यह तलाक सिमरजीत कौर के पति की गैर मौजूदगी में जबरन लिया गया है। आज एसजीपीसी की जांच कमेटी में शामिल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की वरिष्ठ सदस्य बीबी किरणजीत कौर, बीबी भजन कौर डोगरांवाला, जोगिंदर सिंह खालसा और मैनेजर प्रताप सिंह ने तलाक के समय मौजूद सिमरजीत कौर के ससुर कुलदीप सिंह, भाई रणबीर सिंह और संत सुखजीत सिंह सीचेवाल के बयान कलमबद्ध किए।

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