डबवाली-रोड़ पर बुधवार को दिनदिहाड़े बाईक सवार दो युवक दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के कैशियर का बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में 72 हजार रूपए की राशि थी। जोकि वह एसबीआई से निकलवाकर पैदल ही बस अड्डा की ओर जा रहा था।दक्षिण हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम कालांवाली में कैशियर के पद पर तैनात शाम लाल (52) पुत्र कन्हैया लाल निवासी कालांवाली ने बताया कि वह बस से डबवाली पहुंचा था। करीब 1.20 मिनट पर भारतीय स्टेट बैंक के पास बस से उतरकर सीधे ही बैंक में चला गया। वहां से उसने 72 हजार रूपए की राशि निकलवाई और निगम के खाकी रंग के बैग में उस राशि को डालकर बैंक से बस अड्डा के लिए पैदल ही चल पड़ा, ताकि डबवाली बस अड्डा से वह कालांवाली के लिए बस पकड़ सके।शाम लाल के अनुसार वह जैसे ही इसी रोड़ पर स्थित एचडीएफसी बैंक के नजदीक पहुंचा तो पीछे से बाईक पर आए दो युवकों ने उसे पीछे से धक्का दिया और वह सड़क पर गिर गया। ये युवक उसके हाथ में पकड़े बैग को छीन ले गए। उसके नाक, घुटनों पर चोट आई है। उसके शोर मचाने पर एचडीएफसी बैंक के कर्मचारी और शाखा प्रबंधक तुरंत बैंक से बाहर आए। उन्होंने उसे सड़क से उठाकर प्राथमिक चिकित्सा दी। उन्होंने ही इस घटना की सूचना थाना शहर पुलिस को दी। निगम के कैशियर ने बताया कि यह राशि सीएफसी फण्ड के अंतर्गत निकलवाई गई थी। उसके अनुसार इस राशि का प्रयोग निगम के छोटे खर्चों के लिए होता है। डबवाली डिविजन का मुख्य खाता एसबीआई डबवाली में होने के कारण, इस राशि को निकलवाने के लिए उन्हें डबवाली एसबीआई में ही आना पड़ता है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक डिस्कवर बाईक पर थे। बाईक की नंबर प्लेट मुंडी हुई थी। जिस पर केवल डीएल4एस ही नजर आता था। बाईक चालक ने लाल रंग की शर्ट पहनी हुई थी, जबकि उसके पीछे बैठा लुटेरा कुर्ता-पजामा पहने हुए था। लुटेरों की आयु लगभग 30 साल आंकी जा रही है।मामले की जांच कर रहे थाना शहर पुलिस के एसआई मंदरूप सिंह ने बताया कि शाम लाल अग्रवाल की शिकायत पर दफा 356/379/34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई
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गुरुवार, 26 मई 2011
पंजाब के पानी ने डूबोई सत्तर एकड़ फसल
डबवाली -हरियाणा को डूबोने के लिए पंजाब ने एक बार फिर शरारत करते हुए डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में 200 क्यूसिक अतिरिक्त पानी रातों-रात छोड़ दिया। जिससे गांव डबवाली तथा मसीतां के पास डिस्ट्रीब्यूटरी टूट गई। दोनों गांवों की सत्तर एकड़ नरमा की फसल में चार-चार फुट पानी भर गया।
गांव डबवाली का किसान रिछपाल सिंह मंगलवार सुबह करीब 6 बजे अपने खेत की संभाल करने के लिए घर से खेत में आया। उसने देखा कि उसका खेत पानी से लबालब है। डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी टूटी हुई है, जिसका बहाव उनके खेतों की ओर है। रिछपाल सिंह उल्टे पांव गांव में लौट आया। गांव के गुरूद्वारा से डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने की सूचना गांव को दी। इस ग्रामीण टूटी डिस्ट्रीब्यूटरी को भरने के लिए मौका पर पहुंच गए। पानी का बहाव इतना तेज था कि कोई भी व्यक्ति इस बहाव के आगे ठहर नहीं सकता था। यह पानी सिर तक आ रहा था। किसानों ने इसकी सूचना तत्काल सिंचाई विभाग हरियाणा के कनिष्ठ अभियंता एसपी मैहता को दी।किसान जगदीश सिंह, गुरमीत सिंह, रिछपाल सिंह, मुख्तियार सिंह, मोहन सिंह, सरदूल सिंह काला सिंह आदि ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि डिस्ट्रीब्यूटरी में करीब बीस फुट लम्बी सेंध लग चुकी है। किसानों ने आरोप लगाया कि जब उन्हें पानी की जरूरत होती है तो पंजाब पानी नहीं छोड़ता। लेकिन बरसात के दिनों में जब पानी ओवरलोड हो जाता है, तो उन्हें डूबोने के लिए पंजाब के सिंचाई अधिकारी इस नहर में पानी छोड़ देते हैं। पिछले साल भी पंजाब ने ऐसा ही किया था।
डिस्ट्रीब्यूटरी टूटने की सूचना पाकर मौका पर डबवाली के तहसीलदार राजेंद्र कुमार, कानूनगो हरदयाल सिंह, हरकिरत सिंह, पटवारी अमी लाल बिश्नोई, हरियाणा सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता एसपी मैहता, अंकुर चौपड़ा मौका पर पहुंचे।
जेई ने बंद कराया पानी
मौका पर पहुंचे हरियाणा नहरी विभाग के कनिष्ठ अभियंता एसपी मैहता ने बताया कि डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में पंजाब के साथ लगते हरियाणा के गांव देसूमलकाना से निकलती है। सोमवार रात को पंजाब सिंचाई विभाग ने बिना कोई सूचना दिए भाखड़ा नहर की कोटला ब्रांच के कोटबख्तू हैड से 200 क्यूसिक पानी देसूजोधा हैड की ओर धकेल दिया। इस माईनर की क्षमता 100 से लेकर 115 क्यूसिक पानी की है। पहले से ही इसमें 112 क्यूसिक पानी चल रहा था। लेकिन 200 क्यूसिक पानी अचानक छोड़े जाने से पानी का बहाव इतना बढ़ गया कि डबवाली और मसीतां के पास यह डिस्ट्रीब्यूटरी दो स्थानों पर टूट गई। उन्हें जैसे ही इसकी सूचना मिली वे तुरंत वे पंजाब के कोटबख्तू हैड पर पहुंचे वहां पर मौजूद पंजाब सिंचाई विभाग के कर्मी गीता राम तथा देवराज से पानी के बहाव को कम करवाया। इधर देसूजोधा हैड पर गेट गिरा दिए।
कनिष्ठ अभियंता ने बताया कि गांव मसीतां के पास डिस्ट्रीब्यूटरी की दरार को भर दिया गया है। जबकि गांव डबवाली के पास इसे भरने का प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पीछे से पानी बंद करवा दिया गया है और जेसीबी मशीन लागकर काम को गति दी जा रही है।
नुक्सान का होगा सर्वे
किसानों की फसल का जो नुक्सान हुआ है। उसका सर्वे करने के लिए तहसीलदार राजेंद्र कुमार को निर्देश दे दिए गए हैं। उनकी रिपोर्ट आते ही उपायुक्त सिरसा को भेज दी जाएगी।
-डॉ. मुनीश नागपाल, एसडीएम डबवाली
किसान को प्रति एकड़ आठ हजार का नुक्सान
किसान को प्रति एकड़ करीब आठ हजार रूपए का नुक्सान हुआ। किसानों के अनुसार उन्होंने प्रति एकड़ चार हजार रूपए कीमत के तीन पैकेट बीज, 1000 रूपए डीजल, दो हजार रूपए खाद तथा एक हजार रूपए लेबर का नुक्सान उठाना पड़ा है। उनके अनुसार पानी के घुस जाने से खेतों की जमीन दलदल बन गई है। शीघ्र न तो फसल की बिजाई हो पाएगी, जिससे उन्हें अपनी इस फसल से पूरी तरह हाथ धोना पड़ सकता है। जो नुक्सान आगे चलकर कई लाख रूपए में बदल जाएगा।
शरारत से बाज नहीं आता पंजाब
हरियाणा सिंचाई विभाग रोड़ी मण्डल के एसडीई बलवंत राम का कहना है कि पंजाब कई सालों से बरसात के दिनों में बिना सूचना दिए कोटला ब्रांच के कोटबख्तू हैड से अतिरिक्त पानी हरियाणा की ओर छोड़कर हरियाणा के किसानों को नुक्सान पहुंचाता आ रहा है। इस संबंध में पंजाब सिंचाई विभाग के आला अफसरों से कई बार पत्र व्यवहार किया जा चुका है और अभी भी जारी है। लेकिन पंजाब के अधिकारियों के कान पर कोई जूं नहीं रेंगती। शरारत के मद्देनजर पंजाब के अधिकारियों ने सोमवार रात को भी बिना सूचना दिए कोटला ब्रोच के कोटबख्तू हैड से 200 क्यूसिक अतिरिक्त पानी हरियाणा की ओर छोड़कर डबवाली डिस्ट्रीब्यूटरी में उफान मचा दिया। जिससे गांव डबवाली और मसीतां के किसानों को नुक्सान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाब की यह शरारत सीमा से अधिक हो चुकी है। हरियाणा के किसानों के हितों को देखते हुए इस मामले को सिंचाई विभाग मुख्यमंत्री स्तर पर उठाएगा।
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मंगलवार, 24 मई 2011
करोंडों का माल उठा ले गए लोग सोता रहा वन विभाग
प्रकृति की आपदा के कारण उत्पन्न समस्या पर जनता ही दो चार होती रही जबकि विभाग का लाव लश्कर चादर ताने चैन की नींद ले रहा था। सुबह होते ही अधिकारियों ने इनकी सुध लेनी तक मुनासिब न समझी बल्कि सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण रास्ते जाम हो गये थे। वाहन चालकों व लोगों खुद ही सड़क के बीच पडे इन पेड़ों को बीच से हटाया व कुछ लोग इन्हें उठाकर अपने घर ले गए क्योंकि इन दिनों लकड़ी के दाम आसमान को छू रहे हैं इसलिए इस मौके को फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने खुब लकड़ी का अंबार इक्_ा कर लिया अब जब इस प्राकृतिक विपदा को बीते दो दिन हो गए तो वन विभाग के साहब बाबुओं ने क्षेत्र का दौरा कर इन बचे कुचे पेड़ों की सुध लेकर कोरे कागज को काला करने में जुट गए। उल्लेखनीय है कि कुछ वर्ष पूर्व भी आए इसी तरह के अंधेड में इसी तरह प्राकृति को काफी नुकसान सहना पड़ा था और सैंकड़ों वृक्ष टूटकर सड़कों पर आ गए थे। वर्षों पूर्व टूटे हुए वृक्ष व टहनियां आज भी गांव डबवाली में स्थित एक धार्मिक सत्संग घर के बाहर सड़क किनारे पड़े है। जिन्हें दीमक खा रही है। जब इस बाबत विभाग के फोरेस्टगार्ड अशोक कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इन वृक्षों की लिस्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है व जल्द ही इनकी बोली करवा दी जाएगी। जब उनसे यह पूछा गया कि उसमें से तो गिनती की ही लकड़ी बची है तो उन्होंने कहा कि ऐसी नहीं है वह लकडिय़ा सुरक्षित है। जबकि वह लकडिय़ा सड़क किनारे पड़ी हुई विभाग की इस सच्चाई की पोल खोल रही है। अब इसी तरह जब शनिवार को आए अंधड बाद भी रविवार सुबह वन विभाग हरकत में नहीं आया और सैंकड़ों पेड़ों को लोग अपने घर उठाकर ले गए लेकिन सोचने वाली बात यह है कि अगर इसी तरह से वन विभाग द्वारा लापरवाही चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब हमें सड़क किनारे लगे पेड गायब मिलेंगे। इस बाबत जब विभाग के रेंज ऑफिसर चरणजीत सिंह से बात कि गई तो उन्होंने कहा कि इस अंधड से करीब 300 पेडों को नुकसान हुआ है व उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अंधड से जो वृक्ष टूटे थे व लोगों द्वारा जो उठा लिए गए है उन्हें विभाग द्वारा एकत्रित किया जा रहा है और अगर किसी व्यक्ति ने इन पेडों को लौटाने में मनाही की तो उस पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
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रविवार, 22 मई 2011
तेज बरसात के साथ आये अंधड ने क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई,दो मरे
डबवाली-
शनिवार रात को आये तेज बरसात के साथ आये अंधड ने क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई। अकेले डबवाली क्षेत्र में हुये नुकसान की राशि करोड़ो रुपयों तक पहुंच गई है। वहीं तेज आंधी और बरसात के बीच आसमानी बिजली गिरने से दो जनों की मौत हो गई जबकि एक मकान की छत गिरने से एक महिला व उसके दो पुत्रों सहित तीन जने घायल हो गये।
गांव अबूबशहर, गंगा, सुकेड़ा खेड़ा, आसा खेड़ा, तेजा खेड़ा, भारू खेड़ा जड़वाला विश्रोईया में सहित कई अन्य गावों में बरसा
त के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। हजारों की संख्या में पेड़ टूट कर सड़कों पर गिरने से यातायात ठ
प हो कर रह गया। इसके अलावा किलियांवाली की अनाज मंडी में बना शैड भी तेज आंधी के कारण जड़ से उखड़ कर दूर जा गिरा। जिसकी कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। घरों तथा व्यापारिक सस्थानों में लगे बोर्ड तथा शैड भी आंधी की चपेट में आ कर उखड़ गये।
डबवाली संगरिया मार्ग प
र पेड़ गिरने से यातायात बांधित हो गया। जिस कारण सड़क पर वाहनों की लंबी-लबी कतारे लग गई। तहसीलदार राजेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 11 बजे तक इस मार्ग पर गिरे पेड़ हटाने के बाद यातायात को सुचारू रूप से चलाया गया। वहीं गांव मौजगढ़ में भाखड़ा नहर में पेड़ गिरने के कारण नहर में पानी का बहाव रूक गया और पानी खतरे के निशान से उपर चला गया। ग्रामीणों ने प्रशासन के सहयोग से नहर में से पेड़ हटा कर पानी का बहाव सुचारू किया। इसके अवाला शहर तथा गावों में भवनों की दीवारे भी ढहने के समाचार मिले है। दूसरी ओर भारी संख्या में पेड़ गिरने से गरीब तबके के लोगों की चांदी बन गई। लोग लाखों रुपयों की कीमत के पेड़ों की गिरी शाखाओं को अपने वाहनों पर लाद कर घरों में ले गये।
गांव शेरगढ़ गांव के पास बने विनोद और वेद प्लंथों पर भी लगाई गई गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं के स्टैग के उपर लगाये गये पोलोथीन हवा तेज आंधी के कारण उड़ गये। जिस कारण स्टैग पर लगाई गई गेहूं की बोरियां भी भीग गई। गांव शेरगढ़ में स्थित हरियाणा पब्लिक स्कूल का शैड भी आंधी में उड़ गया। एसडीएम कार्यालय में लगे पेड़ भी तेज आंधी की भेट चंढ़ गये।
तेज आंधी के कारणं बिजली के पोल और ट्रांसफार्म गिरने से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी ठप हो कर रह गई। जिसे बहाल करने के लिए विभाग के कर्मचारी पूरा दिन जद्दोजहद करते रहे। शाम तक शहर में दो फिडरों पर ही बिजली व्यवस्था बहाल हो पाई थी जबकि गावों स्थिति अभी भी
सामान्य नहीं हुई थी। बिजली बंद होने के कारण शहर में पेयजल सप्लाई नहीं की गई। जिससे पेयजल को लेकर भी शहरवासियों को दो चार होना पड़ा। बिजली विभाग के महाप्रबंधक बी के रंजन ने बताया कि चौटाला में करीब 70 कालांवाली में 150 और डबवाली क्षेत्र में करीब 80 बिजली के पोल टूट कर गिर गये वहीं उबवाली डिविजन में 15 ट्रांसफार्मों को भी क्षति पहुंची है। विभाग के कर्मचारी बिजली व्यवस्था को बहाल करने में जुटे हुए है। विभाग को करीब 10 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
बिजली गिरने से दो मरे:
निकटवर्ती गांव पंजावा में बीती रात आसमानी बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई। जिनमें एक की पहचान गुरनाम सिंह पुत्र सुरजीत सिंह तथा दूसरे की पहचान बलविंद्र सिंह पुत्र बलबीर सिंह के रुप में की गई है। बलविंद्र सिंह सुबह अपने खेत में मृत पाया गया उसका शरीर बिजली के कारण जला हुआ मिला। वहीं गुरनाम सिंह उस समय आसमानी बिजली की चपेट में आ गया जब वह अपने मोटरसाइकिल पर घर की ओर जा रहा था उसे गंभीर अवस्था में बठिंडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर जखमों का ताप न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया।
छत गिरने से तीन घायल
पंजाब जलघर के पास तेज आंधी और बरसात के कारण एक मकान की छत गिरने से एक महिला व उसके दो बच्चों सहित तीन जने घायल हो गये। घायल महिला सुनीता पत्नी सिकंदर कुमार उसका पुत्र कालिया व गुला को डबवाली के सिविल अस्पताल में दािखल करवाया गया।
माईनर में दरार 15 एकड़ फसल डूबी
ढाणी सिंगेवाला के पास
मिठड़ी माईनर में करीब 10 फुट लंबी दरार आ जाने से किसान बेअत सिंह और रूपेंद्र सिंह के खेत में बने दो नलकूप सहित 15 एकड़ में खड़ी फसल डूब जाने से करीब दो लाख रुपये का नुकसान हो गया। गांव पंच काका सिंह ने बताया कि दरार आने के बाद माईनर का पानी खेतों में घुस गया और उसके बाद ढाणी में बने घरो की ओर रुख कर लिया। उन्होंने बताया कि ढाणी के लोगों ने गांव शेरगढ़ से दो जेबीसी मंगवा कर 6 घंटे की मुशक्कत के बाद दरार को पाटा।
शनिवार रात को आये तेज बरसात के साथ आये अंधड ने क्षेत्र में व्यापक तबाही मचाई। अकेले डबवाली क्षेत्र में हुये नुकसान की राशि करोड़ो रुपयों तक पहुंच गई है। वहीं तेज आंधी और बरसात के बीच आसमानी बिजली गिरने से दो जनों की मौत हो गई जबकि एक मकान की छत गिरने से एक महिला व उसके दो पुत्रों सहित तीन जने घायल हो गये।
गांव अबूबशहर, गंगा, सुकेड़ा खेड़ा, आसा खेड़ा, तेजा खेड़ा, भारू खेड़ा जड़वाला विश्रोईया में सहित कई अन्य गावों में बरसा
त के साथ हुई ओलावृष्टि के कारण फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। हजारों की संख्या में पेड़ टूट कर सड़कों पर गिरने से यातायात ठ
प हो कर रह गया। इसके अलावा किलियांवाली की अनाज मंडी में बना शैड भी तेज आंधी के कारण जड़ से उखड़ कर दूर जा गिरा। जिसकी कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। घरों तथा व्यापारिक सस्थानों में लगे बोर्ड तथा शैड भी आंधी की चपेट में आ कर उखड़ गये।डबवाली संगरिया मार्ग प
र पेड़ गिरने से यातायात बांधित हो गया। जिस कारण सड़क पर वाहनों की लंबी-लबी कतारे लग गई। तहसीलदार राजेंद्र सिंह ने बताया कि सुबह 11 बजे तक इस मार्ग पर गिरे पेड़ हटाने के बाद यातायात को सुचारू रूप से चलाया गया। वहीं गांव मौजगढ़ में भाखड़ा नहर में पेड़ गिरने के कारण नहर में पानी का बहाव रूक गया और पानी खतरे के निशान से उपर चला गया। ग्रामीणों ने प्रशासन के सहयोग से नहर में से पेड़ हटा कर पानी का बहाव सुचारू किया। इसके अवाला शहर तथा गावों में भवनों की दीवारे भी ढहने के समाचार मिले है। दूसरी ओर भारी संख्या में पेड़ गिरने से गरीब तबके के लोगों की चांदी बन गई। लोग लाखों रुपयों की कीमत के पेड़ों की गिरी शाखाओं को अपने वाहनों पर लाद कर घरों में ले गये।गांव शेरगढ़ गांव के पास बने विनोद और वेद प्लंथों पर भी लगाई गई गेहूं को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं के स्टैग के उपर लगाये गये पोलोथीन हवा तेज आंधी के कारण उड़ गये। जिस कारण स्टैग पर लगाई गई गेहूं की बोरियां भी भीग गई। गांव शेरगढ़ में स्थित हरियाणा पब्लिक स्कूल का शैड भी आंधी में उड़ गया। एसडीएम कार्यालय में लगे पेड़ भी तेज आंधी की भेट चंढ़ गये।
तेज आंधी के कारणं बिजली के पोल और ट्रांसफार्म गिरने से विभाग को लाखों रुपये का नुकसान के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी ठप हो कर रह गई। जिसे बहाल करने के लिए विभाग के कर्मचारी पूरा दिन जद्दोजहद करते रहे। शाम तक शहर में दो फिडरों पर ही बिजली व्यवस्था बहाल हो पाई थी जबकि गावों स्थिति अभी भी
सामान्य नहीं हुई थी। बिजली बंद होने के कारण शहर में पेयजल सप्लाई नहीं की गई। जिससे पेयजल को लेकर भी शहरवासियों को दो चार होना पड़ा। बिजली विभाग के महाप्रबंधक बी के रंजन ने बताया कि चौटाला में करीब 70 कालांवाली में 150 और डबवाली क्षेत्र में करीब 80 बिजली के पोल टूट कर गिर गये वहीं उबवाली डिविजन में 15 ट्रांसफार्मों को भी क्षति पहुंची है। विभाग के कर्मचारी बिजली व्यवस्था को बहाल करने में जुटे हुए है। विभाग को करीब 10 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।बिजली गिरने से दो मरे:
निकटवर्ती गांव पंजावा में बीती रात आसमानी बिजली गिरने से दो किसानों की मौत हो गई। जिनमें एक की पहचान गुरनाम सिंह पुत्र सुरजीत सिंह तथा दूसरे की पहचान बलविंद्र सिंह पुत्र बलबीर सिंह के रुप में की गई है। बलविंद्र सिंह सुबह अपने खेत में मृत पाया गया उसका शरीर बिजली के कारण जला हुआ मिला। वहीं गुरनाम सिंह उस समय आसमानी बिजली की चपेट में आ गया जब वह अपने मोटरसाइकिल पर घर की ओर जा रहा था उसे गंभीर अवस्था में बठिंडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर जखमों का ताप न सहते हुए उसने दम तोड़ दिया।
छत गिरने से तीन घायल
पंजाब जलघर के पास तेज आंधी और बरसात के कारण एक मकान की छत गिरने से एक महिला व उसके दो बच्चों सहित तीन जने घायल हो गये। घायल महिला सुनीता पत्नी सिकंदर कुमार उसका पुत्र कालिया व गुला को डबवाली के सिविल अस्पताल में दािखल करवाया गया।
माईनर में दरार 15 एकड़ फसल डूबी
ढाणी सिंगेवाला के पास
मिठड़ी माईनर में करीब 10 फुट लंबी दरार आ जाने से किसान बेअत सिंह और रूपेंद्र सिंह के खेत में बने दो नलकूप सहित 15 एकड़ में खड़ी फसल डूब जाने से करीब दो लाख रुपये का नुकसान हो गया। गांव पंच काका सिंह ने बताया कि दरार आने के बाद माईनर का पानी खेतों में घुस गया और उसके बाद ढाणी में बने घरो की ओर रुख कर लिया। उन्होंने बताया कि ढाणी के लोगों ने गांव शेरगढ़ से दो जेबीसी मंगवा कर 6 घंटे की मुशक्कत के बाद दरार को पाटा।
शनिवार, 21 मई 2011
कलयुगी बेटे ने माँ को मौत के घाट उतारा
डबवाली-नशा इन्सान को इस कदर पागल बना देता है कि वह अपने रिश्ते नाते सब भूल जाता है कुछ इसी तरह ही अपनें रिश्तों का कत्ल करते हुए े उपमण्डल के गांव मलिकपुरा में शराब के नशे में चूर एक व्यक्ति ने अपनी जन्म देने वाली माँ को ही मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से आहत उसने अपने आप को जलाने का प्रयास भी किया लेकिन लोगों की मदद के कारण वह सिरे नहीं चढ़ पाया। पुलिस ने इस मा
मले में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफतार किया है। हत्या के आरोपी गांव मलिकपुरा निवासी बोहड़ सिंह के चचेरे भाई लीला सिंह ने पुलिस को दिये ब्यान में कहा है कि गांव में चौकीदार का काम करने वाला बोहड़ सिंह शराब का आदि होने के कारण उसका अपनी पत्नी सिमरजीत कौर से भी पिछले काफी समय से मन मुटाव था। जिसके चलते वह अपने बच्चों के साथ 11 वर्ष तक मायके में रह रही थी। लेकिन करीब दो वर्ष पहले वह उसे मनाकर ले आया था। लेकिन दो दिन पहले सिमरजीत फसलों का काम निपटा कर बच्चों के साथ वह अपने मायके गई हुई थी और घर में बोहड़ सिंह व उसकी 65 वर्षीय माता दान कौर ही रह गये थे। कल दान कौर को उसकी बुढ़ापे की पैंशन मिली थी। रात के समय जब बोहड़ सिंह शराब के नशे में था तो उसने अपनी मां से शराब के लिये और रूपयों की मांग की। लेकिन दान कौर ने रूपये देने से इंकर कर दिया। जिससेे गुस्से में आकर बोहड़ सिंह ने वहां पड़ी कस्सी का वार अपनी मां पर कर दिया और उसकी मौत हो गई। प्रात: के समय शराब का नशा उतरने पर जब बोहड़़ ंिसह ने घर के आंगन अपनी मां की लाश देखी तो वह अपने आप पर काबू नहीं रख सका और उसने अपने आप को आग लगाकर जलाने का प्रयास किया लेकिन आसपास के लोगों को इसका पता चलने पर उन्होंने तुरंत आग पर काबू पाते हुए उसे जलने से बचाया। पड़ौसियों द्वारा इस घटना की सूचना पुलिस थाना औढां को दी सूचना मिलते ही औढां पुलिस के प्रभारी हीरा सिंह अपनी पुलिस दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचें और शव को अपने कब्जे में लेकर अवश्यक कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के राजकीय अस्पताल में ले गए। औढां थाने के प्रभारी हीरा सिंह ने बताया कि मृतिका के नजदीकी रिश्तेदार लीलासिंह के ब्यान पर आरोपी बोहड सिंह के खिलाफ आईपीसी के धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मले में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफतार किया है। हत्या के आरोपी गांव मलिकपुरा निवासी बोहड़ सिंह के चचेरे भाई लीला सिंह ने पुलिस को दिये ब्यान में कहा है कि गांव में चौकीदार का काम करने वाला बोहड़ सिंह शराब का आदि होने के कारण उसका अपनी पत्नी सिमरजीत कौर से भी पिछले काफी समय से मन मुटाव था। जिसके चलते वह अपने बच्चों के साथ 11 वर्ष तक मायके में रह रही थी। लेकिन करीब दो वर्ष पहले वह उसे मनाकर ले आया था। लेकिन दो दिन पहले सिमरजीत फसलों का काम निपटा कर बच्चों के साथ वह अपने मायके गई हुई थी और घर में बोहड़ सिंह व उसकी 65 वर्षीय माता दान कौर ही रह गये थे। कल दान कौर को उसकी बुढ़ापे की पैंशन मिली थी। रात के समय जब बोहड़ सिंह शराब के नशे में था तो उसने अपनी मां से शराब के लिये और रूपयों की मांग की। लेकिन दान कौर ने रूपये देने से इंकर कर दिया। जिससेे गुस्से में आकर बोहड़ सिंह ने वहां पड़ी कस्सी का वार अपनी मां पर कर दिया और उसकी मौत हो गई। प्रात: के समय शराब का नशा उतरने पर जब बोहड़़ ंिसह ने घर के आंगन अपनी मां की लाश देखी तो वह अपने आप पर काबू नहीं रख सका और उसने अपने आप को आग लगाकर जलाने का प्रयास किया लेकिन आसपास के लोगों को इसका पता चलने पर उन्होंने तुरंत आग पर काबू पाते हुए उसे जलने से बचाया। पड़ौसियों द्वारा इस घटना की सूचना पुलिस थाना औढां को दी सूचना मिलते ही औढां पुलिस के प्रभारी हीरा सिंह अपनी पुलिस दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचें और शव को अपने कब्जे में लेकर अवश्यक कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के राजकीय अस्पताल में ले गए। औढां थाने के प्रभारी हीरा सिंह ने बताया कि मृतिका के नजदीकी रिश्तेदार लीलासिंह के ब्यान पर आरोपी बोहड सिंह के खिलाफ आईपीसी के धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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नहर मे कार गिरी दो की मौत, एक शव बरामद दूसरे की तलाश जारी
डबवाली-उपमण्डल के गांव खुईयां के पास गुजरने वाली भाखड़ा नहर में इनोवा गाड़ी के
गिर जाने से कार में सवार दो व्यक्तियों की मौत हो गई। नहर मे से एक व्यक्ति की लाश बाहर निकाल ली गई है
, जबकि दूसरे व्यक्ति व कार को नहर में से निकालने के लिये प्रयास चल रहे थे। खईयां में शराब के ठेके पर काम करने वाले कारिंदें ने बताया कि रात के करीब डेढ़ बजे उसने नहर के पास अक्समात जोरदार धमाके की आवाज सेनी तो देखा की एक तेेेज गति की कार नहर की रेलिंग को तोड़कर अंदर जा गिरी है। इस पर उसने शोर मचाया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर उपमण्डल अधिकारी (ना.) मुनीश नागपाल, उपपुलिस अधिक्षक बाबू लाल, तहसीलदार राजेन्द्र कुमार व अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार सवारों की नहर में से निकालने के लिये प्रयास शुरू करवाये। लेकिन नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण बाधा आ रही थी। इन्हीं प्रयासों के चलते मोजगढ़ हैड के पास से दोपहर के समय एक व्यक्ति का शव नहर में से निकालने में पुलिस ने सफलता प्राप्त की। शव की पहचान कार चालक रवि कुमार पुत्र फूल चन्द निवासी अबोहर के रूप में की गई है। इनोवा गाड़ी को नहर में से निकालने के लिये पुलिस द्वारा क्रेन मंगवाई गई है और दूसरे शव को नहर में से निकालने के प्रयास चल रहें थे। अबोहर की टैक्सी यूनियन के प्रधान पप्पू राम के भाई व कार के मालिक रवि कुमार पुत्र मंगतराम के अनुसार कल सांय छ: बजे के करीब इनोवा कार न. पी.बी.0 2 बी.सी. 2666 का चालक रवि कुमार उसे यह कहकर गया कि वह दवाई लेने हेतू जा रहा है और प्रात: टैक्सी स्टैंड पर कार लेकर पहुंच जाएगा लेकिन जब उसे रात को कार जरूरत पड़ी तो उसने अचानक रवि कुमार को फोन किया तो उसका मोबाईल स्वीच ऑफ आ रहा था तो वह गाड़ी चालक के घर गया तो उसकी पत्नी ने कहा कि वह घर नहीं आया तो उसने चालक रवि कुमार इधर-उधर काफी तलाश की लेकिन उसका कही पता नही चला। प्रात: 9 बजे के करीब उन्हें पुलिस स्टेशन डबवाली से सूचना मिली कि एक इनोवा गाड़ी चालक सहित सिरसा
रोड़ नहर में गिरी है वह तुरंत मौजगढ़ हैड के समीप पहुंचे जहां पर पुलिस द्वारा चालक रवि कुमार के शव को नहर से बाहर निकाला हुआ था। उसने व उनके साथ अबोहर से आए हुए लोगों ने उसकी शिनाख्त की । तदोपरांत थाना सदर पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय अस्पताल में लाया गया था। समाचार लिखे जाने तक दूसरे युवक का शव व कार की तलाश जारी थी। हालाकि लंबी जदोजहद के गांव वासियों के सहयोग से कार को नहर से बाहर निकाल लिया था लेकिन समाचार लिखे जाने तक दूसरे शव की तालाश की जा रही थी।
गिर जाने से कार में सवार दो व्यक्तियों की मौत हो गई। नहर मे से एक व्यक्ति की लाश बाहर निकाल ली गई है
, जबकि दूसरे व्यक्ति व कार को नहर में से निकालने के लिये प्रयास चल रहे थे। खईयां में शराब के ठेके पर काम करने वाले कारिंदें ने बताया कि रात के करीब डेढ़ बजे उसने नहर के पास अक्समात जोरदार धमाके की आवाज सेनी तो देखा की एक तेेेज गति की कार नहर की रेलिंग को तोड़कर अंदर जा गिरी है। इस पर उसने शोर मचाया। दुर्घटना की सूचना मिलने पर उपमण्डल अधिकारी (ना.) मुनीश नागपाल, उपपुलिस अधिक्षक बाबू लाल, तहसीलदार राजेन्द्र कुमार व अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार सवारों की नहर में से निकालने के लिये प्रयास शुरू करवाये। लेकिन नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण बाधा आ रही थी। इन्हीं प्रयासों के चलते मोजगढ़ हैड के पास से दोपहर के समय एक व्यक्ति का शव नहर में से निकालने में पुलिस ने सफलता प्राप्त की। शव की पहचान कार चालक रवि कुमार पुत्र फूल चन्द निवासी अबोहर के रूप में की गई है। इनोवा गाड़ी को नहर में से निकालने के लिये पुलिस द्वारा क्रेन मंगवाई गई है और दूसरे शव को नहर में से निकालने के प्रयास चल रहें थे। अबोहर की टैक्सी यूनियन के प्रधान पप्पू राम के भाई व कार के मालिक रवि कुमार पुत्र मंगतराम के अनुसार कल सांय छ: बजे के करीब इनोवा कार न. पी.बी.0 2 बी.सी. 2666 का चालक रवि कुमार उसे यह कहकर गया कि वह दवाई लेने हेतू जा रहा है और प्रात: टैक्सी स्टैंड पर कार लेकर पहुंच जाएगा लेकिन जब उसे रात को कार जरूरत पड़ी तो उसने अचानक रवि कुमार को फोन किया तो उसका मोबाईल स्वीच ऑफ आ रहा था तो वह गाड़ी चालक के घर गया तो उसकी पत्नी ने कहा कि वह घर नहीं आया तो उसने चालक रवि कुमार इधर-उधर काफी तलाश की लेकिन उसका कही पता नही चला। प्रात: 9 बजे के करीब उन्हें पुलिस स्टेशन डबवाली से सूचना मिली कि एक इनोवा गाड़ी चालक सहित सिरसा
रोड़ नहर में गिरी है वह तुरंत मौजगढ़ हैड के समीप पहुंचे जहां पर पुलिस द्वारा चालक रवि कुमार के शव को नहर से बाहर निकाला हुआ था। उसने व उनके साथ अबोहर से आए हुए लोगों ने उसकी शिनाख्त की । तदोपरांत थाना सदर पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय अस्पताल में लाया गया था। समाचार लिखे जाने तक दूसरे युवक का शव व कार की तलाश जारी थी। हालाकि लंबी जदोजहद के गांव वासियों के सहयोग से कार को नहर से बाहर निकाल लिया था लेकिन समाचार लिखे जाने तक दूसरे शव की तालाश की जा रही थी।अधिकारियों को नहीं जिम्मेदारी का अहसास
इतनी बड़ी घटना के बावजूद डीएसपी, एसडीएम व एसएचओ ने वहां खड़े रहकर ग्रामीणों व बचाव दल की सहायता करने अथवा उनकी हौसलाअफजाई के लिए वहां खड़े रहने की जहमत नहीं उठाई। करीब आधा घंटा खड़े होने के बाद भी जब कार नहीं निकल पाई तो तेज चिलचिल्लाती धूप में खड़े होकर जिम्मेदारी निभाने के बजाय सभी अधिकारी वहां से चले गए। पीछे से बचाव दल व ग्रामीण पूरे जी-जान से कार व उसके सवारों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करते रहे।
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डिग्गी में गिरने से मौत
डबवाली-उपमंडल के गांव कालूआना में 55 वर्षीय व्यक्ति को भीष्म गर्मी में अपना गला तर करने के लिए पानी डिग्गी के पास उतरना जाना मंहगा पड़ा। पानी पीने की चाहत ही उसे मौत के आगोश तक खींच कर ले गई और पानी पीने के लिए डिग्गी में उतरे व्यक्ति की डिग्गी में ही डूब जाने से ही मौत हो गई। मृतक की पहचान महावीर सिंह निवासी कालूआना के तौर पर की गई है।
इस हादसे का पता उसके परिजनों को उस समय चला जब उसका शव डिग्गी में तैरता हुआ मिला। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा की 174 के तहत कार्यवाही करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाने के उपरांत उसके परिजनों को सौंप दिया है।
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मीठा पेय जल पिलाकर मनाया जन्मदिवस
डबवाली-शहर के समाज सेवी व इनेलो वरिष्ठ नेता राकेश कुमार शर्मा ने आ
ज अपने जन्मदिवस पर चौटाला रोड़ पर स्थित शर्मा स्वीट्स पर मीठे पानी की छबील लगाई और राहगीरों को मीठा पानी पिलाकर नेक कार्य किया।
इस अवसर पर डा. सुरेन्द्रपाल जस्सी, डा. मथुरादास चलाना, जगदीप बराड़ एडवोकेट, सोमजीत शम्मा,जगदीश राय, अवतार सोनी,महेंद्र मैडीकल वाला,राजू ढाबे वाला,गुलशन प्रधान, एडवोकेट दीपक कौशल ने उनके जन्मदिवस पर बधाई दी व उनके द्वारा किए गए इस नेक कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
ज अपने जन्मदिवस पर चौटाला रोड़ पर स्थित शर्मा स्वीट्स पर मीठे पानी की छबील लगाई और राहगीरों को मीठा पानी पिलाकर नेक कार्य किया।श्री शर्मा ने कहा कि अपने हर जन्म दिवस पर इसी तरह से सेवा करते रहेगे
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मंगलवार, 17 मई 2011
क्या फैसला अकालियों का, ऐलान दिल्ली का
मामला मुक्तसर जिला कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति का
यह भी जमीनी हकीकत है कि पंजाब के सीमावर्ती जिले मुक्तसर ने पंजाब की राजनीति पर बहुल लंबे समय तक एकछत्र राज किया है, जो कि मौजूदा समय में भी बरकरार है। इस जिले में चाहे कि हिंदु वोटरों की संख्या काफी है परन्तु फिर भी वह इतनी नहीं कि सिक्ख वोटों को किसी पक्ष से प्रभावित कर सके। जिले में बाकी राजसी पार्टियां ही नहीं बल्कि धर्म निष्पक्ष पार्टी के तौर पर जानी जाती कांग्रेस पार्टी के संदर्भ में इतिहास गवाह है कि पिछले काफी समय से कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष के पद पर सिक्ख नेता ही काबज होते रहे हैं। जिसके चलते सिख बहुसंख्यक इस जिले में कांग्रेस का सिख वोट बैंक चाहे अकाली दल पर भारी नहीं पड़ सका परन्तु मुकाबला करन के पूर्णतय समर्थ जरूर रहा।
राजनैतिक पयवेक्षको का यह भी मानना है कि सैंकड़े एकड़ जमीनें और करोड़ों-अरबों की जायदादों वाले जागीरदार नेताओं की राजनीतिक सरजमीं (जिला मुक्तसर) पर जहां राजनीति का एक दाव खेलते समय करोड़ों रुपए तक की खर्च करने की परवाह नहीं की जाती, वहां एक आम साधारण और व्यापारी नेता द्वारा जिल में बडे स्तर पर गुटबाजी की शिकार कांग्रेस पार्टी को उभार कर सत्तापक्ष अकाली दल (बादल) और पी.पी.पी. के साथ आमने -सामने की लड़ाई में से कांग्रेस की किश्ती पार निकाल सकना असंभव माना जा रहा है।
कांगे्रस आलाकमान द्वारा मुक्तसर जिलेके तीन विधानसभा क्षेत्र मुक्तसर, गिद्दड़बाहा और मलोट के फिरोज़पुर लोकसभा क्षेत्र के अधीनस्थ आने कारण इस लोकसभा क्षेत्र से दो बार किस्मत आजमा चुके कांग्रेस के हाई-प्रोफाइल नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस के स्थायी सदस्य श्री जगमीत सिंह बराड़ की सिफ़ारिश पर मुक्तसर जिले के कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति की है। परंतु इस सब बीच कांग्रेस आलाकमान शायद यह भूल बैठी कि मुक्तसर जिले में पंजाब के मौजूदा मुख्य मंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल का गृह विधानसभा क्षेत्र लम्बी भी पडता है। जहां से सिर्फ मुक्तसर जिले की सियासत नहीं बल्कि समूचे प्रदेश की अकाली राजनीति का कहानीयां गढी जाती है और लम्बी विधानसभा क्षेत्र का राजनैतिक दृश्य ही पूरे जिले की राजनैतिक धुरी को तय करता है। ऐसे में बाबा बोहड सीनियर बादल और परिपक्व मुहिमबाज उप मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल के सामने श्री गुरदास गिरधर जैसे सीधे और आर्थिक पक्ष से आम साधारण व्यक्ति के ज्यादा प्रभावशाली साबित होने के बारे शंका जाहर की जा रही है। जबकि दूसरे तरफराजनीतिक पर्यवेक्षको की राय में श्री मुक्तसर साहिब जिले में ऐसा गतिशील और बेबाक नेता जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए था, जो कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तर्ज पर प्रदेश के मौजूदा हाकिमों को उन को गृह जिले में सख्त टक्कर दे कर अकालियों के सूबे पर 25 वर्षों तक राज करने के सपनों को नेसताबूत कर सके।
पार्टी के एक नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि पार्टी के इस फैसले से लगता है कि जैसे जिला कांग्रेस कमेटी श्री मुक्तसर साहिब के अध्यक्ष का फैसला सुखबीर सिंह बादल ने किया है और इसका ऐलान आल इंडिया कांग्रेस समिति हैडक्र्वाटर से हुआ है।
इसी दौरान संपर्क करने पर जिला श्री मुक्तसर साहब के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री गुरदास गिरधर ने खुद को जन्मजात व टकसाली कांग्रेसी करार देते कहा कि वह स्वतंत्रता सेनानी श्री बिहारी लाल के पुत्र हैं और उन की जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पूरी पैठ है। सिख राजनीति से भरपूर जिले में हिंदु वर्ग के साथ संबन्धित होने बावजूद खुद को प्रभावशाली अध्यक्ष के तौर पर साबित करनेके बारे उन्होने कहा कि कांग्रेस एक धर्म निष्पक्ष पार्टी है जहां धर्म और जाति-पात से पहले लोकहित हैं।
डबवाली-नई दिल्ली स्थित कांग्रेस पार्टी की हाईकमांड द्वारा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की जारी नई सूची में सिख प्रभाव और जागीरदार राजनीतिज्ञों का गढ़ माने जाते जिला श्री मुक्तसर साहब में एक व्यापारी व साधारण नेता श्री गुरदास गिरधर को जिलाध्यक्ष नियुक्त कर मुख्य मंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल के गृह जिले में सत्ता पक्ष अकाली दल के लिए आगामी विधानसभा चुनावों में अप्रत्यक्ष रूप में रास्ता आसान कर दिया है।
हमेशा से बड़े-बड़े जागीरदार जटट् सिक्ख नेताओं की राजनीति के प्रभाव में इस जिले में जहाँ मुक्तसर, मलोट और गिद्दड़बाहा शहरी इलाके होने के बावजूद सिक्ख वोट बैंक व सिखी पर आधारत राजनीति का दबदबा रहा है। जिस के तहत यहां पंजाब के पूर्व मुख्य मंत्री स्व. श्री हरचरन सिंह बराड़, अकाली राजनीति के बाबा बोहड माने जाते रहे श्री तेजा सिंह बादल, मौजूदा मुख्य मंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल और दरवेश राजनीतिज्ञ के रूप में प्रख्यात रहे स्व: जत्थेदार जगदेव सिंह खुडड्ीयां (सांसद फरीेदकोट लोकसभा क्षेत्र), पूर्व सांसद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता, श्री जगमीत सिंह बराड़, भाई शमिन्दर सिंह और पूर्व विधायक श्री दर्शन सिंह मराड़ सरीखे नेता अपने-अपने समय और पैठ के मुताबिक मुक्तसर जिल की सियासत भारी रहे हैं।यह भी जमीनी हकीकत है कि पंजाब के सीमावर्ती जिले मुक्तसर ने पंजाब की राजनीति पर बहुल लंबे समय तक एकछत्र राज किया है, जो कि मौजूदा समय में भी बरकरार है। इस जिले में चाहे कि हिंदु वोटरों की संख्या काफी है परन्तु फिर भी वह इतनी नहीं कि सिक्ख वोटों को किसी पक्ष से प्रभावित कर सके। जिले में बाकी राजसी पार्टियां ही नहीं बल्कि धर्म निष्पक्ष पार्टी के तौर पर जानी जाती कांग्रेस पार्टी के संदर्भ में इतिहास गवाह है कि पिछले काफी समय से कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष के पद पर सिक्ख नेता ही काबज होते रहे हैं। जिसके चलते सिख बहुसंख्यक इस जिले में कांग्रेस का सिख वोट बैंक चाहे अकाली दल पर भारी नहीं पड़ सका परन्तु मुकाबला करन के पूर्णतय समर्थ जरूर रहा।
राजनैतिक पयवेक्षको का यह भी मानना है कि सैंकड़े एकड़ जमीनें और करोड़ों-अरबों की जायदादों वाले जागीरदार नेताओं की राजनीतिक सरजमीं (जिला मुक्तसर) पर जहां राजनीति का एक दाव खेलते समय करोड़ों रुपए तक की खर्च करने की परवाह नहीं की जाती, वहां एक आम साधारण और व्यापारी नेता द्वारा जिल में बडे स्तर पर गुटबाजी की शिकार कांग्रेस पार्टी को उभार कर सत्तापक्ष अकाली दल (बादल) और पी.पी.पी. के साथ आमने -सामने की लड़ाई में से कांग्रेस की किश्ती पार निकाल सकना असंभव माना जा रहा है।
कांगे्रस आलाकमान द्वारा मुक्तसर जिलेके तीन विधानसभा क्षेत्र मुक्तसर, गिद्दड़बाहा और मलोट के फिरोज़पुर लोकसभा क्षेत्र के अधीनस्थ आने कारण इस लोकसभा क्षेत्र से दो बार किस्मत आजमा चुके कांग्रेस के हाई-प्रोफाइल नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस के स्थायी सदस्य श्री जगमीत सिंह बराड़ की सिफ़ारिश पर मुक्तसर जिले के कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति की है। परंतु इस सब बीच कांग्रेस आलाकमान शायद यह भूल बैठी कि मुक्तसर जिले में पंजाब के मौजूदा मुख्य मंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल का गृह विधानसभा क्षेत्र लम्बी भी पडता है। जहां से सिर्फ मुक्तसर जिले की सियासत नहीं बल्कि समूचे प्रदेश की अकाली राजनीति का कहानीयां गढी जाती है और लम्बी विधानसभा क्षेत्र का राजनैतिक दृश्य ही पूरे जिले की राजनैतिक धुरी को तय करता है। ऐसे में बाबा बोहड सीनियर बादल और परिपक्व मुहिमबाज उप मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल के सामने श्री गुरदास गिरधर जैसे सीधे और आर्थिक पक्ष से आम साधारण व्यक्ति के ज्यादा प्रभावशाली साबित होने के बारे शंका जाहर की जा रही है। जबकि दूसरे तरफराजनीतिक पर्यवेक्षको की राय में श्री मुक्तसर साहिब जिले में ऐसा गतिशील और बेबाक नेता जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए था, जो कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तर्ज पर प्रदेश के मौजूदा हाकिमों को उन को गृह जिले में सख्त टक्कर दे कर अकालियों के सूबे पर 25 वर्षों तक राज करने के सपनों को नेसताबूत कर सके।
पार्टी के एक नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि पार्टी के इस फैसले से लगता है कि जैसे जिला कांग्रेस कमेटी श्री मुक्तसर साहिब के अध्यक्ष का फैसला सुखबीर सिंह बादल ने किया है और इसका ऐलान आल इंडिया कांग्रेस समिति हैडक्र्वाटर से हुआ है।
इसी दौरान संपर्क करने पर जिला श्री मुक्तसर साहब के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री गुरदास गिरधर ने खुद को जन्मजात व टकसाली कांग्रेसी करार देते कहा कि वह स्वतंत्रता सेनानी श्री बिहारी लाल के पुत्र हैं और उन की जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पूरी पैठ है। सिख राजनीति से भरपूर जिले में हिंदु वर्ग के साथ संबन्धित होने बावजूद खुद को प्रभावशाली अध्यक्ष के तौर पर साबित करनेके बारे उन्होने कहा कि कांग्रेस एक धर्म निष्पक्ष पार्टी है जहां धर्म और जाति-पात से पहले लोकहित हैं।
रविवार, 15 मई 2011
जमीनी विवाद में मारी गोली, दो सगे भाइयों की मौत
डबवाली- गांव देसूजोधा में आज सुबह जमीनी विवाद के चलते एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के दो लोगों पर गोलियां दाग दी, जिससे दोनों सगे भाईयों की मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास कर रही है। जानकारी के अनुसार गांव देसूजोधा में रहने वाले गुरदेव सिंह का गांव के ही कुछ लोगों से जमीन-जायदाद का विवाद चल रहा था। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच अनेक बार झगड़े व पंचायत भी हुई, लेकिन उसके बावजूद विवाद नहीं सुलझा। आज सुबह जब गुरदेव के दो पुत्र मट्टू सिंह व कौर सिंह अपने खेतों में काम करने के लिए गए थे तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर गोली दाग दी और फरार हो गए। गोली व चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम रहे ग्रामीण मौके पर आए, लेकिन तब तक मट्टू सिंह की मौत हो चुकी थी। छाती पर लगी गोली के कारण गंभीर रूप से घायल कौर सिंह को उन्होंने फौरन अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां भी उपचार दौरान ही कौर सिंह की भी मौत हो गई।
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शनिवार, 14 मई 2011
सोलर मिशन तहत गांवों में लगाई जा रही सोलर लाइट के लिए पंचायतों से वसूली जा रही लाखों रुपयों की राशि को अनुचित --सीता राम
डबवाली(यंग फ्लेम)जिला परिषद के चेयरमैन डा. सीता राम ने जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन तहत गांवों में लगाई जा रही सोलर लाइट के लिए पंचायतों से वसूली जा रही लाखों रुपयों की राशि को अनुचित करार दिया है। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाते हुए जिला परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि पंचायती राज अधिनियम के तहत पंचायतों को अपने बजट को गांव के विकास लिए अपने हिसाब से खर्च करने का अधिकार है। कोई अधिकारी उन्हें पंचायत की आय को किसी भी स्थान पर खर्च करने के लिए निर्देशित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि बिजली के लिए विकल्पों को अपनाना एक अच्छा कदम है लेकिन पहले से ही पिछड़ी पंचायतों से इसकी कीमत वसूलनी ठीक नहीं है। सरकार पिछड़ा क्षेत्र की अनुदान राशि से इस खर्च करे।
उन्होंने कहा पंचायतों के अधिकार पहले से ही सीमित है और पंचायती राज की बात करने वाले लोग उन पर तरह-तरह के अंकुश लगा कर इस व्यवस्था को पंगु बना रहे है। उन्होंने बताया कि पंचायत के पास आय के साधन काफी सीमित है और सीमित आय के कारण पंचायतें विकास कार्य करवाने में सक्षम नहीं है ऊपर से सोलर लाइटों का डेढ़ से अढ़ाई लाख रुपये का खर्च वहन करना पंचायतों के बूते से बाहर है। जिला परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि सरकार के इस कदम के बाद जिले के सरपंचों और पंचायतों में खासा रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि वे इस संदर्भ में शीघ्र ही ऊर्जा मंत्री से मुलाकात भी करेंगे और इस नीति के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवायेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी पंचायतों को रेडक्रास में दान देेने के लिए दबाव डाल रहे है जबकि अब ये जगजाहिर हो चुका है रेडक्रास का फंड जनता के हित में नहीं बल्कि अधिकारियों की इच्छाओं की पूर्ति के लिए ज्यादा खर्च हो रहा है। सरकार को इस पर अंकुश लगाना चाहिए।
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गोलीबारी की घटना के संबंध में दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
डबवाली (यंग फ्लेम)कालांवाली पुलिस ने 6 मई को क्षेत्र के ताज मैरिज पैलेस में हुई गोलीबारी की घटना के संबंध में घटना के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नरेश पुत्र सतपाल निवासी रामांमंडी पंजाब व जितेंद्रपाल पुत्र गुरदीप ङ्क्षसह निवासी मंडी कालांवाली के रूप में हुई है। पुलिस ने पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए दोनो युवकों में से एक युवक जितेंद्र पाल की शिनाख्त पर वारदात में प्रयुक्त 12 बोर का अवैध पिस्तौल व एक खाली खोल भी बरामद कर लिया है। दोनो आरोपियों को आज डबवाली अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हे न्यायिक हिरासत में सिरसा जेल भेजा गया है। सहायक उपनिरीक्षक रामकुमार ने बताया कि कालांवाली में देसूमलकाना रोड़ पर स्थित ताजमैरिज पैलेस में बीती 6 मई को एक शादी समारोह के दौरान हुए झगड़े में हरजिंद्र पुत्र गुरजंट निवासी तख्तमल को गोली लगी थी, इस मामले में पुलिस ने हरजिंद्र सिंह की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 323, 148,149, 307 व शस्त्र अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज हुआ था। जांच अधिकारी ने बताया कि घटना के बाकी आरोपियों की पहचान कर ली गई है तथा उन्हे शीघ्र ही गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।
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प्रेमी के घर नारियल लेकर पहुंचे प्रेमिका के परिजन
डबवाली (यंग फ्लेम) पंजाब के लवली विश्वविद्यालय के प्रांगण में शुरु हुई रतिया के एक युवक व युवती की प्रेम कहानी फिल्मी प्रेम कहानियों को भी धत्ता बताते हुए एक ऐसे मोड़ पर जा पंहुची जिसे देख हर कोई अचम्भित है। इस प्रेम कहानी के क्लाईमेक्स का सीन इस कदर दर्दभरा ओर रोमांचक हो गया की लड़की का पिता नारियल व रुपया लेकर सैकड़ों लोगों के साथ रतिया के माडल टाऊन स्थित लड़के के घर जा पंहुचा और सैकड़ों लोग बृहस्पतिवार शाम को लड़के के घर के सामने धरना देकर बैठ गए व धरना प्रात: तक जारी रहा। लड़की के परिवार के लोगों के गुस्से व भारी संख्या में लोगों को देखते हुए लड़का नवदीप, उसका पिता कृष्ण कुमार उर्फ लीला व चाचा दत्त भारती अपना घर छोड़कर भाग निकले।
जानकारी के अनुसार रतिया में भारती मेडिकल हॉल नाम की दुकान चलाने वाले कृष्ण कुमार का लड़का नवदीप पिछले कई वर्षों से लवली विश्वविद्यालय जालंधर में एम फार्मा कर रहा था। इसी विश्वविद्यालय में रतिया की एक लड़की बी फार्मा कर रही थी। दोनों के बीच प्रेम परवान चढा और जीवनभर साथ निभाने की कसमें भी खाई गई लेकिन इसी बीच लड़के के परिवार के लोगों ने लड़के नवदीप की शादी 12 मई को पातड़ा के एक अग्रवाल परिवार में तय कर दी। रतिया शहर भर में कार्ड भी बांट दिए गए व माडल टाऊन स्थित कोठी को भी बिजली की रोशनी से जगमगा दिया। लड़के की दगाबाजी से परेशान युवती ने अपने परिवार को विश्वास में लेकर लड़के की दगाबाजी के बारे में अग्रवाल सभा रतिया व अग्रवाल सभा पातड़ा को पत्र लिखकर सारी स्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि लड़के ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी है और अब वह दूसरी जगह शादी करने जा रहा है। लड़की ने रतिया व पातड़ा की अग्रवाल सभा से अनुरोध किया कि उसकी शादी नवदीप से करवाई जाए। लड़की का पत्र मिलने के बाद अग्रवाल सभा पातड़ा के दखल से लड़की के परिजनों ने अपनी लड़की की शादी रतिया निवासी नवदीप से करने से इंकार कर दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार 12 मई को रतिया की अग्रवाल धर्मशाला में अग्रवाल सभा रतिया, सर्व व्यापार मंडल व पंजाबी सभा से जुड़े दिग्गजों की एक बैठक हुई। शहर के सभी प्रबुद्ध नागरिकों ने लड़की की बात को सही ठहराते हुए लड़की पक्ष का इस मामले में साथ देने का निर्णय लिया व अग्रवाल धर्मशाला में मौजूद सैंकड़ों लोग लड़की के बाप के साथ नारियल व रुपया लेकर बृहस्पतिवार शाम को माडल टाऊन स्थित कृष्ण कुमार लीला के घर के बाहर पंहुच गए। देखते ही देखते यह बात पूरे रतिया शहर में फैल गई और हजारों की संख्या में लोग माडल टाऊन में कृष्ण कुमार लीला के घर के बाहर जमा हो गए। भारी संख्या में लोगों के अपने घर की ओर आने की भनक लगते ही कृष्ण कुमार लीला अपने लड़के नवदीप व छोटे भाई दत्त भारती के साथ घर से भाग निकला।बृहस्पतिवार देर रात को पुलिस ने दोनों पक्षों के 4-4 लोगों को बैठाकर समझौता करवाने की कोशिश की लेकिन बात सिरे नहीं चढी। रातभर सैंकड़ों लोग लड़के नवदीप के घर के सामने धरना मारकर बैठे रहे। शुक्रवार को लड़के नवदीप के कुछ रिश्तेदारों की पहल पर रतिया के प्रबुद्ध लोगों ने एक बैठक करते हुए इस मामले को निपटाने के लिए शुक्रवार शाम 5 बजे अग्रवाल धर्मशाला रतिया में एक बैठक बुलाई है। इस निर्णय के बाद लड़के के घर के सामने बैठे लोगों ने धरना हटा दिया।
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बुधवार, 11 मई 2011
समय को लेकर दुविधा में स्कूल मुखिया
डबवाली(यंग फ्लेम) समय को लेकर डबवाली खंड के सरकारी विद्यालयों के मुखिया दुविधा में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे विद्यालयों का समय 7 से 2.30 रखे या पुराना समय 8 से 2 बजे तक ही विद्यालय लगाए। एक मई से शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में समय बदलकर सुबह 7 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक कर दिया था। शिक्षकों द्वारा समय बढ़ाने का विरोध करने पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मीटिंग में कहा था कि विद्यालयों का समय न बढ़ाया जाए। मगर मुख्यमंत्री के बयान के बाद भी गांव सावंतखेड़ा में तो स्कूल 8 से 2 बजे तक चल रहा है वहीं दूसरी और गांव मांगेआना में स्कूल सुबह 7 से दोपहर ढाई बजे तक चल रहा है हालांकि यह दोनों गांव खंड शिक्षा अधिकारी डबवाली के अधीन आते है अब यह तो अधिकारियों की लालफीता शाही ही बता सकती है कि ऐसा क्यों हो रहा है कि कहीं तो स्कूलों का समय 8 से 2 बजे तक है और कहीं सुबह 7 से अढाई बजे तक चल रहा है। जबकि कुछ स्कूल पुराने समय पर लग रहे हैं। ऐसे में शिक्षक व अभिभावक निर्णय नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर वे क्या करें। जब शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री के आदेश ही कोई मायने नहीं रखते हैं तो शिक्षकों व बच्चों की कौन सुनेगा। इस संबंध में उप जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. यज्ञदत्त वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल सुबह 7 से दोपहर 2.30 बजे तक ही लग रहे हैं क्योंकि उनके पास सरकार की ओर से समय घटाने का कोई लिखित आदेश नहीं आया है। जब तक नए आदेश नहीं आते, स्कूल 7 से ढाई बजे तक ही लगेंगे।
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आखिर क्यों नहीं रूक रही गौ-तस्करी
डबवाली -तमाम प्रयासों के बावजूद भी प्रशासन गौवंश की तस्करी रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। डबवाली में एक वर्ष पूर्व हुए गौहत्या कांड को लोग अभी भूले नहीं थे कि डबवाली बठिंडा मार्ग पर स्थित पंजाब के गांव मशाना व गुडथड़ी के बीच नाले के पास टिब्बे की आड़ में गौ वंश का वध करके उसके मांस और चर्बी का निर्यात करने का सनसनीखेज मामला समाने आया। पिछले काफी समय से इस स्थान पर बेदर्दी से इलाके के गौधन को काट कर उनकी चमड़ी निकालने के अलावा, चर्बी और अस्थियां बेचने के धन्धे का पर्दाफाश हुआ। गौहत्या की विभिन्न धाराओं के तहत आठ पर मामला दर्ज करके 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन अब सोचने वाली बात यह है कि ऐसे मामले दिन प्रतिदिन क्यों बढ़ रहे है क्या आज का समाज इतना अधर्मी हो गया है कि वह किसी धर्म विशेष की भावनाओं की कदर न करते हुए मोह-माया के जाल में इस प्रकार से जकड़ा गया है कि उसे पाप व पुण्य में कोई फर्क ही नजर नहीं आता। शायद इस सब के लिए कहीं न कहीं हम स्वयं भी जिम्मेदार है क्योंकि हम आज कल की भागदौंड भरी जिंदगी के कारण इतने लोभी हो गए है कि हम गौवंश के प्रति अपना फर्ज भूल चुके है जिसके कारण आज गौवंश सड़कों पर आवारा फिरता देखा जा सकता है। जिसके कारण दूसरे अधर्मी लोगों के हौंसले इतने बुलंद हो गए है कि वह हमारी भावनाओं से खिलवाड़ करने में कामयाब हो रहे है यह खिलवाड़ तब तक चलता रहेगा जब तक हम गौवंश के प्रति अपनी सोच का रैवेया नहीं बदलते। वहीं दूसरी और अपने आप को गौभक्त कहने वाले व गौशालाओं के ठेकेदार कहलाने वाले लोग भी इसके लिए जिम्मेदार है क्योंकि डबवाली मेें गौहत्या कांड होने बावजूद भी ये लोग कुछ समय के लिए तो आगे आए लेकिन न जाने क्यों अचानक पीछे हट गए व फिर से उन लोगों के हौंसले बुलंद हो गए जो इस अधर्म के कार्य में लगे हुए है। पंजाब क्षेत्र मंडी किलियांवाली में लगने वाली पशु मंडी संदेह के घेरे में है। फतेहाबाद, सिरसा व डबवाली में गौभक्तों द्वारा पकड़े गये पशुओं से भरे ट्रक इसका खुलासा कर रहे है कि इस मंडी में कितने बड़े स्तर पर गौधन की तस्करी की जा रही है। पुलिस मात्र मामला दर्ज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रही है। जबकि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाये तो गौधन की तस्करी में लगे एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है जिनके तार हरियाणा पंजाब, राजस्थान और दिल्ली तथा उतर प्रदेश से जुड़े हुए है।
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अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र, प्रशासन के लिए चुनौती
डबवाली-नशा और नशे की गिरफ्त में हजारों नौजवान की मौजूदगी डबवाली नशा मुक्ति कंद्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की सीमा पर बसे डबवाली शहर में तीनों राज्यों के नशे की गिरफ्त में युवाओं पैसे ऐंठने के लिए नशा मुक्ति केंद्र खुलने आरंभ हो गये है। नशा छुड़ाने के नाम पर नशे में गिरफ्त युवाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है यह किसी से छुपा नहीं है। हरयिाणा पंजाब व राजस्थान से सटे इस शहर में जहां तीनों राज्यों के बीचों-बीच होने का लाभ प्राप्त है वहीं इस शहर का यह भी दुर्र्भाग्य है कि नशीले पदार्थों के तस्कर इसका अपने कार्य को अंजाम देने के लिए पुरा लाभ उठाा रहे है। क्योंकि राजस्थान से भारी मात्रा में नशे से सामान की तस्करी कर उसे डबवाली पहुंचाया जाता है और उसके बाद इसे यहां से पंजाब व हरियाणा के विभिन्न शहरों में पहुचाया जाता है। पिछले कुछ दिनों पूर्व पंजाब सरकार ने नशा मुक्ति केंद्रों पर सख्ती करते हुए इन्हें बंद करवाया दिया क्योंकि इन केंद्रों में मानव अधिकारों का उलंघन होने के समाचार हर दिन पढऩे को मिल रहे थे। अब इन नशा मुक्ति केंद्र संचालकों ने मलोट, संगत व तलवंडी आदि जगहों से अपने केंद्रों को बंद कर गुप्त रूप से डबवाली में शरण ले ली है। इसी तरह के एक नशा मुक्ति केंद्र का पता चला है जो प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है वहीं दूसरी और उन्होंने ऐसे स्थानों में अपने केंद्र खोल रखे है कि देखने वाले को यह शक भी न हो कि यहां कोई नशा मुक्ति चल रहा है। संचालकों इन केंद्रों के बाहर कोई साईन बोर्ड नहीं लगया और छोटे-छोटे कमरों में नशा छोडऩे आए युवकों को बंद कर उन्हें प्रताडि़त किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस तरह का कोई भी नशा मुक्ति केंद्र खोलने से पहले प्रशासन से अनुमती लेना अनिवार्य है लेकिन जिस तरह से यह नशा मुक्ति केंद्र प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर धड़ल्ले से अपने कार्य को अंजाम दे रहे है। जब इस नशा मुक्ति केंद्र वाले स्थान पर हमारे संवादाता आज सिरसा रोड पर तो उन्होंने देखा कि नशा मुक्ति केंद्र के नाम पर एक दुकान है जिसमें केवल हॉल हैै। और जिसका शटर हमेशा बंद रहता है। इस केंद्र में 10 से 15 नशा छोडऩे आए युवकों को रखा गया है। डबवाली शहर में यह अकेला ही नहीं और भी इस प्रकार के अनेक नशामुक्ति केंद्र चल रहे है।
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रविवार, 8 मई 2011
गौ वंश का वध करके उसके मांस और चर्बी का निर्यात करने का सनसनीखेज मामला सामने आया
डबवाली। गांव मशाना से होकर बहने वाले नाले के पास टिब्बे की आड़ में गौ वंश का वध करके उसके मांस और चर्बी का निर्यात करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दण्ड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आठ पर मामला दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गांव मशाना के नेशनल हाईवे स्थित खेतों में हड्डियां बिखरी हुई पाई और कुत्तों के मुंह में हड्डियों को देखकर उनका पीछा करते हुए ग्रामीणों ने उस स्थल को ढूंढ निकाला, यहां पर मिट्टी के टिल्लों की आड़ में गौकशी की जा रही थी। उन्होंने इस मामले को गांव के सरपंच शमिंद्र सिंह के समक्ष उठाया। शमिंद्र सिंह ने किसानों के साथ जाकर मौका देखा और इसकी जानकारी गुरूद्वारा की मार्फत स्पीकर से ग्रामीणों को दी। गांव में गौ हत्या के मामले को लेकर भड़क उठा। ग्रामीणों ने घटना स्थल पर पहुंचकर मौका पर गौकशी कर रहे आठ लोगों को हथियारों सहित काबू करके इसकी सूचना थाना संगत पुलिस को दी।
गांव के सरपंच शमिंद्र सिंह के मुताबिक इस घटना की सूचना पाकर पुलिस मौका पर पहुंची। लोगों ने पुलिस को मौका पर गौ चर्बी से भरी यूटीलीटी, गौ हत्या के लिए प्रयुक्त होने वाले हथियार, गौ वंश के अस्थि पिंजर बरामद करवाए। साथ में मौका पर पकड़े गए छह जनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
थाना संगत प्रभारी एसआई रछपाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दिए ब्यान के आधार पर राजकुमार पुत्र गोपाल दास निवासी संजय नगर, बठिंडा, जगरूप सिंह पुत्र जंग सिंह निवासी गहरी बुट्टर, तीर्थ सिंह पुत्र शंकर सिंह निवासी देओन, दीपू सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी आभा बस्ती, गली नं. 3, बठिंडा, पूर्ण सिंह पुत्र ईशर सिंह निवासी संजय नगर, बठिंडा, सोनू पुत्र काका बाबा निवासी संगुआना बस्ती, बठिंडा, गोलू पुत्र काका बाबा निवासी बठिंडा, अर्जुन दास पुत्र गोपाल दास निवासी संजय नगर बठिंडा के खिलाफ दफा 268/269/270/278/295/427 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके सोनू और गोलू के अतिरिक्त अन्य छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इधर इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने संगत मण्डी में प्रदर्शन किया और थाने का घेराव कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मौक्े पर सुखपाल सरां, डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के आरके नीना, गौशाला संगत के अध्यक्ष राजकुमार राजू उपस्थित थे।
गांव मशाना के नेशनल हाईवे स्थित खेतों में हड्डियां बिखरी हुई पाई और कुत्तों के मुंह में हड्डियों को देखकर उनका पीछा करते हुए ग्रामीणों ने उस स्थल को ढूंढ निकाला, यहां पर मिट्टी के टिल्लों की आड़ में गौकशी की जा रही थी। उन्होंने इस मामले को गांव के सरपंच शमिंद्र सिंह के समक्ष उठाया। शमिंद्र सिंह ने किसानों के साथ जाकर मौका देखा और इसकी जानकारी गुरूद्वारा की मार्फत स्पीकर से ग्रामीणों को दी। गांव में गौ हत्या के मामले को लेकर भड़क उठा। ग्रामीणों ने घटना स्थल पर पहुंचकर मौका पर गौकशी कर रहे आठ लोगों को हथियारों सहित काबू करके इसकी सूचना थाना संगत पुलिस को दी।
गांव के सरपंच शमिंद्र सिंह के मुताबिक इस घटना की सूचना पाकर पुलिस मौका पर पहुंची। लोगों ने पुलिस को मौका पर गौ चर्बी से भरी यूटीलीटी, गौ हत्या के लिए प्रयुक्त होने वाले हथियार, गौ वंश के अस्थि पिंजर बरामद करवाए। साथ में मौका पर पकड़े गए छह जनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
थाना संगत प्रभारी एसआई रछपाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दिए ब्यान के आधार पर राजकुमार पुत्र गोपाल दास निवासी संजय नगर, बठिंडा, जगरूप सिंह पुत्र जंग सिंह निवासी गहरी बुट्टर, तीर्थ सिंह पुत्र शंकर सिंह निवासी देओन, दीपू सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी आभा बस्ती, गली नं. 3, बठिंडा, पूर्ण सिंह पुत्र ईशर सिंह निवासी संजय नगर, बठिंडा, सोनू पुत्र काका बाबा निवासी संगुआना बस्ती, बठिंडा, गोलू पुत्र काका बाबा निवासी बठिंडा, अर्जुन दास पुत्र गोपाल दास निवासी संजय नगर बठिंडा के खिलाफ दफा 268/269/270/278/295/427 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके सोनू और गोलू के अतिरिक्त अन्य छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इधर इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने संगत मण्डी में प्रदर्शन किया और थाने का घेराव कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मौक्े पर सुखपाल सरां, डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के आरके नीना, गौशाला संगत के अध्यक्ष राजकुमार राजू उपस्थित थे।
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शनिवार, 7 मई 2011
सुखबीर बादल का घेराव करेंगे बेरोजगार पीटीआई अध्यापक
डबवाली (यंग फ्लेम) डबवाली के साथ लगते पंजाब क्षेत्र में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हलका लंबी में बेरोजगार पीटीआई अध्यापक यूनियन की ओर से हलका लंबी में निरंतर चली आ रही भूख हड़ताल 70वें दिन भी जारी रही। उक्त बेरोजगार अध्यापकों की मांगों की ओर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है, जिस कारण उन्होंने संघर्ष तेज करने की घोषणा की है। इसके तहत जलालाबाद में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल द्वारा विकास कार्य का जायजा लेने के लिए 9 व 12 मई को रखे गए कार्यक्रमों में बादल का घेराव व रैलियों को भंग करने का फैसला किया गया है। इस अवसर पर यूनियन के प्रधान मनदीप सिंह कूंदी, सलाहकार रविंदर कुमार जलालाबाद व देव राज ने कहा कि पीटीआई यूनियन की 4500 पदों को भरने की मांग को सरकार अभी तक पूरा नहीं कर पाई है। उन्होंने बताया कि अपने हकों के लिए संघर्ष को और तेज करने के लिए यूनियन के सभी मेंबरों के साथ बैठक करके यह फैसला लिया गया है। इसी तरह गावों में सरकार द्वारा किए वायदों संबंधी सीडिया दिखा कर सरकार की पोल खोली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नन्हीं छाव का नारा लगाने वाली बीबी हरसिमरत कौर बादल की उपस्थिति में बठिडा में अकाली वर्करों द्वारा महिला पीटीआई अध्यापकों से की गई मारपीट संबंधी भी लोगों को अवगत करवाया जाएगा। इस मौके पर सिमरनजीत मानसा, देवराज, कृष्ण कुमार नाभा, जसविंदर ङ्क्षसह, इद्रजीत ङ्क्षसह, जस्सी मानसा, महेन्द्र पाल, देस दीपक, मनदीप कुमार, नीलम रानी, सर्बजीत कौर, मोनिका रानी, रजनी बाला, सुनीता रानी, नरेन्द्र कौर, सुनीता रानी, कुलविंदर कौर व सविता रानी सहित अन्य मौजूद थे।
लोक अदालत में 59 मामले प्रस्तुत 29 का मौके पर निपटारा
डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा एंव पंजाब हाईकोर्ट के आदेश पर आज स्थानीय कोर्ट कैम्पलैक्स में मननीय एसडीजेएम डॉ. अतुल मडिया की अध्यक्षता में एक लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में कुल 56 केस प्रस्तुत किए गए जिसमें 29 केसों का निपटारा मननीय जज साहब द्वारा मौके पर ही कर दिया गया। इस लोक अदालत में कुल 53 दिवानी केस प्रस्तुत किए गए जिसमें 26 केसों का निपटारा मौके पर किया गया और क्रिमीनल के 3 केस प्रस्तुत किए गए और तीनों ही केसों का निपटारा माननीय डॉ. अतुल मडिया ने मौके पर ही करके उन्हें निजात दिलाई और इसके अलावा तीन केस रिकवरी के भी प्रस्तुत किए गए। तीनों केसों में 1 लाख 26 हजार 606 रूपए की रिकवरी करवाकर उक्त केसों का निपटारा कर दिया गया।
यह जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके गर्ग एडवोकेट ने बताया कि इन प्रकार की लोक अदालत के आयोजन से आम लोगों का वक्त और पैसा दोनों की बचत होती है। एडवोकेट एसके गर्ग ने लोक अदालत में पहुंचे लोगों को लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर एडवोकेट कुलवंत सिंह, युधिष्टर शर्मा, जितेंद्र दंदीवाल, राजेंद्र बिश्रोई, विजय कुमार गुप्ता, गुरविंद्र सिंह मान व अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
यह जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके गर्ग एडवोकेट ने बताया कि इन प्रकार की लोक अदालत के आयोजन से आम लोगों का वक्त और पैसा दोनों की बचत होती है। एडवोकेट एसके गर्ग ने लोक अदालत में पहुंचे लोगों को लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर एडवोकेट कुलवंत सिंह, युधिष्टर शर्मा, जितेंद्र दंदीवाल, राजेंद्र बिश्रोई, विजय कुमार गुप्ता, गुरविंद्र सिंह मान व अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
एटीएम सुविधा बनी सिरदर्द, जनता परेशान
डबवाली (यंग फ्लेम) कभी-कभी सुविधा किस तरह सिरदर्द बन जाती है, इसका नमूना शहर में लगे एटीएम साबित हो रहे हैं। शहर में लगे ज्यादातर एटीएम गड़बड़ होने या पूरी तरह बंद होने से लोग को परेशान का सामना करना पड़ा। वह रुपए नहीं निकाल पा रहे हैं। शनिवार को कुछ ऐसे ही हालात थे। जहां एटीएम चालू थे वहां लोगों की लंबी कतारें लगीं थीं। चौटाला रोड पर स्थित एसबीआई के एटीएम की मशीन बंद थीं। एटीएम बंद होने से सैकड़ों लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। जिका मुख्य कारण मशीनों में तकनीकी खराबी है या फिर उनमें कैश उपलब्ध नहीं है। शहर के बीचों बीच स्थित पीएनबी बैंक का एटीएम चालू होने से यहां लोगों की कतार लग गई। इसी तरह की समस्या शहर में अन्य एटीएम पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी और पंजाब की किलियांवाली मंडी मं सिथत स्टेट बैंक ऑफ पटियाला का एटीएम भी बंद पड़ा है। एक और तो शहर में बैंकों व एटीएम मशीनों की संख्या बंढती जा रही है लेकिन सुविधा के नाम पर यह एटीएम सफेद हाथी बनकर रह गए है। उधर, पिछले कुछ माह पहले ही नए खुले एक निजी बैंक द्वारा लगाए पहले तो ग्राहकों को खाते खोलने पर एटीएम सुविधा तत्काल देने का वायदा किया गया था लेकिन यह वादा आज तक नहीं पुरा हो पाया है। एटीएम से कैश निकालने के लिए लाइन में लगे तरसेम, प्रेम कुमार, छोटू राम, जोगिंद्र सिंह, मान सिंह, निर्मल सिंह आदि ने बताया कि वह पैसे निकलवाने के लिए उन्हें एक बैक से दूसरे बैंक के एटीएम के चक्कर काट रहे है लेकिन ज्यादातर एटीएम ंबद है व जो चल रहे है उनका सर्वसर डाऊन होने के कारण उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।
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