IMPORTANT-------ATTENTION -- PLEASE

-----------------------------------"यंग फ्लेम" परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है। "यंग फ्लेम" परिवार आपका अपना परिवार है इसमें आप अपनी गजलें, कविताएं, लेख, समाचार नि:शुल्क प्रकाशित करवा सकते है तथा विज्ञापन का प्रचार कम से कम शुल्क में संपूर्ण विश्व में करवा सकते है। हर प्रकार के लेख, गजलें, कविताएं, समाचार, विज्ञापन प्रकाशित करवाने हेतु आप 093154-82080 पर संपर्क करे सकते है।-----------------------------------------------------------------------------------------IF YOU WANT TO SHOW ANY KIND OF VIDEO/ADVT PROMOTION ON THIS WEBSITE THEN CONTACT US SOON.09315482080------

Young Flame Headline Animator

शनिवार, 14 नवंबर 2009

पाक के बम में चीनी यूरेनियम


चीन ने पाकिस्तान को 1982 में डू इट योर सेल्फ (खुद से बनाएं) नामक किट के साथ दो परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम मुहैया कराया था। पाकिस्तान के बदनाम परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान के हवाले से प्रकाशित वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि परमाणु प्रसार की यह जानबूझकर की गई हरकत 1976 में चीन के तत्कालीन नेता माओ-त्से-तुंग और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हुए गुप्त समझौते का हिस्सा थी। इससे पहले खान ने पाकिस्तान के परमाणु बम कार्यक्रम के बारे में लिखा, मेरे निजी अनुरोध पर चीन ने हमें हथियार बनाने लायक 50 किग्रा संव‌िर्द्धत यूरेनियम दिया। 2004 में हिरासत में लिए जाने के बाद खान ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए यह नोट तैयार किया। खान के मुताबिक, एक साधारण हथियार के ब्लूप्रिंट के साथ यूरेनियम की खेप मिली। डू इट योर सेल्फ किट की आपूर्ति के चलते पाकिस्तान के बम बनाने के प्रयासों को जबरदस्त गति मिली। इस बात को लेकर अमेरिका की चिंताएं बढ़ गई कि खान ने 2003 में ईरान के साथ चीन की सूचनाएं साझा कीं। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान अधिकारियों ने मध्य चीन के हानजांग में एक परमाणु संयत्र बनाने में मदद की। बदले में चीन ने पाक को 15 टन यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड (यूएफ 6) इस्लामाबाद भेजा। खान के सहयोगी अपने बूते उसे बनाने में दिक्कत महसूस कर रहे थे। इस गैस से वह प्रयोगशाला बन सकी जिसके चलते 1982 में यूरेनियम बनाने का काम शुरू हो सका।

स्पेशल ओलंपिक के ब्रांड एंबेस्डर बनेंगे खली!


डब्ल्यूडब्ल्यूई (व‌र्ल्ड रेसलिंग इंटरटेनमेंट) में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके दलीप सिंह राणा ऊर्फ द ग्रेट खली के प्रशंसकों और चहेतों की उनके दीदार की हसरत जल्द पूरी होने वाली है। शिमला के गेयटी थियेटर व पद्मावती बालाजी इंस्टीट्यूट में 17 नवंबर को खली का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। इसके अलावा वह स्पेशल ओलंपिक में भाग लेने आए बच्चों से भी मिलेंगे। यहां उन्हें स्पेशल ओलंपिक का ब्रांड एंबेस्डर बनाने की योजना है। द ग्रेट खली पहले कोटखाई जाएंगे। इसके अलावा वे स्पेशल ओलंपिक भारत, (हिमाचल प्रदेश) के एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। स्पेशल ओलंपिक की अध्यक्ष मल्लिका नड्डा ने शुक्रवार को बताया कि खली को स्पेशल ओलंपिक का ब्रांड एंबेस्डर बनाने की योजना है। इसके लिए बीसीएस स्कूल से हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। स्पेशल बच्चों के लिए जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा। खली के लिए ईस्ट बोर्न होटल में रात्रि भोज देने की व्यवस्था भी की गई है।

सैफ की बहन का किरदार नहीं निभाना चाहती: सोहा




नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री सोहा अली खान फिल्मों में अपने भाई और अभिनेता सैफ अली खान की बहन का किरदार नहीं निभाना चाहतीं। सोहा ने एक साक्षात्कार में कहा, इस समय सैफ के बैनर तले काम करने की कोई योजनाएं नहीं हैं क्योंकि उन्होंने हाल ही में "लव आज कल" पूरी की हैं और अब वह "एजेंट विनोद" पर काम कर रहे है। उन्होंने कहा, इस समय सैफ जिन फिल्मों की योजनाएं बना रहे है उनमें वह खुद हीरो के बतौर काम करेंगे।
इसलिए मैं हीरो की बहन की भूमिका करने के अलावा और कुछ नहीं कर सकती, जो ज्यादा मजेदार नहीं होगा। सोहा ने कहा कि जब तक वह कुछ ऎसा नहीं बनाते, जिसमें हीरो का किरदार वह खुद न करें, तब शायद हम साथ में कुछ करेंगे। मैं ऎसा चाहती हूं क्योंकि मैं फिल्मों के बारे में उनकी समझ को बहुत पसंद करती हूं। सैफ ने कुछ समय पहले ही अपने बैनर इल्यूमिनेटी फिल्म्स के जरिए निर्माण की दुनिया में कदम रखा हैं। उनके बैनर की पहली फिल्म "लव आज कल" थीं। इम्तियाज अली ने इस फिल्म का निर्देशन किया था जबकि सैफ और दीपिका पादुकोण ने फिल्म में अभिनय किया था।

पांच साल छोटी हो बीवी, तो मैरिज हैपी-हैपी




लंदन ।। पत्नी अगर पांच साल छोटी हो, तो शादी में खुशियां ज्यादा होती हैं। ऐसा एक सर्वे में सामने आया है
। सर्वे कहता है कि बीवी अगर पांच साल छोटी, पढ़ी-लिखी और स्मार्ट है, तो यह सुखी और सफल मैरिड लाइफ की गारंटी है।

बाथ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि लड़की का ज्यादा पढ़ा-लिखा होना और पति से पांच साल छोटा होना अच्छी फैमिली लाइफ की संभावना को बढ़ा देता है।

अपने अध्ययन में रिसर्चर्स ने 1534 स्विस कपल्स से बातचीत की। पांच साल बाद उनके रिश्तों की दोबारा पड़ताल की गई। इसके बाद उन्होंने 'ड्रीम मैरिज और फ्लॉप रोमांस' का फॉर्मूला खोज निकाला।

उनके अनुसार अगर पत्नी की उम्र पति से पांच साल कम है तो तलाक के चांस कम हो जाते हैं। साथ ही अच्छी शिक्षा का असर भी संबंधों पर दिखता है और यह वैवाहिक जीवन में स्थिरता की गांरटी देता है।

शिल्पा की शादी के लिए शमिता ने छोड़ा बिग बॉस


कलर्स पर आ रहे रिऐलिटी शो 'बिग बॉस' के घर से शमिता शेट्टी बाहर आ गई हैं। दरअसल वह नॉमिनेशन के तहत बाहर नहीं हुई हैं बल्कि उन्होंने अपनी इच्छा से बिग बॉस का घर छोड़ा है।
शमिता की बहन शिल्पा शेट्टी आने वाली 22 तारीख को लंदन के बिजनेसमैन राज कुंद्रा से शादी करने वाली हैं। शमिता हर हालत में इसमें शरीक होना चाहती थीं इसलिए उन्होंने बिग बॉस के घर से बाहर आने का फैसला कर लिया।

शमिता कहती हैं, 'मेरे लिए फैमिली सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। शिल्पा की शादी की बात जब मुझे बिग बॉस के घर में पता लगी तो मैं जल्द से जल्द बाहर आकर अपने परिवार और शिल्पा से मिलना चाहती थी। मैं बहुत खुश हूं और अब शिल्पा की शादी में धूम मचाना चाहती हूं।'

जो लोग इस उम्मीद थे कि शमिता के बाहर जाने से तनाज या बख्तियार इस शुक्रवार को बिग बॉस के घर से बाहर होने से बच जाएंगे उनके लिए बुरी खबर है। बिग बॉस के घर में रहने वाले शादीशुदा कपल तनाज बख्तियार की जोड़ी में से तनाज को घर से एलिमिनेट किया गया है। दोनों को इस हफ्ते नॉमिनेट किया गया था।

लो चांद पर मिल गया पानी


चांद की सतह पर बड़ी मात्रा में पानी पाया गया है। नासा के वैज्ञानिकों ने इस तथ्य की पुष्टि की है। चांद में पानी की तलाश के लिए पिछले माह नासा द्वारा किए गए प्रयोग को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। नासा ने अपने प्रयोग के तहत गत माह चांद के दक्षिणी धु्रव पर एक शक्तिशाली विस्फोट किया था। वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाते हुए विस्फोट किया था कि वहां बर्फ होगी। इस विस्फोट के बाद हुए गढ्ढे का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि गढ्ढे की जांच के लिए भेजे गए उपकरण से प्राप्त आंकड़ों से यह पता चलता है कि वहां बड़ी मात्रा में जल वाष्प मौजूद है। एक शोधकर्ता ने इस बात को कुछ अधिक स्पष्ट करते हुए बताया कि विस्फोट स्थल पर दो गैलन नाप वाली बारह बाल्टी के बराबर पानी होने के संकेत मिले। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस खोज से चांद के बारे में हमारी समझ के विस्तार का एक नया अध्याय जुड़ गया है।

शहर जाई लइका, होशियार हो जाई!


शहर जाई लइका तो होशियार हो जाई। बाल तस्कर कुछ इसी प्रकार का झांसा देकर ग्रामीणों के देते हैं और उनके बच्चे को शहर जाकर बेच देते हैं। अपने बच्चों का भविष्य संवरने का सपना लिए आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोग इनके झांसे में आ जाते हैं और उनका भविष्य तो दूर वर्तमान भी बर्बाद हो जाता है। इस तरह का खुलासा रक्सौल इलाके में बच्चों की बरामदगी के बाद हुआ। बता दें कि इन दिनों पूरा उत्तर बिहार चाइल्ड ट्रैफिकिंग की जद में है। इसका मूल कारण यहां का भौगोलिक बनावट और प्राकृतिक आपदाएं हैं। गरीबी का लाभ उठाकर दलाल यहां के बच्चों को ही नहीं बल्कि औरतों, और लड़कियों को भी खरीदकर अन्य राज्यों में बेच देते हैं। बच्चे तो कई बार मुक्त करा लिए जाते हैं, लेकिन हैरत की बात है कि दलाल हत्थे नहीं चढ़ पाते। सूत्रों के अनुसार दलाल बड़ी चालाकी से भोले-भाले ग्रामीणों में पहले पैठ बनाते हैं फिर उन्हें छलते हैं। ये लोग दबे-कुचले गरीब परिवार के 10 से 15 वर्ष के बच्चों को काम सिखाने और शहर में पढ़ाने का प्रलोभन देते हैं। अभिभावकों को तत्काल 10-15 हजार रुपये एडवांस देते हैं। उनका तर्क होता है, कंपनी ने काम सिखाने की एवज में परिजन को आर्थिक सहयोग दिया है। इसके बाद बच्चों के कथित रिश्तेदार बनकर दूसरे राज्यों में लेकर जाते हैं। इन बच्चों से रात-दिन काम लेते हैं। घर वालों से बातचीत नहीं करने देते हैं। वहीं लड़कियों को घर में बच्चों की देखरेख करने, नृत्य-संगीत सिखाने व हीरोइन बनाने का सब्जबाग दिखाते हैं। अभिभावकों को हर साल लाखों की इसके बाद शुरू होती है इनकी जिंदगी से खिलवाड़। यह ट्रैफिकिंग मुख्य रूप से मानव अंगों की खरीद-बिक्री, बंधुआ मजदूरी, भीख मांगने, सेक्स वर्कर बनाए जाने, बार में शराब परोसने जैसे गलत धंधों के लिए होता है। मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली ट्रेनों से बच्चे अमृतसर, फिरोजाबाद, दिल्ली और मुंबई भेजे जाते हैं। दलाल रिश्तेदार बनकर बच्चों को ठिकाने तक पहुंचाते हैं। ये छोटे-छोटे ग्रुपों में बंटे होते हैं, ताकि किसी को शक नहीं हो। मई 2007 में बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता सफदर तौकीर ने कटिहार से आने वाली पैसेंजर ट्रेन में सकरा से मुजफ्फरपुर के बीच अभियान चलाया तो आठ बच्चे मुक्त कराए गए। इनके साथ दलाल इमाम हुसैन भी दबोचा गया था। उप श्रमायुक्त पृथ्वीराज की मानें तो बच्चों को मुक्त कराने के लिए तिरहुत में दल गठित किए गए हैं। तिरहुत में जुलाई 2009 से सितम्बर तक दुकानों को निशाना बनाकर छापेमारी की गई। इस दौरान 36 बाल मजदूर मुक्त कराए गए। 39 मुकदमे दायर किए गए हैं। इनमें मुजफ्फरपुर में 17, सीतामढ़ी में तीन, शिवहर में दो, हाजीपुर में 17 मुकदमे दायर हुए हैं। टै्रफिकिंग के लिए बेतिया भी बदनाम रहा है। यहां कई दलाल पकड़े जा चुके हैं। वैसे श्रम विभाग का धावा दल गत तीन माह में छापेमारी कर आधा दर्जन मामलों का पर्दाफाश कर चुका है। वहीं इंडो-नेपाल बार्डर स्थित रक्सौल में तीन माह के दौरान 42 बच्चे तस्करों के चंगुल से छुड़ाए गए। करीब एक दर्जन तस्कर भी दबोचे गए। सीतामढ़ी में तीन वर्ष पूर्व बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने करीब 200 बच्चों को मुक्त कराया था। वर्तमान में चाइल्ड लाइन नामक संगठन बच्चों को बालश्रम से बचाने के अभियान में जुटा है। समस्तीपुर में वर्ष 08 में मजदूरी कराने के नाम पर ले जाए जा रहे 250 बच्चे मुक्त कराए गए थे। उधर, मधुबनी के इंडो-नेपाल सीमांचल में यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। दरभंगा में भी आए दिन बच्चे मुक्त कराए जाते रहे हैं। चूंकि यहां रेल मार्ग की सुविधा है, सो अन्य जिलों से बच्चे लाकर बाहर भेजे जाते हैं। 14 बच्चों के साथ दो दलाल शिवहर के तरियानी थाना के चकसुरगाही गांव निवासी अनिल कुमार साह तथा सीतामढ़ी के बेलसंड थाना अंतर्गत बसौल गांव के रतन साह को दरभंगा जंक्शन पर गिरफ्तार किया गया।

तालिबान ने उ़डाया आईएसआई दफ्तर


14 नवंबर, 2009
इस्लामाबाद। तालिबानी ने शुक्रवार को शक्तिशाली पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के पेशावर स्थित दफ्तर में आत्मघाती हमला कर सुरक्षाकर्मियों सहित 20 लोगों की हत्या कर दी। मृतकों में आईएसआई के सात कर्मचारी शामिल है। देश में आतंकवाद के खिलाफ मुहिम की निगरानी कर रही आईएसआई के कार्यालय और पुलिस थाने पर आत्मघाती हमले में 85 लोग घायल हो गए है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पहला आत्मघाती बम हमला सूबा सरहद के पेशावर शहर में सुबह करीब पौने सात बजे खुफिया एजेंसी आईएसआई के दफ्तर पर हुआ। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक घायल हो गए। पुलिस महानिरीक्षक मलिक नवीद ने बताया कि कार में सवार एक आत्मघाती हमलावर खुफिया एजेंसी के खबर रोड स्थित दफ्तर पहुंचने की कोशिश में था, मगर उसे सुरक्षा चौकी पर रोक लिया गया। इस पर उसने वहीं पर खुद को उ़डा दिया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज पूरे शहर में सुनी गई। घायलों को लेडी रीडिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विस्फोट से खुफिया एजेंसी की तीन मंजिला इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। अधिकारियों ने आशंका जताई कि अंदर अभी कई लोग फंसे हो सकते हैं। पेशावर की स्थानीय सरकार के प्रमुख साहिब जादा अनीस ने बताया कि मरने वालों में ज्यादातर आम नागरिक हैं। आतंकवादियों ने आईएसआई के दफ्तर को दूसरी बार निशाना बनाया है। इससे पहले इसी साल मई माह में लाहौर स्थित आईएसआई के कार्यालय को निशाना बनाया था, जिसमें 24 लोगों की जानें गई थीं। सूबा सरहद के एक अन्य शहर बन्नू में भी एक पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमला हुआ है।
यहां हमलावर ने कार थाने की इमारत से टकराकर विस्फोट कर दिया। इसमें कम से कम पांच लोग मारे गए जिसमें थाना अधिकारी भी शामिल है। गौरतलब है कि जब से पाकिस्तानी सेना ने दक्षिणी वजीरिस्तान में सैनिक कार्रवाई शुरू की है, आसपास के इलाकों में कई बम हमले हुए हैं। दो सप्ताह पहले पेशावर में एक बाजार में हुए धमाके में 100 से ज्यादा लोग मारे गए थे।

त्रासदी : सब कुछ गंवा के होश भी खो बैठे


सरकार के अथक प्रयास के बाद कोसी की धारा जिस होकर बहती थी बहने लगी, मगर इसकी बदली धारा ने जो तबाही मचायी उस त्रासदी से उपजे अवसाद का कहर आज भी यहां के तीन हजार से ज्यादा लोग झेल रहे हैं। बाढ़ की विभषिका ने कोसी के 3397 लोगों को मानसिक रूप से विकलांग बना दिया है। अपना सब कुछ कोसी की धारा में बह जाने का सदमा ये नहीं झेल पाये और अपना होश खो बैठे। पिछले साल आयी कोसी की बाढ़ में मुरलीगंज में 812, त्रिवेणीगंज में 691, छातापुर में 1892 व पूर्णिया में 3 लोगों का सब कुछ लूट गया। कइयों को अब भी पानी से डर लगता है, तो कई मानसिक रूप से विकलांग होकर कोसी का नाम रटते-रटते दिन और रात काट देते हैं। इनमें सैकड़ों पीडि़तों का इलाज विकलांग भौतिक पुर्नवास केन्द्र में अब भी किया जा रहा है। इस केन्द्र का संचालन हैंडीकैप इंटरनेशनल एवं दीपालय विकलांग मानसिक स्वास्थ्य संस्थान द्वारा होता है। मुरलीगंज के जोरगामा के रहने वाले अनमोल पोद्दार का सब कुछ कोसी की तेज धारा में बह गया। तबाही इतनी तेजी से आयी की इनके परिवार का एक बच्चा भी पानी की तेज धारा के साथ बह गया। इसका उन्हें जबरदस्त सदमा लगा और वे मानसिक रूप से विकलांग हो गये। कोसी की बदली धारा ने सकली खातून, छकाड़गढ़, छातापुर की जिंदगी भी वीरान कर दी। अपने परिवार का सब कुछ खोने का गम वह नहीं झेल पायी। सुपौल के ही जदिया निवासी कविता कुमारी तथा पूर्णिया के नौलखी के शिवनारायण यादव एवं बौराही के बालकराम ऋषिदेव भी कोसी में अपना सब कुछ खोने के बाद मानसिक रूप से विकलांग हो गये हैं। छातापुर के रविन्द्र साह को तो कोसी की बाढ़ के बाद पानी से इस कदर खौफ पैदा हो गया है की वह पानी देखते ही भागने लगता है। रविन्द्र की पत्नी कोसी की तेज धारा में बह गयी। मधेपुरा के कुमारखंड के वीरन्द्र प्रसाद की बाढ़ के बाद मानसिक विकलांगता इस कदर बढ़ गयी है कि यह आदमी जितनी देर भी जगा रहता है कोसी-कोसी की रट लगाये रखता है। इस व्यक्ति के दो बेटे कोसी के बाढ़ के बाद कहां गये आज तक इसका पता नहीं चला। प्रदीप साह का भी कुछ यही हाल है वह चुपचाप रोते रहता है। किसी तरह सरकारी जमीन पर उसके द्वारा फूस का मकान बनाया गया था। जिसमें कोसी के तबाही के दिन उसका पूरा परिवार सोया हुआ था। जब तक यह परिवार संभलता कोसी की उफनती धारा उन्हें अपने साथ बहा ले गयी। उनकी पत्नी सुदमिया देवी कहती है कि पति की मानसिक स्थिति इस सदमे के बाद इतनी खराब हो गयी है की वे कुछ बोल ही नहीं पाते हैं।

मंडोर एक्सप्रेस पटरी से उतरी, छह मरे 50 घायल



जयपुर से करीब 30 किमी दूर जयपुर-दिल्ली रेल मार्ग पर गुरुवार रात जटवाड़ा रेलवे स्टेशन के पास जोधपुर से दिल्ली जा रही मंडोर एक्सप्रेस-2462 के दस डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे छह यात्रियों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए।

उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य महाप्रबंधक आरएन वर्मा और मुख्य सुरक्षा अधिकारी मुंबई से जयपुर पहुंचने वाले हैं। उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के एन इंखिया और पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मृतकों में से तीन की पहचान उज्जवल कुमार, कुमारी सोनल और सुदेश कुमार के तौर पर हुई है। शेष की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जयपुर से करीब एक बज कर दस मिनट पर रवाना हुई मंडोर एक्सप्रेस बासखों फाटक के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे छह व्यक्ति मारे गए। इंखिया ने बताया कि 19 घायलों का जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में उपचार चल रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही राहत ट्रेन और रेलवे राज्य सरकार के प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

इंखिया ने बताया कि दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। घायल यात्रियों को राज्य परिवहन निगम की बसों से जयपुर लाया गया है। हादसे के कारण जयपुर-दिल्ली रेल मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है।

उन्होंने बताया कि दुर्घटना में तीन एसी डिब्बे और पांच आरक्षित डिब्बे पटरी से उतरे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि हादसे में 50 व्यक्ति घायल हुए हैं। इनमें से 20 घायलों का उपचार जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में किया जा रहा है। शेष को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंडौर एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के आश्रितों को और घायलों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। गहलोत ने रेल दुर्घटना में मारे गए यात्रियों के परिजनों को दो-दो लाख, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एक-एक लाख रुपए और मामूली रूप से घायल यात्रियों को 50-50 हजार रूपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

वन मंत्री रामलाल जाट और परिवहन मंत्री बजसुन्दर शर्मा मौके पर रवाना हो गए हैं। गहलोत ने अधिकारियों को घायलों का उपचार कराने और हादसे के कारण घटनास्थल पर फंसे यात्रियों को जयपुर लाने के लिए राज्य परिवहन निगम की बसें भेजने के आदेश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट : आधा दर्जन जज लैंड लॉर्ड भी


सुप्रीमकोर्ट के करीब आधा दर्जन जज लैंडलार्ड भी हैं। किसी के पास एकड़ों जमीन है तो किसी के पास छह-छह प्लाट। बड़े शहरों में मकान अलग से हैं। संपत्ति ब्योरे के मुताबिक, जस्टिस दलवीर भंडारी के पास महरौली इलाके में 14 बीघा 15 बिसवा, जोधपुर के ओसिया तहसील में 76 बीघा जमीन है। दिल्ली के तिलक मार्ग पर सागर अपार्टमेंट में 1753 वर्गफीट का फ्लैट, ग्रेटर नोएडा में 292.79 वर्गमीटर का रिहायशी भूखंड, जोधपुर के सरदारपुरा में पैतृकमकान और प्लाट भी है। न्यायमूर्ति जी.एस. सिंघवी व उनकी पत्नी के नाम जयपुर की नारायण सिटी में दो सौ वर्ग गज के दो प्लाट, सनसिटी जयपुर में 542 वर्गफीट का प्लाट है। 155 वर्गगज का एक प्लाट उनकी पत्‍‌नी के नाम है। जयपुर के नजदीक 355 वर्गगज के दो प्लाटों के अलावा सिंघवी जोधपुर पावटा सी रोड पैतृक मकान में भी हिस्सेदार हैं। जस्टिस आरवी. रवींद्रन व उनकी पत्नी के नाम बंगलूर में कुल चार प्लाट हैं और दो मकानों में हिस्सेदारी है। बंगलूर की डिकसन रोड ट्रेड सेंटर की दो यूनिटों तथा रिचमंड टावर की आफिस यूनिट में भी उनकी हिस्सेदारी है। जस्टिस मुकुंदकम शर्मा व उनकी पत्नी के नाम ग्रेटर नोएडा में 293 वर्गमीटर, नोएडा सेक्टर-105 में 247 वर्गमीटर तथा फरीदाबाद पार्क लैंड में 265 वर्गमीटर के प्लाट हैं। साथ ही गुवाहाटी में 337 वर्गमीटर का दो मंजिला पैतृक मकान भी है। इसमें सीजीएचएस डिस्पेंसरी चल रही है जिससे 32,000 रुपये मासिक किराया आता है। जस्टिस पी.सदाशिवम के पास एक ही मकान चेन्नई में है। वह भी 1999 से किराये पर उठा है, लेकिन उनके और पत्नी के नाम कुल 21 एकड़ से ज्यादा जमीन तमिलनाडु के इरोड जिले में है। जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी व उनकी पत्नी के नाम दो फ्लैट, दो मकान तथा विरासत में मिली 15 एकड़ से ज्यादा जमीन है। हैदराबाद के रंगारेड्डी जिले के पैतृक मकान में हिस्सेदारी अलग से है। जस्टिस रेड्डी का हैदराबाद जुबली हिल्स में 3500 वर्गफीट का मकान, रंगारेड्डी जिले में 244 वर्गगज का घर तथा पत्नी के नाम हैदराबाद में फ्लैट है। जस्टिस बीएस. चौहान की नोएडा सेक्टर-15 ए में कोठी के अलावा सेक्टर-18 में धर्मपैलेस नामक पारिवारिक फर्म में हिस्सेदारी है। मुजफ्फर नगर के जसोला गांव के पैतृक मकान में हिस्सेदारी के साथ ही 200 बीघा जमीन में तिहाई हिस्सा है। जस्टिस वीएस सिरपुरकर व उनकी पत्नी के नाम नागपुर में दो मकान, एक प्लाट है जबकि जस्टिस दीपक वर्मा के पास भोपाल में 2400 वर्गफीट का प्लाट, दिल्ली के द्वारका में तीन बेडरूम का फ्लैट के अलावा जबलपुर के पैतृक मकान में हिस्सेदारी है। जबलपुर में दस एकड़ जमीन भी है। मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन के पास फरीदाबाद में 444 वर्गगज का भूखंड, इरनाकुलम कनयानूर में दो बेडरूम फ्लैट और एक भूखंड के अलावा पत्‍‌नी व उनके नाम जमीन भी है। जस्टिस आरएम लोधा के पास मंुबई बांद्रा में फ्लैट तथा जयपुर सिविल लाइंस में मकान है जबकि उनकी पत्नी के पास जयपुर में 400 वर्गगज का भूखंड है।

50 हजार लोगों ने किया मेट्रो का सफर


नोएडा. बहुप्रतीक्षित मेट्रो के शुरू होने के पहले ही दिन शुक्रवार को नोएडा के छह में से चार स्टेशनों पर लोगों की जबरदस्त भीड़ जुटी रही। आठ घंटे में करीब 50 हजार लोगों ने नोएडा से दिल्ली का सफर तय किया।

डीएमआरसी ने नोएडा के छह स्टेशनों से सात लाख रुपए का टोकन बेचा। सांसद सुरेंद्र नागर भी दल बल के साथ सुबह साढ़े पांच बजे मार्निग वॉक के नाम पर सेक्टर-15 स्टेशन से सेक्टर-32 स्टेशन तक का सफर करने पहुंचे।

शुक्रवार, 13 नवंबर 2009

सचिन की तारीफ के कसीदे आस्ट्रेलियाई पीएम ने भी कसे



नई दिल्ली। भारत दौरे पर आए आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री केविन रड ने सचिन तेंदुलकर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें वनडे क्रिकेट में 17 हजार रन पूरे करने पर बधाई दी। रड ने राजधानी में इंडिया बिजनेस लंच को संबोधित करते हुए कहा "मै सचिन तेंदुलकर को 17 हजार वनडे अतंरराष्ट्रीय रन बनाने की बेजोड उपलब्धि हासिल करने पर बधाई देता हूं।" संयोग से तेंदुलकर आस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल में समाप्त हुए वनडे सीरीज के दौरान इस मुकाम पर पहुंचे है।
रड ने बताया कि तेंदुलकर को आस्ट्रेलिया में कितने सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। उन्होंने कहा क्रिकेट के दीवाने एक देश से दूसरे देश तक, हम लिटिल मास्टर को सलाम करते है। उन्होंने कहा मुझे बताया गया कि उनके युवा साथी युवराज सिंह ने इस 36 वर्षीय स्टार को दादा (ग्रैडफादर) कहना शुरू कर दिया है। मैं 52 साल का हू और सुनिश्चित नहीं हूं कि यह शब्द मेरे पर फिट बैठता है या नहीं।
रड ने मजाकिया अंदान में कहा "मैं सभी आस्ट्रेलियाई क्रिकेट प्रेमियों की तरफ से वह सकता हूं कि यदि सचिन संन्यास लेने का फैसला करता है तो हम तहेदिल से उसका समर्थन करेंगे। आखिर क्रिकेट से इतर भी तो जिंदगी है।" आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा "मैं भारत और आस्ट्रेलिया के बीच बुधवार को मुंबई में सातवां वनडे मैच देखता चाहता था जो बारिश से धुल गया था।" उन्हौंने कहा "भारत और आस्ट्रेलिया में क्रिकेट के प्रति प्यार एक जैसी है। इसके अलावा उन्होंने इस खेल में भी अपनी रूचि जाहिर की।"

पराली से बने बिजली, खाद से खेत बने जवान


किसान एक सप्ताह देर से गेहूं की बिजाई करता है तो उसे प्रति एकड़ ढाई क्विंटल उत्पादन कम मिलेगा। अगर देरी दो सप्ताह की है तो नुकसान पांच क्विंटल होगा। इसी को ध्यान में रखकर किसान गेहूं की बिजाई करने के लिए खेत करने को धान की पराली जला देते हैं। यह सरासर गलत है। खेतों को पराली की आग से बचाने के लिए लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) व गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनीमल साइंस यूनिवर्सिटी (गडवासू) के विज्ञानी प्रयास में जुटे हुए हैं। वे पराली नहीं जलाने के विकल्पों पर काम कर रहे हैं। एक महत्वपूर्ण विकल्प तो यही है कि पराली को उन राज्यों को बेचा जाए, जहां चारे की कमी है। ऐसे राज्यों में राजस्थान, जम्मू-कश्मीर व गुजरात शामिल हैं। इससे किसान की पौ बारह हो जाएगी। उसके लिए यह स्थिति आम के आम गुठलियों के दाम वाली हो जाएगी। बस किसान को पराली जलाने के बजाय इस दिशा में सोचना होगा। पीएयू के वीसी डा. कंग ने खुलासा किया कि पराली का सदुपयोग करने के लिए पंजाब व केंद्र सरकार को दोनों यूनिवर्सिटियों ने कई प्रस्ताव बनाकर दिए हैं। उन्होंने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए भी लिखा है। उनके अनुसार, 14 नवंबर से गेहूं की बिजाई सब जगह शुरू हो रही है। खेत को च्च्छे ढंग से खाली करने के लिए एक महीना लगता है। विज्ञानियों ने जीरो ट्रिल मशीन तैयार की है, जो पराली को जमीन पर बिछाती चलती है। उसके बाद हैपी सीडर का इस्तेमाल किया जाता है। किसानों को जागरूक करने के लिए दो साल से हैप्पी सीडर मशीन का ट्रायल दिया जा रहा है। इसके अलावा स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम को कंबाइन हार्वेस्ट के साथ लगा दिया जाता है, जो स्ट्रा यानी पराली को जमीन पर बिछा देता है। बेलिंग स्ट्रा मतलब पराली को बेल बनाकर चारे के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। अभी बेलिंग मशीन की कीमत छह लाख रुपये है, जिसे कम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इलेक्ट्रीसिटी बेलिंग में भी पराली का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मशीन में सिलिकॉन अधिक होता है, जिसकी ज्वलन क्षमता 750-800 डिग्री होती है। तापमान बढ़ाने के लिए इसके साथ लकड़ी व अन्य ईधन को मिश्रित किया जा सकता है। इससे बिजली प्राप्त की जा सकती है। बायो-गैस बनाने के लिए भी पराली प्रयोग में लाई जा सकती है। पीएयू के निदेशक (अनुसंधान) डा. परमजीत सिंह मिन्हास ने बताया कि यूनिवर्सिटी के डा. एके जैन कपूरथला में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रीन्युएबल एनर्जी पर काम कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी का लक्ष्य है कि भविष्य में पराली का इस्तेमाल अधिक से अधिक ऊर्जा बनाने में किया जाए। गडवासू के वीसी डा. वीके तनेजा ने बताया कि उनके यहां पराली को पशुओं के लिए इस्तेमाल करने पर खोज चल रही है। न्यूट्रीशियन विभाग पशुओं के लिए धान की पराली व गेहूं की तूड़ी का प्रयोग कर रहा है। पराली पशुओं के बिस्तर के लिए इस्तेमाल की जा रही है। इससे पशुओं के मलमूत्र से कंपोस्ट खाद तैयार की जाती है। यूरिया के अलावा अन्य न्यूट्रीटेंस व मिनरल मिलाकर इस खाद की गुणवत्ता भी बढ़ाई जा सकती है।

कालाबाजारी पर स्मार्ट पंच

सस्ते राशन की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार अब स्मार्ट कार्ड जारी करेगी। इससे एक व्यक्ति के नाम से दो स्थान पर बन रहे राशन कार्ड के गोरखधंधे पर नकेल कसी जाएगी। इसकी शुरुआत राजधानी के मशोबरा व शिमला शहरी ब्लाक से होगी। स्मार्ट कार्ड योजना के पीछे सरकार का मकसद सस्ते राशन की कालाबाजारी रोकने के साथ-साथ बढ़ते फर्जी राशन कार्डो की संख्या पर अंकुश लगाना भी है। इस योजना की जमीन राशन कार्ड पर सस्ता राशन लेने के लिए बन चुके मौजूदा हालात ने तैयार की है। वर्तमान हालात देखें तो लोग सस्ते राशन के लिए एक ही परिवार में रह रहे सदस्यों के अलग-अलग राशन कार्ड बना लेते हैं। प्रदेश में राशन प्रति राशन कार्ड के हिसाब से सप्लाई हो रहा है। इस कारण जहां एक छोटे परिवार को कम राशन नसीब हो रहा है वहीं बड़ा परिवार प्रशासन की आंखों में धूल झोंक कर ज्यादा राशन पा रहा है। स्मार्ट कार्ड को इन हालात पर काबू पाने में ज्यादा कारगर माना जा रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रमेश धवाला का कहना है कि इस योजना को प्रथम चरण में शिमला के दो खंडों में लागू किया जाएगा। अगर इसके अपेक्षित परिणाम रहे तो इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

किन्नरों को मिली अलग पहचान


नई दिल्ली। भारत के चुनाव आयोग ने सैक़डों सालों की अवधारणाओं को तो़डते हुए किन्नरों को अलग पहचान देने का फैसला किया है। चुनाव आयोग ने गुरूवार को किए एक अहम् फैसले में यह व्यवस्था की है कि किन्नरों और समलैंगिकों को अपना लिंग वर्ग अब पुरूष या स्त्री लिखने की बाध्यता नहीं होगी। चुनाव आयोग ने उन्हें अन्य वर्ग में रखने का फैसला किया है। ये लोग अब मतदाता सूची में अपनी लिंग पहचान के तौर पर अन्य लिख सकेंगे। अभी तक भारतीय नागरिक की लिंग के रूप में पहचान पुरूष और स्त्री के रूप में ही की जाती थी।

आमिर- करीना की गजब की केमिस्ट्री





राजकुमार हिरानी की अगली फिल्म 'थ्री इडियट्स' में तीन- तीन ऐक्टर हैं, लेकिन रोमांटिक सॉन्ग सिर्फ एक! बह
ुत नाइंसाफी है। वैसे, यह रोमांटिक गीत आमिर खान और करीना कपूर पर फिल्माया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि करीना पानी की बूंदों के बीच आमिर के साथ डांस करती दिखाई देंगी। ठीक वैसे ही जैसे बेबो के दादा राज कपूर और नरगिस फिल्म 'श्री 420' में 'प्यार हुआ इकरार हुआ...' में दिखे थे।

करीना इस बात से बहुत खुश हैं। इस गीत के लिए आमिर ने बहुत मेहनत की है। उन्होंने इसके लिए अपना काफी वजन घटाया है। स्क्रीन पर केमिस्ट्री अच्छी दिखे, इसके लिए दोनों ने भरपूर प्रयास किया है। यह गीत 12 नवम्बर को लॉन्च किया। फिल्म में आमिर- करीना के चार लुक हैं और कोरियोग्राफर बॉस्को सीजर ने इसे आठ दिनों में पूरा किया है।

राहुल भट्ट को अभी तक क्लीन चिट नहीं: अधिकारी


फिल्म निर्माता महेश भट्ट के पुत्र राहुल को अभी तक क्लीन चिट नहीं दी गई है, जिसका नाम लश्कर-ए-तैयबा के साथ संभावित संबंध होने के आरोप में एफबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी डेविड हेडली के बारे में हुई जांच में सामने आया है।

सरकार के एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। यह बात सूत्र ने मुंबई से आ रही इन खबरों के बारे में पूछने पर कही कि जांचकर्ताओं ने राहुल भट्ट को कोई गलत काम करने के मामले में क्लीन चिट दे दी है। इससे पहले खबरें आई थी कि वह कुछ अवसरों पर हेडली से मिला था।

इससे पूर्व मुंबई से मिली रिपोर्ट में कहा गया कि महेश भट्ट के भाई और बॉलीवुड निर्माता मुकेश ने कहा था कि खुफिया एजेंसियों ने राहुल को क्लीन चिट दे दी है क्योंकि उसके आगे कोई मामला नहीं है।

मुकेश ने कहा कि मुझे जो जानकारी मिली है उसके अनुसार वे चाहे जो बोले, खुफिया अधिकारियों ने उसे पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी है क्योंकि उससे परे कुछ नहीं था।

राजनीतिक दलों ने वंशवाद से की तौबा

विधानसभा चुनाव में इस बार वंशवाद से सभी पार्टियों ने परहेज किया है। कांग्रेस,भाजपा समेत क्षेत्रीय दलों ने टिकट वितरण में वंशवाद को तरजीह नहीं दी। बिहार के मुख्यमंत्री बीते उपचुनावों में वंशवाद को नजरंदाज कर सियासी तौर पर भले ही घाटे में रहे हों,पर झारखंड में सभी पार्टिया कुछ हद तक उनकी मुहिम को आत्मसात करती नजर आई। अपवाद के तौर पर एक-दो क्षेत्रों में बड़े दिग्गजों के नाते-रिश्तेदार जरूर टिकट पा गए हैं,लेकिन इसके कारण परिस्थितिजन्य रहे। मसलन डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र से चतरा के निर्दलीय सांसद इंदर सिंह नामधारी के पुत्र दिलीप सिंह नामधारी भाजपा से टिकट हासिल करने में सफल रहे,लेकिन पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री सांसद अर्जुन मुंडा की पत्नी को टिकट नहीं दिया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद पीएन सिंह,गिरिडीह के सांसद रविंद्र पांडेय,सांसद देवीधन बेसरा अपने पुत्रों व गोड्डा के सांसद निशिकांत दूबे अपनी पत्नी को टिकट दिलाने में विफल रहे। कांग्रेस ने भी भाई-भतीजावाद की परंपरा को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई। जामताड़ा के पूर्व सांसद फुरकान अंसारी अपने बेटे डा. इरफान को जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिलवाने चाहते थे,पर पार्टी ने उन्हें टिकट थमा दिया। पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे अपने बेटे को विश्रामपुर से टिकट दिलाने में नाकाम रहे। कांग्रेस ने पूर्व सांसद थामस हांसदा के बेटे की बजाए थामस को को ही टिकट दिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा सुप्रीमो शिबू सोरेन ने भले बेटे हेमंत को दुमका व तमाड़ से तथा दिवंगत पुत्र दुर्गा सोरेन की पत्नी को जामा विधानसभा क्षेत्र से उतार दिया हो, लेकिन पार्टी के दूसरे नेताओं की इसी तरह की ख्वाहिश को पूरा नहीं किया। वंशवाद का दिलचस्प पहलू कांग्रेस के पूर्व सांसद बागुन सुम्ब्रई ने रचा। वह अपने इकलौते बेटे विमल सुम्ब्रई की दावेदारी के विरोध में खुद खड़े हो गए। पार्टी ने भी चाईवासा से पुत्र की जगह उन्हें टिकट थमा दिया।

Headley 'in league' with 26/11 terrorists



New Delhi: David Coleman Headley, the Pakistan-born American national in custody in the US for allegedly plotting terror attacks, visited India nine times between 2006-2009.


CNN-IBN has learnt this after accessing Headley’s passport, which he acquired in March 2006 after allegedly joining the Lashkar-e-Toiba, the group blamed for the terrorist attacks in Mumbai last year.


The passport shows that Headley visited New Delhi, Mumbai, Kochi, Pune, Ahmedabad, Lucknow and Agra between 2006-2009--trips investigators suspect were recces for terrorist attack conspiracies.


Headley, while visiting Mumbai in March 2006, listed Hotel Trident as a place of residence. He stayed at guesthouse near the CST Railway Terminus and he booked a room at the Taj Hotel. The Trident, the Taj, and the CST terminus were three main targets of terrorists during the November 2008 attacks.


Headley visited New Delhi in March 2009 and stayed in two hotels in Paharganj, close to the railway station in the national capital’s historic area. Records show he stayed at Anand Hotel and De Holiday International for three days.


IANS reports that information provided by the FBI has revealed that Headley operated a visa agency in Mumbai for almost two years until July 2008 and had travelled to India on business visas nine times between 2006 and 2009.


FBI agents arrested Headley on October 18 from Chicago's O'Hare International Airport as he was preparing to board a flight to Philadelphia, and subsequently arrested Tahawwur Hussain Rana. The two intended to travel to Pakistan, apparently to firm up their latest terror designs.


Headley and Rana, a Canadian citizen of Pakistani origin, are being held on charges of plotting attacks in India at the behest of the LeT.


India’s National Investigation Agency has been charged with probing Headley’s visits to India and is expected to soon file charges against him in a court in New Delh

SHARE ME

IMPORTANT -------- ATTENTION ---- PLEASE

-----------------------------------"यंग फ्लेम" परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है। "यंग फ्लेम" परिवार आपका अपना परिवार है इसमें आप अपनी गजलें, कविताएं, लेख, समाचार नि:शुल्क प्रकाशित करवा सकते है तथा विज्ञापन का प्रचार कम से कम शुल्क में संपूर्ण विश्व में करवा सकते है। हर प्रकार के लेख, गजलें, कविताएं, समाचार, विज्ञापन प्रकाशित करवाने हेतु आप 093154-82080 पर संपर्क करे सकते है।-----------------------------------------------------------------------------------------IF YOU WANT TO SHOW ANY KIND OF VIDEO/ADVT PROMOTION ON THIS WEBSITE THEN CONTACT US SOON.09315482080------

SITE---TRACKER


web site statistics

ब्लॉग आर्काइव

  © template Web by thepressreporter.com 2009

Back to TOP