IMPORTANT-------ATTENTION -- PLEASE

-----------------------------------"यंग फ्लेम" परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है। "यंग फ्लेम" परिवार आपका अपना परिवार है इसमें आप अपनी गजलें, कविताएं, लेख, समाचार नि:शुल्क प्रकाशित करवा सकते है तथा विज्ञापन का प्रचार कम से कम शुल्क में संपूर्ण विश्व में करवा सकते है। हर प्रकार के लेख, गजलें, कविताएं, समाचार, विज्ञापन प्रकाशित करवाने हेतु आप 093154-82080 पर संपर्क करे सकते है।-----------------------------------------------------------------------------------------IF YOU WANT TO SHOW ANY KIND OF VIDEO/ADVT PROMOTION ON THIS WEBSITE THEN CONTACT US SOON.09315482080------

Young Flame Headline Animator

CM of haryana लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
CM of haryana लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 18 जून 2011

अब तो हत्यारों की सरकार बन गई है कांग्रेस:अभय सिंह

डबवाली (यंग फ्लेम)पहले कांग्रेस पार्टी की सरकार लुटेरों की सरकार होती थी मगर अब तो लूट के साथ-साथ हत्यारों की सरकार बन गई है। सरकार के मंत्री खुद हत्याएं करवा रहे हैं। ऐसे में आम आदमी का क्या होगा, यह सोचने की बात है। यह बात ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने गांव बाजेकां में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कही। अपने जनजागरण अभियान के तहत वे गांव बाजेकां में पहुंचे थे। अभय सिंह ने करनाल जिले में पूर्व सरपंच कर्म सिंह की हत्या के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार के दो मंत्रियों ने नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपयों की रिश्वत ली और नौकरी भी नहीं लगाई। जब कर्म सिंह ने रिश्वत के पैसे वापस मांगे तो उसकी हत्या करवा दी। रिश्वत के गवाह की भी हत्या करवा दी। इससे साबित होता है कि पहले कांग्रेस सरकार लोगों को लूटने का काम करती थी मगर अब लूट के साथ-साथ हत्या भी करवाने लगी है। अब आम आदमी कांग्रेस शासन में चैन की नींद नहीं सो सकता। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल है। किसानों की जमीन सस्ते रेट पर खरीदकर सरकार प्रॉपर्टी डीलर्स को महंगे दामों बेचकर मुनाफा कमा रही है। हर तरफ भ्रष्टाचार का आलम है। अधिकारी भी बिना रिश्वत के काम नहीं करते हैं। सिरसा जिले में कानून व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि जिले में अपराध दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। लोग पुलिस थाने में शिकायत लेकर जाते हैं तो थानेदार सुनवाई नहीं करते हैं। एसपी पर निशाना साधते हुए अभय सिंह ने कहा कि जिले में बिगड़ रही कानून व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। पुलिस के बड़े अधिकारी रिश्वत खा रहे हैं तथा थानेदार बड़े अधिकारियों के एजेंट बने हुए हैं। महंगाई से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। कुछ दिन पहले पेट्रोल के दाम पांच रुपये तक बढ़ा दिए थे और अब होम लोन भी महंगा कर दिया है। अभय सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि उक्त सभी समस्याओं का एक ही समाधान है, और वह है इनेलो का शासन। जब प्रदेश में इनेलो की सरकार बनेगी और चौधरी ओमप्रकाश चौटाला मुख्यमंत्री बनेंगे तो फिर कोई समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में चल रही गुटबाजी से लगता है कि जल्द ही उपचुनाव होंगे तथा इनेलो की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि 11 जून को सिरसा बंद करके जिले के लोगों ने अपना गुस्सा दिखाया था। वे बंद के लिए लोगों का धन्यवाद करने तथा कांग्रेस की नाकामियों को बताने के लिए ही ग्रामीणों के बीच जा रहे हैं। गांव साहुवाला में राकेश चाहर रविंद्र चाहर के आवास पर उन्होंने जलपान किया। उन्होंने आज गांव केलनियां, रामनगरिया, सलारपुर, खाजाखेड़ा, कंगनपुर, बाजेकां, अलीमोहम्द, चांडीवाल, साहूवाला-2, ताजियाखेड़ा, शेरापुरा, कैरांवाली, नारायणखेड़ा, गदली, डिंग, मोचीवाली, कुक्कड़थाना, जोधकां, कुसुम्बी, कंवरपुरा, फूलकां सहित अन्य गांवों का दौरा किया। उनके साथ इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन, अमीर चावला, डॉ. सीताराम, कृष्ण कंबोज, जिला प्रेस प्रवक्ता कृष्ण गुंबर, जसबीर सिंह जस्सा, सुरेश कुक्कू, बंसी सचदेवा, लीलाधर सैनी, कृष्णा फौगाट,विनोद बेनीवाल, सीताराम बटनवाला, महावी शर्मा, हरि सिंह भारी, मीनूदीन पहलवान, प्रदीप मेहता, मनोहर मेहता, कृष्ण मेहता, रमेश मेहता, बाजेकां की सरपंच भगवंती देवी, पूर्व सरपंच जगीर सिंह, जीत सिंह सहित अन्य मौजूद थे।

मंगलवार, 14 जून 2011

इनेलो की नईं रणनीति से जिला सिरसा बंद को मिली जोरदार सफलता

डबवाली (यंग फ्लेम) इनेलो द्वारा 11 जून को जिला सिरसा बंद के आह्वान को मिली ऐतिहासिक सफलता जहां प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गई। वहीं इनेलो के शीर्ष नेतृत्व ने संगठन कार्यकुशलता एक बार फिर साबित कर दी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सिरसा आगमन पर इनेलो ने प्रदेश खासकर जिला बंद की कॉल की थी। विधायक अजय सिंह चौटाला ने इस आंदोलन की बागडोर अपने हाथ में लेकर जिला वासियों से नुक्कड़ सभाओं के मार्फत सीधा सम्पर्क साधा था। इनेलो ने जिला बंद के साथ-साथ सिरसा में भारी प्रदर्शन करने का कार्यक्रम भी बनाया था इस समूचे आंदोलन को सफल बनाने हेतू इनेलो रणनीतिकारों ने विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्यन्वित की। इसके तहत शहरी कार्यकर्ताओं की जोन वाईस ड्यूटियां लगाई दी गई। जबकि ग्रामीण कार्यकर्ताओं को सिरसा पहुंचने के दिशा निर्देष दिए गए। इसी रणनीतिनुसार डबवाली हलके के वरिष्ठ नेता राधेराम गोदारा, जगरूप सिंह सकताखेड़ा, संदीप सन्नी गंगा, गिरधारी बिस्सु, सरबजीत सिंह मसीतां, मोहन सहु आदि के नेतृत्व में भारी संख्या में ग्रामीण हलके के गांवों से सिरसा पहुंचे। यहीं स्थिति कालांवाली, ऐलनाबाद, राणियां हलके की थी जिसके चलते ही सिरसा का जन प्रदर्शन इतना सफल हो पाया। उधर, डबवाली शहर में भी टेकचंद छाबड़ा, महेंद्र डूडी, महावीर सहारण, गुरजीत सिंह, आशा वाल्मीकि, सुखविंद्र सरां, सुरेंद्र छिन्दा, काली मिढां, बलदेव भीटीवाला, गुरचरण नंबरदार, सुखजिंद्र कला जापानी, सीताराम सिंगला, राजा पेंटर, राकेश शर्मा, दीपक बागड़ी, जोगिंद्र डाल, मा. अमृतपाल शर्मा, हर विलास निरंकारी, शैलेंद्र जोड़ा, भोला बराड़, अशोक डोडा आदि के नेतृत्व में शहर मुकम्मल बंद रहा। शहर में इनेलो के कर्मठ कार्यकर्ताओं की पूरी टीम दिन भर बेहद गर्म मौसम में बंद को सफल बनाने हेतू कार्यरत रही। यह अलग बात है कि कुछ कागजी नेताओं ने अखबारी ब्यानबाजी के द्वारा कर्मठ कार्यकर्ताओं को हड़पने की असफल कोशिश भी की गई।

क्या हरियाणा कि सियासत में तूफान आ सकता है ?

डबवाली (यंग फ्लेम) क्या गोपाल कांडा मुख्यमंत्री से नाराज हैं ? यदि नहीं तो अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी छोड़ कर कहा गए हैं गोपाल कांडा ? इसका जवाब जनता को कौन देगा ? हरियाणा सरकार पर आजकल राहू की क्रूर दृष्टि तो नहीं चल रही। एक सप्ताह में ही जहाँ हरियाणा के परिवहन और पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश जैन और मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा के कड़े तेवरों से पद से त्याग पत्र देना पड़ा और वही सिरसा रैली में अनबन हो जाने के बाद हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा रविवार को दोपहर अपनी सरकारी गाड़ी में सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा गारद के साथ हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में आये। करीबन पौने घंटे बाद फतेहाबाद के विधायक और प्रदेश के चीफ पार्लियामेंट सेक्टरी प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी हिसार के इसी विश्राम गृह में पहुंचे। दोनों में क्या बात हुई इसका ब्यौरा नहीं मिल पाया है। मगर कुछ मिनट बाद ही गिलखेडा गोपाल कांडा से बात करके चलते बने। यह सभी निर्दलीय विधायक बताय जाते हैं मिली जानकारी अनुसार ठीक दस मिनट बाद एक इनोवा गाड़ी आई और हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा उसमे बैठ कर कहीं चले गए। वे राज्य सरकार की और से दी गई अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी को हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही छोड़ गए। जब इस बात की भनक जब पत्रकारों को लगी तो उन्होंने कांडा के साथ कार के ड्राइवर और उनके सुरक्षा कर्मियों से इसका करण पूछा तो उन्होंने इस बारे कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। मिली जानकारी के अनुसार गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा की सरकारी गाड़ी और सुरक्षाकर्मी रात तक भी उनके इन्तजार में हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही उनका इंतजार कर रहे थे। वही दबी जुबान में राजनितिक कयास लगाये जा रहे हैं कि शनिवार को हुई कांग्रेस की सिरसा रैली में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा ने मंत्री को मंच से कुछ कहा दिया था। जिस कारण नाराजगी के चलते मंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम भी हो सकता है। यह भी कयास का दौर चल रहा है कि कहीं कांडा के साथ विरोध में फतेहबाद के विधायक और मुख्य संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी शामिल तो नहीं हैं ? सियासत की जानकारी रखने वालो का कहना है कि कहीं अपने ऊपर संकट के मंडरा रहे बादलों को देख कर अन्दर खाने निर्दलीय विधायक हरियाणा के मुख्यमंत्री के तीखे तेवरों से नाराज होकर तो यह कदम नहीं उठा रहे या फिर वे उनपर कोई सियासी दबाव बनाने में लगे हैं। कहा जा रहा है कि निर्दलीय विधायक यदि इसी तरह अपनी नाराजगी प्रगट करते रहे तो एक दिन हरियाणा कि सियासत में तूफान सकता है। अब देखना होगा कि राजनीती का ऊँठ किस करवट बैठता है। वैसे भी हरियाणा 'आया राम गया रामÓ की सियासत के लिए मशहुर माना जाता है और वही इनेलो ने भी पिछले एक सप्ताह से राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। कयास लगाये जा रहे हैं कि कहीं यह उसी सियासत का कोई राजनितिक ड्रामा तो नहीं है। यदि हरियाणा के मुख्यमंत्री और केन्द्रीय नेताओं ने निर्दलीय विधायको को मनाने के प्रयास तेज किये वे दिन दूर नहीं जब यही विधायक कोई सियासी तूफ़ान खड़ा कर सकते हैं।

क्या हरियाणा कि सियासत में तूफान आ सकता है ?

डबवाली (यंग फ्लेम) क्या गोपाल कांडा मुख्यमंत्री से नाराज हैं ? यदि नहीं तो अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी छोड़ कर कहा गए हैं गोपाल कांडा ? इसका जवाब जनता को कौन देगा ? हरियाणा सरकार पर आजकल राहू की क्रूर दृष्टि तो नहीं चल रही। एक सप्ताह में ही जहाँ हरियाणा के परिवहन और पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश जैन और मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा के कड़े तेवरों से पद से त्याग पत्र देना पड़ा और वही सिरसा रैली में अनबन हो जाने के बाद हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा रविवार को दोपहर अपनी सरकारी गाड़ी में सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा गारद के साथ हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में आये। करीबन पौने घंटे बाद फतेहाबाद के विधायक और प्रदेश के चीफ पार्लियामेंट सेक्टरी प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी हिसार के इसी विश्राम गृह में पहुंचे। दोनों में क्या बात हुई इसका ब्यौरा नहीं मिल पाया है। मगर कुछ मिनट बाद ही गिलखेडा गोपाल कांडा से बात करके चलते बने। यह सभी निर्दलीय विधायक बताय जाते हैं मिली जानकारी अनुसार ठीक दस मिनट बाद एक इनोवा गाड़ी आई और हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा उसमे बैठ कर कहीं चले गए। वे राज्य सरकार की और से दी गई अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी को हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही छोड़ गए। जब इस बात की भनक जब पत्रकारों को लगी तो उन्होंने कांडा के साथ कार के ड्राइवर और उनके सुरक्षा कर्मियों से इसका करण पूछा तो उन्होंने इस बारे कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। मिली जानकारी के अनुसार गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा की सरकारी गाड़ी और सुरक्षाकर्मी रात तक भी उनके इन्तजार में हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही उनका इंतजार कर रहे थे। वही दबी जुबान में राजनितिक कयास लगाये जा रहे हैं कि शनिवार को हुई कांग्रेस की सिरसा रैली में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा ने मंत्री को मंच से कुछ कहा दिया था। जिस कारण नाराजगी के चलते मंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम भी हो सकता है। यह भी कयास का दौर चल रहा है कि कहीं कांडा के साथ विरोध में फतेहबाद के विधायक और मुख्य संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी शामिल तो नहीं हैं ? सियासत की जानकारी रखने वालो का कहना है कि कहीं अपने ऊपर संकट के मंडरा रहे बादलों को देख कर अन्दर खाने निर्दलीय विधायक हरियाणा के मुख्यमंत्री के तीखे तेवरों से नाराज होकर तो यह कदम नहीं उठा रहे या फिर वे उनपर कोई सियासी दबाव बनाने में लगे हैं। कहा जा रहा है कि निर्दलीय विधायक यदि इसी तरह अपनी नाराजगी प्रगट करते रहे तो एक दिन हरियाणा कि सियासत में तूफान सकता है। अब देखना होगा कि राजनीती का ऊँठ किस करवट बैठता है। वैसे भी हरियाणा 'आया राम गया रामÓ की सियासत के लिए मशहुर माना जाता है और वही इनेलो ने भी पिछले एक सप्ताह से राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। कयास लगाये जा रहे हैं कि कहीं यह उसी सियासत का कोई राजनितिक ड्रामा तो नहीं है। यदि हरियाणा के मुख्यमंत्री और केन्द्रीय नेताओं ने निर्दलीय विधायको को मनाने के प्रयास तेज किये वे दिन दूर नहीं जब यही विधायक कोई सियासी तूफ़ान खड़ा कर सकते हैं।

शनिवार, 11 जून 2011

इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी की ओर से सिरसा बंद के आवहान का असर पूरी तरह से देखने को मिला

इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी की ओर से सिरसा बंद के आवहान का असर पूरी तरह से देखने को मिला रहा है। आज सिरसा पूर्ण रूप से बंद रहा। सिरसा की सभी दूकाने बंद देखने को मिली। साथ ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस पेहरे पर खड़ी है इनेलो पार्टी के कार्यकर्ताओ का कहना है की सिरसा में बढ़ रहे अपराधिक मामलो को
देखते हुए आज इनेलो पार्टी ने सिरसा बंद रखा है वहीं कांग्रेेस पार्टी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है वही सिरसा में बंद का असर सुबह से ही देखने को मिल रहा था। हर रोज सुबह 4 बजे होने वाली बोली भी नहीं हुई। गौरतलब है कि आज सिरसा में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का दौरा है इसलिए इनेलो ने आज सिरसा बंद रखा है। इनेलो पार्टी सिरसा बंद करने के लिए काफी दिन पहले से प्रयास कर रही थी जिसका अच्छा खासा असर देखने को मिला।
काबिलेगौर है कि सिरसा में बढ़ रहे आपराधिक मामलो को लेकर इनेलो ने आज सिरसा बंद रखा है। इनेलो का मानना है कि सिरसा पहले शांतिप्रिय होता था लेकिन जब से कांग्रेंस की सरकार बनी है प्रदेश में क्राईम की घटनाएं बढ़ती जा रही है। इनेलो कांग्रेंस पार्टी पर आरोप लगाया है कि सिरसा में आज कोई भी महिला सुरक्षित नहीं है। सिरसा में रोज हत्या, चोरी जैसी वारदाते बढ़ती जा रही है। चाहे वो दादी पोती हत्याकांड हो या कांलावाली में एक ही घर के चार सदस्या की हत्या का मामला ऐसे ही सिरसा जिला में 106 मामले हुए है लेकिन इन्हे रोकने वाला कोई नहीं इसी के चलते आज इनेलो पार्टी ने सिरसा बंद रखा है
गौरतलब है कि आज सिरसा में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का दौरा है इसलिए इनेलो ने आज सिरसा बंद रखा है "

सोमवार, 28 मार्च 2011

प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है --करनैल सिंह औढ़ां

डबवाली- प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है पूरे प्रदेश में जंगल राज चल रहा है। इसलिए महामहिम राज्यपाल को चाहिए कि हुड्डा सरकार को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए। यह बात इंडियन बहुजन संदेश पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष करनैल सिंह औढ़ां ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं। वह आज कॉलेनी रोड पर स्थित सुरजीत सिंह फौजी के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बसने वाले सता पक्ष के लोगों को छोड़कर बाकि किसी भी व्यक्ति की सुनवाई नहीं होती। बिना सता के लोगों को अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ व इंसाफ मांगने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ता है। श्री औढ़ां ने कहा कि हुड्डा सरकार में दलित परिवारों    के लोगों के साथ खुलेआम अन्याय हो रहा है। जिसका जीता जागता उदहारण गांव सावंतखेड़ा में एक 70 वर्षिय विधवा गुरदेव कौर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या के आरोप में गांव के ही एक दलित परिवार के निक्का सिंह पुत्र बंता सिंह पर पुलिस ने द्वारा 302 का झूठा केस बनाकर उसे सलाखों के पीछे डाल रखा है और गांव की पंचायत द्वारा उसके परिवार का बहिष्कार कर उन्हें गांव से निकालने के मंसूबे तैयार किए जा रहे हैं। श्री औढ़ां ने बताया कि इस मामले में निक्का सिंह के परिवार के सदस्य एसएचओ डबवाली व एसपी सिरसा से गुरदेव कौर हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच करवाने की गुहार लगा चुके है लेकिन उनकी कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि निक्का सिंह इस हत्याकांड में बिलकुल निर्दोष है। अगर पुलिस प्रशासन द्वारा गुरदेव कौर हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच नहीं करवाती तो 7 अप्रैल के बाद पार्टी हाईकमान से विचार विमर्श कर पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान कोई भी नुकसान हुआ तो उसकी जिम्मेवारी प्रशासन व सरकार की होगी।

मंगलवार, 22 मार्च 2011

आरक्षण मुद्दे पर हुड्डा का जाट समर्थन ही क्यों..?

क्या जातिवाद के पक्षधर हैं प्रदेश के मु यमंत्री
आखिर कब मिलेगा जरूरतमंदों को आरक्षण                             thepressreporter.com
राजनीति के खेल ने बिगाड़ा समाज का सही स्वरूप
करनाल (अनिल लाबा) : देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने पद की गरिमा को समझते हुए देश तथा समाज हित में जय जवान जय किसान का नारा देकर देश की जनता के दिलों में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों और देश की जनता के लिए अन्न पैदा करने वाले किसानों के प्रति श्रद्धा के भाव पैदा किए थे। आज भी यह नारा जब लोगों की जुबां पर आता है तो जवानों और किसानों के प्रति आज भी जनता सचमुच नतमस्तक हो जाती है। जनता को मालूम है कि किसान इस देश के विकास की ही असली धुरी है जबकि देश की सीमाओं की रक्षा में जुटे जthepressreporter.comवानों की बदौलत यह देश सुरक्षा के घेरे में है। जैसे-जैसे समय बीतता गया तो राजनीति में परिवर्तनाी शुरू हो गया।गांधी और जवाहर लाल नेहरू की कांग्रेस के नेताओं ने टोपी और खद्दर छोड़कर स्वरूप बदल लिया। जल्दी ही कांग्रेस हाईटैक हो गई। वी.पी. ङ्क्षसह के शासनकाल में चली आरक्षण की आंधी को बुझाने के प्रयास कम और उभारने के प्रयास ज्यादा किए गए। यह बात देश की जनता भी जानती है कि आरक्षण से इस देश का भला होने वाला कतई नहीं है मगर राजनीति की गंदी विचारधारा देश के नेताओं को केवल इस बात पर सोचने के लिए मजबूर करती है कि राजनीति में ल बे समय तक टिके रहने के लिए तथा सत्ता में अपना पद लगातार बनाए रखने के लिए इस आरक्षण की आग को हवा किस गति से दी जा सकती है। भले ही इसमें देश का नुक्सान क्यों न हो जाए या आम जनता परेशानियों के सबब में ल बे काल तक घूमती रहे। मतलब जातिवाद का जहर घोलकर अपना फायदा निकालने का है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. देवीलाल को आज भी राजनीति में केवल इसलिए याद किया जाता है क्योंकि वह किसानों और गरीब लोगों के सच्चे हमदर्द हैं। वह तो खुद खेतों में पहुंचकर मजदूरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मिट्टी का तस्ला सिर पर उठा लेते थे। देश की सत्ता पर जब राज करने का समय आया तो अपने सिर पर आया सत्ता का ताज वी.पी. ङ्क्षसह के सिर पर सुशोभित कर दिया। ऐसे नेता बहुत कम देखने को मिलते हैं। आखिर आरक्षण का जहर बार-बार क्यों घोला जाता है, यह बात देश के लोगों की समझ में बिल्कुल न आए लेकिन नेताओं की समझ में बहुत ज्यादा समझदारी है। सब जानते हैं कि पिछले छह सालों में भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा हरियाणा की सत्ता में बतौर मु यमंत्री कार्यरत हैं। हुड्डा खुद जाट समुदाय से हैं। इससे पहले देवीलाल, बंसीलाल तथा ओमप्रकाश चौटाला जैसे जाट नेता भी मु यमंत्री रह चुके हैं लेकिन हुड्डा के कार्यकाल को छोड़कर किसी भी नेता के कार्यकाल के समय जाट समुदाय को आरक्षण देने का मामला इतनी जोरों से कतई नहीं उठा। सनद रहे कि जब हुड्डा पहली बार मु यमंत्री बने तो दो साल के बाद जाट समुदाय के लोगों ने आरक्षण की मांग को मीडिया के माध्यम से बुलंद करना शुरू कर दिया। पहली पारी में सत्ता और राजनीति का ज्ञान कम होने के कारण हुड्डा ने ज्यादा रिस्क लेना जरूरी नहीं समझा। दूसरी पारी में कांग्रेस को सीटें तो कम आई लेकिन जोड़-तोड़ की राजनीति के जरिए हुड्डा फिर से मु यमंत्री बनने में कामयाब हो गए। अब जाट समुदाय को भी लगने लगा है कि यदि अगली बार विधानसभा के चुनाव हुए तो हुड्डा और उनकी कांग्रेस सत्ता के इर्द-गिर्द भी नजर नहीं आएंगे और चौटाला पहले से ही आर्थिक आधार पर आरक्षण देेने की बात कर चुके हैं। लिहाजा जाट समुदाय के लोगों को लगता है कि यदि इस बार उन्होंने आरक्षण हासिल न किया तो शायद कभी ाी उन्हें आरक्षण मिलने वाला नहीं है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि पिछले दिनों जाट समुदाय के नेताओं ने जिस तरह से हरियाणा के रेलवे ट्रैकों पर कब्जा किया है, उसके निर्देश कांग्रेस के ही दिग्गज नेताओं से मिले थे। सरकार की भूमिका पर सवाल अब इसलिए भी उठ रहे हैं कि पूर्व में हो चुके कई आंदोलनों पर यही सरकार न केवल लाठी चला चुकी है बल्कि मजदूरों की आवाज को कुचलने तक के लिए श्रमिकों पर लाठियां बरसाई गई। रोहतक में जब अध्यापक अपना आंदोलन चला रहे थे तो महिला अध्यापकों पर लाठियां तक चलाई गई, जिसमें एक महिला अध्यापक की मौत तक हो गई थी। यही नहीं हजकां कार्यकत्र्ताओं पर करनाल में ही ताबड़तोड़ लाठियां बरसाई गई बल्कि एक विधायक की टांग तक तोड़ दी गई। पुलिस की इस बर्बरता का शिकार पत्रकार और फोटोग्राफर भी हुए। यानी अपनी सही मांगों की आवाज उठाने वालों पर इसी हुड्डा सरकार ने अपना कहर जमकर बरपाया। जब अपनी ही बिरादरी के लोगों ने रेलवे ट्रैक पर जाम लगाया तो यही हुड्डा सरकार तमाशबीन बनकर तमाशा देखती रही। आखिर देश की स पत्ति को नुक्सान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का क्या कोई प्रावधान हुड्डा सरकार में नहीं है? मु यमंत्री भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा पूरी तरह से इस सवाल के लिए जवाबदेही हैं कि आखिर रेलवे ट्रैक पर जाम लगाकर कानून तोडऩे वालों के खिलाफ शिकंजा क्यों नहीं कसा गया। क्या 36 बिरादरी की भलाई की बात कहने वाले मौजूदा मु यमंत्री भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा क्या आरक्षण का जहर नहीं घोल रहे हैं? क्या हुड्डा जातिवाद को नहीं फैला रहे हैं? क्या देश के उन लोगों को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए जिनके घर दो वक्त का खाना भी नहीं बनता, क्या वो आरक्षण के हकदार नहीं हैं, जिनके परिवारों को आज तक सरकारी नौकरी तक नसीब नहीं हुई। आज भी पाकिस्तान से उजड़कर आए बाङ्क्षशदे दो जून की रोटी के लिए मोहताज हो रहे हैं लेकिन किसी भी नेता ने उनके आरक्षण का मुद्दा नहीं उठाया। क्या हर जाति को आरक्षण दे देना, देश हित में है? क्या जाट समुदाय के ही लोग आरक्षण के सही हकदार हैं? जबकि इसी समुदाय के नेता पिछले 15 सालों से भी अधिक इस प्रदेश की सत्ता का स्वाद चखते आए हैं। बहरहाल यही समझ में आ रहा है कि भूपेंद्र ङ्क्षसह हुड्डा हरियाणा में जातिवाद का जहर थोड़ा बहुत नहीं बल्कि दबाकर घोल रहे हैं क्योंकि सच यही है कि आरक्षण से लाभ किसी को नहीं मिलता। लाभ केवल मेहनत और अपनी काबलियत पर मिलता है। हां वह लोग आरक्षण के जरूर हकदार हैं, जो भले ही किसी जाति से हो लेकिन जो दो वक्त की रोटी के लिए मारामारी कर रहे हैं।

चौधरी भुपेन्द्र सिंह हुड्डा किसानों के खेतों में अंतिम छोर तक पानी पहुचाने के लिए कृतसंकल्प है--डॉ.के.वी.सिंह

डबवाली--हरियाणा के मुख्यमन्त्री चौधरी भुपेन्द्र सिंह हुड्डा  किसानों के खेतों में अंतिम छोर तक पानी पहुचाने के लिए कृतसंकल्प है यह बात मुख्यमन्त्री हरियाणा के पूर्व विशेष कार्यधिकारी डॉ.के.वी.सिंह ने कांग्रेस कार्यालय मे कार्यकर्ताओ की समस्याऐ सुनते हुए कही। डॉ.सिंह ने कहा कि इसलिए हरियाणा सरकार ने वर्ष 2011 को जल संरक्षण वर्ष घोषित किया है। उन्होंने बताया कि किसानों के खेतों मे पुरा पानी पंहुचाने के लिए हल्का डबवाली के कई खालों व नहरों को पक्का करने व टुटी नहरों की मुरम्मत के लिए लगभग पौने तीन करोड़ रूपये खर्च किये जा रहे है। इससे लगभग 15 गांवो के किसानो की लगभग 3500 एकड़ भूमि को फायदा होगा। उपरोक्त निर्माण कार्यो की सूची में जिन नहरों व खालों को प्राथमिकता के तौर पर बनाया जा रहा है, उनमें लोहगढ़ डिट्रीब्युट्री की आरडी 18105/दांऐ की रिमोडलिंग पर लगभग 34.80 लाख रूपये, सक्ताखेड़ा माईनर की आडी 15210 टेल की रिमोउलिंग पर 58.50 लाख, मिठड़ी डिट्रीब्युट्री की आरडी 20964/बांऐ पर 31.80 लाख, मिठड़ी डिट्रीब्युट्री की आरडी 16460/बांऐ पर 15.85 लाख, पाना माईनर की आरडी 23285/बांऐ पर 21.45 लाख, पाना माईनर की आरडी 30395/बांऐ पर 24.55 लाख रूपये खर्च होगे। डॉ. सिंह ने आगे बताया कि उपरोक्त कार्यो के साथ कालुआना लिंक चैनल की आरडी 25370/बांऐ पर घट के निर्माण पर 1.58 लाख, रिसालियाखेड़ा माईनर की आरडी 0 से 12000/टेल रिपेयर पर 3.40लाख, तेजाखेड़ा डिट्रीब्युट्री की आरडी 1000 से 35750 तक की मुरम्मत पर 6.75 लाख, आसाखेड़ा माईनर की आरडी 0 से 42000/टेल की मुरम्मत पर 1.80 लाख रूपये खर्च होगे।    इस अवसर पर उपस्थित ब्लाक कांग्रेस डबवाली ग्रामीण के अध्यक्ष दरबारा सिंह,  ब्लाक मण्डी डबवाली के अध्यक्ष पवन गर्ग, ब्लाक औढां के प्रधान जगसीर सिंह मिठड़ी,  कीरत सिंह लोहगढ, भालईन्द्र सिंह सक्ताखेड़ा, विनोद धरणीया सक्ताखेड़ा, गुरचरण सिंह सक्ताखेड़ा, भूप सिंह नेहरा तेजाखेड़ा, प्रेम कुमार पूर्व सरपंच जोतांवाली, सोहलाल पचार चैटाला, राजेन्द्र सहारण चैटाला, रामकुमार नेहरा तेजाखेड़ा, बुटा सिंह पूर्व सरपंच पाना,  बहाल सिंह मिठड़ी, गुरविन्द्र सिंह मिठड़ी, जसविन्द्र सिंह पाना, मुखराम सिहाग आसाखेड़ा आदि किसानो ने उपरोक्त कार्यो की मंजुरी दिलवाने पर मुख्यमन्त्री चैघरी भुपेन्द्र सिंह हुड्डा व डा.के.वी.सिंह का हार्दिक आभार व धन्यवाद प्रकट किया।

सोमवार, 7 मार्च 2011

भय मुक्त हरियाणा,भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा कितना कारगार ?

चार साल पहले नंबर वन हरियाणा,

मीडिया को विज्ञापन भरपूर दे कर दिखाया, असल में जमीनी हकीकत पर फेल

अनिल लाम्बा
भूमि-अधिग्रहण नीति में अनेक खामियों के चलते हरियाणा में हुड्डा सरकार के हुए छ: साल पूरे
करनाल (अनिल लाम्बा) : मुख्यमंत्री हुड्डा अपने ही मुंह मियाँ-मिट्ठू बन कर प्रदेश की जनता को बरगलाते हुए छ: साल पूरे करने में कामयाब तो हुए हैं लेकिन असल में जमीनी हकीकत पर फेल हो कर रह गए हैं | आपको बता दें क़ि दो हज़ार पांच के चुनावों में जब कांग्रेस को अपार सफलता मिली थी तब प्रदेश में हुड्डा के नेतृतव में चुनाव नहीं लड़ा गया था | हुड्डा को प्रदेश क़ी बागडौर कांग्रेस क़ी चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने सौंपी थी ना क़ि हरियाणा क़ि जनता ने, हुड्डा के प्रदेश क़ी बागडौर संभालते ही सबसे पहले गुडगाँव में श्रमिक प्रकरण हुआ उसके बाद गोहाना जैसी घटनाओं ने हुड्डा सरकार के जहां पसीने छुडा दिए वहीं हरियाणा में मजबूत विपक्ष के ना होते हुड्डा सरकार ने चैन क़ी सांस तो ली किन्तु अपनी ही सरकार में अपने ही विरोधियों से हुड्डा खासे परेशान भी रहे | इसी बीच हुड्डा सरकार ने एक बारगी नहीं बल्कि बार-बार नंबर वन हरियाणा, भय मुक्त हरियाणा,भ्रष्टाचार मुक्त हरियाणा का राग अलापा किन्तु हरियाणा के धरातल पर ये फेल हो कर रह गया, इस पर भी हुड्डा ने संज्ञान नहीं लिया अपितु   के मार्फ़त विज्ञापन दे एक झूठ को सच में बदलने का भरपूर प्रयास भी किया और साथ ही सरकारी खजाने को चपत भी लगती रही | इतने पर भी हुड्डा ने सच को जानने तक का प्रयास ना कर उस कहावत को भी चरितार्थ कर दिया क़ि अँधेरी रात में सूरज का दिखाना | मुख्यमंत्री हुड्डा द्वारा जो अंधरी रात में हरियाणा क़ि जनता को सूरज दिखाया गया था वो सूरज स्वयं मुख्यमंत्री को दो हज़ार नौ के चुनावों में नज़र आ गया | हरियाणा क़ी जनता ने हुड्डा सरकार को मात्र चालीस सीटों पर ही निपटा दिया और हरियाणा क़ी जनता ने विपक्ष के हाथ मजबूत कर हुड्डा सरकार क़ी परेशानियों को और भी बढ़ा दिया | इसके बाद हुड्डा सरकार ने बैसाखियों का सहारा ले कर अपनी सरकार खड़ी तो कर ली किन्तु मिर्चपुर काण्ड व हिसार काण्ड ने हुड्डा सरकार को अन्दर तक से हिला कर रख दिया | बैसाखियों के सहारे खड़ी क़ी गई हुड्डा सरकार को जहाँ विपक्ष ने आड़े हाथों लिया वहीं इनके अपनों ने भी इनकी टांग खिंचाई शुरू कर दी | अभी ये मामले ठन्डे भी ना हुए थे क़ि एक निजी चैनल ने हुड्डा सरकार पर भूमि-अधिग्रहण में भ्रष्टाचार का मामला उजागर कर दिया और देखते ही देखते समूचे विपक्ष सहित इनके अपनों ने भी इस प्रकरण पर हुड्डा सरकार क़ी जमकर खिंचाई क़ी | इस पर हुड्डा इतना बौखला गए क़ि उन्होंने सीधा- सीधा अपनों को चेतावनी दे डाली क़ि मेरी कुर्सी क़ी तरफ न देखो ये मुझे सोनिया गांधी के आशीर्वाद से मिली है और जब तक सोनिया गांधी का आशीर्वाद है तब तक मैं ही मुख्यमंत्री रहूंगा | लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है क़ि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अब यह बोल रहे हैं क़ि उन्हें तो जनता ने मुख्यमंत्री बनाया है | यह बात हुड्डा भी जानते हैं क़ि विधानसभा चुनावों में सतासठ सीटें लेने वाली कांग्रेस इस बार चालीस के आंकड़े पर फिसल गई | सरकार बनाने के लिए सात निर्दलीय विधायकों को साथ लेना पड़ा और उन्हें मंत्री बना कर उनके मुताबिक़ के मंत्रालय भी देने पड़े | कहीं सात विधायक कांग्रेस के लिए मुसीबत बीच में ही खड़ी न कर दें इसलिए पिछले दरवाजे से हजकां में सेंध लगाकर हजकां के पांच विधायकों को रातों-रात विधानसभा अध्यक्ष क़ी मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल करवा दिया गया | क्योंकि हुड्डा जानते थे क़ि निर्दलीय विधायक कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे | इसलिए इनके ऊपर पांच हजकां के विधायक लाद कर क्यों न इनका राजनीतिक वजन कम कर दिया जाए | भले ही विपक्ष के प्रहार से घबराकर हुड्डा यह बात क्यों न कह रहे हों क़ि उन्हें तो जनता ने मुख्यमंत्री बनाया है | यह बात राजनीतिक गलियारों में बेशक कही हुई अच्छी लगती हो मगर विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत ना दिया जाना यह साबित कर रहा है क़ी प्रदेश क़ि जनता कांग्रेस को नकार रही है | क्योंकि चालीस में से दस सीटें तो ऐसी थी जहां जीत का अंतर ही काफी कम था | यानी जनता का मूड कांग्रेस क़ी सरकार को लाना नहीं था | मगर हुड्डा शातिरयाना हिसाब से सरकार बना गए | यह बात हुड्डा भले ही ना कहें लेकिन प्रदेश क़ी जनता तो यही कह रही है | अब तो बिरेंदर सिंह डूमरखां राष्ट्रीय कांग्रेस में जबरदस्त वजूद दिखाते हुए राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव बन गए हैं | यही नहीं सोनिया गाँधी ने उन्हें त्वजों देते हुए तीन राज्यों का प्रभारी तक बना दिया है | मतलब साफ़ है क़ि हुड्डा जल्दी से भाव ना खा जाएं इसलिए हाईकमान ने उन्हें संकेत देते हुए उनके राजनीतिक धुरविरौधी बिरेन्द्र सिंह को राष्ट्रीय कांग्रेस में अहम् पद दे कर हुड्डा को चेतावनी भी दी गयी है | बहरहाल तौ केंद्र क़ी यू. पी. ऐ. सरकार को द्रमुक द्वारा अलग हो जाने के बाद उन पर ही खतरे के बादल मंडराते दिखाई दे रहे हैं | यदि केंद्र में कांग्रेस हिली तो हरियाणा में कांग्रेस को उड़ते हुए भी देर नहीं लगेगी | 


 

मीडिया

बुधवार, 2 मार्च 2011

डबवाली से संगरीया रोड़ का निर्माण शीघ्र शुरू किया जायेगा --डॉ. के.वी.सिंह

डबवाली-  डबवाली से संगरीया रोड़ का निर्माण शीघ्र शुरू किया जायेगा और शहर में सीवरेज व पेयजल की समस्या की आ रही शिकायतों का शीघ्र समाधान किया जाएगा। यह बात मुख्यमन्त्री हरियाणा के पूर्व विशेष कार्यधिकारी डॉ. के.वी.सिंह ने कही। वह आज सिरसा रोड पर स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू हुए। उन्होंने बताया कि मुख्यमन्त्री चौ. भुपेन्द्र सिंह हुड्डा ने इस सड़क को बनाने के लिए मन्जूरी प्रदान कर दी है जिस पर 28 करोड़ रूपये राशि खर्च होगी। इस सड़क का निर्माण दो चरणो मे किया जायेगा। प्रथम चरण के निर्माण के लिए 2 किलोमिटर पत्थर से लेकर 13 किलोमिटर तक के निर्माण के लिए 23 मार्च को निविदाएं आमन्त्रित की गई है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 11.70 करोड़ का खर्च आएगा। दुसरे चरण के निर्माण के लिए निविदाएं शीघ्र ही आमन्त्रित की जायेगी। डबवाली शहर में सिवरेज व पीने के पानी में गन्दे जल की आपूर्ति की आ रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियन्ता विजय सिंह को निर्देश दिये कि वह स्वयं मौका देखकर एक सप्ताह के अन्दर सीवरेज व पेयजल व्यवस्था को सुचारू करें, जिस पर कार्यकारी अभियन्ता ने विश्वास दिलवाया कि व्यवस्था को एक सप्ताह के अन्दर सुधार कर दिया जायेगा।
डॉ.सिंह ने बताया कि ब्लाक डबवाली शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा होने के कारण गांव कालुआना में लगभग तीन करोड़ रूपये की लागत सें मॉडल स्कूल का निर्माण शुरू किया जा रहा है। इस स्कूल में पढाई का कार्य इसी सत्र सें शुरू हो जायेगा। इस स्कूल के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा प्राप्त करनें की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू करने के लिए 60 लाख रूपए की लगत से दो ट्रैक्टर-ट्राली व 150 बड़े डस्टबीन व एक रिफ्यूज कम्पैक्टर खरीदा जाएगा। जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।  उन्होंने पत्रकारों द्वारा रेलवे ओवरब्रिज के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने बताया कि 2009-10 के बजट में ओवरब्रिज के लिए करीब 25 करोड़ रूपए एक्षन प्लान में जमा हो गए थे लेकिन अब यह सड़क नैशनल हाईवे अर्थोटि ऑफ इंडिया के अधीन चली गई है जिसके लिए अब इसका दोबारा सर्वे किया जाएगा। जिसके लिए कुछ समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार ने इस बार प्रदेश में विकास कार्यों का बजट 20 हजार 358 करोड़ रूपए का रखा  गया है। जबकि इनेलो सरकार का बजट केवल 1800 करोड़ रूपए का था।

मंगलवार, 1 मार्च 2011

रेल और आम बजट ने खोला कांग्रेस का खेल

आम लोगों को नहीं मिली आम बजट से कोई राहत, घर में रोटी पकानी भी हो जाएगी अब मुश्किल
महंगाई से निजात दिलाने के लिए कुछ नहीं कर पाए वित् मंत्री

करनाल (अनिल लाम्बा) : केंद्र की कांग्रेस सरकार आम लोगों के प्रति कितनी गंभीर है , शायद यह देश की जनता को अब पता लग गया होगा क्योंकि रेल और आम बजट ने कांग्रेस के खेल को पूरी तरह से ओपन कर दिया है कांग्रेस क्या चहाती है और वह देश की जनता को क्या देना चहाती है , यह भी कांग्रेस ने पेश किये गए दोनों बजटों के दौरान बता दिया है दरअसल कांग्रेस पार्टी ने हमेशा उस समय सता हासिल की , जब उसने किसान और गरीब की बात की लेकिन जब सता हासिल हुई तो कांग्रेस आम और गरीबों का साथ छोड़कर पूंजीपतियों के साथ खड़ी हो गई कांग्रेस के चुनावी घोषना पत्र में भले ही गरीबों की बात की जाए , लेकिन भानुमती के कुनबे से जोड़ी गई यह सरकार अब अपने-अपने फायदे देखने में जुटी है रेल बजट के दौरान जिस तरह रेल मंत्री ने अपना पश्चिम बंगाल के प्रति प्रेम दिखाया , उससे साफ़ जाहिर है क़ि ममता को देश क़ी फिक्र कम बल्कि अपने राज्य में मुख्यमंत्री बनने क़ी चिंता ज्यादा है शायद यही वजह है क़ि रेल बजट में उन्होंने सबसे ज्यादा फायदा अपने ही राज्य को पहुँचाने में किया है हालांकि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने उन्हें टोका भी लेकिन उन्होंने उन्हें यह कहकर चुप करवा दिया क़ि जब आप रेल मंत्री थे तो आपने भी ऐसा ही किया था मतलब साफ़ है क़ि रेल मंत्री को देश क़ि जनता से डर कतई नहीं है यदि उन्हें डर है तो पश्चिम बंगाल क़ी जनता से है , जहां पर वह अपना वर्चस्व मुख्यमंत्री के तौर पर कायम करना चहाती हैं हरियाणा में वैसे तो दस सांसद हैं मगर इनमे से नौ सांसद अकेले कांग्रेस पार्टी के हैं मगर इन नौ क़ी क्या मजाल क़ि सोनिया गांधी क़ि मर्जी के बिना यह संसद में कुछ बोल जाएं हरियाणा में रेल मंत्रालय से भले ही कुछ न मिला हो लेकिन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा रेल बजट से बहुत खुश थे शायद यह सांसद अब भूल गए हैं क़ि अगली दफा फिर इन्हें अपने क्षेत्र में क्षेत्र क़ी जनता से वोट मांगने भी जाना है रही बात आम बजट क़ी तो वित् मंत्री प्रणब मुखर्जी ने यह साबित कर दिया है क़ि कांग्रेस देश में जिस दौ वर्ग को कायम करने के लिए जद्दौजहद कर रही है उसे कांग्रेस कायम करने में जुटी है
आम बजट में कांग्रेस ने एक बात साफ़ कर दी है क़ि आने वाले दिनों में गरीब और गरीब होगा और अमीर और अमीर जबकि आम आदमी का क्या होगा , यह न तो कांग्रेस जानना चहाती है और ना ही कुछ करना चहाती है सब्सिडी में कैश क़ी बात कर यह बात भी साफ़ हो गई है क़ि अब मिट्टी का तेल केवल उन लोगों को मिलने वाला है जो गरीबी रेखा से नीचे का जीवन यापन करते हैं , जबकि आम लोगों को अभी पता नहीं है क़ि बजट में जो रूपरेखा तैयार क़ी गई है , उसके तहत आने वाले दिनों में रसोई में जलने वाला सिलेंडर कम से कम बारह सौ रुपये में लोगों को मिलेगा बाद में इसकी सब्सिडी कैसे और कब मिलेगी , यह खुलासा पूरी तरह से बजट में नहीं किया गया बहरहाल रेल और आम बजट कांग्रेस क़ी पोल खोलकर रख दी है जिससे कांग्रेस का असली चेहरा भी सामने आ गया है देश क़ी जनता को चाहिए क़ी वह मिस्त्र और लीबिया के लोगों क़ी तरह सोचे और सड़कों पर उतरे , तभी यह निकमी सरकार भागेगी वरना सता क़ी कुर्सी पर चिपके यह नेता एक दिन आम आदमी से जीने का अधिकार भी छीन लेंगे
नोट :-खबर में परगट किये गए विचार लेखक के खुद के है -डबवाली न्यूज़ या सम्पादक का इन विचारो से सहमत होना कोई जरूरी नहीं है

शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2011

विपक्ष के हमलों से कांग्रेसी बौखलाएं,सोनिया ने किया हुड्डा को तलब

मुख्यमंत्री ने रक्षात्मक रवैया अपनाया
करनाल, अनिल लाम्बा :पिछले तीन महीनों में जिस तरह से ठंडी पड़ी राजनीति में उफान आ रहा है, उसके चलते प्रदेश के सियासी माहौल में परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं। विपक्ष पहली बार सरकार पर हमला करने की स्थिति में आया है। जिस तरह से इनैलो, हजकां और भाजपा ने मिलकर कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। मुख्यमंत्री की कार्यशैली को सवालों के कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया, उससे कांग्रेसी बौखला रहे हैं। महंगाई और जेपीसी के मुद्दों पर जिस तरह से कांग्रेस ने केंद्र में विपक्ष के आगे घुटने टेक दिए और रक्षात्मक स्थिति में आ गया, उसी तरह से प्रदेश में भी आने वाले समय में राज्य सरकार विपक्ष के आगे बचाव की मुद्रा में आ जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को पार्टी के बाहर ही नहीं बल्कि पार्टी के भीतर भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के भीतर उनके परम्परागत विरोधी उन्हें राजनीतिक तौर पर परेशान कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की सुप्रीमो सोनिया गांधी ने हुड्डा को तलब भी किया है। हुड्डा अपनी दूसरी पारी के दौरान कमजोर मुख्यमंत्री साबित हो रहे हैं। जिस तरह से पहली पारी में उन्होंने विपक्ष पर आक्रमण किए थे, उनके हाथों से मुद्दे छीन लिए थे। दूसरी पारी में वह पहली पारी जैसे तेवर नहीं दिखा पाए। हालात यह हैं कि दो साल बीतने को हैं लेकिन अभी तक न तो निगम के पदाधिकारियों की घोषणा की और न ही मुख्यमंत्री ने मंडी कमेटी और मार्कीट कमेटी के अध्यक्षों की घोषणा की। कांग्रेस के भीतर भी मुख्यमंत्री के प्रति असंतोष पनप रहा है। यही कारण है कि कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकत्र्ता घर बैठे हैं। उनकी सत्ता के गलियारों में पूछ नहीं है। कांग्रेस के कार्यकत्र्ताओं के काम नहीं हो रहे। इस संबंध में पार्टी के भीतर उनके विरोधियों ने सोनिया गांधी को वास्तविक स्थिति से अवगत करवा दिया। चर्चा यह भी है कि प्रदेश में बड़ा राजनीतिक फेरबदल हो सकता है। यहां पर कांग्रेस की सुप्रीमो सोनिया गांधी परिवर्तन का आगाज कर सकती हैं। जिस तरह से यू.पी. में आने वाले दिनों में चुनाव हैं, उसके चलते भी यहां पर परिवर्तन इस तरह से हो सकता है, जिससे कि यू.पी. के चुनावों में कांग्रेस को फायदा हो। राजधानी के गलियारों में इस तरह की चर्चाएं आमतौर पर की जा रही हैं। मुख्यमंत्री के तेवर जिस तरह से ढीले हैं, वहीं पर उनके चेहरे पर जो चमक पहली पारी के दौरान दिखाई देती थी, वह अब धूमिल होती जा रही है। इसका फायदा मनोवैज्ञानिक तौर पर विपक्ष को हो रहा है। जमीन के अधिग्रहण, भूमि घोटाले और निर्दलीय विधायकों को लेकर विपक्ष ने जिस तरह से दो-दो हाथ किए हैं, उससे भी कांग्रेस की छवि प्रभावित हुई है।

रविवार, 20 फ़रवरी 2011

पिटे हुए मोहरे कर रहे हैं अब हुड्डा का बचाव

सतासठ सीटों में से मिली हुड्डा को चालीस सीटें, राग अलापते हैं की जनता सब जानती है
करनाल(अनिल लाम्बा): "सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को" की कहावत प्रदेश के मुख्यमंत्री पर बिल्कुल स्टीक बैठती हुई नज़र आ रही है कडाके की ठण्ड के बाद बेशक मौसम में गर्मी ना आई हो किन्तु हरियाणा के सियासी माहौल में भरपूर गर्मी है आपको याद दिला दें क़ि एक न्यूज चैनल द्वारा गुडगाँव में सतारह सौ करोड़ रूपए के कथित भूमि घोटाले का खुलासा करने के बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने हुड्डा सरकार के खिलाफ अक्रामक रूप से मोर्चा खोल दिया है इनेलौ ने सरकार द्वारा किये गए घोटालों की लिखित में जानकारी राज्यपाल को दी है और कहा है क़ि जब कर्नाटक के राज्यपाल वहां के मुख्यमंत्री के खिलाफ कारवाई की सिफारिश कर सकते हैं तो यहाँ पर भी भ्रष्टाचार को देखते हुए राज्यपाल को ऐसे कदम उठाने चाहियें इसके बाद तौ हरियाणा का सियासी माहौल एक-दम से गरमा गया सूत्रों ने बताया है क़ि जब यह बात हर नुक्कड़ और चौपाल में चर्चाओं का रूप लेने लगी तौ तीन-चार कांग्रेसियों को छोड़ अन्य किसी ने भी इस मुद्दे पर चौटाला पर पलटवार नहीं किया बल्कि कांग्रेस सरकार में रहे पूर्व वित् मंत्री तथा राज्य सभा सांसद विरेंद्र सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री शैलजा ने भी जमीन के अंधा धुंध अधिग्रहण के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जिस तरह से हुड्डा राज में बेशकीमती उपजाऊ जमीन एस.ई.ज़ेड की भेंट चड़ी और सरकार की छवि प्रोपर्टी डीलर के रूप में दूषित हुई जमीन के अधिग्रहण को लेकर अब करनाल में मंत्रिमंडल के सबसे वरिष्ठ सदस्य कैप्टेन अजय यादव भी खुलकर बोले उन्होंने इशारों-इशारों में मुख्यमंत्री को दो टूक बात कह डाली पिछले दिनों करनाल की जाट महासभा के कार्यक्रम में यहाँ तक कह दिया क़ि मंत्री पद उन्हें पहली बार नहीं मिला वह छ: बार विधायक और तीन बार मंत्री रह चुके हैं वह सम्मान के साथ मंत्री रहना ज्यादा पसंद करेंगे उन्होंने अप्रय्तक्ष तौर पर यह कह भी दिया क़ि उनके सम्मान को कहीं न कहीं आघात पहुंच रहा है और साथ ही यह संकेत भी दिया क़ि मंत्री पद के लिए उन्हें हरियाणा में किसी सहारे क़ि जरुरत नहीं है अब जौ मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुड्डा सहित तीन-चार कांग्रेसियों ने चौटाला पर पलटवार किया है उससे ये ही प्रतीत होता है क़ि मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुड्डा सहित ये तीन-चार कांग्रेसी उपरोक्त कहावत को चरितार्थ करने में लगे हैं दूसरा मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुडा का ये कहना क़ि जनता सब जानती है बड़ा बेमानी सा लगता है हरियाणा में हुड्डा के नेतृतव में दौ हज़ार नौ में विधान-सभा चुनाव हुए थे जिसमे हुड्डा को सतासठ सीटों में से चालीस सीट ही हरियाणा क़ि जनता ने सौंपी थी ना क़ि हरियाणा क़ि जनता ने हुड्डा को जनाधार दिया था इसके बाद एक उपचुनाव भी लड़ा गया एलानाबाद सीट पर जहां पूरी क़ि पूरी हुडा सरकार मिल कर भी इस सीट को नहीं जीत पाई और अब हुड्डा का ये राग अलापना क़ि जनता सब जानती है बेमानी नहीं तौ और क्या है बहरहाल प्रदेश में सियासी पारा गरमा गया है अब देखना ये होगा क़ि हुड्डा सरकार इससे कैसे निजात पाएगी ?

पिटे हुए मोहरे कर रहे हैं अब हुड्डा का बचाव

करनाल- इनेलौ प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला द्वारा भूमि अधिग्रहण घोटाले क़ी जांच और पड़ताल का मामला उठाए जाने के बाद खुद जनता के बीच जा कर जवाब देने में असमर्थ नज़र आ रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अब उन मोहरों को आगे ला खडा किया जिनका खुद जनता में कोई वजूद नहीं है लगातार चुनाव हारने वाले तथा मौजूदा राज्यसभा सांसद डाक्टर रामप्रकाश यकायक जिस तेजी से हुड्डा के बचाव में अपना ब्यान ले कर आए हैं उससे लगता है क़ि डाक्टर रामप्रकाश अब कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर पहुंचने के लिए हुड्डा का बचाव कर रहे हैं इससे पहले
डाक्टर रामप्रकाश ने चौटाला द्वारा उठाए गए भूमि अधिग्रहण मामले में इतनी गंभीरता से कभी बयानबाजी नहीं क़ी केंद्र सरकार में मंत्री रहे और अब हरियाणा क़ी सता में अपना वजूद ढूंड रहे हिसार के जयप्रकाश बरवाला भी हुड्डा के बचाव में अचानक अक्रामक मुद्रा में आ गए हैं लगता है इन दोनों नेताओं को हरियाणा क़ी सता में कहीं न कहीं अब भी लाभ पद मिलने क़ी उम्मीद नज़र आ रही है शायद इसलिए दोनों ही नेता किसानों के हित क़ी बात करने क़ी बजाय सरकार का ही बचाव कर कम से कम यह जरुर दर्शा रहे हैं कि अब दोनों को प्रदेश हित कि बजाय हुड्डा हित ज्यादा लोकप्रिय है

बुधवार, 16 फ़रवरी 2011

सड़क में गड्ढे है या गड्ढों में सड़क


राजीव वडेरा (mob--09356781200)
डबवाली से संगरिया तक बदहाल सड़क परेशानी का सबब बनी हुई है। प्रशासनिक उपेक्षा के कारण बदहाल हुई यह सड़क इस कदर टूट चुकी है कि सड़क में गड्ढे है या गड्ढों में सड़क है यह कहना मुश्किल है। रोजाना हजारों की तादात में वाहनों का आवागमन होने वाले इस मार्ग की बदहाली पर राजनीति भी गर्म है। विपक्ष जहां के निर्माण में हो रही देरी के कारण में सरकार को दोषी ठहरा रहा है वहीं सरकार के नुमाईंदे निर्माण क्षेत्र में वन्य जीवन प्राणी क्षेत्र आना गिनवा रहे है।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता चौधरी ओम प्रकाश चौटाला के निवास स्थान के अलावा काल की भेंट चढ़े पर्यटन स्थल काला तितर और आसाखेड़ा शिखरा भी इसी मार्ग पर स्थित है। शहर की बात की जाये तो एसडीएम कार्यालय व न्यायालय तथा सरकारी अस्पताल सहित तीन बड़े निजी विद्यालयों के साथ एक धार्मिक समुदाय का सत्संग भवन भी इस रोड़ पर मौजूद है। इतना महत्वपूर्ण क्षेत्र होते हुए भी सड़क ऐसी हालत और ऊपर से प्रशासनिक उदासीनता अपने आप में बड़ा सवाल है। इस सड़क की बदहाल की गंूज विधानसभा में पहुंच चुकी है और सरकार की ओर से इसके निर्माण के लिए बजट जारी करने का उतर भी दिया जा चुका है लेकिन समस्या अभी भी ढाक के वहीं तीन पात वाली है।
इस मार्ग पर स्थित हरियाणा पब्लिक स्कूल के निदेशक रमेश सचदेवा का कहना है कि बदहाल सड़क के कारण बच्चों का स्कूल आना एक सजा देने जैसा बन चुका है। डबवाली से संगरियां का 40 मीनट का सफर दो घंटो में पूरा होता है।
डबवाली के विधायक और इनेलो के महासचिव अजय सिंह चौटाला के अनुसार यह बदहाल सड़क सरकार की कार्यशैली का ही परिणाम है। सरकार की नीति व नियत साफ नहीं है। अफरशाही बेलगाम हो चुकी है। बकौल अजय सिंह चौटाला राजनीतिक कारण इस सड़क का निर्माण नहीं करवाया जा रहा है।
अफसरशाही का इस सड़क के निर्माण को लेकर अपना राग है। उनका कहना है कि इस सड़क को चौड़ा करने की योजना थी। जिसका बजट भी जारी हो चुका है लेकिन अबूबशहर के पास वन्य जीवन क्षेत्र आने के कारण इसके निर्माण की अनुमति नहीं मिल पाई इस कारण यह कार्य अधर में लटक गया है अब सड़क को पुराने साईज में बनाने के लिए पुन: योजना बना कर अनुमति के करवाने के लिए आला अधिकारियों के पास भेजा गया है। कारण जो भी हो लेकिन इतनी बदतर हालत में सड़क विकास के ब्यार बहने वाले पूरे प्रदेश में कहीं देखने को नहीं मिलेगी। बदहाल सड़क के कारण हो सफर एक सजा बन चुका है और राहगीर उसे भुगत रहे है। सड़क की बदहाली कि कारण इस मार्ग पर हो रही दुर्घटनाओं का जिम्मेवार कौन होगा? इसका जवाब भी बड़े-बड़े ओहदों पर बैठे सरकारी बाबुओं के पास भी नहीं है।

बुधवार, 24 नवंबर 2010

हुड्डा ने दी एशियाड विजेताओं को बधाई

चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डïा ने आज कहा कि एशियन खेलों में हरियाणा के खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हंै और इन खेलों में उन्होंने अनेक पदक जीते हैं। हुड्डïा ने कहा कि मुक्केबाजी, कुश्ती, कब्बड्डïी जैसी अनेक प्रतिस्पर्धाएं अभी सम्पन्न होनी है और राज्य के अनेक खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतेंगे। उन्होंने कहा कि रैसलर योगेश्वर दत्त अवश्य ही स्वर्ण पदक के दावेदार थे, परन्तु चोट लगने के कारण वे भाग नहीं ले सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रिक्त पदों के प्रति डॉक्टरों की विशेष भर्ती कर रही है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है और डॉक्टरों के पदों को भरने के लिए प्रत्येक महीने की दस तारीख को साक्षात्कार का आयोजन किया जा रहा है।

गुरुवार, 28 अक्टूबर 2010

एक नवम्बर का दिन खेल जगत के लिए ऐतिहासिक दिन होगा

सिरसा,28 अक्तूबर। आगामी एक नवम्बर का दिन खेल जगत के लिए ऐतिहासिक दिन होगा, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा सोनीपत के राई में 'चक दे हरियाणा, चक दे इंडिया' नामक महा आयोजन किया गया है जिसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा राष्ट्रमंडल खेलों में विजेता खिलाडिय़ों व उनके प्रशिक्षकों को सम्मानित करेंगे। इस समारोह में भाग लेने के लिए सिरसा जिला से भी हजारों की संख्या में लोग राई पहुंचेंगे। इस समारोह में पहुंचने के लिए विशेषकर युवाओं में विशेष उत्साह बना हुआ है, क्योंकि युवाओं को दिशा देने वाला देश में अपनी तरह का यह पहला कार्यक्रम होगा। चूंकि सिरसा हरियाणा के खेल राज्यमंत्री श्री गोपाल कांडा का गृह जिला है। इसलिए इस जिला के युवाओं की भागेदारी और भी अधिक मायने रखती है। 'चक दे हरियाणा, चक दे इंडियाÓ कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार एवं युवाओं को कार्यक्रम के लिए प्रोत्साहित करने हेतु जिम्मेवारी खेल राज्यमंत्री के अनुज श्री गोबिंद कांडा पर है।
श्री गोबिंद कांडा ने कार्यक्रम में सिरसा जिला की उपस्थिति बारे स्थानीय शहर व क्षेत्र के विभिन्न गांवों में दौरा किया है और बैठकों का आयोजन कर जिला के लोगों को 'चक दे हरियाणा, चक दे इंडियाÓ कार्यक्रम में पहुंचने का न्यौता दिया है। उनका कहना है कि इस कार्यक्रम में सिरसा के लोगों की विशेष भागेदारी होगी। उन्होंने कहा कि राज्यस्तरीय समारोह में 32 पदक विजेता खिलाडिय़ों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा और उन्हें नकद ईनाम की राशि के चैक प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह समारोह एक गौरवशाली समारोह होगा जिससे प्रदेश के युवा वर्ग को खेलों की और बढऩे की प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए सबसे अधिक पदक हरियाणा के खिलाडिय़ों ने जीते है। इस बात का अंदाजा उन्होंने खेलों के शुरु होने से पहले ही था जब हरियाणा में पहुंची क्वींस बैटन रिले का जबरदस्त स्वागत हुआ था और वो भी सिरसा में तो ऐतिहासिक स्वागत किया गया है। राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों की जीत से प्रदेश के खिलाडिय़ों का उत्साह देखने वाला है। यह उत्साह एक नवम्बर को और अधिक होगा। उन्होंने कहा कि अब हरियाणा के खिलाड़ी किसी भी अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में थमने वाले नहीं है। इन खिलाडिय़ों के उत्साहवद्र्धन के लिए राज्य सरकार ने नई खेल नीति अपनाई है जिससे खिलाडिय़ों में खेलों के प्रति एक नई आशा जगी है और व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाया है।
उन्होंने कहा कि खेल राज्यमंत्री श्री गोपाल कांडा का प्रयास है कि जिला के ज्यादा से ज्यादा युवा इस समारोह में शिरकत करे और खिलाडिय़ों के उत्साह को देखे और जिससे खिलाडिय़ों का रुझान खेलों की ओर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सिरसा जिला में खेलों के लिए ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई है। खिलाड़ी इनका लाभ उठाकर भविष्य में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में और अधिक मैडल जीतेंगे। उन्होंने कहा कि वे गांव के सरपंचों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक ले चुके है और उन्हें विश्वास है कि ग्राम पंचायतें इस कार्यक्रम में युवाओं को भेजने में और अधिक रुचि दिखाएंगी।

मंगलवार, 14 सितंबर 2010

प्रदेश में विकास कार्यों के चलते हुए विपक्ष के पास कोई मुद्दा ही नहीं बचा --कुलदीप सिंह गदराना

डबवाली-- हरियाणा के युग पुरूष व क्रांतिकारी नेता मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के 64वें जन्मदिवस को कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी धूमधाम से विकास दिवस के रूप में मना रहे हैं। इसके चलते कल सुबह 9:30 बजे जिला सिरसा के कांग्रेस मुख्यालय में एक हवन यज्ञ का भी आयोजन किया जाऐगा। यह बात वरिष्ठ कांग्रेस नेता व पूर्व चेयरमैन कुलदीप सिंह गदराना ने आज स्थानीय अन्नपूर्णा रिसोर्ट में एक प्रैस कांफ्रैंस के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इस मौके पर हरियाणा सरकार के मंत्री गोपाल कांडा व मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिलांखेड़ा विशेष तौर पर उपस्थित रहेंगे। कुलदीप सिंह गदराना ने कायकर्ताओं से मुख्यमंत्री के जन्मोत्सव पर भारी तादाद में पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने अपने पूर्व व वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश में जो बुलंदिया प्रदान की हैं वह अपने आप में एक मिसाल है और हुड्डा सरकार की नीतियों को देश के अन्य प्रदेश भी लागू कर रहे हैं। गदराना ने कहा कि मुख्यमंत्री हुड्डा ने प्रदेश के सभी वर्गों को जो राहते दी हैं उससे प्रदेश की जनता में खुशहाली का माहौल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जनहितैषी व विकासशील नीतियों के चलते प्रदेश का हर वर्ग उनसे खुश है और उनकी लम्बी आयु की कामना करता है। कुलदीप गदराना ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाले झुझारू नेता हैं उनकी इसी मेहनत की बदौलत आज हरियाणा प्रदेश देश का नंबर 1 राज्य बन पाया है। जिसे देखते हुए उन्हें अब तक का 'बैस्ट सीएम अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। यही वजह है कि कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमति सोनिया गांधी जिस प्रदेश में भी जाती हैं वहीं पर हरियाणा के विकास व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की विकास नीतियों का जिक्र करती हैं। गदराना ने कहा कि मुख्यमंत्री हुड्डा का जिले सिरसा से विशेष लगाव है। जिसके चलते सिरसा में करोड़ों रूपयों की लागत से विकास कार्य हो रहे हैं। जिनमें से ओवर ब्रिज का कार्य प्रमुख है। वहीं मुख्यमंत्री ने ऐलनाबाद व डबवाली में सरकारी कॉलेज के लिए जमीन आवंटित करवाकर शीघ्र ही कार्य करने के निर्देश जारी करवा दिए हैं। वहीं ओटू झील के विकास के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले पांच सालों में मुख्यमंत्री हुड्डा ने किसानों के 16 करोड़ के बिल माफ करवाए व बुढ़ापा पैंशन में बढ़ौतरी कर हर वर्ग को खुश करने का अहम कार्य किया। प्रदेश को बिजली में आत्म निर्भर बनाने के लिए परमाणु बिजली के दो प्रोजैक्टों पर काम चल रहा है। जिससे प्रदेश में 24 घंटे बिजली उपलब्ध हो पाएगी व प्रदेश बिजली उत्पादन में नंबर एक पर आ जाएगा। कुलदीप गदराना ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों के चलते हुए विपक्ष के पास कोई मुद्दा ही नहीं बचा है। जिससे वह श्री हुड्डा की सरकार के खिलाफ बना सकें। इसे देखकर ऐसे लग रहा है कि मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा तीसरी बार हैट्रिक मारते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

शुक्रवार, 10 सितंबर 2010

हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल डबवाली की इकाई ने हुड्डा का किया अभिनन्दन

डबवाली -हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल के तत्वाधान में हरियाणा सरकार द्वारा क्लोङ्क्षजग स्टॉक पर लगाए गए टैक्स को माफ करने तथा कई अन्य टैक्स पर रियायतें देने के लिए मुख्यमन्त्री हरियाणा भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के सम्मान में बीते दिवस पंचायत भवन चण्डीगढ़ में आयोजित अभिनन्दन समारोह में हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल डबवाली की इकाई के अध्यक्ष इन्द्र जैन, उपाध्यक्ष गुरदीप कामरा, महासचिव संजय मिढा एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण ङ्क्षसगला ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस अवसर पर उन्होंने अपनी मांगे भी रखी। जिसमें मार्केट कमेटी अनाज मण्डी में एक दुकान पर दो लाईसैंस जारी करने को अनुचित ठहराया तथा डबवाली में आ रही व्यापारिक दिक्कतों के बारे मुख्यमन्त्री हरियाणा तथा प्रदेशाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग से चर्चा की। उन्होंने डबवाली इकाई द्वारा रखी गई सभी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमन्त्री हरियाणा भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को डबवाली इकाई की ओर से एक स्मृति चिन्ह भेंट किया। यह जानकारी देते हुए उपाध्यक्ष गुरदीप कामरा ने बताया कि उक्त अभिनन्दन समारोह को मुख्यमन्त्री, प्रदेशाध्यक्ष के अलावा कई अन्य व्यापारी नेताओं ने भी सम्बोधित किया।

गुरुवार, 19 अगस्त 2010

हरियाणा रोडवेज का बस स्टैण्ड प्रशासनिक उदासीनता के चलते टापू में तबदील

डबवाली-यह तस्वीरें देख कर कहीं आप हैरान तो नहीं? यह तस्वीरें किसी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र की नहीं हैं बल्कि सूरत-ए-हाल ब्यान करती यह चन्द तस्वीरें स्थानीय न्यू बस स्टैण्ड परिसर की हैं। भले ही प्रदेश के परिवहन मंत्री ओम प्रकाश जैन बस स्टैण्डों के आधुनिकीकर पर लाखों रूपये खर्च करने के दावे कर रहे हों लेकिन यहां आकर उन दावों की खुलती पोल सरेआम देखी जा सकती है। स्थानीय हरियाणा रोडवेज का बस स्टैण्ड प्रशासनिक उदासीनता के चलते टापू में तबदील हो चुका है। मामूली से मामूली बरसात के पश्चात बस स्टैण्ड में बरसात का पानी इस तरह से जमा हो जाता है कि जैसे डबवाली क्षेत्र में जबरदस्त बाढ़ आई हो। कई दिन तक बरसाती पानी की निकासी न होने के कारण जमा पानी यात्रियों तथा राहगीरों के लिए परेशानी का सबब तो बनता ही है। इस पानी में पनपने वाले मक्खियां-मच्छर बीमारियों को निमन्त्रण भी दे रहे हैं। जहां जनस्वास्थ्य विभाग ने इसे बस स्टैण्ड का निजी कार्य कह कर इससे अपना पल्ला झाड़ लिया है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी इस गम्भीर समस्या पर अपनी आंखें मूंद रखी हैं। लाखों रूपयों के बजट वाले इस बस स्टैण्ड पर विभाग भी दमड़ी खर्चने को तैयार नहीं है। निजी बस परिचालक जसपाल नरूला ने बताया कि परिवहन विभाग सहकारी बस समितियों से प्रति बस 1800 रुपये प्रति माह वसूल रहा है। इसके अलावा पंजाब रोडवेज तथा दूसरे निजी ऑप्रेटरों की बसों से प्रति चक्कर बीस रूपये के वसूलें जाते हैं। लेकिन बस स्टैंड पर सुविधाओं के नाम पर मात्र जर्जर भवन है। जो कभी भी गिर सकता है। बरसात में तो भवन की छतों से पानी की धाराऐं निकलती है। हवा पानी का भी पुख्ता प्रबन्ध नहीं है। बस स्टैण्ड परिसर में बना पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यात्रियों के आराम के लिए बना यह पार्क आवारा पशुओं और नशेडिय़ों की शरणस्थली बन चुका है। उन्होंने प्रशासन के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि वे इस बस स्टैण्ड की सुध लें ताकि यात्रियों को मुसीबतों से छुटकारा मिल सके।

गुरुवार, 29 जुलाई 2010

प्रदेश में आई भयंकर बाढ़ प्रदेश सरकार की नाकामी का सबूत है--चौटाला

डबवाली- प्रदेश में आई भयंकर बाढ़ प्रदेश सरकार की नाकामी का सबूत है व इस घटनाक्रम की उच्च न्यायलय के न्यायधीश से जाँच करवाई जानी चाहिए। यह बात स्थानीय विधायक डॉ. अजय सिंह चौटाला ने आज इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पूरी तरह से जंगलराज स्थापित हो चुका है। मुख्यमन्त्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा मौन धारण किए हुए हैं। अफसरशाही पर सरकार का कोई नियन्त्रण नहीं है। बाढ़ राहत के नाम करोड़ों रूपये सम्बन्धित विभागों द्वारा खुर्दबुर्द किया जा रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अम्बाला वन विभाग कार्यालय ने एक दिन में 6 करोड़ 40 लाख रूपये खर्च किए दिखाए हैं। उन्होंने कहा कि इनेलो जल्द ही आरटीआई के तहत इस सारे घपले को सामने लाऐगी। श्री चौटाला ने कहा कि इनेलो से प्रदेशभर में सर्वे कार्य करके महामहिम राज्यपाल को रिपोर्ट सौंप दी है। जिसमें दर्शाया गया है कि 4500 करोड़ रूपये का नुक्सान इस बाढ़ से हुआ है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नगरपालिका अध्यक्ष पद का चुनाव पार्षदों द्वारा ही किया जाऐगा। इस दौरान इनेलो कार्यकर्ता कृष्ण सेठी व औम बाबा ने सालासर धर्मशाला के घटनाक्रम से उन्हें अवगत करवाया। विधायक ने उन्हें आश्वस्त किया कि किसी को भी गुण्डागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जाऐगी। उन्होंने इस अवसर पर जनसमस्याऐं भी सुनी। इससे पहले विधायक महोदय अदालती कार्य हेतु स्थानीय अदालत में गए तथा बार रूम में उन्होंने वकीलों से मुलाकात भी की। इस अवसर पर डॉ. सीता राम, राधे राम गोदारा, महावीर सहारण, टेक चन्द छाबड़ा, गुरजीत सिंह, गुलजिन्द्र सोना, सर्वजीत सिंह मसीतां, सन्दीप सन्नी गंगा, दर्शन मान, लवली मैहता, रणवीर राणा, मलकीत सूच, डॉ. गिरधारी लाल तथा राम कुमार सोनी सहित अनेक इनेलो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

SHARE ME

IMPORTANT -------- ATTENTION ---- PLEASE

-----------------------------------"यंग फ्लेम" परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है। "यंग फ्लेम" परिवार आपका अपना परिवार है इसमें आप अपनी गजलें, कविताएं, लेख, समाचार नि:शुल्क प्रकाशित करवा सकते है तथा विज्ञापन का प्रचार कम से कम शुल्क में संपूर्ण विश्व में करवा सकते है। हर प्रकार के लेख, गजलें, कविताएं, समाचार, विज्ञापन प्रकाशित करवाने हेतु आप 093154-82080 पर संपर्क करे सकते है।-----------------------------------------------------------------------------------------IF YOU WANT TO SHOW ANY KIND OF VIDEO/ADVT PROMOTION ON THIS WEBSITE THEN CONTACT US SOON.09315482080------

SITE---TRACKER


web site statistics

ब्लॉग आर्काइव

  © template Web by thepressreporter.com 2009

Back to TOP