डबवाली-उपमंडल के गांव कालूआना में 55 वर्षीय व्यक्ति को भीष्म गर्मी में अपना गला तर करने के लिए पानी डिग्गी के पास उतरना जाना मंहगा पड़ा। पानी पीने की चाहत ही उसे मौत के आगोश तक खींच कर ले गई और पानी पीने के लिए डिग्गी में उतरे व्यक्ति की डिग्गी में ही डूब जाने से ही मौत हो गई। मृतक की पहचान महावीर सिंह निवासी कालूआना के तौर पर की गई है।
इस हादसे का पता उसके परिजनों को उस समय चला जब उसका शव डिग्गी में तैरता हुआ मिला। पुलिस ने सीआरपीसी की धारा की 174 के तहत कार्यवाही करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाने के उपरांत उसके परिजनों को सौंप दिया है।
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शनिवार, 21 मई 2011
मीठा पेय जल पिलाकर मनाया जन्मदिवस
डबवाली-शहर के समाज सेवी व इनेलो वरिष्ठ नेता राकेश कुमार शर्मा ने आ
ज अपने जन्मदिवस पर चौटाला रोड़ पर स्थित शर्मा स्वीट्स पर मीठे पानी की छबील लगाई और राहगीरों को मीठा पानी पिलाकर नेक कार्य किया।
इस अवसर पर डा. सुरेन्द्रपाल जस्सी, डा. मथुरादास चलाना, जगदीप बराड़ एडवोकेट, सोमजीत शम्मा,जगदीश राय, अवतार सोनी,महेंद्र मैडीकल वाला,राजू ढाबे वाला,गुलशन प्रधान, एडवोकेट दीपक कौशल ने उनके जन्मदिवस पर बधाई दी व उनके द्वारा किए गए इस नेक कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
ज अपने जन्मदिवस पर चौटाला रोड़ पर स्थित शर्मा स्वीट्स पर मीठे पानी की छबील लगाई और राहगीरों को मीठा पानी पिलाकर नेक कार्य किया।श्री शर्मा ने कहा कि अपने हर जन्म दिवस पर इसी तरह से सेवा करते रहेगे
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मंगलवार, 17 मई 2011
क्या फैसला अकालियों का, ऐलान दिल्ली का
मामला मुक्तसर जिला कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति का
यह भी जमीनी हकीकत है कि पंजाब के सीमावर्ती जिले मुक्तसर ने पंजाब की राजनीति पर बहुल लंबे समय तक एकछत्र राज किया है, जो कि मौजूदा समय में भी बरकरार है। इस जिले में चाहे कि हिंदु वोटरों की संख्या काफी है परन्तु फिर भी वह इतनी नहीं कि सिक्ख वोटों को किसी पक्ष से प्रभावित कर सके। जिले में बाकी राजसी पार्टियां ही नहीं बल्कि धर्म निष्पक्ष पार्टी के तौर पर जानी जाती कांग्रेस पार्टी के संदर्भ में इतिहास गवाह है कि पिछले काफी समय से कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष के पद पर सिक्ख नेता ही काबज होते रहे हैं। जिसके चलते सिख बहुसंख्यक इस जिले में कांग्रेस का सिख वोट बैंक चाहे अकाली दल पर भारी नहीं पड़ सका परन्तु मुकाबला करन के पूर्णतय समर्थ जरूर रहा।
राजनैतिक पयवेक्षको का यह भी मानना है कि सैंकड़े एकड़ जमीनें और करोड़ों-अरबों की जायदादों वाले जागीरदार नेताओं की राजनीतिक सरजमीं (जिला मुक्तसर) पर जहां राजनीति का एक दाव खेलते समय करोड़ों रुपए तक की खर्च करने की परवाह नहीं की जाती, वहां एक आम साधारण और व्यापारी नेता द्वारा जिल में बडे स्तर पर गुटबाजी की शिकार कांग्रेस पार्टी को उभार कर सत्तापक्ष अकाली दल (बादल) और पी.पी.पी. के साथ आमने -सामने की लड़ाई में से कांग्रेस की किश्ती पार निकाल सकना असंभव माना जा रहा है।
कांगे्रस आलाकमान द्वारा मुक्तसर जिलेके तीन विधानसभा क्षेत्र मुक्तसर, गिद्दड़बाहा और मलोट के फिरोज़पुर लोकसभा क्षेत्र के अधीनस्थ आने कारण इस लोकसभा क्षेत्र से दो बार किस्मत आजमा चुके कांग्रेस के हाई-प्रोफाइल नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस के स्थायी सदस्य श्री जगमीत सिंह बराड़ की सिफ़ारिश पर मुक्तसर जिले के कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति की है। परंतु इस सब बीच कांग्रेस आलाकमान शायद यह भूल बैठी कि मुक्तसर जिले में पंजाब के मौजूदा मुख्य मंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल का गृह विधानसभा क्षेत्र लम्बी भी पडता है। जहां से सिर्फ मुक्तसर जिले की सियासत नहीं बल्कि समूचे प्रदेश की अकाली राजनीति का कहानीयां गढी जाती है और लम्बी विधानसभा क्षेत्र का राजनैतिक दृश्य ही पूरे जिले की राजनैतिक धुरी को तय करता है। ऐसे में बाबा बोहड सीनियर बादल और परिपक्व मुहिमबाज उप मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल के सामने श्री गुरदास गिरधर जैसे सीधे और आर्थिक पक्ष से आम साधारण व्यक्ति के ज्यादा प्रभावशाली साबित होने के बारे शंका जाहर की जा रही है। जबकि दूसरे तरफराजनीतिक पर्यवेक्षको की राय में श्री मुक्तसर साहिब जिले में ऐसा गतिशील और बेबाक नेता जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए था, जो कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तर्ज पर प्रदेश के मौजूदा हाकिमों को उन को गृह जिले में सख्त टक्कर दे कर अकालियों के सूबे पर 25 वर्षों तक राज करने के सपनों को नेसताबूत कर सके।
पार्टी के एक नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि पार्टी के इस फैसले से लगता है कि जैसे जिला कांग्रेस कमेटी श्री मुक्तसर साहिब के अध्यक्ष का फैसला सुखबीर सिंह बादल ने किया है और इसका ऐलान आल इंडिया कांग्रेस समिति हैडक्र्वाटर से हुआ है।
इसी दौरान संपर्क करने पर जिला श्री मुक्तसर साहब के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री गुरदास गिरधर ने खुद को जन्मजात व टकसाली कांग्रेसी करार देते कहा कि वह स्वतंत्रता सेनानी श्री बिहारी लाल के पुत्र हैं और उन की जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पूरी पैठ है। सिख राजनीति से भरपूर जिले में हिंदु वर्ग के साथ संबन्धित होने बावजूद खुद को प्रभावशाली अध्यक्ष के तौर पर साबित करनेके बारे उन्होने कहा कि कांग्रेस एक धर्म निष्पक्ष पार्टी है जहां धर्म और जाति-पात से पहले लोकहित हैं।
डबवाली-नई दिल्ली स्थित कांग्रेस पार्टी की हाईकमांड द्वारा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की जारी नई सूची में सिख प्रभाव और जागीरदार राजनीतिज्ञों का गढ़ माने जाते जिला श्री मुक्तसर साहब में एक व्यापारी व साधारण नेता श्री गुरदास गिरधर को जिलाध्यक्ष नियुक्त कर मुख्य मंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल के गृह जिले में सत्ता पक्ष अकाली दल के लिए आगामी विधानसभा चुनावों में अप्रत्यक्ष रूप में रास्ता आसान कर दिया है।
हमेशा से बड़े-बड़े जागीरदार जटट् सिक्ख नेताओं की राजनीति के प्रभाव में इस जिले में जहाँ मुक्तसर, मलोट और गिद्दड़बाहा शहरी इलाके होने के बावजूद सिक्ख वोट बैंक व सिखी पर आधारत राजनीति का दबदबा रहा है। जिस के तहत यहां पंजाब के पूर्व मुख्य मंत्री स्व. श्री हरचरन सिंह बराड़, अकाली राजनीति के बाबा बोहड माने जाते रहे श्री तेजा सिंह बादल, मौजूदा मुख्य मंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल और दरवेश राजनीतिज्ञ के रूप में प्रख्यात रहे स्व: जत्थेदार जगदेव सिंह खुडड्ीयां (सांसद फरीेदकोट लोकसभा क्षेत्र), पूर्व सांसद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता, श्री जगमीत सिंह बराड़, भाई शमिन्दर सिंह और पूर्व विधायक श्री दर्शन सिंह मराड़ सरीखे नेता अपने-अपने समय और पैठ के मुताबिक मुक्तसर जिल की सियासत भारी रहे हैं।यह भी जमीनी हकीकत है कि पंजाब के सीमावर्ती जिले मुक्तसर ने पंजाब की राजनीति पर बहुल लंबे समय तक एकछत्र राज किया है, जो कि मौजूदा समय में भी बरकरार है। इस जिले में चाहे कि हिंदु वोटरों की संख्या काफी है परन्तु फिर भी वह इतनी नहीं कि सिक्ख वोटों को किसी पक्ष से प्रभावित कर सके। जिले में बाकी राजसी पार्टियां ही नहीं बल्कि धर्म निष्पक्ष पार्टी के तौर पर जानी जाती कांग्रेस पार्टी के संदर्भ में इतिहास गवाह है कि पिछले काफी समय से कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष के पद पर सिक्ख नेता ही काबज होते रहे हैं। जिसके चलते सिख बहुसंख्यक इस जिले में कांग्रेस का सिख वोट बैंक चाहे अकाली दल पर भारी नहीं पड़ सका परन्तु मुकाबला करन के पूर्णतय समर्थ जरूर रहा।
राजनैतिक पयवेक्षको का यह भी मानना है कि सैंकड़े एकड़ जमीनें और करोड़ों-अरबों की जायदादों वाले जागीरदार नेताओं की राजनीतिक सरजमीं (जिला मुक्तसर) पर जहां राजनीति का एक दाव खेलते समय करोड़ों रुपए तक की खर्च करने की परवाह नहीं की जाती, वहां एक आम साधारण और व्यापारी नेता द्वारा जिल में बडे स्तर पर गुटबाजी की शिकार कांग्रेस पार्टी को उभार कर सत्तापक्ष अकाली दल (बादल) और पी.पी.पी. के साथ आमने -सामने की लड़ाई में से कांग्रेस की किश्ती पार निकाल सकना असंभव माना जा रहा है।
कांगे्रस आलाकमान द्वारा मुक्तसर जिलेके तीन विधानसभा क्षेत्र मुक्तसर, गिद्दड़बाहा और मलोट के फिरोज़पुर लोकसभा क्षेत्र के अधीनस्थ आने कारण इस लोकसभा क्षेत्र से दो बार किस्मत आजमा चुके कांग्रेस के हाई-प्रोफाइल नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस के स्थायी सदस्य श्री जगमीत सिंह बराड़ की सिफ़ारिश पर मुक्तसर जिले के कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति की है। परंतु इस सब बीच कांग्रेस आलाकमान शायद यह भूल बैठी कि मुक्तसर जिले में पंजाब के मौजूदा मुख्य मंत्री श्री प्रकाश सिंह बादल का गृह विधानसभा क्षेत्र लम्बी भी पडता है। जहां से सिर्फ मुक्तसर जिले की सियासत नहीं बल्कि समूचे प्रदेश की अकाली राजनीति का कहानीयां गढी जाती है और लम्बी विधानसभा क्षेत्र का राजनैतिक दृश्य ही पूरे जिले की राजनैतिक धुरी को तय करता है। ऐसे में बाबा बोहड सीनियर बादल और परिपक्व मुहिमबाज उप मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल के सामने श्री गुरदास गिरधर जैसे सीधे और आर्थिक पक्ष से आम साधारण व्यक्ति के ज्यादा प्रभावशाली साबित होने के बारे शंका जाहर की जा रही है। जबकि दूसरे तरफराजनीतिक पर्यवेक्षको की राय में श्री मुक्तसर साहिब जिले में ऐसा गतिशील और बेबाक नेता जिला कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए था, जो कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तर्ज पर प्रदेश के मौजूदा हाकिमों को उन को गृह जिले में सख्त टक्कर दे कर अकालियों के सूबे पर 25 वर्षों तक राज करने के सपनों को नेसताबूत कर सके।
पार्टी के एक नेता ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि पार्टी के इस फैसले से लगता है कि जैसे जिला कांग्रेस कमेटी श्री मुक्तसर साहिब के अध्यक्ष का फैसला सुखबीर सिंह बादल ने किया है और इसका ऐलान आल इंडिया कांग्रेस समिति हैडक्र्वाटर से हुआ है।
इसी दौरान संपर्क करने पर जिला श्री मुक्तसर साहब के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री गुरदास गिरधर ने खुद को जन्मजात व टकसाली कांग्रेसी करार देते कहा कि वह स्वतंत्रता सेनानी श्री बिहारी लाल के पुत्र हैं और उन की जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पूरी पैठ है। सिख राजनीति से भरपूर जिले में हिंदु वर्ग के साथ संबन्धित होने बावजूद खुद को प्रभावशाली अध्यक्ष के तौर पर साबित करनेके बारे उन्होने कहा कि कांग्रेस एक धर्म निष्पक्ष पार्टी है जहां धर्म और जाति-पात से पहले लोकहित हैं।
रविवार, 15 मई 2011
जमीनी विवाद में मारी गोली, दो सगे भाइयों की मौत
डबवाली- गांव देसूजोधा में आज सुबह जमीनी विवाद के चलते एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के दो लोगों पर गोलियां दाग दी, जिससे दोनों सगे भाईयों की मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास कर रही है। जानकारी के अनुसार गांव देसूजोधा में रहने वाले गुरदेव सिंह का गांव के ही कुछ लोगों से जमीन-जायदाद का विवाद चल रहा था। इस मामले में दोनों पक्षों के बीच अनेक बार झगड़े व पंचायत भी हुई, लेकिन उसके बावजूद विवाद नहीं सुलझा। आज सुबह जब गुरदेव के दो पुत्र मट्टू सिंह व कौर सिंह अपने खेतों में काम करने के लिए गए थे तो दूसरे पक्ष के लोगों ने उन पर गोली दाग दी और फरार हो गए। गोली व चीख पुकार की आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम रहे ग्रामीण मौके पर आए, लेकिन तब तक मट्टू सिंह की मौत हो चुकी थी। छाती पर लगी गोली के कारण गंभीर रूप से घायल कौर सिंह को उन्होंने फौरन अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां भी उपचार दौरान ही कौर सिंह की भी मौत हो गई।
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शनिवार, 14 मई 2011
सोलर मिशन तहत गांवों में लगाई जा रही सोलर लाइट के लिए पंचायतों से वसूली जा रही लाखों रुपयों की राशि को अनुचित --सीता राम
डबवाली(यंग फ्लेम)जिला परिषद के चेयरमैन डा. सीता राम ने जवाहर लाल नेहरू सोलर मिशन तहत गांवों में लगाई जा रही सोलर लाइट के लिए पंचायतों से वसूली जा रही लाखों रुपयों की राशि को अनुचित करार दिया है। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाते हुए जिला परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि पंचायती राज अधिनियम के तहत पंचायतों को अपने बजट को गांव के विकास लिए अपने हिसाब से खर्च करने का अधिकार है। कोई अधिकारी उन्हें पंचायत की आय को किसी भी स्थान पर खर्च करने के लिए निर्देशित नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि बिजली के लिए विकल्पों को अपनाना एक अच्छा कदम है लेकिन पहले से ही पिछड़ी पंचायतों से इसकी कीमत वसूलनी ठीक नहीं है। सरकार पिछड़ा क्षेत्र की अनुदान राशि से इस खर्च करे।
उन्होंने कहा पंचायतों के अधिकार पहले से ही सीमित है और पंचायती राज की बात करने वाले लोग उन पर तरह-तरह के अंकुश लगा कर इस व्यवस्था को पंगु बना रहे है। उन्होंने बताया कि पंचायत के पास आय के साधन काफी सीमित है और सीमित आय के कारण पंचायतें विकास कार्य करवाने में सक्षम नहीं है ऊपर से सोलर लाइटों का डेढ़ से अढ़ाई लाख रुपये का खर्च वहन करना पंचायतों के बूते से बाहर है। जिला परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि सरकार के इस कदम के बाद जिले के सरपंचों और पंचायतों में खासा रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि वे इस संदर्भ में शीघ्र ही ऊर्जा मंत्री से मुलाकात भी करेंगे और इस नीति के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवायेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी पंचायतों को रेडक्रास में दान देेने के लिए दबाव डाल रहे है जबकि अब ये जगजाहिर हो चुका है रेडक्रास का फंड जनता के हित में नहीं बल्कि अधिकारियों की इच्छाओं की पूर्ति के लिए ज्यादा खर्च हो रहा है। सरकार को इस पर अंकुश लगाना चाहिए।
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गोलीबारी की घटना के संबंध में दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
डबवाली (यंग फ्लेम)कालांवाली पुलिस ने 6 मई को क्षेत्र के ताज मैरिज पैलेस में हुई गोलीबारी की घटना के संबंध में घटना के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नरेश पुत्र सतपाल निवासी रामांमंडी पंजाब व जितेंद्रपाल पुत्र गुरदीप ङ्क्षसह निवासी मंडी कालांवाली के रूप में हुई है। पुलिस ने पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए दोनो युवकों में से एक युवक जितेंद्र पाल की शिनाख्त पर वारदात में प्रयुक्त 12 बोर का अवैध पिस्तौल व एक खाली खोल भी बरामद कर लिया है। दोनो आरोपियों को आज डबवाली अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हे न्यायिक हिरासत में सिरसा जेल भेजा गया है। सहायक उपनिरीक्षक रामकुमार ने बताया कि कालांवाली में देसूमलकाना रोड़ पर स्थित ताजमैरिज पैलेस में बीती 6 मई को एक शादी समारोह के दौरान हुए झगड़े में हरजिंद्र पुत्र गुरजंट निवासी तख्तमल को गोली लगी थी, इस मामले में पुलिस ने हरजिंद्र सिंह की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 323, 148,149, 307 व शस्त्र अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज हुआ था। जांच अधिकारी ने बताया कि घटना के बाकी आरोपियों की पहचान कर ली गई है तथा उन्हे शीघ्र ही गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।
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प्रेमी के घर नारियल लेकर पहुंचे प्रेमिका के परिजन
डबवाली (यंग फ्लेम) पंजाब के लवली विश्वविद्यालय के प्रांगण में शुरु हुई रतिया के एक युवक व युवती की प्रेम कहानी फिल्मी प्रेम कहानियों को भी धत्ता बताते हुए एक ऐसे मोड़ पर जा पंहुची जिसे देख हर कोई अचम्भित है। इस प्रेम कहानी के क्लाईमेक्स का सीन इस कदर दर्दभरा ओर रोमांचक हो गया की लड़की का पिता नारियल व रुपया लेकर सैकड़ों लोगों के साथ रतिया के माडल टाऊन स्थित लड़के के घर जा पंहुचा और सैकड़ों लोग बृहस्पतिवार शाम को लड़के के घर के सामने धरना देकर बैठ गए व धरना प्रात: तक जारी रहा। लड़की के परिवार के लोगों के गुस्से व भारी संख्या में लोगों को देखते हुए लड़का नवदीप, उसका पिता कृष्ण कुमार उर्फ लीला व चाचा दत्त भारती अपना घर छोड़कर भाग निकले।
जानकारी के अनुसार रतिया में भारती मेडिकल हॉल नाम की दुकान चलाने वाले कृष्ण कुमार का लड़का नवदीप पिछले कई वर्षों से लवली विश्वविद्यालय जालंधर में एम फार्मा कर रहा था। इसी विश्वविद्यालय में रतिया की एक लड़की बी फार्मा कर रही थी। दोनों के बीच प्रेम परवान चढा और जीवनभर साथ निभाने की कसमें भी खाई गई लेकिन इसी बीच लड़के के परिवार के लोगों ने लड़के नवदीप की शादी 12 मई को पातड़ा के एक अग्रवाल परिवार में तय कर दी। रतिया शहर भर में कार्ड भी बांट दिए गए व माडल टाऊन स्थित कोठी को भी बिजली की रोशनी से जगमगा दिया। लड़के की दगाबाजी से परेशान युवती ने अपने परिवार को विश्वास में लेकर लड़के की दगाबाजी के बारे में अग्रवाल सभा रतिया व अग्रवाल सभा पातड़ा को पत्र लिखकर सारी स्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि लड़के ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी है और अब वह दूसरी जगह शादी करने जा रहा है। लड़की ने रतिया व पातड़ा की अग्रवाल सभा से अनुरोध किया कि उसकी शादी नवदीप से करवाई जाए। लड़की का पत्र मिलने के बाद अग्रवाल सभा पातड़ा के दखल से लड़की के परिजनों ने अपनी लड़की की शादी रतिया निवासी नवदीप से करने से इंकार कर दिया। इसके बाद बृहस्पतिवार 12 मई को रतिया की अग्रवाल धर्मशाला में अग्रवाल सभा रतिया, सर्व व्यापार मंडल व पंजाबी सभा से जुड़े दिग्गजों की एक बैठक हुई। शहर के सभी प्रबुद्ध नागरिकों ने लड़की की बात को सही ठहराते हुए लड़की पक्ष का इस मामले में साथ देने का निर्णय लिया व अग्रवाल धर्मशाला में मौजूद सैंकड़ों लोग लड़की के बाप के साथ नारियल व रुपया लेकर बृहस्पतिवार शाम को माडल टाऊन स्थित कृष्ण कुमार लीला के घर के बाहर पंहुच गए। देखते ही देखते यह बात पूरे रतिया शहर में फैल गई और हजारों की संख्या में लोग माडल टाऊन में कृष्ण कुमार लीला के घर के बाहर जमा हो गए। भारी संख्या में लोगों के अपने घर की ओर आने की भनक लगते ही कृष्ण कुमार लीला अपने लड़के नवदीप व छोटे भाई दत्त भारती के साथ घर से भाग निकला।बृहस्पतिवार देर रात को पुलिस ने दोनों पक्षों के 4-4 लोगों को बैठाकर समझौता करवाने की कोशिश की लेकिन बात सिरे नहीं चढी। रातभर सैंकड़ों लोग लड़के नवदीप के घर के सामने धरना मारकर बैठे रहे। शुक्रवार को लड़के नवदीप के कुछ रिश्तेदारों की पहल पर रतिया के प्रबुद्ध लोगों ने एक बैठक करते हुए इस मामले को निपटाने के लिए शुक्रवार शाम 5 बजे अग्रवाल धर्मशाला रतिया में एक बैठक बुलाई है। इस निर्णय के बाद लड़के के घर के सामने बैठे लोगों ने धरना हटा दिया।
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बुधवार, 11 मई 2011
समय को लेकर दुविधा में स्कूल मुखिया
डबवाली(यंग फ्लेम) समय को लेकर डबवाली खंड के सरकारी विद्यालयों के मुखिया दुविधा में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वे विद्यालयों का समय 7 से 2.30 रखे या पुराना समय 8 से 2 बजे तक ही विद्यालय लगाए। एक मई से शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में समय बदलकर सुबह 7 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक कर दिया था। शिक्षकों द्वारा समय बढ़ाने का विरोध करने पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मीटिंग में कहा था कि विद्यालयों का समय न बढ़ाया जाए। मगर मुख्यमंत्री के बयान के बाद भी गांव सावंतखेड़ा में तो स्कूल 8 से 2 बजे तक चल रहा है वहीं दूसरी और गांव मांगेआना में स्कूल सुबह 7 से दोपहर ढाई बजे तक चल रहा है हालांकि यह दोनों गांव खंड शिक्षा अधिकारी डबवाली के अधीन आते है अब यह तो अधिकारियों की लालफीता शाही ही बता सकती है कि ऐसा क्यों हो रहा है कि कहीं तो स्कूलों का समय 8 से 2 बजे तक है और कहीं सुबह 7 से अढाई बजे तक चल रहा है। जबकि कुछ स्कूल पुराने समय पर लग रहे हैं। ऐसे में शिक्षक व अभिभावक निर्णय नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर वे क्या करें। जब शिक्षा विभाग में मुख्यमंत्री के आदेश ही कोई मायने नहीं रखते हैं तो शिक्षकों व बच्चों की कौन सुनेगा। इस संबंध में उप जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. यज्ञदत्त वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि स्कूल सुबह 7 से दोपहर 2.30 बजे तक ही लग रहे हैं क्योंकि उनके पास सरकार की ओर से समय घटाने का कोई लिखित आदेश नहीं आया है। जब तक नए आदेश नहीं आते, स्कूल 7 से ढाई बजे तक ही लगेंगे।
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आखिर क्यों नहीं रूक रही गौ-तस्करी
डबवाली -तमाम प्रयासों के बावजूद भी प्रशासन गौवंश की तस्करी रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। डबवाली में एक वर्ष पूर्व हुए गौहत्या कांड को लोग अभी भूले नहीं थे कि डबवाली बठिंडा मार्ग पर स्थित पंजाब के गांव मशाना व गुडथड़ी के बीच नाले के पास टिब्बे की आड़ में गौ वंश का वध करके उसके मांस और चर्बी का निर्यात करने का सनसनीखेज मामला समाने आया। पिछले काफी समय से इस स्थान पर बेदर्दी से इलाके के गौधन को काट कर उनकी चमड़ी निकालने के अलावा, चर्बी और अस्थियां बेचने के धन्धे का पर्दाफाश हुआ। गौहत्या की विभिन्न धाराओं के तहत आठ पर मामला दर्ज करके 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। लेकिन अब सोचने वाली बात यह है कि ऐसे मामले दिन प्रतिदिन क्यों बढ़ रहे है क्या आज का समाज इतना अधर्मी हो गया है कि वह किसी धर्म विशेष की भावनाओं की कदर न करते हुए मोह-माया के जाल में इस प्रकार से जकड़ा गया है कि उसे पाप व पुण्य में कोई फर्क ही नजर नहीं आता। शायद इस सब के लिए कहीं न कहीं हम स्वयं भी जिम्मेदार है क्योंकि हम आज कल की भागदौंड भरी जिंदगी के कारण इतने लोभी हो गए है कि हम गौवंश के प्रति अपना फर्ज भूल चुके है जिसके कारण आज गौवंश सड़कों पर आवारा फिरता देखा जा सकता है। जिसके कारण दूसरे अधर्मी लोगों के हौंसले इतने बुलंद हो गए है कि वह हमारी भावनाओं से खिलवाड़ करने में कामयाब हो रहे है यह खिलवाड़ तब तक चलता रहेगा जब तक हम गौवंश के प्रति अपनी सोच का रैवेया नहीं बदलते। वहीं दूसरी और अपने आप को गौभक्त कहने वाले व गौशालाओं के ठेकेदार कहलाने वाले लोग भी इसके लिए जिम्मेदार है क्योंकि डबवाली मेें गौहत्या कांड होने बावजूद भी ये लोग कुछ समय के लिए तो आगे आए लेकिन न जाने क्यों अचानक पीछे हट गए व फिर से उन लोगों के हौंसले बुलंद हो गए जो इस अधर्म के कार्य में लगे हुए है। पंजाब क्षेत्र मंडी किलियांवाली में लगने वाली पशु मंडी संदेह के घेरे में है। फतेहाबाद, सिरसा व डबवाली में गौभक्तों द्वारा पकड़े गये पशुओं से भरे ट्रक इसका खुलासा कर रहे है कि इस मंडी में कितने बड़े स्तर पर गौधन की तस्करी की जा रही है। पुलिस मात्र मामला दर्ज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रही है। जबकि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाये तो गौधन की तस्करी में लगे एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है जिनके तार हरियाणा पंजाब, राजस्थान और दिल्ली तथा उतर प्रदेश से जुड़े हुए है।
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अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र, प्रशासन के लिए चुनौती
डबवाली-नशा और नशे की गिरफ्त में हजारों नौजवान की मौजूदगी डबवाली नशा मुक्ति कंद्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की सीमा पर बसे डबवाली शहर में तीनों राज्यों के नशे की गिरफ्त में युवाओं पैसे ऐंठने के लिए नशा मुक्ति केंद्र खुलने आरंभ हो गये है। नशा छुड़ाने के नाम पर नशे में गिरफ्त युवाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है यह किसी से छुपा नहीं है। हरयिाणा पंजाब व राजस्थान से सटे इस शहर में जहां तीनों राज्यों के बीचों-बीच होने का लाभ प्राप्त है वहीं इस शहर का यह भी दुर्र्भाग्य है कि नशीले पदार्थों के तस्कर इसका अपने कार्य को अंजाम देने के लिए पुरा लाभ उठाा रहे है। क्योंकि राजस्थान से भारी मात्रा में नशे से सामान की तस्करी कर उसे डबवाली पहुंचाया जाता है और उसके बाद इसे यहां से पंजाब व हरियाणा के विभिन्न शहरों में पहुचाया जाता है। पिछले कुछ दिनों पूर्व पंजाब सरकार ने नशा मुक्ति केंद्रों पर सख्ती करते हुए इन्हें बंद करवाया दिया क्योंकि इन केंद्रों में मानव अधिकारों का उलंघन होने के समाचार हर दिन पढऩे को मिल रहे थे। अब इन नशा मुक्ति केंद्र संचालकों ने मलोट, संगत व तलवंडी आदि जगहों से अपने केंद्रों को बंद कर गुप्त रूप से डबवाली में शरण ले ली है। इसी तरह के एक नशा मुक्ति केंद्र का पता चला है जो प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है वहीं दूसरी और उन्होंने ऐसे स्थानों में अपने केंद्र खोल रखे है कि देखने वाले को यह शक भी न हो कि यहां कोई नशा मुक्ति चल रहा है। संचालकों इन केंद्रों के बाहर कोई साईन बोर्ड नहीं लगया और छोटे-छोटे कमरों में नशा छोडऩे आए युवकों को बंद कर उन्हें प्रताडि़त किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस तरह का कोई भी नशा मुक्ति केंद्र खोलने से पहले प्रशासन से अनुमती लेना अनिवार्य है लेकिन जिस तरह से यह नशा मुक्ति केंद्र प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर धड़ल्ले से अपने कार्य को अंजाम दे रहे है। जब इस नशा मुक्ति केंद्र वाले स्थान पर हमारे संवादाता आज सिरसा रोड पर तो उन्होंने देखा कि नशा मुक्ति केंद्र के नाम पर एक दुकान है जिसमें केवल हॉल हैै। और जिसका शटर हमेशा बंद रहता है। इस केंद्र में 10 से 15 नशा छोडऩे आए युवकों को रखा गया है। डबवाली शहर में यह अकेला ही नहीं और भी इस प्रकार के अनेक नशामुक्ति केंद्र चल रहे है।
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रविवार, 8 मई 2011
गौ वंश का वध करके उसके मांस और चर्बी का निर्यात करने का सनसनीखेज मामला सामने आया
डबवाली। गांव मशाना से होकर बहने वाले नाले के पास टिब्बे की आड़ में गौ वंश का वध करके उसके मांस और चर्बी का निर्यात करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दण्ड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आठ पर मामला दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गांव मशाना के नेशनल हाईवे स्थित खेतों में हड्डियां बिखरी हुई पाई और कुत्तों के मुंह में हड्डियों को देखकर उनका पीछा करते हुए ग्रामीणों ने उस स्थल को ढूंढ निकाला, यहां पर मिट्टी के टिल्लों की आड़ में गौकशी की जा रही थी। उन्होंने इस मामले को गांव के सरपंच शमिंद्र सिंह के समक्ष उठाया। शमिंद्र सिंह ने किसानों के साथ जाकर मौका देखा और इसकी जानकारी गुरूद्वारा की मार्फत स्पीकर से ग्रामीणों को दी। गांव में गौ हत्या के मामले को लेकर भड़क उठा। ग्रामीणों ने घटना स्थल पर पहुंचकर मौका पर गौकशी कर रहे आठ लोगों को हथियारों सहित काबू करके इसकी सूचना थाना संगत पुलिस को दी।
गांव के सरपंच शमिंद्र सिंह के मुताबिक इस घटना की सूचना पाकर पुलिस मौका पर पहुंची। लोगों ने पुलिस को मौका पर गौ चर्बी से भरी यूटीलीटी, गौ हत्या के लिए प्रयुक्त होने वाले हथियार, गौ वंश के अस्थि पिंजर बरामद करवाए। साथ में मौका पर पकड़े गए छह जनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
थाना संगत प्रभारी एसआई रछपाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दिए ब्यान के आधार पर राजकुमार पुत्र गोपाल दास निवासी संजय नगर, बठिंडा, जगरूप सिंह पुत्र जंग सिंह निवासी गहरी बुट्टर, तीर्थ सिंह पुत्र शंकर सिंह निवासी देओन, दीपू सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी आभा बस्ती, गली नं. 3, बठिंडा, पूर्ण सिंह पुत्र ईशर सिंह निवासी संजय नगर, बठिंडा, सोनू पुत्र काका बाबा निवासी संगुआना बस्ती, बठिंडा, गोलू पुत्र काका बाबा निवासी बठिंडा, अर्जुन दास पुत्र गोपाल दास निवासी संजय नगर बठिंडा के खिलाफ दफा 268/269/270/278/295/427 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके सोनू और गोलू के अतिरिक्त अन्य छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इधर इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने संगत मण्डी में प्रदर्शन किया और थाने का घेराव कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मौक्े पर सुखपाल सरां, डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के आरके नीना, गौशाला संगत के अध्यक्ष राजकुमार राजू उपस्थित थे।
गांव मशाना के नेशनल हाईवे स्थित खेतों में हड्डियां बिखरी हुई पाई और कुत्तों के मुंह में हड्डियों को देखकर उनका पीछा करते हुए ग्रामीणों ने उस स्थल को ढूंढ निकाला, यहां पर मिट्टी के टिल्लों की आड़ में गौकशी की जा रही थी। उन्होंने इस मामले को गांव के सरपंच शमिंद्र सिंह के समक्ष उठाया। शमिंद्र सिंह ने किसानों के साथ जाकर मौका देखा और इसकी जानकारी गुरूद्वारा की मार्फत स्पीकर से ग्रामीणों को दी। गांव में गौ हत्या के मामले को लेकर भड़क उठा। ग्रामीणों ने घटना स्थल पर पहुंचकर मौका पर गौकशी कर रहे आठ लोगों को हथियारों सहित काबू करके इसकी सूचना थाना संगत पुलिस को दी।
गांव के सरपंच शमिंद्र सिंह के मुताबिक इस घटना की सूचना पाकर पुलिस मौका पर पहुंची। लोगों ने पुलिस को मौका पर गौ चर्बी से भरी यूटीलीटी, गौ हत्या के लिए प्रयुक्त होने वाले हथियार, गौ वंश के अस्थि पिंजर बरामद करवाए। साथ में मौका पर पकड़े गए छह जनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
थाना संगत प्रभारी एसआई रछपाल सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दिए ब्यान के आधार पर राजकुमार पुत्र गोपाल दास निवासी संजय नगर, बठिंडा, जगरूप सिंह पुत्र जंग सिंह निवासी गहरी बुट्टर, तीर्थ सिंह पुत्र शंकर सिंह निवासी देओन, दीपू सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी आभा बस्ती, गली नं. 3, बठिंडा, पूर्ण सिंह पुत्र ईशर सिंह निवासी संजय नगर, बठिंडा, सोनू पुत्र काका बाबा निवासी संगुआना बस्ती, बठिंडा, गोलू पुत्र काका बाबा निवासी बठिंडा, अर्जुन दास पुत्र गोपाल दास निवासी संजय नगर बठिंडा के खिलाफ दफा 268/269/270/278/295/427 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके सोनू और गोलू के अतिरिक्त अन्य छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इधर इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने संगत मण्डी में प्रदर्शन किया और थाने का घेराव कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मौक्े पर सुखपाल सरां, डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के आरके नीना, गौशाला संगत के अध्यक्ष राजकुमार राजू उपस्थित थे।
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शनिवार, 7 मई 2011
सुखबीर बादल का घेराव करेंगे बेरोजगार पीटीआई अध्यापक
डबवाली (यंग फ्लेम) डबवाली के साथ लगते पंजाब क्षेत्र में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हलका लंबी में बेरोजगार पीटीआई अध्यापक यूनियन की ओर से हलका लंबी में निरंतर चली आ रही भूख हड़ताल 70वें दिन भी जारी रही। उक्त बेरोजगार अध्यापकों की मांगों की ओर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है, जिस कारण उन्होंने संघर्ष तेज करने की घोषणा की है। इसके तहत जलालाबाद में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल द्वारा विकास कार्य का जायजा लेने के लिए 9 व 12 मई को रखे गए कार्यक्रमों में बादल का घेराव व रैलियों को भंग करने का फैसला किया गया है। इस अवसर पर यूनियन के प्रधान मनदीप सिंह कूंदी, सलाहकार रविंदर कुमार जलालाबाद व देव राज ने कहा कि पीटीआई यूनियन की 4500 पदों को भरने की मांग को सरकार अभी तक पूरा नहीं कर पाई है। उन्होंने बताया कि अपने हकों के लिए संघर्ष को और तेज करने के लिए यूनियन के सभी मेंबरों के साथ बैठक करके यह फैसला लिया गया है। इसी तरह गावों में सरकार द्वारा किए वायदों संबंधी सीडिया दिखा कर सरकार की पोल खोली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नन्हीं छाव का नारा लगाने वाली बीबी हरसिमरत कौर बादल की उपस्थिति में बठिडा में अकाली वर्करों द्वारा महिला पीटीआई अध्यापकों से की गई मारपीट संबंधी भी लोगों को अवगत करवाया जाएगा। इस मौके पर सिमरनजीत मानसा, देवराज, कृष्ण कुमार नाभा, जसविंदर ङ्क्षसह, इद्रजीत ङ्क्षसह, जस्सी मानसा, महेन्द्र पाल, देस दीपक, मनदीप कुमार, नीलम रानी, सर्बजीत कौर, मोनिका रानी, रजनी बाला, सुनीता रानी, नरेन्द्र कौर, सुनीता रानी, कुलविंदर कौर व सविता रानी सहित अन्य मौजूद थे।
लोक अदालत में 59 मामले प्रस्तुत 29 का मौके पर निपटारा
डबवाली (यंग फ्लेम) हरियाणा एंव पंजाब हाईकोर्ट के आदेश पर आज स्थानीय कोर्ट कैम्पलैक्स में मननीय एसडीजेएम डॉ. अतुल मडिया की अध्यक्षता में एक लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में कुल 56 केस प्रस्तुत किए गए जिसमें 29 केसों का निपटारा मननीय जज साहब द्वारा मौके पर ही कर दिया गया। इस लोक अदालत में कुल 53 दिवानी केस प्रस्तुत किए गए जिसमें 26 केसों का निपटारा मौके पर किया गया और क्रिमीनल के 3 केस प्रस्तुत किए गए और तीनों ही केसों का निपटारा माननीय डॉ. अतुल मडिया ने मौके पर ही करके उन्हें निजात दिलाई और इसके अलावा तीन केस रिकवरी के भी प्रस्तुत किए गए। तीनों केसों में 1 लाख 26 हजार 606 रूपए की रिकवरी करवाकर उक्त केसों का निपटारा कर दिया गया।
यह जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके गर्ग एडवोकेट ने बताया कि इन प्रकार की लोक अदालत के आयोजन से आम लोगों का वक्त और पैसा दोनों की बचत होती है। एडवोकेट एसके गर्ग ने लोक अदालत में पहुंचे लोगों को लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर एडवोकेट कुलवंत सिंह, युधिष्टर शर्मा, जितेंद्र दंदीवाल, राजेंद्र बिश्रोई, विजय कुमार गुप्ता, गुरविंद्र सिंह मान व अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
यह जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके गर्ग एडवोकेट ने बताया कि इन प्रकार की लोक अदालत के आयोजन से आम लोगों का वक्त और पैसा दोनों की बचत होती है। एडवोकेट एसके गर्ग ने लोक अदालत में पहुंचे लोगों को लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर एडवोकेट कुलवंत सिंह, युधिष्टर शर्मा, जितेंद्र दंदीवाल, राजेंद्र बिश्रोई, विजय कुमार गुप्ता, गुरविंद्र सिंह मान व अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे।
एटीएम सुविधा बनी सिरदर्द, जनता परेशान
डबवाली (यंग फ्लेम) कभी-कभी सुविधा किस तरह सिरदर्द बन जाती है, इसका नमूना शहर में लगे एटीएम साबित हो रहे हैं। शहर में लगे ज्यादातर एटीएम गड़बड़ होने या पूरी तरह बंद होने से लोग को परेशान का सामना करना पड़ा। वह रुपए नहीं निकाल पा रहे हैं। शनिवार को कुछ ऐसे ही हालात थे। जहां एटीएम चालू थे वहां लोगों की लंबी कतारें लगीं थीं। चौटाला रोड पर स्थित एसबीआई के एटीएम की मशीन बंद थीं। एटीएम बंद होने से सैकड़ों लोग खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। जिका मुख्य कारण मशीनों में तकनीकी खराबी है या फिर उनमें कैश उपलब्ध नहीं है। शहर के बीचों बीच स्थित पीएनबी बैंक का एटीएम चालू होने से यहां लोगों की कतार लग गई। इसी तरह की समस्या शहर में अन्य एटीएम पर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी और पंजाब की किलियांवाली मंडी मं सिथत स्टेट बैंक ऑफ पटियाला का एटीएम भी बंद पड़ा है। एक और तो शहर में बैंकों व एटीएम मशीनों की संख्या बंढती जा रही है लेकिन सुविधा के नाम पर यह एटीएम सफेद हाथी बनकर रह गए है। उधर, पिछले कुछ माह पहले ही नए खुले एक निजी बैंक द्वारा लगाए पहले तो ग्राहकों को खाते खोलने पर एटीएम सुविधा तत्काल देने का वायदा किया गया था लेकिन यह वादा आज तक नहीं पुरा हो पाया है। एटीएम से कैश निकालने के लिए लाइन में लगे तरसेम, प्रेम कुमार, छोटू राम, जोगिंद्र सिंह, मान सिंह, निर्मल सिंह आदि ने बताया कि वह पैसे निकलवाने के लिए उन्हें एक बैक से दूसरे बैंक के एटीएम के चक्कर काट रहे है लेकिन ज्यादातर एटीएम ंबद है व जो चल रहे है उनका सर्वसर डाऊन होने के कारण उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है।
बुधवार, 4 मई 2011
इनेलो कार्यकर्ताओं ने डबवाली में रोष प्रदर्शन किया,ज्ञापन सौंपा
डबवाली-हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में कलैक्टर रेटों में की गई वृद्धि व हाऊस टैक्स बढ़ोतरी के मुद्दे पर बुधवार को इनेलो कार्यकर्ताओं ने डबवाली में रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला परिषद के चेयरमैन डॉ. सीता राम ने किया। इनेलो कार्यकर्ता बुधवार को गांधी चौक में एकत्रित हुए और यहां से प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय में पहुंचे। इनेलो कार्यकर्ताओं ने एसडीएम मुनीश नागपाल को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन में हरियाणा की हुड्डा सरकार पर आरोप लगाया गया कि वह प्रदेशवासियों के हितों को सुरक्षित नहीं रख पाई है। प्रदेश में कलैक्टर रेटों में अनाप शनाप वृद्धि की गई है। इसके अलावा राज्य में गृहकर लगाने का जनविरोधी निर्णय भी लिया गया है। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल महोदय से मांग की गई है कि प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए जन विरोधी निर्णय को निरस्त किया जाए। इसके अलावा गेहूं का भाव भी किसानों को 1500 रूपए प्रति किवंटल देने की मांग की गई है। जिला परिषद के चेयरमैन डॉ. सीता राम इस मौके पर पत्रकारों को कहा कि जब तक प्रदेश सरकार जन विरोधी फैंसलों को वापिस नहीं लेती इनेलो का संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर, राधेराम गोदारा, जगरूप सिंह,महावीर सहारण, गुरजीत सिंह,रणवीर सिंह राणा, कुलदीप गोदारा, नरेन्द्र बराड़, टेकचंद छाबड़ा, सर्वजीत सिंह मसीतां, संदीप गंगा, महेन्द्र डुडी, प्रहलाद राय, लवली मैहता, बलदेव गर्ग, के के सेठी, नरेश मितल, अजय धारणीया, जगदीश अरोड़ा, गुलजीन्द्र सोना, केशो राम, सुरेन्द्र छिन्दा, सुभाष मितल, दर्शन , रवि, सुशान्त, अशोक गोशा, सुरेन्द्र कुमार, संदीप गर्र्ग, धेला राम सुथार, रिंका सेठी, साहबराम चकजालु, परमजीत बराड़,गुरचरण नम्बरदार, बिल्लु जुनेजा, अवतार मलहान, काला जापानी, मंदर सरां, अमनदीप, पवन सेठी, बक्शी राम, डा0 ओ पी सचदेवा, सरदारी लाल, दुनीचंद शर्मा, मोहनलाल सहु, सतपाल लौहगढीया, जगजीत बराड़, जगदेव असीर, बलदेव मांगेआना, अशवनी धारनीयां, राकेश कुमार, भजन लाल, जोगिन्द्र ढाल, सुरेन्द्र बिश्रोई, चरणकमल पाना, दयानंद जलंधरां, हरबंस भिटीवाला, रामकुमार सोनी, सीताराम संींगला, मा0 हरनेक सिंह आदि उपस्थित थे।
इस ज्ञापन में हरियाणा की हुड्डा सरकार पर आरोप लगाया गया कि वह प्रदेशवासियों के हितों को सुरक्षित नहीं रख पाई है। प्रदेश में कलैक्टर रेटों में अनाप शनाप वृद्धि की गई है। इसके अलावा राज्य में गृहकर लगाने का जनविरोधी निर्णय भी लिया गया है। ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल महोदय से मांग की गई है कि प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए जन विरोधी निर्णय को निरस्त किया जाए। इसके अलावा गेहूं का भाव भी किसानों को 1500 रूपए प्रति किवंटल देने की मांग की गई है। जिला परिषद के चेयरमैन डॉ. सीता राम इस मौके पर पत्रकारों को कहा कि जब तक प्रदेश सरकार जन विरोधी फैंसलों को वापिस नहीं लेती इनेलो का संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर, राधेराम गोदारा, जगरूप सिंह,महावीर सहारण, गुरजीत सिंह,रणवीर सिंह राणा, कुलदीप गोदारा, नरेन्द्र बराड़, टेकचंद छाबड़ा, सर्वजीत सिंह मसीतां, संदीप गंगा, महेन्द्र डुडी, प्रहलाद राय, लवली मैहता, बलदेव गर्ग, के के सेठी, नरेश मितल, अजय धारणीया, जगदीश अरोड़ा, गुलजीन्द्र सोना, केशो राम, सुरेन्द्र छिन्दा, सुभाष मितल, दर्शन , रवि, सुशान्त, अशोक गोशा, सुरेन्द्र कुमार, संदीप गर्र्ग, धेला राम सुथार, रिंका सेठी, साहबराम चकजालु, परमजीत बराड़,गुरचरण नम्बरदार, बिल्लु जुनेजा, अवतार मलहान, काला जापानी, मंदर सरां, अमनदीप, पवन सेठी, बक्शी राम, डा0 ओ पी सचदेवा, सरदारी लाल, दुनीचंद शर्मा, मोहनलाल सहु, सतपाल लौहगढीया, जगजीत बराड़, जगदेव असीर, बलदेव मांगेआना, अशवनी धारनीयां, राकेश कुमार, भजन लाल, जोगिन्द्र ढाल, सुरेन्द्र बिश्रोई, चरणकमल पाना, दयानंद जलंधरां, हरबंस भिटीवाला, रामकुमार सोनी, सीताराम संींगला, मा0 हरनेक सिंह आदि उपस्थित थे।
गेहूं की बोरियों में आग
डबवाली- चौटाला रोड पर हैफेड गोदाम में रखी गेहूं की बोरियों में आग लगने से बारदाना व गेहूं का नुकसान होने का समाचार मिला है। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड कर्मचारियों द्वारा एक घंटे की कड़ी मश्क्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्राप्त जानकारी अनुसार दोपहर े हैफेड गोदाम में कार्य कर रहे मजदूर विश्राम कर रहे थे कि अचानक उनकी नजर गेहूं की बोरियों से उड़ते धुएं पर पड़ी तो उन्होंने इसकी सूचना खाद्य आपूर्ति विभाग के निरिक्षक दरविंद पुनिया व फायर ब्रिगेड कार्यालय को दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के कर्मचारी दमकल गाडिय़ों सहित घटना स्थल पर पहुंचे और जब तक आग पर काबू पाते तब तक 250 के करीब गेहूं की बोरियां जल कर राख हो चुकी थी और उनमें भरी गेहूं भी पानी से भीग गई थी।
घटना स्थल पर पहुंचे खाद्य एवं अपूर्ति विभाग के निरिक्षक अरविंद पुनिया ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चला लेकिन ज्यादा नुकसान होने से बच गया। उन्होंने बताया कि 250 बोरियों को नुकसान हुआ है लेकिन गेहूं को बच गया गेहूं को दोबारा बारदाने में भर दिया जाएगा।
घटना स्थल पर पहुंचे खाद्य एवं अपूर्ति विभाग के निरिक्षक अरविंद पुनिया ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चला लेकिन ज्यादा नुकसान होने से बच गया। उन्होंने बताया कि 250 बोरियों को नुकसान हुआ है लेकिन गेहूं को बच गया गेहूं को दोबारा बारदाने में भर दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार पंजाबी वर्ग के लोगों की अनदेखी कर उनसे भेदभाव की नीति अपना रही है--चावला
डबवाली - हरियाणा सरकार पंजाबी वर्ग के लोगों की अनदेखी कर उनसे भेदभाव की नीति अपना रही है। यह बात सर्वजन समाज पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंद किशोर चावला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। वह डबवाली में पंजाबी वर्ग के लोगों को सरकार की नितियों के खिलाफ 22 मई रविवार को गोहाना के भगवान महावीर चौक पर 22वां भूख हड़ताल व धरना में शामिल होने के लिए अपील करने पहुंचे थे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सर्वजन की यही पुकार आरक्षण में हो आर्थिक आधार और नौकरियों में हो जनसंख्या (आबादी) आधार श्री चावला ने यह भी कहा कि इस समय हरियाणा सरकार अपनी भेदभाव नीति के कारण पंजाबी वर्ग की सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति घटकर केवल आधा प्रतिशत से भी कम रह गई है जबकि हरियाणा में पंजाबी वर्ग की आबादी 35 प्रतिशत है। पंजाबी वर्ग के युवाओं में सरकार के प्रति अक्रोष है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय हरियाणा सरकार विशेष वर्ग को बढ़ावा दे रही है। जिस कारण कर्मचारी चयन आयोग व संघ लोक सेवा आयोग मुख्यमंत्री की जागीर बन चुके है और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके है। जिस कारण पिछले 6 वर्षों से 80 हजार पदों पर जिन कर्मचारी व अधिकारियों की नियुक्तियां की है उसमें पंजाबी वर्ग के केवल 650 नियुक्तियां की है। उन्होंने हरियाणा सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। श्री चावला ने यह भी कहा कि इस समय हरियाणा सरकार निम्र जातियों को भी एक शडय़ंत्र के तहत धीरे-धीरे वंचित कर रही है जैसे की पंजाबी, ब्राह्मण, बणीया, सैनी, कम्बोज, राजपूत ठाकर, वाल्मीकि व सैन समाज आदि । भ्रष्टाचार पर संबोधित करते हुए कहा कि यह मांग भी 15-07-2005 से लगातार सरकार को अवगत कराया जा रहा है कि राजनेता, आईपीएस, आईएएस आदि अधिकारियों की सम्पति की जांच करके उसे जब्त करे। अन्न हजारे के आंदोलन का भी समर्थन किया और खेद भी जताया कि श्रीमति किरण बेदी आईपीएस जिसको यूएनओ ने भी ईमानदार अधिकारी घोषित किया था इसको भी कमेटी में जरूर शामिल किया जाए। यह सर्वजन की मांग है और पार्टी की भी मांग है। भ्रष्टाचार को सुधारने के लिए सोसायटी एक्त 1860 और चुनाव एक्त में संशोधन करे और जनलोक पाल विधेयक लाकर शीघ्र पास किया जाए ताकि भ्रष्ट व्यक्तियों पर लगाम लग सके और यह भी अनुरोध किया कि 22वां धरना 22 मई 2011 को गोहाना में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का न्यौता दिया। सभी साथियों ने जोरदार समर्थन किया। श्री चावला ने यह भी कहा कि पंजाबी वर्ग अपनी वोट की ताकत को पहचाने और समय आने पर वोट से सता बदल दें इस समस गीता अहुजा, सुशील गाबा, सुलखनी, राजेश, टोनी वधवा आदि ने संबोधित किया।
गर्मी के दस्तक देते ही बिजली की किल्लत आरंभ
डबवाली - गर्मी के दस्तक देते ही बिजली की किल्लत आरंभ हो गई है। दिन में कटों से चैन छिन रहा तो है तो रात को लंबे-लंबे कटों से नींद बेहाल है। वहीं बिजाई का सीजन आरंभ होने से बिजली की मांग में भी बढ़ौतरी हुई है। डबवाली में ट्यूबवैल, गांव और शहरी क्षेत्र को मिला कर करीब 10 लाख 66 हजार युनिट दी जा रही है जबकि खपत करीब 13 लाख यूनिट की है। इसके अलावा गर्मी बढऩे के साथ-साथ बिजली की मांग में भी बढ़ौतरी हो रही है। सोमवार को डबवाली क्षेत्र में चार अलग-अलग कुल एक घंटा सात मिनट और मंगलवार को समाचार लिखे जाने तक पांच कट कुल दो घंटे दस मिनट के लगाये जा चुके थे। गांव सकताखेड़ा के किसान बलजीत सिंह के अनुसार नहरों में पानी कम आने के कारण खेतों की सिंचाई का दारोमदार टयूबवैलों पर है बिजली के कट लगाने के कारण उन्हें महंगा डीजल डाल कर काम चलाना पड़ रहा है। बहरहाल गर्मी के आगाज पर हालात ये है तो जेठ हाड़ माह में बिजली के हालात क्या होंगे इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
आर्य विद्या मंदिर चुनावी बैठक सदस्यों की आपसी खींचतान के कारण बिना किसी नतीजे के स्थगित
डबवाली - आर्य विद्या मंदिर के सदस्यों में आपसी विवाद गहराता जा रहा है। विद्यालय की प्रबंधक कमेटी के चुनावों के लिए बुलाई गई चौथी चुनावी बैठक सदस्यों की आपसी खींचतान के कारण बिना किसी नतीजे के स्थगित हो गई। जिला शिक्षा व चुनाव अधिकारी ने बार-बार स्थगित हो रही चुनावी बैठकों के बाद विद्यालय में प्रशासक नियुक्त करने की सिफारिश शिक्षा निदेशालय को कर दी है।
तहसीलदार राजेंद्र सिंह और जिला शिक्षा अधिकारी कुमकुम ग्रोवर आर्य विद्या मंदिर के चुनाव करवाने के लिए विद्यालय परिसर पहुंचे, लेकिन आज की बैठक भी सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। विद्यालय पर पिछले 40 वर्षों से काबिज राम कृष्ण गुप्ता गुट विद्यालय के चुनाव उनके द्वारा जारी की गई सूचि द्वारा करवाने के लिए दबाव बनाये हुए है वहीं इसी विद्यालय के संस्थापक महाश्य हुकम चंद छाबड़ा के जेष्ठ पुत्र भारत मित्र छाबड़ा आर्य समाज से जुड़े लोगों को ही प्रबंध समिति में लिये जाने की वकालत कर रहे है। दोनों पक्षों में इस मुद्दे को लेकर जम कर बहस भी हुई लेकिन वे बेनतीजा रही।
बैठक में उपस्थित राधे राम गोदारा, डॉ. सीता राम, रणवीर सिंह राणा ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी सत्तारूढ़ दल के चुनावी एजेंट का कार्य कर रहे है। वहीं दूसरी और संतोष दुआ, डॉ. एन डी वधवा, सुरेश शर्मा एडवोकेट, सुदेश आर्य ने कहा कि विद्यालय की प्रबंध समिति के चुनाव संविधान के अनुसार ही होने चाहिए उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय पर राम कृष्ण गुप्ता परिवार अपना कब्जा जमाना चाहता है इस कारण ही पिछले 40 वर्षों न तो संविधान के अनुसार चुनाव हुए है और नियम व कानूनों को दरकिनार कर अपने चहेते को इसका सदस्य दर्शाया कर आर्य समाज के अनुयायिओं को इससे दूर रखने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने प्रबंध समिति के चुनावों पर हो रही राजनीति पर ही अफसोस जताते हुए कहा कि राजनीतिज्ञों का कार्य समाज को जोडऩे का होना चाहिए न की तोडऩे का। इस मौके पर चुनाव अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी कुमकुम ग्रोवर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि प्रबंधक कई मौके देने के बाद ही उपयुक्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवा पाये। उन्होंने बताया कि विद्यालय में हो रही अनियमितताओं की जानकारी और अपनी रिपोर्ट विद्यालय में प्रशासन नियुक्त करने की सिफारिश के साथ वे शिक्षा निदेशालय को भेजी जा रही है।
तहसीलदार राजेंद्र सिंह और जिला शिक्षा अधिकारी कुमकुम ग्रोवर आर्य विद्या मंदिर के चुनाव करवाने के लिए विद्यालय परिसर पहुंचे, लेकिन आज की बैठक भी सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। विद्यालय पर पिछले 40 वर्षों से काबिज राम कृष्ण गुप्ता गुट विद्यालय के चुनाव उनके द्वारा जारी की गई सूचि द्वारा करवाने के लिए दबाव बनाये हुए है वहीं इसी विद्यालय के संस्थापक महाश्य हुकम चंद छाबड़ा के जेष्ठ पुत्र भारत मित्र छाबड़ा आर्य समाज से जुड़े लोगों को ही प्रबंध समिति में लिये जाने की वकालत कर रहे है। दोनों पक्षों में इस मुद्दे को लेकर जम कर बहस भी हुई लेकिन वे बेनतीजा रही।
बैठक में उपस्थित राधे राम गोदारा, डॉ. सीता राम, रणवीर सिंह राणा ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी सत्तारूढ़ दल के चुनावी एजेंट का कार्य कर रहे है। वहीं दूसरी और संतोष दुआ, डॉ. एन डी वधवा, सुरेश शर्मा एडवोकेट, सुदेश आर्य ने कहा कि विद्यालय की प्रबंध समिति के चुनाव संविधान के अनुसार ही होने चाहिए उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय पर राम कृष्ण गुप्ता परिवार अपना कब्जा जमाना चाहता है इस कारण ही पिछले 40 वर्षों न तो संविधान के अनुसार चुनाव हुए है और नियम व कानूनों को दरकिनार कर अपने चहेते को इसका सदस्य दर्शाया कर आर्य समाज के अनुयायिओं को इससे दूर रखने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने प्रबंध समिति के चुनावों पर हो रही राजनीति पर ही अफसोस जताते हुए कहा कि राजनीतिज्ञों का कार्य समाज को जोडऩे का होना चाहिए न की तोडऩे का। इस मौके पर चुनाव अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी कुमकुम ग्रोवर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि प्रबंधक कई मौके देने के बाद ही उपयुक्त दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवा पाये। उन्होंने बताया कि विद्यालय में हो रही अनियमितताओं की जानकारी और अपनी रिपोर्ट विद्यालय में प्रशासन नियुक्त करने की सिफारिश के साथ वे शिक्षा निदेशालय को भेजी जा रही है।
नींबू और तरबूज की बिक्री में उछाल
डबवाली-- एक सप्ताह से चिलचिलाती धूप के कारण सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसर जा रहा है। शहर का सबसे व्यस्त बाजार खाली-खाली दिखता है। इस दौरान गर्मी से राहत के लिए लोग नींबू और तरबूज का सेवन करते हैं जिससे इनकी बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है। दिन प्रतिदिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहता है। गर्म हवाओं के थपेड़े से बचने के लिए सड़कों पर निकलने वाले इक्के-दुक्के लोगों ही होते है। मौसम पूर्वानुमान में बताया गया है कि आगामी तीन-चार दिन यह स्थिति यथावत बनी रहेगी। हालांकि, गत वर्ष अप्रैल माह की अपेक्षा अभी भी तापमान 4 डिग्री सेल्सियस कम है, लेकिन अभी से ही लोग गर्मी को लेकर हाय तौबा मचा रहे हैं। गत वर्ष 18 अप्रैल को 44.8 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच गया था।
गर्मी बढऩे के साथ ही इससे राहत पहुंचाने वाली वस्तुओं की डिमांड भी बढ़ गई है। सब्जी मंडी में तरबूज बेचने वाले विकलांग हरमीत सिंह बब्बू के अनुसार इन दिनों तरबूज की बिक्री में खासा इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि दिल्ली और यूपी से डबवाली मार्केट में तरबूज की सप्लाई हो रही है। उन्होंने बताया कि 15 से 20 रुपये प्रति किलो तरबूज का भाव चल रहा है, जबकि सेंचुली (दिखने में तरबूज की तरह ही होता है, लेकिन अंदर काफी लाल और मीठा होता है) पांच रुपये प्रति किलो तरबूज से महंगा बिक रहा है। नींबू के भाव में भी उछाल आया है। 80 रुपये किलो बिकने वाला नींबू सौ के पार बिक रहा है।
इसी तरह, गन्ने, फलों के जूस और लस्सी की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है। शहर में जगह-जगह गन्ने का रस बिकते हुए आम देखा जा सकता है। इसके अलावा फलों के रस की बिक्री में भी काफी बढ़ी है। इतना ही नहीं, स्कूलों के सामने बर्फ के गोले भी काफी बिक रहे है, जिसे बच्चे काफी पसंद कर रहे हैं। लेकिन इन सभी खाद्य पदार्थों को खाते वक्त यह ध्यान रखे कि आज कल बाजार में ऐसे तरबूज भी उपलब्ध है जिन्हें टीके आदि लगाकर लाल व मीठा किया जाता है। जो कि शरीर के लिए हानिकारक है। वहीं दूसरी औरी लस्सी व जूस व बर्फ के गोले आदि में भी कैमिकल्स का प्रयोग किया जाने लगा है। अगर इन चीजों पर ध्यान न रखा गया तो हम अनजाने में ही बिमारियों को बुलावा दे सकते है।
गर्मी बढऩे के साथ ही इससे राहत पहुंचाने वाली वस्तुओं की डिमांड भी बढ़ गई है। सब्जी मंडी में तरबूज बेचने वाले विकलांग हरमीत सिंह बब्बू के अनुसार इन दिनों तरबूज की बिक्री में खासा इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि दिल्ली और यूपी से डबवाली मार्केट में तरबूज की सप्लाई हो रही है। उन्होंने बताया कि 15 से 20 रुपये प्रति किलो तरबूज का भाव चल रहा है, जबकि सेंचुली (दिखने में तरबूज की तरह ही होता है, लेकिन अंदर काफी लाल और मीठा होता है) पांच रुपये प्रति किलो तरबूज से महंगा बिक रहा है। नींबू के भाव में भी उछाल आया है। 80 रुपये किलो बिकने वाला नींबू सौ के पार बिक रहा है।
इसी तरह, गन्ने, फलों के जूस और लस्सी की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है। शहर में जगह-जगह गन्ने का रस बिकते हुए आम देखा जा सकता है। इसके अलावा फलों के रस की बिक्री में भी काफी बढ़ी है। इतना ही नहीं, स्कूलों के सामने बर्फ के गोले भी काफी बिक रहे है, जिसे बच्चे काफी पसंद कर रहे हैं। लेकिन इन सभी खाद्य पदार्थों को खाते वक्त यह ध्यान रखे कि आज कल बाजार में ऐसे तरबूज भी उपलब्ध है जिन्हें टीके आदि लगाकर लाल व मीठा किया जाता है। जो कि शरीर के लिए हानिकारक है। वहीं दूसरी औरी लस्सी व जूस व बर्फ के गोले आदि में भी कैमिकल्स का प्रयोग किया जाने लगा है। अगर इन चीजों पर ध्यान न रखा गया तो हम अनजाने में ही बिमारियों को बुलावा दे सकते है।
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