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शुक्रवार, 17 जून 2011

युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, ससुरालियों पर लगाया हत्या का आरोप

डबवाली-7 अलीकां रोड पर एक सुनसान जगह पर एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान गुरमीत सिंह पुत्र मोहर सिंह निवासी गांव कालझरानी हाल प्रेम नगर में रह रहा के रूप में हुई है । जबकि मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी, सास, ससुर व साले पर हत्या का संदेह व्यक्त किया है। स्थानीय पुलिस द्वारा मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई के उपरांत पोस्टमार्टम हेतू डबवाली के राजकीय अस्पताल में भेज दिया गया। जब वीरवार प्रात: थाना शहर पुलिस के कर्मचारी पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए अस्पताल पहुंचे तो मृतक के भाई हरदीप सिंह व पिता मोहर सिंह व अन्य गांव वासियों ने उसके ससुराल पक्ष के लोगों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की और उसके बाद ही पोस्टमार्टम करवाने की बात कहीं जबकि स्थानीय पुलिस के कर्मचारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आवश्यक कार्रवाई करने की बात कर रहे थे लेकिन मृतक के भाई हरदीप सिंह ने उसकी पत्नी राजेंद्र कौर, ससुर बलवीर सिंह, सास जसपाल कौर व साला बेअंत सिंह पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए थे। तभी डीएसपी बाबू लाल अस्पताल में पहुंचे और मृतक के परिजनों को निषपक्ष जांच करने व डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाने का विश्वास दिलाने पर ही मृतक के परिजन पोस्टमार्टम के लिए सहमत हुए।
मृतक के भाई हरदीप सिंह पुत्र मोहर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उसका भाई गांव कालझरानी के राजकीय उच्च विद्यालय में एसएस अध्यापक था और उसकी शादी लगभग 14 वर्ष पूर्व डबवाली के प्रेम नगर निवासी बलवीर सिंह की बेटी राजेंद्र कौर जोकि राजकीय स्कूल अबूबशहर में हिन्दी की अध्यापिका है के साथ हुई थी और उसके दो बच्चे 10 वर्षिय बेटी जसप्रीत व 7 वर्षिय बेटा नवजोत है। मृतक के भाई ने आरोप लगया कि उसके भाई की हत्या में उसकी पत्नी राजेंद्र कौर, ससुर बलवीर सिंह, सास जसपाल कौर व साला बेअंत सिंह का हाथ है। उसने बताया कि गुरमीत की शादी के एक-दो वर्ष दो सब कुछ ठीक-ठाक चला लेकिन उसके पश्चात दोनों में आपसी कलह रहने लगा और गुरमीत की पत्नी राजेंद्र कौर अपने माता पिता के साथ मिलकर उसके भाई पर डबवाली रहने का दबाव बनाने लगी जिसके लिए गांव में कई बार पंचायत भी हुई। रोजाना घरेलु कलह के चलते उसका भाई डबवाली के प्रेमनगर में अपने ससुर के साथ वाले मकान में रहने लग गया। उसने बताया कि उसका भाई गुरमीत जब कालझरानी अपनी ड्यूटी पर आता तो वह काफी परेशान रहता था। मृतक के भाई हरदीप सिंह ने बताया कि बीते दिवस उसे फोन पर सूचना मिली कि उसका भाई दोपहर से घर से लापता है।
सूचना पाकर वह अपने पिता मोहर सिंह व अन्य गांव वासियों सहित डबवाली पहुंचा और अपने लापता भाई की तलाश शुरू कर दी और थाना शहर में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई और 9 बजे के करीब पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक का शव अलीकां रोड पर स्थित एमपी कॉलेज के खेल ग्राऊंड स्थल के समीप पड़ा है। सूचना मिलते ही सभी लोग घटना स्थल पर पहुंचे और उसके भाई की शिनाख्त की। मृतक के भाई ने बताया कि उसके भाई के चेहरे पर चोठ के निशान थे और गले पर सूजन आई हुई थी।
उधर, मृतक गुरमीत के ससुर व उसकी पत्नी राजेंद्र कौर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत ठहराया है। मृतक की पत्नी राजेंद्र कौर ने बताया कि जबसे उसकी शादी हुई है तब से लेकर आज तक उसके मृतक पति ने अपना वेतन उसे नहीं दिया जबकि उसने सारा वेतन अपने परिवार को दिया है और समय-समय पर अपने परिवार वालों को अपने ईपीएफ से लोन निकलवाकर देता रहा है। मृतक की पत्नी ने बताया कि प्रेम नगर में स्थित मकान भी उसके पिता बलवीर सिंह ने खरीद कर दिया और उसने अपने वेतन से अपने बच्चों का लालन-पालन घर का सारा खर्च चलाया है।
उसने बताया कि बुधवार दोपहर को वह दोनों पति-पत्नी अपने घर में बैड पर लेट रहे थे कि दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर उसके पति के मोबाईल पर फोन आया था तब वह सौ रही थी जब थोड़ी देर बाद जब उसकी आंख खुली तो उसका पति बैड पर नहीं था तो उसने बाहर उठकर देखा तो मोटरसाईकिल घर के अंदर खड़ा था। जब उसने अपने पति के मोबाईल पर फोन मिलाया तो उसका मोबाईल व पर्स भी घर में ही रखा था तो उसने दोपहर करीब 3 बजे इसकी सूचना अपने पिता बलवीर सिंह व माता जसपाल कौर व भाई बेअंत सिंह को दी।
उन्होंने गुरमीत को इधर-उधर काफी तलाश किया लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा तो उसने इसकी सूचना अपने ससुराल गांव कालझरानी में ससुर मोहर सिंह व देवर हरदीप सिंह को दी और जब गांव से उसके ससुराल पक्ष के लोग डबवाली पहुंचे तो गुरमीत के पिता ने डबवाली थाना शहर में गुमशुदगी की शिकयत दर्ज करवाई।
पोस्टमार्टम करने के उपरांत डॉ. बलेश बांसल व डॉ. सुखवंत ने बताया कि मृतक युवक के शरीर पा किसी भी चोट का निशान नहीं है और मृतक के शरीर के कई भागों से बिसरा लेकर प्रयागशाला में भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के पश्चात ही मौत के कारण का पता चल पाएगा। थाना शहर प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि मृतक के भाई हरदीप सिंह के बयान पर आईपीसी की धारा 174 की कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर ही अगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

हलके में 40 से 45 गाडिय़ों में लगे है वीआईपी सायरन

डबवाली (यंग फ्लेम) जैसे-जैसे इन्सान तरक्की की ओर बढ़ रहा है उससे वह जागरूक तो हो रहा है लेकिन अपने अधिकारों के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेवारियों को भुलता जा रहा है। आज के इस मशीनरी युग में इन्सान इतना तेज हो गया है कि इस भागम-भाग दौड़ में अपने आप को अलग दिखाने की कोशिश में लगा रहता है जिसका जिता जागता उदाहरण इन दिनों गांवों तथा शहरों की गलियों में निजी वाहन चालकों द्वारा अपने वाहनों पर सरकारी सायरन लगाकर बजाते हुए आम देखा जा रहे हैं, कानून को ठेंगा दिखाने वाले ऐसे लोग एक ओर जहां यातायात व्यवस्था को धुमिल कर रहे है वहीं दुसरी ओर सायरन व हुटर लगाकर अपने आप को सफेदपोश नेताओं की कतार में खड़ा करने की कोशिश करते हैं तथा ऐसे वाहनों पर प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जाती है, जिससे आम आदमी का कानून व्यवस्था से विशवास उठता जा रहा है। यंग फलेम टीम द्वारा अपने तहकीकात में पाया गया की अकेले डबवाली में ऐसे वाहनों की संख्या 40 से 45 के करीब है, जो बिना किसी खौफ के सायरन व हुटरों का प्रयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं ओर प्रशासन आंखे मुंदे हुआ है। वहीं दुसरी ओर उपमण्डल के गांव गोरीवाला, बिज्जूवाली, अबूबशहर, मुन्नावाली, रिसालियाखेड़ा, गोदीकां, तेजाखेड़ा, चौटाला, आसाखेड़ा सहित अनेक गांवों में ऐसे वाहनों की भरमार है। भीड़ वाले इलाके व जाम में अवैध तौर पर इनका प्रयोग जिस तरह से किया जा रहा है, उससे लोगों को परेशान होना पड़ता है, उस समय पुलिस अधिकारी उन पर कार्यवाही करने की बजाए सामने खड़े उनकी तरफ देखते रहते हैं। इस प्रकार मनचले मिजाज के लड़केे व अवैध तौर पर चल रहे टैक्सी वाहन चालक इन सायरनों का सरेआम धड़ल्ले सेे प्रयोग कर रहे हैंं। गांवों व शहरों की गलियों में निजी वाहनों पर अवैध तौर पर लगे पुलिस के सायरन की आवाज कभी भी कहींं भी सूनी जा सकती है। एक वक्त वह भी था जब इन सायरनों का प्रयोग केवल उच्च पदाधिकारी व मंत्री करते थे, लेकिन आज के मनचले लोग अपनी गाडिय़ों पर सायरन लगाकर इस तरह से घुमते हैंं कि जैसे की उनकी गाड़ी किसी वीआईपी की गाड़ी हो। शरारती किस्म के लोग बेमतलब ही हर कहीं मन चाहा वहीं सायरन बजाना शुरू कर देते हैं। क्षेत्र में तो इस तरह के लोगों की दिनों-दिन बढ़ोतरी हो रही है, परंतु पुलिस प्रशासन द्वारा इन लोगों पर कोई कानूनन कार्यवाही नहीं की जा रही है। इन दिनों कानून व्यवस्था काली पट्टी बांंधे एक औरत की भांति बन चुकी है। कानून के सामने अपराध और अपराधियों की कतारें लंबी दर लंबी होती जा रही है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निजी वाहनों पर सायरनों का प्रयोग करने वालों पर अंकुश लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कानूनन कार्यवाई की जाए, ताकि अवैध तौर पर सरकारी सायरनों का प्रयोग करने वालों से आमजन परेशान ना हो।

क्या कहते हैं प्रशासनिक अधिकारी

गोरीवाला पुलिस चौकी के प्रभारी प्रीतम सिंह का कहना है कि अगर हमारे सामने कोई ऐसा वाहन आया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
सदर थाना डबवाली के प्रभारी रतन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार समय-समय पर चैकिंग की जाती है, अगर किसी निजी वाहन पर सायरन लगा मिला तो विभागिय कार्यवाही की जाएगी।
वहीं जब इस बारे में उपमण्डल अधिकारी मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे जल्द ही ऐसे मनचले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगें, पुलिस प्रशासन के सहयोग से कानून को ठेंगा दिखाने वाले लोगों पर निकेल कसेगें। जब उन्हें यह बताया गया कि डबवाली में ऐसे 40 से 45 के करीब वाहनों पर सायरनों का दुर्रप्रयोग हो रहा है तो वे आश्र्चाय चकित रह गए। और उनके मुंह से निकला 'ओ आई सी'

मंगलवार, 14 जून 2011

इनेलो की नईं रणनीति से जिला सिरसा बंद को मिली जोरदार सफलता

डबवाली (यंग फ्लेम) इनेलो द्वारा 11 जून को जिला सिरसा बंद के आह्वान को मिली ऐतिहासिक सफलता जहां प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गई। वहीं इनेलो के शीर्ष नेतृत्व ने संगठन कार्यकुशलता एक बार फिर साबित कर दी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सिरसा आगमन पर इनेलो ने प्रदेश खासकर जिला बंद की कॉल की थी। विधायक अजय सिंह चौटाला ने इस आंदोलन की बागडोर अपने हाथ में लेकर जिला वासियों से नुक्कड़ सभाओं के मार्फत सीधा सम्पर्क साधा था। इनेलो ने जिला बंद के साथ-साथ सिरसा में भारी प्रदर्शन करने का कार्यक्रम भी बनाया था इस समूचे आंदोलन को सफल बनाने हेतू इनेलो रणनीतिकारों ने विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्यन्वित की। इसके तहत शहरी कार्यकर्ताओं की जोन वाईस ड्यूटियां लगाई दी गई। जबकि ग्रामीण कार्यकर्ताओं को सिरसा पहुंचने के दिशा निर्देष दिए गए। इसी रणनीतिनुसार डबवाली हलके के वरिष्ठ नेता राधेराम गोदारा, जगरूप सिंह सकताखेड़ा, संदीप सन्नी गंगा, गिरधारी बिस्सु, सरबजीत सिंह मसीतां, मोहन सहु आदि के नेतृत्व में भारी संख्या में ग्रामीण हलके के गांवों से सिरसा पहुंचे। यहीं स्थिति कालांवाली, ऐलनाबाद, राणियां हलके की थी जिसके चलते ही सिरसा का जन प्रदर्शन इतना सफल हो पाया। उधर, डबवाली शहर में भी टेकचंद छाबड़ा, महेंद्र डूडी, महावीर सहारण, गुरजीत सिंह, आशा वाल्मीकि, सुखविंद्र सरां, सुरेंद्र छिन्दा, काली मिढां, बलदेव भीटीवाला, गुरचरण नंबरदार, सुखजिंद्र कला जापानी, सीताराम सिंगला, राजा पेंटर, राकेश शर्मा, दीपक बागड़ी, जोगिंद्र डाल, मा. अमृतपाल शर्मा, हर विलास निरंकारी, शैलेंद्र जोड़ा, भोला बराड़, अशोक डोडा आदि के नेतृत्व में शहर मुकम्मल बंद रहा। शहर में इनेलो के कर्मठ कार्यकर्ताओं की पूरी टीम दिन भर बेहद गर्म मौसम में बंद को सफल बनाने हेतू कार्यरत रही। यह अलग बात है कि कुछ कागजी नेताओं ने अखबारी ब्यानबाजी के द्वारा कर्मठ कार्यकर्ताओं को हड़पने की असफल कोशिश भी की गई।

क्या हरियाणा कि सियासत में तूफान आ सकता है ?

डबवाली (यंग फ्लेम) क्या गोपाल कांडा मुख्यमंत्री से नाराज हैं ? यदि नहीं तो अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी छोड़ कर कहा गए हैं गोपाल कांडा ? इसका जवाब जनता को कौन देगा ? हरियाणा सरकार पर आजकल राहू की क्रूर दृष्टि तो नहीं चल रही। एक सप्ताह में ही जहाँ हरियाणा के परिवहन और पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश जैन और मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा के कड़े तेवरों से पद से त्याग पत्र देना पड़ा और वही सिरसा रैली में अनबन हो जाने के बाद हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा रविवार को दोपहर अपनी सरकारी गाड़ी में सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा गारद के साथ हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में आये। करीबन पौने घंटे बाद फतेहाबाद के विधायक और प्रदेश के चीफ पार्लियामेंट सेक्टरी प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी हिसार के इसी विश्राम गृह में पहुंचे। दोनों में क्या बात हुई इसका ब्यौरा नहीं मिल पाया है। मगर कुछ मिनट बाद ही गिलखेडा गोपाल कांडा से बात करके चलते बने। यह सभी निर्दलीय विधायक बताय जाते हैं मिली जानकारी अनुसार ठीक दस मिनट बाद एक इनोवा गाड़ी आई और हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा उसमे बैठ कर कहीं चले गए। वे राज्य सरकार की और से दी गई अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी को हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही छोड़ गए। जब इस बात की भनक जब पत्रकारों को लगी तो उन्होंने कांडा के साथ कार के ड्राइवर और उनके सुरक्षा कर्मियों से इसका करण पूछा तो उन्होंने इस बारे कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। मिली जानकारी के अनुसार गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा की सरकारी गाड़ी और सुरक्षाकर्मी रात तक भी उनके इन्तजार में हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही उनका इंतजार कर रहे थे। वही दबी जुबान में राजनितिक कयास लगाये जा रहे हैं कि शनिवार को हुई कांग्रेस की सिरसा रैली में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा ने मंत्री को मंच से कुछ कहा दिया था। जिस कारण नाराजगी के चलते मंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम भी हो सकता है। यह भी कयास का दौर चल रहा है कि कहीं कांडा के साथ विरोध में फतेहबाद के विधायक और मुख्य संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी शामिल तो नहीं हैं ? सियासत की जानकारी रखने वालो का कहना है कि कहीं अपने ऊपर संकट के मंडरा रहे बादलों को देख कर अन्दर खाने निर्दलीय विधायक हरियाणा के मुख्यमंत्री के तीखे तेवरों से नाराज होकर तो यह कदम नहीं उठा रहे या फिर वे उनपर कोई सियासी दबाव बनाने में लगे हैं। कहा जा रहा है कि निर्दलीय विधायक यदि इसी तरह अपनी नाराजगी प्रगट करते रहे तो एक दिन हरियाणा कि सियासत में तूफान सकता है। अब देखना होगा कि राजनीती का ऊँठ किस करवट बैठता है। वैसे भी हरियाणा 'आया राम गया रामÓ की सियासत के लिए मशहुर माना जाता है और वही इनेलो ने भी पिछले एक सप्ताह से राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। कयास लगाये जा रहे हैं कि कहीं यह उसी सियासत का कोई राजनितिक ड्रामा तो नहीं है। यदि हरियाणा के मुख्यमंत्री और केन्द्रीय नेताओं ने निर्दलीय विधायको को मनाने के प्रयास तेज किये वे दिन दूर नहीं जब यही विधायक कोई सियासी तूफ़ान खड़ा कर सकते हैं।

क्या हरियाणा कि सियासत में तूफान आ सकता है ?

डबवाली (यंग फ्लेम) क्या गोपाल कांडा मुख्यमंत्री से नाराज हैं ? यदि नहीं तो अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी छोड़ कर कहा गए हैं गोपाल कांडा ? इसका जवाब जनता को कौन देगा ? हरियाणा सरकार पर आजकल राहू की क्रूर दृष्टि तो नहीं चल रही। एक सप्ताह में ही जहाँ हरियाणा के परिवहन और पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश जैन और मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा के कड़े तेवरों से पद से त्याग पत्र देना पड़ा और वही सिरसा रैली में अनबन हो जाने के बाद हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा रविवार को दोपहर अपनी सरकारी गाड़ी में सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा गारद के साथ हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में आये। करीबन पौने घंटे बाद फतेहाबाद के विधायक और प्रदेश के चीफ पार्लियामेंट सेक्टरी प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी हिसार के इसी विश्राम गृह में पहुंचे। दोनों में क्या बात हुई इसका ब्यौरा नहीं मिल पाया है। मगर कुछ मिनट बाद ही गिलखेडा गोपाल कांडा से बात करके चलते बने। यह सभी निर्दलीय विधायक बताय जाते हैं मिली जानकारी अनुसार ठीक दस मिनट बाद एक इनोवा गाड़ी आई और हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा उसमे बैठ कर कहीं चले गए। वे राज्य सरकार की और से दी गई अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी को हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही छोड़ गए। जब इस बात की भनक जब पत्रकारों को लगी तो उन्होंने कांडा के साथ कार के ड्राइवर और उनके सुरक्षा कर्मियों से इसका करण पूछा तो उन्होंने इस बारे कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। मिली जानकारी के अनुसार गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा की सरकारी गाड़ी और सुरक्षाकर्मी रात तक भी उनके इन्तजार में हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही उनका इंतजार कर रहे थे। वही दबी जुबान में राजनितिक कयास लगाये जा रहे हैं कि शनिवार को हुई कांग्रेस की सिरसा रैली में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा ने मंत्री को मंच से कुछ कहा दिया था। जिस कारण नाराजगी के चलते मंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम भी हो सकता है। यह भी कयास का दौर चल रहा है कि कहीं कांडा के साथ विरोध में फतेहबाद के विधायक और मुख्य संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी शामिल तो नहीं हैं ? सियासत की जानकारी रखने वालो का कहना है कि कहीं अपने ऊपर संकट के मंडरा रहे बादलों को देख कर अन्दर खाने निर्दलीय विधायक हरियाणा के मुख्यमंत्री के तीखे तेवरों से नाराज होकर तो यह कदम नहीं उठा रहे या फिर वे उनपर कोई सियासी दबाव बनाने में लगे हैं। कहा जा रहा है कि निर्दलीय विधायक यदि इसी तरह अपनी नाराजगी प्रगट करते रहे तो एक दिन हरियाणा कि सियासत में तूफान सकता है। अब देखना होगा कि राजनीती का ऊँठ किस करवट बैठता है। वैसे भी हरियाणा 'आया राम गया रामÓ की सियासत के लिए मशहुर माना जाता है और वही इनेलो ने भी पिछले एक सप्ताह से राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। कयास लगाये जा रहे हैं कि कहीं यह उसी सियासत का कोई राजनितिक ड्रामा तो नहीं है। यदि हरियाणा के मुख्यमंत्री और केन्द्रीय नेताओं ने निर्दलीय विधायको को मनाने के प्रयास तेज किये वे दिन दूर नहीं जब यही विधायक कोई सियासी तूफ़ान खड़ा कर सकते हैं।

रविवार, 12 जून 2011

100 प्रतिशत बंद रहा डबवाली क्षेत्र

डबवाली (यंग फ्लेम) अपराधों पर अंकुश लगाने, एसपी का तबादला और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग पर इनेलो की ओर से घोषित डबवाली बंद सफल रहा। शनिवार को पूरे जिले में बंद असरदार रहा। जिले के सभी शहरों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। शहर में तो कफ्र्यू जैसे हालात रहे। सभी बाजार गलियां सूनी पड़ी हुई थी। दुकानों के आगे महज इनेलो कार्यकर्ता ही बैठे हुए नजर आए। इनेलो कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन एसडीएम मुनीश नागपाल को सौंपा।
डॉ. सीतारामें के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता मेन बाजार में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए बंद की अपील करते रहे। बंद को लेकर डॉ. सीता राम ने कहा कि बंद सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किया गया है और लोगों ने बंद को समर्थन देकर सरकार के खिलाफ अपने रोष का इजहार किया है। युवा इनेलो के प्रधान दर्शन मोंगा व कार्यालय प्रभारी महेंद्र डूडी, सुरेंद्र छिंदा, भोला फौजी, सुरेंद्र कुमार व अन्य कार्यकर्ताओं ने मलोट रोड पर बंद की कमान संभाली। बस स्टैंड के आसपास के इलाकों में भी पूर्ण बंद रहा। यहां राकेश शर्मा, जोगिंद्रपाल शर्मा, दर्शन सोनी, मलकीत कांडा, दलीप सिंह सहारण, सीता राम सिंगला, महावीर सहारण, अमृतपाल शर्मा, जोगिंद्र सिंह डाल, राम सिंह बिश्रोई, सुभाष मित्तल, अशोक गुप्ता, नरेश मित्तल, लभु सेठी, हरबंस भीटीवाला, राजेश जुनेजा बिल्लु, सोम अरोड़ा, टेकचंद छाबड़ा, मदन गुप्ता, पवन सेठी, ओपी सचदेवा आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे। उधर, कॉलोनी रोड, मीना बाजार, नई अनाज मंडी, बठिंडा रोड, जीटी रोड, बस स्टेंड रोड पर भी मुक्मल हड़ताल रही। इस मौके पर काली मिढ़ा, भोला बराड़, अशोक डोडा, गुरजीत सिंह, गुरचरण नम्बरदार, सुखविंद्र सिंह सरां, सुखवीर सिंह बराड़, जग्गा सिंह, शलेंद्र जोड़ा, राजा पेंटर, पुष्पा दैड़ान, हरविलास निरंकारी, प्रविंद्र अरोड़ा, दीपक बागड़ी, प्रह्लाद राय, अमर नाथ बागड़ी, दर्शन सिंह मिस्त्री, खेमचंद छाबड़ा, केशो गुप्ता, परमानंद शर्मा, सुनील कुमार, मोती राम, जोगिंद्र पाल शर्मा, गेजा सिंह भुल्लर, हैप्पी गिल, नवी बराड़, दर्शन सोनी, मलकीत कंडा, श्रवण सिंह बराड़, हरचरण सिंह, कृष्ण लाल, संदीप शर्मा, बलवंत शर्मा, दिलीप सिंह, हरप्रीत सिंह व बड़ी संख्या में इनेलो कार्यालय उपस्थित थे। बंद की सफलता पर इनेलो ने शहरवासियों का आभार जताया है। बंद का सहयोग करने पर इनेलो नेताओं ने सबका धन्यवाद किया। उधर, गांव बिज्जूवाली, गोरीवाला व क्षेत्र के अन्य गांवों में भी बंद का काफी हद तक असर देखनेे को मिला। गांव बिज्जूवाली के बस स्टैंड पर सारा दिन सन्नाटा पसरा रहा, जिससे यात्रियों व राहगिरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन बंद के दौरान समय-समय पर गश्त करके कोई अनहोनी घटना पर पेनी नजर रखा रहा था। गोरीवाला पुलिस चौकी के एएसआई भूप सिंह स्वयं पुलिस फोर्र्स के साथ सुबह से ही गांवों में गश्त कर रहे थे। बंद के दौरान आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

एम.एस.डी. की छात्राओं ने सिरसा जिले में मचाया धमाल

डबवाली (यंग फ्लेम) माता शान्ती देवी इन्स्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने जिले में एक बार फिर बाजी मारी। हरियाणा नर्सेस रजिस्टरेशन कांसिल चण्डीगढ़ द्वारा जी.एन.एम. का परीक्षा परिणाम घोषित किया। जिसमें संस्थन का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। संस्थान के प्रथम वर्ष की 24 एवं द्वितीय वर्ष की 46 छात्राओं ने वरियता (डिस्टिंक्शन-80 प्रतिशत से ज्यादा) प्राप्त की, जो सिरसा जिले में प्रथम रहा। इस अवसर पर संस्थान की छात्राओं ने खुशी जाहिर की।
संस्थान के डायरैक्टर विकास गर्ग एवं प्राचार्य वेद शर्मा ने समस्त स्टाफ एवं छात्राओं को बधाई दी एवं मिठाई वितरित की। संस्थान के चेयरमैन डा. सोहन लाल सिंगला, उप चेेयरमैन संजय दानेवालिया एवं सचिव अशोक सिंगला ने सभी को बधाईयां दी। इस अवसर पर मोनिका, किरण, मनप्रीत एवं नेहरा सहित समस्त स्टाफ उपस्थित था।

हादसों को दावत दे रहा है टूटा पुल,प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

डबवाली (बलबीर लखौत्रा) गांव खुइया मलकाना के पास भाखड़ा नहर पर क्षतिग्रस्त पुल हादसों को दावत दे रहा है। पुल की रेलिंग पूरी तरह से टूट चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से पुल को ठीक नहीं कराया जा रहा है जिससे लगता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। डबवाली के गांव खुईयां मलकाना के पास से भाखड़ा नहर गुजरती है। गांव खुईयां मलकाना के पास एक पुल है जो कि विभिन्न गाँवों दीवानखेड़ा, मलिकपुरा, किंगरे, सावंतखेड़ा, चोरमार मिठडी, मठ आदि अनेक गांवों को लिंक रोड़ द्वारा एक दूसरे को जोड़ता है।
स्मरण रहे कि भाखड़ा का ये पुल कई गाँवों का मुख्य रस्ता है जिसके ऊपर से सैकड़ों वाहन दिन में गुजरते हैं। हैरानी की बात ये है कि पिछले कुछ दिनों से इस पुल की रैलिंग टूट कर नहर में गिरी हुई है। इससे साफ है कि कोई भी वाहन पुल से गिर सकता है। शायद ऐसा लगता है कि सम्बन्धित अधिकारी भी उस भयंकर समय का इंतजार कर रहे हैं जो कि किसी निर्दोष की जीवन लीला समाप्त करने वाला है। शायद यह सोचकर कि सभी यहां से गुरजने वालों को पता है कि रेलिंग टुटी हुई, इसके बावजूद यहां कोई सुरक्षा के लिए गट्टे आदि नहीं लगाए गए हैं। सोचने वाली बात है कि जरूरी नहीं प्रत्येक व्यक्ति जो इस पुल से वाहन लेकर गुजरता है उसे पुल के टूटा होने की खबर हो, इस कारण कभी भी कोई वाहन पुल से गिरकर हादसे का शिकार हो सकता है। इस बारे में सरपंच का कहना है कि पुल रिपेयर पंचायत के तहत नहीं आता है। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कहा गया है। इस संबंध में जब एसडीएम मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस पुल की मुरम्मत संबंधित विभाग द्वारा जल्द ही करवा दी जाएगी ताकि इस मार्ग पर कोई बड़ा हादसा घटित न हो।

शनिवार, 11 जून 2011

इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी की ओर से सिरसा बंद के आवहान का असर पूरी तरह से देखने को मिला

इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी की ओर से सिरसा बंद के आवहान का असर पूरी तरह से देखने को मिला रहा है। आज सिरसा पूर्ण रूप से बंद रहा। सिरसा की सभी दूकाने बंद देखने को मिली। साथ ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस पेहरे पर खड़ी है इनेलो पार्टी के कार्यकर्ताओ का कहना है की सिरसा में बढ़ रहे अपराधिक मामलो को
देखते हुए आज इनेलो पार्टी ने सिरसा बंद रखा है वहीं कांग्रेेस पार्टी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है वही सिरसा में बंद का असर सुबह से ही देखने को मिल रहा था। हर रोज सुबह 4 बजे होने वाली बोली भी नहीं हुई। गौरतलब है कि आज सिरसा में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का दौरा है इसलिए इनेलो ने आज सिरसा बंद रखा है। इनेलो पार्टी सिरसा बंद करने के लिए काफी दिन पहले से प्रयास कर रही थी जिसका अच्छा खासा असर देखने को मिला।
काबिलेगौर है कि सिरसा में बढ़ रहे आपराधिक मामलो को लेकर इनेलो ने आज सिरसा बंद रखा है। इनेलो का मानना है कि सिरसा पहले शांतिप्रिय होता था लेकिन जब से कांग्रेंस की सरकार बनी है प्रदेश में क्राईम की घटनाएं बढ़ती जा रही है। इनेलो कांग्रेंस पार्टी पर आरोप लगाया है कि सिरसा में आज कोई भी महिला सुरक्षित नहीं है। सिरसा में रोज हत्या, चोरी जैसी वारदाते बढ़ती जा रही है। चाहे वो दादी पोती हत्याकांड हो या कांलावाली में एक ही घर के चार सदस्या की हत्या का मामला ऐसे ही सिरसा जिला में 106 मामले हुए है लेकिन इन्हे रोकने वाला कोई नहीं इसी के चलते आज इनेलो पार्टी ने सिरसा बंद रखा है
गौरतलब है कि आज सिरसा में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का दौरा है इसलिए इनेलो ने आज सिरसा बंद रखा है "

शुक्रवार, 10 जून 2011

बाबा रामदेव की हालत नाजुक, आईसीयू में भर्ती

हरिद्वार- सात दिन से अनशन पर बैठे बाबा रामदेव की हालत नाजुक हो गई है। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें देहरादून के हिमालयन हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है 15 डॉक्टरों की टीम बाबा रामदेव का इजाल करेगी। अस्पताल के बाहर 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

इधर, गांधीवादी नेता अन्ना हजारे ने कहा है कि केंद्र सरकार को ऐंठ छोड़कर बाबा रामदेव से बात करनी चाहिए। सरकार को बाबा का अनशन तोड़वाने की कोशिश करनी चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी ने भी कहा है कि केंद्र सरकार को बाबा रामदेव के अनशन को तोड़वाने की कोशिश करनी चाहिए।

बाबा रामदेव को अस्पताल में भेजने का फैसला
इसके पहले अनशन पर बैठे बाबा रामदेव की लगातार बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाने का हरिद्वार जिला प्रशासन ने निर्णय लिया।

गौरतलब है कि डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह बाबा की बिगड़ती हालत को देखते हुए, उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती करने की सिफारिश की थी। बाबा रामदेव के अनशन का शुक्रवार को 7वां दिन है। डॉक्टरों ने उनसे अनशन तोड़ने के लिए कहा है।

बाबा की हालत बिगड़ी
सेहत धीरे-धीरे बाबा रामदेव का साथ छोड़ रही है। शुक्रवार को बाबा रामदेव के हेल्थ चेकअप के बाद मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने योगेश शर्मा ने बताया कि बाबा के शरीर की वसा अब पिघलने लगी है, जो बेहद हानिकारक है। डॉक्टर शर्मा ने बताया कि इससे बाबा के मस्तिष्क को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है। उन्होंने बताया कि बाबा का वजन 58.5 किलोग्राम हो गया है और ब्लड प्रेशर में चिंताजनक गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव का ब्लड प्रेशर सुबह 104/70 मापा गया है और उनका पल्स रेट भी पहले के मुकाबले धीमा है। पल्स रेट 58 प्रति मिनट रेकॉर्ड किया गया है। पल्स रेट गिरने से हार्ट अटैक का खतरा है। डॉक्टर शर्मा ने कहा कि इसके अलावा डॉक्टरों को बाबा के मूत्र में एल्ब्युमिन का भी पता लगा है। बाबा की किडनी पर भी दुष्प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि बाबा ग्लूकोज लेने के लिए राजी हो गए हैं।


हरिद्वार पहुंचेंगे श्री श्री रविशंकर और मुरारी बापू
जानकारी के मुताबिक बाबा रामदेव को मनाने के लिए श्री श्री रविशंकर और मुरारी बापू आज हरिद्वार में उनसे मुलाकात करने वाले हैं। दोनों उनसे अनशन तोड़ने की अपील करेंगे। सूत्रों के मुताबिक बाबा रामदेव दोनों की अपील पर अपना सात दिन से चला यह अनशन खत्म कर आगे की रणनीति की घोषणा कर सकते हैं। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की भी उनसे मुलाकात की बात कही जा रही है।


संत समिति रामदेव के साथ
दूसरी तरफ अखिल भारतीय संत समिति बाबा रामदेव के आंदोलन के समर्थन में उतर गई है। गुरुवार को समिति के सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और रामदेव के प्रति समर्थन जताया। समिति के हरिद्वार अध्यक्ष सत्यव्रतानंद की अगुआई में समिति के सदस्य भूपतवाला में जमा हुए। संतों ने स्वामी रामदेव के आंदोलन को कुचलने की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की।

अन्ना की केंद्र से अपील
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह बाबा रामदेव से अनशन तोड़ने के लिए कहें। अन्ना ने कहा, केंद्र को मानवीय आधार पर ही सही लेकिन बाबा से अनशन तोड़ने के लिए कहना चाहिए।

सैन समाज ने पूर्व सरपंच की हत्या पर किया रोष प्रदर्शन

डबवाली -करनाल जिले के गांव कम्बोपुरा के पूर्व सरपंच कर्म सिंह की दिन-दहाड़े हत्या किए जाने पर सैन समाज के लोगों ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए आज अपनी दुकानें बंद कर स्थानीय देवीलाल स्मार्क पार्क में एकत्रित होकर अरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग को लेकर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। सैन सभा के सदस्यों द्वारा हत्याकांड के विरोध में डबवाली क्षेत्र में बारबर की दुकानें शाम 4 बजे बंद कर दी गई। यह जानकरी देते हुए सैन सभा के प्रधान रमेश कुमार उपप्रधान प्रवीन कुमार ने कहा कि इस हत्याकांड से समस्त सैन समाज को गहरा धक्का लगा है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में सैन समाज एकजुट है तथा दोषियों की गिरफ्तारी होने की सूरत में समाज द्वारा आंदोलन का रूख अख्तियार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आगामी 11 जून को मुख्यमंत्री के सिरसा दौरे पर भी यह बात विशेष रूप से उठाई जाएगी। अगर पुलिस द्वारा आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार नहीं किया गया तो सैन समाज के लोग सड़कों पर उतर आएंगे। इस अवसर पर कृष्ण कुमार, रोहताश कुमार, दर्शन लाल, चतर सिंह, दविंद्र फौजी, राम मेहर, सुशील कुमार, सुभाष चंद्र, नरेश कुमार, लखन राम, अमृतपाल व अन्य सैन समाज से संबंधित लोग उपस्थित थे।

बुधवार, 8 जून 2011

ये कैसा लोकतंत्र है ?

लोकतंत्र का अर्थ क्या है ? यही न कि आपको कहने की , रहने की ,जीने की आज़ादी है .आप शांतिपूर्ण ढंग से अपनी असहमति जता सकते हैं . आप न्याय की अपील कर सकते हैं , आप दोषी की तरफ ऊँगली उठा सकते हैं .आपको कोई बेजा तंग नहीं कर सकता .प्रशासन आपका रक्षक है .
लेकिन क्या महान देश भारत में ऐसा हो रहा है ? चार जून को दिल्ली के रामलीला मैदान में योगगुरु रामदेव के धरने पर रात के एक बजे पुलिस बल का प्रयोग क्या लोकतान्त्रिक देश को शोभा देता है ? क्या यह इस बात की और इंगित नहीं करता कि कांग्रेस सरकार एक असहनशील सरकार है ? क्या यह इंदिरा गाँधी के आपातकाल की पुनरावृति नहीं ?
हालांकि सरकार का तर्क है कि रामदेव ने सहमती पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए थे . ऐसे में प्रदर्शन समाप्त होना चाहिए था . अगर इस बात को सच मान भी लिया जाए तो भी सरकार की बर्बरता पूर्ण कार्यवाही को उचित नहीं ठहराया जा सकता . सरकार को पत्र मीडिया के जरिये जनता के सामने लाना चाहिए था . दूध का दूध और पानी का पानी हो जाने का इंतजार करना चाहिए था .
सरकार की इस कार्यवाई को तब तो सही ठहराया जा सकता था ,जब प्रदर्शनकारी कोई हिंसक गतिविधि कर रहे होते .यह आन्दोलन तो शांतिपूर्ण तरीके चल रहा था और फिर जिस समय पुलिस बल का प्रयोग किया गया उस समय आंदोलनकारी सो रहे थे . सोये हुए लोगों पर तो युद्ध में भी बार नहीं किया जाता . निहत्थों पर बार कायरता की निशानी है और कांग्रेस सरकार ने ऐसा करके लोकतंत्र को शर्मसार किया है . अगर केंद्र सरकार को ताकत दिखाने का इतना ही शौक है तो उसे आंतकवादी संगठनों के खिलाफ ताकत दिखाकर लोकतंत्र की रक्षा करनी चाहिए . देश की संसद पर हमला करने वाले आंतकवादी तो सरकारी मेहमान बने बैठे हैं और सरकार उनको कुचल रही है जो देश से भ्रष्टाचार मिटाने की बात करते हैं , जो काले धन को देश में लाने की बात करते हैं
केंद्र सरकार के इस निंदनीय कृत्य की भर्त्सना करना देश के नागरिकों का कर्तव्य बनता है . यदि इस समय ऐसा नहीं किया गया तो देश में लोकतंत्र की हत्या संभव है।


बाबा रामदेव की हटबाजी को सही रास्ते पर लाने के लिए जरूरी थी कार्रवाई-तंवर

डबवाली (यंग फ्लेम) 4 जून की रात को दिल्ली के रामलीला मैदान में दिल्ली पुलिस द्वारा जो कार्रवाई की गई वह बाबा रामदेव की हटबाजी को सही रास्ते पर लाने के लिए जरूरी थी ताकि कानून व्यवस्था की बहाली बनही रहे। यह बात बीती रात सिरसा के सांसद अशोक तंवर ने डा. सुरेन्द्र पाल जस्सी द्वारा अपने निवास पर उनके सम्मान में दिये गये रात्रि भोज के अवसर पर पत्रकारों द्वारा पूछे गये एक सवाल में उन्होंने कही। उन्होंने दिल्ली सरकार के इस कदम को जायज ठहराते हुए कहा कि बाबा रामदेव को दिल्ली प्रशासन द्वारा यह मैदान योग सिखाने व केवल 5 हजार लोगों के प्रवेश की अनुमति दी गई थी। लेकिन बाबा रामदेव ने वहां पर राजनीती खेलनी शुरू कर दी और पर्दे के पीछे से इसे भाजपा द्वारा संचालित किया जा रहा था। जो कि किसी भी लिहाज से उचित नहीं था। लेकिन निहत्थे पुरूषों व महिलाओं पर किये गये अत्याचार को उन्होंने पुलिस की आवश्यक कार्यवाही करार दिया । शहर में नगरपालिका के अध्यक्ष पद को लेकर लटकते चले आ रहे किस्से के बारे में कांग्रेसी नेता व हरियाणा के मुख्यमंत्री के पूर्व विशेष कार्यधिकारी डा. के.वी. सिंह ने बताया कि शीघ्र ही कांग्रेस का प्रत्याशी नगरपालिका के अध्यक्ष पद पर आसीन होगा। जिक्रयोग है कि कांग्रेसी पार्षदों की आपसी खींचतान के चलते लबें अरसे से नगरपालिका के अध्यक्ष की कुर्सी खाली पड़ी है।
शहर में रेलवे ओवर ब्रिज के मामले में हो रही देरी के बारे में पूछे गये प्रशन पर उन्होंने बताया कि रेल मंत्रालय से संबधित औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है, लेकिन भूतल परिवहन में मामला अधर में लटका होने के कारण इस पुल के निर्माण में बाधा आ रही है, और इसे भी शीघ्र हल कर लिया जाएगा। सिरसा के पुलिस अधिक्षक पर एक दोहरे हत्याकांड के मामले में भरी सभा में इनैलो नेता अभय सिंह चौटाला द्वारा 30 लाख रूपयों की घूसखोरी के लगाये गये आरोप के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी तक लिखित रूप से कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने पर इस की पूरी जांच करवाई जाएगी और उन्होंने सपष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ रही है। भ्रष्टाचार में दिल्ली कामनवैल्थ खेलों में सुरेश कलमाड़ी का मामला आपके सामने है। इस मौके पर कांग्रेस के शहरी अध्यक्ष पवन गर्ग,नवरतन बांसल, सोमप्रकाश शर्मा, संजय मिढ़ा, पार्षद विनोद बांसल, रमेश बागड़ी, जगदीप सूर्या, आर. के. वर्मा सहित कांग्रेस के कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

पत्रकार राजीव गोयल पर कातिलाना हमला

डबवाली (यंग फ्लेम) शहर में गुंडागर्दी चरम सीमा पर पहुंच गई है। गुंडातत्व बौखलाहट में पत्रकारों पर भी कातिलाना हमला करके जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करने लगे हैं। सोमवार रात को अज्ञात कार सवारों ने पत्रकार राजीव गोयल पर जानलेवा हमला करके उसकी हत्या करने का प्रयास किया। घायल अवस्था में वार्ड नं. 1 के पार्षद जगदीप सूर्या ने उन्हें उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
पत्रकार राजीव गोयल सोमवार रात को करीब सवा नौ बजे अपने कार्यालय से अपने घर के लिए अपनी एवीएटर पर निकले थे। कार्यालय से कुछ दूरी पर स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर के बैक साईड वाली गली में वे जैसे ही पहुंचे तो पीछे से एक फोर्ड फिगो गाड़ी आई और एवीएटर का रास्ता रोककर खड़ी हो गई। कार से दो युवक बाहर आए। जिनमें से एक ने मुंह कपड़े से ढांप रखा था। उन्होंने उसकी हत्या का प्रयास करते हुए बैसबॉल बैट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। राजीव गोयल ने एवीएटर वहीं फेंककर अपनी जान बचाई और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर घरों से निकले लोगों को देखकर गुण्डे भाग खड़े हुए।
राजीव गोयल ने बताया कि गुण्डों की संख्या चार से पांच हो सकती है। जिन लोगों ने कार से निकलकर उस पर हमला किया उनकी संख्या दो थी। बाकी कार के भीतर बैठे हुए थे।
हमले से पूर्व गुण्डों ने की रेकी
गुण्डों ने राजीव पर कातिलाना हमला करने से पूर्व 6 जून की रात को करीब 8 बजे उनके कार्यालय के आस-पास रेकी की। इस रेकी के लिए दो गुण्डे उनके कार्यालय में भी आए। उन्होंने अपने आपको गांव मांगेआना निवासी हरजीवन सिंह सिधू और अवतार सिंह सिधू के नाम से परिचित करवाते हुए कहा कि उन्होंने पिल्ले बिकाऊ का विज्ञापन अखबार में देना है। करीब आधा घण्टा तक कार्यालय में बैठे रहे। गांव मांगेआना में पता करने पर मालूम हुआ कि उक्त नाम के दोनों युवक गांव में है ही नहीं। इससे संदेह है कि इस हमले में ये दो युवक भी शामिल थे। हमले से पूर्व उन्होंने रेकी भी की थी।
घटना की सूचना पाकर मंगलवार सुबह हरियाणा पत्रकार संघ जिला सिरसा के अध्यक्ष लाजपुष्प राजीव गोयल का हालचाल जानने के लिए सरकारी अस्पताल डबवाली में पहुंचे। यहां डबवाली पत्रकार संघ के अध्यक्ष राजीव वढेरा, फतेह सिंह आजाद, विजय वढेरा, इकबाल सिंह शांत, महावीर सहारण, सुखपाल सिंह, डीडी गोयल, पवन कौशिक उपस्थित थे।
इससे पूर्व रात को जयमुनी गोयल, रवि मोंगा, अशोक सेठी भी अस्पताल में पहुंचे। जबकि सुभाष सेठी ने फोन पर राजीव गोयल का हालचाल जाना। डबवाली के पत्रकारों ने पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के भीतर पत्रकार राजीव गोयल पर जानलेवा हमला करने वाले गुण्डों को पकड़ा नहीं गया तो पूरे हरियाणा में पत्रकार संघर्ष का बिगुल बजा देंगे। जिसकी जिम्मेवारी पुलिस और प्रशासन की होगी।

बाबा पर बल प्रयोग, सरकार चक्रासन में

डबवाली (यंग फ्लेम) भ्रष्टाचार को बंद करने और विदेशों में जमा काले धन को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित किये जाने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे बाबा राम देव तथा उनके समर्थकों पर दिल्ली के रामलीला मैदान में किये गये लाठीचार्ज के विरोध में आज विभिन्न संगठनों का पारा आसमान पर था संगठनों के प्रतिनिधि सरकार के इस कदम पर जम कर गरजे और इसे अलोकतांत्रिक कदम बताते हुए गांधी चौक पर धरना दिया।
धरने की अगुवाई कर रहे गौभक्त राम लाल बागड़ी ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यरात्रि को पुलिस ने महिलाओं और बच्चों पर जो जुल्म और ज्यादतियां की इसने जलियांवाला बाग की याद ताजा कर दी। सरकार बाबा राम देव के संघर्ष इस कदर बौखला चुकी थी कि उसे काले धन को वापिस लाने की बजाय बाबा राम का मुंह बंद करना ज्यादा ठीक लगा। भाजपा नेता देव कुमार शर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस को काले अंग्रेजों का दर्जा दिया और कहा कि पुलिस ने कांग्रेस सरकार के इशारे पर जिस प्रकार लाठियों और आंसू गैस का प्रयोग कर जनता को वहां से खदेड़ा उससे लोकतंत्र शर्मसार हुआ है। जनता को अपनी आवाज उठाने का हक है इसे लाठी और गोली दबाया नहीं जा सकता। भ्रष्टाचार के डूबी कांग्रेस से जनता मोह समाप्त हो चुका है। जनता अब उसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं कर सकती।
इस मौके पर स्वाभिमान भारत की डबवाली इकाई के प्रधान अशोक सोनी, भाजपा के मंडल प्रधान कौर चंद मोंगा, मनोज शर्मा, चंद्र शेखर, प्रमोद कुमार, कुलविंद्र सिंह गौरा, कृष्ण बागड़ी, गिन्नी कंड़ा, व यशपाल नरूला सहित अन्य व्यक्ति

ਆਰੀ ਆਰੀ ਆਰੀ,ਰਾਮ ਦੇਵ ਬਾਬੇ ਨੇ ਛਾਲ ਮੰਚ ਤੋਂ ਮਾਰੀ


ਆਰੀ ਆਰੀ ਆਰੀ
ਰਾਮ ਦੇਵ ਬਾਬੇ ਨੇ
ਛਾਲ ਮੰਚ ਤੋਂ ਮਾਰੀ
ਹਡੀਆਂ ਤੁੜਾ ਬੈਠੀ
ਭਗਤਨੀ ਇੱਕ ਵਿਚਾਰੀ
ਥੱਲੇ ਆ ਗਈ ਬਾਬੇ ਦੇ
ਉੱਤੋਂ ਡਾਂਗ ਪੁਲਸ ਨੇ ਮਾਰੀ
ਲੁਕਿਆ ਜਨਾਨੀਆਂ ਵਿਚ
ਉਂਝ ਸੀ ਵੱਡਾ ਬ੍ਰਹਮਚਾਰੀ
ਬੁੜ੍ਹੀ ਬਣ ਭੱਜ ਦੌੜਿਆ
ਜਦੋਂ ਆਈ ਲੜਨ ਦੀ ਬਾਰੀ
ਐਹੋ ਜਹੇ ਬਾਬਿਆਂ ਨੇ
ਮੱਤ ਸਾਰੇ ਦੇਸ਼ ਦੀ ਮਾਰੀ

शनिवार, 4 जून 2011

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल का निधन

डबवाली (यंग फ्लेम) -हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और हरियाणा जनहित कांग्रेस के संस्थापक भजन लाल का हिसार में शुक्रवार शाम दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। भजनलाल कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में से एक रहे हैं। पिछले चुनाव में मुख्यमंत्री न बनाए जाने से नाराज होकर उन्होंने अपने पुत्र कुलदीप बिश्नोई के साथ मिलकर अलग पार्टी (हरियाणा जनहित कांग्रेस) बना ली थी।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक अचानक भजनलाल को दिल का दौरा पड़ गया। उन्हें स्थानीय रविंद्र गुप्ता अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक ने भजनलाल को दिल के दौरे के अतिरिक्त ब्रेन हैमरेज की भी आशंका व्यक्त की थी। उन्होंने बेहतर इलाज के लिए भजनलाल को दिल्ली ले जाने की सलाह दी थी लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
भजनलाल ३ बार हरियाणा के सीएम रहे हैं। पहली बार 1979 से 1985 तक तो दूसरी बार 1991 से 1996 तक। राजीव गांधी सरकार में वे केंद्रीय कैबिनेट के सदस्य भी रहे। भजनलाल के दो पुत्र हैं। एक कुलदीप बिश्नोई और दूसरे चंद्रमोहन जोकि हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं।

बाबा रामदेव का समर्थन प्रत्येक भारतीय का राष्ट्रधर्म: हरिवियोगी

डबवाली (यंग फ्लेम) -देश में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं काले धन के विरूद्ध बाबा रामदेव के अभियान का समर्थन करना प्रत्येक भारतीय का राष्ट्रधर्म है।
उपरोक्त विचार व्यक्त करते हुए डबवाली में बाबा रामदेव के शिष्य हरिवियोगी शर्मा ने आमजन को संकीर्णताओं से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में अधिक-से-अधिक संख्या में इस अभियान में शामिल होने की पुरजोर अपील की है। हरि वियोगी ने जोर देकर कहा कि यह अभियान किसी पार्टी, संगठन, संस्था अथवा व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि भारत देश के व्यापक हित में है। कालाधन एवं भ्रष्टाचार देश के समक्ष सर्वाधिक गंभीर एवं घातक चुनौती व समस्या है जिसके विरूद्ध बाबा रामदेव के संघर्ष का साथ देना प्रत्येक देशभक्त भारतवासी का कत्र्तव्य है। चोपड़ा ने कहा कि भ्रष्टाचार ने आज देश को जर्जर एवं पंगु बनाकर रख दिया है जिससे प्रत्येक भारतवासी किसी-न-किसी रूप में पीडि़त हैं। अगर भ्रष्टाचार से निजात मिल जाए तो निश्चित रूप से भारत विश्व का नम्बर वन राष्ट्र बन सकता है। अत: देश के स्वाभिमान, राष्ट्रीय गौरव एवं देश के सुनहरे और उज्ज्वल भविष्य के लिए इस संघर्ष में प्रत्येक सच्चे भारतीय का सक्रिय योगदान अपेक्षित है। हरिवियोगी ने आमजन से सभी प्रकार के मतभेदों एवं विचारधाराओं से ऊपर उठकर भारत माता की पुकार को स्वीकार करते हुए अपना संतान धर्म निभाने एवं राष्ट्रहित के इस महायज्ञ में सक्रिय योगदान द्वारा अपनी आहुति प्रदान करने का आह्वान किया है।

मिस कॉल से करो समर्थन
योग गुरु बाबा रामदेव ने अपने सत्याग्रह आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संचार क्रांति का सहारा लिया है। बाबा के ट्रस्ट ने एक टॉल फ्री मोबाइल नंबर 02233081122 सार्वजनिक किया है। इस नंबर पर आप भी सिर्फ मिस कॉल करके सत्याग्रह में अपना समर्थन दे सकते हैं। मिस कॉल करने के तुरंत बाद आपके पास एक मैसेज आएगा जिसमें लिखा होगा '400 लाख करोड़ काला धन देश में लाने के लिए भ्रष्टाचार मिटाओ सत्याग्रह का समर्थन करने व अन्यों को प्रेरित करके राष्ट्रधर्म निभाएंÓ।

छुट्टियों में कोचिंग, ना बाबा ना!

विज्ञान विषय में कक्षा 11 व 12 के बच्चों को पारंगत करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा एक जून से शुरू की गई कोचिंग शुरूआत में ही दम तोड़ गई है। अनुभवी शिक्षकों के अभाव में बच्चे स्कूल में जाकर कोचिंग लेने की बजाय घर पर ही पढऩे को तव्वजों दे रहे हैं। इसी का कारण है कि कोचिंग के तीसरे ही दिन बच्चों की संख्या कम हो गई है। शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में विज्ञान विषय के 11वीं तथा 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग देने का निर्णय लिया था। कोचिंग सभी संस्कृति मॉडल विद्यालयों में एक जून से शुरू की जा चुकी है जो 30 जून तक चलेगी। कोचिंग का जिम्मा दो कंपनियों को दिया गया है जिसकी एवज में शिक्षा विभाग कंपनी को प्रति विद्यार्थी 6 हजार रुपये के हिसाब से भुगतान करेगी। कोचिंग के तहत बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकें भी देने का प्रावधान रखा गया है। सिरसा जिले में भी कोचिंग संस्कृति मॉडल स्कूल में शुरू की गई है मगर तीसरे दिन ही कोचिंग की हवा निकल गई। जिले भर से विभिन्न सरकारी विद्यालयों में पढऩे वाले लगभग 1470 बच्चों के कोचिंग कक्षाओं में आने की उम्मीद थी। एक जून को उम्मीद के अनुसार करीब 1400 बच्चे स्कूल में पहुंचे। 2 जून को यह संख्या घटकर 990 तक पहुंच गई। तीन जून को कंपनी की ओर से एक टेस्ट लिया गया जिसमें लगभग 1094 बच्चों ने टेस्ट दिया मगर कोचिंग के लिए बच्चों में खास उत्साह दिखाई नहीं दिया। इससे आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या और कम हो सकती है। इससे साफ हो गया है कि बच्चों को छुट्टियों में दी जा रही कोचिंग रास नहीं आई है। इससे यही कहा जाएगा कि सरकार कोचिंग के नाम पर पैसों की बर्बादी कर रही है। इस मामले में सिरसा निवासी प्राध्यापक करतार सिंह ने कहा है कि यदि सरकार ने कोचिंग सिस्टम में बदलाव नहीं किया तो पैसों की इस बर्बादी के खिलाफ वे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
अनुभवी शिक्षक नहीं है
एचपीएस स्कूल के प्रिंसिपल रमेश सचदेवा भी मानते हैं कि कोचिंग में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसके पीछे मुख्य कारण पढ़ाने वाले शिक्षकों में अनुभव की कमी है। उन्होंने शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को भी इससे अवगत कराया है जिसमें लिखा है कि शिक्षकों को पढ़ाने का पूरा अनुभव नहीं है जिस कारण बच्चे कम आ रहे हैं। विज्ञान विषय के बच्चों को पढ़ाने के लिए दक्ष शिक्षक होने चाहिए।

गर्मियों की छुट्टियां होती हैं घूमने के लिए

हर साल गर्मियों में बच्चों की छुट्टियां होती है। इसके लिए बच्चे व उनके अभिभावक पूरी साल इंतजार करते हैं ताकि किसी दूसरे स्थान पर घूमने के लिए जा सके। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। एक जून को सरकारी विद्यालयों की छुट्टी हो गई। पहले से तय कार्यक्रम के तहत बच्चे घूमने के लिए चले गए। ऐसे में कोचिंग के लिए उतने बच्चे नहीं पहुंच रहे हैं जितने जाने चाहिए थे। बच्चों व उनके अभिभावकों का कहना है कि छुट्टियों की बजाय पढ़ाई के दिनों में ही एक घंटा अलग से कोचिंग दी जाती तो बेहतर होता।

क्या कर पाएंगे बाबा रामदेव?

इस वक्त देश के राजनीतिक परिदृश्य से प्रमुख विपक्षी पार्टियां गायब हैं। पहले अन्ना हजारे और अब बाबा रामदेव राजनीति के केंद्र में दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक पार्टियों ने खुद ही लोगों का भरोसा खोया है और लोग किसी संबल की आस में अन्ना हजारे और बाबा रामदेव के साथ दिखाई पड़ रहे हैं। बाबा रामदेव की अगवानी करने के लिए भारत सरकार के 4 मंत्री दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे। शायद ही किसी की अगवानी के लिए 4 मंत्री एक साथ पहुंचते हों। कांग्रेस के कोर ग्रुप की बैठक इस तरह हुई जैसे कोई बड़ी राष्ट्रीय समस्या गई हो।
बाबा रामदेव इस वक्त किसी सुपर हीरो या राष्ट्रीय नायक से कम नहीं लग रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि बाबा कुछ चमत्कार कर दिखाएंगे। विदेशों में जमा भारत के अरबों-खरबों के काले धन को वापस लाने या भ्रष्टाचार के संहार जैसा कुछ।
सवाल यह है कि बाबा अपनी किन मांगों को पूरा करवा पाएंगे? एक मांग जन लोकपाल की है। इस मांग को लेकर अन्ना हजारे लगभग इसी जोशोखरोश के साथ दिल्ली पर चढ़ाई कर चुके हैं। अब अन्ना कह रहे हैं कि सरकार ने उन्हें धोखा दिया और रामदेव सरकार से बच कर रहें। उम्मीद करते हैं कि अन्ना की यह सीख रामदेव के काम आएगी। लेकिन एक सवाल यह भी है कि इतने घोटालों आदि से लगभग विलन बन चुकी सरकार कहीं जन लोकपाल को (अपने मनमुताबिक कुछ हेर-फेर के साथ) लागू करके अपने अगले कार्यकाल के लिए आधार न बना ले।
बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री के पद के लिए सीधे वोटिंग की भी मांग की है। व्यक्तिपूजकों के इस देश में किसी एक व्यक्ति पर श्रद्धा दिखाते हुए उसे भारी वोटों से पीएम चुन लिया जाना कोई बड़ी बात नहीं होगी लेकिन हास्यास्पद स्थिति तब पैदा होगी जब वह पीएम तो होगा लेकिन सरकार में कोई दूसरी पार्टी होगी। ऐसा पीएम आज के पीएम से ज्यादा लाचार होगा।
बाबा की एक मांग है कि भ्रष्टाचारियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान हो। जब रेयरेस्ट ऑफ रेयर क्राइम पर भी फांसी का कई जगह से विरोध हो रहा हो तो वित्तीय अपराध के लिए भारत में मौत की सजा लगभग नामुमकिन दिखती है। बाबा की एक मांग बड़े नोटों पर बैन लगाने की है। इससे भ्रष्टाचार पर क्या फर्क पड़ेगा? क्या भ्रष्टाचारी छोटे नोट नहीं लेंगे या छोटे नोट होने से भ्रष्टाचार कुछ कम होगा? पता नहीं, लेकिन बड़े नोटों के न होने से भी कई दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। बाबा रामदेव की एक और मांग है भारतीयों द्वारा विदेशों में जमा काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित किया जाए। मैं नहीं जानता कि इसे करने से क्या होगा क्योंकि राष्ट्रीय घोषित कर दी गई चीजों के लिए गंभीरता केवल स्कूलों की किताबों में दिखती है।
दरअसल यह देश हर वक्त किसी चमत्कार के लिए प्रतीक्षारत दिखता है। हर बार संसद और विधानसभाओं में पहले से ज्यादा अपराधी पहुंचते हैं लेकिन हम सुधार करने के लिए किसी दूसरे का मुंह ताकते रहते हैं।
दिक्कत इस देश की व्यवस्था में है। इसे राजनीति के जरिए ही बदला जा सकता है। बाबा रामदेव ने इन नेक काम के लिए अपनी राजनीतिक पार्टी 'भारत स्वाभिमान पार्टीÓ बनाई है। अगले लोकसभा चुनावों में इस पार्टी से उम्मीदवारों के मैदान में उतरने की भी संभावना है। बाबा रामदेव की जो लोकप्रियता है और भ्रष्टाचार पर जो भीड़ उनके साथ दिखाई दे रही है, उसके मुकाबले इस पार्टी के उम्मीदवारों का चुनावी मैदान में प्रदर्शन बेहद नगण्य रहने की संभावना है। यहां पर चुनावी सिस्टम हर चीज से अलग है। नेता से लेकर जनता तक। धन और बाहुबल बाहुल्य चुनावों में बाबा कैसे उम्मीदवार खड़े करेंगे? क्या वे उम्मीदवार बिना ज्यादा पैसा खर्च किए, जो कि निश्चित ही ईमानदारी से कमाया नहीं गया होगा, चुनाव जीत सकेंगे। या क्या भ्रष्टाचार पर बाबा-अन्ना के साथ खड़ी जनता जाति-धर्म आदि से अलग आधार पर अपने वोटों को तय कर सकेगी?
खैर यह सब बातें तो बाद में साफ हो पाएंगी, तब तक इंतजार करते हैं, शायद कोई चमत्कार हो ही जाए!

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