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शुक्रवार, 24 जून 2011

कर्मचारियों की लापरवाही से सड़ रहे पेड़

डबवाली (यंग फ्लेम) वन विभाग केे अधिकारियों की लापरवाही हर रोज कहीं न कहीं देखने सुनने को मिलती है, परंतु उसके बाद भी उच्चाधिकारियों द्वारा कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती। बीते कई दिनों पूर्व आई आंधी के कारण सड़कों पर पेड़ गिर गए थे, परंतु विभाग के अधिकारियों द्वारा गिरे हुए पेड़ सही जगह पर ले जाने की बजाए बड़े-बड़े पेड़ों को सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया। उल्लैखनीय है कि इस तुफान में अकेले डबवाली उपमंडल में सड़क किनारे लगे वन विभाग के करीब 300 से भी अधिक पेड़ जड़ से उखड़ गए है व सैकड़ों पेड़ों की टहनियां टूटकर दूर जा गिरी। प्रकृति की आपदा के कारण उत्पन्न समस्या पर जनता ही दो चार होती रही जबकि विभाग का लाव लश्कर चादर ताने चैन की नींद ले रहा था। इस मौके का फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने खुब लकड़ी का अंबार इक्_ा कर लिया अब जब इस प्राकृतिक विपदा को बीते करीब एक माह होने का है, परंतु वन विभाग के साहब बाबुओं ने क्षेत्र का दौरा कर इन बचे कुचे पेड़ों की सुध लेकर कोरे कागज को काला ही किया है लेकिन इसके विपरित आज भी सैकड़ों वृक्ष लावारीश हालत में बिखरे पड़े हैं। जिनके बारे में ऐसी कमरों में बैठे बाबू लोगों को इन पेड़ों के बारे में सुध लेने तक का समय नहीं है। उल्लेखनीय है कि कुछ वर्ष पूर्व भी आए इसी तरह के अंधेड में इसी तरह प्राकृति को काफी नुकसान सहना पड़ा था और सैंकड़ों वृक्ष टूटकर सड़कों पर आ गए थे। वर्षों पूर्व टूटे हुए वृक्ष व टहनियां आज भी गांव डबवाली में स्थित एक धार्मिक सत्संग घर व गांव गोरीवाला से कुछ ही दूूरी पर बनेे र्इंट भट्टे के पास पड़े हैं, जिन्हें दीमक खा रही है। जब इस बाबत विभाग के फोरेस्टगार्ड अशोक कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इन वृक्षों की लिस्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है व जल्द ही इनकी बोली करवा दी जाएगी। जब उनसे यह पूछा गया कि उसमें से तो गिनती की ही लकड़ी बची है तो उन्होंने कहा कि ऐसी नहीं है वह लकडिय़ां सुरक्षित है। जबकि वह लकडिय़ा सड़क किनारे पड़ी हुई विभाग की इस सच्चाई की पोल खोल रही है। सैंकड़ों पेड़ों को लोग अपने घर उठाकर ले गए लेकिन सोचने वाली बात यह है कि अगर इसी तरह से वन विभाग द्वारा लापरवाही चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब हमें सड़क किनारे लगे पेड़ गायब मिलेंगे। इस बात से सहज ही अंदाजा लगाया जा रहा है कि वन महकमे के कर्मचारी कितनी सर्तकता बरतते हैं। खास बात तो यह है कि डबवाली-ऐलनाबाद रोड़ पर इतने सुखे पेड़ पड़े हैं कि जिन की तरफ विभाग का कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है और लकड़ी चोरों की पूरी निगाह रहती है। वहीं सड़क किनारे वन विभाग द्वारा छोड़े गए पेड़ों की जगह का जब संवाददाता ने यहां का दौरा किया तो पाया कि कुछ अज्ञात लोग अपने टै्रक्टर व ट्रालियों के जरिए लकड़ी ले जा रहेे थे, उन लोगों से पूछा गया कि आप यह लकड़ी क्योंंंंं उठा रहे हो तो उन्होंने कहा कि यह लकड़ी तो सरकारी है कौन पूछता है। वैसे पहले भी कई बार क्षेत्र में लकड़ी चोरी की घटनाएं हो चुकी है, लेकिन फिर भी वन विभाग उनसे सबक नहीं ले रहा है। वन महकमे के कर्मचारी कई बार तो वन माफियाओं पर कार्यवाही करने केे बजाए पेड़ चोरी की सूचना देने वालों पर ही अपनी रौब जमाने बैठ जाते हैं, जिससे लगता है कि ये कर्र्र्मचारी वन माफियाओं सेे मिले हुए हंै और पेड़ चुराने देने की ऐवज में मोटी रकम खाते हैं। गार्ड राजवीर से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि जगह न होने के कारण यहां सड़क किनारे रखने की बजाए पेड़ों को ओर कहां रखें।
जब विभाग के रेंज ऑफिसर चरणजीत सिंह से बात कि गई तो उन्होंने कहा कि इस अंधड से करीब 300 पेडों को नुकसान हुआ है व उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अंधड से जो वृक्ष टूटे थे व लोगों द्वारा जो उठा लिए गए है उन्हें विभाग द्वारा एकत्रित किया जा रहा है और अगर किसी व्यक्ति ने इन पेडों को लौटाने में मनाही की तो उस पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।



सर्कल स्तर पर निपटाए जाएंगे इंतकाल संंबधित मामले

डबवाली (यंग फ्लेम) जिला में गिरदावरी व इंतकाल के मामले निपटाने के लिए प्रत्येक सर्कल क्षेत्र में महीने में दो बार लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। यह निर्देश उपायुक्त युद्धवीर सिंह ख्यालिया ने आज सभी राजस्व अधिकारियों को दिए और कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से सभी राजस्व अधिकारी सुनिश्चित करें कि म्युटेशन और रजिस्ट्ररी से संबंधित मामले लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि सभी सर्कल राजस्व अधिकारी लोक अदालतों में गिरदावरी और इंतकाल से संबंधित आने वाले मामलों का मौके पर ही निपटारा करेंगे। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें बड़े-बड़े गांवों में आयोजित की जाएंगी जिनमें आसपास के क्षेत्र के एक-एक दर्जन गांवों के लोगों के गिरदावरी इंतकाल से संबंधित मामले निपटाए जाएंगे। उपायुक्त ने जिला के सभी राजस्व अधिकारियों तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित क्षेत्रों में बाढ़ बचाव कार्यों के पुख्ता प्रंबंधों को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन भी क्षेत्रों में घग्घर नदी में किसानों ने सिंचाई के लिए पाइप दबाई हुई है वे पाइप सिंचाई विभाग द्वारा किए गए डिजाइन के अनुसार ही दबी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाइप के आसपास दीवार बनाया जाना आवश्यक है ताकि घग्घर में पानी आने पर ये पाइपें किसी प्रकार से लीकेज न हो। यदि कोई किसान विभाग द्वारा डिजाइन के अनुसार पाइप नहीं दबाते तो उनकी पाइपें उखड़वाकर बंद कर दें। इसके साथ-साथ उन्होंने उक्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके क्षेत्रों से संबंधित क्षेत्रों में सभी पाइप डिजाइन के अनुसार दबाई जानी चाहिए और बाढ़ बचाव के प्रंबंध भी पुख्ता हो। इस बारे में सभी राजस्व अधिकारी प्रमाण पत्र भी जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि बाढ़ बचाव कार्यों में कोताही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यावाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों से कहा कि जो भी गांवों पंचायती जमीन पर बसे हुए हैं या पंचायती भूमि पर रिहायशी मकान बने हुए हैं। राज्य सरकार के नियमानुसार ऐसी भूमि की कीमत वसूले जिससे राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ौतरी भी होगी और इस प्रकार के मामले नियमित भी हो पाएंगे।

पेंशन न मिलने से बुजुर्र्ग परेशान

डबवाली (यंग फ्लेम) बुजुर्गों को किसी तरह की परेशानी ना हो इस लिए सरकार द्वारा समय-समय पर उनके लिए अनेक योजनाएं चलाई जाती है, जिसमें बुढ़ापा पेंशन, विधवा, विकलांग सहित अनेक योजनाएं शामिल होती है। लेकिन कई गांवों के लोगों को तो इन योजनाओं का भरपूर फायदा होता है, परंतु कुछ गांवों के लोगों को तीन-चार महिनों तक भी पेंशन नसीब नहीं होती।
बिज्जूवाली सहित क्षेत्र के गांव रिसालिया खेड़ा, बनवाला, गोदिकां, अहमदपुर दारेवाला सहित अनेक दर्जनों गांवों के ग्रामीण बुजुर्गों को पिछले तीन महीने से पेंशन न मिलने के कारण बुजुर्गों को भारी परेशानियों उठानी पड़ रही है। जिन बुजुगों के पास आय का कोई दुसरा साधन है उनका तो काम चल जाता है, लेकिन जिनका घर ही इस पेंशन से चलता है उनका क्या ? बुजुर्गों ने बताया कि फरवरी माह के बाद उन्हें पेंशन नहीं मिली जिसके कारण उनकी मुश्किलें ओर ज्यादा बढ़ गई। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें समय पर पेंशन मिल जाती थी, लेकिन जब से हरियाणा सरकार ने बैंक के जरिए पेंशन देने का काम शुरू किया है, तब से लेकर आज तक उन्हें पेंशन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है तथा अपने घरों का खर्चा चलाने के लिए दिहाड़ी-मजदूरी करनी पड़ रही है, लेकिन अब उनका शरीर मजदूरी करने योग्य नहीं रहा है, ऊपर से ये भीष्ण गर्मी फिर भी मजबूरी में उनको मजदूरी करनी पड़ रही है। क्षेत्र के बुजुर्गों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द उनकी समस्या का सामाधान किया जाए नहीं तो उन्हें जिला कार्यालयों पर धरना-प्रदर्र्शन करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बारे में पेंशन वितरण कंपनी व एक्सिस बैंक के मैनेजर जानकारी देंगे। जब पेंशन वितरण कंपनी कार्यालय में बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस महिने की 25 तारीख तक पेंशन दे दी जाएगी। वहीं जब एक्सिस बैंक के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि किन्ही कारणों से पेंशन समय पर न आ सकी लेकिन जून माह के आखिर तक सब लोगों को पेंशन मुहैया करवाई जाएगी।

बुधवार, 22 जून 2011

Couple from Vancouver riot photo revealed

Video footage has emerged showing what really happened to the infamous 'kissing couple' during last week's Vancouver riots.
The couple, identified as Australian Scott Jones, 29, and Canadian-born Alexandra Thomas, became an instant Web hit after Getty photographer Rich Lam snapped a photo of them caught up in a moment of passion as tensions flared between hockey fans.
However, the affectionate pair, who have been dating for six months, dismissed claims that the kissing in the photograph was staged as they broke their silence on the night’s dramatic events.
The couple had been drinking at a bar downtown when the atmosphere in the streets of Vancouver turned nasty.
Moments before the iconic snap was taken, Mr Jones was simply trying to calm down his injured girlfriend after they were hit by police as they tried to escape the violent clashes.”

In the video clip, riot police can be seen hitting the couple with their shields. After the incident, Miss Thomas appears distressed and lies on the ground as she is comforted by her concerned boyfriend.
Speaking with NBC’s ‘Today’ show, bartender Mr Jones said: “I was just trying to calm her down. It was pretty scary for her, and it seemed like the best thing to do.”

“I would call myself a tourist. It was Game 7, Stanley Cup finals, so something was going to happen whether we won or lost — something big. I just wanted to bear witness to what was going on. I never felt in danger while we were down there until the riot police came along.”
Environmental engineering graduate Alex added: “It happened so fast. I never expected it to turn into that situation so quickly.

मंगलवार, 21 जून 2011

नशे में धुत्त होकर पहुंचा बीपीएल सर्वे करने वार्ड 14 के निवासियों ने जमकर की धुनाई

नौकरी से किया बर्खास्त, भेजा जेल
डबवाली,- में बीपीएल सर्वे में जुटी साक्षरता मिशन टीम के नशे में धुत कर्मचारी के कारण वार्ड 14 में बवाल खड़ा हो गया। लाल परी के नशे चूर बदतमीज हुए उक्त कर्मचारी की जनता ने तो अच्छी खातिरदारी की ही, उसे हवालात के दर्शन भी हो गये और नौकरी से तो हाथ धोना ही पड़ा पुलिस और नगर पार्षद से माफी मांग कर पीछा छुड़वाया। शहर में बीपीएल के सर्वे का कार्यभार साक्षरता मिशन को सौंपा हुआ है। 17 जून से जारी इस सर्वे में मिशन के सचिव सुखविंद्र सिंह ने पांच कर्मचारियों सर्वे के दौरान फोटोग्राफी का कार्य सौंपा हुआ था। आज इसी कार्यक्रम में वार्ड 11, 12, 13, 14 व 15 का सर्वे किया जाना था। वार्ड 14 में सर्वे और फोटोग्राफी का कार्य कर रहे दारा सिंह वहां नशे में धुत्त होकर पहुंच गए और पहले मीना बाजार में निरंजन सचदेवा के घर पर बदतमीजी करने लगे। इसी दौरान राशन डिपो संचालक जसवंत सिंह वहां पहुंचे और समझा बुझा कर मामला शांत करवा वहां से नगर पार्षद विनोद बांसल के घर के पास ले आया। शराब के नशे में धुत दारा सिंह पार्षद की गैर मौजूदगी में उसके घर में घुसा और आंगन में कई चक्कर लगा कर बैठक में पड़े सोफे पर लेट गया। सूचना मिलने पर नगर पार्षद घर पर पहुंचे और वहां उपस्थित लोगों ने उसकी जमकर धुनाई की और उसे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी के पास ले गए। इसके बाद दारा सिंह को थाना शहर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं मामले की सूचना मिलने पर साक्षरता मिशन के सचिव सुखविंद्र सिंह पहुंच गए। उन्होंने बताया कि दारा सिंह को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया है।सुखविंद्र सिंह के बीच बचाव के उपरांत दारा सिंह ने पुलिस और नगर पार्षद से माफी मांग कर इस विवाद से अपना पीछा छुडवाया।

ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਵਲੋਂ ਆਧੁਨਿਕ ਪਸ਼ੂ ਮੰਡੀ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ ,मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह ने पशुमेला मैदान का उदघाटन किया

ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ 1.5 ਕਰੋੜ ਦੀਆਂ ਗਾਂਟਾਂ ਵੰਡੀਆਂ ਸਵਰਗੀ ਬੀਬੀ ਸੁਰਿੰਦਰ ਕੌਰ ਬਾਦਲ ਜੀ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿਚ ਲਾਈਬ੍ਰੇਰੀ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ
ਮੰਡੀ ਕਿਲਿਆਂ ਵਾਲੀ
ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਵਿਚ ਪਸ਼ੂ ਵਪਾਰ ਲਈ ਬੇਹਤਰ ਸਹੁਲਤਾਂ ਪ੍ਰਦਾਨ ਕਰਨ ਲਈ ਪਸ਼ੂ ਮੰਡੀਆਂ ਦੇ ਬੁਨਿਆਦੀ ਢਾਂਚੇ ਦੀ ਉਸਾਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਇੰਨ•ਾਂ ਪਸ਼ੂ ਮੰਡੀਆਂ ਦਾ ਆਧੁਨਿਕੀਕਰਨ ਕਰਨ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਰਾਜ ਵਿਚ ਵਧੀਆਂ ਨਸਲਾਂ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪੈਦਾ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਵਪਾਰ ਵਿਚ ਚੋਖਾ ਵਾਧਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਕਾਂ ਦੀ ਆਰਥਿਕ ਸਥਿਤੀ ਨੂੰ ਬੇਹਤਰ ਸੁਧਾਰਿਆ ਜਾ ਸਕੇ
ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸ: ਪਰਕਾਸ਼ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਅੱਜ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਦੇ ਕਸਬਾ ਕਿਲਿਆਂ ਵਾਲੀ ਵਿਖੇ 759.05 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਉਸਾਰੀ ਗਈ ਆਧੁਨਿਕ ਪਸ਼ੂ ਮੰਡੀ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ ਕਰਨ ਉਪਰੰਤ ਦਿੱਤੀ। ਉਨ•ਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਲ 2010 ਵਿਚ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਪਸ਼ੂ ਮੇਲਾ ਮੈਦਾਨਾਂ ਦਾ ਆਧੁਨਿਕੀਕਰਨ ਕਰਨ ਦਾ ਫੈਸਲਾ ਲਿਆ ਗਿਆ ਸੀ ਜਿਸ ਵਿਚ ਕਿਲਿਆਂ ਵਾਲੀ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ, ਵੱਲਾ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਸ੍ਰੀ ਅਮ੍ਰਿੰਤਸਰ ਸਾਹਿਬ, ਨਬੀਪੁਰ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਸ੍ਰੀ ਫਤਿਹਗੜ• ਸਾਹਿਬ ਅਤੇ ਸੁਭਾਨ ਪੁਰ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਕਪੂਰਥਲਾ ਸਾਮਿਲ ਸਨ ਜ਼ਿਨ•ਾਂ ਵਿਚੋਂ ਪਹਿਲੇ ਪੜਾਅ ਅਧੀਨ ਕਸਬਾ ਕਿਲਿਆਂ ਵਾਲੀ ਦਾ ਪਸ਼ੂ ਮੇਲਾ ਮੈਦਾਨ ਮੁੰਕਮਲ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪੜਾਅ ਵਿਚ ਧਨੌਲਾ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਬਰਨਾਲਾ, ਨਾਭਾ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਪਟਿਆਲਾ, ਜਗਰਾਂਓ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਲੁਧਿਆਣਾ ਅਤੇ ਕੁਰਾਲੀ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਸਾਹਿਬਜਾਦਾ ਅਜੀਤ ਸਿੰਘ ਨਗਰ ਰੱਖੇ ਗਏ ਹਨ। ਉਨ•ਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਲਿਆਂ ਵਾਲੀ ਵਿਖੇ ਉਸਾਰਿਆ ਗਿਆ ਪਸ਼ੂ ਮੇਲਾ ਮੈਦਾਨ ਉੱਤਰ ਭਾਰਤ ਦਾ ਪਹਿਲਾਂ ਪਸੂ ਮੇਲਾ ਮੈਦਾਨ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਅਤਿ ਆਧੁਨਿਕ ਸਹੁਲਤਾਂ ਮੁਹਈਆਂ ਕਰਵਾਈਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ।
ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਅੱਗੇ ਦਸਿਆ ਕਿ ਰਾਜ ਵਿਚ ਡੇਅਰੀ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਧੰਦੇ ਨੂੰ ਉਤਸਾਹਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤਿੰਨ ਡੇਅਰੀ ਸਿਖਲਾਈ ਕੇਂਦਰ ਵੇਰਕਾ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਅਮ੍ਰਿੰਤਸਰ, ਗਿੱਲ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਮੋਗਾ ਅਤੇ ਅਬੁਲ ਖੁਰਾਣਾ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤਲਵਾੜਾ ਅਤੇ ਕਾਲਝਰਾਨੀ ਵਿਖੇ ਪਸ਼ੂ ਧਨ ਲਈ ਦੋ ਖੇਤਰੀ ਖੋਜ ਕੇਂਦਰ ਵੀ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਉਨ•ਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਰਾਜ ਵਿਚ 19 ਵੈਟਰਨਰੀ ਹਸਪਤਾਲਾਂ ਦੀਆਂ ਇਮਾਰਤਾਂ ਦੀ ਉਸਾਰੀ ਮੁੰਕਮਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਅਤੇ 9 ਵੈਟਰਨਰੀ ਪੋਲੀਕਲੀਨਕ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਪੱਧਰ ਤੇ ਖੋਲੇ ਗਏ ਹਨ। ਉਨ•ਾਂ ਇਹ ਵੀ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦਾ ਆਰਥਿਕ ਪੱਧਰ ਉੱਚਾ ਚੁੱਕਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਮਦਦ ਨਾਲ 4000 ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮ ਖੋਲੇ ਗਏ ਹਨ ਅਤੇ 8 ਹੋਰ ਵੈਟਰਨਰੀ ਕਾਲਜਾਂ ਨੂੰ ਖੋਲਣ ਦੀ ਮੰਜੂਰੀ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਹੁਣ ਤੱਕ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਨੇ 25 ਪਸ਼ੂ ਧਨ ਮੇਲੇ ਆਯੋਜਿਤ ਕੀਤੇ ਹਨ। ਇਸ ਤੋਂ ਉਪਰੰਤ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਕਾਲਜ ਆਫ ਮੈਨੇਜਮੈਂਟ ਅਤੇ ਟੈਕਨੋਲਾਜੀ ਕਿਲਿਆਂ ਵਾਲੀ ਵਿਖੇ ਸਵਰਗੀ ਬੀਬੀ ਸੁਰਿੰਦਰ ਕੌਰ ਬਾਦਲ ਜੀ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿਚ ਉਸਾਰੀ ਗਈ ਲਾਈਬ੍ਰੇਰੀ ਦਾ ਉਦਘਾਟਨ ਵੀ ਕੀਤਾ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਪ੍ਰੈਸ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਦੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੰਦਿਆਂ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਚੋਣਾਂ ਕਦੋਂ ਕਰਵਾਉਣੀਆਂ ਹਨ ਇਹ ਫੈਸਲਾ ਭਾਰਤ ਦੇ ਚੋਣ ਕਮਿਸ਼ਨ ਨੇ ਕਰਨਾ ਹੈ। ਅਸੀਂ ਹਰ ਸਮੇਂ ਚੋਣਾਂ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹਾਂ ਭਾਵੇਂ ਉਹ ਮਿੱਥੇ ਸਮੇਂ ਤੇ ਕਰਵਾਉਣ ਜਾ ਇਸ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ।
ਲੰਬੀ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਹਲਕੇ ਦੇ ਪਿੰਡਾਂ ਵਿਚ ਆਯੋਜਿਤ ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਦੇ ਤਹਿਤ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਭਾਰੀ ਇੱਕਠਾਂ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਦੇਸ਼ ਵਿਚ ਗਰੀਬੀ, ਅਨਪੜ•ਤਾ ਅਤੇ ਬੇਰੁਜਗਾਰੀ ਲਈ ਕੇਂਦਰ ਦੀਆਂ ਕਾਂਗਰਸ ਸਰਕਾਰਾਂ ਜਿੰਮੇਵਾਰ ਹਨ ਜਿੰਨ•ਾਂ ਨੇ ਅਜੇ ਤੱਕ ਕੋਈ ਵੀ ਸਾਰਥਿਕ ਨੀਤੀਆਂ ਨਹੀਂ ਬਣਾਈਆਂ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇੰਨ•ਾਂ ਅਲਾਮਤਾਂ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਪਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ। ਉਨ•ਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਹੁਲਤ ਲਈ ਸੁਰੂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ ਜਿਸ ਨਾਲ 'ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਦੁਆਰ' ਦੇ ਮਨਸ਼ੇ ਨਾਲ ਰਾਜ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਮੌਕੇ ਤੇ ਹੀ ਉਨ•ਾਂ ਦੀਆਂ ਸਮਸਿਆਵਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪਿੰਡਾਂ ਅਤੇ ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਵਿਕਾਸ ਗ੍ਰਾਂਟਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ। ਅੱਜ ਦੇ ਸੰਗਤ ਦਰਸ਼ਨ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਤਹਿਤ ਪਿੰਡ ਮਾਨ ਨੂੰ 3.05 ਲੱਖ, ਪਿੰਡ ਗੱਗੜ ਨੂੰ 8.40 ਲੱਖ, ਮਿਠੜੀ ਬੁੱਧ ਗਿਰ ਨੂੰ 13.50 ਲੱਖ, ਸਿੰਘੇ ਵਾਲਾ ਨੂੰ 6 ਲੱਖ, ਢਾਣੀ ਸਿੰਘੇ ਵਾਲਾ ਨੂੰ 18 ਲੱਖ, ਫਤੂਹੀਵਾਲਾ ਨੂੰ 23.20 ਲੱਖ, ਵੜਿੰਗ ਖੇੜਾ ਨੂੰ 30.70 ਲੱਖ, ਪਿੰਡ ਕਿਲਿਆਂ ਵਾਲੀ ਨੂੰ 13.60 ਲੱਖ ਅਤੇ ਮੰਡੀ ਕਿਲਿਆਂ ਵਾਲੀ ਨੂੰ 33.90 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਗ੍ਰਾਂਟ ਸਮੇਤ ਕੁੱਲ 1 ਕਰੋੜ 50 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀਆਂ ਗਾਂਟਾਂ ਵੰਡੀਆਂ।
ਹੋਰਨਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਮੌਕੇ ਮੇਜ਼ਰ ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਢਿਲੋਂ, ਸ: ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਬਰਕੰਦੀ ਜ਼ਿਲ•ਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸ੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ, ਸ: ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਬੰਨਵਾਲਾ, ਹਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਭਿਟੀਵਾਲਾ ਚੇਅਰਮੈਨ, ਅਕਾਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਪ੍ਰਧਾਨ ਐਸ.ਓ.ਆਈ. ਜਸਪਾਲ ਸਿੰਘ ਸਰਪੰਚ, ਸ੍ਰੀ ਕੇ.ਜੀ. ਐਸ. ਚੀਮਾ ਵਿਸ਼ੇਸ ਪਿੰ੍ਰਸੀਪਲ ਸਕੱਤਰ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਪੰਜਾਬ, ਸ੍ਰੀ ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਸਿੰਘ ਥਿੰਦ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ, ਸ੍ਰੀ ਅਮਿਤ ਢਾਕਾ ਐਡੀਸ਼ਨਲ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ (ਵਿਕਾਸ), ਸ੍ਰੀ ਇੰਦਰ ਮੋਹਨ ਸਿੰਘ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਸ੍ਰੀ ਮੁਕਤਸਰ ਸਾਹਿਬ, ਸ੍ਰੀ ਭੁਪਿੰਦਰ ਮੋਹਨ ਸਿੰਘ ਸਹਾਇਕ ਕਮਿਸ਼ਨਰ, ਦਲਵਿੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ., ਸ੍ਰੀ ਐਚ. ਐਸ. ਸਰਾਂ ਡੀ.ਡੀ.ਪੀ.ਓ. ਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਸਿੰਘ ਨਿਗਰਾਨ ਇੰਜਨੀਅਰ ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ, ਸ੍ਰੀ ਪ੍ਰਵੀਨ ਗਾਂਧੀ ਕਾਰਜਕਾਰੀ ਇੰਜਨੀਅਰ ਪੰਚਾਇਤੀ ਰਾਜ ਵੀ ਹਾਜਰ ਸਨ।


मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह ने पशुमेला मैदान का उदघाटन किया

डबवाली-पंजाब राज्य में पशु व्यपारियों को बेहतर सुविधाए प्रदान करने के लिए पशु मंडियो को विस्तार किया जा रहा है इसी कडी में आज किलियावाली मंडी में 759.5 लाख रूपऐ की लागत से बने पशुमेला मैदान का उदघाटन पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह ने अपने करकमलों द्वारा किया। उदघाटन उपरान्त श्री बादल ने कहा कि किलियावाली मंडी में विस्तार किया गया पशुमेला मैदान उत्तर भारत का पहला पशुमेला मैदान है जिसमें सभी आधुनिक सुविधाऐं मुहइया करवाई गई है। मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि राज्य में पशुपालन को बढावा देने के लिए तीन डेयरी सिखलाई कैन््रद्र अमृतसर, मौगा व मुक्तसर जिला में स्थापित किऐ गऐ है इसके इलावा तलवाडा व कालझरानी में पशुधन के लिए खेतरीखोज कै न्द्र भी स्थापित किया है उन्होने कहा कि प्रेदश में 19 वेटनरी अस्पताल की इमारतो की उसारी कार्य किया गया है तथा 9 वेटनरी जिला पोलिकलिनक खोले गऐ है उन्होने कहा कि किसानो की आर्थिक स्थिति को ऊंचा उठाने के लिए सरकारी सहायता से चार हजार डेयरी फार्म खोले गऐ है तथा आठ नऐ वेटनरी कालेंज खोलने की मजुरी दी गई है। मुख्यमंत्री बादल ने बताया कि पंजाब सरकार की और से अब तक 25 पशुधन मेले आयोजित किऐ गऐ है इस बवसर पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने किलियावाली मंडी में स्थिति गुरूनानक कालेंज आँफ मेनेजमैंट एव टेेकनोलजी द्वारा स्थापित स्वर्गीय बीबी सुरेन्द्र कौर की याद में लाईबरेरी का उदघाटन किया। इस अवसर पर मेजर भुपेन्द्र ढिल्लो,मनजीत बरकंदी,अवतार सिंह बनवाला , हरमीत सिंह भिटीवाला,अकाश दीप सिंह,जसपाल सिंह सरपंच,के.जी.एस.चीमा,अर्शदीप सिंह थिंद,वेद प्रकाश जिंदल,अरूण जिंदल, नीरज जिंदल,प्रिसीपल इन्दिरा अरोड़ा वअन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे

शनिवार, 18 जून 2011

अब तो हत्यारों की सरकार बन गई है कांग्रेस:अभय सिंह

डबवाली (यंग फ्लेम)पहले कांग्रेस पार्टी की सरकार लुटेरों की सरकार होती थी मगर अब तो लूट के साथ-साथ हत्यारों की सरकार बन गई है। सरकार के मंत्री खुद हत्याएं करवा रहे हैं। ऐसे में आम आदमी का क्या होगा, यह सोचने की बात है। यह बात ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने गांव बाजेकां में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कही। अपने जनजागरण अभियान के तहत वे गांव बाजेकां में पहुंचे थे। अभय सिंह ने करनाल जिले में पूर्व सरपंच कर्म सिंह की हत्या के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार के दो मंत्रियों ने नौकरी लगाने के नाम पर लाखों रुपयों की रिश्वत ली और नौकरी भी नहीं लगाई। जब कर्म सिंह ने रिश्वत के पैसे वापस मांगे तो उसकी हत्या करवा दी। रिश्वत के गवाह की भी हत्या करवा दी। इससे साबित होता है कि पहले कांग्रेस सरकार लोगों को लूटने का काम करती थी मगर अब लूट के साथ-साथ हत्या भी करवाने लगी है। अब आम आदमी कांग्रेस शासन में चैन की नींद नहीं सो सकता। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल है। किसानों की जमीन सस्ते रेट पर खरीदकर सरकार प्रॉपर्टी डीलर्स को महंगे दामों बेचकर मुनाफा कमा रही है। हर तरफ भ्रष्टाचार का आलम है। अधिकारी भी बिना रिश्वत के काम नहीं करते हैं। सिरसा जिले में कानून व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि जिले में अपराध दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। लोग पुलिस थाने में शिकायत लेकर जाते हैं तो थानेदार सुनवाई नहीं करते हैं। एसपी पर निशाना साधते हुए अभय सिंह ने कहा कि जिले में बिगड़ रही कानून व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार है। पुलिस के बड़े अधिकारी रिश्वत खा रहे हैं तथा थानेदार बड़े अधिकारियों के एजेंट बने हुए हैं। महंगाई से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। कुछ दिन पहले पेट्रोल के दाम पांच रुपये तक बढ़ा दिए थे और अब होम लोन भी महंगा कर दिया है। अभय सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि उक्त सभी समस्याओं का एक ही समाधान है, और वह है इनेलो का शासन। जब प्रदेश में इनेलो की सरकार बनेगी और चौधरी ओमप्रकाश चौटाला मुख्यमंत्री बनेंगे तो फिर कोई समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में चल रही गुटबाजी से लगता है कि जल्द ही उपचुनाव होंगे तथा इनेलो की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि 11 जून को सिरसा बंद करके जिले के लोगों ने अपना गुस्सा दिखाया था। वे बंद के लिए लोगों का धन्यवाद करने तथा कांग्रेस की नाकामियों को बताने के लिए ही ग्रामीणों के बीच जा रहे हैं। गांव साहुवाला में राकेश चाहर रविंद्र चाहर के आवास पर उन्होंने जलपान किया। उन्होंने आज गांव केलनियां, रामनगरिया, सलारपुर, खाजाखेड़ा, कंगनपुर, बाजेकां, अलीमोहम्द, चांडीवाल, साहूवाला-2, ताजियाखेड़ा, शेरापुरा, कैरांवाली, नारायणखेड़ा, गदली, डिंग, मोचीवाली, कुक्कड़थाना, जोधकां, कुसुम्बी, कंवरपुरा, फूलकां सहित अन्य गांवों का दौरा किया। उनके साथ इनेलो जिलाध्यक्ष पदम जैन, अमीर चावला, डॉ. सीताराम, कृष्ण कंबोज, जिला प्रेस प्रवक्ता कृष्ण गुंबर, जसबीर सिंह जस्सा, सुरेश कुक्कू, बंसी सचदेवा, लीलाधर सैनी, कृष्णा फौगाट,विनोद बेनीवाल, सीताराम बटनवाला, महावी शर्मा, हरि सिंह भारी, मीनूदीन पहलवान, प्रदीप मेहता, मनोहर मेहता, कृष्ण मेहता, रमेश मेहता, बाजेकां की सरपंच भगवंती देवी, पूर्व सरपंच जगीर सिंह, जीत सिंह सहित अन्य मौजूद थे।

इस रंग बदलती दुनिया में स्वामी रामदेव !

सयाने कह गये हैं- इस दुनिया में कुछ भी स्थाई नहीं,सब कच्चा है। सिर्फ वही 'एक' सच्चा है। फिर भी लोग नहीं मानते। बहुत से साधु-संत भी नहीं मानते, हमेशा आजमाने की कोशिश में लगे रहते हैं। किसी ने कह दिया कि आग में हाथ ड़ालने से जल जाता है तो क्या जरुरी है कि हाथ ड़ालकर देख ही लिया जाय? लेकिन बहुत से लोगों का दिल है कि मानता ही नहीं।
ज्ञानी लोग बताते हैं कि भगवा एक ऐसा रंग है जिसके बाद इस असार-संसार में फिर किसी और रंग की जरुरत ही नहीं रह जाती। भगवा, ज्वाला का प्रतीक है। उसको धारण करने का मतलब ही है कि आपने सांसारिक कमजोरियों, लिप्साओं और वासनाओं को संयम की आग में जलाकर नष्ट कर दिया है और जो कोई भी संसारी व्यक्ति आपके सानिध्य में रहेगा, आपसे दीक्षित होगा, उसका भी व्यामोह नष्ट हो जाएगा। पर, देखने में आता है कि प्राय: ऐसा होता नहीं। यह देव दुलर्भ है। मतलब देवता भी इससे विचलित होते रहे हैं। नारद-वारद को तो प्राय: ही ऐसी विचलन होती रहती थी। तो इसमें बाबा रामदेव का क्या दोष?
उपर जिन सयाने लोगों ने यह बताया है कि कुछ भी स्थायी नहीं, साजिशन उन्होंने यह नहीं बताया कि कम से कम कितनी देर तक यह टिकाऊ रहेगा, वरना बाबा धोखा न खाते। अब महाजनों की कही कोई बात 48 घंटा भी न टिके तो धोखा खाने के अलावा और हो ही क्या सकता है? देखने वाले दंग रह गये कि इस दौरान कितनी तेजी से रंग बदले! जिस बाबा का हवाई अड्डे पर रेड कार्पेट मार्का वेलकम किया गया, 5 स्टार होटल में आवभगत की गई उसी बाबा को 24 घंटे भी न बीतने पाये कि उन्हीं लोगों द्वारा यह सलूक! बाबा ने अपनी आदत के अनुसार सरकार से एडवांस में कोई गोपनीय सौदा कर ही लिया था तो काँग्रेस की पल्टी देखिए कि अखबारवालों के सामने उस चिठ्ठी को ही आऊट कर दिया!
बाबा भी कम नहीं। तप करने के लिए पुलिस से मोहलत ली थी लेकिन वहॉ जाने क्या-क्या करने लगे। कॉग्रेस अलग हैरान! उसकी किस्मत आजकल ऐसी ही चल रही है। अन्ना की काट के लिए जिसे मोहरा बनाती है वो रामदेव बन जाता है और जिसे लाट साहबी करने के लिए भेजती है, वो कामदेव बन जाता है! कॉग्रेस कब तक लाल-पीला स्वागत करती फोकट में। उसने बाबा से काबू में रहने को कहा तो बाबा के चेले कहने लगे कि बाबा तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं। चेले क्या जाने बाबा की लीला कि बाबा की 8 फुट की म्यान महज दिखावे की है, तलवार तो उसमें दो फुट की भी नहीं है। खेल-खेल में शुरु हुआ कार्यक्रम कॉग्रेस को अपने गले में सॉप जैसा लिपटा दिखने लगा। बाबा के पल-पल रंग बदलने से आहत कॉग्रेस ने आखिर वही किया जो कोई भी दिग्भ्रमित कर सकता है। गले में पड़े रामदेव नामक सॉप को मॅूड़ी से पकड़ा और ले जाकर भाजपा के गले में डाल आई कि लो अब संभालो इसे।
जो लीला न करे वो भगवान कैसा? हमारे धर्मग्रंथों में भगवानों के जो मानक लिखे हैं, उसके अनुसार उनका लीला करना अपरिहार्य होता है। भगवान राम ने जनकपुर में लीला न की होती तो परशुराम उन पर फरसा ही चला बैठते। उनकी लीला देखकर वे संतुष्ट हो गये थे। भगवान आशाराम तो बाकायदा कृष्ण की वेशभूषा में स्त्रियों के साथ रासलीला रचाते है! उसी प्रकार भगवान रामदेव भी कुछ लीला करना चाह रहे थे। कभी किसी के कंधे पर चढ़ रहे थे, तो कभी महिलाओं के बीच में घुसे जा रहे थे। बेचारे ब्रह्मचारी आदमी! ख्याल आ गया होगा कि स्त्री न सही तो स्त्री का वस्त्र ही सही, सो किसी स्त्री का वस्त्र पहन लिया। हालॉकि पुलिस यह नहीं बताती कि वे महिलाओं का अधोवस्त्र भी पहने थे कि नहीं। पुलिस कभी भी पूरी बात नहीं बताती।
फिर पुलिस ही कब तक रंग न बदलती। वह तो स्वभाव से ही रंग में भंग करने को आतुर रहती है। थोड़ी देर पहले तक जो पुलिस जरखरीद गुलाम जैसी बनी हुई थी वह अचानक तांडव करने लगी। मुझे शक़ होता है कि पुलिसियों को इतनी ताकत कहीं योग से तो नहीं मिल गई? बहरहाल, पुलिस ने बाबा को बताया कि तप का मतलब यह नहीं होता कि तुम लिंग परिवर्तन करने लगो और अगर लिंग परिवर्तन की तुम्हारी इतनी ही इच्छा है तो चलो तुम्हें पहाड़ों में छोड़ दें। वहीं जो करना हो करो।
मुंशी प्रेमचंद ने अपनी प्रसिध्द कहानी 'कफनÓ के अंत में घीसू और माधव के बारे में लिखा है कि ' वे गाये और नाचे भी, ठुमके भी लगाये और भाव भी बताये। बाद में नशे की अधिकता के कारण सुध-बुध खोकर गिर पड़े।Ó यही सब बाबा ने भी किया और गिर पड़े! वे पहले बाबा बने, फिर योगी बनकर योग सिखाने लगे। योग में भी उनकी रुचि नाखून रगड़कर सफेद बाल को काला करने और उँगलियों के कई दबाव बिंदु की मार्फत सेक्स जगाने जैसी समस्याओं में ज्यादा रही। बाबा ने इस बात का खासा प्रचार किया कि फलॉ उंगली में सेक्स जागृत करने का दबाव बिंदु होता है और इसीलिए शादी के एंगेजमेंट के समय उसी उँगली में ?गूठी पहनी जाती है! (हमारे कई सुधी पाठकों को याद होगा, एक समय में स्वयंभू भगवान आचार्य रजनीश उर्फ ओशो भी ऐसा ही कुछ कहते थे। एक बार एक विदेशी पत्रकार ने उनसे पूछा कि भगवान्, ये महिलाऐं हाथ में चूडिय़ां क्यों पहनती हैं, तो भगवान ने उत्तर दिया था – दीज आर बेंगल्स। दीज प्रोडयूस द साउन्ड ऑफ सेक्स। मतलब ये चूडिय़ाँ हैं और ये सेक्सी ध्वनि पैदा करती हैं!) बाद में बाबा कारोबारी, व्यापारी और उद्योगपति भी बन गये। ये सब हुआ तो राजनीति में भी हाथ आजमाने की सोचने लगे। यहॉ तक तो गनीमत थी लेकिन बाबा को अचानक सत्ता की दलाली करने का भी शौक चढ़ा और रामदेव जैसे लोग शायद समझते हैं कि सत्ता किसी भैंसे की तरह है और अगर उसकी पूंछ पकड़ में आ गई तो मरोड़ कर भैंसे का काबू में कर ही लेंगें। वे काँग्रेस की पूंछ पकड़े तो, उसे मरोड़े भी लेकिन कॉग्रेस ने एक झटका देकर अपनी पूंछ छुड़ा ली। अब पूंछ छुटाया भैंसा कितना खतरनाक हो जाता है इसे तो कोई बाबा रामदेव से जाकर पूछे। पॉच जून 2011 को दिल्ली के रामलीला मैदान पर आधी रात को सिर्फ रामदेव की धोती ही नहीं खुली उनके तमाम राज फाश हो गए! वे कितने बडे योगी हैं, वे कितना तप कर लेते हैं और वे जनता के लिए कितना संघर्ष कर सकते हैं, पुलिस को देखकर कितना ज्यादा डर सकते हैं, ये सब देश-दुनिया ने देखा। अब इधर बाबा के बारे में जो चंद लोग कटो-मरो की बातें कर उनकी रक्षा में लगे हैं, वे सब असल में उनके कारोबारी लोग हैं।
.बाबा रामदेव के उक्त प्रयत्नों से और चाहे कुछ हुआ या न हुआ हो, लेकिन कई नये तथ्य जरुर स्थापित हो गये। जैसे कि
1. भगवान से भी बड़ी सरकार होती है।
2. योग और तप से भी बड़ी देसी पुलिस होती है।
3. जिस नारी की छाईं पडऩे से भुजंग अन्धा हो जाता है, उसकी छाईं से हमारी पुलिस का रोवाँ भी नहीं टेढ़ा होता और वह ऐसी सैकड़ों छाइयों के बीच घुसकर अपना शिकार पकड़ सकती है, और 4 वक्त अगर बुरा हो तो अंजाम बुरा ही होगा क्योंकि कहा भी गया है कि – मनुज बली नहि होत है, समय होत बलवान, भीलन लूटी गोपिका, वहि अर्जुन, वहि बान!
इस रंग बदलती दुनिया में बेचारे बाबा रामदेव! क्या जानें कि यहाँ इन्सानों की नीयत ठीक नहीं। बाबा, निकला न करो तुम.......।

रास्ते को लेकर झगड़ा, मुकदमा दर्ज

डबवाली (यंग फ्लेम) रत्ताखेड़ा-राजपुरा के रकबा क्षेत्र में दो पक्षों द्वारा रास्ते को लेकर मारपीट में तीने लोगों को चोटेंंंंंं आई है और पुलिस ने दोनों पक्षों केेे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना ओढां के एएसआई जगदीश प्रसाद ने बताया कि रत्ताखेड़ा-राजपुरा के रकबा में रास्ते को लेकर बनवाला निवासी अनिल कुमार रत्ताखेड़ा निवासी मनीराम का आपस में झगड़ा हो गया और दोनों पक्षों में लाठियां चली। जिसमें दोनों पक्षों के 40 वर्षीय अनिल कुमार, 35 वर्षीय मनीराम और 45 वर्षीय इंद्राज घायल हो गए, जिन्हेंं उपचार के लिए सिरसा के सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। ओढां पुलिस ने अनिल कुमार की शिकायत पर मनीराम, सतनारायण, इंद्राज रामस्वरूप निवासी रत्ताखेड़ा के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने मारपीट करने का मामला दर्ज कर लिया है। दूसरी ओर मनीराम की शिकायत पर अनिल कुमार निवासी बनवाला के खिलाफ मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

अध्यापकों ने किया प्रदर्शन, फूंकी अर्थी

डबवाली (यंग फ्लेम)निकटवर्ती गांव में सिघेंवाला में आज बेरोजगार अध्यापक संगठनों द्वारा पंजाब खेत मजदूर यूनियन, भारतीय किसान यूनियन(एकता) और सर्व भारत नौजवान सभा के सहयोग से पंजाब सरकार की अर्थी फंूकी सरकार से विरोध में नारेबाजी की। इस अवसर पर बीएड, ईटीटी, डीपीएड एवं आर्ट एंड क्राफट अध्यापक संगठनों के सदस्य बलजीत सिंह कंदू,खेड़ा, सुखजिंद्र सिंह, नवजीप सिंह, राजेंद्र सिंह, ने प्रदेश सरकार द्वारा बेरोजगारों को रोजगा देने की बजाए योग्यता जांचने के बहाने से उनकी 25-25 वर्ष की पढ़ाई को नजर अंदाज करते हुए 90 मिनट का टैस्ट लेने के बहाने उन्हें परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गत 5 जून को अपनी मांगों को लेकर लंबी पहुंचे अध्यापकों पर किए गए अत्याचार के विरोध में वह गांव-गांव जाकर सरकार की कब्र खोदने व टीईटी को रद्द करवाने के लिए यह मुहिम शुरू की है। इसके तहत बेरोजगार अध्यापकों द्वारा दूसरें संगठनों के सहयोग से गांव-गांव में सरकार के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे है। इस मौके पर पंजाब खेत मजदूर यूनियन के जिला प्रधान नानक सिंह, किसान यूनियन (एकता) के सदस्य गुरपाश सिंह, सर्वभारत नौजवान सभा के अश्वनी कुमार ने कहा कि सरकार पढ़े-लिखे नौज्वानों को नौकरी देने की बजाए उन्हें बेजह से परेशान कर रही है। यह सरकार के अत्यचार को एक जागरूक समाज द्वारा किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। इस मौके पर तारा चंद, गुरविंद्र सिंह, इकबाल सिंह, विजय कुमार शर्मा, जगवीर सिंह आदि संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।

अध्यापकों में रोष, सौंपा ज्ञापन

डबवाली(यंग फ्लेम) राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने उपायुक्त महोदय सिरसा को एक ज्ञापन सौंप कर खंड शिक्षा अधिकारी की असंतोषजन कार्यप्रणाली के बारे सूचित किया।
संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उन्होंने लिखा कि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लंबित पड़े कार्यों के बारे में मैखिक व लिखित रूप में कई बार अवगत करवाया जा चुका है लेकिन उसनी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसी के तहत आज संघ के सदस्यों ने खंड कार्यालय में जिला प्रधान शेषपाल सिंह, ब्लाक प्रधान संजीव भारद्वाज, सचिव नवीन नागपाल, कोषाध्यक्ष जया सिंह, उपप्रधान गुरदयाल सिंह, आडिटर वेद प्रकाश, सह सचिव गुरपाल सिंह, जिला मुख्य सलाहकार इंद्र जाखड़, संगठन सचिव संजय बनवाला खंड शिक्षा कार्याल्य में उपस्थित हुए लेकिन सुबह 11.45 बजे तक खंड कार्यालय में उपायुक्त महोदय द्वारा नियुक्त किए गए जांच अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी के न पहुंचने पर संघ के सदस्यों में रोष पाया गया और कार्यालय सहायक राम स्वरूप से पूछने पर पता चला की खंड शिक्षा अधिकारी आज छुट्टी पर है और जांच की तारीख आगे कर दी जाएगी। संघ सदस्यों ने कहा कि उन्हें इस बारे कोई सूचना भी नहीं दी गई। संघ सदस्यों ने इस बारे उपायुक्त से उचित कार्रवई की मांग की। इस मौके पर संघ के सदस्यों ने चेतावनी देते हुए कहा यदि खंड शिक्षा कार्यालय ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो संघ के सदस्य कार्यालय के समक्ष धरना देने को मजबूर होंगे।

शुक्रवार, 17 जून 2011

युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, ससुरालियों पर लगाया हत्या का आरोप

डबवाली-7 अलीकां रोड पर एक सुनसान जगह पर एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान गुरमीत सिंह पुत्र मोहर सिंह निवासी गांव कालझरानी हाल प्रेम नगर में रह रहा के रूप में हुई है । जबकि मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी, सास, ससुर व साले पर हत्या का संदेह व्यक्त किया है। स्थानीय पुलिस द्वारा मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई के उपरांत पोस्टमार्टम हेतू डबवाली के राजकीय अस्पताल में भेज दिया गया। जब वीरवार प्रात: थाना शहर पुलिस के कर्मचारी पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए अस्पताल पहुंचे तो मृतक के भाई हरदीप सिंह व पिता मोहर सिंह व अन्य गांव वासियों ने उसके ससुराल पक्ष के लोगों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की और उसके बाद ही पोस्टमार्टम करवाने की बात कहीं जबकि स्थानीय पुलिस के कर्मचारियों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आवश्यक कार्रवाई करने की बात कर रहे थे लेकिन मृतक के भाई हरदीप सिंह ने उसकी पत्नी राजेंद्र कौर, ससुर बलवीर सिंह, सास जसपाल कौर व साला बेअंत सिंह पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हुए थे। तभी डीएसपी बाबू लाल अस्पताल में पहुंचे और मृतक के परिजनों को निषपक्ष जांच करने व डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाने का विश्वास दिलाने पर ही मृतक के परिजन पोस्टमार्टम के लिए सहमत हुए।
मृतक के भाई हरदीप सिंह पुत्र मोहर सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उसका भाई गांव कालझरानी के राजकीय उच्च विद्यालय में एसएस अध्यापक था और उसकी शादी लगभग 14 वर्ष पूर्व डबवाली के प्रेम नगर निवासी बलवीर सिंह की बेटी राजेंद्र कौर जोकि राजकीय स्कूल अबूबशहर में हिन्दी की अध्यापिका है के साथ हुई थी और उसके दो बच्चे 10 वर्षिय बेटी जसप्रीत व 7 वर्षिय बेटा नवजोत है। मृतक के भाई ने आरोप लगया कि उसके भाई की हत्या में उसकी पत्नी राजेंद्र कौर, ससुर बलवीर सिंह, सास जसपाल कौर व साला बेअंत सिंह का हाथ है। उसने बताया कि गुरमीत की शादी के एक-दो वर्ष दो सब कुछ ठीक-ठाक चला लेकिन उसके पश्चात दोनों में आपसी कलह रहने लगा और गुरमीत की पत्नी राजेंद्र कौर अपने माता पिता के साथ मिलकर उसके भाई पर डबवाली रहने का दबाव बनाने लगी जिसके लिए गांव में कई बार पंचायत भी हुई। रोजाना घरेलु कलह के चलते उसका भाई डबवाली के प्रेमनगर में अपने ससुर के साथ वाले मकान में रहने लग गया। उसने बताया कि उसका भाई गुरमीत जब कालझरानी अपनी ड्यूटी पर आता तो वह काफी परेशान रहता था। मृतक के भाई हरदीप सिंह ने बताया कि बीते दिवस उसे फोन पर सूचना मिली कि उसका भाई दोपहर से घर से लापता है।
सूचना पाकर वह अपने पिता मोहर सिंह व अन्य गांव वासियों सहित डबवाली पहुंचा और अपने लापता भाई की तलाश शुरू कर दी और थाना शहर में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई और 9 बजे के करीब पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक का शव अलीकां रोड पर स्थित एमपी कॉलेज के खेल ग्राऊंड स्थल के समीप पड़ा है। सूचना मिलते ही सभी लोग घटना स्थल पर पहुंचे और उसके भाई की शिनाख्त की। मृतक के भाई ने बताया कि उसके भाई के चेहरे पर चोठ के निशान थे और गले पर सूजन आई हुई थी।
उधर, मृतक गुरमीत के ससुर व उसकी पत्नी राजेंद्र कौर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत ठहराया है। मृतक की पत्नी राजेंद्र कौर ने बताया कि जबसे उसकी शादी हुई है तब से लेकर आज तक उसके मृतक पति ने अपना वेतन उसे नहीं दिया जबकि उसने सारा वेतन अपने परिवार को दिया है और समय-समय पर अपने परिवार वालों को अपने ईपीएफ से लोन निकलवाकर देता रहा है। मृतक की पत्नी ने बताया कि प्रेम नगर में स्थित मकान भी उसके पिता बलवीर सिंह ने खरीद कर दिया और उसने अपने वेतन से अपने बच्चों का लालन-पालन घर का सारा खर्च चलाया है।
उसने बताया कि बुधवार दोपहर को वह दोनों पति-पत्नी अपने घर में बैड पर लेट रहे थे कि दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर उसके पति के मोबाईल पर फोन आया था तब वह सौ रही थी जब थोड़ी देर बाद जब उसकी आंख खुली तो उसका पति बैड पर नहीं था तो उसने बाहर उठकर देखा तो मोटरसाईकिल घर के अंदर खड़ा था। जब उसने अपने पति के मोबाईल पर फोन मिलाया तो उसका मोबाईल व पर्स भी घर में ही रखा था तो उसने दोपहर करीब 3 बजे इसकी सूचना अपने पिता बलवीर सिंह व माता जसपाल कौर व भाई बेअंत सिंह को दी।
उन्होंने गुरमीत को इधर-उधर काफी तलाश किया लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा तो उसने इसकी सूचना अपने ससुराल गांव कालझरानी में ससुर मोहर सिंह व देवर हरदीप सिंह को दी और जब गांव से उसके ससुराल पक्ष के लोग डबवाली पहुंचे तो गुरमीत के पिता ने डबवाली थाना शहर में गुमशुदगी की शिकयत दर्ज करवाई।
पोस्टमार्टम करने के उपरांत डॉ. बलेश बांसल व डॉ. सुखवंत ने बताया कि मृतक युवक के शरीर पा किसी भी चोट का निशान नहीं है और मृतक के शरीर के कई भागों से बिसरा लेकर प्रयागशाला में भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के पश्चात ही मौत के कारण का पता चल पाएगा। थाना शहर प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि मृतक के भाई हरदीप सिंह के बयान पर आईपीसी की धारा 174 की कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर ही अगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

हलके में 40 से 45 गाडिय़ों में लगे है वीआईपी सायरन

डबवाली (यंग फ्लेम) जैसे-जैसे इन्सान तरक्की की ओर बढ़ रहा है उससे वह जागरूक तो हो रहा है लेकिन अपने अधिकारों के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेवारियों को भुलता जा रहा है। आज के इस मशीनरी युग में इन्सान इतना तेज हो गया है कि इस भागम-भाग दौड़ में अपने आप को अलग दिखाने की कोशिश में लगा रहता है जिसका जिता जागता उदाहरण इन दिनों गांवों तथा शहरों की गलियों में निजी वाहन चालकों द्वारा अपने वाहनों पर सरकारी सायरन लगाकर बजाते हुए आम देखा जा रहे हैं, कानून को ठेंगा दिखाने वाले ऐसे लोग एक ओर जहां यातायात व्यवस्था को धुमिल कर रहे है वहीं दुसरी ओर सायरन व हुटर लगाकर अपने आप को सफेदपोश नेताओं की कतार में खड़ा करने की कोशिश करते हैं तथा ऐसे वाहनों पर प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जाती है, जिससे आम आदमी का कानून व्यवस्था से विशवास उठता जा रहा है। यंग फलेम टीम द्वारा अपने तहकीकात में पाया गया की अकेले डबवाली में ऐसे वाहनों की संख्या 40 से 45 के करीब है, जो बिना किसी खौफ के सायरन व हुटरों का प्रयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं ओर प्रशासन आंखे मुंदे हुआ है। वहीं दुसरी ओर उपमण्डल के गांव गोरीवाला, बिज्जूवाली, अबूबशहर, मुन्नावाली, रिसालियाखेड़ा, गोदीकां, तेजाखेड़ा, चौटाला, आसाखेड़ा सहित अनेक गांवों में ऐसे वाहनों की भरमार है। भीड़ वाले इलाके व जाम में अवैध तौर पर इनका प्रयोग जिस तरह से किया जा रहा है, उससे लोगों को परेशान होना पड़ता है, उस समय पुलिस अधिकारी उन पर कार्यवाही करने की बजाए सामने खड़े उनकी तरफ देखते रहते हैं। इस प्रकार मनचले मिजाज के लड़केे व अवैध तौर पर चल रहे टैक्सी वाहन चालक इन सायरनों का सरेआम धड़ल्ले सेे प्रयोग कर रहे हैंं। गांवों व शहरों की गलियों में निजी वाहनों पर अवैध तौर पर लगे पुलिस के सायरन की आवाज कभी भी कहींं भी सूनी जा सकती है। एक वक्त वह भी था जब इन सायरनों का प्रयोग केवल उच्च पदाधिकारी व मंत्री करते थे, लेकिन आज के मनचले लोग अपनी गाडिय़ों पर सायरन लगाकर इस तरह से घुमते हैंं कि जैसे की उनकी गाड़ी किसी वीआईपी की गाड़ी हो। शरारती किस्म के लोग बेमतलब ही हर कहीं मन चाहा वहीं सायरन बजाना शुरू कर देते हैं। क्षेत्र में तो इस तरह के लोगों की दिनों-दिन बढ़ोतरी हो रही है, परंतु पुलिस प्रशासन द्वारा इन लोगों पर कोई कानूनन कार्यवाही नहीं की जा रही है। इन दिनों कानून व्यवस्था काली पट्टी बांंधे एक औरत की भांति बन चुकी है। कानून के सामने अपराध और अपराधियों की कतारें लंबी दर लंबी होती जा रही है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निजी वाहनों पर सायरनों का प्रयोग करने वालों पर अंकुश लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कानूनन कार्यवाई की जाए, ताकि अवैध तौर पर सरकारी सायरनों का प्रयोग करने वालों से आमजन परेशान ना हो।

क्या कहते हैं प्रशासनिक अधिकारी

गोरीवाला पुलिस चौकी के प्रभारी प्रीतम सिंह का कहना है कि अगर हमारे सामने कोई ऐसा वाहन आया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
सदर थाना डबवाली के प्रभारी रतन सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार समय-समय पर चैकिंग की जाती है, अगर किसी निजी वाहन पर सायरन लगा मिला तो विभागिय कार्यवाही की जाएगी।
वहीं जब इस बारे में उपमण्डल अधिकारी मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे जल्द ही ऐसे मनचले लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगें, पुलिस प्रशासन के सहयोग से कानून को ठेंगा दिखाने वाले लोगों पर निकेल कसेगें। जब उन्हें यह बताया गया कि डबवाली में ऐसे 40 से 45 के करीब वाहनों पर सायरनों का दुर्रप्रयोग हो रहा है तो वे आश्र्चाय चकित रह गए। और उनके मुंह से निकला 'ओ आई सी'

मंगलवार, 14 जून 2011

इनेलो की नईं रणनीति से जिला सिरसा बंद को मिली जोरदार सफलता

डबवाली (यंग फ्लेम) इनेलो द्वारा 11 जून को जिला सिरसा बंद के आह्वान को मिली ऐतिहासिक सफलता जहां प्रदेश भर में चर्चा का विषय बन गई। वहीं इनेलो के शीर्ष नेतृत्व ने संगठन कार्यकुशलता एक बार फिर साबित कर दी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सिरसा आगमन पर इनेलो ने प्रदेश खासकर जिला बंद की कॉल की थी। विधायक अजय सिंह चौटाला ने इस आंदोलन की बागडोर अपने हाथ में लेकर जिला वासियों से नुक्कड़ सभाओं के मार्फत सीधा सम्पर्क साधा था। इनेलो ने जिला बंद के साथ-साथ सिरसा में भारी प्रदर्शन करने का कार्यक्रम भी बनाया था इस समूचे आंदोलन को सफल बनाने हेतू इनेलो रणनीतिकारों ने विशेष कार्ययोजना बनाकर कार्यन्वित की। इसके तहत शहरी कार्यकर्ताओं की जोन वाईस ड्यूटियां लगाई दी गई। जबकि ग्रामीण कार्यकर्ताओं को सिरसा पहुंचने के दिशा निर्देष दिए गए। इसी रणनीतिनुसार डबवाली हलके के वरिष्ठ नेता राधेराम गोदारा, जगरूप सिंह सकताखेड़ा, संदीप सन्नी गंगा, गिरधारी बिस्सु, सरबजीत सिंह मसीतां, मोहन सहु आदि के नेतृत्व में भारी संख्या में ग्रामीण हलके के गांवों से सिरसा पहुंचे। यहीं स्थिति कालांवाली, ऐलनाबाद, राणियां हलके की थी जिसके चलते ही सिरसा का जन प्रदर्शन इतना सफल हो पाया। उधर, डबवाली शहर में भी टेकचंद छाबड़ा, महेंद्र डूडी, महावीर सहारण, गुरजीत सिंह, आशा वाल्मीकि, सुखविंद्र सरां, सुरेंद्र छिन्दा, काली मिढां, बलदेव भीटीवाला, गुरचरण नंबरदार, सुखजिंद्र कला जापानी, सीताराम सिंगला, राजा पेंटर, राकेश शर्मा, दीपक बागड़ी, जोगिंद्र डाल, मा. अमृतपाल शर्मा, हर विलास निरंकारी, शैलेंद्र जोड़ा, भोला बराड़, अशोक डोडा आदि के नेतृत्व में शहर मुकम्मल बंद रहा। शहर में इनेलो के कर्मठ कार्यकर्ताओं की पूरी टीम दिन भर बेहद गर्म मौसम में बंद को सफल बनाने हेतू कार्यरत रही। यह अलग बात है कि कुछ कागजी नेताओं ने अखबारी ब्यानबाजी के द्वारा कर्मठ कार्यकर्ताओं को हड़पने की असफल कोशिश भी की गई।

क्या हरियाणा कि सियासत में तूफान आ सकता है ?

डबवाली (यंग फ्लेम) क्या गोपाल कांडा मुख्यमंत्री से नाराज हैं ? यदि नहीं तो अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी छोड़ कर कहा गए हैं गोपाल कांडा ? इसका जवाब जनता को कौन देगा ? हरियाणा सरकार पर आजकल राहू की क्रूर दृष्टि तो नहीं चल रही। एक सप्ताह में ही जहाँ हरियाणा के परिवहन और पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश जैन और मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा के कड़े तेवरों से पद से त्याग पत्र देना पड़ा और वही सिरसा रैली में अनबन हो जाने के बाद हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा रविवार को दोपहर अपनी सरकारी गाड़ी में सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा गारद के साथ हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में आये। करीबन पौने घंटे बाद फतेहाबाद के विधायक और प्रदेश के चीफ पार्लियामेंट सेक्टरी प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी हिसार के इसी विश्राम गृह में पहुंचे। दोनों में क्या बात हुई इसका ब्यौरा नहीं मिल पाया है। मगर कुछ मिनट बाद ही गिलखेडा गोपाल कांडा से बात करके चलते बने। यह सभी निर्दलीय विधायक बताय जाते हैं मिली जानकारी अनुसार ठीक दस मिनट बाद एक इनोवा गाड़ी आई और हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा उसमे बैठ कर कहीं चले गए। वे राज्य सरकार की और से दी गई अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी को हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही छोड़ गए। जब इस बात की भनक जब पत्रकारों को लगी तो उन्होंने कांडा के साथ कार के ड्राइवर और उनके सुरक्षा कर्मियों से इसका करण पूछा तो उन्होंने इस बारे कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। मिली जानकारी के अनुसार गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा की सरकारी गाड़ी और सुरक्षाकर्मी रात तक भी उनके इन्तजार में हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही उनका इंतजार कर रहे थे। वही दबी जुबान में राजनितिक कयास लगाये जा रहे हैं कि शनिवार को हुई कांग्रेस की सिरसा रैली में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा ने मंत्री को मंच से कुछ कहा दिया था। जिस कारण नाराजगी के चलते मंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम भी हो सकता है। यह भी कयास का दौर चल रहा है कि कहीं कांडा के साथ विरोध में फतेहबाद के विधायक और मुख्य संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी शामिल तो नहीं हैं ? सियासत की जानकारी रखने वालो का कहना है कि कहीं अपने ऊपर संकट के मंडरा रहे बादलों को देख कर अन्दर खाने निर्दलीय विधायक हरियाणा के मुख्यमंत्री के तीखे तेवरों से नाराज होकर तो यह कदम नहीं उठा रहे या फिर वे उनपर कोई सियासी दबाव बनाने में लगे हैं। कहा जा रहा है कि निर्दलीय विधायक यदि इसी तरह अपनी नाराजगी प्रगट करते रहे तो एक दिन हरियाणा कि सियासत में तूफान सकता है। अब देखना होगा कि राजनीती का ऊँठ किस करवट बैठता है। वैसे भी हरियाणा 'आया राम गया रामÓ की सियासत के लिए मशहुर माना जाता है और वही इनेलो ने भी पिछले एक सप्ताह से राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। कयास लगाये जा रहे हैं कि कहीं यह उसी सियासत का कोई राजनितिक ड्रामा तो नहीं है। यदि हरियाणा के मुख्यमंत्री और केन्द्रीय नेताओं ने निर्दलीय विधायको को मनाने के प्रयास तेज किये वे दिन दूर नहीं जब यही विधायक कोई सियासी तूफ़ान खड़ा कर सकते हैं।

क्या हरियाणा कि सियासत में तूफान आ सकता है ?

डबवाली (यंग फ्लेम) क्या गोपाल कांडा मुख्यमंत्री से नाराज हैं ? यदि नहीं तो अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी छोड़ कर कहा गए हैं गोपाल कांडा ? इसका जवाब जनता को कौन देगा ? हरियाणा सरकार पर आजकल राहू की क्रूर दृष्टि तो नहीं चल रही। एक सप्ताह में ही जहाँ हरियाणा के परिवहन और पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश जैन और मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा के कड़े तेवरों से पद से त्याग पत्र देना पड़ा और वही सिरसा रैली में अनबन हो जाने के बाद हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा रविवार को दोपहर अपनी सरकारी गाड़ी में सरकार द्वारा दी गई सुरक्षा गारद के साथ हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में आये। करीबन पौने घंटे बाद फतेहाबाद के विधायक और प्रदेश के चीफ पार्लियामेंट सेक्टरी प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी हिसार के इसी विश्राम गृह में पहुंचे। दोनों में क्या बात हुई इसका ब्यौरा नहीं मिल पाया है। मगर कुछ मिनट बाद ही गिलखेडा गोपाल कांडा से बात करके चलते बने। यह सभी निर्दलीय विधायक बताय जाते हैं मिली जानकारी अनुसार ठीक दस मिनट बाद एक इनोवा गाड़ी आई और हरियाणा के गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा उसमे बैठ कर कहीं चले गए। वे राज्य सरकार की और से दी गई अपनी सरकारी गाड़ी और सिक्योरिटी को हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही छोड़ गए। जब इस बात की भनक जब पत्रकारों को लगी तो उन्होंने कांडा के साथ कार के ड्राइवर और उनके सुरक्षा कर्मियों से इसका करण पूछा तो उन्होंने इस बारे कुछ भी स्पष्ट नहीं किया। मिली जानकारी के अनुसार गृह राज्यमंत्री गोपाल कांडा की सरकारी गाड़ी और सुरक्षाकर्मी रात तक भी उनके इन्तजार में हिसार के लोक निर्माण विश्राम गृह में ही उनका इंतजार कर रहे थे। वही दबी जुबान में राजनितिक कयास लगाये जा रहे हैं कि शनिवार को हुई कांग्रेस की सिरसा रैली में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा ने मंत्री को मंच से कुछ कहा दिया था। जिस कारण नाराजगी के चलते मंत्री द्वारा उठाया गया यह कदम भी हो सकता है। यह भी कयास का दौर चल रहा है कि कहीं कांडा के साथ विरोध में फतेहबाद के विधायक और मुख्य संसदीय सचिव प्रह्लाद सिंह गिलखेडा भी शामिल तो नहीं हैं ? सियासत की जानकारी रखने वालो का कहना है कि कहीं अपने ऊपर संकट के मंडरा रहे बादलों को देख कर अन्दर खाने निर्दलीय विधायक हरियाणा के मुख्यमंत्री के तीखे तेवरों से नाराज होकर तो यह कदम नहीं उठा रहे या फिर वे उनपर कोई सियासी दबाव बनाने में लगे हैं। कहा जा रहा है कि निर्दलीय विधायक यदि इसी तरह अपनी नाराजगी प्रगट करते रहे तो एक दिन हरियाणा कि सियासत में तूफान सकता है। अब देखना होगा कि राजनीती का ऊँठ किस करवट बैठता है। वैसे भी हरियाणा 'आया राम गया रामÓ की सियासत के लिए मशहुर माना जाता है और वही इनेलो ने भी पिछले एक सप्ताह से राज्य की कांग्रेस सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। कयास लगाये जा रहे हैं कि कहीं यह उसी सियासत का कोई राजनितिक ड्रामा तो नहीं है। यदि हरियाणा के मुख्यमंत्री और केन्द्रीय नेताओं ने निर्दलीय विधायको को मनाने के प्रयास तेज किये वे दिन दूर नहीं जब यही विधायक कोई सियासी तूफ़ान खड़ा कर सकते हैं।

रविवार, 12 जून 2011

100 प्रतिशत बंद रहा डबवाली क्षेत्र

डबवाली (यंग फ्लेम) अपराधों पर अंकुश लगाने, एसपी का तबादला और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की मांग पर इनेलो की ओर से घोषित डबवाली बंद सफल रहा। शनिवार को पूरे जिले में बंद असरदार रहा। जिले के सभी शहरों में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। शहर में तो कफ्र्यू जैसे हालात रहे। सभी बाजार गलियां सूनी पड़ी हुई थी। दुकानों के आगे महज इनेलो कार्यकर्ता ही बैठे हुए नजर आए। इनेलो कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन एसडीएम मुनीश नागपाल को सौंपा।
डॉ. सीतारामें के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता मेन बाजार में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए बंद की अपील करते रहे। बंद को लेकर डॉ. सीता राम ने कहा कि बंद सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किया गया है और लोगों ने बंद को समर्थन देकर सरकार के खिलाफ अपने रोष का इजहार किया है। युवा इनेलो के प्रधान दर्शन मोंगा व कार्यालय प्रभारी महेंद्र डूडी, सुरेंद्र छिंदा, भोला फौजी, सुरेंद्र कुमार व अन्य कार्यकर्ताओं ने मलोट रोड पर बंद की कमान संभाली। बस स्टैंड के आसपास के इलाकों में भी पूर्ण बंद रहा। यहां राकेश शर्मा, जोगिंद्रपाल शर्मा, दर्शन सोनी, मलकीत कांडा, दलीप सिंह सहारण, सीता राम सिंगला, महावीर सहारण, अमृतपाल शर्मा, जोगिंद्र सिंह डाल, राम सिंह बिश्रोई, सुभाष मित्तल, अशोक गुप्ता, नरेश मित्तल, लभु सेठी, हरबंस भीटीवाला, राजेश जुनेजा बिल्लु, सोम अरोड़ा, टेकचंद छाबड़ा, मदन गुप्ता, पवन सेठी, ओपी सचदेवा आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे। उधर, कॉलोनी रोड, मीना बाजार, नई अनाज मंडी, बठिंडा रोड, जीटी रोड, बस स्टेंड रोड पर भी मुक्मल हड़ताल रही। इस मौके पर काली मिढ़ा, भोला बराड़, अशोक डोडा, गुरजीत सिंह, गुरचरण नम्बरदार, सुखविंद्र सिंह सरां, सुखवीर सिंह बराड़, जग्गा सिंह, शलेंद्र जोड़ा, राजा पेंटर, पुष्पा दैड़ान, हरविलास निरंकारी, प्रविंद्र अरोड़ा, दीपक बागड़ी, प्रह्लाद राय, अमर नाथ बागड़ी, दर्शन सिंह मिस्त्री, खेमचंद छाबड़ा, केशो गुप्ता, परमानंद शर्मा, सुनील कुमार, मोती राम, जोगिंद्र पाल शर्मा, गेजा सिंह भुल्लर, हैप्पी गिल, नवी बराड़, दर्शन सोनी, मलकीत कंडा, श्रवण सिंह बराड़, हरचरण सिंह, कृष्ण लाल, संदीप शर्मा, बलवंत शर्मा, दिलीप सिंह, हरप्रीत सिंह व बड़ी संख्या में इनेलो कार्यालय उपस्थित थे। बंद की सफलता पर इनेलो ने शहरवासियों का आभार जताया है। बंद का सहयोग करने पर इनेलो नेताओं ने सबका धन्यवाद किया। उधर, गांव बिज्जूवाली, गोरीवाला व क्षेत्र के अन्य गांवों में भी बंद का काफी हद तक असर देखनेे को मिला। गांव बिज्जूवाली के बस स्टैंड पर सारा दिन सन्नाटा पसरा रहा, जिससे यात्रियों व राहगिरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन बंद के दौरान समय-समय पर गश्त करके कोई अनहोनी घटना पर पेनी नजर रखा रहा था। गोरीवाला पुलिस चौकी के एएसआई भूप सिंह स्वयं पुलिस फोर्र्स के साथ सुबह से ही गांवों में गश्त कर रहे थे। बंद के दौरान आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

एम.एस.डी. की छात्राओं ने सिरसा जिले में मचाया धमाल

डबवाली (यंग फ्लेम) माता शान्ती देवी इन्स्टीच्यूट ऑफ नर्सिंग की छात्राओं ने जिले में एक बार फिर बाजी मारी। हरियाणा नर्सेस रजिस्टरेशन कांसिल चण्डीगढ़ द्वारा जी.एन.एम. का परीक्षा परिणाम घोषित किया। जिसमें संस्थन का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। संस्थान के प्रथम वर्ष की 24 एवं द्वितीय वर्ष की 46 छात्राओं ने वरियता (डिस्टिंक्शन-80 प्रतिशत से ज्यादा) प्राप्त की, जो सिरसा जिले में प्रथम रहा। इस अवसर पर संस्थान की छात्राओं ने खुशी जाहिर की।
संस्थान के डायरैक्टर विकास गर्ग एवं प्राचार्य वेद शर्मा ने समस्त स्टाफ एवं छात्राओं को बधाई दी एवं मिठाई वितरित की। संस्थान के चेयरमैन डा. सोहन लाल सिंगला, उप चेेयरमैन संजय दानेवालिया एवं सचिव अशोक सिंगला ने सभी को बधाईयां दी। इस अवसर पर मोनिका, किरण, मनप्रीत एवं नेहरा सहित समस्त स्टाफ उपस्थित था।

हादसों को दावत दे रहा है टूटा पुल,प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

डबवाली (बलबीर लखौत्रा) गांव खुइया मलकाना के पास भाखड़ा नहर पर क्षतिग्रस्त पुल हादसों को दावत दे रहा है। पुल की रेलिंग पूरी तरह से टूट चुकी है, इसके बावजूद प्रशासन की ओर से पुल को ठीक नहीं कराया जा रहा है जिससे लगता है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। डबवाली के गांव खुईयां मलकाना के पास से भाखड़ा नहर गुजरती है। गांव खुईयां मलकाना के पास एक पुल है जो कि विभिन्न गाँवों दीवानखेड़ा, मलिकपुरा, किंगरे, सावंतखेड़ा, चोरमार मिठडी, मठ आदि अनेक गांवों को लिंक रोड़ द्वारा एक दूसरे को जोड़ता है।
स्मरण रहे कि भाखड़ा का ये पुल कई गाँवों का मुख्य रस्ता है जिसके ऊपर से सैकड़ों वाहन दिन में गुजरते हैं। हैरानी की बात ये है कि पिछले कुछ दिनों से इस पुल की रैलिंग टूट कर नहर में गिरी हुई है। इससे साफ है कि कोई भी वाहन पुल से गिर सकता है। शायद ऐसा लगता है कि सम्बन्धित अधिकारी भी उस भयंकर समय का इंतजार कर रहे हैं जो कि किसी निर्दोष की जीवन लीला समाप्त करने वाला है। शायद यह सोचकर कि सभी यहां से गुरजने वालों को पता है कि रेलिंग टुटी हुई, इसके बावजूद यहां कोई सुरक्षा के लिए गट्टे आदि नहीं लगाए गए हैं। सोचने वाली बात है कि जरूरी नहीं प्रत्येक व्यक्ति जो इस पुल से वाहन लेकर गुजरता है उसे पुल के टूटा होने की खबर हो, इस कारण कभी भी कोई वाहन पुल से गिरकर हादसे का शिकार हो सकता है। इस बारे में सरपंच का कहना है कि पुल रिपेयर पंचायत के तहत नहीं आता है। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को कहा गया है। इस संबंध में जब एसडीएम मुनीश नागपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस पुल की मुरम्मत संबंधित विभाग द्वारा जल्द ही करवा दी जाएगी ताकि इस मार्ग पर कोई बड़ा हादसा घटित न हो।

शनिवार, 11 जून 2011

इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी की ओर से सिरसा बंद के आवहान का असर पूरी तरह से देखने को मिला

इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी की ओर से सिरसा बंद के आवहान का असर पूरी तरह से देखने को मिला रहा है। आज सिरसा पूर्ण रूप से बंद रहा। सिरसा की सभी दूकाने बंद देखने को मिली। साथ ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस पेहरे पर खड़ी है इनेलो पार्टी के कार्यकर्ताओ का कहना है की सिरसा में बढ़ रहे अपराधिक मामलो को
देखते हुए आज इनेलो पार्टी ने सिरसा बंद रखा है वहीं कांग्रेेस पार्टी ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है वही सिरसा में बंद का असर सुबह से ही देखने को मिल रहा था। हर रोज सुबह 4 बजे होने वाली बोली भी नहीं हुई। गौरतलब है कि आज सिरसा में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का दौरा है इसलिए इनेलो ने आज सिरसा बंद रखा है। इनेलो पार्टी सिरसा बंद करने के लिए काफी दिन पहले से प्रयास कर रही थी जिसका अच्छा खासा असर देखने को मिला।
काबिलेगौर है कि सिरसा में बढ़ रहे आपराधिक मामलो को लेकर इनेलो ने आज सिरसा बंद रखा है। इनेलो का मानना है कि सिरसा पहले शांतिप्रिय होता था लेकिन जब से कांग्रेंस की सरकार बनी है प्रदेश में क्राईम की घटनाएं बढ़ती जा रही है। इनेलो कांग्रेंस पार्टी पर आरोप लगाया है कि सिरसा में आज कोई भी महिला सुरक्षित नहीं है। सिरसा में रोज हत्या, चोरी जैसी वारदाते बढ़ती जा रही है। चाहे वो दादी पोती हत्याकांड हो या कांलावाली में एक ही घर के चार सदस्या की हत्या का मामला ऐसे ही सिरसा जिला में 106 मामले हुए है लेकिन इन्हे रोकने वाला कोई नहीं इसी के चलते आज इनेलो पार्टी ने सिरसा बंद रखा है
गौरतलब है कि आज सिरसा में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा का दौरा है इसलिए इनेलो ने आज सिरसा बंद रखा है "

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