डबवाली- स्थानीय आदर्श नगर, वार्ड नम्बर 12 की गली नम्बर 1 इसी माह बनकर तैयार हुई तथा पहली बारिश की बौछार भी सहन नहीं कर पाई। गली वासियों विजय कुमार मुरेजा, भीमसेन बिश्रोई, राजा राम, ठाकुर दास मिढा, भारत भूषण वधवा, वरिन्द्र सेठी ने संयुक्त रूप से बताया कि उनकी गली का निर्माण कार्य पिछले माह से चल रहा था जो कि इसी माह के प्रथम सप्ताह ही पूरा हुआ था। मानसून की पहली बारिश के साथ ही गली बैठ गई तथा उसमें जगह - जगह गहरे गढ्ढे हो गए। जो हादसों को निमन्त्रण दे रहे हैं। गली वासियों ने प्रशासन से मांग की है कि गली के निर्माण में ठेकेदार द्वारा लापरवाही की गई है तथा इन्टरलॉङ्क्षकग ब्रिक्स भी टूटनी शुरू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि पहली बारिश के साथ ही गली जगह - जगह बैठ गई तथा उसमें गहरे गढ्ढे हो गए। जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Young Flame Headline Animator
बुधवार, 14 जुलाई 2010
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के पास जरुरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है--रजिनीकांथन
सिरसा, 14 जुलाई: जिला प्रशासन द्वारा जिला के सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के पास जरुरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। इस संदर्भ में जिला उपायुक्त श्री सी.जी रजिनीकांथन ने आज सभी अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक खाद्य सामग्री व अन्य जरुरी चीजें पहुंचाई जाने के प्रबंधों को सुनिश्चित किया।
उन्होंने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा मिट्टी का तेल सप्लाई किया जा रहा है। इसके साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जिसमें डेरा सच्चा सौदा, व्यापार संगठन, गुरुद्वारा कमेटियां व अन्य के सहयोग से खाने के पैकेट व दूध आदि भी पहुंचाएं जा रहे है। सभी गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ड्यूटी लगाई गई है, जो संबंधित गांवों में बीमार व्यक्तियों को नि:शुल्क दवाईयां दे रही है। इसके साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी प्रकार की महामारी आदि ना फैले, जिस पर विभाग के अधिकारियों द्वारा पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए टैंकर आदि की व्यवस्था की गई है, जो लोगों की जरुरत अनुसार संबंधित गांवों में पानी की सप्लाई कर रहे है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशुधन को भी बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की टीम गठित की गई हैै जो निरन्तर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जा रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। जिला में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सेना बुलाई गई है जो निरन्तर घग्घर नदी के बांध में हुए कटों को पाटने का काम कर रही है। इसके साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाए लगातार प्रशासन और सेना का साथ दे रही है।
उन्होंने बताया कि जिला में तीन दर्जन से भी अधिक गांवों की लगभग 20 हजार एकड़ भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है जिनमें नेजाडेला कलां, नेजाडेला खुर्द, फरवाई कलां, फरवाई खुर्द, पनिहारी, बुर्ज कर्मगढ़, लहंगेवाला, किराड़कोट, बुढ़ाभाणा, बनसुधार, मल्लेवाला, चामल, रंगा, नागोकी, मुसाहिबवाला, झोरडनाली, केलनियां, मीरपुर, अहमदपुर, फिरोजाबाद, ढाणी सतनाम सिंह, नगराना, रानियां की भूमि शामिल है। उन्होंने बताया कि गांवों में जरुरत के मुताबिक बांध आदि बनाने के लिए जेसीबी की मशीने दी गई है। जिला में तीन दर्जन से भी अधिक जेसीबी मशीनों को इस कार्य के लिए लगाया गया है। इसके साथ-साथ मिट्टी भरने के लिए बैग दिए गए है। जिला प्रशासन द्वारा सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर तैनात किया गया है जो अपनी टीम के साथ गांव में ही बैठे हुए है और बाढ़ बचाओ प्रबंधों की निगरानी कर रहे है। इसके साथ-साथ ये नोडल अधिकारी संबंधित गांवों में बाढ़ बचाओ के कार्यकरवाने के साथ-साथ निरन्तर जिला प्रशासन से संपर्क बनाए हुए है और संबंधित गांव के लोगों को जरुरत के अनुसार आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवा रहे है।
उन्होंने बताया कि जिला में किसी प्रकार से यातायात बाधित न हो इसके लिए भी लोक निर्माण के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे सड़कों आदि की मरम्मत एवं बाढ़ से प्रभावित सड़कों की देखरेख कर उन्हें दुरुस्त करवाने का कार्य करें। इस संबंध में चंडीगढ़ से लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव आईएएस श्री वी. राजाशेखर ने भी विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर निर्देश दिए कि अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि जिला में कहीं भी यातायात बाधित न हो। यदि किसी सड़क पर बाढ़ का पानी भरा है तो उसका वैकल्पिक रास्ता बिना किसी देरी के लोगो को तैयार करके दे। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को भी सचेत किया कि वे अपने बिजली घरों को पानी से बचाकर गांव में निरन्तर बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करे।
उपायुक्त ने आमजन से अपील की है कि वे घग्घर के तटबंधों पर न जाए और न ही अपने बच्चों को जाने दे। घग्घर के तटबंधों पर पुलिस की गश्त जारी है। इसके साथ-साथ उन्होंने लोक निर्माण के अधिकारियों से कहा कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पडऩे वाले सड़कों के पुलों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करे और यह भी सुनिश्चित करे कि जहां से ज्यादा पानी आ रहा है उन पुलों से धीमी गति में वाहन गुजरे। उन्होंने आज पूरी प्रशासनिक एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ फिरोजाबाद, रानियां, ढाणी सतनाम सिंह और अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के गांवों का दौरा किया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती पंकज चौधरी, उपमंडल अधिकारी नागरिक श्री एस.के जैन, बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता व सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता थे।
उन्होंने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा मिट्टी का तेल सप्लाई किया जा रहा है। इसके साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जिसमें डेरा सच्चा सौदा, व्यापार संगठन, गुरुद्वारा कमेटियां व अन्य के सहयोग से खाने के पैकेट व दूध आदि भी पहुंचाएं जा रहे है। सभी गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ड्यूटी लगाई गई है, जो संबंधित गांवों में बीमार व्यक्तियों को नि:शुल्क दवाईयां दे रही है। इसके साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी प्रकार की महामारी आदि ना फैले, जिस पर विभाग के अधिकारियों द्वारा पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए टैंकर आदि की व्यवस्था की गई है, जो लोगों की जरुरत अनुसार संबंधित गांवों में पानी की सप्लाई कर रहे है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशुधन को भी बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की टीम गठित की गई हैै जो निरन्तर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जा रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। जिला में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सेना बुलाई गई है जो निरन्तर घग्घर नदी के बांध में हुए कटों को पाटने का काम कर रही है। इसके साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाए लगातार प्रशासन और सेना का साथ दे रही है।
उन्होंने बताया कि जिला में तीन दर्जन से भी अधिक गांवों की लगभग 20 हजार एकड़ भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है जिनमें नेजाडेला कलां, नेजाडेला खुर्द, फरवाई कलां, फरवाई खुर्द, पनिहारी, बुर्ज कर्मगढ़, लहंगेवाला, किराड़कोट, बुढ़ाभाणा, बनसुधार, मल्लेवाला, चामल, रंगा, नागोकी, मुसाहिबवाला, झोरडनाली, केलनियां, मीरपुर, अहमदपुर, फिरोजाबाद, ढाणी सतनाम सिंह, नगराना, रानियां की भूमि शामिल है। उन्होंने बताया कि गांवों में जरुरत के मुताबिक बांध आदि बनाने के लिए जेसीबी की मशीने दी गई है। जिला में तीन दर्जन से भी अधिक जेसीबी मशीनों को इस कार्य के लिए लगाया गया है। इसके साथ-साथ मिट्टी भरने के लिए बैग दिए गए है। जिला प्रशासन द्वारा सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर तैनात किया गया है जो अपनी टीम के साथ गांव में ही बैठे हुए है और बाढ़ बचाओ प्रबंधों की निगरानी कर रहे है। इसके साथ-साथ ये नोडल अधिकारी संबंधित गांवों में बाढ़ बचाओ के कार्यकरवाने के साथ-साथ निरन्तर जिला प्रशासन से संपर्क बनाए हुए है और संबंधित गांव के लोगों को जरुरत के अनुसार आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवा रहे है।
उन्होंने बताया कि जिला में किसी प्रकार से यातायात बाधित न हो इसके लिए भी लोक निर्माण के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे सड़कों आदि की मरम्मत एवं बाढ़ से प्रभावित सड़कों की देखरेख कर उन्हें दुरुस्त करवाने का कार्य करें। इस संबंध में चंडीगढ़ से लोक निर्माण विभाग के विशेष सचिव आईएएस श्री वी. राजाशेखर ने भी विभाग के अधिकारियों की बैठक आयोजित कर निर्देश दिए कि अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि जिला में कहीं भी यातायात बाधित न हो। यदि किसी सड़क पर बाढ़ का पानी भरा है तो उसका वैकल्पिक रास्ता बिना किसी देरी के लोगो को तैयार करके दे। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को भी सचेत किया कि वे अपने बिजली घरों को पानी से बचाकर गांव में निरन्तर बिजली की सप्लाई सुनिश्चित करे।
उपायुक्त ने आमजन से अपील की है कि वे घग्घर के तटबंधों पर न जाए और न ही अपने बच्चों को जाने दे। घग्घर के तटबंधों पर पुलिस की गश्त जारी है। इसके साथ-साथ उन्होंने लोक निर्माण के अधिकारियों से कहा कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पडऩे वाले सड़कों के पुलों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करे और यह भी सुनिश्चित करे कि जहां से ज्यादा पानी आ रहा है उन पुलों से धीमी गति में वाहन गुजरे। उन्होंने आज पूरी प्रशासनिक एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ फिरोजाबाद, रानियां, ढाणी सतनाम सिंह और अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के गांवों का दौरा किया। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती पंकज चौधरी, उपमंडल अधिकारी नागरिक श्री एस.के जैन, बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता व सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता थे।
लेबल:
सिरसा समाचार,
dabwali news,
sirsa news
गृह राज्यमंत्री के अनुज ने आज बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया
सिरसा,14 जुलाई: गृह राज्यमंत्री के अनुज एवं कांग्रेसी नेता श्री गोबिंद कांडा ने आज बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया और लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने बाजेकां गांव में रंगोई नाला के तटबंध मजबूत करने के लिए 50 हजार रुपए की राशि नकद दी और कहा कि प्रशासन और सरकार द्वारा हर जरुरत की चीज बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने नेजाडेला कलां गांव में भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौैरा किया और लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी।
उन्होंने कहा कि बाढ़ से पीडि़त लोगों की जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद की जा रही है। सभी गांव में खाद्य वस्तुओं एवं अन्य जरुरतमंद सामान मुहैया करवाया जा रहा है फिर भी अगर किसी गांव के लोगों को जरुरत पड़े तो वे गांव में ही नियुक्त नोडल अधिकारी से संपर्क करे या वे उनसे भी संपर्क कर सकते है। बाढ़ की इस घड़ी में किसी प्रकार की दिक्कत लोगों को नहीं होने दी जाएगी। उनके साथ सूरत सैनी, अमन सर्राफ व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि बाढ़ से पीडि़त लोगों की जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद की जा रही है। सभी गांव में खाद्य वस्तुओं एवं अन्य जरुरतमंद सामान मुहैया करवाया जा रहा है फिर भी अगर किसी गांव के लोगों को जरुरत पड़े तो वे गांव में ही नियुक्त नोडल अधिकारी से संपर्क करे या वे उनसे भी संपर्क कर सकते है। बाढ़ की इस घड़ी में किसी प्रकार की दिक्कत लोगों को नहीं होने दी जाएगी। उनके साथ सूरत सैनी, अमन सर्राफ व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
लेबल:
बाढ़ प्रभावित,
सिरसा समाचार,
dabwali news
बाढ़ से प्रभावित लोगों को निशुल्क लंगर सेवा के साथ-साथ दवाईयां और अन्य जरुरी वस्तुएं मुहैया
सिरसा, 14 जुलाई: गृह उद्योग एवं खेल राज्यमंत्री श्री गोपाल कांडा और आढ़ती एसोसिएशन की तरफ से स्थानीय अनाज मंडी के किसान रैस्ट हाऊस में निशुल्क लंगर सेवा के साथ-साथ दवाईयां और अन्य जरुरी वस्तुएं बाढ़ से प्रभावित लोगों को निशुल्क मुहैया करवाई जा रही है।
यह जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता श्री गोबिंद कांडा ने बताया कि कोई भी व्यक्ति स्थानीय अनाज मंडी के किसान रैस्ट हाऊस से किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकता है। इसके साथ-साथ इस लंगर सेवा केंद्र द्वारा मोबाईल सेवा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। कोई भी जरुरतमंद व्यक्ति गोबिंद कांडा के मोबाईल नंबर 92155-00009,लक्ष्मण के मोबाईल नंबर 98125-40999 पर सपंर्क कर सकते है। इसके अलावा पवन कंदोई जिनका मोबाईल नंबर 92152-00512 पर भी संपर्क करके किसी भी जरुरत की चीज को मंगवाया जा सकता है। इनके अलावा कोई भी व्यक्ति पवन बजाज (94162-15958), सुशील कंदोई (94160-48774), 94160-45474 तथा निर्मल चंद कांडा (92152-32671) पर संपर्क करके किसी भी प्रकार की खाद्य वस्तु दूध व अन्य प्रकार की सामग्री मंगवा सकता है। उन्होंने बताया कि इन वस्तुओं के लिए किसी प्रकार का शुल्क व पैसे आदि नहीं लिए जाएंगे। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे इस लंगर सेवा में ज्यादा से ज्यादा बाढ़ पीडि़त लोगों की लंगर सेवा से सहायता करवाएं।
यह जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता श्री गोबिंद कांडा ने बताया कि कोई भी व्यक्ति स्थानीय अनाज मंडी के किसान रैस्ट हाऊस से किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकता है। इसके साथ-साथ इस लंगर सेवा केंद्र द्वारा मोबाईल सेवा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। कोई भी जरुरतमंद व्यक्ति गोबिंद कांडा के मोबाईल नंबर 92155-00009,लक्ष्मण के मोबाईल नंबर 98125-40999 पर सपंर्क कर सकते है। इसके अलावा पवन कंदोई जिनका मोबाईल नंबर 92152-00512 पर भी संपर्क करके किसी भी जरुरत की चीज को मंगवाया जा सकता है। इनके अलावा कोई भी व्यक्ति पवन बजाज (94162-15958), सुशील कंदोई (94160-48774), 94160-45474 तथा निर्मल चंद कांडा (92152-32671) पर संपर्क करके किसी भी प्रकार की खाद्य वस्तु दूध व अन्य प्रकार की सामग्री मंगवा सकता है। उन्होंने बताया कि इन वस्तुओं के लिए किसी प्रकार का शुल्क व पैसे आदि नहीं लिए जाएंगे। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि वे इस लंगर सेवा में ज्यादा से ज्यादा बाढ़ पीडि़त लोगों की लंगर सेवा से सहायता करवाएं।
हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस में एमबीए की 250 सीटों पर दाखिले के लिये आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि बड़ी
चंडीगढ़,14 जुलाई- गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस में एमबीए की 250 सीटों पर दाखिले के लिये आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि को बढ़ïïाकर 19 जुलाई,2010 कर दी गई है।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एमएल रंगा ने बताया कि अब इच्छुक विद्यार्थी अपना आवेदन 19 जुलाई,2010 तक हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस में जमा करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के एमबीए प्रोग्राम में केवल उन्हीं आवेदकों को दाखिला दिया जाएगा, जिन्होंने केट-2009 परीक्षा में भाग लिया है। यह परीक्षा आईआईएम, अहमदाबाद ने आन-लाईन आयोजित की थी।
कुलसचिव प्रो आरएस जागलान ने बताया कि आवेदनकर्ता हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस में 20 जुलाई 2010 को होने वाली पहली काउसलिंग में भाग ले सकता है। यह काउंसलिंग प्रात: 10 बजे आयोजित की जाएगी। इच्छुक विद्यार्थी प्रवेश प्रपत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट डब्ल्यूड़ब्ल्यूडब्ल्यू.जीजेयूएसटी.एसी.इन से डाउनलोड करके या विश्वविद्यालय की शैक्षणिक शाखा से प्राप्त करके 19 जुलाई,2010 सायं 5 बजे तक निदेशक, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं ।
प्रो एससी कुण्डू, निदेशक एवं अधिष्ठïाता, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस ने बताया कि सामान्य श्रेणी के विद्यार्थी 300 रुपये तथा हरियाणा के एससी, बीसी व अपंग श्रेणी के विद्यार्थी 75 रुपये देकर आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि केट-2009 के स्कोर के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी और विद्यार्थियों को काउंसलिंग व दाखिले के लिए बुलाया जाएगा। प्रो कुण्डू ने बताया कि विभाग में 250 सीटों के इलावा कश्मीरी विस्थापितों के लिए भी एक अतिरिक्त सीट निर्धारित की गई है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट देख सकते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एमएल रंगा ने बताया कि अब इच्छुक विद्यार्थी अपना आवेदन 19 जुलाई,2010 तक हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस में जमा करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के एमबीए प्रोग्राम में केवल उन्हीं आवेदकों को दाखिला दिया जाएगा, जिन्होंने केट-2009 परीक्षा में भाग लिया है। यह परीक्षा आईआईएम, अहमदाबाद ने आन-लाईन आयोजित की थी।
कुलसचिव प्रो आरएस जागलान ने बताया कि आवेदनकर्ता हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस में 20 जुलाई 2010 को होने वाली पहली काउसलिंग में भाग ले सकता है। यह काउंसलिंग प्रात: 10 बजे आयोजित की जाएगी। इच्छुक विद्यार्थी प्रवेश प्रपत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट डब्ल्यूड़ब्ल्यूडब्ल्यू.जीजेयूएसटी.एसी.इन से डाउनलोड करके या विश्वविद्यालय की शैक्षणिक शाखा से प्राप्त करके 19 जुलाई,2010 सायं 5 बजे तक निदेशक, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं ।
प्रो एससी कुण्डू, निदेशक एवं अधिष्ठïाता, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस ने बताया कि सामान्य श्रेणी के विद्यार्थी 300 रुपये तथा हरियाणा के एससी, बीसी व अपंग श्रेणी के विद्यार्थी 75 रुपये देकर आवेदन प्रपत्र प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि केट-2009 के स्कोर के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी और विद्यार्थियों को काउंसलिंग व दाखिले के लिए बुलाया जाएगा। प्रो कुण्डू ने बताया कि विभाग में 250 सीटों के इलावा कश्मीरी विस्थापितों के लिए भी एक अतिरिक्त सीट निर्धारित की गई है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट देख सकते हैं।
26 शोधार्थियों को पीएच.डी. डिग्री प्रदान करने के लिए योग्य घोषित किया
चंडीगढ़, 14 जुलाई-कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरूक्षेत्र के परीक्षा नियन्त्रक श्री यशपाल गोस्वामी ने बताया कि 26 शोधार्थियों को पीएच.डी. डिग्री प्रदान करने के लिए योग्य घोषित किया गया है। जिन विद्यार्थियों को चयनित किया गया है उनमें लोक प्रशासन विभाग से अनूप सिंह, समाजशास्त्र विभाग से कदम इबोतोम्बी सिंह एवं कुलदीप सिंह, एजूकेशन विभाग से बलजिंद्र सिंह, कंवर शक्ति सिंह, एवं स्वैन बैशनब चरन, फिजिकल एजूकेशन से प्रवीन कादयान, राजेश बूरा एवं प्रवीन कुमार, विधि विभाग से जगत सिंह चांदपुरी, जगदीश चन्द्र खेत्रपाल एवं विजय कुमार, संगीत विभाग से ज्योतसना, संस्कृत विभाग से प्रयाग दत्त शर्मा, पंजाबी विभाग से मंजीत कौर, हिन्दी विभाग से नूतन, विनोद कुमार एवं सोनिका, प्रबन्धन विभाग से रचना एवं स्मृतिधर, टूरिज्म एवं होटल मैनेजमेंट से संदीप मलिक, भौतिकी विभाग से विनोद कुमार, भू-भौतिकी से सुमेर चोपडा, कम्प्यूटर सांईस एवं एप्लीकेशन विभाग से अशीष जौली, जियोलोजी विभाग से नरेश कुमार एवं बायो-टैक्रोलोजी विभाग से राकेश कुमार शामिल हैं।
लेबल:
कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय,
dabwali news,
kuk
विकलांगों के कल्याणार्थ राज्य पुरस्कार 2010-11 के लिए आवेदन आमंत्रित
चंडीगढ़,14 जुलाई- हरियाणा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने विकलांगों के कल्याणार्थ राज्य पुरस्कार 2010-11 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष विकलांग व्यक्तियों एवं विकलांग कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों, जिन्होंने अपने कार्य क्षेत्र में श्रेष्ठï योगदान दिया हो, को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी/स्वरोजगारकर्ता, विकलांगों के नियोक्ता तथा विकलांगों के प्लेसमैंट अधिकारी पुरस्कारों की श्रेणी में शामिल हैं। पुरस्कार स्वरूप 3,000 से 10,000 रुपये नकद व प्रमाण पत्र दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य के सरकारी/अर्धसरकारी व स्वायत्त संस्थानों के उत्कृष्टï विकलांग कर्मचारी अपने आवेदन नियोक्ता की सिफारिशों के साथ, स्वरोजगार चलाने वाले विकलांग व्यक्ति अपने आवेदन सम्बन्धित जिला उपायुक्तों की सिफारिशों के साथ तथा विकलांगों के नियोक्ता एवं प्लेसमैंट अधिकारी के आवेदन श्रम आयुक्त हरियाणा की सिफारिशों के साथ भेजे जाने चाहिए।
आवेदन 30 सितम्बर,2010 तक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा, एससीओ 68-70, सैक्टर 17-ए, चंडीगढ़ कार्यालय में पहुंच जाने चाहिए। निर्धारित आवेदन प्रोफार्मा सम्बन्धित जिला समाज कल्याण अधिकारी या मुख्यालय चंडीगढ़ कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा हर वर्ष विकलांग व्यक्तियों एवं विकलांग कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत व्यक्तियों, जिन्होंने अपने कार्य क्षेत्र में श्रेष्ठï योगदान दिया हो, को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी/स्वरोजगारकर्ता, विकलांगों के नियोक्ता तथा विकलांगों के प्लेसमैंट अधिकारी पुरस्कारों की श्रेणी में शामिल हैं। पुरस्कार स्वरूप 3,000 से 10,000 रुपये नकद व प्रमाण पत्र दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य के सरकारी/अर्धसरकारी व स्वायत्त संस्थानों के उत्कृष्टï विकलांग कर्मचारी अपने आवेदन नियोक्ता की सिफारिशों के साथ, स्वरोजगार चलाने वाले विकलांग व्यक्ति अपने आवेदन सम्बन्धित जिला उपायुक्तों की सिफारिशों के साथ तथा विकलांगों के नियोक्ता एवं प्लेसमैंट अधिकारी के आवेदन श्रम आयुक्त हरियाणा की सिफारिशों के साथ भेजे जाने चाहिए।
आवेदन 30 सितम्बर,2010 तक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा, एससीओ 68-70, सैक्टर 17-ए, चंडीगढ़ कार्यालय में पहुंच जाने चाहिए। निर्धारित आवेदन प्रोफार्मा सम्बन्धित जिला समाज कल्याण अधिकारी या मुख्यालय चंडीगढ़ कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।
हरियाणा पुलिस ने लूट के सम्बन्ध में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया
चंडीगढ़,14 जुलाई- हरियाणा पुलिस ने भिवानी जिले के गांव चिडिय़ा के पैट्रोल पम्प व लोहारू पैट्रोल पम्प पर गत मास हुई लूट के सम्बन्ध में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में चिडिय़ा के योगेश पुत्र सतबीर सिंह व मदनहेडी के प्रदीप व संदीप शामिल हैं। पूछताछ के दौरान योगेश ने बतलाया कि दिनांक 23-24 जून की रात को चिडिय़ा पैट्रोल पम्प से लूट की थी, जो इनोवा गाड़ी लूट के दौरान प्रयोग की थी, वह गाड़ी मदीना के टीनु ने साथियों सहित गुडगांव से लूटी थी, इसी गाड़ी से दिनांक 24-25 जून की रात को लोहारू-पिलानी रोड़ पैट्रोल पम्प पर कार लूट करके ले गये थे उन्होंने बताया कि सी.आई.ए. स्टाफ प्रथम भिवानी ने गत रात्रि तालु जताई चौक जीन्द रोड पर हथियारों से लैस तीन युवकों को वाहन लूटने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक रिवालर 38 बोर देशी 3 कारतूस, सरिया लोहा राड, टार्च व अमित के कब्जा से एक मोटर साईकल सी.बी.जैड डी.एल.4 एस.ए.ई-3856 जो विकासपुरी दिल्ली से चोरी की थी, बरामद की गई है। जिनमें रामकेश वासी मदनहेडी, जोगेन्द्र उर्फ जितेन्द्र व अमित वासी खरखौदा संलिप्त थे।
गहन पूछताछ के दौरान दोषी रामकेश व जोगेन्द्र उर्फ जितेन्द्र ने बतलाया कि दिनांक 3.3.2010 को पेशी के बाद वापिस सफीदों अदालत से सोनीपत जेल जाते हुए जीन्द पुलिस की वैन से पुलिस हिरासत से भागे थे। रामकेश व जोगेन्द्र के खिलाफ हिसार, सोनीपत व जीन्द में कई हत्या के मुकदमे दर्ज हैं।
क्रमांक-2010
गहन पूछताछ के दौरान दोषी रामकेश व जोगेन्द्र उर्फ जितेन्द्र ने बतलाया कि दिनांक 3.3.2010 को पेशी के बाद वापिस सफीदों अदालत से सोनीपत जेल जाते हुए जीन्द पुलिस की वैन से पुलिस हिरासत से भागे थे। रामकेश व जोगेन्द्र के खिलाफ हिसार, सोनीपत व जीन्द में कई हत्या के मुकदमे दर्ज हैं।
क्रमांक-2010
लेबल:
सिरसा news,
dabwali news
बाढ़ से जिले के तीन दर्जन से भी अधिक गांवों की 20 हजार एकड़ में खड़ी फसलों को नुकसान
चंडीगढ़,14 जुलाई- सिरसा जिले में बाढ़ से जिले के तीन दर्जन से भी अधिक गांवों की 20 हजार एकड़ में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के पास जरुरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सेना बुलाई गई है जो निरन्तर घग्घर नदी के बांध में हुए कटों को पाटने का काम कर रही है। जिला प्रशासन द्वारा जनता से घग्घर के तटबंधों पर न जाने की अपील की गई है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा मिट्टी का तेल सप्लाई किया जा रहा है। इसके साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जिसमें डेरा सच्चा सौदा, व्यापार संगठन, गुरुद्वारा कमेटियां व अन्य के सहयोग से खाने के पैकेट व दूध आदि भी पहुंचाएं जा रहे है।
सभी गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ड्यूटी लगाई गई है, जो संबंधित गांवों में बीमार व्यक्तियों को नि:शुल्क दवाईयां दे रही है। इसके साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी प्रकार की महामारी आदि ना फैले, जिस पर विभाग के अधिकारियों द्वारा पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए टैंकर आदि की व्यवस्था की गई है, जो लोगों की जरुरत अनुसार संबंधित गांवों में पानी की सप्लाई कर रहे है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशुधन को भी बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की टीम गठित की गई हैै जो निरन्तर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जा रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसके साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाए लगातार प्रशासन और सेना का साथ दे रही है।
उन्होंने बताया कि जिला में तीन दर्जन से भी अधिक गांवों की लगभग 20 हजार एकड़ भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है जिनमें नेजाडेला कलां, नेजाडेला खुर्द, फरवाई कलां, फरवाई खुर्द, पनिहारी, बुर्ज कर्मगढ़, लहंगेवाला, किराड़कोट, बुढ़ाभाणा, बनसुधार, मल्लेवाला, चामल, रंगा, नागोकी, मुसाहिबवाला, झोरडनाली, केलनियां, मीरपुर, अहमदपुर, फिरोजाबाद, ढाणी सतनाम सिंह, नगराना, रानियां की भूमि शामिल है। उन्होंने बताया कि गांवों में जरुरत के मुताबिक बांध आदि बनाने के लिए जेसीबी की मशीने दी गई है। जिला में तीन दर्जन से भी अधिक जेसीबी मशीनों को इस कार्य के लिए लगाया गया है। इसके साथ-साथ मिट्टी भरने के लिए बैग दिए गए है। जिला प्रशासन द्वारा सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर तैनात किया गया है जो अपनी टीम के साथ गांव में ही तैनात है और बाढ़ बचाओ प्रबंधों की निगरानी कर रहे है। घग्घर के तटबंधों पर पुलिस की गश्त जारी है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा मिट्टी का तेल सप्लाई किया जा रहा है। इसके साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जिसमें डेरा सच्चा सौदा, व्यापार संगठन, गुरुद्वारा कमेटियां व अन्य के सहयोग से खाने के पैकेट व दूध आदि भी पहुंचाएं जा रहे है।
सभी गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ड्यूटी लगाई गई है, जो संबंधित गांवों में बीमार व्यक्तियों को नि:शुल्क दवाईयां दे रही है। इसके साथ-साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी प्रकार की महामारी आदि ना फैले, जिस पर विभाग के अधिकारियों द्वारा पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पीने के पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए टैंकर आदि की व्यवस्था की गई है, जो लोगों की जरुरत अनुसार संबंधित गांवों में पानी की सप्लाई कर रहे है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशुधन को भी बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की टीम गठित की गई हैै जो निरन्तर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जा रही है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसके साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाए लगातार प्रशासन और सेना का साथ दे रही है।
उन्होंने बताया कि जिला में तीन दर्जन से भी अधिक गांवों की लगभग 20 हजार एकड़ भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है जिनमें नेजाडेला कलां, नेजाडेला खुर्द, फरवाई कलां, फरवाई खुर्द, पनिहारी, बुर्ज कर्मगढ़, लहंगेवाला, किराड़कोट, बुढ़ाभाणा, बनसुधार, मल्लेवाला, चामल, रंगा, नागोकी, मुसाहिबवाला, झोरडनाली, केलनियां, मीरपुर, अहमदपुर, फिरोजाबाद, ढाणी सतनाम सिंह, नगराना, रानियां की भूमि शामिल है। उन्होंने बताया कि गांवों में जरुरत के मुताबिक बांध आदि बनाने के लिए जेसीबी की मशीने दी गई है। जिला में तीन दर्जन से भी अधिक जेसीबी मशीनों को इस कार्य के लिए लगाया गया है। इसके साथ-साथ मिट्टी भरने के लिए बैग दिए गए है। जिला प्रशासन द्वारा सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर तैनात किया गया है जो अपनी टीम के साथ गांव में ही तैनात है और बाढ़ बचाओ प्रबंधों की निगरानी कर रहे है। घग्घर के तटबंधों पर पुलिस की गश्त जारी है।
लेबल:
फसलों,
बाढ़ प्रभावित,
सिरसा समाचार,
dabwali news,
sirsa news
बरसात के बाद शहर की जल निकासी पूरी तरह ठप
सिरसा, 14 जुलाई। शहर में दो दिन पहले हुई मानसून की बरसात के बाद शहर की ज
ल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है और जिन इलाकों में जल भराव की स्थिति बनी हुई है वहां पर बीमारियां फैल रही है। शहर के नौहरिया बाजार की गली सांडशाला वाली में अपाहिज आश्रम के पीछे स्थित मंदिर के सामने सीवर का जहरीला और गंदा पानी पिछले तीन चार दिनों से लगातार जमा हुआ है इस पानी के कारण यहां के आसपास के लोगों का जीवन नर्क हो गया है। गंदे पानी में बीमारी पैदा करने वाले मच्छरों की भरमार है और सारा वातावरण बदबूदार होने से लोगों को अपने घरों में बैठना तक दुभर हो गया है। इस संबंध में इसी गली के निवासी श्रीश्री गोपाल शास्त्री ने जनस्वास्थ्य विभाग को लिखित शिकायत दी है लेकिन दो दिन बीत जाने के बावजूद इस पानी की निकासी के लिए कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। आज गली वासियों ने मंदिर के मुख्यद्वार पर भरे पानी को दिखाते हुए बताया कि मामूली बूंदाबांदी से यहां यह हालात पैदा हो जाते हैं और यदि मूसलाधार बारिस हो जाए तो सीवर का पानी घरों की रसोई तक पहुंच जाता है। श्री शास्त्री ने बताया कि वे आज ही सारे मामले की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री को ईमेल से प्रेषित कर रहे हैं और जिला उपायुक्त को भी पूरी स्थिति से अवगत करवाया जाएगा।
ल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है और जिन इलाकों में जल भराव की स्थिति बनी हुई है वहां पर बीमारियां फैल रही है। शहर के नौहरिया बाजार की गली सांडशाला वाली में अपाहिज आश्रम के पीछे स्थित मंदिर के सामने सीवर का जहरीला और गंदा पानी पिछले तीन चार दिनों से लगातार जमा हुआ है इस पानी के कारण यहां के आसपास के लोगों का जीवन नर्क हो गया है। गंदे पानी में बीमारी पैदा करने वाले मच्छरों की भरमार है और सारा वातावरण बदबूदार होने से लोगों को अपने घरों में बैठना तक दुभर हो गया है। इस संबंध में इसी गली के निवासी श्रीश्री गोपाल शास्त्री ने जनस्वास्थ्य विभाग को लिखित शिकायत दी है लेकिन दो दिन बीत जाने के बावजूद इस पानी की निकासी के लिए कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। आज गली वासियों ने मंदिर के मुख्यद्वार पर भरे पानी को दिखाते हुए बताया कि मामूली बूंदाबांदी से यहां यह हालात पैदा हो जाते हैं और यदि मूसलाधार बारिस हो जाए तो सीवर का पानी घरों की रसोई तक पहुंच जाता है। श्री शास्त्री ने बताया कि वे आज ही सारे मामले की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री को ईमेल से प्रेषित कर रहे हैं और जिला उपायुक्त को भी पूरी स्थिति से अवगत करवाया जाएगा।
लेबल:
सिरसा समाचार,
CM of haryana,
dabwali news,
sirsa news
कहां हैं भारत बंद वाले लोग : सावन सिंह
सिरसा,14 जुलाई। विश्वव्यापी मंहगाई और अन्य मुद्दों पर रोजाना प्रांतबंद, देश बंद करवाकर लोगों को परेशान करने वाले राजनैतिक दल प्रदेश में आई बाढ़ को लेकर जरा भी चिंतित नहीं है और हरियाणा के मुख्यमंत्री चौ.भूपेंद्र सिंह हुड्डा पूरे बाढ़ क्षेत्र का दौरा करके पीडि़त किसानों से हमदर्दी जता रहे हैं। यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सावन सिंह ने ओटू में घग्गर नदी पर अपने सैंकड़ों साथियों के साथ किसानों की मदद करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि यह बाढ़ प्राकृतिक आपदा है तथा इस पर राजनीति करने की बजाए पीडि़त लोगों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कल तक भारत बंद के लिए सड़कों पर उतरने वाले लोग अपने बाढ़ से ग्रस्त क्षेत्र में किसी भी एक भी किसान की मदद के लिए घर से बाहर नहीं निकल रहा। उन्होंने कहा कि केवल ड्राईंग रूम में बैठकर थोथी ब्यानबाजी करके लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। सावन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र सरकार ने 1 हजार करोड़ रूपए की आर्थिक मदद की मांग की है और उन्होंने स्पैशल गिरदावरी के आदेश जारी करके किसानों को मदद पहुंचाने की पहल की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अम्बाला से लेकर सिरसा तक पूरे क्षेत्र का समूचित दौरा करके बाढ़ से हुए नुक्सान का सही आंकलन जुटा कर केंद्र सरकार को भेज दिया है।
जिलाउपाध्यक्ष ने जरा-जरा सी बात पर दुकानें बंद करवाने वाले लोगों से अपील की कि अब उन्हें बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए और पीेडि़तों के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के लिए काम करना चाहिए। सावन सिंह ने जिला प्रशासन की भी प्रशंसा की और कहा कि प्रशासन की सर्तकता के कारण ही सिरसा जिला के आबादी वाले इलाकों में बाढ़ का पानी नहीं आया और कृषि क्षेत्र का भी कम से कम नुक्सान होने दिया गया है। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष ने फिर अपील की कि इस मुद्दे पर सभी राजनैतिक दलगत भावना से ऊपर उठकर पीडि़तों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं लगातार घग्गर के किनारों पर लोगों के साथ काम में हाथ बंटा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह बाढ़ प्राकृतिक आपदा है तथा इस पर राजनीति करने की बजाए पीडि़त लोगों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कल तक भारत बंद के लिए सड़कों पर उतरने वाले लोग अपने बाढ़ से ग्रस्त क्षेत्र में किसी भी एक भी किसान की मदद के लिए घर से बाहर नहीं निकल रहा। उन्होंने कहा कि केवल ड्राईंग रूम में बैठकर थोथी ब्यानबाजी करके लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। सावन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्र सरकार ने 1 हजार करोड़ रूपए की आर्थिक मदद की मांग की है और उन्होंने स्पैशल गिरदावरी के आदेश जारी करके किसानों को मदद पहुंचाने की पहल की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अम्बाला से लेकर सिरसा तक पूरे क्षेत्र का समूचित दौरा करके बाढ़ से हुए नुक्सान का सही आंकलन जुटा कर केंद्र सरकार को भेज दिया है।
जिलाउपाध्यक्ष ने जरा-जरा सी बात पर दुकानें बंद करवाने वाले लोगों से अपील की कि अब उन्हें बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए और पीेडि़तों के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के लिए काम करना चाहिए। सावन सिंह ने जिला प्रशासन की भी प्रशंसा की और कहा कि प्रशासन की सर्तकता के कारण ही सिरसा जिला के आबादी वाले इलाकों में बाढ़ का पानी नहीं आया और कृषि क्षेत्र का भी कम से कम नुक्सान होने दिया गया है। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष ने फिर अपील की कि इस मुद्दे पर सभी राजनैतिक दलगत भावना से ऊपर उठकर पीडि़तों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं लगातार घग्गर के किनारों पर लोगों के साथ काम में हाथ बंटा रहे हैं।
लेबल:
सिरसा समाचार,
cogress(I),
dabwali news,
inld,
MARKET RATES
मंगलवार, 13 जुलाई 2010
योजनाबद्ध ढंग से हो रहा है-''काल गर्ल्स सप्लाई ''का कारोबार
सिरसा(प्रैसवार्ता)दिल्ली के देह व्यापार माफिया ने हरियाणा के कई राजनेताओं तथा सरकारी तंत्र को अपनी चंगुल में फंसा कर ''काल गर्ल्स सप्लाई" का कारोबार शुरू कर दिया है, जो राजधानी चंडीगढ़ से होता हुआ विभिन्न-विभिन्न जिलों से होता सिरसा तक पहुंच गया है। इस गिरोह में फंसे राजनेताओं तथा सरकारी तंत्र ने अपने-अपने क्षेत्रों में ठिकाने बनवाने के साथ-साथ रंगीन मिजाजों से संपर्क तक करवा दिया है। सिरसा शहर में बने ठिकानों तक तो पुलिस का पहुंचना कठिन है, क्योंकि यहां के बदलते ठिकानों के साथ-साथ रंगीन मिजाजों के लिए बठिण्डा, हिसार, हांसी, भिवानी से ''काल गर्ल्स सप्लाई" होती हैं। ''प्रैसवार्ता" को मिली जानकारी अनुसार इस गिरोह से जुड़े लोगों द्वारा देह व्यापार के धंधे में संलिप्त महिलाओं के माध्यम से कामकाजी महिलाओं, कालेजों की छात्राएं, बढ़ती महंगाई से प्रभावित मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाएं व लड़कियां तथा ब्यूटी पार्लर का काम करने वाली महिलाओं व लड़कियों को धकेला जा रहा है और बाद में उन्हें डरा धमका व ब्लैकमेलिंग करके नई युवतियों को इस कारोबार में लाने के लिए विवश किया जाता है। इस गिरोह में संलिप्त ''काल गर्ल्स " को रंगीन मिजाज रईसाजादों तथा सरकारी तंत्र से मधुर संबंध बनाने की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। दिल्ली के इस गिरोह के संचालक प्रदेशभर के इन ठिकानों से प्रतिमास एक निर्धारित राशी लेते हैं ओर जरूरत पडऩे पर ''काल गर्ल्स" का आदान-प्रदान करते हैं। इस कारोबार में फंसने वाले अमीरजादों तथा सरकारी तंत्र को भी इस गिरोह द्वारा समय-समय पर ब्लैकमेल किया जाता है। प्रदेश में तेजी से फल-फूल रहे इस कारोबार में महत्वकांक्षी पुरूष तथा महिलाएं ज्यादा शरीक होने लगे हैं। अपनी इस घृणित कार्यप्रणाली को अखबारी सुर्खियों से बचाने के लिए इस गिरोह ने अपने कुछ विश्वास पात्रों को पत्रकारिता का लबादा भी पहना दिया है, हालांकि ऐसे लोग पत्रकारिता का क.ख.ग नहीं जानते। कुछ समय पूर्व सिरसा जिला का एक वरिष्ठ अधिकारी (अब स्थानांतरित) ''काल गर्ल्स" सप्लाई के मामले को लेकर चर्चित हुआ था। इस अधिकारी ने अपने विभागीय मंत्री की खुशामदी के लिए विभाग की ही एक महिला कर्मचारी को मंत्री को खुश करने के लिए पेश किया, तो मामला उल्ट हो गया, क्योंकि वह मंत्री जी के परिचित परिवार से थी। मामला चर्चित तो हुआ, मगर शीघ्र ही दब गया, क्योंकि संबंधित अधिकार सर्वगुण सम्पन्न होने के कारण मामले को दबाने में कामयाब हो गये थे। इस धंधे की जानकारी रखने वाले एक रंगीन मिजाज ने नाम न छापने की शर्त पर ''प्रैसवार्ता" को बताया कि सिरसा में अभी स्थाई ठिकाने तो नहीं बने हैं और जिन ठिकानों पर यह धंधा होता है, वहां सुविधाओं का अभाव होने के कारण सिर्फ हवस पूरी ही होती है, जबकि मनोरंजन के लिए काल गल्र्ज को सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ता है, जिसकी तलाश ग्राहक को करनी पड़ती है। इस गिरोह के सदस्य एवं दलाल ब्लयू फिल्मों का कारोबार करने के साथ-साथ ब्लयू फिल्मों के देखने के शौकीनों पर कड़ी नजर रखते हैं और जानकारी मिलने पर उनसे संबंध बनाकर अपने जाल में उलझा लेते हैं। पुलिस प्रशासन चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता, क्योंकि इस गिरोह से जुड़े लोगों की सतर्कता काफी होती है, वैसे भी कानूनी लचीलापन, राजनेताओं का दवाब भी इस धंधे को फलने-फूलने से रोकने में कामयाब नहीं होने देता, जिस कारण इस गिरोह के हौंसले बुलन्द हैं ओर कारोबार में तेजी आ रही है।
लेबल:
call gal,
dabwali news,
HOMO SEXUAL,
SEX,
Sexual exploitation,
sexy vedio
साध संगत द्वारा बाढ़ पीतिडों के लिए 15 दिनों तक लगातार लंगर वितरित किया जाएगा: सिंह
सिरसा- गुरू नानक नगर की साध संगत द्वारा बाढ़ पीडितों की सहायता के लिए आगामी 15 दिनों तक लगातार राहत शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस बात की जानकारी अमरजीत सिंह व डा. अवतार सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि साध संगत द्वारा सुबह और शाम दोनों समय गुरूद्वारा साहिब से लंगर तैयार करके जहां-जहां भी बाढ़ से पीडित लोग ठहरे हैं वहां-वहां लंगर द्वार-द्वार तक पहुंचाया जाएगा। इसके इलावा पीने के पानी की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके लिए साध संगत तथा युवा वर्ग की टीमें गठित की गई है। जो निरंतर वाहनों द्वारा लंगर पहुंचाने का कार्य करेंगी। इसके इलावा दवाईयों का कैम्प भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों स्थापित कर दिया जाएगा। अमरजीत सिंह व डा. अवतार सिंह ने बताया कि जिन परिवारों के पास लाईट की व्यवस्था नहीं है अथवा पशुओं के लिए चारा नहीं है उनके लिए भी गुरूनानक नगर की साध संगत द्वारा विशेष प्रबंध किए जाएंगे ताकि किसी को भी बाढ से परेशानी न हो। इस कार्य केलिए परमजीत सिंह व डा. अवतार सिंह साध संगतों से अपील की है वो बढ़ चढकर सहयोग करें तथा कच्चा राशन गुरूद्वारा साहिब में पहुंचाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लंगर पहुंचाया जा सकें।
लेबल:
सिरसा समाचार,
dabwali news,
sirsa news
बाढ़ पीडि़तों के सहायतार्थ चिकित्सा कैम्प का आयोजन
सिरसा- नगर की प्रमुख समाजसेवी संस्था श्री मारूति चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं नगरपार्षद रमेश मेहता ने हाल ही में घग्घर नदी के तटबंध टूटने से उपजी प्राकृतिक आपदा से प्रभावित गांवों के लोगों की सहायतार्थ नगर की सभी समाजसेवी संस्थाओं तथा सामाजिक संगठनों से आगे आने का आह्वान किया है। आज यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से श्री मेहता ने कहा कि घग्घर नदी की चपेट में आए दर्जनों गांवों के लोग जगह-जगह पर बांध पर हुए कटाव को रोकने के लिए दिन-रात मिलकर काम कर रहे हैं जिसकी वजह से सिरसा शहर भी अब तक सुरक्षित है। श्री मेहता ने कहा कि इन लोगों तथा प्रभावित गांवों से पलायन कर चुके ग्रामवासी जो कि इधर-उधर शरण लिए हुए हैं के लिए लंगर, पीने का पानी, चिकित्सा व्यवस्था एवं उनके पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था में सहयोग करने हेतु संस्थाएं तन-मन-धन से सहयोग दें ताकि इस प्राकृतिक आपदा से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, वायुसेना, शाह सतनाम ग्रीन-एस वैल्फेयर ट्रस्ट एवं सरकारी मशीनरी भी बाढ़ पीडि़तों के बचाव के लिए जी-जान से कार्यरत है परन्तु प्रशासन को जनसहयोग देने से यह कार्य और भी अधिक प्रभावी तरीके से होगा। उन्होंने शहर में लॉयन्ज क्लब के पदाधिकारियों से भी बाढ़ पीडि़तों के सहायतार्थ चिकित्सा कैम्प का आयोजन करने का भी आह्वान किया है ताकि बाढ़ के पानी से फैलने वाली संक्रामक बीमारियों से लोगों की रक्षा की जा सके। इसी कड़ी में गत दिवस श्री मारूति चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रभावित गांवों में लंगर की व्यवस्था की गई तथा भाई कन्हैया मानव सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष गुरविन्द्र सिंह व ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों द्वारा गांवों में पीने के पानी के टंैकर भिजवाकर बाढ़ पीडि़तों की मदद की जा रही है।
लेबल:
dabwali news,
sirsa news
मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए सोनिया गांधी के दरबार में चक्कर लगा रहे है: अभय चौटाला
सिरसा-यदि समय रहते शासन व प्रशासन बाढ़ की रोकथाम के इंतजाम क
र लेते तो आज सिरसा व गांवों के हालात बाढ़ के कारण इतने खराब ना होते और किसान उजडऩे से बच जाते। यह बात ऐलनाबाद के विधायक एवं खेलरत्न अभय सिंह चौटाला ने आज बाढ़ ग्रस्त गांवों का दौरान करने के बाद एक पत्रकार वार्ता में कही। श्री चौटाला ने बाढ़ ग्रस्त ग्रामीणों से मिलकर उनसे सहानुभूति जताई और उनके दुख में शामिल हुए। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अब जबकि घग्घर ने अपना कहर बरपा दिया है और हजारों एकड़ भूमि में खड़ी फसल नष्ट हो गई है अब शासन व प्रशासन घडिय़ाली आंसू बहा रहा है। उन्होंने कहा कि अंबाला व कुरुक्षेत्र में बाढ़ आने के 6 दिन बाद सिरसा में घग्घर नदी ने तबाही मचाई लेकिन प्रशासन चैन की नींद सोया रहा और गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए। उन्होंने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन को घग्घर नदी के ऊफान का पता होने के बाद भी सिरसा के उपायुक्त व उपमंडलाधीश छुट्टी पर चले गए जिससे पता चलता है कि प्रशासन बाढ़ के प्रति कितना गंभीर था। ऐलनाबाद विधायक ने मुख्यमंत्री पर सिरसा की जनता के साथ भद्दा मजाक करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले तो मुख्यमंत्री ने सिरसा को बाढ़ से बचाने के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए लेकिन अब बाढ़ आने के बाद व सिरसा की ग्रामीण जनता के उजडऩे का तमाशा देखने के लिए आए है। इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा बाढ़ से ग्रस्त है लेकिन मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए सोनिया गांधी के दरबार में चक्कर लगा रहे है जिन्हें हरियाणा की जनता के दुख दर्द से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इनेलो बाढ़ को लेकर कोई राजनीति नहीं करती है अपितु दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इनेलो सुप्रीमो चौ. ओ३म प्रकाश चौटाला के आदेशानुसार इनेलो कार्यकर्ता टै्रक्टर ट्रालियों सहित व अन्य साधनों से बाढ़ पीडि़तों की सहायता कर रहे है। एक प्रश्र के उतर में उन्होंने कहा कि हांसी-भुटाना नहर को लेकर हमारी आंशका सही निकली और जनता का 350 सौ करोड़ रुपए लगाकर भी इस नहर ने केवल तबाही मचाने का काम किया है। अभय सिंह ने कहा कि घग्गर नदी के तटबंधों पर मिट्टी डालकर उसे पक्का करने के लिए करोड़ों रुपए फर्जी तौर पर कागजों में दिखाए लेकिन तटबंधों को पक्का नहीं किया गया इस फर्जी बाड़े की मुख्यमंत्री किसी एजैंसी से जांच करवाए कि वह पैसा कहां गया? उन्होंने कहा कि अगर तटबंध पक्के हो जाते तो आज बाढ़ की हालात ना होती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सिरसा आकर नाटक करने की कोई जरूरत नहीं थी यदि वे बाढ़ के प्रति गंभीर होते तो चंडीगढ़ में बैठकर अधिकारियों को आदेश दे सकते थे। श्री चौटाला ने बाढ़ राहत कार्यो में जुटे किसानों द्वारा डीजल मांगने पर पुलिस द्वारा उन पर लाठी चार्ज की कड़ी निंदा की। श्री चौटाला ने कहा कि जिस मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार बाढ़ राहत कार्यो के लिए 22 सौ करोड़ मांगने पर केवल 2 सौ करोड़ रुपए देती है ऐसे मुख्यमंत्री को अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बाढ़ आने के लिए पंजाब को दोषी ठहराकर मुख्यमंत्री व उनके मंत्रीमंडल के सहयोगी अपनी जुम्मेवारी से पल्ला झाड़ रहे है। ऐलनाबाद के विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जहां सरकारी खजाने पर बोझ पड़ता है वहीं पर प्रशासन का ध्यान भी बाढ़ राहत कार्यो से बंट जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिरसा व फतेहाबाद में विकास कार्यो के प्रति उदासीन थे और इन क्षेत्रों में बाढ़ रोकने के प्रबंध में रूचि ना दिखाकर मुख्यमंत्री ने अपनी मनशा प्रकट कर दी। उन्होंने कहा कि सेना को राहत कार्यों के लिए पहले से ही बुला लिया जाता तो ऐसी विकट स्थिति पैदा ना होती। उन्होंने सरकार से पूरजोर मांग करते हुए कहा कि किसानों की फसलों की गिरदावरी तुरंत करवाई जाए और उन्हें 25 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देकर उनके घावों पर मरहम लगाई जाए तथा किसानों के फसल के ऋण व दूसरे ऋणों को तुरंत प्रभाव से माफ किया जाए ताकि किसान अपना जीवन आसानी से जी सके। इस अवसर पर उनके साथ अमीर चावला, महावीर बागड़ी, विनोद दड़बी, धर्मवीर नैन, महावीर शर्मा उपस्थित थे।
र लेते तो आज सिरसा व गांवों के हालात बाढ़ के कारण इतने खराब ना होते और किसान उजडऩे से बच जाते। यह बात ऐलनाबाद के विधायक एवं खेलरत्न अभय सिंह चौटाला ने आज बाढ़ ग्रस्त गांवों का दौरान करने के बाद एक पत्रकार वार्ता में कही। श्री चौटाला ने बाढ़ ग्रस्त ग्रामीणों से मिलकर उनसे सहानुभूति जताई और उनके दुख में शामिल हुए। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अब जबकि घग्घर ने अपना कहर बरपा दिया है और हजारों एकड़ भूमि में खड़ी फसल नष्ट हो गई है अब शासन व प्रशासन घडिय़ाली आंसू बहा रहा है। उन्होंने कहा कि अंबाला व कुरुक्षेत्र में बाढ़ आने के 6 दिन बाद सिरसा में घग्घर नदी ने तबाही मचाई लेकिन प्रशासन चैन की नींद सोया रहा और गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए। उन्होंने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन को घग्घर नदी के ऊफान का पता होने के बाद भी सिरसा के उपायुक्त व उपमंडलाधीश छुट्टी पर चले गए जिससे पता चलता है कि प्रशासन बाढ़ के प्रति कितना गंभीर था। ऐलनाबाद विधायक ने मुख्यमंत्री पर सिरसा की जनता के साथ भद्दा मजाक करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले तो मुख्यमंत्री ने सिरसा को बाढ़ से बचाने के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए लेकिन अब बाढ़ आने के बाद व सिरसा की ग्रामीण जनता के उजडऩे का तमाशा देखने के लिए आए है। इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा बाढ़ से ग्रस्त है लेकिन मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए सोनिया गांधी के दरबार में चक्कर लगा रहे है जिन्हें हरियाणा की जनता के दुख दर्द से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इनेलो बाढ़ को लेकर कोई राजनीति नहीं करती है अपितु दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इनेलो सुप्रीमो चौ. ओ३म प्रकाश चौटाला के आदेशानुसार इनेलो कार्यकर्ता टै्रक्टर ट्रालियों सहित व अन्य साधनों से बाढ़ पीडि़तों की सहायता कर रहे है। एक प्रश्र के उतर में उन्होंने कहा कि हांसी-भुटाना नहर को लेकर हमारी आंशका सही निकली और जनता का 350 सौ करोड़ रुपए लगाकर भी इस नहर ने केवल तबाही मचाने का काम किया है। अभय सिंह ने कहा कि घग्गर नदी के तटबंधों पर मिट्टी डालकर उसे पक्का करने के लिए करोड़ों रुपए फर्जी तौर पर कागजों में दिखाए लेकिन तटबंधों को पक्का नहीं किया गया इस फर्जी बाड़े की मुख्यमंत्री किसी एजैंसी से जांच करवाए कि वह पैसा कहां गया? उन्होंने कहा कि अगर तटबंध पक्के हो जाते तो आज बाढ़ की हालात ना होती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सिरसा आकर नाटक करने की कोई जरूरत नहीं थी यदि वे बाढ़ के प्रति गंभीर होते तो चंडीगढ़ में बैठकर अधिकारियों को आदेश दे सकते थे। श्री चौटाला ने बाढ़ राहत कार्यो में जुटे किसानों द्वारा डीजल मांगने पर पुलिस द्वारा उन पर लाठी चार्ज की कड़ी निंदा की। श्री चौटाला ने कहा कि जिस मुख्यमंत्री को केंद्र सरकार बाढ़ राहत कार्यो के लिए 22 सौ करोड़ मांगने पर केवल 2 सौ करोड़ रुपए देती है ऐसे मुख्यमंत्री को अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बाढ़ आने के लिए पंजाब को दोषी ठहराकर मुख्यमंत्री व उनके मंत्रीमंडल के सहयोगी अपनी जुम्मेवारी से पल्ला झाड़ रहे है। ऐलनाबाद के विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जहां सरकारी खजाने पर बोझ पड़ता है वहीं पर प्रशासन का ध्यान भी बाढ़ राहत कार्यो से बंट जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सिरसा व फतेहाबाद में विकास कार्यो के प्रति उदासीन थे और इन क्षेत्रों में बाढ़ रोकने के प्रबंध में रूचि ना दिखाकर मुख्यमंत्री ने अपनी मनशा प्रकट कर दी। उन्होंने कहा कि सेना को राहत कार्यों के लिए पहले से ही बुला लिया जाता तो ऐसी विकट स्थिति पैदा ना होती। उन्होंने सरकार से पूरजोर मांग करते हुए कहा कि किसानों की फसलों की गिरदावरी तुरंत करवाई जाए और उन्हें 25 हजार प्रति एकड़ मुआवजा देकर उनके घावों पर मरहम लगाई जाए तथा किसानों के फसल के ऋण व दूसरे ऋणों को तुरंत प्रभाव से माफ किया जाए ताकि किसान अपना जीवन आसानी से जी सके। इस अवसर पर उनके साथ अमीर चावला, महावीर बागड़ी, विनोद दड़बी, धर्मवीर नैन, महावीर शर्मा उपस्थित थे।
लेबल:
अभय चौटाला,
सिरसा समाचार,
dabwali news,
sirsa news
शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग केसेवादार बाढ़ पीडि़तों की सहायता में जुटे
सिरसा-सिरसा जिला के बाढग़्रस्त क्षेत्रों में शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फे
यर फोर्स विंग के लगभग 1000 से अधिक सेवादार बाढ़ पीडि़तों की सहायता में जुटे हुए हैं। विंग के सेवादार घग्घर के बांध को मजबूत करने के साथ-साथ बाढ़ पीडि़तों को सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं तथा उनके लिए भोजन व चिकित्सा शिविरों के माध्यम से दवाईयां इत्यादि उपलब्ध करवा रहे हैं। यह जानकारी देते हुए डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता डॉ. पवन इन्सां ने बताया कि शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार फरवाईं, नेजाडेला, रानियां के फिरोजाबाद, झोंपड़ा इत्यादि गांवों में बांध बनाने व पीडि़तों को राहत पहुंचाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि विंग के सेवादार दो जेसीबी मशीनों सहित सैंकड़ों वाहनों, जिनमें ट्रैक्टर-ट्रालियां, कैंटर इत्यादि शामिल हैं, के द्वारा दिन-रात सेवादार कार्य में जुटे हैं। श्री इन्सां ने बताया कि विंग के सदस्यों द्वारा जेसीबी मशीनों व ट्रैक्टरों के जरिये बांध को पाटने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा सैकड़ों सदस्यों द्वारा मिट्टी के गट्टों इत्यादि के द्वारा बांधों को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स के सदस्यों द्वारा बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है तथा उनके लिए भोजन-लंगर इत्यादि की व्यवस्था की जा रही है। श्री इन्सां ने बताया कि विंग द्वारा बाढग़्रस्त इलाकों में चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं, जिसमें मोबाईल हॉस्पिटल फरिश्ता के साथ चिकित्सक जरूरतमंद लोगों को दवाईयां इत्यादि मुहैया करवा रहे हैं। डॉ. पवन इन्सां ने सेवादारों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में बाढग़्रस्त इलाकों में पहुंचे तथा वहां पर तेजी से राहत कार्य चलाएं।
यर फोर्स विंग के लगभग 1000 से अधिक सेवादार बाढ़ पीडि़तों की सहायता में जुटे हुए हैं। विंग के सेवादार घग्घर के बांध को मजबूत करने के साथ-साथ बाढ़ पीडि़तों को सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं तथा उनके लिए भोजन व चिकित्सा शिविरों के माध्यम से दवाईयां इत्यादि उपलब्ध करवा रहे हैं। यह जानकारी देते हुए डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता डॉ. पवन इन्सां ने बताया कि शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार फरवाईं, नेजाडेला, रानियां के फिरोजाबाद, झोंपड़ा इत्यादि गांवों में बांध बनाने व पीडि़तों को राहत पहुंचाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि विंग के सेवादार दो जेसीबी मशीनों सहित सैंकड़ों वाहनों, जिनमें ट्रैक्टर-ट्रालियां, कैंटर इत्यादि शामिल हैं, के द्वारा दिन-रात सेवादार कार्य में जुटे हैं। श्री इन्सां ने बताया कि विंग के सदस्यों द्वारा जेसीबी मशीनों व ट्रैक्टरों के जरिये बांध को पाटने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा सैकड़ों सदस्यों द्वारा मिट्टी के गट्टों इत्यादि के द्वारा बांधों को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर फोर्स के सदस्यों द्वारा बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है तथा उनके लिए भोजन-लंगर इत्यादि की व्यवस्था की जा रही है। श्री इन्सां ने बताया कि विंग द्वारा बाढग़्रस्त इलाकों में चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं, जिसमें मोबाईल हॉस्पिटल फरिश्ता के साथ चिकित्सक जरूरतमंद लोगों को दवाईयां इत्यादि मुहैया करवा रहे हैं। डॉ. पवन इन्सां ने सेवादारों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में बाढग़्रस्त इलाकों में पहुंचे तथा वहां पर तेजी से राहत कार्य चलाएं। प्रथम विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन
डबवाली-मानवता की सेवा में समॢपत नगर की अग्रणी संस्था डबवाली
जन - सहारा सेवा संस्था ने आज जीटी रोड़ ऐसोसिऐशन की सहायता से आज स्थानीय सिरसा रोड़ स्थित चौ. संदीप पेट्रोल पम्प के सामने प्रथम विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया। शिविर का शुभारम्भ समाजसेवी चौधरी गुलाब सिंह श्योराण ने रक्तदान करके किया तथा अपने संबोधन में उन्होंने रक्तदान को सबसे श्रेष्ट दान की संज्ञा दी। संस्था द्वारा आयोजित प्रथम रक्तदान शिविर में नगर के उत्साहित युवकों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। यह जानकारी देते हुए सस्था के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त रक्तदान शिविर में रक्त एकत्रित करने के लिए शिव शक्ति ब्लॅड बैंक सिरसा से अनुभवी डॉक्टरों की टीम में डॉ. एल. एन. गुप्ता, डॉ. धर्मपाल, विनोद कुमार, अमनदीप, जनकराज सहित राकेश कुमार पहुंचे तथा उन्होंने रिकार्ड तोड़ 143 यूनिट रक्त एकत्रित किया। जबकि 75 युवाओं को वापिस लौट जाना पड़ा। इस अवसर पर सभी रक्तदाताओं को दूध व फलाहार के साथ - साथ प्रशंसा पत्र व बैच लगा कर सम्मानित किया गया। उक्त शिविर के सफल आयोजन के लिए संस्था सदस्यों ने जीटी रोड़ ऐसोसिऐशन के साथ - साथ सभी का आभार जताया तथा शिविर की सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने निकट भविष्य में शीघ्र ही एक ओर रक्तदान शिविर आयोजित करने का संकल्प लिया।
जन - सहारा सेवा संस्था ने आज जीटी रोड़ ऐसोसिऐशन की सहायता से आज स्थानीय सिरसा रोड़ स्थित चौ. संदीप पेट्रोल पम्प के सामने प्रथम विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया। शिविर का शुभारम्भ समाजसेवी चौधरी गुलाब सिंह श्योराण ने रक्तदान करके किया तथा अपने संबोधन में उन्होंने रक्तदान को सबसे श्रेष्ट दान की संज्ञा दी। संस्था द्वारा आयोजित प्रथम रक्तदान शिविर में नगर के उत्साहित युवकों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। यह जानकारी देते हुए सस्था के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त रक्तदान शिविर में रक्त एकत्रित करने के लिए शिव शक्ति ब्लॅड बैंक सिरसा से अनुभवी डॉक्टरों की टीम में डॉ. एल. एन. गुप्ता, डॉ. धर्मपाल, विनोद कुमार, अमनदीप, जनकराज सहित राकेश कुमार पहुंचे तथा उन्होंने रिकार्ड तोड़ 143 यूनिट रक्त एकत्रित किया। जबकि 75 युवाओं को वापिस लौट जाना पड़ा। इस अवसर पर सभी रक्तदाताओं को दूध व फलाहार के साथ - साथ प्रशंसा पत्र व बैच लगा कर सम्मानित किया गया। उक्त शिविर के सफल आयोजन के लिए संस्था सदस्यों ने जीटी रोड़ ऐसोसिऐशन के साथ - साथ सभी का आभार जताया तथा शिविर की सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने निकट भविष्य में शीघ्र ही एक ओर रक्तदान शिविर आयोजित करने का संकल्प लिया।
लेबल:
डबवाली समाचार,
blood donation,
dabwali news
प्लॉट पर मवेशियों के बांधने को लेकर हुए झगड़े में एक व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल
डबवाली- उपमण्डल के गांव डबवाली में प्लॉट पर मवेशियों के बांधने को लेकर हुए झगड़े में आज प्रात: एक व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल हो गया। जिसे उपचार हेतु स्थानीय सिविल हस्पताल में दाखिल करवाया गया। सिविल हस्पताल में उपचाराधीन नछत्तर सिंह पुत्र हजूरा सिंह निवासी गांव डबवाली की धर्मपत्नी सर्वजीत कौर ने बताया कि कुछ दिनों पहले उन्होंने गहने पर एक प्लॉट लिया है। जिसमें गांव के ही कान्ता सिंह, नछत्तर सिंह व मन्दर सिंह अपने मवेशियों को बांधते आ रहे थे। जब उक्त प्लॉट को उन्होंने गहने पर ले लिया तो उनके पति नछत्तर सिंह ने उक्त तीनों को अपने प्लॉट में मवेशियों को बांधने से रोक दिया। इस बात से आजिज उक्त तीनों ने कुल्हाड़ी से हमला कर उनके पति को गम्भीर रूप से घायल कर दिया तथा वहां से फरार हो गए। उन्होंने घायलावस्था में उन्हें स्थानीय सिविल हस्पताल में उपचार हेतु दाखिल करवाया।
लेबल:
डबवाली समाचार,
dabwali news
रंजिशन बीती रात हुए झगड़े में दोनों पक्षों के एक-एक व्यक्ति घायल
डबवाली- उपमण्डल के गांव अलीकां में रंजिशन बीती रात हुए झगड़े में दोनों पक्षों के एक-एक व्यक्ति के घायल होने का मामला उजागर हुआ है। जिन्हें उपचार हेतु स्थानीय सिविल हस्पताल में दाखिल करवाया गया। सिविल हस्पताल में उपचाराधीन कुलवन्त सिंह पुत्र हाकम सिंह निवासी गांव अलीकां ने बताया कि वह अपने घर के बाहर खड़ा था कि इतने में गांव के ही छिन्दर सिंह पुत्र गुरतेज सिंह तथा नत्था सिंह पुत्र बलविन्द्र सिंह आए और पिछले दिनों सम्पन्न हुए परिषद् के चुनावों में उनके पक्ष में मतदान न करने को लेकर झगड़ा करने लगे। जब उन्होंने ऐतराज जताया तो उन्होंने उन पर कुल्हाड़ी से वार कर घायल कर दिया तथा वहां से फरार हो गए। झगड़े का शोर सुन कर उनके चचेरे भाई हरपाल सिंह वहां पहुंचे तथा उन्होंने घायलावस्था में सिविल हस्पताल पहुंचाया। उधर दूसरे पक्ष के घायल छिन्दर सिंह ने कुलवन्त सिंह पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा कि कल देर सायं वह गांव में स्थित करियाना की दुकान से घरेलु सामान की खरीद के पश्चात अपने घर जा रहा था कि कुलवन्त सिंह व इनके साथियों ने उस पर लाठियों से हमला कर घायल कर दिया। उन्हें गांव के पूर्व सरपंच राजिन्द्र सिंह ने उक्त लोगों से छुड़वाया तथा घायलावस्था में स्थानीय सिविल हस्पताल में उपचार हेतु दाखिल करवाया।
लेबल:
डबवाली समाचार,
dabwali news
केन्द्र की टीम आगामी एक दो दिन में हरियाणा के बाढग़्रस्त क्षेत्रों का दौरा करेगी।
सिरसा, 13 जुलाई : केन्द्र की टीम आगामी एक दो दिन में हरियाणा के अ
म्बाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, फतेहाबाद व सिरसा जिलों के बाढग़्रस्त क्षेत्रों का दौरा करेगी।
यह बात हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज सिरसा जिला के बाढग़्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर पत्रकारों से कही। उन्होंने आज जिला के गांव नेजाडेलाकलां में जाकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और लोगों से बातचीत की। इसके साथ-साथ उन्होंने जिला के पूरे बाढग़्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वे किया, जिनमें खैरेकां, मल्लेवाला, नागोकी, मत्तड़, फरवाई, मुसाहिबवाला आदि गांव शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ से नुकसान के लिए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से एक हजार करोड़ रूपए की मांग की है। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा एवं यूपीए की चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी तथा प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने हरियाणा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों व आम लोगों की सहायता के लिए पूरा आश्वासन दिया है। वे केन्द्र सरकार से निरन्तर सम्पर्क में है जिसके परिणामस्वरूप केन्द्र ने हरियाणा में बाढ़ स्थिति का जायजा लेने के लिए केन्द्रीय टीम को भेजने का निर्णय लिया है। केन्द्र सरकार की टीम आगामी एक दो दिन में बाढग़्रस्त क्षेत्रों का दौरा करेगी।
श्री हुड्डा ने माना कि प्रदेश में बाढ़ से अम्बाला, कैथल, कुरूक्षेत्र, फतेहाबाद व सिरसा जिला में भारी नुकसान हुआ है। अभी स्थिति नियंत्रण में है। आबादी क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को आदेश दिए कि बाढग़्रस्त गांवों के लोगों को खाद्य वस्तुएं, मिट्टी के तेल आदि किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए यानि पर्याप्त मात्रा में लोगों को आम जरूरत की चीजें व राशन उपलब्ध करवाए जाएंगे। पशुओं के लिए चारे आदि की व्यवस्था भी करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की राज्य सरकार द्वारा हरसंभव सहायता की जाएगी। उन्होंने बाढग़्रस्त क्षेत्रों की विशेष गिरदावरी करवाने के निर्देश दिए। आंकलन करने के बाद ही नुकसान ही की सही स्थिति का जायजा हो पाएगा। विशेष गिरदावरी के बाद ही फसल के नुकसान का जायजा होगा जिसके आधार पर लोगों को विशेष मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने एक प्रशन के जवाब में कहा कि इस स्थिति में राज्य सरकार व पूरा प्रशासन लोगों के साथ है और लोग भी पूरी तरह से सरकार व प्रशासन द्वारा किए गए कार्यो से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि अम्बाला, कुरूक्षेत्र, कैथल जिलों में विशेष गिरदावरी के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और इस पर कार्य भी शुरू हो गया है।
ज्ञात रहे कि घग्गर नदी का कई जगह से बांध टूट जाने से सिरसा जिले की 15 हजार एकड़ से भी अधिक भूमि प्रभावित हुई है। अभी तक गांव की आबादी को बचाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ बचाव कार्य व राहत के लिए जिला में सेना को बुलाया गया है। इसके साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय ग्रामीण लोगों का सहयोग लिया जा रहा है। विभिन्न गांवों की आबादी क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए सभी गांवों में पांच-पांच हजार बैग दिए गए हैं और जिला के 17 गांवों को संवेदनशील घोषित किया गया है जिनमें नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उन्हें तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे में उनके साथ हरियाणा के गृह, उद्योग एवं खेल राज्य मंत्री श्री गोपाल कांडा, सांसद श्री अशोक तंवर, मुख्य संसदीय सचिव श्री प्रहलाद सिंह गिलाखेड़ा, पूर्व मंत्री रणजीत सिंह, मनीराम केहरवाला, जिला कांग्रेस अध्यक्ष होशियारी लाल शर्मा, ओमप्रकाश केहरवाला, जिला उपायुक्त सी जी रजिनीकांथन, पुलिस अधीक्षक सतेन्द्र गुप्ता सहित प्रशासन के अधिकारी एवं कांग्रेस नेता थे।
म्बाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, फतेहाबाद व सिरसा जिलों के बाढग़्रस्त क्षेत्रों का दौरा करेगी।यह बात हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज सिरसा जिला के बाढग़्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर पत्रकारों से कही। उन्होंने आज जिला के गांव नेजाडेलाकलां में जाकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और लोगों से बातचीत की। इसके साथ-साथ उन्होंने जिला के पूरे बाढग़्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वे किया, जिनमें खैरेकां, मल्लेवाला, नागोकी, मत्तड़, फरवाई, मुसाहिबवाला आदि गांव शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि बाढ़ से नुकसान के लिए राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से एक हजार करोड़ रूपए की मांग की है। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा एवं यूपीए की चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी तथा प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने हरियाणा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों व आम लोगों की सहायता के लिए पूरा आश्वासन दिया है। वे केन्द्र सरकार से निरन्तर सम्पर्क में है जिसके परिणामस्वरूप केन्द्र ने हरियाणा में बाढ़ स्थिति का जायजा लेने के लिए केन्द्रीय टीम को भेजने का निर्णय लिया है। केन्द्र सरकार की टीम आगामी एक दो दिन में बाढग़्रस्त क्षेत्रों का दौरा करेगी।
श्री हुड्डा ने माना कि प्रदेश में बाढ़ से अम्बाला, कैथल, कुरूक्षेत्र, फतेहाबाद व सिरसा जिला में भारी नुकसान हुआ है। अभी स्थिति नियंत्रण में है। आबादी क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को आदेश दिए कि बाढग़्रस्त गांवों के लोगों को खाद्य वस्तुएं, मिट्टी के तेल आदि किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आनी चाहिए यानि पर्याप्त मात्रा में लोगों को आम जरूरत की चीजें व राशन उपलब्ध करवाए जाएंगे। पशुओं के लिए चारे आदि की व्यवस्था भी करवाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की राज्य सरकार द्वारा हरसंभव सहायता की जाएगी। उन्होंने बाढग़्रस्त क्षेत्रों की विशेष गिरदावरी करवाने के निर्देश दिए। आंकलन करने के बाद ही नुकसान ही की सही स्थिति का जायजा हो पाएगा। विशेष गिरदावरी के बाद ही फसल के नुकसान का जायजा होगा जिसके आधार पर लोगों को विशेष मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने एक प्रशन के जवाब में कहा कि इस स्थिति में राज्य सरकार व पूरा प्रशासन लोगों के साथ है और लोग भी पूरी तरह से सरकार व प्रशासन द्वारा किए गए कार्यो से संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि अम्बाला, कुरूक्षेत्र, कैथल जिलों में विशेष गिरदावरी के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं और इस पर कार्य भी शुरू हो गया है।
ज्ञात रहे कि घग्गर नदी का कई जगह से बांध टूट जाने से सिरसा जिले की 15 हजार एकड़ से भी अधिक भूमि प्रभावित हुई है। अभी तक गांव की आबादी को बचाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। बाढ़ बचाव कार्य व राहत के लिए जिला में सेना को बुलाया गया है। इसके साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय ग्रामीण लोगों का सहयोग लिया जा रहा है। विभिन्न गांवों की आबादी क्षेत्र को बाढ़ से बचाने के लिए सभी गांवों में पांच-पांच हजार बैग दिए गए हैं और जिला के 17 गांवों को संवेदनशील घोषित किया गया है जिनमें नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर उन्हें तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री के इस दौरे में उनके साथ हरियाणा के गृह, उद्योग एवं खेल राज्य मंत्री श्री गोपाल कांडा, सांसद श्री अशोक तंवर, मुख्य संसदीय सचिव श्री प्रहलाद सिंह गिलाखेड़ा, पूर्व मंत्री रणजीत सिंह, मनीराम केहरवाला, जिला कांग्रेस अध्यक्ष होशियारी लाल शर्मा, ओमप्रकाश केहरवाला, जिला उपायुक्त सी जी रजिनीकांथन, पुलिस अधीक्षक सतेन्द्र गुप्ता सहित प्रशासन के अधिकारी एवं कांग्रेस नेता थे।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)