डबवाली -स्थानीय मार्केट कमेटी ने जेसी कॉटन मिल से करीब सवा चार लाख रुपये की फीस मय जुर्माना वसूला है। मार्केट कमेटी के सचिव श्याम सुंदर ने बताया कि वीरवार को उन्होंने मिल का औचक निरीक्षण किया था। जिसमें उन्होंने 2510 ङ्क्षक्वटल नरमे के बिल बरामद किये, जिनकी मार्केट फीस नहीं भरी गई थी। सचिव ने बताया कि छानबीन के दौरान 2510 ङ्क्षक्वटल नरमे के बिल बरामद हुये जो नरमा बिना मार्केट फीस चुकाये पंजाब में बेच जा चुका था नरमा पहले ही वहां से रवाया कर दिया गया था। दूसरी ओर विभाग की इस कार्यवाही के खिलाफ वीरवार को काटन मिल के संचालकों ने बोली में भाग नहीं लिया। श्याम सुंदर ने बताया कि काटन मिल से एक लाख उन्त्तहर हजार चार सौ पच्चीस रुपये मार्केट फीस एक लाख उन्त्तहर हजार चार सौ पच्चीस रुपये एचआईडी के अलावा बयालिस हजार चार सौ रुपये मार्केट फीस व एचआईडी पर जुर्माना वसूला गया है।
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शुक्रवार, 3 दिसंबर 2010
जमीनी विवाद में हमला, वृद्ध घायल
डबवाली- बीती देर रात जमीन विवाद के चलते तेजधार हथियार से हमलाकर एक वृद्ध को घायल कर देने का मामला प्रकाश में आया है। घायल वृद्ध को डबवाली के राजकीय अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया। उपमण्डल के गांव पन्नीवाला मोरिका निवासी घायल 60 वर्षीय हरबन्स ङ्क्षसह ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ अपने खेत में बनी ढाणी में रहता है और उसका बेटा नेमपाल अपनी पत्नी के साथ किसी नजदीकी रिश्तेदार के पास गया हुआ था और घर में वह और उसकी 90 वर्षीय माता गुरदेव कौर थी उसने बताया कि वह 1 बजे के करीब लघुशंका के लिए बाहर आया तो पड़ोसी खेत के मालिक जसविन्द्र ङ्क्षसह, उसका बेटा नरेन्द्र ङ्क्षसह व अन्य लोगों ने उस पर तेजधार हथियार से हमला बोल दिया और गम्भीर रूप से घायल कर फरार हो गए। उसके शोर मचाने पर उसकी माता बाहर आई और उसने घायलावस्था में डबवाली के राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया। अस्पताल में उपचाराधीन हरबन्स ङ्क्षसह ने बताया कि उसने पड़ोसी खेत वाले को एक कनाल जमीन बेची थी और ज्यादा जमीन पर कब्जा जमाया हुए है। जिसके लिए उसका झगड़ा चल रहा है। उसी रंजिश के चलते उस पर हमला किया गया। इस मारपीट की सूचना पुलिस को दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मोबाईल शॉप में चोरी, हजारों का सामान उड़ाया
डबवाली-बीती रात स्थानीय जी.टी. रोड़ पर स्थित रेल्वे फाटक के समीप एक मोबाईल की दुकान का ताला तोड़ कर अज्ञात चोर हजारों रूपयों का सामान चुरा ले गए। चोरी की सूचना थाना शहर डबवाली को दे दी गई है। पुलिस ने चोरी स्थल का मुआयना कर जांच आरम्भ कर दी है। प्राप्त जानकारी अनुसार रेल्वे फाटक के समीप अग्रवाल टेलिफोन के मालिक पवन कुमार पुत्र नरेन्द्र कुमार ने बताया कि वह बीती रात 11 बजे के करीब अपनी दुकान मंगल करके गया था और प्रात: 7 बजे के करीब पड़ोसी दुकानदार गुरूनानक कार बाजार के मालिक नरेश कुमार चावला ने उसे दूरभाष पर सूचना दी कि उसकी दुकान के ताले टूटे पड़े हैं और शट्टर खुला पड़ा है। वह तुरन्त अपनी दुकान पर पहुंचा और दुकान में प्रवेश किया तो उसके पांव तले से जमीन खिसक गई। दुकान का सामान इधर - उधर बिखरा पड़ा था और दुकान में रखे एक दर्जन के करीब नए मोबाईल सेट मोबाईल बैटरीज, पुराने मोबाईल सेट, कम्प्यूटर सेट व डैमो सेट गायब पाए। जिसकी कीमत एक लाख रूपयों से ऊपर बताई गई है। मोबाईल शॉप के मालिक ने बताया कि दुकान के दोनो तालों को काटकर शट्टर खोला गया और आगे लगा शीशे के गेट में बनी खिड़की के अन्दर से घुसकर इस वारदात को अन्जाम दिया है। चोरी की सूचना थाना शहर डबवाली को दे दी है और पुलिस ने मौके पर जाकर मोबाईल शॉप का मुआयना कर जांच आरम्भ कर दी है।
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एक भवन में चल रहे हैं कई कालेज
कालांवाली।एक तरफ शिक्षा विभाग शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए अनेक योजनाएं शुरू कर रहा है और निजी कालेजों पर शिकंजा कसने के दावे कर रहा है, परंतु शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते मंडी के एक कालेज में कई कालेजों का संचालन किया जा रहा है और विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार ओढां-कालांवाली रोड पर शहीद भगत सिंह सोमल वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा एक भवन में कई कालेजों का संचालन किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार कालेजों के लिए अलग-अलग भवन होने चाहिए। इस समय इस कालेज भवन में बीएड कालेज, नर्सिंग कालेज व पोलिटेक्नीक के अलावा पंजाब टेक्नीकल यूनीवर्सिटी की भी कक्षाएं लगाई जा रही हैं जो कि निमयानुसार अवैध है। इस कालेज को शुरू हुए लगभग तीन वर्ष हो गए हैं तभी से ही एक ही भवन में नर्सिंग कालेज, पोलिटेक्नीक व बीएड कालेज का संचालन किया जा रहा है।
बताया जाता है कि जब उच्च शिक्षा विभाग की टीम द्वारा कालेज का निरीक्षण किया जाता है तो कालेज की प्रबंधक कमेटी द्वारा उसी कालेज का बोर्ड लगा दिया जाता है, जिस कालेज के निरीक्षण के लिए टीम ने आना है। इसे विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत कहे या फिर अनदेखी। एक ही भवन में तीन कालेजों व पीटीयू सेंटर के संचालन संबंधी क्षेत्र के एक बुद्धिजीवी ने उच्च शिक्षा निदेशालय से जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी भी मांगी है। बताया जाता है कि इस समय कालेज में चल रहे पीटीयू सेंटर में लगभग २०० विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पता चला है कि कालेज प्रबंधक कमेटी द्वारा कालेज में कार्यरत स्टाफ सदस्यों को वेतन भी यूजीसी के अनुसार नहीं दिया जाता।
जानकारी के अनुसार ओढां-कालांवाली रोड पर शहीद भगत सिंह सोमल वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा एक भवन में कई कालेजों का संचालन किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार कालेजों के लिए अलग-अलग भवन होने चाहिए। इस समय इस कालेज भवन में बीएड कालेज, नर्सिंग कालेज व पोलिटेक्नीक के अलावा पंजाब टेक्नीकल यूनीवर्सिटी की भी कक्षाएं लगाई जा रही हैं जो कि निमयानुसार अवैध है। इस कालेज को शुरू हुए लगभग तीन वर्ष हो गए हैं तभी से ही एक ही भवन में नर्सिंग कालेज, पोलिटेक्नीक व बीएड कालेज का संचालन किया जा रहा है।
बताया जाता है कि जब उच्च शिक्षा विभाग की टीम द्वारा कालेज का निरीक्षण किया जाता है तो कालेज की प्रबंधक कमेटी द्वारा उसी कालेज का बोर्ड लगा दिया जाता है, जिस कालेज के निरीक्षण के लिए टीम ने आना है। इसे विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत कहे या फिर अनदेखी। एक ही भवन में तीन कालेजों व पीटीयू सेंटर के संचालन संबंधी क्षेत्र के एक बुद्धिजीवी ने उच्च शिक्षा निदेशालय से जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी भी मांगी है। बताया जाता है कि इस समय कालेज में चल रहे पीटीयू सेंटर में लगभग २०० विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पता चला है कि कालेज प्रबंधक कमेटी द्वारा कालेज में कार्यरत स्टाफ सदस्यों को वेतन भी यूजीसी के अनुसार नहीं दिया जाता।
बुधवार, 1 दिसंबर 2010
Is flexisexuality the latest fad?
We talk to experts and Delhi women about the newest ‘s- word’। We had bisexual, transsexual, homosexual, heterosexual, metrosexual.Now we have a new sword to add to our already overcrowded glossary – flexisexual. The word refers to straight women in their 40s who are keen on swinging both ways, but don’t want the bisexual tag. The reason, they say is that women in their 40s are confident of their sexuality and ready to explore new possibilities.
IT’S A CELEB THING
Here’s the truth behind this fascinatingly catchy word. It is being touted as a new term, but it has actually been around for a while. In 2004 the term was mentioned in a blog by a woman named Amy LeBlanc. Three people have posted definitions of flexisexual in The Urban Dictionary back in 2008 and 2009. So why are we talking about it as a trend? Because celebrities have started endorsing it? Says Ruhi Shahin, director, Chic Management, a marketing solutions company. “In a way, they are poking fun at homosexuals and trivialising their sexuality. They do it to attract attention and have publicists working out the nittygritty of their actions. If I write ‘I kissed a girl’ on Facebook, I’ll get 15 minutes of instant fame,” she says. Shahin has lost count of women who have hit on her on Facebook.
“Once, someone commented on my pictures saying I was ‘sooo hot and sooo pretty’. I found it funny but when I actually thought of experimenting, the idea grossed me out. I looked at her profile, checked her pictures and found she was married with a child,” she says. Another married girl from Chandigarh started talking dirty to Shahin on Facebook chat after exchanging niceties. “I was shocked and told her I was not her type. But before blocking her, I asked her why she was behaving this way,” recalls Shahin. Her friend was apparently a lesbian, who was married off at a young age. It was only after her marriage that she discovered she wasn’t really attracted to her husband or any other man. “In a closed society like India, there are people who don’t get a chance to explore their sexuality, which should ideally happen during adolescence,” says Shahin.
Twenty-nineyear- old Jaspreet Gill, a business analyst and a mother of two, had often thought of kissing her best gal pal as a teenager just to get an idea of what kissing a boy would be like. “I had a huge crush on a guy in my class, but he was way beyond my reach – he was the school stud. So I often used to wonder what it would be like to kiss him and often thought of practising it with my best friend, but never tried it. However, I know of girls who have actually tried and are happily leading a heterosexual life. But I don’t think I would be able to kiss a girl,” says Gill.
Sexologist Dr Prakash Kothari says it is very difficult for a woman who has already led the life of a heterosexual to think the other way in her 40s. “Most women can’t think this way. It is unlikely for a woman who has led a heterosexual life to suddenly switch her preference. There are very few people who would do that. So it is wrong to call it a trend,” says Kothari.
Any straight woman or man would find it difficult to make love to a person of the same sex, if he or she hasn’t had a past experience or hasn’t been fascinated by the idea earlier. “ It can happen only when a person is bisexual. So bisexual and flexisexual are one and the same things. If any heterosexual woman fantasises about making love to another woman, she is either a bisexual or is suffering from a thought disorder that indicates the possibility of schizophrenia,” he adds. As far as celebs are concerned, they are humans too. “ They might do it out curiosity or adventure or to make news or under the effect of alcohol. Attraction lies between the two ears and not between your legs,” says Kothari. There is a reason why women shy away from the bisexuality tag. Sexuality has always been taboo all over the world. Women who talk about their sexuality are often looked down upon. “ People who openly used words suffixed with the word ‘ sexual’ are looked down upon. It’s probably the reason why homosexual evolved to the more subtle ‘ gay’ and ‘ lesbian’,” says clinical psychologist Dr Aruna Broota.With time women have become bolder and want to explore all the avenues from where they can derive pleasure, but still play safe when it comes to sexuality. “ If they call themselves bisexual, it means they have already made a choice. If she’s flexisexual, she just wants to explore temporarily but has the freedom of coming back to being a heterosexual,” says Broota. Now that’s a good explanation. And the celebrity status might even give them an edge.
IT’S A CELEB THING
Here’s the truth behind this fascinatingly catchy word. It is being touted as a new term, but it has actually been around for a while. In 2004 the term was mentioned in a blog by a woman named Amy LeBlanc. Three people have posted definitions of flexisexual in The Urban Dictionary back in 2008 and 2009. So why are we talking about it as a trend? Because celebrities have started endorsing it? Says Ruhi Shahin, director, Chic Management, a marketing solutions company. “In a way, they are poking fun at homosexuals and trivialising their sexuality. They do it to attract attention and have publicists working out the nittygritty of their actions. If I write ‘I kissed a girl’ on Facebook, I’ll get 15 minutes of instant fame,” she says. Shahin has lost count of women who have hit on her on Facebook.
“Once, someone commented on my pictures saying I was ‘sooo hot and sooo pretty’. I found it funny but when I actually thought of experimenting, the idea grossed me out. I looked at her profile, checked her pictures and found she was married with a child,” she says. Another married girl from Chandigarh started talking dirty to Shahin on Facebook chat after exchanging niceties. “I was shocked and told her I was not her type. But before blocking her, I asked her why she was behaving this way,” recalls Shahin. Her friend was apparently a lesbian, who was married off at a young age. It was only after her marriage that she discovered she wasn’t really attracted to her husband or any other man. “In a closed society like India, there are people who don’t get a chance to explore their sexuality, which should ideally happen during adolescence,” says Shahin.
Twenty-nineyear- old Jaspreet Gill, a business analyst and a mother of two, had often thought of kissing her best gal pal as a teenager just to get an idea of what kissing a boy would be like. “I had a huge crush on a guy in my class, but he was way beyond my reach – he was the school stud. So I often used to wonder what it would be like to kiss him and often thought of practising it with my best friend, but never tried it. However, I know of girls who have actually tried and are happily leading a heterosexual life. But I don’t think I would be able to kiss a girl,” says Gill.
Sexologist Dr Prakash Kothari says it is very difficult for a woman who has already led the life of a heterosexual to think the other way in her 40s. “Most women can’t think this way. It is unlikely for a woman who has led a heterosexual life to suddenly switch her preference. There are very few people who would do that. So it is wrong to call it a trend,” says Kothari.
Any straight woman or man would find it difficult to make love to a person of the same sex, if he or she hasn’t had a past experience or hasn’t been fascinated by the idea earlier. “ It can happen only when a person is bisexual. So bisexual and flexisexual are one and the same things. If any heterosexual woman fantasises about making love to another woman, she is either a bisexual or is suffering from a thought disorder that indicates the possibility of schizophrenia,” he adds. As far as celebs are concerned, they are humans too. “ They might do it out curiosity or adventure or to make news or under the effect of alcohol. Attraction lies between the two ears and not between your legs,” says Kothari. There is a reason why women shy away from the bisexuality tag. Sexuality has always been taboo all over the world. Women who talk about their sexuality are often looked down upon. “ People who openly used words suffixed with the word ‘ sexual’ are looked down upon. It’s probably the reason why homosexual evolved to the more subtle ‘ gay’ and ‘ lesbian’,” says clinical psychologist Dr Aruna Broota.With time women have become bolder and want to explore all the avenues from where they can derive pleasure, but still play safe when it comes to sexuality. “ If they call themselves bisexual, it means they have already made a choice. If she’s flexisexual, she just wants to explore temporarily but has the freedom of coming back to being a heterosexual,” says Broota. Now that’s a good explanation. And the celebrity status might even give them an edge.
सड़क हादसे में एक की मौत, दो घायल
डबवाली -नेशनल हाइवे 10 पर बीती सायं हुए एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। हादसे के पश्चात उन्हें स्थानीय सिविल अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया। जानकारी अनुसार 45 वर्षीय जया राम पुत्र राम स्वरूप अपने भांजे दिनेश के साथ कल सुबह रिक्शा द्वारा स्थानीय सब्जी मंडी में सब्जी आदि बेचने के उपरान्त शाम 7 बजे के करीब गांव सांवतखेड़ा जा रहा था। कुछ दूर जाने पर दिनेश को लघुशंका की शिकायत हुई। वह रिक्शा रोक कर लघुशंका के लिए चला गया। तभी अचानक पीछे से आ रहे तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे उस पर बैठा जयाराम व मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर गिरकर घायल हो गए। आसपास के ग्रामीणों की मदद से दिनेश ने तीनों घायलों को सामान्य अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद जयाराम की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सिरसा रैफर कर दिया, जहां से उसे रोहतक रैफर कर दिया गया, लेकिन जयाराम ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार मृतक के भान्जे दिनेश कुमार के ब्यान पर मोटरसाइकल चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
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बीएसएनएल में हलचल, रिचार्ज कूपन पर बढ़ाया टॉकटाइम
सिरसा-भारत संचार निगम लिमिटेड ने सर्दी के मौसम में अपने उपभोक्ताओं में गर्म जोश भरते हुए रिचार्ज कूपनों पर भारी टॉकटाइम देने की घोषणा की है। इस स्कीम के तहत 5500 के रिचार्ज पर 6700 का टॉकटाइम व 450 दिन की वैधता, 1100 के रिचार्ज पर 1300 का टॉकटाइम व 365 दिन की वैधता, 550 के रिचार्ज पर 550 का टॉकटाइम व 180 दिन की वैधता तथा 220 के रिचार्ज पर 190 का टॉकटाइम व 60 दिन की वैधता मिलेगी। यह स्कीम 26 दिसम्बर तक लागू रहेगी। बीएसएनएल ने मोबाइल नम्बर पार्टिबिलिटी सेवा भी हरियाणा में 25 नवम्बर से लागू कर दी है। कम्पनी बीएसएनएल में आने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त टॉकटाइम व अनलिमिटेड इन्टरनेट के तौर पर बहुत ही आकर्षक ऑफर भी दे रहा है। इस ऑफर के तहत प्रीपेड ग्राहकों को सिम फ्री के साथ-साथ प्रथम रिचार्ज भी फ्री दिया जा रहा है जिसमें 100 रुपये का अतिरिक्त टॉकटाइम व एक महिने के लिए अनलिमिटेड डाउनलोड फ्री मिलेगा। पोस्टपेड ग्राहकों को सिम फ्री के साथ-साथ उनके द्वारा चुने गए प्लान पर एक महिने के लिए रेंट में 50 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी। उपभोक्ताओं को पीओआरटी लिखकर स्पेस देकर अपना मोबाइल नम्बर लिखकर 1900 पर एसएमएस भेजना होगा जिससे उन्हें 8 अंकों का एक पोर्टिंग कोड मिलेगा जिसे लेकर उपभोक्ता सेवा केन्द्र में आवेदन करना होगा। उपभोक्ता को अधिकतम 7 दिनों में बीएसएनएल से उसी नम्बर पर सेवा उपलब्ध करवा दी जाएगी और इस पूरी प्रक्रिया में उपभोक्ता का मोबाइल केवल 2 घण्टों के लिए ही बन्द होगा जिसकी पूर्व सूचना एसएमएस द्वारा दी जाएगी।
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प्रेमिका की चिता पर सता हुआ प्रेमी
रोड़ी-प्यार में पागल एक प्रेमी अपनी प्रेमिका की मौत पर गम में इस कदर खो गया कि उसने प्रेमिका की चिता में जलकर खुद की जान दे दी। यह घटना रोड़ी में बीती रात हुई, लेकिन पुलिस के पास अभी तक कोई शिकायत नहीं पहुंची है और मामले को पंचायत स्तर पर दबाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार गांव रोड़ी में तीन दिन पूर्व एक लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से जल गई थी। लड़की अस्पताल में भर्ती थी जहां गत दिवस उसकी मौत हो गई। परिजनों ने गत दिवस मृतक लड़की का दाहसंस्कार कर दिया था। बताया गया है कि लड़की दसवीं कक्षा की छात्रा थी। सूत्रों के अनुसार मूल रूप से जिला मानसा निवासी एक युवक रोड़ी में ही अपने ननिहाल में रह रहा था जो उसी लड़की से प्यार करता था जिसकी गत दिवस मौत हुई थी। जब परिजन लड़की का अंतिम संस्कार करके घर लौट आए तो देर रात मृतक का प्रेमी श्मशान में पहुंच गया। उसने आसपास से कुछ लकडिय़ां एकत्रित की और जलती चिता पर डाल दी। बाद में उसने अपने कपड़े उतारे, मोबाइल व बीड़ी भी निकालकर एक तरफ रख दी तथा जलती चिता में कूद गया। इसका पता उस समय लगा जब मृतक लड़की के परिजन रात को श्मशानघाट पर चिता संभालने गए। उन्होंने चिता के पास कपड़े, मोबाइल व बीड़ी पड़ी देखी तथा चिता में अधजला शव पड़ा देखा। बाद में कपड़ों व मोबाइल से युवक की पहचान हुई। यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। लड़की व लड़का पक्ष के लोग एकत्रित हो गए। गांव की पंचायत भी जुट गई। पंचायत में कहा गया कि यह पूरा घटनाक्रम अकल्पनिय है और इसमें किसी का कोई कसूर नहीं है, लिहाजा मामला पंचायत तक ही सीमित रहना चाहिए। इसी कारण इस मामले की पुलिस को शिकायत नहीं दी गई।
कोई शिकायत नहीं मिली है
रोड़ी पुलिस का कहना है कि उन्होंने भी यह सुना है कि गांव में एक युवक लड़की की चिता में कूदकर मर गया है मगर अभी तक थाने में इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत मिलेगी तो निश्चित रूप से जांच की जाएगी।
कोई शिकायत नहीं मिली है
रोड़ी पुलिस का कहना है कि उन्होंने भी यह सुना है कि गांव में एक युवक लड़की की चिता में कूदकर मर गया है मगर अभी तक थाने में इस संबंध में कोई शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत मिलेगी तो निश्चित रूप से जांच की जाएगी।
सोमवार, 29 नवंबर 2010
दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों ने दिखाई अपनी प्रतिभा
डबवाली-उपमण्डल के गांव चौटाला में स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक
विद्यालय की ओर से विद्यालय प्रांगण में दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की गई। जिसका उद्घाटन गांव के सरपंच आत्मा राम छिम्पा व प्रधानाचार्या श्रीमती लक्ष्मी बिश्रोई ने संयुक्त रूप से किया। उक्त विज्ञान प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए गए। जिसमें जैव विविधता, कृषि, हरित ऊर्जा, परिवहन और संचार, सामुदायिक स्वास्थ्य और गणित जैसे विषयों पर आधारित 76 मॉडल प्रस्तुत किए गए। प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए बॉयोलाजी के जिला स्तरीय लैक्चरर यादविन्द्र ङ्क्षसह विशेष रूप से पहुंचे तथा उन्होंने निर्णायक मण्डल में भी अपनी विशेष भूमिका निभाई। इसके अलावा उनका साथ विज्ञान अध्यापिका मनीषा, भारती, अनिल सुथार, अनुपमा एवं पंकज गौरैया ने दिया। यह जानकारी देते हुए प्रधानाचार्या श्रीमती लक्ष्मी बिश्रोई ने बताया कि निर्णायक मण्डल द्वारा दीप्ति व सुनीता, मनदीप व सरोज, पूजा वर्मा व निर्मला छिम्पा, नेहा व कल्पना, किरण व सुनीता, जसप्रीत व अलका को क्रमश: प्रथम व द्वितीय घोषित किया गया। इसके अतिरिक्त कई छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने हेतु सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। उन्होंने बताया कि आस-पास के क्षेत्र में स्थित विद्यालयों के विद्याॢथयों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर विद्यालय का टीङ्क्षचग व नान टीङ्क्षचग स्टाफ तथा गांव के अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। कार्यक्रम अन्त में आए हुए सभी अतिथियों का प्रधानाचार्या श्रीमती लक्ष्मी बिश्रोई ने आभार व्यक्त किया तथा सभी को इस अवसर पर जलपान भी करवाया गया।
विद्यालय की ओर से विद्यालय प्रांगण में दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी आयोजित की गई। जिसका उद्घाटन गांव के सरपंच आत्मा राम छिम्पा व प्रधानाचार्या श्रीमती लक्ष्मी बिश्रोई ने संयुक्त रूप से किया। उक्त विज्ञान प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए गए। जिसमें जैव विविधता, कृषि, हरित ऊर्जा, परिवहन और संचार, सामुदायिक स्वास्थ्य और गणित जैसे विषयों पर आधारित 76 मॉडल प्रस्तुत किए गए। प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए बॉयोलाजी के जिला स्तरीय लैक्चरर यादविन्द्र ङ्क्षसह विशेष रूप से पहुंचे तथा उन्होंने निर्णायक मण्डल में भी अपनी विशेष भूमिका निभाई। इसके अलावा उनका साथ विज्ञान अध्यापिका मनीषा, भारती, अनिल सुथार, अनुपमा एवं पंकज गौरैया ने दिया। यह जानकारी देते हुए प्रधानाचार्या श्रीमती लक्ष्मी बिश्रोई ने बताया कि निर्णायक मण्डल द्वारा दीप्ति व सुनीता, मनदीप व सरोज, पूजा वर्मा व निर्मला छिम्पा, नेहा व कल्पना, किरण व सुनीता, जसप्रीत व अलका को क्रमश: प्रथम व द्वितीय घोषित किया गया। इसके अतिरिक्त कई छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने हेतु सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। उन्होंने बताया कि आस-पास के क्षेत्र में स्थित विद्यालयों के विद्याॢथयों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर विद्यालय का टीङ्क्षचग व नान टीङ्क्षचग स्टाफ तथा गांव के अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। कार्यक्रम अन्त में आए हुए सभी अतिथियों का प्रधानाचार्या श्रीमती लक्ष्मी बिश्रोई ने आभार व्यक्त किया तथा सभी को इस अवसर पर जलपान भी करवाया गया। युवा कांग्रेस का सदस्यता अभियान 3 से
डबवाली-युवा कांग्रेस द्वारा सदस्यता अभियान का आरम्भ 3 दिसम्बर को हिसार रोड़ सिरसा स्थित मंगलम पैलेस से दोपहर 1 बजे किया जाऐगा। उक्त अभियान का आरम्भ सर्व
प्रथम सिरसा लोकसभा क्षेत्र से किया जा रहा है। जोकि एक कीर्तिमान स्थापित करेगा। उक्त शब्द युवा कांग्रेस सिरसा लोकसभा अध्यक्ष अमित सिहाग ने आज विधान सभा क्षेत्र डबवाली के युवा कार्यकत्र्ताओं की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान का आरम्भ राजस्थान अलवर के सांसद व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव भंवर जितेन्द्र ङ्क्षसह अपने कर कमलों द्वारा करेंगे। सिरसा सांसद डॉ. अशोक तंवर समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। इसके अलावा अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष राजीव सातव व हरियाणा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष चिरंजीव राव भी उपस्थित होंगेे। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी युवा कार्यकत्र्ताओं को इस अभियान को सफल बनाने के लिए जी जान से जुटने की अपील करते हुए कहा कि वह अधिक से अधिक युवाओं का इस कार्यक्रम में भाग लेना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी का मानना है कि युवाओं को देश के विकास में योगदान देने के लिए राजनीति में आना चाहिए तथा युवा कांग्रेस इसका सशक्त माध्यम है। उन्होंने कार्यकत्र्ताओं को निर्देश दिया कि गांव-गांव व वार्ड-वार्ड जाकर युवाओं से संपर्क करें और उन्हें इस सदस्यता अभियान की जानकारी दें। जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा इस अभियान के तहत जुड़ सकें। इस अवसर पर उनके साथ हल्का प्रधान कुलदीप सिंह, उप प्रधान विजय सहारण, जय सिंह कासणियां, रोहित मैहता, सुरेन्द्र सुथार, गुरदीप कामरा, संजय मिढा, रविन्द्र बिन्दु, सुखमन्द्र शेरगढ़, शहरी प्रधान अमन भारद्वाज, मनवीर सिंह मान, विंकी बांसल, अमन सिधु, मेजर सिंह जोगेवाला, कालूराम, वेदपाल डांगी, अंग्रेज सिंह, पवन रेगर, जगतार सिंह, राम कुमार सरपंच, इन्द्राज, भूपिन्द्र सिंह, राजेन्द्र मट्टू सहित अनेक युवा कांग्रेस कार्यकत्र्ता उपस्थित थे।
प्रथम सिरसा लोकसभा क्षेत्र से किया जा रहा है। जोकि एक कीर्तिमान स्थापित करेगा। उक्त शब्द युवा कांग्रेस सिरसा लोकसभा अध्यक्ष अमित सिहाग ने आज विधान सभा क्षेत्र डबवाली के युवा कार्यकत्र्ताओं की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान का आरम्भ राजस्थान अलवर के सांसद व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव भंवर जितेन्द्र ङ्क्षसह अपने कर कमलों द्वारा करेंगे। सिरसा सांसद डॉ. अशोक तंवर समारोह में विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगे। इसके अलावा अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष राजीव सातव व हरियाणा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष चिरंजीव राव भी उपस्थित होंगेे। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी युवा कार्यकत्र्ताओं को इस अभियान को सफल बनाने के लिए जी जान से जुटने की अपील करते हुए कहा कि वह अधिक से अधिक युवाओं का इस कार्यक्रम में भाग लेना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी का मानना है कि युवाओं को देश के विकास में योगदान देने के लिए राजनीति में आना चाहिए तथा युवा कांग्रेस इसका सशक्त माध्यम है। उन्होंने कार्यकत्र्ताओं को निर्देश दिया कि गांव-गांव व वार्ड-वार्ड जाकर युवाओं से संपर्क करें और उन्हें इस सदस्यता अभियान की जानकारी दें। जिससे ज्यादा से ज्यादा युवा इस अभियान के तहत जुड़ सकें। इस अवसर पर उनके साथ हल्का प्रधान कुलदीप सिंह, उप प्रधान विजय सहारण, जय सिंह कासणियां, रोहित मैहता, सुरेन्द्र सुथार, गुरदीप कामरा, संजय मिढा, रविन्द्र बिन्दु, सुखमन्द्र शेरगढ़, शहरी प्रधान अमन भारद्वाज, मनवीर सिंह मान, विंकी बांसल, अमन सिधु, मेजर सिंह जोगेवाला, कालूराम, वेदपाल डांगी, अंग्रेज सिंह, पवन रेगर, जगतार सिंह, राम कुमार सरपंच, इन्द्राज, भूपिन्द्र सिंह, राजेन्द्र मट्टू सहित अनेक युवा कांग्रेस कार्यकत्र्ता उपस्थित थे।भूमि विवाद को लेकर एसडीएम को दिया शिकायत पत्र
डबवाली- स्थानीय वार्ड नम्बर 6 स्थित कबीर बस्ती निवासी किशोरी डाबला, राजेश कुमार, लाल चन्द, विनोद कुमार, देवी लाल, रवि कुमार, रिन्कू, बृज लाल, राजा पेंटर, पूर्व पार्षद बनारसी दास, चन्द्रकान्ता, बिमला, परमजीत, राज रानी, सन्तो रानी, भागवन्ती, शान्ति, सीतो देवी व अन्य मौहल्लावासियों ने आज उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीष नागपाल को दिए प्रार्थना पत्र में प्रोपर्टी डीलर मंगा राम, नन्द राम व प्रवीण जैन सहित इनके कई साथियों पर उनके मौहल्ले में स्थित धर्मशाला व मन्दिर की भूमि पर कब्जा करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपनी संयुक्त शिकायत में लिखा है कि उक्त भूमि का रकबा खसरा नम्बर 371 व 374 में दर्ज है। उन्होंने आरोपियों के पास झूठे दस्तावेज होने का आरोप लगाते हुए उनकी जांच की मांग की है। उपमण्डलाधीश ने तुरन्त प्रभाव से कार्रवाई करते हुए तहसीलदार राजेन्द्र ङ्क्षसह व डीएसपी बाबू लाल को जांच के आदेश दिए हैं।
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UK’s 2nd Hindu school to open next September
United Kingdom’s second Hindu state school will open next September in Evington (Leicester, East Midlands), according to reports।To be named Krishna-Avanti Primary School (Leicester), this “Free School” (no fee charged to parents) will reportedly provide 420 places for children aged 4-11 years and there is said to be a growing waiting list already. Besides outstanding academic opportunities, new school aims to provide a spiritual and moral framework while reflecting Hindu values. It plans to follow the national curriculum but also wants to reflect on Hindu culture and heritage. Leicester is reportedly home to the largest Hindu community in Europe outside London.
London based educational charity “I-Foundation”, which opened the voluntary aided Krishna-Avanti Primary School (KAPS) in Edgware (Middlesex) in 2008, is behind this new school and is also planning to open primary and secondary schools across North and East London with similar focus. Its aim is to help children realise their spiritual, moral and academic potential in an environment centred on loving service to Lord Krishna. I-Foundation is the promoter of Hindu state education in the UK with Nitesh Gor as its Board Chairman.The already existing KAPS claims to be one of the most eco-friendly schools in the country, nurtures character and conduct consistent with Vaishnava virtues, provides opportunities to practice yoga and meditation, and is vegetarian. Mrs. N. Parmar is the Head Teacher.
Applauding efforts to launch the second Hindu school in UK, Hindu statesman Rajan Zed has urged the Hindu community worldwide to open more Hindu schools outside India.
In a statement in Nevada (USA) today, Zed, who is president of Universal Society of Hinduism, said that with the economically strong Hindu community spread throughout the world, funding should not be a problem to open such schools. These would help Hindu children to strengthen their spiritual and moral roots and enlighten interested non-Hindus about the concepts and philosophy of the oldest and third largest religion of the world. With a stronger commitment of Hindu community, we would not even need state help, Zed argued.
Such schools would go a long way in nurturing Hindu virtues among our children and give them a spiritual identity. Moreover, these could help counter the misinformation about Hinduism prevalent in the West and promote Sanskrit, Rajan Zed added.
London based educational charity “I-Foundation”, which opened the voluntary aided Krishna-Avanti Primary School (KAPS) in Edgware (Middlesex) in 2008, is behind this new school and is also planning to open primary and secondary schools across North and East London with similar focus. Its aim is to help children realise their spiritual, moral and academic potential in an environment centred on loving service to Lord Krishna. I-Foundation is the promoter of Hindu state education in the UK with Nitesh Gor as its Board Chairman.The already existing KAPS claims to be one of the most eco-friendly schools in the country, nurtures character and conduct consistent with Vaishnava virtues, provides opportunities to practice yoga and meditation, and is vegetarian. Mrs. N. Parmar is the Head Teacher.
Applauding efforts to launch the second Hindu school in UK, Hindu statesman Rajan Zed has urged the Hindu community worldwide to open more Hindu schools outside India.
In a statement in Nevada (USA) today, Zed, who is president of Universal Society of Hinduism, said that with the economically strong Hindu community spread throughout the world, funding should not be a problem to open such schools. These would help Hindu children to strengthen their spiritual and moral roots and enlighten interested non-Hindus about the concepts and philosophy of the oldest and third largest religion of the world. With a stronger commitment of Hindu community, we would not even need state help, Zed argued.
Such schools would go a long way in nurturing Hindu virtues among our children and give them a spiritual identity. Moreover, these could help counter the misinformation about Hinduism prevalent in the West and promote Sanskrit, Rajan Zed added.
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Many Christian churches in USA offer yoga
Many Christian churches in USA are offering yoga instruction, according to reports।
Mt. Olive Lutheran Church in Santa Monica (California) offers “Restorative and Hatha Flow Yoga” class to “reduce stress and tension while promoting healing and growth”.
St. Mark's Episcopal Church in Washington (DC) “has offered quality yoga instruction” since 1978 emphasizing “effective breathing, mastery of asanas (comfortably held postures), relaxation, positive thinking, and meditation as elements of healthy spiritual living that promote happiness and true knowledge of self”.
Yoga classes, to “find peace within”, lead by six instructors at Mountain Park Community Church in Phoenix (Arizona) has “over 800 people enrolled in the nine classes that are offered six days each week”. Pineville United Methodist Church of Pineville (North Carolina) offers “Chair Yoga” and “Floor Yoga”. Vale United Methodist Church in Oakton (Virginia) offers yoga class suitable for all ages.
Old Stone Church (Presbyterian) in Cleveland (Ohio) offers “No-sweat Yoga” and describes Hatha Yoga as “a gentle practice that assists in releasing internal pressures”. Class is “held in the Chapel - a beautiful space filled with candlelight and stained glass - a peaceful place for meditation and relaxation”.Sunbury United Methodist Church in Sunbury (Ohio) offers class which focuses “on learning a series of poses to form the foundation of a personal practice”. “Yoga stretches improve circulation, muscle tone, joint and muscle flexibility and balance”, it points out.
St. David’s Episcopal Church in Wayne (Pennsylvania) is offering “A Quiet Morning of Yoga and Centering Prayer” on December four. “We will spend 30 minutes experiencing the richness of centering prayer, 60 minutes enjoying a vigorous yoga practice and 30 minutes in a guided meditation for a deep, conscious rest. We promise you will head back into the holiday hustle and bustle centered, focused and energized”, it claims. It also offers “Yoga with Spirit” “vigorous yoga classes”.
First Christian Church (Disciples of Christ) in Charlotte (North Carolina) has yoga classes. “Yoga for Every Body” class is held at Sardis Baptist Church in Charlotte by a Hatha Yoga instructor. The Way of Life Church (Assembly of God) in Ventnor (New Jersey) offers “Spiritual Yoga” and says “Spiritual Yoga involves the total person: spirit, mind, and body”.
Church of Saint Paul the Apostle (Roman Catholic) in New York (New York) offers “series of yoga postures, set to music”. University Lutheran Church and Student Center in Norman (Oklahoma) reportedly sponsored a market on October nine, which was to offer free yoga instruction.
Welcoming the widespread interest in yoga, Hindu statesman Rajan Zed, in a statement in Nevada (USA) today, said that although introduced and nourished by Hinduism, yoga was a world heritage and liberation powerhouse to be utilized by all. One could still practice one’s respective faith and do yoga. Yoga would rather help one in achieving one’s spiritual goals in whatever religion one believed in.Zed, who is President of Universal Society of Hinduism, further said that yoga, referred as “a living fossil” whose traces went back to around 2,000 BCE to Indus Valley civilization, was a mental and physical discipline handed down from one guru to next, for everybody to share and benefit from. According to Patanjali who codified it in Yoga Sutra, yoga was a methodical effort to attain perfection, through the control of the different elements of human nature, physical and psychical. Yoga was based on an eightfold path to direct the practitioner from awareness of the external world to a focus on the inner, Zed added.Rajan Zed argued that yoga, which never had any formal organization, was the repository of something basic in the human soul and psyche.
According to National Institutes of Health, yoga may help one to feel more relaxed, be more flexible, improve posture, breathe deeply, and get rid of stress. Swami Vivekananda reportedly brought yoga to USA in 1893. According to an estimate, about 16 million Americans, including many celebrities, now practice yoga.
Mt. Olive Lutheran Church in Santa Monica (California) offers “Restorative and Hatha Flow Yoga” class to “reduce stress and tension while promoting healing and growth”.
St. Mark's Episcopal Church in Washington (DC) “has offered quality yoga instruction” since 1978 emphasizing “effective breathing, mastery of asanas (comfortably held postures), relaxation, positive thinking, and meditation as elements of healthy spiritual living that promote happiness and true knowledge of self”.
Yoga classes, to “find peace within”, lead by six instructors at Mountain Park Community Church in Phoenix (Arizona) has “over 800 people enrolled in the nine classes that are offered six days each week”. Pineville United Methodist Church of Pineville (North Carolina) offers “Chair Yoga” and “Floor Yoga”. Vale United Methodist Church in Oakton (Virginia) offers yoga class suitable for all ages.
Old Stone Church (Presbyterian) in Cleveland (Ohio) offers “No-sweat Yoga” and describes Hatha Yoga as “a gentle practice that assists in releasing internal pressures”. Class is “held in the Chapel - a beautiful space filled with candlelight and stained glass - a peaceful place for meditation and relaxation”.Sunbury United Methodist Church in Sunbury (Ohio) offers class which focuses “on learning a series of poses to form the foundation of a personal practice”. “Yoga stretches improve circulation, muscle tone, joint and muscle flexibility and balance”, it points out.
St. David’s Episcopal Church in Wayne (Pennsylvania) is offering “A Quiet Morning of Yoga and Centering Prayer” on December four. “We will spend 30 minutes experiencing the richness of centering prayer, 60 minutes enjoying a vigorous yoga practice and 30 minutes in a guided meditation for a deep, conscious rest. We promise you will head back into the holiday hustle and bustle centered, focused and energized”, it claims. It also offers “Yoga with Spirit” “vigorous yoga classes”.
First Christian Church (Disciples of Christ) in Charlotte (North Carolina) has yoga classes. “Yoga for Every Body” class is held at Sardis Baptist Church in Charlotte by a Hatha Yoga instructor. The Way of Life Church (Assembly of God) in Ventnor (New Jersey) offers “Spiritual Yoga” and says “Spiritual Yoga involves the total person: spirit, mind, and body”.
Church of Saint Paul the Apostle (Roman Catholic) in New York (New York) offers “series of yoga postures, set to music”. University Lutheran Church and Student Center in Norman (Oklahoma) reportedly sponsored a market on October nine, which was to offer free yoga instruction.
Welcoming the widespread interest in yoga, Hindu statesman Rajan Zed, in a statement in Nevada (USA) today, said that although introduced and nourished by Hinduism, yoga was a world heritage and liberation powerhouse to be utilized by all. One could still practice one’s respective faith and do yoga. Yoga would rather help one in achieving one’s spiritual goals in whatever religion one believed in.Zed, who is President of Universal Society of Hinduism, further said that yoga, referred as “a living fossil” whose traces went back to around 2,000 BCE to Indus Valley civilization, was a mental and physical discipline handed down from one guru to next, for everybody to share and benefit from. According to Patanjali who codified it in Yoga Sutra, yoga was a methodical effort to attain perfection, through the control of the different elements of human nature, physical and psychical. Yoga was based on an eightfold path to direct the practitioner from awareness of the external world to a focus on the inner, Zed added.Rajan Zed argued that yoga, which never had any formal organization, was the repository of something basic in the human soul and psyche.
According to National Institutes of Health, yoga may help one to feel more relaxed, be more flexible, improve posture, breathe deeply, and get rid of stress. Swami Vivekananda reportedly brought yoga to USA in 1893. According to an estimate, about 16 million Americans, including many celebrities, now practice yoga.
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सर्पदंश से किसान की मौत
बड़ागुढ़ा- गांव बप्पां की बिश्नोईयों की ढाणी में एक किसान की सर्पदंश से मौत हो गई। दलीप बिश्नोई नामक किसान अपने खेत में पानी लगा रहा था कि तभी अचानक उसका पैर सांप के बिल पर पड़ गया और बिल के अंदर छुपे सांप ने उसे डस लिया। जैसे ही सांप का जहर उस पर चढऩे लगा तो उसे चक्कर आने लगे और वह अपने घर की तरफ भागा। परिजनों को सारी बात बताने पर परिजन उसे नजदीक के एक नाथ के पास ले गए, लेकिन नाथ ने जहर पूरे शरीर में फैलने की बात कहकर जल्द से जल्द चिकित्सक के पास ले जाने की सलाह दी। उसके बाद वे दलीप को सिरसा के सामान्य अस्पताल ले आए, लेकिन यहां चिकित्सकों ने जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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रविवार, 28 नवंबर 2010
मेडिकल स्टोर के ताले टूटे, गल्ले में पड़ी 1500 की रेजगारी चुराई
डबवाली- स्थानीय मलोट रोड़ स्थित चौ. देवी लाल पार्क के सामने स्थित ग्रोवर मेडिकल स्टोर पर बीती रात अज्ञात चोरों द्वारा दुकान का ताला तोड़कर गल्ले में पड़ी रेजगारी पर हाथ साफ कर दिया। उक्त चोरी का पता दुकान के संचालक रूपिन्द्र्र ग्रोवर को उसके पड़ोसी राजू साईकल वाला ने आज प्रात: 5 बजे दी। जब वह अपनी दुकान खोलने हेतु पहुंचा तो उसने देखा कि साथ लगती दुकान के ताले टूटे हुए हैं। उसने तुरन्त इसकी सूचना मोबाईल फोन पर दी। सूचना मिलते ही रूपिन्द्र ग्रोवर अपने पिता डॉ. अमरजीत ग्रोवर व भाई कमल ग्रोवर के साथ अपनी दुकान पर पहुंचा तो उन्होंने देखा कि दुकान के ताले टूटे हुए थे तथा शट्टर खुला था दुकान में रखे काऊंटर में बना गल्ला टूटा हुआ था तथा उसमें रखी 1500 रूपयों की रेजगारी गायब थी। चोरी की सूचना गोल बाजार पुलिस चौकी में दे दी है।
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अनियन्त्रित कार वूक्षों से टकराई, दम्पति गम्भीर घायल
डबवाली-रविवार सुबह सिरसा रोड़ स्थित गांव सांवत खेड़ा के समीप एक कारपलट कर सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। जिससे कार में सवार दम्पति गम्भीर रूप से घायल हो गया। घायल दम्पति को डबवाली जनसहारा सेव संस्था के सदस्यों ने ऐम्बूलैंस द्वारा डबवाली के राजकीय अस्पताल में उपचार हेतु दाखिल करवाया। जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों द्वारा उनकी गम्भीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद सिरसा रैफर कर दिया। लेकिन घायल दम्पति अपने बेहतर ईलाज हेतु किराये की टैक्सी लेकर अबोहर के लिए रवाना हो गए। प्राप्त जानकारी अनुसार घायल अमित सक्सेना व उनकी पत्नी रूपाली सक्सेना अबोहर निवासी ने बताया कि वह दिल्ली में टाटा कम्युनिकेशन कम्पनी में कार्यरत हैं और वह रविवार प्रात: अपने घर अबोहर में कुछ दिन पूर्व सड़क हादसे में घायल हुए अपने पिता अरूण सक्सेना का हालचाल पूछने जा रहे थे कि गांव सांवतखेड़ा के समीप गाड़ी के नीचे पत्थर आ जाने से गाड़ी अनियन्त्रित होकर पलट कर सड़क किनारे लगे वृक्षों में जा टकराई। जिससे वह गम्भीर रूप से घायल हो गए। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने उन्हें तुरन्त गाड़ी से बाहर निकाला और डबवाली जन सहारा सेवा संस्था को दूरभाष पर सूचना दी तो संस्था के सदस्यों ने उन्हें ऐम्बूलैंस द्वारा उपचार हेतु राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया।
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व्यापारी पर लुटेरों का हमला, एक लाख 10 हजार उड़ाए
डबवाली-शनिवार मध्यरात्रि सूमो पर सवार अज्ञात जनों ने चौटाला रोड़ पर स्थित काली माता मंदिर के समीप डबवाली के एक व्यापारी से मारपीट कर उससे एक लाख दस हजार रुपये के करीब की राशि लूट ली। लुटेरे टाटा सूमो पर सवार हो कर आये थे और उनकी संख्या चार से पांच बताई जाती है। शहर में लगातार एक के बाद एक हो रही आपराधिक वारदातों के बाद शहरवासी सकते में हंै और अपने आप को असुरक्षित महसूस करने लग गये है। डबवाली के राम नगर कालोनी के निवासी कृष्ण कुमार अंगी जो कि लोडिंग व अनलोडिंग का कार्य कर रहे है। शनिवार को अपने सहयोगी गुरजंट सिंह के साथ शहर से कपड़ा व्यापारियों का कपड़ा अपनी गाड़ी यूटीलिटी पर लाद कर संगरियां ले गया था और वापसी आते हुए संगरियां से मुंगफली की बोरियां लाद कर वापिस डबवाली आ रहा था। संगरियां बाईपास के पास खड़ी सफेद रंग की सूमो में सवार लोगों ने उसका पीछा करना आरंभ कर दिया। उन्होंने बताया कि उसने अपनी गाड़ी को चौटाला गांव के अंदर ले गया और उसका पीछा करने वाले लोगों को चकमा देने का प्रयास किया लेकिन लुटेरों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा वह अपनी गाड़ी को दौड़ा कर डबवाली शहर की ओर ले आया। लुटेरों ने भी उसका पीछा जारी रखा और उसे चौटाला रोड़ पर स्थित काली माता मंदिर के समीप घेर लिया। लुटेरों ने पहले उसकी गाड़ी पर लाठियों से वार कर उसके शीशा चकनाचूर कर दिया, फिर उसके सहयोगी गुरजंट सिंह से मारपीट करते हुए उसे गाड़ी से बाहर फेंक दिया। गुरजंट सिंह किसी तरह उनके चंगुल से छूट कर वहां से भागने में सफल रहा। लुटेरों ने उसे मारपीट की और उसे जबरदस्ती उसे सूमो में डाल दिया और उसकी यूटीलिटी गाड़ी को भी साथ ले गये। कृष्ण अंगी ने बताया कि लुटेरे उसे अबूबशहर गांव के पास कालातीतर वाली सड़क पर कच्चे रास्ते पर ले गये और वहां उससे मारपीट कर उसके पास मौजूद एक लाख दस हजार रुपये की नगदी छीन ली। जिसमें एक लाख तीन के करीब व्यापारियों के थे बाकी सात हजार रुपये उसके थे। उन्होंने बताया कि रुपये लूटने के बाद लुटेरों ने उसे राजस्थान कनाल नहर में फेंकने के लिए सूमो में से रस्सा निकालने लगे तो वह उन्हें चकमा दे कर वहां से भागने में सफल रहा। सामने से आ रहे दो ट्रेक्टर चालकों को देख कर लुटेरे फरार हो गये। वह किसी तरह अपनी गाड़ी के पास पहुंचा और उसे चला कर डबवाली के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल हुआ और इस घटना की सूचना अपने परिजनों और पुलिस को दी। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। लुटेरे पूरी रात सड़कों पर अपने जुल्म की दास्तां लिख रहे थे और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
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शनिवार, 27 नवंबर 2010
बीएसएनएल विभाग ने लगाया खुला दरबार
डबवाली- स्थानीय बीएसएनएल के कार्यालय में टेलिफोन उपभोक्ताओं के लिए खुला दरबार आयोजित किया गया। जिसमें बीएसएनएल हिसार विभाग से जीएम एमएम अग्रिहोत्री, डीजीएम ओपी जांगड़, डीईटी अमर ङ्क्षसह सिहाग तथा ऐलनाबाद के एसडीओ भारत भूषण ने विशेष तौर पर शिरकत की। खुले दरबार में टेलिफज्ञेन उपभोक्ताओं ने टेलिफोन सम्बन्धित अपनी शिकायतें प्रस्तुत की। जिसे सीनियर अधिकारियों ने तीन दिनों के अन्दर उनका समाधान करने के आदेश दिए। खुला दरबार में पहुंचे टेलिफोन उपभोक्ताओं को हिसार से विशेष तौर पर पहुंचे जीएम एमएम अग्रिहोत्री ने नए प्लान प्यारी जोड़ी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के पास लैंडलाईन कनैक्शन है तो उन्हें प्यारी जोड़ी सिम नि:शुल्क दिया जाऐगा तथा एक लैंडलाईन लोकल काल नि:शुल्क कर सकते हैं तथा लैंडलाईन फोन से 20 पैसे मात्र में काल कर सकते हैं। इसके अलावा किसी भी स्टेट में एसटीडी काल 30 पैसे प्रति मिनट काल की जा सकती है। अग्रिहोत्री ने बताया कि शीघ्र ही मोबाईल पर थ्री-जी इंटरनेट सेवा भी उपलब्ध हो जाऐगी। आए हुए अन्य अधिकारियों ने भी मौजूद उपभोक्ताओं को अन्य स्कीमों के बारे में जानकारी दी।
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भजनों पर झूमे श्रद्धालु
डबवाली- स्थानीय रामलीला ग्राऊण्ड में सतगुरू सेवा समिति के तत्त्वाधान विगत 24 तारीख से जारी संगीतमयी सत्संग ''पाँच शाम कन्हैया के नाम कार्यक्रम में बीती रात्रि परम पूज्य साध्वी सुश्री भुवनेश्वरी देवी बटौत कटड़ा वालों ने अपने प्रवचनों में मनुष्य को गौसेवा की महिमा बताते हुए बाबा गौरख नाथ के जन्म का वृतांत सुनाते हुए बताया कि एक दिन की बात है कि एक साधू भिक्षा मांगते हुए एक गृहणी के द्वार पर जा पहुंचा। जब गृहणी ने उदास हृदय से उन्हें भिक्षा देनी चाही तो साधू ने उसकी उदासी का कारण पूछा। गृहणी ने उन्हें अपनी दु:खभरी दास्तां बताते हुए कहा कि मेरे कोई सन्तान नहीं है तथा मेरी उदासी का बस यही एक कारण है। तत्पश्चात साधू ने उसे विभूति देकर सन्तान प्राप्ति का आशीर्वाद दिया तथा वहां से चले गए। जब साधू वहां से चले गए तो वह असमंजस में पड़ गई तथा उसने अपनी व्यथा अपनी सखी सहेलियों को बताई कि कल सायं एक साधू ने उसे विभूति देते हुए सन्तान प्राप्ति का आशीर्वाद दिया है परन्तु अगर वह विधवा होते हुए ऐसा करती हैं तो वह समाज में कलंकित हो जाऐगी। यह सब सुनकर उसकी सखियों ने उसे मशवरा दिया कि यह विभूति गौबर में डालकर कर रख दे, उसने ऐसा ही किया। समय व्यतीत होता गया। 12 वर्ष गुजर जाने के बाद वही साधू उसके द्वार पर भिक्षा लेने पहुंचा। जब उसने भिक्षाम देही की आवाज़ लगाई तो वही स्त्री बाहर आई तो साधू ने आश्चर्य से पूछा कि मैंने तुम्हें विभूति देकर सन्तान प्राप्ति का आशीर्वाद दिया था तथा मैंने सोचा था कि मुझे भिक्षा देने के लिए घर से तुम्हारा बालक आएगा। यह सब सुनकर उसने सारी कहानी अक्षरश: साधू को सुना दी। कहानी सुनने के पश्चात साधू ने कहा कि वह मुझे वहां ले चले जहां उसने गौबर में विभूति रखी है। वहां पहुंचकर साधू ने जब अलख जगाई तो उस गौबर में से एक सुन्दर बालक बाहर आया। यहीं से वह बालक बाबा गौरखनाथ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इससे पूर्व उन्होंने भजनों द्वारा भी उपस्थिति का मार्गदर्शन किया यथा 'सज-धज कर जब मौत की शहजादी आऐगी न सोना साथ जाऐगा न चाँदी साथ जाऐगी।
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पुरूषों के साथ महिलाओं के बढ़ते यौन संबंध
प्रियंका जैन
करुणा एक घरेलू महि
ला है। एक बार संयोगवश पास के फ्लैट में उसका जाना हुआ। वहां उसने अपना स्केच टंगा पाया। पूछने पर उसे पता चला कि फ्लैट में रहने वाले पुरुष ने ही वह स्केच बनाया था। करुणा उस पुरुष से प्रभावित हो गई और उसके घर आने-जाने लगी। दोनों की दोस्ती बढ़ती गई और कुछ हफ्ते बाद ही उनके बीच शारीरिक संबंध भी स्थापित हो गये। अब करुणा हफ्ते में कम से कम तीन बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाती है। यह बात करुणा के पति और बच्ची को मालूम नहीं है। करुणा को अपने पति से शिकायत रहती है कि उसका पति बहुत ही गुस्से वाला आदमी है और उससे या उसकी बेटी से हमेशा डांट-डपट करता है जबकि उसका प्रेमी बहुत ही शांत स्वभाव का नेक पुरुष है। हालांकि उसके प्रेमी के साथ करुणा का न कोई आर्थिक संबंध है और न ही वह अपने घर या बाल-बच्चे की समस्याएं उसके सामने रखती है। करुणा इस संबंध के लिए खुद को दोषी भी मानती है और अपने विवाह और दाम्पत्य संबंध को कायम रखना चाहती है। वह अपने पति को सब-कुछ बता देना चाहती है, लेकिन उसके गुस्सैल होने की वजह से कुछ कह नहीं पाती और चाहती है कि इसी तरह से जिंदगी चलती रहे। करुणा उन महिलाओं में से है जो विवाहेत्तर संबंध के साथ-साथ वैवाहिक संबंध को भी कायम रखना चाहती है।
सोमया एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। एक दिन सोमया की मुलाकात उसी की कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी अनिल से हुई। अनिल ने उसे तुरंत प्रोपोज किया और उसने स्वीकार कर लिया। उन दोनों की शादी हो गई, लेकिन उनके बीच बहुत जल्द दरार पड़ गई। अनिल बच्चा नहीं चाहता था, बहुत अधिक शराब पीता था और दूसरी शादीशुदा महिलाओं के साथ उसके शारीरिक संबंध थे। सोमया जब भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहती, वह उसे झिड़क देता था। छह वर्षों के बाद सोमया की मुलाकात कमलेश से हुई। वह बहुत ही आकर्षक व्यक्तित्व का पुरुष था। पहली ही मुलाकात में कमलेश ने सोमया को एक होटल चलने के लिए कहा। सोमया तुरंत तैयार हो गई। वहां उन्होंने शारीरिक संबंध स्थापित किया। हालांकि उसके बाद सोमया को थोड़ी ग्लानि अवश्य हुई, लेकिन उसने उस बात को भुला देना ही उचित समझा। कुछ महीने तक तो उन दोनों का संबंध बरकरार रहा, लेकिन उसके बाद सोमया को पता चला कि उसके और भी कई महिलाओं के साथ संबंध हैं तो उसने कमलेश से रिश्ता तोड़ लिया। लेकिन उसके बाद तो सोमया का प्यार का एक सिलसिला ही शुरू हो गया। उसने जितने मर्दों से प्यार किया, कुछ ही महीने में उस मर्द ने उसे धोखा दिया। लेकिन वह उस मर्द को छोड़कर दूसरे मर्द की आगोश में चली जाती है और अब इस सिलसिले का कोई अंत नहीं लगता।
हालांकि कुछ म
हिलाएं एक बार ठोकर खाने के बाद संभल जाती हैं। कल्पना जब 25 वर्ष की थी तो उसकी शादी उसके प्रेमी के साथ हुई। दो वर्ष के बाद उसके पति ने एक नया बिजनेस शुरू किया। वह ज्यादातर समय घर से बाहर रहने लगा और जब घर में भी होता तो अलग कमरे में पढ़ता-लिखता रहता। इस कारण से एक वर्ष में उन्होंने दो बार ही शारीरिक संबंध स्थापित किये। कल्पना जब अकेले घर में रहते-रहते बोर हो गई तो उसने कम्प्यूटर कोर्स में एडमीशन ले लिया। वह अपने क्लास में अकेली महिला थी। तीसरे दिन इंस्टीच्यूट में उसकी मुलाकात क्लास के एक लड़के से हुई। उन दोनों में दोस्ती हो गई। एक रात क्लास खत्म होने के बाद उसने कल्पना को ड्रिंक के लिए आमंत्रित किया। दोनों ने होटल में ड्रिंक किया और उसने कल्पना को ‘किश’ भी किया। चूंकि कल्पना अपने पति से दूर थी, इसलिए उसे यह अनुभव अच्छा लगा। तीन सप्ताह के बाद उसने कल्पना को एक होटल में बुलाया और वहां शारीरिक संबंध स्थापित किया
। उसके बाद हर हफ्ते ऐसा होने लगा। करीब एक वर्ष बाद उसने कल्पना को होटल बुलाना छोड़ दिया। इससे कल्पना अंदर ही अंदर घुटने लगी। अंत में उसने सारी बात अपने पति को बता दिया। उसका पति एक नेक इंसान था, उसने कल्पना को समझाया और अपनी गलती भी मानी। आज कल्पना अपने पति के साथ खुश है, लेकिन अपने प्रेमी के साथ बितायी हुई रातें उसे बार-बार याद आती है।
वैष्णवी एक शादीशुदा महिला है, लेकिन शादी के कुछ ही वर्ष बाद उसकी दोस्ती एक शादीशुदा मर्द अजय के साथ हो गई। दोनों का परस्पर एक दूसरे के घर में टेलीफोन करना, अक्सर घर से बाहर मिलना और बाहर रातें बिताना- दोनों के घर वालों से छिपी नहीं रह सकी और दोनों को उसकी कीमत तलाक के रूप में चुकानी पड़ी।
आधुनिक समय में करुणा, सोमया, कल्पना और वैष्णवी जैसी महिलाओं की जिंदगी में आज कोई न कोई दूसरा पुरुष ‘वो’ के रूप में आने लगा है। हालांकि पति, पत्नी और ‘वो’ की धारणा समाज में वर्षों से रही है, लेकिन एक समय ‘वो’ आम तौर पर पति के जीवन का ही हिस्सा हुआ करती थी, परन्तु आज ‘वो’ पत्नी के जीवन का भी हिस्सा बनने लगा है। हालांकि ‘वो’ हमेशा से पति-पत्नी के दाम्पत्य जीवन में जहर घुलने का प्रमुख कारण रहा
है। इसके कारण अनगिनत परिवार बर्बाद हो चुके हैं, अनेक बच्चे अनाथ बन चुके हैं, अनेक पति-पत्नियां मौत की सूली पर चढ़ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ‘वो’ हमेशा पति और पत्नी के जबर्दस्त आकर्षण का केन्द्र रहा है।
‘वो’ के कारण होने वाली घटनाओं -दुर्घटनाओं की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनती रही हैं, लेकिन आज ये घटनायें-दुर्घटनायें सामान्य बात हो गई हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘वो’ आज ज्यादा से ज्यादा महिलाओं के दाम्पत्येत्तर जीवन में प्रवेश करने लगा है।
यह बताना तो मुश्किल है कि कितनी महिलायें दाम्पत्येत्तर संबंध रखती हैं, फिर भी यह अनुमान लगाया गया है कि विश्व में 27 से 50 प्रतिशत महिलायें विवाहेत्तर संबंध रखती हैं, यह अलग-अलग देश, संस्कृति और परिवार के वातावरण पर निर्भर करता है। इनमें से कुछ महिलायें तो अपने ‘वो’ अथवा प्रेमी से सच्चा प्यार करती हैं जबकि कुछ मात्र मन बहलाव के लिए ही विवाहेत्तर संबंध रखती हैं।
आज अगर फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों को समाज का दर्पण माना जाये तो ये फिल्में और टेलीविजन धारावाहिकें भी समाज में दाम्पत्येत्तर संबंधों के विकास को समझने में सहायक साबित हो सकती हैं। हालांकि भारत में दाम्पत्येत्तर संबंधों पर काफी समय पहले से फिल्में बनती रही हैं, लेकिन पहले की इन फिल्मों में ऐसे संबंधों को दाम्पत्य जीवन व परिवार के लिए घातक ही बताये जातेे रहे हैं और इन फिल्में में कभी भी ऐेसे संबंधों की वकालत नहीं की गई। साथ ही इन फिल्मों में मुख्य तौर पर पतियों के दाम्पत्येत्तर संबंध ही दिखाए गए।
भारत में पहली बार संभवतः प्रसिद्ध निर्देशिका अपर्णा सेन की चर्चित फिल्म ‘परोमा’ में किसी शादीशुदा महिला के दाम्पत्येत्तर संबंध को न केवल दिखाया गया, बल्कि दाम्पत्येत्तर संबंध रखने वाली महिला ‘परोमा’ और उसके फोटोग्राफर प्रेमी के प्रति सहानुभूति प्रदर्शित की गई। अपर्णा सेन कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी थीं और कम्युनिस्ट पार्टी में भी इस फिल्म को लेकर काफी बहस हुई और इस पार्टी में इस फिल्म की आलोचना की गई।
आज ऐसी फिल्में और धारावाहिकें बड़ी संख्या में बनने लगी हैं जो पत्नियों के दाम्पत्येत्तर संबंधों पर आधारित होती हैं। यही नहीं इन फिल्में में ऐसे दाम्पत्येत्तर संबंधों को औरतों के अधिकार से जोड़ कर इनकी वकालत करने की भी कोशिश की जाती है। टेलीविजन धारवाहिकें तो इस मामले में भारतीय फिल्मों से काफी आगे हैं।
आम तौर पर देखा गया है अधिकतर महिलाएं 30 से 40 वर्ष की उम्र के बाद ही दाम्पत्येत्तर संबंध बनाती हैं। इसके कई कारण हैं। इस उम्र तक वे बच्चे का पालन-पोषण की जिम्मेदारियों से निबट चुकी होती हैं। बच्चे बड़े हो जाते हैं। वे स्कूल -कालेज जाने लगते हैं। पति भी दफ्तर या काम-काज में व्यस्त होते हैं। ऐसे में इन औरतों के पास ऐसे संबंध बनाने के लिये वक्त होता है। पति काम-काज एवं उम्र के दवाब के कारण पत्नी में पहले जैसी रूचि नहीं दिखाता है। वे भावनात्मक तौर पर उपेक्षित महसूस करने लगती हैं। ऐसे में वे समय काटने तथा भावनात्मक एवं शारीरिक सुख और सहारा पाने के लिये किसी पुरुष से संबंध बना लेती हैं। अगर कोई महिला घर से बाहर काम करती हैं तो उनका प्रेमी दफ्तर का ही होता है। लेकिन अगर कोई महिला नौकरी नहीं करती और ज्यादा समय घर में ही रहती है तो उनका प्रेमी पड़ोस का या रिश्ते का कोई व्यक्ति होता है।
अब सवाल यह उठता है कि ये महिलाएं ऐसा क्यों करती हैं? वे अपने दाम्पत्य संबंध को खतरे में डालकर पति और बच्चों का विश्वास तोड़कर अवैध संबंध क्यों बनाती हैं? क्या वे अपने तनाव को दूर करने के लिए या अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए ऐसा करती हैं या वे फिल्मों, उपन्यासों और धारावाहिकों से प्रेरित होकर ऐसा करती हैं या मात्र मनबहलाव के लिए ऐसा करती हैं?
जब किसी पुरुष को यह पता चलता है कि उसकी पत्नी उसे धोखा दे रही है, उसके किसी दूसरे पुरुष के साथ संबंध हैं तो वह इसे सहन नहीं कर पाता और किसी भी कीमत पर अपने वैवाहिक रिश्ते को खत्म कर देना चाहता है। बहुत कम पुरुष ही ऐसे होते हैं जो समझौता करते हैं या पत्नी को समझा-बुझाकर सही रास्ते पर लाने की कोशिश करते हैं। दूसरी तरफ महिलाएं समाज की खातिर या बच्चों की खातिर वैवाहिक संबंध को
समाप्त करना नहीं चाहतीं। वे अपनी समस्याओं पर खुलकर पति से बात नहीं करतीं, इस कारण उनकी समस्या दिनोंदिन बढ़ती जाती है। वे पति के सामने अपने अवैध संबंधों को स्वीकार कर पश्चाताप भी नहीं करतीं। ऐसे संबंधों में 50 प्रतिशत प्रेमी-प्रेमिकाओं को या तो अपने पति-पत्नी से अलग होना पड़ता है या तलाक लेना पड़ता है।
हालांकि ऐसे मामलों में तलाक ले लेना कुछ हद तक सही है, क्योंकि एक ही साथ दोनों रिश्तों को कायम रखना मुश्किल है। लेकिन सिर्फ दूसरे
मर्दों के प्रति आकर्षण और अपने क्षणिक शारीरिक सुख के कारण पति और परिवार को धोखा देना तथा अपने बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा देना कहां तक उचित है?
करुणा एक घरेलू महि
ला है। एक बार संयोगवश पास के फ्लैट में उसका जाना हुआ। वहां उसने अपना स्केच टंगा पाया। पूछने पर उसे पता चला कि फ्लैट में रहने वाले पुरुष ने ही वह स्केच बनाया था। करुणा उस पुरुष से प्रभावित हो गई और उसके घर आने-जाने लगी। दोनों की दोस्ती बढ़ती गई और कुछ हफ्ते बाद ही उनके बीच शारीरिक संबंध भी स्थापित हो गये। अब करुणा हफ्ते में कम से कम तीन बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाती है। यह बात करुणा के पति और बच्ची को मालूम नहीं है। करुणा को अपने पति से शिकायत रहती है कि उसका पति बहुत ही गुस्से वाला आदमी है और उससे या उसकी बेटी से हमेशा डांट-डपट करता है जबकि उसका प्रेमी बहुत ही शांत स्वभाव का नेक पुरुष है। हालांकि उसके प्रेमी के साथ करुणा का न कोई आर्थिक संबंध है और न ही वह अपने घर या बाल-बच्चे की समस्याएं उसके सामने रखती है। करुणा इस संबंध के लिए खुद को दोषी भी मानती है और अपने विवाह और दाम्पत्य संबंध को कायम रखना चाहती है। वह अपने पति को सब-कुछ बता देना चाहती है, लेकिन उसके गुस्सैल होने की वजह से कुछ कह नहीं पाती और चाहती है कि इसी तरह से जिंदगी चलती रहे। करुणा उन महिलाओं में से है जो विवाहेत्तर संबंध के साथ-साथ वैवाहिक संबंध को भी कायम रखना चाहती है।सोमया एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। एक दिन सोमया की मुलाकात उसी की कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी अनिल से हुई। अनिल ने उसे तुरंत प्रोपोज किया और उसने स्वीकार कर लिया। उन दोनों की शादी हो गई, लेकिन उनके बीच बहुत जल्द दरार पड़ गई। अनिल बच्चा नहीं चाहता था, बहुत अधिक शराब पीता था और दूसरी शादीशुदा महिलाओं के साथ उसके शारीरिक संबंध थे। सोमया जब भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहती, वह उसे झिड़क देता था। छह वर्षों के बाद सोमया की मुलाकात कमलेश से हुई। वह बहुत ही आकर्षक व्यक्तित्व का पुरुष था। पहली ही मुलाकात में कमलेश ने सोमया को एक होटल चलने के लिए कहा। सोमया तुरंत तैयार हो गई। वहां उन्होंने शारीरिक संबंध स्थापित किया। हालांकि उसके बाद सोमया को थोड़ी ग्लानि अवश्य हुई, लेकिन उसने उस बात को भुला देना ही उचित समझा। कुछ महीने तक तो उन दोनों का संबंध बरकरार रहा, लेकिन उसके बाद सोमया को पता चला कि उसके और भी कई महिलाओं के साथ संबंध हैं तो उसने कमलेश से रिश्ता तोड़ लिया। लेकिन उसके बाद तो सोमया का प्यार का एक सिलसिला ही शुरू हो गया। उसने जितने मर्दों से प्यार किया, कुछ ही महीने में उस मर्द ने उसे धोखा दिया। लेकिन वह उस मर्द को छोड़कर दूसरे मर्द की आगोश में चली जाती है और अब इस सिलसिले का कोई अंत नहीं लगता।
हालांकि कुछ म
। उसके बाद हर हफ्ते ऐसा होने लगा। करीब एक वर्ष बाद उसने कल्पना को होटल बुलाना छोड़ दिया। इससे कल्पना अंदर ही अंदर घुटने लगी। अंत में उसने सारी बात अपने पति को बता दिया। उसका पति एक नेक इंसान था, उसने कल्पना को समझाया और अपनी गलती भी मानी। आज कल्पना अपने पति के साथ खुश है, लेकिन अपने प्रेमी के साथ बितायी हुई रातें उसे बार-बार याद आती है।वैष्णवी एक शादीशुदा महिला है, लेकिन शादी के कुछ ही वर्ष बाद उसकी दोस्ती एक शादीशुदा मर्द अजय के साथ हो गई। दोनों का परस्पर एक दूसरे के घर में टेलीफोन करना, अक्सर घर से बाहर मिलना और बाहर रातें बिताना- दोनों के घर वालों से छिपी नहीं रह सकी और दोनों को उसकी कीमत तलाक के रूप में चुकानी पड़ी।
आधुनिक समय में करुणा, सोमया, कल्पना और वैष्णवी जैसी महिलाओं की जिंदगी में आज कोई न कोई दूसरा पुरुष ‘वो’ के रूप में आने लगा है। हालांकि पति, पत्नी और ‘वो’ की धारणा समाज में वर्षों से रही है, लेकिन एक समय ‘वो’ आम तौर पर पति के जीवन का ही हिस्सा हुआ करती थी, परन्तु आज ‘वो’ पत्नी के जीवन का भी हिस्सा बनने लगा है। हालांकि ‘वो’ हमेशा से पति-पत्नी के दाम्पत्य जीवन में जहर घुलने का प्रमुख कारण रहा
है। इसके कारण अनगिनत परिवार बर्बाद हो चुके हैं, अनेक बच्चे अनाथ बन चुके हैं, अनेक पति-पत्नियां मौत की सूली पर चढ़ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद ‘वो’ हमेशा पति और पत्नी के जबर्दस्त आकर्षण का केन्द्र रहा है।
‘वो’ के कारण होने वाली घटनाओं -दुर्घटनाओं की खबरें अखबारों की सुर्खियां बनती रही हैं, लेकिन आज ये घटनायें-दुर्घटनायें सामान्य बात हो गई हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘वो’ आज ज्यादा से ज्यादा महिलाओं के दाम्पत्येत्तर जीवन में प्रवेश करने लगा है।
यह बताना तो मुश्किल है कि कितनी महिलायें दाम्पत्येत्तर संबंध रखती हैं, फिर भी यह अनुमान लगाया गया है कि विश्व में 27 से 50 प्रतिशत महिलायें विवाहेत्तर संबंध रखती हैं, यह अलग-अलग देश, संस्कृति और परिवार के वातावरण पर निर्भर करता है। इनमें से कुछ महिलायें तो अपने ‘वो’ अथवा प्रेमी से सच्चा प्यार करती हैं जबकि कुछ मात्र मन बहलाव के लिए ही विवाहेत्तर संबंध रखती हैं।
आज अगर फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों को समाज का दर्पण माना जाये तो ये फिल्में और टेलीविजन धारावाहिकें भी समाज में दाम्पत्येत्तर संबंधों के विकास को समझने में सहायक साबित हो सकती हैं। हालांकि भारत में दाम्पत्येत्तर संबंधों पर काफी समय पहले से फिल्में बनती रही हैं, लेकिन पहले की इन फिल्मों में ऐसे संबंधों को दाम्पत्य जीवन व परिवार के लिए घातक ही बताये जातेे रहे हैं और इन फिल्में में कभी भी ऐेसे संबंधों की वकालत नहीं की गई। साथ ही इन फिल्मों में मुख्य तौर पर पतियों के दाम्पत्येत्तर संबंध ही दिखाए गए।
भारत में पहली बार संभवतः प्रसिद्ध निर्देशिका अपर्णा सेन की चर्चित फिल्म ‘परोमा’ में किसी शादीशुदा महिला के दाम्पत्येत्तर संबंध को न केवल दिखाया गया, बल्कि दाम्पत्येत्तर संबंध रखने वाली महिला ‘परोमा’ और उसके फोटोग्राफर प्रेमी के प्रति सहानुभूति प्रदर्शित की गई। अपर्णा सेन कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी थीं और कम्युनिस्ट पार्टी में भी इस फिल्म को लेकर काफी बहस हुई और इस पार्टी में इस फिल्म की आलोचना की गई।
आज ऐसी फिल्में और धारावाहिकें बड़ी संख्या में बनने लगी हैं जो पत्नियों के दाम्पत्येत्तर संबंधों पर आधारित होती हैं। यही नहीं इन फिल्में में ऐसे दाम्पत्येत्तर संबंधों को औरतों के अधिकार से जोड़ कर इनकी वकालत करने की भी कोशिश की जाती है। टेलीविजन धारवाहिकें तो इस मामले में भारतीय फिल्मों से काफी आगे हैं।
आम तौर पर देखा गया है अधिकतर महिलाएं 30 से 40 वर्ष की उम्र के बाद ही दाम्पत्येत्तर संबंध बनाती हैं। इसके कई कारण हैं। इस उम्र तक वे बच्चे का पालन-पोषण की जिम्मेदारियों से निबट चुकी होती हैं। बच्चे बड़े हो जाते हैं। वे स्कूल -कालेज जाने लगते हैं। पति भी दफ्तर या काम-काज में व्यस्त होते हैं। ऐसे में इन औरतों के पास ऐसे संबंध बनाने के लिये वक्त होता है। पति काम-काज एवं उम्र के दवाब के कारण पत्नी में पहले जैसी रूचि नहीं दिखाता है। वे भावनात्मक तौर पर उपेक्षित महसूस करने लगती हैं। ऐसे में वे समय काटने तथा भावनात्मक एवं शारीरिक सुख और सहारा पाने के लिये किसी पुरुष से संबंध बना लेती हैं। अगर कोई महिला घर से बाहर काम करती हैं तो उनका प्रेमी दफ्तर का ही होता है। लेकिन अगर कोई महिला नौकरी नहीं करती और ज्यादा समय घर में ही रहती है तो उनका प्रेमी पड़ोस का या रिश्ते का कोई व्यक्ति होता है।
अब सवाल यह उठता है कि ये महिलाएं ऐसा क्यों करती हैं? वे अपने दाम्पत्य संबंध को खतरे में डालकर पति और बच्चों का विश्वास तोड़कर अवैध संबंध क्यों बनाती हैं? क्या वे अपने तनाव को दूर करने के लिए या अपनी आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए ऐसा करती हैं या वे फिल्मों, उपन्यासों और धारावाहिकों से प्रेरित होकर ऐसा करती हैं या मात्र मनबहलाव के लिए ऐसा करती हैं?
जब किसी पुरुष को यह पता चलता है कि उसकी पत्नी उसे धोखा दे रही है, उसके किसी दूसरे पुरुष के साथ संबंध हैं तो वह इसे सहन नहीं कर पाता और किसी भी कीमत पर अपने वैवाहिक रिश्ते को खत्म कर देना चाहता है। बहुत कम पुरुष ही ऐसे होते हैं जो समझौता करते हैं या पत्नी को समझा-बुझाकर सही रास्ते पर लाने की कोशिश करते हैं। दूसरी तरफ महिलाएं समाज की खातिर या बच्चों की खातिर वैवाहिक संबंध को
समाप्त करना नहीं चाहतीं। वे अपनी समस्याओं पर खुलकर पति से बात नहीं करतीं, इस कारण उनकी समस्या दिनोंदिन बढ़ती जाती है। वे पति के सामने अपने अवैध संबंधों को स्वीकार कर पश्चाताप भी नहीं करतीं। ऐसे संबंधों में 50 प्रतिशत प्रेमी-प्रेमिकाओं को या तो अपने पति-पत्नी से अलग होना पड़ता है या तलाक लेना पड़ता है।हालांकि ऐसे मामलों में तलाक ले लेना कुछ हद तक सही है, क्योंकि एक ही साथ दोनों रिश्तों को कायम रखना मुश्किल है। लेकिन सिर्फ दूसरे
मर्दों के प्रति आकर्षण और अपने क्षणिक शारीरिक सुख के कारण पति और परिवार को धोखा देना तथा अपने बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा देना कहां तक उचित है?
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